S
StoryPublisher
Guest
जग्गू पीछे से चिल्लाया - सालों मादरचोदो तुमारा फिल्मी डायलॉग खतम हो गया हो तो आगे का काम कर लो | जल्दी जल्दी काम ख़त्म करो वर्ना भोसड़ी वालों यह बहुत हरामन औरत है इतनी हरामी चूत है कि इसने कुछ ना कुछ साला पेच फंसा रखा होगा, तभी बिलकुल गाय की तरह सीधी खड़ी है | भोसड़ी वाला इसका पति पुलिस में बड़ा अफसर था | कूटो की तरह सूंघती हुई पुलिस यहाँ आ जाएगी | एक बार पुलिस वाले रीमा मैडम को ढूंढते हुए यहां आ गए ना तो हम सब की गांड फाड़ देगें | वो बांस करेगे की साल भर तक बिसतर पर ही होगोगे मुतोगे | जल्दी करो भोसड़ी वालों |
एक लड़के ने रीमा की कमर में लगी हुई सारी पिन खोल कर फटाफट उसको उसके साड़ी को निकाल कर अलग किया और पेटीकोट में फंसी साड़ी को उसके बदन से अलग कर दिया | रीमा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी | वो दोनों रीमा की कमर के आसपास घुटनों के बल बैठ गए | उसके बाद में एक आदमी ने रीमा के नारे को खोलना शुरू कर दिया हालांकि रीमा के पेटीकोट का नाड़ा बहुत कसकर बंधा हुआ था, उसे समझ नहीं आया कैसे खोला जाये | तभी दूसरे ने अपनी जेब से चाकू निकाला और नीचे से रीमा के पेटीकोट को पकड़कर चीरता हुआ ऊपर को चल दिया | अब रीमा का पेटीकोट पूरी तरह से फट कर खुल गया था | हालाँकि उसका नाडा अभी भी उसकी कमर में बना हुआ था और उस पेटिकोट के चीरे के अंदर से रीमा की लाल पैंटी झांक रही थी उस लड़के ने जिसने रीमा का पेटीकोट चीरा था अपने दोनों हाथों से रीमा के पेटीकोट को फैलाते हुए अंदर के लाल लाल पैंटी को देखकर बावला हो गया |
लड़का - उपरवाले क्या गजब कयामत दी है तूने क्या कपड़े पहनती हो मैडम ,आपकी इस लाल चड्डी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया है | इतनी खूबसूरत चड्डी आजतक मैंने नहीं देखि |
पीछे से जग्गू - अबे चुतियानंदन इसे पैंटी कहते है | चड्ढी नहीं है ये |
लड़का - नहीं बॉस सचमुच में भगवान ने क्या बनाया है मैडम को, क्या गजब का बदन है इतने बड़े बड़े उरोज इतनी पतली मस्त कमर इतने भारी-भारी मांसल चूतड़ और और यह जन्नत आपने कहा कपड़ो में छुपा रखी थी | ये तो दिखाने की चीज है मैडम | इस पेटीकोट का नाडा खोलिए न मैडम, मै आपकी बेमिशाल खूबसूरती का कायल हो गया हूँ, मै आपके जिस्म के ऊपर के एक भी रेशे की अब चीर फाड़ नहीं करना चाहता | मै नहीं चाहता हूं कि इसे काट कर फाड़ दूं | मैंने नीचे से आपका पेटीकोट तो पूरी तरह से चीर कर अलग कर दिया है मैंने लेकिन मैं चाहता हूं पेटीकोट का नाडा आप ही खोलें |
दूसरा लड़का - अबे चूतिये यह नाडा कैसे खोलेगी इसके हाथ तो ऊपर को बांधे हुए है |
पहला लड़का - अरे हां यह तो मैं भूल ही गया था चले काम करते हैं फिर मैं मैडम के पेटीकोट के नाड़े को भी काट देता हूं | जहां से मैंने इनका पेटिकोट नीचे से ऊपर तक चीरा है वहीं से इस के नाडे को भी काट देता हूं |
उसने रीमा की कमर पर चाकू फंसाया और अंदर से नाडे की तरफ सीधा करे के ऊपर रगड़ने लगा |
सीमा दहसत से भरी हुई थी उसे पता था कि अब तो उसका बलात्कार होना तय है लेकिन उसने एक बार कोशिश करने में कोई हर्ज नहीं समझा |
रीमा - मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो |
एक लड़का बोला - मैडम आपको देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया है, बॉस का तो भरोसा नहीं लेकिन आप जरा हम लोगो का ख्याल रखना | बॉस हमें पैसे दे रहा है इसलिए आपके साथ ये करना पड़ रहा है वरना मै तो आपको फूलो की सेज पर सजा कर रखता |
उस लड़के की बाते सुनकर रीमा की आँखों में पहली बार चमक आई | उसके रोशनी की कही एक महीन किरण दिखाई दी | उसे अफ़सोस था ये बात उसने पहले क्यों नहीं सोची |
रीमा अपने अन्दर आत्मविश्वास भरकर - ये जग्गू तुम्हे जितने पैसे दे रहा है उससे तीन गुना ज्यादा पैसे मै तुम्हे दूँगी | तीन छोड़ो पांच गुना दूँगी | मेरा साथ दो न प्लीज |
