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रीमा - मेरे से ऐसी बाते न करो |
आदमी - क्या करी मैडम, आपको देखकर जो अन्दर गुबार उठ रहा है, वो आचा है बातो से निकल जाये कही और से बहकर पंहुच गया तो मै भी खुद को संभल नहीं पाउँगा |
रीमा - तुम सब मर्द एक जैसे ही होते हो |
आदमी - आपकी कमर पर स्प्रे करना है उलटा होना पड़ेगा आपको |
रीमा ने झटके से बाकि बची चादर भी खुद के जिस्म से हटा कर दूर का दी, और हल्की नाराजगी से - लो करो स्प्रे |
रीमा को फिर से नंगा देख अब उसके लिए खुद को काबू में रख पाना बहुत मुश्किल था | उसने के गहरी साँस ली |
रीमा - अब खुस , करो स्प्रे |
उसने रीमा को हाथ पकड़कर आराम से उल्टा लिटाया और स्प्रे कर दिया |
रीमा अंदर ही अंदर दर्द दहशत और और संशय से भरी हुई थी वह उसे इस समय दर्द के अलावा और कुछ महसूस नहीं हो रहा था हालांकि वह यह समझ रही थी वह पूरी तरह से नंगी है और वह आदमी उसे देख रहा है लेकिन इस समय दर्द की पीड़ा से दिमाग बहुत परेशान थी उस आदमी ने दवा लगाने के बाद उसने रीमा को उसी तरह से लेटे रहने दिया वह ट्यूब स्कप्ररे उठकर थैले में रखने चला गया | उसके बाद में वह रीमा के लिए एक गिलास जूस लेकर आया - इसे पी लो मैडम |
रीमा ने उल्वोटा लेटे लेटे ही थोडा सा सर उठाकर गिलास का जूस पी लिया उसके बाद वही चादर से रीमा का नंगा जिस्म ढक दिया |
| रीमा उस आदमी की शराफत से उसकी कायल हो गई कितना शरीफ आदमी है एक नंगी औरत की न केवल मरहम पट्टी कर रहा है बल्कि उसे उसने चादर ओढ़ा दी है मर्द ऐसे भी होते हैं क्या इसके अंदर इच्छा नहीं है मुझे देख कर के मुझे चोदने की |
आदमी बोला - मैडम आप जिसके चंगुल से निकल कर आई हैं वह बहुत ही पावरफुल आदमी है मैं कुछ देर के लिए कुछ काम से बाहर जा रहा हूं और बाहर से में ताला लगा दूंगा आपको दवा दे दी अब आप आराम करो |
पानी नीचे आपके पास रख दिया है अगर आपको भूख लगती हो तो किचन फल रखे हुए हैं और मैं तो 3 घंटे बाद आऊंगा तब तक आप आराम से सो जाइये |
इतना कहकर उस आदमी ने एक जैकेट अपने शरीर पर डाला और एक रुमाल से अपने मुंह को बांध लिया और एक गन निकाल कर अपनी कमर में लगा ली | तेजी से कमरे की लाइट बंद करके बाहर निकल गया |
रीमा गन देखकर डर गयी थी लेकिन जैसे ही वह बाहर निकल गया रीमा सोचने लगी कौन है यह यहां में मुझे यहां उठाकर क्यों लाया है आखिर इसको क्या जरूरत थी मुझे यहां लाने की .............................................रीमा के दिमाग में हजारों थे और साथ ही साथ में वह भगवान को शुक्रिया भी अदा कर रही थी कि आज इतने बड़े हादसे के बाद वह जिंदा भी बच गई थी इसी तरह की उधेड़बुन में खोई हुई थी रीमा की आंख बंद होने लगी | दवाएं अपना असर करने लगी थी और दवाओं के असर के कारण रीमा धीरे-धीरे गहरी नींद के आगोश में चली गई |
