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Adultery सेक्स स्लेव भाभी और हरामी देवर

PART-10

गौरव : ठीक है डॉक्टर साहब, आप अपना इलाज़ शुरू कीजिये

अनुराग : इस इलाज़ के लिए मुझे कुल पांच लोगों की जरूरत पड़ेगी-आम तौर पर तो हम अपने क्लिनिक के स्टाफ के लड़कों से ही काम चला लेते हैं

गौरव : नहीं...यह मत करो. पुनीत ने मुझे सुबह बताया था की उससे मिलने आज रोहित,मोहित और अमित आये हुये हैं-वे सब एक साथ मिलकर किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं- उन चारों को ही बुला लेते हैं-क्लिनिक के कर्मचारियों से बेहतर तो यही चार दोस्त हैं.

अनुराग : हाँ यह तो है- दोस्तों के बीच बात "सीक्रेट" भी रहेगी -ठीक है मैं उन सब को बुला लेता हूँ

शिवानी एकदम हैरान और परेशान होकर कभी गौरव की तरफ और कभी अनुराग की तरफ देख रही थी-उसे लग रहा था कि क्या अब उसका चीरहरण गौरव के अलावा उसके चारों अनजान दोस्तों के सामने किया जायेगा

शिवानी कहने लगी : यह मुझसे नहीं होगा -इतने सारे लोग मेरे साथ क्या करने वाले हैं ?

गौरव : चुप रह साली ... तुझसे जो कहा जाए चुपचाप करती जा -आज तेरी सारी हेकड़ी निकाल दूंगा

इतनी देर में अनुराग ने चारों दोस्तों को भी कमरे में बुला लिया था और वे सब अपने अपने तने हुए लण्ड पर हाथ फिराते हुए आगे आने वाले घटनाक्रम का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे.

अनुराग : आप सब लोगों को शिवानी के इलाज़ में सहयोग करना है -इन्हे बच्चा नहीं हो रहा है -इनके बच्चा तभी हो सकता है जब इन्हे सामूहिक रूप से मनमाने तरीके से 5-6 लोग एक साथ पेलें और साथ ही इनके साथ ऐसी सेक्स क्रियाएं करें जिनके बारे में इन्होने पहले कभी सोचा भी न हो -ज़ाहिर है कि अकेले इनके पति इनके साथ वह सब कभी नहीं कर पाएंगे जो हम 6 लोग मिलकर करने वाले हैं-इसलिए अगले एक घण्टे तक आप सभी को मेरे निर्देशों के हिसाब से काम करना है

शिवानी : मैं आप लोगों के हाथ जोड़ती हूँ-मुझे इतना ज़लील मत करो प्लीज़

अनुराग : आप अपने आप को जितना ज्यादा ज़लील होता महसूस करेंगी उतना ही आपके लिए बेहतर है- इलाज़ का मतलब ही यह है कि आप अपने आपको ज्यादा से ज्यादा ज़लील होता महसूस कर सकें.-पति के साथ सेक्स में आपको उस ज़लालत का अहसास नहीं हो पाता है-इसलिए आप अभी तक माँ नहीं बन सकी हैं- अब हम आपका पक्का इलाज़ करने के लिए ही यहां इकट्ठे हुए हैं-आप हमारा सहयोग करें-उसमे ही आपकी भलाई है

अनुराग ( सबकी तरफ देखकर बोलता हुआ) : देखिये शिवानी ने इस समय अपने बदन पर 5 कपडे पहने हुए हैं -साड़ी, पेटीकोट,ब्लाउज़, ब्रा और पैंटी -मैंने यह कागज़ की 5 चिटें बना रखी हैं -हर एक चिट पर किसी एक कपडे का नाम लिखा हुआ है -आप पाँचों रैंडम एक एक चिट बिना देखे उठा लो और उसके बाद मैं आपको आगे का गेम समझाऊंगा

यह कहकर अनुराग से कागज़ की पांच चिटें अपने हथेली पर रखकर सबसे उनमे से एक एक चिट उठाने के लिए कहा

सब लोगों ने एक एक चिट उठा ली और अनुराग के अगले निर्देश की प्रतीक्षा करने लगे

अनुराग : अब सब लोग अपनी अपनी चिटें खोलकर मुझे बताओ कि किसके पास कौन सी चिट है

गौरव : मेरे पास जो चिट है, उसमे ब्रा लिखा है

अमित : मेरे पास जो चिट है, उसमे साड़ी लिखा है

मोहित : मेरे पास जो चिट है, उसमे पेटीकोट लिखा हुआ है

रोहित : मेरे पास जो चिट है, उसमे ब्लाउज़ लिखा हुआ है

पुनीत :मेरे पास जो चिट आयी है, उसमे पैंटी लिखा है

अनुराग : वैरी गुड़ .अब मैं एक एक करके बारी बारी से जिसका भी नाम लूँगा वह अपनी चिट में लिखे हुए कपडे को शिवानी के बदन से अलग करेगा-इसके लिए उसे पूरे पांच मिनट का समय दिया जाएगा -इस पांच मिनट में शिवानी को ज्यादा से ज्यादा ज़लील करते हुए उसके खूबसूरत बदन से खेलते हुए आपको चिट में लिखा हुआ कपडा उतारना है

शेष अगले भाग में...
 
PART-11

अनुराग की बात सुनकर शिवानी एकदम गिड़गिड़ाने लगी : मैंने आप सब का क्या बिगाड़ा है ? मुझे पहले ही बहुत ज़लील किया जा चुका है-प्लीज़ मुझे और ज़लील मत करो...प्लीज़

शिवानी कमरे के बीचों बीच खड़ी हुई गिड़गिड़ा रही थी और कमरे में गौरव, अनुराग, अमित, मोहित, रोहित और पुनीत अलग अलग कुर्सियों पर हँसते-मुस्कुराते बैठे अपने अपने खड़े लंडों को सहला रहे थे.

अनुराग शिवानी से कहने लगा : मैडम आप को यह महसूस हो रहा है कि आपको ज़लील किया जा रहा है, यह इस बात का सुबूत है कि हमारा इलाज़ आप पर काम कर रहा है-आपको अगर जमींदार साहब के घर की बहू बने रहना है और अपने पति को अपने "बच्चे" का गिफ्ट देना है तो ज़लील तो होना ही पडेगा- इतना तो आपको करना ही पडेगा

अनुराग की बात सुनकर वहां सभी लोग हंसने लगे

अब अनुराग ने बोलना शुरू किया : अब बताओ कि साड़ी वाली चिट किसके पास है ?

अमित ( चहकता हुआ) : मेरे पास साड़ी वाली चिट है

अनुराग : अब अमित शिवानी की साड़ी को उसके खूबसूरत बदन से हटाने का काम करेंगे-इनके पास शिवानी से मज़े लेने के लिए पूरे पांच मिनट का समय है- इन पांच मिनटों में अमित शिवानी को जैसे चाहे इस्तेमाल कर सकते हैं

अनुराग की बात सुनते ही अमित अपनी कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया और शिवानी की तरफ आ गया -उसने एक ही झटके में उसकी साड़ी का पल्लू अपने हाथ में पकड़ा और उसे खींचते हुए उसके बदन से अलग करके एक तरफ फेंक दिया

शिवानी के बदन पर अब सिर्फ ब्लाउज़ और पेटीकोट नज़र आ रहा था -शर्म और ज़लालत से उसका चेहरा एकदम लाल हो चुका था और कमरे में बैठे बुए सभी लोग उसके सेक्सी बदन को देख देखकर अपने अपने लण्ड को सहलाने में व्यस्त थे-सभी को अमित के अगले कदम का भी बेसब्री से इंतज़ार था कि वह इन पांच मिनटों के समय में आखिर शिवानी को किस तरह ज़लील करके उन सबका मनोरंजन करने वाला है

शिवानी की साड़ी उतारने के बाद अमित दुबारा से अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गया और शिवानी को हुक्म देते हुए गुर्राकर बोला : चल अब इधर मेरे पास आकर खड़ी हो जा

शिवानी धीरे धीरे चलते हुए अमित के नज़दीक जाकर खड़ी हो गयी

अमित ने अपने लण्ड पर अपना हाथ फिराते हुए शिवानी से कहा : चल अब अपने कान पकड़ और गिनती करते हुए 20 उठक बैठक लगा -जल्दी जल्दी लगा ताकि 5 मिनट के अंदर तेरी सारी उठक बैठकें पूरी हो जाएँ -कालेज में तो तू हम लोगों को बड़ी हेकड़ी दिखाती थी-अब आज तेरी सारी हेकड़ी हम लोग दूर करने वाले हैं .

शिवानी ने अपने कान पकड़ लिए और उठक बैठक लगाने लगी

उसे उठक बैठक लगाते देख अमित मुस्कराकर बोला : साली क्या मस्त माल है -उठक बैठक लगाते टाइम और भी ज्यादा सेक्सी और हॉट लग रही है- मेरा बस चले तो सारी जिंदगी तुझसे ऐसे ही उठक बैठक लगवाता रहूँ

शिवानी जल्दी जल्दी गिनती बोलते हुए अपनी 20 उठक बैठक पूरी कर चुकी थी लेकिन अभी अमित के पास लगभग 2 मिनट का समय बाकी था-उसने अब शिवानी से कहा : चल इधर आकर मेरी टांगों के ऊपर लेट जा

शिवानी उसके नज़दीक आयी और अमित ने उसे अपनी दोनों फ़ैली हुई टांगों के ऊपर इस तरह से एडजस्ट कर लिया जिसमे उसकी पीठ उसके लण्ड के ऊपर टिक गयी थी, उसका चेहरा उसकी दायीं जांघ पर टिका हुआ था और उसके नितम्ब अमित की बाईं जांघ पर टिके हुए थे.

