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विनीत - बेबी यु वांट suck ।
लिजेल - नो जस्ट फ़क ।
विनीत ने तेजी से अपना लैंड निकाल मोहन का लंड हटा लिजेल की गांड में पेल दिया ।
विनीत - आई एम कलेक्टिंग वाइट क्रीम इन योर टाइट ASS ।
लिजेल - आई लव तो ईट ।
विनीत ने उसकी गांड में सरपट अपना लंड दौड़ाना शुरू कर दिया और 2 मिनट की रेस के बाद उसने भी पिचकारी छोड़नी शुरू कर दी । दो लोंगो के सफेद रस को कुछ देर बाद कप में निकाल कर लिजेल ने विनीत के लंड पर लगाकर काफी देर तक चूसती चाटती रही | जब जब मस्ती में अपने चूतड़ हिलाती, दर्द की करक से जांघे काँप जाती | लिजेल की मारने के बाद मोहन तो तुरंत ही सोने लगा था लेकिन लिजेल ने विनीत की रात यादगार बनाने को दो बजे तक जगती रही । मोहन के सोने बाद दोनों ने दो एनर्जी ड्रिंक ली और फिर गांड में क्रीम लगाकर विनीत के लंड से एक घंटे तक खेलती रही चाटती रही चूसती रही फिर उसे गांड में धीरे धीरे डाल कर अपने गाड़ का दर्द चेक करती रही । आखिर में विनीत ने नॉन स्टॉप 25 मिनट उसकी गांड में अपना लंड पेला । ये रिकॉर्ड था इतनी देर तक लगातार कभी विनीत ने चुदाई नही करी । स्प्रे और क्रीम का असर खत्म होने के बाद उसका छेद परपराने लगा था उसमें दर्द भी हो रहा था लेकिन उसके बाद भी चुदती रही । सिर्फ विनीत के लिए । सिफ विनीत के लिए अपनी जिस्म की सुरंगो की परवाह किये बिना चुदती रही । जब विनीत पिचकारी की कुछ बुँदे छोड़ निढाल हो गया ।
लिजेल - अब तो खुश हो । मतलब तुम मुझे दर्द में देखना चाहते थे |
विनीत - नही ऐसा नही है ।
लिजेल - झूठ मत बोलो, तुम दुबारा भी मेरी गांड मार सकते थे लेकिन तुमने मोहन से कहाँ क्योंकि तुमने मेरे चेहरे पर चुदते वक्त दर्द देखना था । अब तो देख लिया अब तो खुश हो ।
विनीत - आई एम सॉरी जब पहली बार तड़पी थी गांड में लंड जाते वक्त तब मै ठीक से देख नही पाया था ।
लिजेल - कहा तो होता एक बार, बिना स्प्रे के ही मरवा लेती । बहुत ताकत होती है दर्द सहने की हम औरतों में ।
विनीत निढाल हो कर नंगा ही लिजेल की बाँहो में ही सोने जा रहा था ये उसके साथ उसकी आखिरी रात थी अगले हफ्ते उसकी सगाई हो जाएगी और वो शादी के बाद अपनी वाइफ को चीट करना नही चाहता था । लिजेल भी नंगी ही थी । दोनों ने आँखे मूंदी और गहरी नींद में जाने का सफर तय करने लगे । लिजेल ने मोबाइल में टाइम देखा तो पौने तीन हो रहा था । मन मे ही सोचा मोहन के सोने के बाद हम दोनों दो घंटे एक दुसरे के जिस्म से खेलते रहे । हुस्न और वासना के खुले खेल में समय कौन देखता है ।
विनीत की झपकी लगी ही थी, कमरे के फ़ोन की घंटी बजी । बाहर का चौकीदार तेज सांस के साथ - साहब सूर्यदेव जी आये है बहुत सारे गोली असलहे के साथ ।
इससे पहले वो गॉर्ड आगे कुछ कहता विनीत को एक आवाज सुनाई दी - फ़ोन रख मादरचोद, तेरे साहब की आज सबके सामने अपने कुत्ते से गाड़ मरवाऊंगा । साला मुझसे दलाली करने चला था । अब सिखाता हूँ डॉक्टर को सबक ।
विनीत ने फ़ोन वैसे ही छोड़ दिया और रीमा के कमरे के कमरे की तरफ भागा | उसे अपने सभी दरवाजो के इलेक्ट्रोनिक तालो का मास्टर कोड पता था | जल्दी ही उसने दरवाजा खोला , वो पूरी तरह नंगा था, रीमा भी उसकी चुदाई देख थककर सो गई थी, रीमा ने जिस्म पर सिर्फ बाथरोब लपेटा था । उससे तेजी से झिंझोड़ा ।
