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Adultery वासना की मारी औरत की दबी हुई वासना

रीमा की परेशानी पहले से कम थी क्या जो सूर्यदेव ने और बढ़ा दी | उसकी बातों से जो रीमा को समझ आया वो ये कि जग्गू की मौत के लिए वो रीमा को जिमेदार ठहरा रहा था | रीमा सोचने लगी अगर यहाँ से नहीं निकली तो मारना तय है | यही सोच सोच कर उसका दिल बैठा जा रहा था | उसका चेहरा पीला पड़ गया | उसकी आँखों से आंसू झरने लगे | कहाँ आकर फंस गयी मै, अगर जल्दी से यहाँ से नहीं निकली तो ये दरिन्दे मुझे नोच डालेगें | मै क्या करू | कैसे निकलू यहाँ से | मुझे तो यहाँ का कुछ भी नहीं पता | यहाँ से निकल भी गयी तो जाउंगी कहाँ | किधर जाऊँगी | रीमा जोर जोर से रोने लगी | बाहर से गार्ड ने लोहे के दरवाजे में लगे शीशे से झांककर देखा तो रीमा रोती हुई नजर आई |

गार्ड फट से दरवाजा खोलकर अन्दर आ गया - आपको कुछ चाहिए मैडम |

रीमा कुछ नहीं बोली - देखिये मैडम रोइए मत प्लीज | मुझे न केवल आपकी निगरानी के लिए रखा गया है बल्कि आपका ख्याल रखने के लिए भी रखा गया है |

कुछ ही देर बाद सूर्यदेव भागता हुआ फिर से हाल में आया, गार्ड अभी रीमा के पास ही था |

सूर्यदेव - तू यहाँ क्या कर रहा है |

गार्ड - मैडम रो रही थी इसलिए वजह पूछने आया था |

सूर्यदेव - ठीक है ठीक है अब बाहर जा |

सूर्यदेव - मैडम आपने बताया नहीं आपके पति पुलिस अफसर थे |

रीमा आंसू पोछती हुई - तुमने पुछा |

सूर्यदेव - मैडम आपको पता है जिदगी में पहली बार ऐसा फंसा हूँ की इधर कुवा गई उधर खाई | मै अगर मरा तो सबको लेकर मरूंगा |

सूर्यदेव ने पागलो की तरह अपने माथे को पकडे पकड़ें वापस उलटे पाँव लौट गया | जाते जाते गेट पर गार्ड को बोल कर गया मैडम का ख्याल रखना वर्ना कुत्ते की मौत मरेगा तू |

गार्ड भी हैरान रह गया आखिरकार हो क्या रहा है | गार्ड बड़ी हैरानी के साथ अन्दर आया | रीमा का सिबुकना बंद हो चूका था |

गार्ड - मैडम आप कौन है और ये साहब आज इतने पगलाए हुए क्यों घूम रहे है |

रीमा - तुम क्या करोगे ये सब जानकार | रीमा फिर से अपनी उदासी और सदमे में खो गयी |

गार्ड कुछ देर खड़ा रहा फिर वापस लौट गया |

कुछ देर बाद रीमा बीती हर एक घटना की याद करके फिर से रोने लगी | गार्ड बार बार बाहर से झांक कर देख रहा था | रीमा को फिर से रोता हुआ देख अन्दर आ गया |

गार्ड - मैडम आप रोइए मत प्लीज | कोई परेशानई हो तो मुझसे बताइये |

रीमा गार्ड पर झल्ला उठी - एक तो हथकड़ियो में जकड़ कर रखा है ऊपर से पूछता है कोई परेशानी हो |

गार्ड उसी शांत स्वर में - वो मेरे हाथ में नहीं है मैडम | होता तो जरुर खोल देता |

रीमा का गुस्सा बढता ही जा रहा था - तो यहाँ क्या अपनी माँ चुदा रहा है भाग जा यहाँ से |

गार्ड - मैडम जी गरीब जरुर हूँ लेकिन अपनी भी इज्जत है, गाली मत दीजिये | जो मेरे बस में है वो जरुर करूंगा | एक बार आदेश तो करिए |

रीमा ने आंसू पोंछ लिए - क्या क्या कर सकता है | मुझे इस नरक से निकाल सकता है |

गार्ड - कैसी बात कर रही है मैडम, साहब मेरी गर्दन धड़ से अलग कर देंगे |

रीमा - तो बाहर जाकर अपनी गांड मरा |

गार्ड आइस्ते से बोला - मैडम गे नहीं मै, पहले एक गर्लफ्रेंड भी थी |

रीमा उसका जवाब सुनकर थोड़ा हैरान रह गयी | कितना शांत था वो,उसे देखकर रीमा के दिमाग का तापमान भी कुछ कम हुआ |

रीमा - मुझे अकेला छोड़ दो, मै बहुत परेशान हूँ | मुझे नहीं पता कल शाम से मेरे साथ क्या हो रहा है |

गार्ड - मैडम भले ही मै आपकी मदद न कर पाऊं लेकिन आपका दुःख तो सुन ही सकता हूँ | गेट पर खड़े रह रह कर बोर ही हो जाता हूँ |

रीमा -मतलब |

गार्ड - मैडम ये फैक्ट्री के बीच में गोदाम है, पिछले 6 महीने से खाली पड़ा है, इससे पहले इसमें चीनी रखी जाती थी | सरकारी कोटे वाली चीनी | उधर साहब के ठेके छिन गए इधर तब से ये भी खाली पड़ा है | आज सुबह चद्दर में लपेट कर लाये थे आपको | बोले vip है अच्छे से ख्याल रखना | एक जोड़ी कपड़े और चार हथकड़ियाँ फेंक कर चले गए |

रीमा - तो तुमने मुझे कपड़े पहनाये |

गार्ड - हाँ मैडम जी साहब का आर्डर था |

रीमा - तुमने मुझे पूरा का पूरा बिना कपड़ो के देखा |

गार्ड शरमाते हुए - हाँ मैडम जी, आप बेहोश थी तो कौन पहनाता | वैसे एक बात कंहू छोटा आदमी बड़ी बात, बुरा मत मानियेगा |

रीमा - बोल |

गार्ड - मैडम जी आप बहुत खूबसूरत है, आप जैसी खूबसूरत औरत आज तक मैंने नहीं देखि |

रीमा को तारीफों से खुसी तो मिली लेकिन वो गार्ड को परखने लगी कही उसकी उस पर नीयत तो ख़राब नहीं - कितनी खूबसूरत औरतो को अब तक देख चुके हो | मेरा मतलब नंगे, पूरा नंगे |

गार्ड शर्मा गया - मैडम आप तीसरी है, इससे पहले मेरी गर्लफ्रेंड थी और उसकी पड़ोसन |

रीमा - दोनों को एक साथ निपटाते थे |

गार्ड - नहीं मैडम पड़ोसन थी ही हरामी, वही कपड़े खोलकर हमें अपनई छाती दिखाती रहती थी एक दिन जोश में आकर मै उसके घर में घुस गया और ..............................................|
 
रीमा - चोद डाला | अब कैसे काम चलाता है |

गार्ड शर्मा गया - मैडम आप तो बड़ी मुहँ फट है |

रीमा - मै कोई बीस साल की नहीं हूँ पूरी दुनिया देख चुकी हूँ |

गार्ड - क्या बात कर रही है मैडम ?

