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Adultery Hawas ke ghulam ( हवस के गुलाम )

सभी लड़कियाँ.. हां बोलती है कि तभी पूजा बोलती हैनहीँ पहले हम भी तो थोड़ी बहुत पी ले.. ऐसा दिन रोज रोज नहीं आता..

पायल: नशे मे थी फिर भी बोली हाँ मुझे भी पीनी है..

आरती: लो गर्ल्स तुम्हारी ख्वाहिश में पूरी कर देती हूँ.. (आरती ट्रे में 6 ग्लास लेकर आती है. सभी लड़कियाँ अपने अपने ग्लास उठा लेती है)

पूजा इशारे से आरती को पूछती है.. आरती इशारे से कामया की ओर देखती है..

पूजा घबराते हुए..

पूजा: कामया सुनो तो..

कामया: ड्रिंक होंटो से लगाई ही थी कि पूजा की आवाज़ सुन कर चोंक जाती है..

पूजा कामया के हाथ से ड्रिंक लेकर ट्रे में रख देती है और बोलती है..

पूजा: अब वक़्त आगया है डीजे की वॉल्यूम थोड़ी ज़्यादा करने का..

कामया चोन्क्ते हुए डीजे की वॉल्यूम बढ़ाने जाती है कि पूजा कामया का ग्लास साक्षी और पायल के ग्लास मे खाली कर देती है.. साक्षी और पायल पूजा से पूछती है कि कामया क्या लेगी…

पूजा: क्यूँ अपने यहाँ ड्रिंक की कमी है क्या..

सभी लड़कियाँ फिर से हँसने लगती है..

आरती और पूजा दोनो अपनी ड्रिंक्स ख़तम कर लेती है..

लगभग 5 मिनिट भी नहीं हुई थी कि बाबू का लंड ऐसे दर्द कर रहा था जैसे फटने वाला हो.. और वो इतने नशे मे था कि मूठ भी नहीं मार पाए…

और लड़कियाँ.. एहेहेहेहहे

 
पूजा जिसे ज़िंदगी के मज़े लेने आते है उसने आरती को अपने बॅग से फीमेल 100 हौर्स पवर व्याग्रा की गोलियाँ ड्रिंक्स मे मिलवा कर सभी लड़कियों को पिला दी… जिसका नतीजा ये हुआ कि उनकी जब जांघे भी आपस मे टकराती तो उनकी चूत गीली हो जाती..तो सभी लड़कियाँ फिलहाल हवस की आग में जल रही थी जिनमे से आरती भी एक थी.. उसने पूजा वाली टॅबलेट तो नही ली लेकिन सलीम वाली का असर अब उस पर होने लगा था. क्यूँ कि आने वाले पलों के ख्याल ने उसे भी हवस के सागर मे डुबो दिया…

वहीं दूसरी और अंजलि अपने रूम मे थी…..

अंजलि ने अभी नींबू पानी पीकर वॉमिट की थी जिस से उसे नशा तो कम हो गया लेकिन उसका सर दुख रहा था…

अभी अंजलि को बिस्तर पर लेटे 5 मिनिट भी नहीं हुए थे कि सलीम ट्रे लेकर अंजलि के रूम मे आजाता है..

सलीम: अंजलि?

अंजलि: सलीम की आवाज़ सुन कर चोंक जाती है और जल्दी से उठ बैठती है..

सलीम: क्या हुआ? सो क्यूँ रही हो? तबीयत तो ठीक है?

अंजलि सलीम के इस तरह के सवाल सुनकर मुस्कुरा पड़ती है और मन मे सोचती है ओह तो मेरे आशिक़ को मेरी फ़िक़र हो रही है..

सलीम: तुम मुस्कुरा क्यूँ रही हो? जवाब तो दो तबीयत तो ठीक है ना?

अंजलि वापस अपने होश मे आकर

अंजलि: जी….. जी में बिल्कुल ठीक हूँ…. फिर अचानक से एक सवाल माइंड मे आता है और अंजलि बिना देर किए पूछ लेती है..

सलीम जी… मेरा मतलब चाचा वो जो आपने सुबह दवा मँगवाई थी वो किस चीज़ की थी सच बताना क्यूँ कि मेडिकल वाला और लोग वहाँ मुझे घूर कर देख रहे थे…

सलीम: चोंक जाता है इस सवाल पर लेकिन तुरंत खुद को संभाल कर.. वो.. वो.. वो तो सर दर्द की दवा है… क्यूँ तुम्हे लगता है कि उस डॉवा की वजह से तुम्हे लोग देखते है… क्या तुम खूबसूरत नहीं हो…?