रीमा ने मिलमिलाते हुए आंख खोली विनीत को नंगा देखकर - हआआआआयय ये क्या है । वो तेजी से बेड के सिरहाने की ओर खिसक गई ।
विनीत - मैडम सूर्यदेव आ गया है । आपको भागना होगा नही तो हम सबको मार देगा ।
रीमा - क्या कैसे..... कब कहाँ से ? मैं कही नही जाऊँगी । वो यहाँ कैसे आया |
विनीत - मैडम टाइम नही है अभी निकालो फिर बताऊंगा अगर जिंदा रहे तो । सूर्यदेव के साथ हथियार बंद आदमी है ।
रीमा - लेकिन वो यहाँ कैसे आ सकता है ? हे भगवान ये मुसीबत कब मेरा पीछा छोड़ेगी |
रीमा - मेरी रोहित से बात हो चुकी है | रोहित भी पूरी पुलिस फ़ोर्स लेकर आ रहा है ।
विनीत - कौन रोहित, कौन सी पुलिस , यहाँ सब सूर्यदेव की मुट्ठी में है |
रीमा - मेरा देवर रोहित, उससे मेरी बात हो गयी है, वो शहर से निकल चूका है |
विनीत - मैडम जब तक आपकी फ़ोर्स आएगी हम दोनों मर चुके होंगे । सूर्यदेव नीचे आ गया है ।
रीमा तेजी से उछली और फर्श पर आ गयी ।
रीमा - वो यहाँ कैसे आ गया |
विनीत ने सर झुकाकर - अभी यहाँ से निकलिए वरना कहानी सुनाने के लिए जिन्दा नहीं बचेगे |
रीमा - मै यहाँ से कही नहीं जाउंगी |
तभी नीचे से धायं गोली चलने की आवाज आई |
विनीत - ये नामुराद इतनी जल्दी यहाँ कैसे आ गया |
विनीत ने वही पड़ी गीली तौलिया उठा ली जो रीमा ने नहाकर सूखने के लिए फैलाई थी । तेजी से उसके कमरे से बाहर निकल कर, एक केबिन खोल और फिर संकरे गलियारे से सीढ़ियों की तरफ आ गया । जितना तेज उतर सकते थे नीचे उतरे । फिर विनीत उसे तहखाने में ले गया । एक तेजी एक तरफ भागा और उसी तेजी से वापस आ गया । आगे से दाहिने जाकर कुछ सीढियां है उनको चढ़कर एक दरवाजा पड़ेगा । ये बिल्डिंग से बाहर निकलने का खुफिया दरवाजा था ।
विनीत - ये रही उसकी चाभी । उसे खोलकर सीधे पगडंडी पर तीन किमी जंगल की तरफ चलती जाना , वहाँ एक आदमी मशरूम बेचता है उसको मेरा नाम बताना । और कहना डॉक्टर साहब के लिए मशरूम बचाने है । इसका मतलब है तुम्हे छिपने की जगह पहुंचा कर वो मुझसे मिलने आएगा । मैं उसे सब समझा दूँगा ।
रीमा - लेकिन वो यहाँ आया कैसे ।
विनीत - मैं तुमसे झूठ नही बोलूंगा लेकिन मेरे रियल स्टेट में एक दोस्त है दबंग टाइप का, उसे और मुझे तुमारी असलियत मालूम है । तुमने मुझे जो बताया था वो झूठ था । सूर्यदेव तुमको ढूंढ रहा है और हम उससे कुछ पैसा कमाने चाहते थे लेकिन मेरे दोस्त ने बातों बातों में उसे बता दिया कि तुम मेरे साथ हो मिस रीमा ।
रीमा - मिसेज रीमा दुष्ट नालायक , हाय तुम मुझे पैसे लेकर उसे बेचने वाले थे ।
विनीत - आपने भी तो झूठ बोला, क्या है ऐसा जो सूर्यदेव आपके पीछे हाथ धोकर पड़ा है ।
रीमा - लंबी कहानी है लेकिन तुम धोखेबाज, मीठी मीठी बातों में मुझे बहला फुसला कर अपना उल्लू सीधा कर रहा था और रोहित आता ही होगा पुलिस फ़ोर्स लेकर । तड़ाक ये तुमारी दगाबाजी की लिये ।
सिर्फ एक थप्पड़ मारा है क्योंकि मुझे पता था तुम मुझे सूर्यदेव को नही देने वाले थे बल्कि जब तुमने मुझे नहाते हुए नंगा देखा तुमारी नियति मुझ पर तभी ही खराब हो गयी थी और इसीलिए बेदम होने के बाद भी लिजेल की नॉन स्टॉप गांड रात के दो बजे मारी । मेरे चूतड़ और नंगी पीठ अभी तक तुमारे दिमाग से उतरी नही है । ऐसा कमाल का फिगर देख तुमारे होश उड़ गए थे ।