रीमा - चौंक क्यों रहा है? अच्छा बता तुझे कितने की लगती हूँ |

गार्ड - सच बाताऊ, 26 से एक दिन ज्यादा नहीं लगती |

रीमा के चेहरे पर मुस्कान आ गयी |

रीमा के ऊपर के शर्ट के तीन बटन खुले थे | उसके स्तनों के गोरे गोरे उभार बाहर से साफ़ दिख रहे थे | गार्ड की निगाहे रीमा की छातियों पर गयी फिर उसने नजरे नीची कर ली |

रीमा - सब कुछ तो देख लिया है मेरा अब क्यों नजरे फेर रहा है |

गार्ड - इससे गलत ख्याल नहीं आते मन में | मैंने आपको कपड़े पहनाये वो मेरा काम था |

रीमा - शरीफ आदमी है तू अपने बारे में बता यहाँ कैसे आया |

गार्ड - मै पढ़ना चाहता था लेकिन गरीब था पैसे नहीं थे इसलिए नौकरी कर ली | पैसे तो मिले लेकिन सारा टाइम नौकरी खा गयी और पढाई बंद हो गयी |

रीमा - तो अभी सिर्फ नौकरी करता है और कोई छोकरी भी सेट की है |

गार्ड - अभी तो अकेला हूँ |

रीमा - मतलब हाथ से ही एक्सप्रेस दौड़ता है |

गार्ड झेंप गया - मैडम आप भी अपने बारे में कुछ बताइए न |

गार्ड से बात करके रीमा के अन्दर का डर और दहसत कुछ हद तक कम हो गयी |

रीमा - मै एक बड़े पुलिस अफसर की विधवा हूँ | अकेले रहती हूँ | पता नहीं कुछ लोग मुझे गलतफहमी में मुझे किडनैप करके जंगल ले गए | वहां के कुछ लोग फिर से गलफहमी का शिकार होकर मुझे यहाँ ले आये | तुमारे साहब को लगता है सब मेरा किया धरा है | जबकि मुझे तो ये भी नहीं पता के जो तुमारे साहब कह रहे है वो सब कहानी क्या है |

गार्ड ने रीमा से नजरे मिलायी फिर झुका ली | कुछ देर तक दोनों खामोश रहे |

रीमा ने ख़ामोशी तोड़ते हुए गार्ड को कुरेदा - अच्छा ये बता जब तूने मुझे पूरा का पूरा नंगा देखा तो तेरे मन में क्या ख्याल आया |

गार्ड ने भी रीमा की आँखों में आंखे डालकर जवाब दिया - आप बहुत खूबसूरत है |

रीमा - बस, नीचे कोई हरकत नहीं हुई, मेरे नाम से तो न जाने कितने मेरे जानने वाले ही मुट्ठ मारते है |

गार्ड भी रीमा कामुक बातो में दिलचस्पी लेने लगा - क्या बात कर रही है मैडम, आप तो बिलकुल बिदास होकर बाते करती हो बिलकुल भी नहीं शर्माती |

रीमा जानती थी वही गार्ड उसकी आजादी की चाभी हो सकता है | मर्द की एक ही कमजोरी होती है, अगर इसके पजामे का नाडा ढीला निकला तो ये ही आजादी की आखिरी किरण बन सकता है| अब तक का रेस्पोंस देखकर रीमा की हिम्मत बढ़ी | उसे बहलाए फुसलाये रखना होगा तभी कुछ उम्मीद की किरण बची रहेगी | रीमा कहाँ है उसे बिलकुल भी अंदाजा नहीं था |

रीमा - वैसे क्या मै बाहर की तजि हवा खा सकती हूँ अगर तुमारे बॉस ने मना ना किया हो तो | मै भागुंगी नहीं तुम मेरे पैर में हथकड़ी डाल सकते हो | रीमा अपने शर्ट के बटन खोल अपने उरोजो की उचाई नुमाया कर दी |

इसी के साथ रीमा ने अपनी शर्ट का उपरी सिरा बाहर की तरफ फैला दिया | जिससे उसके गोरे गोरे स्तनों के हाहाकारी उभार और ज्यादा खुलकर सामने आ गए | अब बस रीमा के निप्पल दिखने बाकि रह गए थे | रीमा एक लम्बी आह भरती हुई - मुझे बड़ी गर्मी लग रही है यहाँ तो पंखा भी नहीं है, कुछ देर के लिए बाहर चलो न |

गार्ड -मैडम बाहर जाने की परमिशन के बारे में मुझे पूछना पड़ेगा | साहब आपका ख्याल रखने को बोल गए है लेकिन और कुछ नहीं बताया |

रीमा - हर छोटी बड़ी बात के लिए क्या साहब का मुहँ देखोगे | मेरी सुविधा का ख्याल रखना तुमारा काम है | मुझे गर्मी लग रही है | अगर तुम मुझे बाहर नहीं ले गए तो जब साहब लौट के आयेगे तो तुमारी शिकायत करूंगी | मुझे गर्मी लग रही है मै अपने कपड़े उतारने जा रही हूँ |

गार्ड दुविधा में पड़ गया, गार्ड सोच रहा था कहाँ फंस गया | मैडम तो धमका भी रही है और ललचा भी रही है | रीमा - अच्छा बाहर न सही गेट तक तो ले चल सकते हो |

गार्ड ने रीमा के पांव की हथकड़ी खोल दी | हाथ तो उसके पहले से आजाद थे | रीमा भागना तो चाहती थी लेकिन पता नही था भागने के बाद उसका क्या होने वाला है | पता चला कही भागने के चक्कर में ही जान गँवा बैठी | न तो उसे इस जगह का पता, न तो उसे पता की यहाँ से निकल कर कहाँ जाना है | इसलिए भागने का तो कोई सवाल ही नहीं था |

गार्ड ने रीमा के हाथ में लटकती हथकड़ी पकड़ी और उसे गेट तक ले गया | गेट से बाहर रीमा ने झांक कर देखा | एक पूरी बंद पड़ी फैक्ट्री का कंपाउंड लग रहा था | गेट के ठीक सामने उलटी तरफ एक कार खड़ी थी |

रीमा ने पूछ लिया - ये कार किसकी है |

गार्ड - इसी में तो आप आई थी मैडम, आपको याद भी नहीं | ये कार यहाँ स्टैंड बाई पर खाड़ी है, जैसे ही साहब का आदेश आपको कही और ले जाने का होगा वैसे ही मैंन गेट पर तैनात इसका ड्राईवर आपको लेकर गंतव्य की ओर चल देगा |

रीमा बाहर की परिस्थिति समझ रही थी - स्टैंड बाई का क्या मतलब है |
 
गार्ड - मैडम कार पूरी तरह से तैयार होती है चाभी उसी में लगी होती है, साहब का आदेश आया, चाभी घुमाई और निकल लिए |

रीमा के अन्दर का डर काफी हद तक कम हो गया था, उसे अय्याकिन हो गया था वो जल्दी मरने नहीं जा रही | इसी के साथ गार्ड ने उसके मन में आशा की एक किरण जगा दी थी | चारो तरफ खतरा बरक़रार था लेकिन रीमा के अन्दर उस खतरे से निपटने की हिम्मत लौट आई थी |

गार्ड को कुछ लोग उधर आते दिखे - मैडम आप अन्दर चलिए, कही आपको बाहर देख लिया तो मेरी शिकायत भी हो सकती है |

रीमा अन्दर चली आई और चारपाई पर धडाम हो गयी |

उसके दिमाग में बाहर की तस्वीरे नाचने लगी | गाड़ी तो रेडी है लेकिन उसे नहीं पता फैक्टरी का मैंन गेट किस तरफ है और वहां कितने लोग तैनात है | वो लोग खूंखार है या इसी गार्ड की तरह सीधे साधे है | उसका दिमाग सरपट घोड़े दौड़ा रहा था | इस समय उसका दिमाग बहुत सक्रीय था वो यहाँ से निकलने का प्लान बना रही थी | जब उसकी आँख खुली थी तो वो बहुत चिंता तनाव में थी बहुत डरी हुई थी सदमे से उसका दिल बैठा जा रहा था लेकिन गार्ड से बात करके उसके अन्दर हिम्मत आ गयी | उसे गार्ड के कदमो की आवाज सुनाई दी | रीमा जल्दी से उठकर बैठ गयी औए अपनी शर्ट के बटन खोलकर उसे कंधे से नीचे खिसका दिया | उसके दोनों दूध जैसे सफ़ेद गोरे गोरे बड़े बड़े उरोज सामने की तरफ को सीधे तन गए | उनकी छाती की पहाड़ियो की नुकीली चोटियाँ पूरी तरह से तन कर खड़ी थी | उसके उरोजों की उठान उसके सीने में एक गहरी दरार बना रही थी | वापस लौटने के बाद गार्ड कुछ देर तो गेट के बाहर बैठा रहा लेकिन फिर लोहे के गेट में अन्दर झाकने के लिए लगी जाली से रीमा के खुले हाहाकारी स्तनों को देखकर झटपट दरवाजा खोलकर अन्दर आ गया |

