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Guest
[SIZE=150%] रीमा - मुझे कुछ नहीं परेशान कर रहा है मुझे बस एक गंदी बातें परेशान कर रही हैं और जो कुछ भी मैंने देखा यह चीज मेरे लिए परेशानी की बात है क्योंकि मैं सोचती थी कि दुनिया ऐसी नहीं है लेकिन दुनिया इससे बहुत ही बदतर है मैं बहुत थकी हुई हूं मुझे आराम करना है |
रोहित - तुम्हें आराम करना है तो मेरी बाहों में कर लो |
रीमा - जी नहीं मुझे अकेले ने आराम करना है मतलब आज कोई चांस नहीं है यह तो बेचारा पैंट के अंदर काफी छलांगे मार रहा था मुझे लगा बेचारे को आज पनाहगाह में आराम करने का मौका मिलेगा|
रीमा - रोहित अगर तुम्हें करना है तो कर दो लेकिन मेरा मूड नहीं है मैं बहुत थक गई हूं और .....................|
रोहित - और बिना तुम्हारे मूड के मैं क्या करूंगा, अचार रखूंगा मजा ही नहीं आएगा जब तक रीमा अप्सरा जैसे हुस्न की मलिका राजी नहीं होगी तब तक कैसे उसको चोदने में मजा आएगा | अब मैडम जी आप ही बताओ बेचारा लंड अकेले ही सारी मेहनत करेगा और मजा भी नहीं आएगा तो फायदा क्या है |
रीमा - ओहो रोहित तुम ना हमेशा ही ऐसी गंदी गंदी बातें करते हो मैंने बोला ना मैं थक गई हूं सोना चाहती हूं लेकिन तुम्हारे लिए मैंने कभी मना किया है |
रोहित = अरे बाबा मैं तो मजाक कर रहा था तुम हमेशा सीरियस हो जाती हो थोड़ा सा जिंदगी में फन लाओ कब तक यह बोरिंग सी जिंदगी जीती रहोगी | जब तूम्हें मजा आता है तभी मुझे भी मजा आता है तुम्हारा मन नहीं है तो मेरा भी मन नहीं है चलो चल कर सोते हैं
सुबह होते ही सब कुछ सेटल हो गया, नूतन अपने पैसे लेकर अपने घर चली गयी और रीमा ने भी उस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई | वो रात के अपने अनुभव से अभी तक सदमे में थी | रोहित रीमा और प्रियम सुबह बाकि सबकी तरह घर लौट आये | सभी ऐसे बिहैब कर रहे थे जैसे कुछ हुआ ही नहीं |
धीरे धीरे सब कुछ सामान्य होने लगा लेकिन रीमा के दिमाग में जग्गू के वर्ड किस घंटे की तरह बज रहे थे, उसे जग्गू किसी भी तरह से स्वीकार नहीं था, जग्गू उसके बारे में सोचता था ये सोचकर भी रीमा को उबकाई आ रही थी | उसे जग्गू को सबक सिखाना था | रीमा ने जग्गू के बारे में सब कुछ पता लगाया और सबूतों के साथ कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत कर दी | शिकायत सही पाई गयी और कॉलेज में ड्रग्स बेचने की आरोप में उसे हमेशा के लिए कॉलेज से निकाल दिया गया | उसके बाप ने कॉलेज मैनेजमेंट के पास जाकर बहुत चिरौरी करी, कॉलेज मैनेजमेंट ने काफी देर बाद जाकर इस बात के लिए राजी हुआ कि अगर शिकायतकर्ता भी इस बाद की सहमती देता है तो कुछ किया जा सकता है | ड्रग्स के आरोप में तो लाइफ टाइम बैन होना ही था | काफी उठापटक और मान मनौउअल के बाद रीमा इस बात पर राजी हुई, की जग्गू की सजा कम कर दी जाये, उसने तरीका मैनेजमेंट पर छोड़ दिया | कॉलेज में रीमा प्रियम की सेकंड गार्डियन के नाम से रजिस्टर थी और इसी बात का उसने फायदा उठाया जग्गू से अपनी खुन्नस निकालने में, हालाँकि रोहित को ये सब बाते पता थी लेकिन रीमा ही मुख्य भूमिका में रही | मैनेजमेंट ने जग्गू और उसके बाप का लिखित माफीनामा लेने के बाद उसका आरोप पत्र में से ड्रग्स को हटा कर अनुशासन हीनता का क्लॉज़ ऐड किया गया, जिससे लाइफ टाइम का बैन एक साल में बदल जाये | अब जग्गू एक साल तक कॉलेज में कदम नहीं रख सकता था |
रीमा की वजह से पुरे कॉलेज में जग्गू के साथ साथ उसके बाप की जो थू थू हुई, जग्गू पर रीमा की हवस का जो बुखार पहले से चढ़ा था वो अब बदले में बदल गया | जग्गू का बाप हरामी तो लेकिन उसे ये भी पता था की सामने वाली पार्टी का सीधे पुलिस में लिंक है | इसलिए वो कोई पंगे नहीं लेना चाहता था | लेकिन बाप की तरह जग्गू समझदार नहीं था | उसे रीमा को अपनी नजरो में नीचा दिखाने की धुन सवार हो गयी | कॉलेज से निकाले जाने के बाद प्रियम और राजू से भी उसका मिलना कम हो गया | फिर भी वो कोशिश करके मिलने आ ही जाता | रोहित को इससे कोई दिक्कत नहीं थी जब तक प्रियम की पढाई में कोई नुकसान न हो | ड्रग्स को लेकर भी बहुत ज्यादा कठोर नहीं था लेकिन उसे इससे बचा कर रखना भी जरुरी था, इसलिए उसने रीमा का खुलकर साथ दिया था | जग्गू अभी भी जुगाड़ करके कही न कही से ड्रग्स ले ही आता | फिर तीनो की महफ़िल जमती | आखिर एक दिन नशे में धुत होकर जग्गू ने अपने दिल की बात कह ही डाली |
जग्गू - यार प्रियम वो तूने अपनी चाची की एक रिकॉर्डिंग करी थी, बड़ा मन है सुनने का, कहाँ है वो |
प्रियम - कौन सी रिकॉर्डिंग ????