अमित ने अपने एक हाथ को उसके चिकने पेट पर फिराना शुरू कर दिया और अपने चेहरे को शिवानी के चेहरे के ऊपर लाते हुए उससे बोला : अपना मुंह खोल

शिवानी कुछ समझी नहीं और उसने अपना मुंह खोल दिया

अमित : ठीक से खोल और जब तक मैं बंद करने के लिए न कहूँ तब तक अपने मुंह को खोलकर रख

शिवानी ने अपने मुंह को थोड़ा और बड़ा करके खोल दिया

अमित ने अब उसके खुले हुए मुंह में दो तीन बार जोर से थूक दिया और हँसते हुए उससे बोला : अब मेरे इस थूक को प्रसाद समझकर निगल जा साली रंडी

अनुराग अब अमित से बोला : तुम्हारा टाइम ख़त्म हो गया है -अब "पेटीकोट" की चिट किसके पास है, वह शिवानी का पेटकोट फटाफट उतारे और इसको अपने हिसाब से थोड़ा ज़लील भी करे

पेटीकोट का नाम सुनते ही मोहित एकदम चहककर बोला : मेरे पास है पेटीकोट की चिट

मोहित अब शिवानी के पीछे जाकर उससे चिपककर खड़ा हो गया और अपने लण्ड को उसके नितम्बों पर दबाते हुए अपने एक हाथ से उसके चिकने पेट को सहलाने लगा-पेट सहलाते सहलाते उसने उसके पेटीकोट का नारा खींच दिया और उसका पेटीकोट सरककर नीचे जमीन पर गिर पड़ा. अब उसकी केले जैसी सुडौल चिकनी जांघें सब को दिखने लगीं थीं क्योंकि पेटीकोट उतरने के बाद वहां पर एक छोटी सी पैंटी ही बच गयी थी.

मोहित भी अब अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गया और शिवानी से बोला : चल इधर आकर मेरे जूते उतार

शिवानी उसके पैरों के नज़दीक जाकर झुकते हुए उसके जूतों के फीते खोलने लगी

मोहित के दोनों जूतों को उतारने के बाद शिवानी वहीं जमीन पर बैठ गयी

मोहित : मोज़े भी उतार साली

शिवानी ने आगे बढ़कर मोहित के मोज़े भी उतार दिए

अब मोहित ने अपने नंगे पैरों को शिवानी के खूबसूरत चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया. पहले उसने अपने दाएं पैर को उसके चेहरे के दायीं तरफ उसके गालों पर काफी देर तक रगड़ा और फिर उससे बोला : अपने होंठों से मेरे पैर के तलुवों को दस बार चूम और फिर इन्हे अपनी जीभ से चाट चाटकर साफ कर

शिवानी ने जैसे ही मोहित के पैर के तलवों को चूमा चाटना शुरू किया, सब लोग खिलखिला कर हंसने लगे और बोले : साली लौंडिया एकदम "सेक्स स्लेव" बनने लायक ही है

मोहित ने अपने 5 मिनट पूरा होने से पहले अपने दूसरे पैर के तलवे भी शिवानी से चटवा लिए थे.

To be continued..............
 
PART-12

अब अनुराग ने फिर से आवाज़ लगते हुए कहा : अब इसकी ब्लाउज़ उतारी जाएगी -ब्लाउज़ की चिट जिसके पास है, वह आगे आये

रोहित चहकता हुआ एकदम अपनी कुर्सी से उठकर खड़ा हो गया : मेरे पास है ब्लाउज़ की चिट

अनुराग : तो देखते क्या हो, उतार दे साली का ब्लाउज़ -हम सब ब्रा में कैसे हुए इसके मम्मे ही तो देखना चाहते हैं

रोहित शिवानी के पास पहुंचा, उसके ब्लॉउज़ के अंदर कैद मम्मों पर कुछ देर तक हाथ से सहलाया और फिर एक ही झटके में ब्लाउज़ का हुक खोलकर उसका ब्लाउज़ खोलकर एक तरफ फेंक दिया -अब शिवानी के बदन पर सिर्फ ब्रा और पैंटी बची थी.

शिवानी का ब्लाउज़ उतारने के बाद रोहित भी अपनी कुर्सी पर जाकर बैठ गया और शिवानी से बोला : इधर आकर मेरी गोद में बैठ चिकनी

शिवानी आगे बड़ी और रोहित की गोद में उसकी दायीं जांघ पर बैठने लगी

रोहित : ऐसे नहीं. यहां बीच में बैठ मेरे लण्ड पर. खूबसूरत लड़कियों को मैं अपने लण्ड पर ही बिठाता हूँ

रोहित अपने दाएं हाथ से उसके चिकने पेट और नाभि प्रदेश को मसल रहा था और बाएं हाथ से उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फिरा रहा था -अपने काले चेहरे को वह शिवानी के खूबसूरत गोरे गलों पर रगड़ते रगड़ते उसकी गर्दन पर चुम्बन जड़ रहा था -अचानक उसने उसके चेहरे को हाथ से पकड़कर अपनी तरफ मोड़ लिया और उसके रसीले होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में लेकर बेतहाशा चूमने लगा -रोहित के मुंह में से कुछ अजीब सी दुर्गन्ध आ रही थी क्योंकि उसने अभी कुछ समय पहले सब दोस्तों के साथ शराब पी थी-बाकी किसी और ने शिवानी के मुंह को चूमा नहीं था इसलिए उसने अब तक इसकी शिकायत नहीं की थी- शिवानी उसकी दुर्गन्ध युक्त चूमा चाटी से बहुत असहज महसूस कर रही थी -उसने अपने मुंह को रोहित से छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा : आपके मुंह से शराब की बहुत बुरी बदबू आ रही है -छोड़िये

रोहित ने उसके गालों पर दो चपत लगाते हुए कहा : अच्छा तुझे मेरे मुंह से दुर्गन्ध भी आने लगी -चल साली अपना मुंह खोल -अभी तेरे मुंह में सुगंध भरता हूँ. शिवानी ने जैसे ही अपना मुंह खोला, रोहित ने कई बार उसके मुंह में जोर जोर से थूका और कड़क आवाज़ में बोला : अब चुपचाप यह सारा थूक निगल जा रंडी

रोहित का समय पूरा होते ही अनुराग ने गौरव और पुनीत की तरफ देखा : इसकी ब्रा की चिट किसके पास है -आगे आओ और इसे ऊपर से पूरी तरह नंगा कर दो

ब्रा की चिट गौरव के पास थी- गौरव आगे बढ़कर शिवानी की तरफ आया और उसने बिना किसी फॉर्मेलिटी के उसकी ब्रा का हुक खोल दिया -शिवानी अपने हाथों से अपने मम्मे छिपाने की कोशिश करने लगी लेकिन गौरव ने उसे हुक्म दिया : अपने हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा और इस कमरे में बैठे सभी लोगों को अपने यह मस्त-मस्त मम्मे दिखा

शिवानी ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

गौरव शिवानी की पीठ से चिपककर खड़ा हो गया-उसका लण्ड शिवानी के मस्त-मुलायम नितम्बों पर अपना दबाब बना रहा था -गौरव के दोनों हाथ शिवानी के मम्मों से खेल रहे थे -लगभग दो मिनट तक शिवानी के बदन से खेलने के बाद गौरव शिवानी को पकड़कर अपनी कुर्सी के पास ले गया और खुद कुर्सी पर बैठने के बाद शिवानी से कड़क आवाज़ में बोला : चल यहां मुर्गा बनकर दिखा -कान पकड़कर मुर्गा बन जा

शिवानी आज से पहले कभी मुर्गा नहीं बनी थी -वह गौरव की तरफ देखकर बोली : मुझे मुर्गा बनना नहीं आता है

गौरव : जल्दी कर, नहीं तो बाहर से किसी नौकर को बुलाता हूँ जो तुझे मुर्गा बनाना सिखाएगा

गौरव की धमकी सुनते ही शिवानी एकदम फटाफट उसके पैरों के पास ही मुर्गा बन गयी

गौरव ने अपने दोनों पैर शिवानी की मुर्गा बनी हुई पीठ पर रख दिए और हँसता हुआ बोला : साली तूने मुझे कालेज में सबके सामने थप्पड़ मारा था -आज देख मैंने तेरी क्या हालत कर दी है -तू आज मेरे साथ -साथ और 5 लौंडों के सामने नंगी होकर मुर्गा बनी हुई है -आज तुझे अपनी औकात मालूम पड़ चुकी है या नहीं , जल्दी बोल

शिवानी : जी मुझे अपनी औकात मालूम पड़ चुकी है अब मुझे माफ़ कर दीजिये

यह सब करते करते गौरव का समय भी ख़त्म हो चला था और अब आखिर में पैंटी की चिट पुनीत के पास बची थी.