गार्ड - क्या बात है मैडम |

रीमा - तुमारे बस का तो कुछ है नहीं, यहाँ गर्मी से बुरा हाल है, कपड़े न उतारू तो क्या करू | रीमा अपने उठे हुए मांसल उरोजो का पसीना पोछते हुए बोली |

रीमा की उठे हुए सुडौल स्तनों को देखकर अब गार्ड के ऊपर भी रीमा का नशा चढ़ने लगा था | उसकी आंखे पलक झपकाना भूल गयी, वो बस रीमा के हाहाकारी तने स्तनों को ही देखे जा रहा था | उसके लंड में हरकत होने लगी और वो रीमा के हुस्न में मदहोश होने लगा | गार्ड भी रीमा के इशारे समझ रहा था लेकिन उसे अपनी नौकरी की ज्यादा चिंता थी | क्योंकि अगर इसकी खबर साहब को हो गयी तो उसकी नौकरी जान तय है लेकिन उसके साथ उसकी जो गांड तोड़ी जाएगी वो अलग | सच तो ये था वो भी रीमा से घुलना मिलाना चाहता था लेकिन उसकी फट रही थी |

गार्ड ने ऊपर रीमा का हुस्न का जादू चलने लगा था | आखिर वो भी एक मर्द ही था वो भी जवान मर्द | गार्ड ने भी रीमा से जरा शरारत करने की सोची - मैडम कौन सी गर्मी की बात कर रही है, बदन की गर्मी की या मौसम की गर्मी की |

रीमा को लगा उसका तीर सही निशाने पर जाकर लगा है - दोनों गर्मी ही मुझे खाए जा रही है, मौसम की गर्मी से ही तो तन बदन में आग लगी है | तुम क्या समझ बैठे थे | रीमा ने उसकी आँखों में झांकते हुए उससे सवाल किया |

वह उसके बड़े बड़े उठे हुए मांसल उरोजो के गुलाबी मांस को देखकर वैसे भी पागल हो चुका था उसकी चूचियों पहाड़ की तरह तनी हुए थी उसकी छातियों की खूबसूरती और उसके पूरे गोर नंगे बदन की गुलाबी रंगत ने पूरी तरह से गार्ड को रीमा का दीवाना बना कर रख दिया था | उसके अंदर रीमा को लेकर के पहले जो सम्मान और इज्जत छाई हुई थी अब उसकी आंखों में उसकी जगह वासना के गहरे डोरे तैर रहे थे | गार्गाड जल्र्डद ही तेजी से बाहर गया और काफी देर बाद एक लौटा | वो एक टेबल फैन लेकर आया उसको लगाकर चला दिया | फिर जी भरकर रीमा के मादक बदन को निहारा............. रीमा के बड़े-बड़े हाहाकारी तने हुए स्तनों को और उसके ऊपर की नुकीली चूचियां को देख कर के गार्ड पागल सा हो गया था इतने सुडौल पुष्ट और मांसल और तने हुए स्तन उसने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखे थे ऊपर से गोरा रंग तो जैसे क़यामत था उसके अंदर का जवान खून उबाल मारने लगा उसकी सांसे तेज होने लगी | पसीना उसके चेहरे पर पसीना साफ झलक रहा था वह खुद को संयमित दिखाने की कोशिश कर रहा था लेकिन सामने जो नजारा था उसे देख करके उसका खुद को काबू में रख पाना बहुत मुश्किल लग रहा था रीमा ने अपने कंधों पर अटकी हुई शर्ट जो है बटन खोल करके उतार दी अब तो उपर से पूरी तरह से नंगी थी | गार्ड जल्दी से बाहर की तरफ चला गया और खुद के चेहरे का पसीना पोछने लगा |

गार्ड को लगा कि अगर वहीं खड़ा रहा तो कहीं न कहीं वह रीमा के हुस्न के तिलिस्म के जाल में फंस कर कुछ जवानी के जोश में आकर उल्टा सीधा न कर जाये और इस तरह से सामने इतनी खूबसूरत नंगी औरत को देखकर उसे उसे खुद के लिए रोक पाना मुश्किल होगा उसे अपने बॉस का अच्छे से पता था वह जानता था कि अगर बॉस को पता चला तो वह सीधे उसकी गर्दन ही काट देंगे इसलिए गार्ड रीमा से निगाहे दूर करके तेजी से गेट की तरफ चला गया और दरवाजा बंद करके वही अपनी कुसी पर जाकर बैठ गया | रीमा गार्ड को रोकना तो रोकना तो चाहती थी लेकिन कोई ऐसी बात नहीं करना चाहते थी जिसे गार्ड को वो रंडी लगने लगे | वो उसे आमंत्रित कर रही थी वह चाहती थी शिकार खुद आ करके उसके जाल में फंसे | रीमा ने उसे जाने दिया आराम से बिस्तर पर लेट गई और अपनी शर्ट उतार दी | रीमा पूरी तरह से नंगी होकर पेट के बल बिस्तर में घुस गयी |
 
उधर रीमा ने कनखियों से देखा गार्ड दरवाजे में लगे शीशे से झांक कर बार बार अन्दर का जायजा ले रहा था | रीमा ये सोचकर हल्का सा मुस्कुराई की अब बकरा अपने जाल में फंस ही गया है बस समय की बात है कब आकर उसकी झोली में गिरता है

पंखा लगाने के बाद रीमा को गर्मी से काफी राहत मिली .......... नंगे बदन ही बिस्तर के आगोश में समां गयी | पंखे की ठंडी ठंडी हवा में उसको जल्द ही नीद आ गयी | कुछ देर तक गार्उड झांक झांक कर अन्दर का माहौल पता करने की कोशिश करता रहा फिर जब निश्नेचिंत हो गया की रीमा मैडम सो गयी है तो आइस्ते से दरवाजा खोलकर अन्दर आ गया | रीमा ने चद्दर नहीं ओढ़ी थी, सोने से पहले उसने अपनी स्कर्ट भी उतार दी थी | वो उल्टा पेट के बल लेती सो रही थी |

रीमा ने अपने दोनों जांघो को थोड़ी दूरी पर फैला दिया जिससे कि उसकी चूत घाटी का इलाका पूरी तरह से नुमाया हो गया था उसकी चूत के छोटे छोटे गुलाबी होठ एक दुसरे पर पूरी तरह से सटे हुए थे और उसके बीच का दरार नुमा चीरा दूर से ही साफ़ नजर आ रहा था | पंखे की ठंडी हवा लगते ही सुबह से तनाव और डर से पस्त होकर थक चुकी रीमा को नीद आ गयी | गुलाबी रंगत की चमकदार बदन का एक एक कोना नुमाया हो रहा था | ओढ़ने वाली चद्दर कही और ही पड़ी थी | कुछ देर तक रीमा सोने का नाटक करती रही ताकि गार्ड की हरकतों को देख सके | लेकिन इन सब में कब उसकी आंख कब लग गयी उसे भी पता नहीं चला | वो सोने का नाटक करते करते कब सो गयी और कब तक सोती रही पता ही नहीं चला |