जग्गू - अबे वही लंड चूसने वाली |
प्रियम में नशे में मस्त था - वो तो पता नहीं कहाँ खो गयी |
जग्गू - सालें दुबारा जाकर पानी चाची से लंड चुसवा, मुझे वो रिकॉर्डिंग सुननी है |
प्रियम - अबे तू पागल हो गया है क्या, साले वो बहुत डेंजरस है, मुझे भी नहीं पता था | मै तो उन्हें बहुत सीधे साधी समझता था, उनसे दूर ही रह बेटा, नहीं तो पता नहीं कब गांड मार लेगी |
जग्गू - तेरी मार ली है लगता भोसड़ी के | इतना कहकर जग्गू ठहाके मार मार कर हसने लगा | राजू ने भी जग्गू का साथ दिया | प्रियम को ये मजाक बिलकुल अच्छा नहीं लगा |
जग्गू प्रियम की शक्ल देखकर - लगता है सच में इसकी चाची ने इसकी गांड मार ली बहनचोद | राजू मै हैरान हो सोचकर कैसे एक चूत किसी की गांड मार सकती है |
प्रियम भी झुंझला गया - साले किसी दिन तेरी मार लेगी तो पता चलेगा |
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रोहित - तुम्हें आराम करना है तो मेरी बाहों में कर लो |
रीमा - जी नहीं मुझे अकेले ने आराम करना है मतलब आज कोई चांस नहीं है यह तो बेचारा पैंट के अंदर काफी छलांगे मार रहा था मुझे लगा बेचारे को आज पनाहगाह में आराम करने का मौका मिलेगा|
रीमा - रोहित अगर तुम्हें करना है तो कर दो लेकिन मेरा मूड नहीं है मैं बहुत थक गई हूं और .....................|
रोहित - और बिना तुम्हारे मूड के मैं क्या करूंगा, अचार रखूंगा मजा ही नहीं आएगा जब तक रीमा अप्सरा जैसे हुस्न की मलिका राजी नहीं होगी तब तक कैसे उसको चोदने में मजा आएगा | अब मैडम जी आप ही बताओ बेचारा लंड अकेले ही सारी मेहनत करेगा और मजा भी नहीं आएगा तो फायदा क्या है |
रीमा - ओहो रोहित तुम ना हमेशा ही ऐसी गंदी गंदी बातें करते हो मैंने बोला ना मैं थक गई हूं सोना चाहती हूं लेकिन तुम्हारे लिए मैंने कभी मना किया है |
रोहित = अरे बाबा मैं तो मजाक कर रहा था तुम हमेशा सीरियस हो जाती हो थोड़ा सा जिंदगी में फन लाओ कब तक यह बोरिंग सी जिंदगी जीती रहोगी | जब तूम्हें मजा आता है तभी मुझे भी मजा आता है तुम्हारा मन नहीं है तो मेरा भी मन नहीं है चलो चल कर सोते हैं
सुबह होते ही सब कुछ सेटल हो गया, नूतन अपने पैसे लेकर अपने घर चली गयी और रीमा ने भी उस मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई | वो रात के अपने अनुभव से अभी तक सदमे में थी | रोहित रीमा और प्रियम सुबह बाकि सबकी तरह घर लौट आये | सभी ऐसे बिहैब कर रहे थे जैसे कुछ हुआ ही नहीं |
धीरे धीरे सब कुछ सामान्य होने लगा लेकिन रीमा के दिमाग में जग्गू के वर्ड किस घंटे की तरह बज रहे थे, उसे जग्गू किसी भी तरह से स्वीकार नहीं था, जग्गू उसके बारे में सोचता था ये सोचकर भी रीमा को उबकाई आ रही थी | उसे जग्गू को सबक सिखाना था | रीमा ने जग्गू के बारे में सब कुछ पता लगाया और सबूतों के साथ कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत कर दी | शिकायत सही पाई गयी और कॉलेज में ड्रग्स बेचने की आरोप में उसे हमेशा के लिए कॉलेज से निकाल दिया गया | उसके बाप