अंजलि: सलीम के इस पलटवार से थोड़ी सी शरमा जाती है और थोड़ी सी घबरा भी जाती है.. लेकिन खुद को संभाल कर नहीं ऐसा नहीं है.. दरस्ल मेरा सर दुख रहा था… तो आप मुझे वो टॅबलेट दे दो…

सलीम: क्या वो में..

अंजलि: देख कर क्या वो मे. क्या आप नहीं चाहते मे जल्दी ठीक हो कर पार्टी एंजाय करू…

सलीम: चाहता हूँ लेकिन मेरे पास वो टॅबलेट नहीं है…

तभी अंजलि को सलीम की उपर वाली पॉकेट मे वो पॅकेट दिख जाता है..

अंजलि बिस्तर से खड़ी होकर वो पॅकेट निकाल लेती है अंजलि चोंक जाती है कि उस पॅकेट मे सिर्फ़ 2 टॅबलेट है…

अंजलि: बाप रे 1 दिन में इतनी टॅबलेट…

 
सलीम: नहीं वो ज़्यादा दर्द था तो डॉक्टर ने बोला था 2 टॅबलेट लेने को तो सुबह और दोपहर मे ले लिए और 2 बाबू को दे दिया..

अंजलि:मुस्कुराते हुए.. ठीक है लेकिन इतनी दवाई इस उमर मे लोगे तो जल्दी खुदा को प्यारे हो जाओगे..

सलीम: सलीम इस उम्र मे से तुम्हारा क्या मतलब अभी तो जवान हूँ:

अंजलि: हहेहेहहे जवान और आप इतना बोलकर अंजलि सलीम की तरफ देखते हुए 2 टॅबलेट निकाल लेती है बिना ये देखे कि उसके पॅकेट पर क्या लिखा है..

सलीम: ये तुम क्या कर रही हो..

अंजलि: सस्स्स्शह मेरे सर मे भी ज़्यादा दर्द हो रहा है.. इतना बोल कर वो 2 टेबलेट पानी के साथ ले लेती है..

सलीम मन मे: लग गये लोड्‍े मेरे तो इस की माँ की चूत अब ये आग व्याग्रा का बाप भी नहीं भुजा पाएगा.. बेहन्चोद किश्मत ही रंडी है मेरी तो…

अंजलि: क्या हुआ आप इतना क्या सोच रहे हो…

सलीम: वो… वो टॅबलेट…

अंजलि: ओह्ह्ह वो… तो इसमे टेन्षन की क्या बात है.. कल फिर से ले आउन्गी.. इसका नाम देख लेती हूँ… ताकि याद रहे..

तभी सलीम एक दम से भाग कर वो पत्ता छीन लेता है..

सलीम: नहीं इसकी कोई ज़रूरत नहीं…

अंजलि को शॉक में सलीम अपनी ओर देखते पता है है तो बात बदल कर बोलता है…

सलीम: मेरा मतलब.. रोज रोज थोड़े ही सर दुखेगा… जब दुखेगा तो मे ले आउन्गा..

अंजलि: अरे फिर भी कभी मुझे प्राब्लम हुई तो मे ले आउन्गि.

सलीम: बस बहुत हुआ अभी आपने दवा ली है ना तो आप रेस्ट करो…

सलीम कैसे जैसे पीछा छुड़ा कर जाने वाला था कि..

अंजलि: रुकिये… आप ये ड्रिंक्स मेरे लिए लाए थे ना..

सलीम: पीछे मूड कर.. हां वो में.. लेकिन आप की तबीयत अभी ठीक नहीं है..

अंजलि: कोई बात नहीं इधर आइए..

सलीम अंजलि के पास चला जाता है..

 
अंजलि एक ग्लास उठा कर ट्रे दूसरे हाथ से बेड के पास रख लेती है और सलीम की ओर बढ़ा देती है..

सलीम: ये आपके लिए है…

अंजलि:- हहेहेहेः तो क्या में इतने सारे ग्लास अकेली पियूंगी.

सलीम: नहीं मेरा मतलब..