उसकी पीठ पूरी तरह से खुली हुई थी | उधर गार्ड रीमा को सोच सोचकर पसीने हुआ पड़ा था | बार बार अपने पेंट के अन्दर के तन रहे लंड को संभालता लेकिन सब कुछ उसके हाथ से जैसे फिसलता जा रहा था | गार्ड ने शीशे से झांक कर देखा उसे लगा रीमा सो गयी है , गार्ड जैसे चुपके से दरवाजा खोलकर अन्दर आया और अपनी वासना का गुलाम बन रीमा के गुलाबी नंगे बदन का नयन सुख करने लगा | वह देखकर हैरान रह गया रीमा लगभग लगभग पूरी तरह से नंगी लेटी हुई थी और उसकी गुलाबी खूबसूरत मखमली चूत के और उसकी जांघों के बीच से साफ-साफ नुमाया हो रहे थे उसकी बड़े-बड़े मांसल गोर गोरे भारी-भरकम चूतड़ साफ-साफ दिख रहे थे गार्ड को समझ में नहीं आया क्या करें | गार्ड के अंदर का खून तेजी से दौड़ने लगा था और वह पसीने पसीने हो गया | इतने करीब से उसने कभी इतनी खूबसूरत औरत नहीं देखि थी जो पूरी तरह से नंगी लेटी हो | सुबह तो साहब लोग बाहर खड़े थे तो बस जल्दी से उसने रीमा को कपड़े पहना दिए थे लेकिन अभी वहां कोई नहीं था, न ही गार्ड को किसी के आने का डर था, वो आराम से रीमा को जी भर के निहार रहा था और अपनी अतृप्त वासनाओं के अरमानो को अपनी आँखों से सेंक रहा था |

के बदन पर अब कपड़े का रेशा तक नहीं था | अंदर आकर उसने जो नजारा देखा उसे देख कर के उसके होश उड़ गए अब तक उसने बस रीमा के जिस्म की झलक ही इधर-उधर से ली थी और उसके चुताड़ो और उरोजो के ही दर्शन किए थे लेकिन यह क्या रीमा तो पूरी की पूरी नंगी बिस्तर पर पेट के बल लेटी हुई थी उसकी गोरी चिकनी पीठ उसके उठे हुए मांसल बड़े-बड़े भारी चूतड़ और उसकी फैली हुई जांघों के बीच से उसकी गुलाबी सफाचट चूत साफ साफ झलक रही थी उसकी चूत के दोनों ओठ एक दुसरे से कसे हुए एक लंबा सा चीरा बना रहे थे | क्या बदन बदन था रीमा का ...................आआआह्ह्ह्ह गोरी चिकनी पीठ और उसके पीछे ऊपर उठे हुए बड़े-बड़े से गोरे गोरे से मांसल चूतड़ ................................उसके चूतड़ों की तलहटी में उसकी गांड का खूबसूरत गुलाबी छेद | और उससे नीचे उसकी चूत घाटी का गुलाबी मखमली इलाका

...................... क्या बला की खूबसूरत थी रीमा | इतनी गोरी गोरी पीठ ...............नरम नरम बाहें उठे हुए ..................सुराही सी

पतली गर्दन और उसके रेशमी बाल ..............उसकी मांसल गोरी गोरी चिकनी जांघें |

किसी आदमी के साथ ऐसा भी हो सकता है उसे यकीन नहीं हो रहा था | गार्ड के साथ भी यही हुआ धीरे-धीरे वह अपने होश गवाने लगा था | उसे समझ में नहीं आ रहा था वह क्या करें , रीमा के जिस्म के तिलिस्म में फंसाकर आगे बढ़ता तो शायद वो जन्नत की सैर करता लेकिन उसका बॉस ये सब पता चलने पर उसे मौत के घाट उतार देता लेकिन अगर वह आगे नहीं बढ़ता तो उसके लिए खुद को काबू कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा था

गार्ड जितना रीमा को देखता उतना ही उसके अन्दर की वासना हिलोरे मारती | वो समझ नहीं पा रहा था आखिर मैडम ऐसा क्यों कर रही है लेकिन उससे ज्यादा उसके दिमाग मे रीमा के खूबसूरत जिस्म की तस्वीरें तैयार रही थी वो क्या करे क्या ना करे से समझ में नहीं आ रहा था | उसे अपनी नौकरी और बॉस दोनों का डर था लेकिन यहाँ रीमा के नंगे बदन की हवस उसके दिली दिमाग को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले चुकी थी | कुछ देर तक रीमा को घूरता रहा और फिर अपनी पेंट के अन्दर के लंड को सहलाता हुआ तेजी से बाहर की तरफ चला गया |

उसे घड़ी की तरफ देखा, उसकी ड्यूटी चेंज होने में अभी बहुत टाइम था | इसलिए उसने उसने अपनी जेब से मोबाइल निकाला और उसे अंदर कुछ वीडियो क्लिप पड़ी हुई थी जो कि जो की पूरी तरह से नंगी लड़कियों की पोर्न क्लिप थी और उसके दोस्तों ने उसे भेजी थी उनमें से एक को निकाल कर देखने लगा | जिस वीडियो को उसने चलाया था जिसमें एक लड़की थी जो अपने पूरे जिस्म से अपने कपड़े उतारती है और पूरी तरह से नंगी हो जाती है उसके बाद में वह कैमरे के सामने बैठ कर के अपनी चूत को मसलती है उसमें रबर के लंड को डालती है अपनी चूत दाने को रगड़ती है वो इस क्लिप कई बार देख चुका था लेकिन आज उसके लिए यह वीडियो बहुत ही खास हो गई थी क्योंकि इसको देख कर के वह हर पल रीमा की कल्पना कर रहा था |
 
ऐसे लग रहा था जैसे उसके लिए वह लड़की ही रीमा है और वह बारी-बारी से अपने जिस्म से कपड़े का एक-एक रेशा उतरती

जा रही है और धीरे-धीरे नंगी हो करके अपनी चूत को मसलने लगती हैं | उस वीडियो क्लिप में लड़की के उतारते कपड़ो के साथ गार्ड के दिमाग में रीमा भी नंगी होती जा रही थी | चूँकि रीमा को वो पूरी तरह से नंगी देख चूका था इसलिए उसे दिमाग में रीमा की नंगी तस्वीर बनाना मुश्किल काम नहीं था | जैसे जैसे वो कपड़े उतारने लगी थी उसका गोरा खूबसूरत बदन के बड़े बड़े उरोज और

उसकी नुकीली चूचियां उसकी घुमावदार कटावदार कमर और उसके भरी भरकम चूतड़, मांसल चिकनी गोरी जांघे सब दिखने लगा |

रीमा को इस तरह से कपड़े उतारते सोच गार्ड के सब्र का बांध टूटने लगा | अब तक वो सिर्फ पेंट के ऊपर से अपने लंड पर हाथ फिरा रहा था लेकिन अब उसने पैंट की ज़िप खोलकर अपने तने लंड को बाहर निकाल लिया | अभी उसके दिमाग में बस रीमा ही रीमा छाई हुई थी | लड़की के जिस्म से उतरता रेशा और गार्ड के दिलो दिमाग पर चढ़ता रीमा की हवस का बुखार | रीमा की घुमावदार कमर और उसका वो चमत्कारिक त्रिकोण | पूरी दुनिया का रहस्य समेटे ये त्रिकोण हमेशा से हर मर्द की सबसे बड़ी पहेली रहा है | हर कोई इसे देखने को लालायित रहता है वही त्रिकोण आज उस गार्ड को भी दिख रहा था | लड़की अपनी कमर के नीचे के कपड़े उतार रही थी | ऊपर से वो पूरी की पूरी नंगी हो चुकी थी | गार्ड ने विडिओ पॉज करके देखा, उसका वो तिलस्मी त्रिकोण और जिसमें से झांकती उसकी जादुई गुलाबी चूत की वह हल्की सी दरार का चीरा |