लिजेल - नो जस्ट फ़क ।
विनीत ने तेजी से अपना लैंड निकाल मोहन का लंड हटा लिजेल की गांड में पेल दिया ।
विनीत - आई एम कलेक्टिंग वाइट क्रीम इन योर टाइट ASS ।
लिजेल - आई लव तो ईट ।
विनीत ने उसकी गांड में सरपट अपना लंड दौड़ाना शुरू कर दिया और 2 मिनट की रेस के बाद उसने भी पिचकारी छोड़नी शुरू कर दी । दो लोंगो के सफेद रस को कुछ देर बाद कप में निकाल कर लिजेल ने विनीत के लंड पर लगाकर काफी देर तक चूसती चाटती रही | जब जब मस्ती में अपने चूतड़ हिलाती, दर्द की करक से जांघे काँप जाती | लिजेल की मारने के बाद मोहन तो तुरंत ही सोने लगा था लेकिन लिजेल ने विनीत की रात यादगार बनाने को दो बजे तक जगती रही । मोहन के सोने बाद दोनों ने दो एनर्जी ड्रिंक ली और फिर गांड में क्रीम लगाकर विनीत के लंड से एक घंटे तक खेलती रही चाटती रही चूसती रही फिर उसे गांड में धीरे धीरे डाल कर अपने गाड़ का दर्द चेक करती रही । आखिर में विनीत ने नॉन स्टॉप 25 मिनट उसकी गांड में अपना लंड पेला । ये रिकॉर्ड था इतनी देर तक लगातार कभी विनीत ने चुदाई नही करी । स्प्रे और क्रीम का असर खत्म होने के बाद उसका छेद परपराने लगा था उसमें दर्द भी हो रहा था लेकिन उसके बाद भी चुदती रही । सिर्फ विनीत के लिए । सिफ विनीत के लिए अपनी जिस्म की सुरंगो की परवाह किये बिना चुदती रही । जब विनीत पिचकारी की कुछ बुँदे छोड़ निढाल हो गया ।
लिजेल - अब तो खुश हो । मतलब तुम मुझे दर्द में देखना चाहते थे |
विनीत - नही ऐसा नही है ।
लिजेल - झूठ मत बोलो, तुम दुबारा भी मेरी गांड मार सकते थे लेकिन तुमने मोहन से कहाँ क्योंकि तुमने मेरे चेहरे पर चुदते वक्त दर्द देखना था । अब तो देख लिया अब तो खुश हो ।
विनीत - आई एम सॉरी जब पहली बार तड़पी थी गांड में लंड जाते वक्त तब मै ठीक से देख नही पाया था ।
लिजेल - कहा तो होता एक बार, बिना स्प्रे के ही मरवा लेती । बहुत ताकत होती है दर्द सहने की हम औरतों में ।
विनीत निढाल हो कर नंगा ही लिजेल की बाँहो में ही सोने जा रहा था ये उसके साथ उसकी आखिरी रात थी अगले हफ्ते उसकी सगाई हो जाएगी और वो शादी के बाद अपनी वाइफ को चीट करना नही चाहता था । लिजेल भी नंगी ही थी । दोनों ने आँखे मूंदी और गहरी नींद में जाने का सफर तय करने लगे । लिजेल ने मोबाइल में टाइम देखा तो पौने तीन हो रहा था । मन मे ही सोचा मोहन के सोने के बाद हम दोनों दो घंटे एक दुसरे के जिस्म से खेलते रहे । हुस्न और वासना के खुले खेल में समय कौन देखता है ।
विनीत की झपकी लगी ही थी, कमरे के फ़ोन की घंटी बजी । बाहर का चौकीदार तेज सांस के साथ - साहब सूर्यदेव जी आये है बहुत सारे गोली असलहे के साथ ।
इससे पहले वो गॉर्ड आगे कुछ कहता विनीत को एक आवाज सुनाई दी - फ़ोन रख मादरचोद, तेरे साहब की आज सबके सामने अपने कुत्ते से गाड़ मरवाऊंगा । साला मुझसे दलाली करने चला था । अब सिखाता हूँ डॉक्टर को सबक ।
विनीत ने फ़ोन वैसे ही छोड़ दिया और रीमा के कमरे के कमरे की तरफ भागा | उसे अपने सभी दरवाजो के इलेक्ट्रोनिक तालो का मास्टर कोड पता था | जल्दी ही उसने दरवाजा खोला , वो पूरी तरह नंगा था, रीमा भी उसकी चुदाई देख थककर सो गई थी, रीमा ने जिस्म पर सिर्फ बाथरोब लपेटा था । उससे तेजी से झिंझोड़ा ।