पुनीत की मदद से ही इस सारे काण्ड को अंजाम दिया जा रहा था क्योंकि यह क्लिनिक पुनीत की मम्मी डॉक्टर उर्मिला का ही था-जहां इस सारी साज़िश को रचा जा रहा था

पुनीत अपनी कुर्सी से नहीं उठा. कुर्सी पर बैठे बैठे ही उसने शिवानी को हुक्म दिया : इधर आकर खड़ी

हो जा चिकनी -और अपने हाथ ऊपर ही उठाकर रख. इस पोज़ में तू बड़ी सेक्सी और हॉट लग रही है

शिवानी धीरे धीरे चलती हुई पुनीत के सामने जाकर खड़ी हो गयी

पुनीत ने अपना हाथ उसकी पैंटी के वैस्ट बैंड में घुसाकर उसकी चिकनी योनि पर अपने हाथ को कुछ देर मसला और फिर एक झटके से उसकी पैंटी को नीचे खिसका दिया और अब शिवानी एकदम निर्वस्त्र खड़ी थी

कमरे में 6 मर्द शिवानी के निर्वस्त्र बदन को देख देखकर अपनी अपनी ऑंखें सेंक रहे थे और अपने अपने हथियारों पर हाथ फिरा रहे थे.-उसके दोनों हाथ ऊपर उठे हुए थे- उसने शर्म की वजह से अपनी ऑंखें बंद करने की कोशिश की लेकिन पुनीत उससे बोला : अपनी ऑंखें खोल चिकनी और जरा इसी पोज़ में गोल गोल घूमकर सबको अपने इस खूबसूरत बदन की पूरी झलक दिखा. चल अब घूमना शुरू कर

अब शिवानी अपने हाथ ऊपर उठाकर अपने बदन को गोल-गोल घुमाने लगी -कमरे में बैठे सभी लोग अब उसके बदन को हर एंगल से साफ़ देख पा रहे थे और अपने कमेंट भी करते जा रहे थे

लगभग 4 मिनट तक शिवानी के बदन की इसी तरह नुमायश लगवाने के बाद पुनीत ने उससे कहा : चल अब नीचे फर्श पर बैठ मेरे सामने और अपना मुंह खोल कर दिखा

शिवानी फर्श पर पुनीत के सामने बैठ गयी लेकिन मुंह नहीं खोला

पुनीत फिर गुर्राया : मुंह खोल साली

शिवानी ने अपना मुंह खोल लिया

पुनीत ने अपनी जींस ने अंदर से अपना लण्ड बाहर निकाला और उसे शिवानी के मुंह की तरफ करके उस पर अपने लण्ड में से पेशाब की पिचकारी उसके मुंह पर छोड़ दी और बोला : तेरे मुंह में जितना भी पेशाब गया है, सब का सब पी जा और तेरे चेहरे की सफाई तो मेरे पेशाब से हो ही चुकी है-उसके लिए मुझे शुक्रिया अदा कर

डरी सहमी शिवानी अपनी जान छुड़ाने के लिए फटाफट बोल पडी : थैंक यूं सर

सब लोगों में शिवानी के इस थैंक यूं पर तालियां बजायीं और कहा : यह लौंडिया एक परफेक्ट सेक्स स्लेव है -भैया ने तो इसका इस्तेमाल नहीं किया लेकिन देवर इस चिकनी का ठीक से इस्तेमाल करेगा

शेष अगले भाग में
 
PART-13

शिवानी के सारे कपडे उतारे जा चुके थे और अब वह एकदम निर्वस्त्र अवस्था में सभी के सामने अपने बदन की नुमायश कर रही थी -उसने अपने दोनों हाथ भी ऊपर उठा रखे थे जिसकी वजह से उसका पूरा खूबसूरत बदन और उसके सारे अंग साफ़ साफ़ सबको दिख रहे थे

गौरव,पुनीत,अमित,मोहित और रोहित शिवानी के कपडे उतारने के दौरान ही काफी मज़े ले चुके थे लेकिन अनुराग अभी तक यह सब तमाशा सिर्फ देख रहा था -अब उसे लगा कि उसे भी लगे हाथों शिवानी के खूबसूरत बदन से जी भरकर मज़ा ले लेना चाहिए

अनुराग ने शिवानी की तरफ देखते हुए कहा : इधर आओ मेरे नज़दीक

शिवानी अनुराग के नज़दीक जाकर खड़ी हो गयी

बाकी के सभी लोग उत्सुकता से अनुराग की तरफ देख रहे थे कि अब भला डॉक्टर अनुराग शिवानी के साथ क्या करने वाला है

अनुराग के सामने शिवानी आकर खड़ी हुई तो अनुराग ने उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फेरते हुए कहा : चलो अपनी टाँगे खोलो

शिवानी ने अपनी टाँगे खोल दीं तो अनुराग ने उसकी चिकने योनि प्रदेश पर अपना हाथ फिराना शुरू कर दिया और हँसते हुए कहने लगा : वैसे तो इस चिकनी लौंडिया का सारा बदन की मस्त है लेकिन इसका यह चिकना योनि प्रदेश एकदम ख़ास है-यहां हाथ फेरने पर ऐसा लगता है मानो किसी मक्खन के ढेर पर हाथ फेर रहे हों.

यह कहते कहते अनुराग ने अपनी एक उंगली उसकी योनि के अंदर डाल दी और उसे आगे पीछे करने लगा. उंगली को अंदर बाहर करते करते ही अनुराग सबकी तरफ देखकर बोला : आप सब लोगों ने इसका जो इलाज़ किया है, उसका असर दिख रहा है-यह नीचे से पूरी तरह गीली हो चुकी है और इस समय पेले जाने के लिए एकदम तैयार है

अनुराग ने अपनी उंगली उसकी योनि में से बाहर निकाली और शिवानी से बोला : चल नीचे फर्श पर बैठ

शिवानी नीचे बैठ गयी

अनुराग : मुंह खोल अपना

शिवानी ने अपना मुंह खोल दिया

अनुराग ने अपनी उंगली उसके मुंह में डाल दी और बोला : इसे चाट चाट कर साफ़ कर

शिवानी से काफी देर तक उंगली चटवाने के बाद अनुराग उससे बोला : जाओ अब बेंच पर जाकर लेट जाओ-अब तुम्हारा फाइनल इलाज़ किया जाएगा

शिवानी बेंच पर जाकर लेट गयी

अनुराग : अब जैसा मैं कहता हूँ, सब लोग उस तरह से काम करेंगे. अमित,रोहित और मोहित इसके मुंह की तरफ खड़े हो जाएँ और बारी बारी से इस से अपना लण्ड चुसवाएं और बाद में उसे इसकी जीभ से साफ़ भी करवाएं

नीचे इसकी योनि काफी गीली हो चुकी है, वहां मैं, गौरव और पुनीत बारी बारी से अपना लण्ड डालकर इसे नीचे से पेलने का काम करते हैं-यह सारा इलाज़ एक साथ होना चाहिए

शिवानी बेबस थी लेकिन फिर भी वह चीखती चिल्लाती हुई कहने लगी : यह सब मत करो मेरे साथ-और कितना ज़लील करोगे मुझे ? अब मुझे छोड़ दो प्लीज़...

शिवानी की फ़रियाद पर ध्यान दिए बिना सब के सब उसके खूबसूरत बदन को रौंदने के लिए एक साथ टूट पड़े

मोहित, अमित और रोहित ने बारी बारी से लण्ड चुसवाने के बजाये अपने अपने लण्ड एक साथ निकाल लिए और उसके मुंह में एक साथ डालने की कोशिश करने लगे -उन लोगों की इस कोशिश में उनके लण्ड को शिवानी अपने चेहरे और गालों पर महसूस कर रही थी -हर कोई अपना लण्ड उसके मुंह में घुसाना चाह रहा था और जिसका भी लण्ड फिसलकर उसके मुंह से बाहर आ रहा था, वह उसके गालों पर चपत लगाकर कह रहा था : अंदर ले साली चूस इसे

उधर अनुराग ने शिवानी की योनि में अपना लंड डालकर उसे पेलना शुरू कर दिया था और गौरव और पुनीत अपनी बारी का इंतज़ार करते करते उसकी चिकनी जाँघों पर हाथ फेर रहे थे.

जब तीनों ने शिवानी को नीचे से पेल लिया तो उन्होंने अमित, रोहित और मोहित से कहा : अब तुम लोगों ने अपने अपने लण्ड इस लौंडिया से चुसवा लिए हैं-अब तुम सब बारी बारी से इसे नीचे से भी पेलकर मज़ा ले लो -इसके बच्चा तो तभी होगा जब यह नीचे से भी हम सब से पेली जाएगी

यह कहने के बाद अब अनुराग, गौरव और पुनीत शिवानी के मुंह की तरफ चले गए और अमित,मोहित और रोहित शिवानी की योनि की तरफ आ गए और उसे दुबारा से पेलना शुरू कर दिया

जब उन सब ने शिवानी को ऊपर नीचे दोनों तरफ से पेल पेलकर अपनी पूरी तसल्ली कर ली तो अनुराग बोला : अब आज का इलाज पूरा हो गया है-तुम उठकर अपने कपडे पहनो और आज के बाद अपने गौरव देवर जी की आज्ञा का पूरी तरह पालन करो. अगर इनकी बात नहीं मानी तो इन्हे मजबूरन तुम्हे फिर से यहां इलाज़ के लिए लेकर आना पडेगा

शिवानी और बाकी सभी लोगों ने अपने अपने कपडे पहन लिए -वहां से रवाना होने से पहले अनुराग,अमित,रोहित ,मोहित और पुनीत ने एक बार फिर से शिवानी के चेहरे और होंठों को चूमकर आज आखिरी बार मज़े लिए

गौरव शिवानी को लेकर क्लिनिक के बाहर आ गया और अपनी बाइक पर बैठ गया -उसके पीछे शिवानी बैठ गयी

शिवानी ने अपने दोनों हाथों से गौरव को पकड़ रखा था ताकि वह बाइक से गिर ना जाए लेकिन अब गौरव बोल्ड हो चुका था और उसकी हिम्मत अब बढ़ गयी थी. वह शिवानी से बोला : अपने दोनों हाथों को आगे लाकर मेरे लण्ड पर रखो और इसे धीरे धीरे अपने हाथों से सहलाती रहो

गौरव की इस बात को मानने के लिए शिवानी ने अपने बदन को उसकी पीठ से और अधिक कसकर सटा दिया और उसके नरम-मुलायम मखमली मम्मों की गर्मी भी अब गौरव अब अपनी पीठ पर महसूस कर रहा था

घर आने के बाद गौरव ने अपनी मम्मी पापा को बताया : भाभी का मेडिकल चेक अप ठीक से निपट गया है-कोई बहुत ख़ास परेशानी वाली बात नहीं है -मामूली से इलाज़ की जरूरत थी जो डॉक्टर साहब ने कर दिया है और उन्होंने कहा है कि भाभी अब अगले कुछ ही महीनों में गर्भवती हो जायेगी.