दूसरा लड़का बोला - मैडम अभी हमें पैसो की जरुरत नहीं आपकी चूत की जरुरत है | बोलो चूत चोदने को दोगी तो सौदा मंजूर है | मैडम बात पैसे की नहीं है इस कमसिन जवान हसीन गोर मांसल कमसिन जिस्म का लुफ्त भी तो उठाने को मिल रहा है वह कहां मिलेगा | एक बार चोदने की परमिशन दे दो फिर ...............................|
एक लड़के ने रीमा की कमर में लगी हुई सारी पिन खोल कर फटाफट उसको उसके साड़ी को निकाल कर अलग किया और पेटीकोट में फंसी साड़ी को उसके बदन से अलग कर दिया | रीमा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी | वो दोनों रीमा की कमर के आसपास घुटनों के बल बैठ गए | उसके बाद में एक आदमी ने रीमा के नारे को खोलना शुरू कर दिया हालांकि रीमा के पेटीकोट का नाड़ा बहुत कसकर बंधा हुआ था, उसे समझ नहीं आया कैसे खोला जाये | तभी दूसरे ने अपनी जेब से चाकू निकाला और नीचे से रीमा के पेटीकोट को पकड़कर चीरता हुआ ऊपर को चल दिया | अब रीमा का पेटीकोट पूरी तरह से फट कर खुल गया था | हालाँकि उसका नाडा अभी भी उसकी कमर में बना हुआ था और उस पेटिकोट के चीरे के अंदर से रीमा की लाल पैंटी झांक रही थी उस लड़के ने जिसने रीमा का पेटीकोट चीरा था अपने दोनों हाथों से रीमा के पेटीकोट को फैलाते हुए अंदर के लाल लाल पैंटी को देखकर बावला हो गया |
लड़का - उपरवाले क्या गजब कयामत दी है तूने क्या कपड़े पहनती हो मैडम ,आपकी इस लाल चड्डी को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया है | इतनी खूबसूरत चड्डी आजतक मैंने नहीं देखि |
पीछे से जग्गू - अबे चुतियानंदन इसे पैंटी कहते है | चड्ढी नहीं है ये |
लड़का - नहीं बॉस सचमुच में भगवान ने क्या बनाया है मैडम को, क्या गजब का बदन है इतने बड़े बड़े उरोज इतनी पतली मस्त कमर इतने भारी-भारी मांसल चूतड़ और और यह जन्नत आपने कहा कपड़ो में छुपा रखी थी | ये तो दिखाने की चीज है मैडम | इस पेटीकोट का नाडा खोलिए न मैडम, मै आपकी बेमिशाल खूबसूरती का कायल हो गया हूँ, मै आपके जिस्म के ऊपर के एक भी रेशे की अब चीर फाड़ नहीं करना चाहता | मै नहीं चाहता हूं कि इसे काट कर फाड़ दूं | मैंने नीचे से आपका पेटीकोट तो पूरी तरह से चीर कर अलग कर दिया है मैंने लेकिन मैं चाहता हूं पेटीकोट का नाडा आप ही खोलें |
दूसरा लड़का - अबे चूतिये यह नाडा कैसे खोलेगी इसके हाथ तो ऊपर को बांधे हुए है |
पहला लड़का - अरे हां यह तो मैं भूल ही गया था चले काम करते हैं फिर मैं मैडम के पेटीकोट के नाड़े को भी काट देता हूं | जहां से मैंने इनका पेटिकोट नीचे से ऊपर तक चीरा है वहीं से इस के नाडे को भी काट देता हूं |
उसने रीमा की कमर पर चाकू फंसाया और अंदर से नाडे की तरफ सीधा करे के ऊपर रगड़ने लगा |
सीमा दहसत से भरी हुई थी उसे पता था कि अब तो उसका बलात्कार होना तय है लेकिन उसने एक बार कोशिश करने में कोई हर्ज नहीं समझा |
रीमा - मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो |
एक लड़का बोला - मैडम आपको देखकर मेरा भी लंड खड़ा हो गया है, बॉस का तो भरोसा नहीं लेकिन आप जरा हम लोगो का ख्याल रखना | बॉस हमें पैसे दे रहा है इसलिए आपके साथ ये करना पड़ रहा है वरना मै तो आपको फूलो की सेज पर सजा कर रखता |
उस लड़के की बाते सुनकर रीमा की आँखों में पहली बार चमक आई | उसके रोशनी की कही एक महीन किरण दिखाई दी | उसे अफ़सोस था ये बात उसने पहले क्यों नहीं सोची |
रीमा अपने अन्दर आत्मविश्वास भरकर - ये जग्गू तुम्हे जितने पैसे दे रहा है उससे तीन गुना ज्यादा पैसे मै तुम्हे दूँगी | तीन छोड़ो पांच गुना दूँगी | मेरा साथ दो न प्लीज |
दूसरा लड़का बोला - मैडम अभी हमें पैसो की जरुरत नहीं आपकी चूत की जरुरत है | बोलो चूत चोदने को दोगी तो सौदा मंजूर है | मैडम बात पैसे की नहीं है इस कमसिन जवान हसीन गोर मांसल कमसिन जिस्म का लुफ्त भी तो उठाने को मिल रहा है वह कहां मिलेगा | एक बार चोदने की परमिशन दे दो फिर ...............................|