इधर अनिल के कहने पर पुलिस ने पूरे शहर पूरे कस्बे में नाकाबंदी कर दी थी हर आने-जाने वाले पर निगाह रखी जा रही थी और उसको चेक किया जा रहा था लेकिन फिर भी रीमा कोई अता-पता नहीं था इधर सूर्यदेव हैरान था जब स्कूटर यहीं पड़ा है तो फिर रीमा अचानक यहां से कहां गायब हो गई जब पुलिस वालों ने उसे बताया कि यहां पर एक भालू रहता है जो लोगों को यहां से उठा ले जाता है रात में तो वह बहुत जोर से ठहाका मार के हंसा - मुझे क्या चुतिया समझ रखा है लेकिन रात में जंगल की छानबीन नहीं करवा सकता था आखिरकार उसने सुबह तक इंतजार करने का फैसला किया |
इधर रीमा काफी देर तक गहरी नींद में सोती रही लेकिन उसके बाद में एकदम से दरवाजे पर जोर जोर से दरवाजे को पीटने की आवाज आई | दरवाजा इतनी जोर से पीता जा रहा था कि घहरी नीद में सो रही रीमा की आंखों से खुल गई वह अभी भी दवाओं के गहरी नशे में थी इसलिए उसे कुछ समझ में नहीं आया क्या हुआ लेकिन उसे पता चला कि दरवाजे पर कोई तेजी से पीट रहा है उसकी नशे की नींद जल्दी से टूट गई | कुछ देर तक दरवाजे को पीटने के बाद में वह आवाजें आनी बंद हो गई ऐसा लग रहा था जैसे वह कहीं आगे बढ़ गए थे |
रीमा हैरान थी कि सूर्य देव के आदमी क्या यहां भी पहुंच गए इतना ताकतवर है आदमी इस कस्बे में | रीमा डर गई क्या सूर्यदेव के आदमी तो नहीं आ गए, उनको मेरी जगह का पता चल गया .....वह काफी डर गई थी उसने अपने आपको चद्दर के अंदर ढक लिया था लेकिन अगले ही पल उसके मन में संतोष था कि दरवाजा तो बाहर से बंद था उन आदमियों की आवाज धीरे-धीरे कम होती गई और थोड़ी ही देर बाद में दरवाजे पर फिर से दस्तक हुई और दरवाजा खुला तेजी से वह आदमी जो रीमा को यहां लेकर आया था अंदर आया उसने एक चाबी निकाली और फिर से दरवाजा बंद करके बाहर निकल गया और ताला लगा दिया | रीमा को कुछ समझ में नहीं आया वह इधर-उधर दिमाग दौड़ाती रही लेकिन उसके कुछ पल्ले पढ़ा ही नहीं| काफी देर बाद जब फिर से पीछे से हल्की सी आवाज आई तो रीमा ने गर्दन घुमाकर कर देखा तो वही आदमी फर्श की दरी को खिसकाकर के नीचे से निकल कर के ऊपर आ रहा था |
रीमा हैरान थी उसके आंखे ये नजारा देखकर पलक झपकाना भूल गयी |
आदमी - मैडम जी हैरान मत होइए पीछे मैंने ४ फुट की सुरंग बना रखी है इमरजेंसी के लिए, ये मेरे घर के 50 मीटर दूर पीछे खुलती है वही से आ रहा हूं | सूर्य देव के आदमी पूरी बस्ती में कुत्तों की तरह घूम रहे हैं और हर जगह आपको सूंघ रहे हैं आप बिल्कुल चिंता मत करो आप पूरी तरह से आराम करो आप यहां पूरी तरह से हो सुरक्षित हो आज रात में लाइट नहीं जलाएंगे कैंडल में ही सारा काम चलाएंगे | बाहर से लगे ताले के बाद अन्दर बल्ब जलाना ठीक नहीं होगा | कही से भी रौशनी की झलक पाकर भी वो आ सकते है | चारो ओर खतरा ही खतरा है, कोई भी गलती जानलेवा हो सकती है |
इतना कह करके उसने एक मोमबत्ती जला दीजिए इसके बाद उसने आगे बोलना शुरू किया - मैडम पर बुरा ना माने तो मैं आपका नाम पूछ सकता हूं
रीमा धीरे से बोली - रीमा |
रीमा - तुमारा नाम क्या है |
जितेश - जितेश कहते है इस गुलाम को, वैसे सूर्यदेव आपके पीछे क्यों पड़ा है | क्या दुश्मनी है आपसे उसकी |
रीमा - पता नहीं, बस मेरी ख़राब किस्मत मुझे यहाँ ले आई है और कुछ नहीं, दो दिन पहले तक मै इस शख्स को जानती तक नहीं थी |
इतना कहकर रीमा सिबुकने लगी |