इसके बाद गौरव और शिवानी दोनों पहली मंज़िल पर अपने अपने कमरों में आराम करने चले गए

शेष अगले भाग में ...
 
PART-14

जब से शिवानी गौरव के साथ अपना मेडिकल चेक अप कराकर घर वापस आयी थी, उसकी और गौरव की दुनिया पूरी तरह बदल चुकी थी

गौरव को अब यह लग रहा था कि जिस तरह से आज शिवानी को उसने अपने जाल में बुरी तरह फंसाया है, उसके बाद वह अब उसकी "परफेक्ट स्लेव" बन चुकी है -गौरव इस बात को सोच सोच कर ही उत्तेजित हुआ जा रहा था कि अब शिवानी के साथ वह सब कुछ मनमाने तरीके से कर सकता है जो अभी तक वह सिर्फ पोर्न फिल्मों में ही देखता आया है

गौरव यही सब सोचता सोचता अपने मोबाइल फोन में एक पोर्न वीडियो देखने लगा. वह कमरे में आराम से सोफे पर बैठा हुआ था और उसने अभी तक अपने कपडे जूते वगैरा भी नहीं उतारे थे -पोर्न फिल्म देखते देखते वह जींस में कैद अपने लण्ड पर भी हाथ फिरा रहा था

अचानक ही गौरव को लगा कि उसे अब यह सब करने की क्या जरूरत है-अब उसे पोर्न फिल्म देखकर मास्टरबेशन करने की बजाये शिवानी के साथ सब कुछ लाइव ही करने से भी रोकने वाला कौन है ? यही सोचते हुए उसने मोबाइल को बंद करके एक तरफ रख दिया और शिवानी को ज़ोर से आवाज़ लगाई : शिवानी क्या कर रही हो, इधर आओ मेरे कमरे में

क्योंकि गौरव और शिवानी के कमरे एकदम साथ साथ सटे हुए थे और दोनों के दरवाज़े भी खुले ही रहते थे इसलिए एक कमरे की आवाज़ दुसरे कमरे तक आसानी से चली जाती थी

शिवानी ने गौरव की आवाज़ सुनी तो वह दौड़ी दौड़ी गौरव के कमरे में आ गयी

शिवानी अपने कपडे बदल चुकी थी और उसने इस बीच फ्रेश होकर फ्रंट ज़िप वाला सफ़ेद रंग का गाउन भी पहन लिया था जो उसके खूबसूरत और सेक्सी बदन पर खूब जँच रहा था

गौरव ने अपने लण्ड को सहलाते सहलाते शिवानी की तरफ देखा और उससे बोला : चल नीचे बैठ और मेरे जूते उतार

शिवानी अभी तक क्लिनिक पर उसके साथ हुई दुर्गति को भूल नहीं पायी थी-उसे लगा था कि यह वह सब एक बुरा सपना था और उसे भूलने की कोशिश कर रही थी लेकिन जिस तरह से गौरव उस पर हावी होने की कोशिश कर रहा था उसे देखकर शिवानी को इस बात का अंदाज़ा हो चुका था कि अब आगे आने वाले समय में उसके साथ इस घर में क्या क्या होने वाला है-इस बात को सोचकर ही वह एकदम सिहर सी उठी थी और उसकी योनि भी अपने आप गीली होने लगी थी. वह खुद हैरान थी कि वह यह सब सोच सोचकर इतनी उत्तेजित कैसे हो रही है और गौरव की कड़क आवाज़ सुनकर उसकी योनि गीली क्यों हो रही है

वह यह सोचने में इतनी व्यस्त हो गयी कि गौरव के उस हुक्म को ही भूल गयी जिसमे उसने उसे नीचे फर्श पर बैठकर जूते उतारने का आदेश दिया था

गौरव एकदम गुस्से से बोला : तूने सुना नहीं मैंने क्या कहा ? अब तुझे इस की सजा अलग से मिलेगी -चल अब अपना गाउन खोल और नीचे बैठकर मेरे जूते उतार

शिवानी एकदम अपने सोच विचार से बाहर निकली और अपने गाउन की ज़िप को नीचे खिसकाने लगी -उसकी काले रंग की ब्रा और उसमे कैद उसके मम्मे एकदम क़यामत लग रहे थे-उसने अपनी ज़िप को अपनी नाभि तक लाकर छोड़ दिया और नीचे फर्श पर बैठने लगी लेकिन गौरव ने उसे रोकते हुए कहा : पूरा गाउन खोल साली -तुझे यह बात अब समझ लेनी चाहिए कि मेरी हर छोटी से छोटी बात भी तुझे पूरी तरह माननी है वर्ना तुझे सख्त से सख्त सजा मिलेगी

शिवानी ने अपनी ज़िप को नीचे तक पूरा खिसका दिया और उसकी काले रंग की पैंटी भी अब गौरव के सामने थीं

शिवानी उसी हालत में अब फर्श पर बैठकर गौरव के जूतों के फीते खोलने लगी

जूते उतारने के बाद शिवानी उठने लगी तो गौरव फिर से गुर्राकर बोला : तुझसे उठने के लिए किसने कहा ? जब तक मैं न कहूँ, ऐसे ही बैठी रह और अब मेरे मोज़े भी उतार

शिवानी ने उसके पैरों से अब मोज़े भी उतार दिए

गौरव : अब मेरे पैरों की चूमा चाटी शुरू कर

शिवानी ( गिड़गिड़ाते हुए ) : यह सब क्यों कर रहे हो मेरे साथ ? मैंने क्या किया है आखिर ?

गौरव : तुमने कुछ नहीं किया है मेरी जान. तुम बहुत खूबसूरत हो और मुझे खूबसूरत लौंडियों के साथ इस तरह खेलने में बहुत मज़ा आता है -चल अब देर मत कर और अपने होंठों से मेरे पैरों को चूमते हुए अपनी जीभ से उन्हें चाट चाटकर साफ़ कर

बेबस शिवानी नीचे झुककर उसके पैरों को चूमने चाटने लगी- गौरव ने उससे अपने पैरों के तलवे भी चटवा लिए और फिर उसके बाद अपने पैरों को उसके चेहरे पर रगड़ते हुए बोला : मुझे उम्मीद है कि अब तक तुझे अपनी औकात समझ में आ गयी होगी -अब तेरी असली जगह मेरे क़दमों में ही है- क्या समझी ?

शिवानी : जी

गौरव : क्या जी, ठीक से खुलकर बोल

शिवानी : मेरी जगह आज से आपके क़दमों में ही है

गौरव : आज से मेरी हर बात, मेरी हर इच्छा तेरे लिए एक हुक्म के सामान है-जिसका हर हालत में पालन होना चाहिए -मैं कहूँ कि खड़ी हो जा तो तुझे खड़ा होना पड़ेगा और मैं कहूँ कि बैठ जा तो तुझे बैठ जाना होगा- समझी ?

शिवानी : जी अब मैं समझ गयी हूँ -ऐसा ही होगा

गौरव : "अब मैं समझ गयी हूँ- आगे से ऐसा ही होगा सर" -इस तरह से बोलकर दिखा

शिवानी : जी सर, अब मैं समझ गयी हूँ-आगे से ऐसा ही होगा सर.