अंजलि: बैठिए अपन दोनो मिलकर ख़तम कर देते है,, वैसे भी कोल्ड ड्रिंक ही तो है…. और वैसे भी मेरा सर नहीं दुख़्ता अगर आपने मिक्स करके हार्ड ड्रिंक नहीं पिलाई होती.

सलीम: ऐसा कुछ भी नहीं है आप ही की ननद ने ये सब करने को बोला है… और फिर इतनी बड़ी वकील होकर भी इतनी सी समझ नहीं है कि कोल्ड ड्रिंक मे कुछ मिला है कि पहचान पाओ..

अंजलि: अच्छा अब इसमे भी मेरी ग़लती है… वैसे उन बदमाश लड़को को भगा कर आपने मेरे दिल मे जगह बना ही ली..

सलीम: सिर्फ़ दिल मे या..

अंजलि की आँखों मे लाल डोरे तैर रहे थे.. अपनी अधखुली आँखों से सलीम की आँखों मे देखते हुए या…

सलीम मुस्कुरा पड़ता है और बेड से उठ कर जाने लगता है कि अंजलि एक दम से उसका हाथ पकड़ कर अपनी ओर खींचती है. जिससे सलीम अंजलि के उपर बेड पर गिरता है… उसका चेहरा ठीक अंजलि के चेहरे के पास था…

अंजलि: या फिर क्या….

सलीम: धीरे से रोमॅंटिक होते हुए… जाने दो वरना कहीं तुम्हारे अंदर की वकील साहिबा ये ना कह दे कि हम ने तुम्हारा शराब के नशे मे फ़ायदा उठाया है…

अंजलि: सो तो है… अंजलि दूसरी तरफ मूह करके सलीम की बात पर मुस्कुरा पड़ती है…

सलीम भी अब खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था आख़िर उसने भी व्याग्रा ली थी… उसका लंड अपनी औकात मे आ गया था.. सलीम अंजलि के उपर था वो धीरे धीरे अंजलि के चेहरे के करीब अपना चेहरा ले जाता है और अंजलि के चेहरे को अपनी ओर घुमाता है..अंजलि अपनी अधखुली नज़रों से सलीम को देखती है.. सलीम अपने होंठो को अंजलि के होंठो की ओर बढ़ता है…

अंजलि भी कुछ शराब के नशे मे.. कुछ भावनाओं के भंवर मे तो कुछ व्याग्रा के जोश मे सलीम का साथ देने के लिए अपने होंठ सलीम की ओर बढ़ाते हुए हल्का सा उपर होती है… सलीम के चेहरे पर ये सब देख कर एक बड़ी सी मुस्कान आजाती है.. अब सलीम देर ना करते हुए अंजलि के होंठो पर अपने होंठ रख देता है… बड़ा ही रोमॅंटिक दृश्य था… धीरे धीरे सलीम अंजलि के होंठो का रस पान कर रहा था और अंजलि भी सलीम का साथ दे रही थी… सलीम की कमर अंजलि की क़मर से उपर हवा मे थी.. जिस कारण सलीम को थोड़ी सी परेशानी हो रही थी.. सलीम अंजलि को किस करते हुए अपनी क़मर को अंजलि की क़मर पर सामने की ओर से ला छोड़ता है.. और अंजलि की सिसकी निकल जाती है…

दरअसल सलीम का लंड व्याग्रा की वजह से सख़्त हो चुका था तो उसी व्याग्रा की वजह से अंजलि की चूत भी गीली हो चुकी थी… लेकिन सलीम ने जब अपनी क़मर को नीचे की ओर पुश किया तो उसका लंड अंजलि की चूत पर घिसते हुए उसकी नाभि तक आगया…. जिस कारण अंजलि की सिसकी निकल गयी…

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उपर हवा मे थी.. जिस कारण सलीम को थोड़ी सी परेशानी हो रही थी.. सलीम अंजलि को किस करते हुए अपनी क़मर को अंजलि की क़मर पर सामने की ओर से ला छोड़ता है.. और अंजलि की सिसकी निकल जाती है…

दरअसल सलीम का लंड व्याग्रा की वजह से सख़्त हो चुका था तो उसी व्याग्रा की वजह से अंजलि की चूत भी गीली हो चुकी थी… लेकिन सलीम ने जब अपनी क़मर को नीचे की ओर पुश किया तो उसका लंड अंजलि की चूत पर घिसते हुए उसकी नाभि तक आगया…. जिस कारण अंजलि की सिसकी निकल गयी…

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वही दूसरी और पार्टी में बाबू और बाकी लड़किया भी धमाल मचा रही थी….