ने कॉलेज मैनेजमेंट के पास जाकर बहुत चिरौरी करी, कॉलेज मैनेजमेंट ने काफी देर बाद जाकर इस बात के लिए राजी हुआ कि अगर शिकायतकर्ता भी इस बाद की सहमती देता है तो कुछ किया जा सकता है | ड्रग्स के आरोप में तो लाइफ टाइम बैन होना ही था | काफी उठापटक और मान मनौउअल के बाद रीमा इस बात पर राजी हुई, की जग्गू की सजा कम कर दी जाये, उसने तरीका मैनेजमेंट पर छोड़ दिया | कॉलेज में रीमा प्रियम की सेकंड गार्डियन के नाम से रजिस्टर थी और इसी बात का उसने फायदा उठाया जग्गू से अपनी खुन्नस निकालने में, हालाँकि रोहित को ये सब बाते पता थी लेकिन रीमा ही मुख्य भूमिका में रही | मैनेजमेंट ने जग्गू और उसके बाप का लिखित माफीनामा लेने के बाद उसका आरोप पत्र में से ड्रग्स को हटा कर अनुशासन हीनता का क्लॉज़ ऐड किया गया, जिससे लाइफ टाइम का बैन एक साल में बदल जाये | अब जग्गू एक साल तक कॉलेज में कदम नहीं रख सकता था |
रीमा की वजह से पुरे कॉलेज में जग्गू के साथ साथ उसके बाप की जो थू थू हुई, जग्गू पर रीमा की हवस का जो बुखार पहले से चढ़ा था वो अब बदले में बदल गया | जग्गू का बाप हरामी तो लेकिन उसे ये भी पता था की सामने वाली पार्टी का सीधे पुलिस में लिंक है | इसलिए वो कोई पंगे नहीं लेना चाहता था | लेकिन बाप की तरह जग्गू समझदार नहीं था | उसे रीमा को अपनी नजरो में नीचा दिखाने की धुन सवार हो गयी | कॉलेज से निकाले जाने के बाद प्रियम और राजू से भी उसका मिलना कम हो गया | फिर भी वो कोशिश करके मिलने आ ही जाता | रोहित को इससे कोई दिक्कत नहीं थी जब तक प्रियम की पढाई में कोई नुकसान न हो | ड्रग्स को लेकर भी बहुत ज्यादा कठोर नहीं था लेकिन उसे इससे बचा कर रखना भी जरुरी था, इसलिए उसने रीमा का खुलकर साथ दिया था | जग्गू अभी भी जुगाड़ करके कही न कही से ड्रग्स ले ही आता | फिर तीनो की महफ़िल जमती | आखिर एक दिन नशे में धुत होकर जग्गू ने अपने दिल की बात कह ही डाली |
जग्गू - यार प्रियम वो तूने अपनी चाची की एक रिकॉर्डिंग करी थी, बड़ा मन है सुनने का, कहाँ है वो |
प्रियम - कौन सी रिकॉर्डिंग ????
जग्गू - अबे वही लंड चूसने वाली |
प्रियम में नशे में मस्त था - वो तो पता नहीं कहाँ खो गयी |
जग्गू - सालें दुबारा जाकर पानी चाची से लंड चुसवा, मुझे वो रिकॉर्डिंग सुननी है |
प्रियम - अबे तू पागल हो गया है क्या, साले वो बहुत डेंजरस है, मुझे भी नहीं पता था | मै तो उन्हें बहुत सीधे साधी समझता था, उनसे दूर ही रह बेटा, नहीं तो पता नहीं कब गांड मार लेगी |
जग्गू - तेरी मार ली है लगता भोसड़ी के | इतना कहकर जग्गू ठहाके मार मार कर हसने लगा | राजू ने भी जग्गू का साथ दिया | प्रियम को ये मजाक बिलकुल अच्छा नहीं लगा |
जग्गू प्रियम की शक्ल देखकर - लगता है सच में इसकी चाची ने इसकी गांड मार ली बहनचोद | राजू मै हैरान हो सोचकर कैसे एक चूत किसी की गांड मार सकती है |
प्रियम भी झुंझला गया - साले किसी दिन तेरी मार लेगी तो पता चलेगा |
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