गौरव अब हँसता हुआ बोला : चल अब खड़ी होकर अपने बाकी के कपड़े भी उतार दे और घुटनों के बल बैठकर मेरे लण्ड को अपने मुंह में ले ले

शिवानी ने अपने बाकी के सारे कपडे भी उतार दिए और घुटनों के बल बैठकर उसके लण्ड को अपने मुंह में लेकर उसे चूसने लगी

गौरव उसके गालों पर हल्की हल्की चपत लगाते हुए मुस्करा रहा था और बोल रहा था : अब मुझे अपने हाथों का इस्तेमाल करके मास्टरबेशन करने की कोई जरूरत नहीं है- अब तो मुझे तेरे मुंह में लण्ड डालकर ही मास्टरबेशन का असली मज़ा आ रहा है

गौरव अब एकदम निरंकुश हो गया था और शिवानी के साथ इस तरह पेश आता था मानो वह उसकी खरीदी हुई गुलाम हो

शिवानी भी अब हर समय गौरव से डरी और सहमी रहती थी और उसकी हर जायज़ नाजायज़ बात को चुपचाप मान लेने में ही अपनी भलाई समझती थी

विवेक की गैर हाज़िरी में तो गौरव ने शिवानी को अपना "सेक्स टॉय" जैसा बना रखा था

शिवानी भी धीरे धीरे इन सब बातों की अभ्यस्त सी हो गयी थी

गौरव अब किसी भी समय उसके कमरे में घुस आता था और उसका मुंह खुलवाकर उसमे अपन लण्ड डाल देता था -रात को शिवानी गौरव का बिस्तर गर्म करती थी और वह उसे जी भरकर पूरी रात पेलता रहता था

शेष अगले भाग में
 
Part 15

अगले दिन सुबह लगभग 11 बजे का वक्त था। गौरव और शिवानी नाश्ता करने के बाद अपने अपने कमरे में बैठे हुए थे। हमेशा की तरह गौरव आज भी शिवानी के जिस्म के साथ खिलवाड़ करने की योजना बना रहा था। उसी समय उसके फोन की घंटी बज उठी।

गौरव ने फोन उठाया। उसके बचपन का दोस्त परवेज़ था। पहले वह गांव में ही रहता था लेकिन बाद में वह शहर जाकर सरकारी नौकरी करने लगा था।

परवेज फोन पर बोला : मैं शहर से गांव आज सुबह ही आया हूँ और तुझसे मिलने आ रहा हूँ। तू घर पर ही है ना ?

गौरव बोला : अरे भाई आ जा मैं घर पर ही हूँ और भाभी को भी साथ लेकर आना। उनसे भी मुलाकात हो जाएगी

कुछ ही देर में परवेज अपनी वाइफ हिना के साथ गौरव के घर पहुंच गया। गौरव ने उन दोनों को ऊपर अपने कमरे में ही बुला लिया।

परवेज की वाइफ हिना को गौरव ने पहली बार देखा तो देखता ही रह गया। वह बला की खूबसूरत थी। दोनों की शादी को 6 महीने ही हुए थे।

गौरव ने हिना को शिवानी से परिचय करवा कर उसके कमरे में ही बिठा दिया और वे दोनों आपस मे बातें करने लगीं। इधर अपने कमरे में गौरव परवेज के साथ गप्पें लगाने लगा।

बातों बातों में परवेज़ ने गौरव को बताया : यार मेरी वाइफ तो शहर की मॉडर्न लड़की है और मुझे अभी भी गांव वाला समझती है। वह अपने मूड के हिसाब से ही काम करती है और फर्स्ट नाईट के अलावा हम लोगों ने पिछले 6 महीने में मुश्किल से 10 बार ही सेक्स किया है। कुछ समझ नहीं आता क्या करूं।

गौरव एकदम चालू लौंडा था। वह समझ गया कि हिना और परवेज की क्या समस्या है।

गौरव उससे बोला : भाई, इसमे सारी गलती तेरी ही है। हर लड़की यह चाहती है कि उसका मर्द उसे रौब दाब में रखे। तुम शायद उसकी यह इच्छा पूरी नही कर पा रहे हो

परवेज : क्या बात कर रहा है यार ? रौब दाब में रखने का क्या मतलब होता है, मैं कुछ समझा नही।

गौरव : देख भाई मेरी तो शादी भी नही हुई है लेकिन मैंने तो अपनी भाभी शिवानी को भी अपने रौब दाब में रखा हुआ है और उससे पूरे मज़े ले रहा हूँ।

परवेज : यार यह औरतों को रौब दाब में रखने का फार्मूला हमे भी सिखाओ।हम तो बड़े परेशान है

गौरव : चल मैं तुझे पहले यह दिखाता हूँ कि औरतों को रौब दाब में कैसे रखा जाता है और उसके मर्दों को क्या फायदे होते हैं

यह कहने के साथ ही गौरव परवेज़ को शिवानी के कमरे में लेकर आ गया जहां वह बिस्तर पर बैठी हिना से बातें कर रही थी

गौरव परवेज के साथ सोफे पर बैठ गया और कड़क आवाज़ में शिवानी से बोला : शिवानी इधर आओ

शिवानी एकदम सकपका गई और बिस्तर से उठकर गौरव के पास आकर खड़ी हो गई

गौरव : तुमने परवेज और हिना को चाय पानी के लिए पूछा अभी तक ?

शिवानी : नही। मैं अब लेकर आ जाती हूँ

गौरव : अब मैंने याद दिला दिया तो तुम चाय पानी लाओगी। मतलब तुम्हे अब यह सब भी मुझे बताना पड़ेगा।

शिवानी : जी गलती हो गई। अब आगे से ऐसा नही होगा

गौरव : तुम्हे इस गलती की सज़ा मिलेगी। चलो कान पकड़ो और दस बार उठक बैठक लगाओ

शिवानी को बहुत शर्म और जलालत महसूस हो रही थी। हिना और परवेज़ बड़ी हैरानी से यह तमाशा देख रहे थे

हिना बीच मे बोलने भी लगी : अरे किसी फॉर्मेलिटी की जरूरत नही है। हम लोग तो चाय नाश्ता घर से करके ही चले थे

गौरव ने हिना की बात अनसुनी करते हुए शिवानी से फिर कहा : जल्दी कान पकड़ और गिनती बोलते हुए दस बार उठक बैठक लगा या फिर मैं तेरे---

इससे पहले कि गौरव आगे कुछ और बोलता, शिवानी ने अपने दोनों कान पकड़ लिए और गिनती बोलते हुए उठक बैठक लगाने लगी

गौरव की जीन्स के अंदर उसका लंड एकदम तनकर खड़ा हो गया था। उसने एक नज़र परवेज़ की तरफ डाली और देखा कि उसकी पैंट के अंदर भी बहुत लंबा टेन्ट बन गया था

शेष अगले भाग में----
 
PART-16

जब शिवानी दस उठक बैठक लगा चुकी तो गौरव उससे बोला : ठीक है, अब तुम हिना का ख्याल रखो और देखो उसे हमारे यहां कोई परेशानी न हो- मैं तब तक अपने कमरे में परवेज़ भाई के साथ बातचीत करता हूँ

यह कहकर गौरव परवेज के साथ अपने कमरे में आ गया और शिवानी और हिना अपने कमरे में रह गए

गौरव के जाने के बाद हिना के मन में शिवानी से मज़े लेने का ख्याल आने लगा. दरअसल हिना लेजबियन थी और इसीलिए उसे लड़कों के साथ सेक्स करने में कम दिलचस्पी थी और लड़कियों के साथ मस्ती करने का वह कोई भी मौका नहीं छोड़ती थी. जब से उसने शिवानी को सब के सामने कान पकड़ कर उठक बैठक लगाते देखा था, तभी वह समझ गयी थी कि शिवानी से आसानी से मज़े लिए जा सकते हैं

शिवानी पहले की तरह दुबारा से बिस्तर पर आकर बैठ गयी और हिना की तरफ देखने लगी हालांकि जो कुछ भी अभी कुछ देर पहले हुआ था, उसकी वजह से वह बहुत ज़लालत महसूस कर रही थी और हिना से आंखें भी नहीं मिला पा रही थी

हिना बहुत शरारती थी और वह शिवानी की तरफ देखकर मुस्कुराते हुए बोली : तुमसे यह उठक बैठक अक्सर लगवाई जाती हैं या फिर कभी कभी ?

शिवानी तो पहले ही इस मामले को लेकर काफी ज़लालत महसूस कर रही थी लेकिन लग रहा था कि हिना उसे और ज्यादा ज़लील करने के मूड में थी

शिवानी ने बात टालने के लिए कह दिया : नहीं, यह सब कभी कभी होता है

हिना : उठक बैठक लगाने के अलावा और क्या क्या करती हो ? जब सजा मिलती है तो क्या तुम्हे उसमे मज़ा भी आता है ?

शिवानी : अरे छोड़ो न- कोई और बात करते हैं

हिना : और क्या बात करें- मुझे तो इन्ही बातों में मज़ा आता है- जिस बात में मुझे मज़ा आएगा वही बात करूंगी या फिर कोई भी बेकार बात करना शुरू कर दूंगी

शिवानी चुप हो गयी और कुछ नहीं बोली

हिना ने टांगों तक की स्कर्ट और स्लीवलेस टॉप पहना हुआ था और वह पालथी मारकर बिस्तर पर बैठी हुयी थी- शिवानी ने फ्रंट ज़िप वाला गाउन पहना हुआ था और वह भी उसके सामने ही बिस्तर पर पालथी मारकर बैठी हुयी थी.

अचानक हिना ने अपनी आवाज़ को थोड़ा कड़क करते हुए शिवानी से कहा : ऐसा करो जरा दरवाज़े को अंदर से बंद कर दो

शिवानी बिस्तर से उठी और दरवाज़े को अंदर से बंद करके दुबारा से बिस्तर पर आकर बैठ गयी

शिवानी जैसे ही बिस्तर पर वापस आकर बैठी, हिना उससे बोली : अपने गाउन की ज़िप खोलो और मुझे खुश करो

शिवानी हिना की बात सुनकर एकदम सकते में आ गयी : क्या ???????? तुम यह क्या बकवास कर रही हो ?????? तुम्हारा दिमाग तो ठीक है ना ??????