जितेश - अरे मैडम रोइए मत, मुझे बुरा लग रहा है |
आदमी - क्या करी मैडम, आपको देखकर जो अन्दर गुबार उठ रहा है, वो आचा है बातो से निकल जाये कही और से बहकर पंहुच गया तो मै भी खुद को संभल नहीं पाउँगा |
रीमा - तुम सब मर्द एक जैसे ही होते हो |
आदमी - आपकी कमर पर स्प्रे करना है उलटा होना पड़ेगा आपको |
रीमा ने झटके से बाकि बची चादर भी खुद के जिस्म से हटा कर दूर का दी, और हल्की नाराजगी से - लो करो स्प्रे |
रीमा को फिर से नंगा देख अब उसके लिए खुद को काबू में रख पाना बहुत मुश्किल था | उसने के गहरी साँस ली |
रीमा - अब खुस , करो स्प्रे |
उसने रीमा को हाथ पकड़कर आराम से उल्टा लिटाया और स्प्रे कर दिया |
रीमा अंदर ही अंदर दर्द दहशत और और संशय से भरी हुई थी वह उसे इस समय दर्द के अलावा और कुछ महसूस नहीं हो रहा था हालांकि वह यह समझ रही थी वह पूरी तरह से नंगी है और वह आदमी उसे देख रहा है लेकिन इस समय दर्द की पीड़ा से दिमाग बहुत परेशान थी उस आदमी ने दवा लगाने के बाद उसने रीमा को उसी तरह से लेटे रहने दिया वह ट्यूब स्कप्ररे उठकर थैले में रखने चला गया | उसके बाद में वह रीमा के लिए एक गिलास जूस लेकर आया - इसे पी लो मैडम |
रीमा ने उल्वोटा लेटे लेटे ही थोडा सा सर उठाकर गिलास का जूस पी लिया उसके बाद वही चादर से रीमा का नंगा जिस्म ढक दिया |
| रीमा उस आदमी की शराफत से उसकी कायल हो गई कितना शरीफ आदमी है एक नंगी औरत की न केवल मरहम पट्टी कर रहा है बल्कि उसे उसने चादर ओढ़ा दी है मर्द ऐसे भी होते हैं क्या इसके अंदर इच्छा नहीं है मुझे देख कर के मुझे चोदने की |
आदमी बोला - मैडम आप जिसके चंगुल से निकल कर आई हैं वह बहुत ही पावरफुल आदमी है मैं कुछ देर के लिए कुछ काम से बाहर जा रहा हूं और बाहर से में ताला लगा दूंगा आपको दवा दे दी अब आप आराम करो |
पानी नीचे आपके पास रख दिया है अगर आपको भूख लगती हो तो किचन फल रखे हुए हैं और मैं तो 3 घंटे बाद आऊंगा तब तक आप आराम से सो जाइये |
इतना कहकर उस आदमी ने एक जैकेट अपने शरीर पर डाला और एक रुमाल से अपने मुंह को बांध लिया और एक गन निकाल कर अपनी कमर में लगा ली | तेजी से कमरे की लाइट बंद करके बाहर निकल गया |
रीमा गन देखकर डर गयी थी लेकिन जैसे ही वह बाहर निकल गया रीमा सोचने लगी कौन है यह यहां में मुझे यहां उठाकर क्यों लाया है आखिर इसको क्या जरूरत थी मुझे यहां लाने की .............................................रीमा के दिमाग में हजारों थे और साथ ही साथ में वह भगवान को शुक्रिया भी अदा कर रही थी कि आज इतने बड़े हादसे के बाद वह जिंदा भी बच गई थी इसी तरह की उधेड़बुन में खोई हुई थी रीमा की आंख बंद होने लगी | दवाएं अपना असर करने लगी थी और दवाओं के असर के कारण रीमा धीरे-धीरे गहरी नींद के आगोश में चली गई |