यही चूत का मखमली गुलाबी चीरा है जो हर मर्द को पागल कर देता है | इसे देखते ही मुर्इदों के भी लंड खड़े हो जाते है | इसी चीरे के आगे मर्द मौत से भी नहीं डरता | यही हाल इस समय गार्ड का था | उसे पता था उसका बॉस कितना जालिम है लेकिन फिर भी वो इस हवस की अन्धी सुरंग में कूदने को बेताब था | वैसे भी रीमा के चीरे की झलक जिसको भी मिल गयी वो पागल ही हो गया | आखिर कोई हो भी क्यों न रीमा के बड़े-बड़े चूतड़ों...................... उसकी पतली सी कमर और मांसल चूतड़ देख कर कोई भी पागल हो जाएगा वैसे ही जैसे अभी गार्ड पागल ही हो गया था | उसके एक हाथ में मोबाईल था और एक हाथ में उसका तना हुआ लंड | वो अपने हाथ को तेजी से अ ऊपर नीचे करने लगा | जैसे जैसे वह लड़की कपड़े उतार कर नंगी हो रही थी वैसे-वैसे कार्ड का हाथ तेजी से चल रहा था इधर

लड़की ने अपने सारे कपड़े उतार दिए थे | उसके बड़े बड़े गुलाबी उरोज, सपाट पेट, गोल गहरी नाभि, चिकना सफाचट चूत त्रिकोण गुलाबी मखमली चूत दरार .....................................उसे लग रहा था जैसे सामने रीमा सारे कपड़े उतारकर नंगी खड़ी हो गयी है |

गार्ड का हाथ अपने लंड पर वैसे ही फिसल रहा था जैसे इंजन के अन्सेदर पिस्टन | सटासट सटासट वो लंड को मसल कर मुठिया रहा था | जैसे उसके शरीर की उत्तेजना बढ़ रही थी उसके दिलो दिमाग में रीमा के जिस्म का जादू भी उसके दिलो-दिमाग पर सर चढ़कर बोल रहा था | उसने सपने में भी नहीं सोचा था की कोई इस तरह की हुस्वन पारी उसकी दुनिया में आएगी | इतनी चिकनी चूत वाली वाली रीमा के बारे में सोचते ही उसके जिस्म में अकड़न और उसके जिस्म में खून का दौरान हो तेज हो जाता है | वह बारी-बारी से विडिओ देखता और रीमा के बारे में ही सोच रहा था और तेजी से अपने हाथ से लंड को मुठिया रहा था |

क्या जिस्म पाया है मैडम ने, क्या बदन है, क्या ठोस मांसल बड़े बड़े दूध है मैडम के | कसम से जो एक बार दबा लेता होगा उसे तो जन्नत नसीब हो जाती होगी | ऊऊफ्फ्फ्फफ्फ्फ़, आआह्गाह्र्डह्ह गार्ड के मुहँ से बुदबुदाते हुए अब बोल फुट रहे थे |

बस एक बार उसको चोदने को मिल जाए तो उसका जन्म सफल हो जाए उसके बाद भले ही उसे जो है | ज्यादा से ज्यादा मालिक नकारी से ही निकाल देगा | गोली मार देगा, ऐसी चूत चोदने के बाद मौत भी नसीब होगी तो कोई गम नहीं कम से कम जन्नत की सैर करके मारूंगा | गार्ड तेजी से लंड मुठिया रहा था लेकिन उसने मोबाइल फोन की क्लिप बंद कर दी और अपने लंड को एक हाथ में थामकर

तेजी से हिलाता हुआ उसने गेट खोला और अंदर आ गया|

रीमा दीं दुनिया से बेखबर गहरी नीद में सो रही थी पंखे की ठंडी हवा और दिनभर की थकान तनाव चिंता और डर से वह बहुत बुरी तरह से पस्त हो गई थी आखिरकार उसे नींद आ गई और वह बहुत गहरी नींद में सो रही थी वो उल्टा पेट के बल लेटी हुई थी | उसके चूतड़ ऊपर की तरफ उठे हुए थे | उसकी गांड का गुलाबी सख्त छेद और चूत की दरार साफ़ दिख रही थी | संगमरमर की तरह चिकनी गोरी मांसल जांघे एक अलग ही रौनक बिखेर रही थी | गार्ड रीमा को इस तरह लेटी देख और उसके उठे चुताड़ो की जादुई रौनक में मदहोश होता चला गया | ऐसा लग रहा था जैसे रीमा ने उसे अपने मादक हुस्न के सैकड़ो जाम पिला दिए हो और वो नशे में डूबकर खुद को भूल गया हो और बस अपने होश खोने के आखिरी पायदान पर खड़ा हो |
 
उसे डर तो लग रहा था लेकिन उसे पता था अगर अभी हिम्मत नहीं करी तो फिर वह कभी कुछ भी नहीं कर पाएगा | ये गार्यड की गरीब जिंदगी में उसे कुछ भी खास नहीं मिलने वाला है | जिंदगी भर यही करना है | ऐसे मौके बार बार नहीं मिलते | जिंदगी भर पछतायेगा की एक मौका मिला था और उसने मिस कर दिया | आज उसको अपने डर पर काबू पाना ही होगा, नहीं तो जिंदगी भर बस इसी गरीबी और गन्दगी में मर कर रह जायेगा | आज मौका है जब वो अपनी जिंदगी को हमेशा के लिए आम से खास बना सकता अपने सपने को पूरा का सकता है अगर उसे कुछ करना है तो अभी फैसला करना होगा | फिर कभी मौका नहीं मिलेगा |

एक तो रीमा जैसे हुस्न पारी उसके सामने है ऊपर से पूरी तरह से नंगी और गहरी नीद में भी | इससे ज्यादा और क्या लाटरी लगेगी उसकी, रीमा जैसी चूत उसके भाग्य में भगवान् ने भेज दी है ये ही क्या कम चमत्कार है | दिलो दिम्माग पूरी तरह से हवस से बजबजा रहा था लेकिन जिंदगी की हकीकते अपनी जगह थी और हवस का सागर अपनी जगह | नंगी लेटी रीमा के उस जादुई जिस्म के हुस्न को अपने आँखों से अपने दिलो दिमाग में उतार रहा गार्म अपने लंड को हाथो से मसल रहा था लेकिन हकीकत का डर उसे वही जड़ बनाये खड़ा था | अपनी वासना के नशे में वो खुद को बहुत समझाने की कोशिश कर रहा था जो उसे रीमा की तरफ ले जाए लेकिन उसके अंदर का डर अभी भी बरकरार था | उसकी हवस और वासना से ज्यादा उस पर डर हावी हो रहा था

वह अपने आप को यह समझाने की कोशिश कर रहा था कि सिर्फ उसी का मन में इच्छा नहीं हो रही थी मैडम भी साथ सोना चाहती हैं और इसीलिए तो ऐसे नंगी होकर लेटी थी लेकिन नहीं फट्टू था जो पहले वो बाहर चला गया था वह अपने हाथ से लंड को मुठियाते मुठियाते रीमा के बिस्तर पर आ गया और कांपते हाथो और धड़कते दिल से रीमा के चूतड़ पर हाथ रख दिया | रीमा की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई दूसरे हाथ से वह अपने लंड को मुठीयाने लगा | उसने अपने हाथ को तीन चार बार रीमा के चूतड़ पर फेरा |

उसे डर तो बराबर लग रहा था लेकिन साथ ही में उसके अंदर की वासना भी पूरी तरह से उस पर हावी थे जैसे ही उसने अपने हाथों से