हिना : ठीक है कोई बात नहीं. मैं अब चलती हूँ और आपके देवर जी गौरव अगर पूछेंगे कि इतनी जल्दी क्यों जा रही हो तो कह दूंगी कि तुम मेरे साथ लगातार बदतमीजी कर रही हो

शिवानी ( घबराये हुए स्वर में) : लेकिन मैंने तो आपसे कोई बदतमीजी नहीं की है

हिना : मेरी बात नहीं मान रही हो यही सबसे बड़ी बदतमीजी है

यह कहकर हिना से बिस्तर से उठकर दरवाज़े की तरफ जाने लगी

शिवानी को लग रहा था कि अगर इसने गौरव से कुछ भी अनाप शनाप बोल दिया तो वह इन सबके सामने ही बहुत ज्यादा ज़लील करेगा

उसने हिना को रोकते हुए कहा : प्लीज़ मत जाओ...रुक जाओ यहीं

हिना भी वहां से कौन सा जाने वाली थी. वह तो सिर्फ शिवानी को अपने जाल में फंसाना चाहती थी

हिना लौटते हुए बोली : मैं यहां एक ही शर्त पर रुकूंगी कि तुम मेरी हर बात मानोगी-बोलो मंज़ूर है ?

शिवानी : हाँ मुझे मंजूर है

हिना अब सोफे पर पैर फैलाकर बैठ गयी और शिवानी से बोली : चलो अब फटाफट अपने सब कपडे उतारो और अपने हाथ ऊपर करके खड़ी हो जाओ

शिवानी ने अब अपने गाउन की ज़िप खोल दी और उसे एक तरफ रख दिया

अब उसके बदन पर सिर्फ एक ब्रा और पैंटी बची थी

हिना ने अपने होंठों पर अपनी जीभ फिराते हुए कहा : साली तू तो एकदम सॉलिड मस्त माल है -तेरा देवर तो तुझे खूब पेलता होगा -पति भी पेलता ही होगा -इतने मस्त माल को कौन छोड़ता है भला -मैं भी कहाँ छोड़ रही हूँ -चल अब बाकी के कपडे भी उतार और अपने हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा

शिवानी ने अपनी ब्रा और पैंटी बी उतार दी और अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो गयी

हिना अब सोफे से उठकर शिवानी के पास आ गयी और उसके निर्वस्त्र बदन पर अपने दोनों हाथ फिराने लगी -शिवानी के दोनों मखमली मम्मों को अपने हाथों से मसलते हुए हिना ने उसके होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में ले लिया और उसे बेतहाशा चूमने चाटने लगी

शिवानी को यह सब बड़ा अजीब इसलिए लग रहा था क्योंकि आज से पहले कभी किसी लड़की ने उसके बदन को इस तरह से नहीं दबोचा सहलाया था लेकिन हिना तो एक एक्सपर्ट लेजबियन थी -वह शिवानी के मस्त मस्त नितम्बों को थपथपा कर बोली : चल अपनी टाँगे खोल

शिवानी ने जैसे ही अपनी टाँगे खोलीं, हिना ने उसके योनि प्रदेश को सहलाते हुए अपनी एक उंगली उसकी योनि में दाल दी और फिर शरारती मुस्कान के साथ बोली : क्या कहने हैं-तुम तो एकदम गीली हो चुकी हो-इसका मतलब तुम्हे यह सब पसंद आ रहा है-मैं तो तुम्हे उठक बैठक लगाते देखकर ही समझ गयी थी कि तुम्हे इस बात में मज़ा आता है कि कोई तुम पर हावी होकर अपनी मनमानी करवाये

हिना ने कुछ देर बाद अपनी उंगली शिवानी की योनि में से निकाली और उसे शिवानी के होंठों के नज़दीक ले जाकर बोली : चल मुंह खोल और इसे अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ़ कर

शिवानी से अपनी उंगली को काफी देर तक चटवाने के बाद हिना खुद भी काफी गर्म हो चुकी थी और राहत की तलाश में थी

वह फिर से सोफे पर जाकर बैठ गयी और शिवानी से बोली : इधर आकर घुटनों के बल बैठ और मुझे खुश कर

यह कहकर हिना ने अपनी स्कर्ट ऊपर उठाते हुए अपनी भीगी पैंटी नीचे खिसका दी और शिवानी के चेहरे को खींचकर अपने योनि प्रदेश पर लाकर बोली : यहां चूमा चाटी करके मुझे खुश कर चिकनी

शिवानी का पूरा चेहरा हिना की योनि से निकल रहे पानी से गीला हो चुका था लेकिन हिना उसके दोनों गालों पर चपत मार मारकर लगातार कहती जा रही थी : ठीक से चाट साली....अपनी जीभ को अन्दर तक घुसाकर मुझे खुश कर

हिना ने अपनी पूरी तसल्ली के बाद शिवानी को अपनी गिरफ्त से आज़ाद किया-उसके बाद उन दोनों ने वाशरूम में जाकर अपने अपने चेहरे को साफ़ किया और अपने कपडे पहनकर दरवाज़े को अंदर से खोल दिया

शेष अगले भाग में......
 
Part 17

उधर गौरव और परवेज़ गप्पें लगाने में व्यस्त थे।

परवेज़ : भाई गौरव तू तो बड़ा जबरदस्त आदमी निकल। अपनी भाभी को तूने पूरी तरह से अपने कंट्रोल में कर रखा है और एक हम हैं कि अपनी वाइफ भी कंट्रोल नही हो रही है। अब तो तुझे ही मेरी मदद करनी पड़ेगी

गौरव : जो मैंने शिवानी के साथ किया है, वह तुम भी हिना के साथ कर सकते हो। इसमे कोई बहुत बडी टेकनीक नही है। बस यह समझने की जरूरत है कि लगभग हर औरत यही चाहती है कि उसे मर्द अपने काबू में करके रखे। एक बार हर लड़की या औरत को ट्रेनिंग की जरुरत होती है। एक बार उसे ट्रेनिंग दे दो बस उसके बाद तुम्हारी सारी जिंदगी मौज ही मौज है

परवेज़ : यार मुझे एक बात बता। तू अभी शिवानी से कान पकड़कर उठक बैठक लगवा रहा था और वह शर्म की वजह से लगा नही रही थी लेकिन तूने जब उससे कुछ और कहना शुरू किया तो वह तेरी बात खत्म होने से पहले ही फटाफट उठक बैठक लगाने लगी। आखिर वह क्या बात थी यार जिससे वह इतना डर गई

गौरव : अरे मैं उससे यह कहने जा रहा था कि अगर उसने फटाफट उठक बैठक लगानी शुरू नहीं की तो मैं उसके कपड़े उतरवाकर उठक बैठक लगवाऊंगा। वह समझ गई कि एक बार मेरे मुंह से जो बात निकल गई वह उसे पूरी करनी पड़ेगी इसलिए वह फटाफट शुरू हो गई थी

परवेज़ : क्या यह ट्रेनिंग हिना को भी मिल सकती है भाई । मैं तो ऐसी ट्रेनिंग के लिए मुंह मांगी फीस भी देने के लिए तैयार हूं जिसमे खूबसूरत लौंडिया भी तुम्हारी सेक्स स्लेव बनकर रह जाये

गौरव : अरे हिना को तो ट्रेनिंग मैं ही दे दूंगा। तेरे लिए इतना तो कर सकता हूँ

परवेज़ : फिर बता कब और कैसे ट्रेनिंग शुरू करनी है

गौरव : बस 3 दिनों के लिए हिना को मेरे पास छोड़ दे। चौथे दिन जब तू हिना को वापस लेने आएगा तो तेरे साथ एक नई हिना ही जायेगी जो तेरे इशारों पर नाचेगी। तू कहेगा कि हिना खड़ी हो जा तो खड़ी हो जाएगी और तू जब कहेगा कि हिना नीचे बैठ जा तो वह बैठ जाएगी

परवेज : यार मेरा लंड तो यह सब सोच सोचकर ही खड़ा हुआ जा रहा है। जब हिना को यह ट्रेनिंग मिल जाएगी तो वह भी मेरे इशारों पर नाचना शुरू कर देगी

परवेज ने हिना को गौरव के पास ही छोड़ दिया। हिना भी खुशी खुशी वहां रहने के लिए तैयार जो गई क्योंकि उसे लग रहा था कि वह यहां शिवानी के साथ मज़े करेगी लेकिन उसे यह नही मालूम था कि अगले तीन दिनों में उसकी लाइफ बिल्कुल बदलने वाली थी

शाम के 5 बज गए थे। परवेज हिना को छोड़कर जा चुका था। गौरव हिना की खूबसूरत जवानी को चखने के लिए बेचैन हो रहा था। अपने टाइट स्लीवलेस टॉप और स्कर्ट मे वह गजब ढा रही थी और गौरव का लंड उसके बारे में सोचकर लगातार कड़क होता जा रहा था

शिवानी को अभी तक यह नही पता था कि गौरव के दिमाग मे हिना को लेकर क्या चल रहा है। वह तो यही सोच सोचकर परेशान थी कि अब तीन दिनों तक उसे गौरव और हिना दोनों मिलकर पेलेंगे

शिवानी यह सब सोच ही रही थी कि गौरव उससे बोला : शिवानी, अगले 3 दिन तक हिना को हम दोनों मिलकर ट्रेनिंग देंगे ताकि इसकी मैरिड लाइफ खुशी खुशी कट सके।

हिना गौरव की यह बात सुनकर एकदम सकते में आ गयी : कैसी ट्रेनिंग ? मुझे कौन सी ट्रेनिंग दी जाएगी ? मुझे नही लेनी कोई ट्रेनिंग

शिवानी को अब सब कुछ समझ आ गया था कि अब गौरव हिना को अगले 3 दिनों तक बुरी तरह से पेलने वाला है जिसे यह सारी जिंदगी याद रखेगी