इधर अनिल के कहने पर पुलिस ने पूरे शहर पूरे कस्बे में नाकाबंदी कर दी थी हर आने-जाने वाले पर निगाह रखी जा रही थी और उसको चेक किया जा रहा था लेकिन फिर भी रीमा कोई अता-पता नहीं था इधर सूर्यदेव हैरान था जब स्कूटर यहीं पड़ा है तो फिर रीमा अचानक यहां से कहां गायब हो गई जब पुलिस वालों ने उसे बताया कि यहां पर एक भालू रहता है जो लोगों को यहां से उठा ले जाता है रात में तो वह बहुत जोर से ठहाका मार के हंसा - मुझे क्या चुतिया समझ रखा है लेकिन रात में जंगल की छानबीन नहीं करवा सकता था आखिरकार उसने सुबह तक इंतजार करने का फैसला किया |
इधर रीमा काफी देर तक गहरी नींद में सोती रही लेकिन उसके बाद में एकदम से दरवाजे पर जोर जोर से दरवाजे को पीटने की आवाज आई | दरवाजा इतनी जोर से पीता जा रहा था कि घहरी नीद में सो रही रीमा की आंखों से खुल गई वह अभी भी दवाओं के गहरी नशे में थी इसलिए उसे कुछ समझ में नहीं आया क्या हुआ लेकिन उसे पता चला कि दरवाजे पर कोई तेजी से पीट रहा है उसकी नशे की नींद जल्दी से टूट गई | कुछ देर तक दरवाजे को पीटने के बाद में वह आवाजें आनी बंद हो गई ऐसा लग रहा था जैसे वह कहीं आगे बढ़ गए थे |
रीमा हैरान थी कि सूर्य देव के आदमी क्या यहां भी पहुंच गए इतना ताकतवर है आदमी इस कस्बे में | रीमा डर गई क्या सूर्यदेव के आदमी तो नहीं आ गए, उनको मेरी जगह का पता चल गया .....वह काफी डर गई थी उसने अपने आपको चद्दर के अंदर ढक लिया था लेकिन अगले ही पल उसके मन में संतोष था कि दरवाजा तो बाहर से बंद था उन आदमियों की आवाज धीरे-धीरे कम होती गई और थोड़ी ही देर बाद में दरवाजे पर फिर से दस्तक हुई और दरवाजा खुला तेजी से वह आदमी जो रीमा को यहां लेकर आया था अंदर आया उसने एक चाबी निकाली और फिर से दरवाजा बंद करके बाहर निकल गया और ताला लगा दिया | रीमा को कुछ समझ में नहीं आया वह इधर-उधर दिमाग दौड़ाती रही लेकिन उसके कुछ पल्ले पढ़ा ही नहीं| काफी देर बाद जब फिर से पीछे से हल्की सी आवाज आई तो रीमा ने गर्दन घुमाकर कर देखा तो वही आदमी फर्श की दरी को खिसकाकर के नीचे से निकल कर के ऊपर आ रहा था |
रीमा हैरान थी उसके आंखे ये नजारा देखकर पलक झपकाना भूल गयी |
आदमी - मैडम जी हैरान मत होइए पीछे मैंने ४ फुट की सुरंग बना रखी है इमरजेंसी के लिए, ये मेरे घर के 50 मीटर दूर पीछे खुलती है वही से आ रहा हूं | सूर्य देव के आदमी पूरी बस्ती में कुत्तों की तरह घूम रहे हैं और हर जगह आपको सूंघ रहे हैं आप बिल्कुल चिंता मत करो आप पूरी तरह से आराम करो आप यहां पूरी तरह से हो सुरक्षित हो आज रात में लाइट नहीं जलाएंगे कैंडल में ही सारा काम चलाएंगे | बाहर से लगे ताले के बाद अन्दर बल्ब जलाना ठीक नहीं होगा | कही से भी रौशनी की झलक पाकर भी वो आ सकते है | चारो ओर खतरा ही खतरा है, कोई भी गलती जानलेवा हो सकती है |
इतना कह करके उसने एक मोमबत्ती जला दीजिए इसके बाद उसने आगे बोलना शुरू किया - मैडम पर बुरा ना माने तो मैं आपका नाम पूछ सकता हूं
रीमा धीरे से बोली - रीमा |
रीमा - तुमारा नाम क्या है |
जितेश - जितेश कहते है इस गुलाम को, वैसे सूर्यदेव आपके पीछे क्यों पड़ा है | क्या दुश्मनी है आपसे उसकी |
रीमा - पता नहीं, बस मेरी ख़राब किस्मत मुझे यहाँ ले आई है और कुछ नहीं, दो दिन पहले तक मै इस शख्स को जानती तक नहीं थी |
इतना कहकर रीमा सिबुकने लगी |
जितेश - अरे मैडम रोइए मत, मुझे बुरा लग रहा है |