रीमा के बड़े बड़े उठे हुए मांसल चूतड़ों को स्पर्श किया उसके अंदर एक करेंट सा दौड़ गया क्या नर्म गरम नाजुक बदन है | गार्ड की हिम्मत बढ़ गयी थी | उसका हाथ रीमा के पीठ पर से फिसलते फिसलते रीमा की पीठ पर चला गया और उसके बाद में उल्टा वापस आते हुए उसके चूतड़ों को फिर से सहलाने लगा | उसका दूसरा हाथ रीमा उसके लंड को तेजी से मुठिया रहा था | रीमा के गोरे जिस्म को देखते देखते धीरे-धीरे उसकी नजर रीमा की गुलाबी चूत पर पड़ गई और उसका हाथ अनजाने में ही रीमा की गांड का छेद सहलाते हुए रीमा की मखमली चूत घाटी में उतर गया | उसकी सख्त उंगलियों में रीमा की चूत के गुलाबी ओंठो का नरम लेकिन गरम स्पर्श लगते ही जैसे गार्ड के लंड में झटका लगा हो | उसकी इक्षा हो रही थी वो रीमा को चोद दे, उसकी मखमली चूत में अपना फनफनाता लंड पेल दे लेकिन रीमा की चूत की खूबसूरती और कोमलता देखकर उसका मन बस उसे जीभर घूरते रहने में ही अटक गया | कैसे बेरहमी से चोद दे इस मक्खन जैसी कोमल गुलाबी चूत को | वो अपना हाथ रीमा की चूत पर फेर रहा था तभी रीमा के बदन में हरकत हुई | गार्ड ने धीरे से अपना हाथ खीच लिया | उसे लगा रीमा जाग गयी ............उसकी हालत ख़राब हो गयी, वासना में तैरता उसका मन दहसत से भर गया | सतर्क आँखों से वो रीमा को देखने लगा | कुछ देर की निश्चिन्ता के बाद उसने झट से अपने लंड की पिचकारी छोड़कर वहां से निकलने में ही भलाई समझी | उसे वहां से चले जाना चाहिए था लेकिन हाय री वासना, बड़े बड़े विद्वानों की बुद्धि फेर देती है ये फिर भी बुद्धिहीन इन्सान था | गार्ड अपने लंड को मुथियाता हुआ फिर से रीमा के करीब गया और अपनी सिर्फ एक उंगली रीमा की चूत की दरार पर लगायी | फिर ऊपर की तरफ आते हुए उसके गांड के कसे छेद पर उंगली घुमाने लगा | जीतनी खूबसूरत गुलाबी चूत उतना ही कसा हुआ सख्त रीमा की गांड का गुलाबी छेद | सफाचट चिकना मखमली इलाका और मांसल गद्देदार चुताड़ो की वो घाटी ऊऊ फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ऊपर वाले ने कितनी फुर्सत से बनाया होगा | उसका हाथ तेजी से रीमा की पिछली गुलाबी सुरंग के मुहाने पर घूम रहा था | उसके बाद गार्वाड की उंगलियाँ नीचे की तरफ चल दी और रीमा की चूत पर जाकर अटक गयी | जैसे ही गार्ड की उंगली ने रीमा की चूत की दरार को छुआ, वो चौक गया | ये गीलापन, रीमा की चूत रिस रही थी | गार्ड के तो होश उड़ गए, मतलब रीमा मैडम जाग रही है और मै जो भी कर रहा हूँ वो सब जान रही है | अब तो मेरी मौत निश्चित है .............अगले ही पल रुको रुको मतलब रीमा मैडम अगर जाग रही है तो मुझे रोका क्यों नहीं ..........................इसका मतलब रीमा मैडम चुदासी है | किसी औरत की चूत तभी पानी छोड़ती है जब वो चुदासी हो | गार्ड का एक पल का डर फुर्र हो गया और वो दोगुने जोश से अपने लंड को मसलने ;लगा |

उसने अपने हाथ की बीच की उंगली फिर से रीमा की चूत की दरार पर फिराई | उसने रीमा को हलके से आवाज दी - रीमा मैडम आप जाग रही है |

रीमा की तरफ से कोई आवाज नहीं आई | गार्ड कंफ्यूज हो गया | अगर रीमा मैडम जाग रही है तो बोल क्यों नहीं रही | अगर जाग नहीं रही है तो उनकी चूत गीली कैसे हो गयी | उसका दिमाग कही और था और उसकी उंगलियाँ कही और | उसके हाथ अपने आप ही खुद बखुद चल रहे थे | उसने दो उंगलियों से रीमा की चूत के गुलाबी फलक खोल दिए और उसके अंदर की गुलाबी

सुरंग का गुलाबी इलाका दिखने लगा | रीमा की गुलाबी सुरंग की झलक पाकर गार्ड बावला हो गया | गार्ड की हिम्मत बढ़ती ही जा रही थी और दूसरी तरफ रीमा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही थी इसलिए गार्ड के अंदर का जोश भी बढ़ गया था |

गार्ड तेजी से अपना लंड हिलाने लगा था | उसने रीमा की चूत के फलक अपनी उंगलियों से खोल
 
गार्ड तेजी से अपना लंड हिलाने लगा था | उसने रीमा की चूत के फलक अपनी उंगलियों से खोल दिए थे | रीमा की चूत पूरी तरह से कसी हुई बंद और पूरी तरह से टाइट थी | लेकिन उसकी गुलाबी रंगत देख कर के किसी भी मुर्दे का लंड खड़ा हो सकता था | गार्ड तो बस पागल हुए जा रहा था बहुत तेजी से अपनी लंड को मुठिया आ रहा था और अब वह धीरे-धीरे अपने अपनी उत्तेजना के चरम पर पहुंचने लगा था

उसका मन कर रहा था कि वह जाकर की रीमा मैडम के दोनों मांसल ठोस उरोंजो को कस कर मसल दे लेकिन रीमा उल्टा लेती थी इसलिए यह संभव नहीं था | या तो वो नंगी सोती रीमा को सीधा करें और फिर उनके उरोंजो को मसले या फिर वह रीमा की चूत में को ही मसल कर ही काम चला दे |

उसने अपने हाथ से रीमा के रुई की तरह नरम गद्चूदेदार चुतड़ों को सहलाने शुरू किया और दबाना शुरू किया |

इतने नरम नरम गद्देदार चूतड़ है रीमा मैडम की, तो चूत कितनी मखमली होगी | काश मै रीमा मैडम की चूत मारता तो कितना मजा आता | काश मै रीमा मैडम को पीछे से चोदता और उनके इन्ही मांसल बड़े बड़े गद्देदार चुताड़ो पर थपाथप थपाथप ठोकर पर ठोकर मार कर रीमा मैडम की चूत और चुताड़ो दोनों की पुंगी बजा देता | जो भी मैडम की चूत में पीछे से लंड घुसेड़कर मैडम को पीछे से चोदता होगा उसको तो सीधे जन्नत का सुख मिलाता होगा | गार्ड ने रीमा के चुताड़ो की पहली बार मुठ्ठी में भरकर मसला |

कितने रूईदार गद्देदार गोरे गोरे मांसल चूतड़ है रीमा मैडम के , इनको हाथ से मसलने में और छूने में इनको इतना मजा आ रहा है तो सोचो चोदने वाले को कितना मजा आता होगा | धीरे-धीरे उसने रीमा के चुताड़ो को मसलते मसलते मसलते रीमा की

चूत पर फिर से उंगली फिर आनी शुरू कर दी थी वह यह देखकर हैरान रह गया कि सोती हुई रीमा मैडम की चूत बुरी तरह से रस छोड़ रही थी | गार्ड ने मन ही मन में सोचा पता नहीं मैडम जाग रही है या नहीं .................ऐसा लगता है सो रही है लेकिन अगर सो रही है तो क्यों सो रही है सो रही है | इन चूतों की माया तो उपरवाला ही जाने , लेकिन मै अगर नहीं झड़ा तो मैं मर जाऊंगा | अब बस निकलने वाला है एक बार चूत में घुसेड़ लू रीमा मैडम की , क्या पता चलेगा उन्कहें अगर सो रही है तो |

अपने लंड को तेजी से मुठियाते हुए खुद ही बुदबुदाया - अगर कोई प्रॉब्लम होती तो अब तक मना कर देती | अब चाहे जाग रही हो या सो रही हो, क्या फर्क पड़ता है | एक बार तो मै जन्नत की मखमली सुरंग में घुसकर देखूँगा ही |