अभी गौरव अपने कमरे में था और सोफे पर बैठा हुआ था। शिवानी और हिना भी सोफे के सामने रखी कुर्सियों पर बैठी थीं

अचानक गौरव कड़क आवाज़ में हिना की तरफ देखता हुआ बोला : चल खड़ी हो जा-अब तेरी ट्रेनिंग शुरू होगी

गौरव के चेहरे पर शरारत भरी मुस्कान साफ दिख रही थी जिसे शिवानी भली भांति जानती थी लेकिन हिना एकदम अनजान थी

हिना उठकर खड़ी नही हुई तो गौरव ने शिवानी से कहा : लौंडिया थोड़ा झिझक रही है । तुम जरा इसकी मदद करो

शिवानी गौरव का इशारा समझ गई और उठकर हिना के पास आ गयी

शिवानी तो पहले ही हिना से बदला लेने के मूड में थी और अब तो उसे मौका मिल गया था। उसने हिना के दोनों गालों पर जोरदार दो थप्पड़ लगाते हुए कहा : खड़ी हो रंडी। ज्यादा नखरे दिखाएगी तो तुझे नंगा करके खुली छत पर मुजरा करवाऊंगी

हिना अपने दोनों गाल सहलाते हुए कुर्सी से उठकर खड़ी हो गई : यह क्या मज़ाक बना रखा है तुम दोनों ने। मुझे परवेज़ से बात करनी है कि यह सब क्या बदतमीजी है

हिना परवेज से बात करने के लिए अपने मोबाइल फोन की तरफ जैसे ही बढ़ी, शिवानी ने उसके हाथ से मोबाइल छीनकर गौरव को पकड़ा दिया और हिना से सख्त आवाज़ में बोली : चल अपने सारे कपड़े उतार और अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर खड़ी हो जा

गौरव ने हिना के मोबाइल को स्विच ऑफ करके अपने पास रख लिया और हिना की तरफ देखकर अपनी जीन्स में कैद लण्ड को सहलाने लगा

शेष अगले भाग में
 
PART-18

हिना शिवानी की तरफ देखकर गिड़गिड़ाती हुई बोली : प्लीज़ ऐसा मत करो...मेरे सारे कपडे मत उतरवाओ ...मुझे बहुत शर्म आती है... मैंने तो आज तक परवेज के लिए भी अपने सारे कपडे नहीं उतारे हैं

शिवानी अपनी मस्ती में थी -उसने एक बार फिर से हिना के गाल पर थप्पड़ लगाया और बोली : जल्दी कर साली, नखरे मत दिखा.

हिना ने गौरव की तरफ देखा की शायद वह कुछ मदद करे लेकिन गौरव तो अपने चेहरे पर शरारती मुस्कान बिखेरते हुए अपने लंड को सहलाने में व्यस्त था

हिना ने और कोई रास्ता न देख अपने टॉप को उतारना शुरू कर दिया -अब उसका चिकना गोरा बदन उसकी नीले रंग की ब्रा में साफ़ दिख रहा था

शिवानी ने ब्रा में कैद उसके मम्मों को दबाया और उसके चिकने पेट पर अपना हाथ फिराते हुए बोली : चल अब स्कर्ट भी उतार

हिना ने एक बार शिवानी और और फिर गौरव की तरफ देखा और बोली : अब बस करो...और कपडे मत उतरवाओ..मैं आप दोनों के हाथ जोड़ती हूँ

शिवानी ( हँसते हुए) : हाथ पैर भी जोड़ लेना लेकिन पहले कपडे उतार कर अपना खूबसूरत बदन तो दिखाना ही पडेगा-इसे किसके लिए छुपा कर रखा हुआ है साली

यह कहते हुए शिवानी ने खुद अपने हाथ से उसकी स्कर्ट के नाड़े को खींच दिया और एक पल में ही उसकी स्कर्ट सरककर नीचे जमीन पर गिर पडी

अब हिना सिर्फ ब्रा और पैंटी में लगभग निर्वस्त्र ही खड़ी हुई थी और उसका गोरा चिकना और मखमली बदन नुमायश पर लगा हुआ था

इससे पहले कि शिवानी हिना की ब्रा और पैंटी भी उतरवाती, गौरव शिवानी से बोला : शिवानी, अब तुम कुर्सी पर बैठ जाओ-अब आगे की ट्रेनिंग इस लौंडिया को मैं खुद दूंगा

यह कहकर गौरव सोफे से उठकर हिना के पास आ गया और बोला : चल अपने दोनों हाथ ऊपर उठा ले

हिना ने अपने दोनों हाथ ऊपर उठा लिए

गौरव ने अपना हाथ हिना के चिकने पेट पर फिराते हुए उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी बार को एक तरफ फेंक दिया -इसके बाद गौरव अपनी उंगली को उसके मखमली मम्मों पर घुमाता हुआ उससे बोला : परवेज ने कभी तेरे साथ ऐसे मज़े लिए हैं क्या ?

हिना : नहीं.. मैंने तो कभी परवेज को भी अपने साथ यह सब बदतमीजी नहीं करने दी जो तुम लोग मेरे साथ कर रहे हो...मैं उससे तुम लोगों की शिकायत करूंगी

गौरव : साली अगर परवेज को यह सब करने देती तो आज तू हमारे सामने अपनी इस खूबसूरती की नुमायश करती हुई इस तरह खड़ी नहीं होती

गौरव ने अपना हाथ उसकी पैंटी में घुसा दिया और उसकी उसकी टांगों के बीच में चिकने योनि प्रदेश पर हाथ फिराने के बाद उसकी पैंटी को भी उतार कर फेंक दिया

गौरव ने एक बार उसके खूबसूरत बदन को जी भरकर देखा कर फिर बोला : साली क्या मस्त और सेक्सी माल है -इसके साथ तो अगले तीन दिन तक बहुत मज़ा आने वाला है

गौरव अब हिना के पीछे जाकर उससे चिपककर खड़ा हो गया और अपने लंड के उभार को उसने हिना के मस्त सुडौल नितम्बों पर रगड़ना शुरू कर दिया -गौरव के हाथ हिना के गोर चिकने दूधिया मम्मों से खिलवाड़ करने में व्यस्त थे और अपने चेहरे को वह हिना की गर्दन और गलों पर रगड़ रगड़ कर मौज ले रहा था

शिवानी यह सब कुर्सी पर बैठकर देख रही थी. उसने अपने हाथ में एक चमड़े का हंटर पकड़ रखा था ताकि हिना अगर कोई शरारत करे तो उसको सबक सिखाया जा सके.

गौरव ने अचानक उसके चेहरे को अपनी तरफ किया और उसके होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में लेकर चूसने लगा -इस बीच हिना ने जैसे ही अपने हाथ नीचे किये, शिवानी ने एक जोरदार हंटर उसके योनि प्रदेश पर मारते हुए कहा : हाथ ऊपर रख साली -जब तक तुझे हाथ नीचे करने के लिए न कहा जाए, तुझे अपने हाथ इसी तरह ऊपर रखने हैं-इसी पोज़ में तू बहुत सेक्सी लग रही है

यह सब करते करते अचानक गौरव के फोन की घंटे बजने लगी. घंटी बजते ही उसे ध्यान आया कि साढ़े 6 बज चुके हैं और उसे तो कहीं जरूरी मीटिंग के लिए पहुंचना था-उसने फोन उठाकर कहा : बस मैं रास्ते में हूँ, अगले दस मिनट में पहुँच रहा हूँ.

गौरव ने अब शिवानी से कहा कि इसके हाथ ऊपर ही रहने दो और उन्हें रस्सी से बांध दो ताकि यह कोई प्रॉब्लम खड़ी न करे तुम्हारे लिए

शिवानी ने पास से एक रस्सी उठाई और हिना से बोली : चल नीचे फर्श पर बैठ

हिना जैसे ही नीचे फर्श पर बैठी , शिवानी ने उसके ऊपर उठे हुए हाथों को एक रस्सी से कसकर बाँध दिया और बोली : अब फिर से खड़ी हो जा

हिना अब फिर से उठकर खड़ी हो गयी

गौरव शिवानी से यह कहकर चला गया : मैं डिनर के टाइम 9 बजे तक वापस आ जाऊँगा -तब तक तुम इसे अपने हिसाब से ट्रेनिंग देती रहना

गौरव के जाने के बाद अब हिना और शिवानी कमरे में अकेले रह गयीं थीं. शिवानी अब सोफे पर बैठ गयी थी और हिना उसके सामने पूरी तरह से न सिर्फ निर्वस्त्र अवस्था में खड़ी हुई थी, बल्कि उसके हाथ ऊपर उठे हुए थे और रस्सी से बंधे हुए थे . हिना पूरी तरह से बेबस थी और शिवानी के रहमो करम पर थी.

शेष अगले भाग में
 
PART-19

शिवानी पिछले काफी दिनों से खुद ही बहुत परेशान थी क्योंकि उसे गौरव बुरी तरह से पेल रहा था- आज बहुत लम्बे समय बाद उसे ऐसा मौका मिला था जब गौरव का ध्यान उसकी तरफ से हटकर कुछ दिनों के लिए हिना की तरफ चला गया था

शिवानी इस सुनहरे मौके का भरपूर फायदा उठाना चाह रही थी. वह हिना की तरफ देखकर हंसती हुई बोली : क्यों चिकनी, अब कैसा लग रहा है ? उस दिन तो बहुत ओवर स्मार्ट बन रही थी और मुझे ब्लैकमेल कर रही थी आज खुद ही नंगी होकर मेरे सामने खड़ी है- मज़ा आ रहा है ना ?