रीमा ने मिलमिलाते हुए आंख खोली विनीत को नंगा देखकर - हआआआआयय ये क्या है । वो तेजी से बेड के सिरहाने की ओर खिसक गई ।
विनीत - मैडम सूर्यदेव आ गया है । आपको भागना होगा नही तो हम सबको मार देगा ।
रीमा - क्या कैसे..... कब कहाँ से ? मैं कही नही जाऊँगी । वो यहाँ कैसे आया |
विनीत - मैडम टाइम नही है अभी निकालो फिर बताऊंगा अगर जिंदा रहे तो । सूर्यदेव के साथ हथियार बंद आदमी है ।
रीमा - लेकिन वो यहाँ कैसे आ सकता है ? हे भगवान ये मुसीबत कब मेरा पीछा छोड़ेगी |
रीमा - मेरी रोहित से बात हो चुकी है | रोहित भी पूरी पुलिस फ़ोर्स लेकर आ रहा है ।
विनीत - कौन रोहित, कौन सी पुलिस , यहाँ सब सूर्यदेव की मुट्ठी में है |
रीमा - मेरा देवर रोहित, उससे मेरी बात हो गयी है, वो शहर से निकल चूका है |
विनीत - मैडम जब तक आपकी फ़ोर्स आएगी हम दोनों मर चुके होंगे । सूर्यदेव नीचे आ गया है ।
रीमा तेजी से उछली और फर्श पर आ गयी ।
रीमा - वो यहाँ कैसे आ गया |
विनीत ने सर झुकाकर - अभी यहाँ से निकलिए वरना कहानी सुनाने के लिए जिन्दा नहीं बचेगे |
रीमा - मै यहाँ से कही नहीं जाउंगी |
तभी नीचे से धायं गोली चलने की आवाज आई |
विनीत - ये नामुराद इतनी जल्दी यहाँ कैसे आ गया |
विनीत ने वही पड़ी गीली तौलिया उठा ली जो रीमा ने नहाकर सूखने के लिए फैलाई थी । तेजी से उसके कमरे से बाहर निकल कर, एक केबिन खोल और फिर संकरे गलियारे से सीढ़ियों की तरफ आ गया । जितना तेज उतर सकते थे नीचे उतरे । फिर विनीत उसे तहखाने में ले गया । एक तेजी एक तरफ भागा और उसी तेजी से वापस आ गया । आगे से दाहिने जाकर कुछ सीढियां है उनको चढ़कर एक दरवाजा पड़ेगा । ये बिल्डिंग से बाहर निकलने का खुफिया दरवाजा था ।
विनीत - ये रही उसकी चाभी । उसे खोलकर सीधे पगडंडी पर तीन किमी जंगल की तरफ चलती जाना , वहाँ एक आदमी मशरूम बेचता है उसको मेरा नाम बताना । और कहना डॉक्टर साहब के लिए मशरूम बचाने है । इसका मतलब है तुम्हे छिपने की जगह पहुंचा कर वो मुझसे मिलने आएगा । मैं उसे सब समझा दूँगा ।
रीमा - लेकिन वो यहाँ आया कैसे ।
विनीत - मैं तुमसे झूठ नही बोलूंगा लेकिन मेरे रियल स्टेट में एक दोस्त है दबंग टाइप का, उसे और मुझे तुमारी असलियत मालूम है । तुमने मुझे जो बताया था वो झूठ था । सूर्यदेव तुमको ढूंढ रहा है और हम उससे कुछ पैसा कमाने चाहते थे लेकिन मेरे दोस्त ने बातों बातों में उसे बता दिया कि तुम मेरे साथ हो मिस रीमा ।
रीमा - मिसेज रीमा दुष्ट नालायक , हाय तुम मुझे पैसे लेकर उसे बेचने वाले थे ।
विनीत - आपने भी तो झूठ बोला, क्या है ऐसा जो सूर्यदेव आपके पीछे हाथ धोकर पड़ा है ।
रीमा - लंबी कहानी है लेकिन तुम धोखेबाज, मीठी मीठी बातों में मुझे बहला फुसला कर अपना उल्लू सीधा कर रहा था और रोहित आता ही होगा पुलिस फ़ोर्स लेकर । तड़ाक ये तुमारी दगाबाजी की लिये ।
सिर्फ एक थप्पड़ मारा है क्योंकि मुझे पता था तुम मुझे सूर्यदेव को नही देने वाले थे बल्कि जब तुमने मुझे नहाते हुए नंगा देखा तुमारी नियति मुझ पर तभी ही खराब हो गयी थी और इसीलिए बेदम होने के बाद भी लिजेल की नॉन स्टॉप गांड रात के दो बजे मारी । मेरे चूतड़ और नंगी पीठ अभी तक तुमारे दिमाग से उतरी नही है । ऐसा कमाल का फिगर देख तुमारे होश उड़ गए थे ।