उसने अपनी बीच वाली उंगली रीमा की चूत की गुलाबी दरार पर फिर से घुमानी शुरू कर दी थी और उसके उसकी चूत पर आए हुए चूत रस को उसी के चूत के दरार पर रगड़ने लगा था | बार बार मन होता रीमा की चूत में लंड पेल दे लेकिन हिम्मत नहीं थी | बड़ी हिम्मत करके उसने रीमा की चूत के सुरंग के मुहाने पर उंगली टिकाई और जोर लगाकर डरते डरते उसे अन्दर घुसाने लगा |
 
रीमा की चूत पूरी तरह से पनियाई हुई थी गीली थी, गार्ड के उंगली आसानी से रीमा की चूत की सुरंग में फिसल गयी | उंगली पर मखमली जकड़न के गरम अहसास ने गार्ड की उत्तेजना में चार चाँद लगा दिए, उसका लंड बुरी तरह से अकड़ा हुआ था और तेजी से मुठीयाने के कारन गार्ड भी तेजी से हांफ रहा था | उसका बदन पसीने पसीने था उर उसकी शर्ट पेंट पसीने से नहा चुकी थी | उसने जोश जोश में अपनी पूरी उंगली रीमा की चूत में घुसा दी |

रीमा की चूत के फलक फैल गई और गार्ड की उंगली को पूरी तरह से अपने अंदर समेट लिया | रीमा की गुलाबी चूत की मखमली दीवारों की गरम जकड़न का अहसास ...............उसे ऐसा लगा जैसे उसे वह पूरी तरह से स्वर्ग में पहुंच गया हो .....वो पूरी तरह से

उत्तेजना में था और जैसे ही उसने अपनी उंगली को रीमा की चूत से बाहर खीचा वह खुद अपनी उत्तेजना को संभाल नहीं पाया | उसकी उत्तेजना का चरम बिखर गया और उसकी वासना का बांध टूट गया | उसके

लंड से पिचकारी छूटने लगी थी ऐसा लग रहा था जैसे वह खुद ही रीमा को चोद रहा हो और उसका तेजी से चलता हुआ हाथ

एकदम से झटके खाने लगा और उसके लंड से निकला हुआ सफेद गाढ़ा गरम लावा रीमा के चुताड़ो पर बिखरने लगा | गार्ड के हाथ तब तक नहीं रुके जब तक उसके लंड से पिचकारियाँ छूटनी बंद नहीं हो गयी |

रीमा आधी नीद में थी लेकिन जैसे ही उसके चुताड़ो पर कुछ गरम गरम का अहसास हुआ, रीमा की नीद टूट गयी | वैसे भी इतने खतरे के बीच ज्यादा देर तक गहरी नीद में सो पाना मुश्किल था | उसके सोते हुए अचेतन मन को तभी किसी की होने का अहसास हो गया था जब पहली बार गार्ड ने उसे छुआ था लेकिन वो नीद में थी और सोती रही | अचेतन मन गार्ड की हरकतों पर प्रतिक्रियां देता रहा | जब गार्ड ने उंगली घुसाई तब जाकर रीमा की नीद का सिलसिला टूटना शुरू हुआ लेकिन इतनी गहरी नीद से बाहर आने में कुछ समय तो लगता है | जब तक रीमा का मन उसे सचेत करके नीद से बाहर निकालता गार्ड की पिचकारियाँ छूटनी शुरू हो गयी थी | रीमा की नीद में दुबी लाल लाल आंखे खुल गयी | वो हालत समझने के लिए उसी तरह से लेती रही | गार्ड अपने लंड से आखिरी बूंद निचोड़ने तक लंड हिलाता रहा | उसके अन्दर की हवस की आग से बनी गरम लावे की आखिरी बूंद जब तक निचुड़ कर बाहर नहीं आ गयी, गार्ड का वासना का नशा नहीं उतरा | उसके बाद वो रीमा के नंगे जिस्म को देखता रहा लेकिन अचानक से उसे होश आया

और वह फिर से अपनी असली दुनिया में लौटा |

ये उसने सब क्या कर दिया, मैडम के ऊपर ही, अगर मैडम की आँख खुल गयी तो आफत हो जाएगी | उसने जल्दी से अपने मुरझाते हुए लंड को तेजी से अपनी पैंट के अंदर किया | और तेजी से बाहर की तरह जाने लगा |

रीमा को जब इसका अहसास हुआ तो नीच के बोझ से उंघती भारी आवाज से बोली - बस उतर गया नशा, बड़ी जल्दी और ये तुमारी पिचकारी पोछेगा कौन ?

गार्ड के तो जैसे पैरो के नीचे से जमीन खिसक गयी | गार्ड की फट के हाथ में आ गई थी | उसे पता था कि अगर मैडम को जरा से भी भनक लगी और उन्होंने सबके सामने मुंह खोल दिया तो साहब उसे चीर के रख देंगे | लेकिन यहाँ तो मैडम ने रंगे हाथो ही पकड लिया |

गार्ड के सामने अब कोई नहीं रास्ता शिवाय रीमा के चरणों में गिरने के | वो तेजी से लौटा और जमींन पर बैठ कर रीमा के पैर हाथ से थाम लिए |

गार्ड - मैडम गलती हो गयी |
 
रीमा कड़क हो बोली - नौटंकी मत करो मुझे सब पता है|

गार्ड बेचारा रुआंसा हो आया - मैडम गलती हो गयी |

रीमा - मैंने अपने बदन की एक झलक क्या दिखा दी मुझे मुझे चोदने के सपने देखने लगे थे |

गार्ड - नहीं मैडम मेरी इतनी हैसियत कहाँ |

रीमा - आने दो सूर्यदेव को, फिर निकालती हो तुमारी जवानी का जोश |

गार्ड - नहीं मैडम प्लीज ऐसा मत करना, जो आप कहोगी वो करने के लिए तैयार हूँ लेकिन साहब से शिकायत मत करना मेरी गर्दन काट देंगे |

रीमा को लगा गार्ड को अपने कब्जे में लेने का यही सही समय है, ज्यादा जोर डाला तो बागी भी हो सकता है |

रीमा - टेसुए मत बहावो, और अपनी हैसियत की चूत के सपने देखो |

गार्ड - मैडम बस हाथ ही से किया है, काबू नहीं रहा खुद पर | माफ़ कर दो मुझे |

रीमा - मेरे नाम का मुट्ठ मारना था तो बाहर जाकर मारते,(अपने चुताड़ो की तरफ इशारा करते हुए )...............लेकिन ये सब क्या है मेरे ही चूतड़ मिले थे तुमको गन्दा करने के लिए | सिर्फ गन्दा करना जानते हो इसे साफ़ कौन करेगा |

गार्ड लाचारी से - मैडम मैं आपसे क्या छुपाना ...............आपने तो मेरी चोरी पकड़ ली | वह आप इस तरह से उल्टा लेटी हुई थी और आप इतनी खूबसूरत है की आपको देखकर खुद को रोक नहीं पाया | आपकी खूबसूरती ने ऐसी आग लगायी की सब कुछ भूल गया ........................ इसलिए हाथ से खुद को काबू में नहीं रख सका तो इसलिए हाथ चलाने लगा था और देखते-देखते पिचकारी अचानक से छूट गई थी जिससे और मैं खुद को काबू नहीं कर पाया | मै सब साफ़ कर दूंगा |

रीमा - साफ़ तो तुम क्या तुमारा बाप भी करेगा | चलाओ अपनी जीभ से साफ़ करो |

गार्ड को रीमा की ये बात सुनकर उबकाई आ गई - छी मैडम |

रीमा - चाटते हो इसे या फिर गर्दन उतरवाने के लिए तैयार हो जाओ |

गार्ड की हिम्मत नहीं हो रही थी अपना ही सफ़ेद रस चाटने की |

रीमा अब पेट के बल से उठती हुई सीधी हुई - देखो तुमने मेरे नाम से मुठ मार ली | और मेरे चुताड़ो पर अपनी मलाई भी छोड़ दी | चलो अब ये भी बता दो मैं तुम्हें लगती कैसी हूं |

गार्ड की लाचारी का भाव कुछ कम हुआ उर उसकी आँखों में एक रौनक आ गयी - मैम आप तो कमाल हो आप भी ऐसा सवाल पूछ रही हो | मैडम आप बहुत खूबसूरत हो |

रीमा - क्या पहेलियाँ बुझा रहे हो , खुलकर बतावो, जैसे खुलकर मुझे देखा है नंगा | पूरा का पूरा नंगा |

गार्ड की हिम्मत थोड़ी और बढ़ी - मैडम अब आपकी तारीफ करना मतलब सूरज को दिया दिखाने जैसा है, मतलब आपका गोरा गुलाबी बदन कोई एक बार ही ढंग से देख ले तो रात को नींद नहीं आएगी, मैडम मैंने खुद को बहुत काबू करने की कोशिश करी लेकिन कर नहीं पाया |

रीमा - तो मेरे गोरे गुलाबी बदन में क्या सबसे खूबसूरत लगा तुम्हे ?