पार्टी में आरती और कामया दोनो अपने अपने बचाव की तैयारी कर रही है..

पूजा जबकि ,अदिति, साक्षी और पायल को अपने ही नये गेम में फँसाने की सोच रही है…

पूजा ने अपने दिमाग़ से अच्छी भली पार्टी को सेक्स पार्टी बना दी.. जैसे विदेशो में नहीं देखते विमन पार्टी में सिर्फ़ 2-4 मर्द बुलाए जाते है जो बिल्कुल न्यूड डॅन्स करते है ठीक वैसे ही और बाबू… बाबू साहिब की हालत खराब हो रखी है.. क्यूकी एक तरफ सलीम ने उसे लड़कियों को चोदने के लिए मना किया है वही दूसरी तरफ वो व्याग्रा ख़ाके बैठा है.. उपर से इन लड़कियों की सेक्सी मज़ाक…

बाबू धीरे-धीरे सभी लड़कियों से एक-एक पेग मारते मारते 8-9 पेग मार लिया.. नतीजा ये निकला कि अब बाबू पूरी तरह से नशे मे था साथ ही उसका लंड महाराज 90 डिग्री औकात मे आ रखा था..

बातो-बातो में पूजा धीरे से लड़कियों से होते हुए बाबू तक पहुँची और बाबू से मज़ाक करती करती अपनी जाँघो से बीच बीच मे बाबू के लंड को भी रगड़ रही थी.. अब तो बाबू का लंड स्टील रोड बन चुका था.

तभी आरती पूजा को इशारे से अपनी ओर बुलाती है…

आरती: यार हम जो कर रहे हैं कुछ ग़लत तो नहीं होगा ना…

पूजा: तू ना यार बहुत डरपोक है क्या ग़लत होगा.

आरती: यार मज़ाक-मज़ाक का खेल बहुत आगे बढ़ गया..

पूजा आरती की बात सुन कर उसे लगा कि कहीं किया धरा बिगाड़ ना दे ये.. तो पूजा ने कहा

पूजा: ऐसा कुछ नहीं होगा. तू रुक में अभी आई. तुझे थोड़ा सा ठंडा पीना चाहिए.. बाकी सब मुझ पर छोड़ दे में हूँ ना सब संभाल लूँगी.

आरती: ओके

पूजा काउंटर की ओर आयी और वहाँ से एक ग्लास में कोल्ड ड्रिंक ले आती है… और आरती को ऑफर कर देती है.. आरती पूजा के हाथ से कोल्ड ड्रिंक ले लेती है… पूजा वापस लड़कियों बीच चली जाती है..

कामया आरती की ओर बढ़ कर उसके हाथ से कोल्ड ड्रिंक ले कर एक ही घूँट मे पी जाती है और खाली ग्लास आरती के हाथ मे दे देती है..

आरती: दी आराम से..

कामया: सॉरी यार गला बहुत सुख रहा था और गर्मी भी लग रही है पता नहीं क्यूँ..

आरती: कोई बात नहीं..

पूजा: आरती की ओर देखती है और फिर उसके हाथ में खाली ग्लास देख कर उसकी और मुकुराते हुए उसे पास आने को बोलती है. आरती पूजा का इशारा समझ कर उसे मना करती है कि पूजा फिर से बोलती है एंजाय करेंगे..

 
अभी ये सब बात हो ही रही थी कि साक्षी पर व्याग्रा का सुपर एफेक्ट होना शुरू हो जाता है.. साक्षी बाबू पर झपट पड़ती है और देखते ही देखते बाबू का शर्ट दूर कहीं रूम में हवा मे उड़ते हुए दिखता है. साक्षी की इस हरकत पर बाकी सभी लड़कियाँ ताली बजाती है… और बाबू नशे में मुस्कुराता रहता है.. तभी साक्षी अदिति को चॅलेंज करती..है

साक्षी: ज़रा अदिति तुम अपनी डेरिंग दिखाओ ना. या सच में हार मान ली… वैसे एक बार तो हार चुकी या दुबारा भी..

साक्षी की इस बात पर सभी लड़कियाँ हँसने लगती है..