हिना : मुझे माफ़ कर दो मैडम. मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गयी थी. अब मुझे और ज़लील मत करो और मुझे घर जाने दो

शिवानी : जाने देंगे...जल्दी क्या है-अभी तो तुम्हारे साथ बहुत कुछ होना बाकी है-बहुत लम्बी ट्रेनिंग है पूरी तीन दिनों की-अभी तो एक दिन भी नहीं हुआ है -अब चलो जरा मुझे 100 बार उठक बैठक लगाकर दिखाओं

हिना ने उठक बैठक लगानी शुरू नहीं कीं तो शिवानी ने अपने हाथ में पकडे हुए चमड़े के हंटर को उसके खूबसूरत बदन पर दो तीन बार जोर से लहराते हुए मारा, हंटर लगते ही वह चीखने चिल्लाने लगी और बोली : प्लीज़ अब मत मारो...मैं उठक बैठक लगा रही हूँ

यह कहकर हिना उठक बैठक लगाने लगी. उसके हाथ ऊपर रस्सी से बंधे हुए थे इसलिए वह उठक बैठक लगाते समय और भी अधिक सेक्सी और हॉट लग रही थी

कान पकड़कर उठक बैठक लगाना आसान होता है लेकिन इस पोजीशन में उठक बैठक लगाना हिना को बहुत मुश्किल पड़ रहा था क्योंकि वह अपना संतुलन नहीं बना पा रही थी. शिवानी उसकी प्रॉब्लम को समझ चुकी थी लेकिन वह तो मज़े लेने के मूड में थी. उसने हिना की परेशानी को थोड़ा और बढते हुए कह दिया : जरा अपनी टाँगे खोलो और फिर उठक बैठक लगाओ -ऐसे मज़ा नहीं आ रहा है

शिवानी लगातार अपने मोबाइल में हिना की इस उठक बैठक का वीडियो बना रही थी

हिना : मेरी वीडियो क्यों बना रही हो मैडम, प्लीज़ ऐसा मत करो...

शिवानी : सुन चिकनी, 3 दिन बाद तू तो यहां से चली जायगी लेकिन मुझे तुझसे अपनी गुलामी अब पूरी जिंदगी करवानी है -अब जब तक तू मेरे हुक्म का पालन करती रहेगी-तेरी यह वीडियो मेरे पास सुरक्षित रहेंगी, नहीं तो इन्हे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा

हिना अब तक 40 उठक बैठक लगा चुकी थी और अब बहुत थकी हुई लग रही थी. वह शिवानी से बोली : मैडम प्लीज़...अब और उठक बैठक मत लगवाओ...मैं बहुत थक गयी हूँ-आप और जो भी कुछ करने के लिए मुझे बोलेंगी, मैं वह सब करने के लिए तैयार हूँ

शिवानी को तो अपने कानों पर यकीन ही नहीं हो रहा था-चिकनी लौंडिया हिना जो अपने पति को भी हाथ नहीं लगाने देती थी, अब शिवानी के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार है

हिना जो कुछ भी बोल रही थी, शिवानी उसकी वीडियो बनाती जा रही थी. शिवानी हिना से बोली : अब जरा बोल की मैं सारी जिंदगी के लिए शिवानी मैम की गुलाम बनने के लिए भी तैयार हूँ

हिना बोलने लगी : मैं आज से शिवानी मैम की सारी जिंदगी के लिए गुलाम बनने के लिए तैयार हूँ

अब शिवानी उस से बोली : चल अब तुझे उठक बैठक लगाने की जरूरत नहीं है-अब मैं तुझे ऐसा काम देती हूँ, जिसमे तुझे आराम ही आराम मिलेगा -चल इधर मेरी टांगों से सामने आकर घुटनों के बल बैठ जा

हिना शिवानी के सामने आकर बैठ गयी

शिवानी ने अपने एक पैर को हिना के खूबसूरत चेहरे पर रगड़ना शुरू कर दिया -शिवानी उसे ज्यादा से ज्यादा ज़लील करना चाहती थी और इस सबकी वह अपने मोबाइल में वीडियो भी बनाती जा रही थी. अपने पैर के अंगूठे को शिवानी ने हिना के होंठों पर फिराते हुए कहा : इसे अपने मुंह में लेकर इस तरह से चूस जैसे गौरव का लण्ड चूस रही हो

अंगूठा चुसवाने के बाद शिवानी ने अपने तलवे हिना के आगे करते हुए हँसते हुए कहा : अब जरा मेरे पैरों के तलवे भी चाट साली

अपने दोनों पैरों के तलवे चटवाने के बाद शिवानी भी काफी गर्म हो चुकी थी-उसने हिना से कहा : चल अब इधर आ और मुझे अपनी चूमा चाटी से खुश कर

हिना समझ गयी थी की उसे अब क्या करना है

शिवानी ने अपने गाउन की फ्रंट ज़िप खोलकर अपनी पैंटी नीचे खिसका दी और अपने गीले हो चुके चिकने योनि प्रदेश को हिना के चेहरे पर सटा दिया

हिना उसे चूम चाट रही थी और अपनी जीभ को उसकी योनि के अंदर भी डाल रही थी -हिना यह चाहती थी कि अब शिवानी उससे खुश हो जाए और उसे कुछ मुश्किल ट्रेनिंग न दे

हिना जिस तरीके से शिवानी को खुश कर रही थी उससे शिवानी भी उसके प्रति कुछ नरम होती जा रही थी -हिना से अपनी चूमा चाटी करवाने के बाद शिवानी उसे वाशरूम में ले गयी और उसके चेहरे को खुद ही धोकर पोंछ दिया क्योंकि हिना के हाथ बंधे हुए थे और वह उसके हाथ खोलना नहीं चाहती थी.

वाशरूम से बाहर आते आते रात के आठ बज गए थे. अब शिवानी हिना से बोली : देखो तुमने मुझे काफी खुश भी किया है और मेरी सेक्स स्लेव भी बनने के लिए राजी हो गयी हो-इसलिए अब मैं तुम्हे इसका इनाम दे रही हूँ -जब तक गौरव नहीं आता , तब तक तुम्हे खड़ा रहने की जरूरत नहीं है-तुम यहां सोफे पर मेरी गोद में आकर बैठ जाओ -मैं तुम्हारे इस चिकने गोरे मखमली बदन से खिलवाड़ करती रहूंगी -अगर तुम्हे मेरा यह ऑफर पसंद नहीं हो तो तुम अपने हाथ ऊपर करके पहले की तरह खड़ी हो सकती हो

हिना : नहीं मैम, मैं आपकी गोद में बैठने के लिए तैयार हूँ-आप जितना चाहें जैसे चाहें मेरे बदन से खिलवाड़ कर सकती हैं -अब तो मैं आपकी गुलाम हूँ

शिवानी (खुश होती हुई ) : आजा चिकनी बैठ जा मेरी गोद में

हिना शिवानी की गोद में आकर बैठ गयी. उसके हाथ हालांकि अभी भी ऊपर की तरफ बंधे हुए थे लेकिन कम से कम उसे अब खड़े होने से राहत मिल गयी थी

शिवानी के हाथ में हिना अब एक ऐसा खिलौना थी जिसके हाथ बंधे हुए थे, बेबस थी और पूरी तरह निर्वस्त्र थी

शिवानी उसके पूरे बदन पर अपने हाथ फिरा फिराकर मौज ले रही थी- बीच बीच में वह उसके अंगों को चूम भी रही थी -हिना की योनि में शिवानी ने अपनी उंगली घुसा दी थी और उसे आगे पीछे कर रही थी-उंगली निकलने के बाद शिवानी से उस उंगली को हिना के होंठों पर रखते हुए कहा : इसे चाटो

हिना से उंगली चटवाने के बाद उसने हिना से कहा : चल अब जरा अपना मुंह खोल

हिना कुछ समझी नहीं और उसने अपना मुंह खोल दिया

शिवानी : थोड़ा और चौड़ा कर अपने मुंह को

हिना से अपने मुंह को और चौड़ा करके खोल दिया

हिना के मुंह में शिवानी ने दो तीन बार जोर जोर से थूकते हुए कहा : मेरे इस सारे थूक को मेरा प्रसाद समझकर निगल जा मेरी जान

हिना बेबस थी और वह समझ रही थी कि शिवानी उसकी बेबसी का भरपूर फायदा उठा रही -वह चुपचाप शिवानी के थूक को भी निगल गयी

जब नौ बजने में पांच मिनट का समय था, तब शिवानी ने हिना को अपनी गोद से उठाते हुए कहा : अब चल दुबारा से खड़ी हो जा -अब गौरव आने वाला होगा

हिना अब गोद से उठकर दुबारा से खड़ी हो गयी और शिवानी से पूछने लगी : मैम प्लीज़ मुझे बताओ कि इस ट्रेनिंग में और क्या क्या होगा -कुछ ज्यादा परेशानी तो नहीं होगी ?

शिवानी : देख जैसे तू मुझे खुश कर रही है अगर ऐसे ही गौरव सर को भी खुश रखेगी तो तुझे कुछ प्रॉब्लम नहीं होगी - प्रॉब्लम तभी होगी जब गौरव की या मेरी बात नहीं मानेगी

हिना : जी मैम. अब मैं समझ गयी

शेष अगले भाग में.....
 
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