गार्ड - मैडम मै इतना पढ़ा लिखा तो हूँ नहीं की कवियों की तरह आपकी तारीफ कर पाऊ लेकिन आप सर से लेकर पैर तक हुस्न परी हो | आप किसी परी तरह खूबसूरत हो | हाथ पाँव नाक कान ऐसा लगता है जैसे किसी ने स्वर्ग से अप्सरा भेज दी हो |

रीमा - जब परियो जैसा खूबसूरत बदन है मेरा तो उस पर ये अपनी गन्दी पिचकारी क्यों निकाली | चलो इस परियो के गोरे बदन को चाट कर साफ़ करो |

गार्ड ने बड़ी हिम्मत की और रीमा के चूतड़ पर झुक गया | जैसे ही उसने रीमा ने नरम मखमली चूतड़ पर अपना हाथ रखा, उसके अन्दर की सारी उबकाई एक तरफ चली गयी और वो आराम से चाट चाट कर रीमा के चूतड़ और पीठ पर पड़ी उसकी पिचकारी की छींटे साफ़ करने लगा |

रीमा अन्दर से गार्ड की जीभ के गीले खुरदुरे स्पर्श से गुलगुला हो रही थी | उसे मर्उदों को अपना गुलाम बनाना बहुत अच्सेछा लगता था | उसे पता था उसे अपनी आजादी की चाभी मिल गयी है बस उसे कैसे इस्तेमाल करना है ये उसे सोचना पड़ेगा | उसे यकीन नहीं हो रहा था यहाँ वो इतनी खतरनाक जगह पर एक अनजान गार्ड के साथ चूत चुदाई की बाते कर रही है | उसने खुद से ही सवाल पूछ लिया क्या मै रीमा ही हूँ या कोई और |

इससे पहले रीमा अपने विचारो की दुनिया में खो जाती गार्ड ने रीमा की तन्द्रा तोड़ दी - मैडम आप घर में भी ऐसे ही रहती है, मैंने सुना है बड़े घरो की औरते घर के अन्दर नंगे ही रहते है या बस छोटे छोटे कपड़े पहनते है |

रीमा समझ गयी गार्ड की दिलचस्पी उसमे जग गयी है - पहले ठीक से मेरे बदन को साफ़ करो चाट कर | जो गन्येदगी फैलाई है उसे साफ़ करो | गार्ड चुपचाप रीमा को चटाने में लग गया |
 
रीमा कुछ देर चुप रहकर - अच्छा एक बतावो मुझ में सबसे अच्छा क्या लगा तुम्हे | मै तुम्हे कैसी लगी |

गार्ड - बहुत अच्छी |

रीमा - कितनी |

गार्ड - क्या बताऊ, कितनी अच्छी, आपके चूतड़ पर पड़ी मलाई से ही अंदाजा लगा लो |

रीमा - इस मलाई को निकालने के लिए क्या क्या देखा मेरे नंगे बदन में |

गार्ड शर्मा गया - सब कुछ सर से लेकर पाँव तक, जितना दिख रहा था सब कुछ , पीठ कमर चूतड़ जांघे और वो सब |

रीमा - वो सब क्या |

गार्ड - वो आपकी दरार |

रीमा - कौन सी दरार |

गार्ड - ये भी भला कोई बताने की चीज है |

रीमा - उसको छुआ |

गार्ड ने हामी से सर हिलाया |

रीमा - और क्या क्या किया ? छुआ उसे |

गार्ड - हाँ और उँगली भी |

रीमा हैरान थी उसे लग रहा था गार्ड ने सिर्फ उसे देखकर मुठ मारी है लेकिन उसे अंदाजा नहीं था गार्ड ने उसकी चूत में उंगली घुसेड़ी है | रीमा - तुमने मेरी चूत में उंगली घुसेड़ी, कैसा लगा |

गार्ड - मैडम बस जन्नत में जाकर जैसा लगता है |

रीमा कुछ सोचकर - अच्छा ये बतावो, मै तो सो रही थी, नंगी सो रही थी | मेरी चूत .....मेरा मतलब दरार तुमारे सामने थी, तुमारा लंड खड़ा था फिर तुमने उँगली क्यों घुसेड़ी सीधे लंड घुसेड देते |

गार्ड - अरे मैडम इतनी औकात कहाँ हम लोगो की, बस आपको देखकर थोड़ी प्यास जग गयी थी |

रीमा - तो तुम्हे क्या लगता है सिर्फ लंडो को प्यास लगाती है, चूतों को प्यास नहीं लगती | मै नंगी लेती हुई थी मेरी चूत तुमको दिख रही थी, तुम मुझको चोद भी तो सकते थे | मै सो रही थी तो क्या हुआ थी तो पूरी की पूरी नंगी | अपनी प्यास बुझा रहे थे एक बार मेरी चूत में डाल देते, हो सकता है मेरी प्यास भी बुझ जाती |

गार्ड के अन्दर का डर ख़त्म हो चूका था ....रीमा की बाते सुनकर गार्ड मन ही मन बोला मैडम तो चुदना चाहती थी तुम ही फट्टू निकले | गार्ड को छुप देख रीमा समझ गयी उसका तीर बिलकुल सही निशाने पर लगा है, उसकी चूत की लालसा गार्ड को मौत से भी लड़ने की हिम्मत दे देगी और वो रीमा के वो सब कुछ करेगा जो रीमा कहेगी |

रीमा - कुछ बोलोगे या लंड की तरह तुम भी झड़ गए हो |

गार्ड - अरे मैडम मैं गार्ड हूं मेरी क्या बिसात है आप बड़े घराने की हैं और मैं तो आपके ख्वाब भी नहीं दे सकता मैं तो एक

छोटा सा आदमी आदमी है गरीब आदमी |

रीमा - गरीब हो तो क्या हुआ हो तो इंसान ही ना, और आदमी कितना बड़ा अमीर हो गरीब हो लंड तो सबके पास होता है और चोदने की ख्वाइश भी | वैसे सच तो ये है अगर तुमने मुझे उस समय चोद दिया होता तो मेरे अन्दर तुमारे लिए इतनी इज्जत नहीं होती लेकिन अब मुझे लगता है तुम्हें एक शरीफ लड़के हो जो एक नंगी औरत सामने लेटी हुई देखकर चोदने का मौका पाने के बाद भी नहीं चोदता है | वरना आदमी चूत देखते ही पहले उसको चोदने की सोचने लगते सा है और तुम तो मेरे सामने भी आए मुझे देखा भी .................उसके बाद मुट्ठ भी मार के वापस जा रहे थे |

रीमा आगे बोली - तुम्हे हैरानी होगी लेकिन तुम्हे बताती हूँ मुझे ज्यादा खुशी मिलती अगर तुम मुझे उसी समय सोते सोते ही चोद

डालते हैं | वो अलग बात है इस समय मै तुम्हे गालियाँ दे रही होती लेकिन चूत ऐसी ही होती है चुदना उसकी ख्वाइश है बाकि बाते उससे अलग है |
 
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