तभी आरती आग में घी डालने के लिए बोल पड़ती है..

आरती: अरे साक्षी इतनी हिम्मत अदिति में कहा…

और फिर से सब लड़कियाँ हँसने लगती है…

अदिति: (गुस्से से आरती की ओर देखती है फिर कुछ सोच कर ) तो ठीक है में अपनी हिम्मत दिखाती हूँ तुझे

अदिति अपने घुटनो पर बैठ कर बाबू की पेंट खोलने लगती है.. आरती अदिति के इस स्टेप से चोंक जाती है और शॉक हो जाती है..

अदिति बाबू की पेंट निकाल कर आरती की ओर फेंक देती है..

अदिति: ले अब तू भी अपनी हिम्मत दिखा..

पूजा अदिति के इस चॅलेंज को सुन कर आरती के पास जाती है..

पूजा को डर था कि कहीं आरती ये सब देख कर फिर से पार्टी बंद करने की ना सोचने लग जाए..

पूजा:आरती तू बस अदिति का ये चॅलेंज पूरा कर दे फिर देख में अदिति के साथ क्या करती हूँ..

आरती पूजा की बात सुन कर थोड़ा सा सम्भल जाती है.. उसे लगता है कि वो अकेली नहीं है..

 
आरती पूजा की बात सुन कर थोड़ा सा सम्भल जाती है.. उसे लगता है कि वो अकेली नहीं है..

आरती: मगर अब क्या करूँ मे..

पूजा: अरे पागल तू इस लड़के की अंडरवेर उतार कर अदिति के मूह पर मार दे.. उसने तो पेंट उतारी तू तो अंडरवेर उतारेगी.. फिर देख में अदिति को क्या चॅलेंज देती हूँ…

आरती: मगर:

पूजा: अगर मगर कुछ नहीं मेरी जान तुझे ये तो करना ही पड़ेगा वरना अपनी ही पार्टी मे तू हार जाएगी..

आरती पूजा की बात को समझ कर अपने हारने के डर से धीरे धीरे बाबू की तरफ बढ़ने लगती है.. बाबू भी नशे की हालत मे आरती की ओर देखता है.. लेकिन तभी साक्षी बाबू का चेहरा अपनी ओर घुमा कर बाबू को किस करने लगती है.

आरती इस बात का फ़ायदा उठा कर बिना देखे बाबू की अंडरवेअर नीचे खींच देती है और बाबू के पैर उठा कर जैसे ही उठने लगती है.. बाबू के7-8 इंच लंबे लंड को देख कर डर जाती है और फिर जल्दी से पलट जाती है,.. उसके पलट ते ही आरती की नज़र अदिति पर जाती है..और आरती बाबू की अंडरवेअर अदिति के मूह पर फेंक देती है… अदिति आउच बोलती हुए उसे ऐसे चेहरे से हटाती है जैसे कोई बहुत गंदी चीज़ उसके चेहरे पर फेंक दी हो….

अदिति की ऐसी हरकत पर एक बार फिर से सबकी हँसी फुट पड़ती है…

तभी पूजा आगे बढ़ती है.. और अपने घुटनो के बल बैठ जाती है. और एक हाथ से बाबू के लंड को पकड़ कर उसे हिलाने लगती है..

पूजा की इस हरकत पर बाबू की हल्की सी सिसकी निकल जाती है.. और फिर साक्षी भी बाबू से किस तोड़ती है तो उसकी साँस फूल रही थी और बाबू भी हाँफ रहा था.. कामया ओर आरती पूजा की इस सेक्सी हरकत पर दोनो मूह खोले पूजा को देख रही थी.. दर असल दोनो नहीं सभी लड़कियाँ पूजा को देख कर स्तंभित खड़ी थी. आख़िर यहाँ पार्टी में मोजूद कोई भी लड़की बाजारू तो थी नही जो इनके लिए ये सब आम बात हो. मगर आज कुछ स्पेशल था और वो ये था कि आज सभी व्याग्रा के नशे में मस्त थी.सबकी पेंटी गीली थी.. साक्षी पूजा को देख कर एक बार फिर से जोश में आजाती है और वो फिर से बाबू को किस करने लगती है… इस बार बाबू भी खुद पर काबू नहीं रख सका और उसने भी साक्षी को किस करना स्टार्ट कर दिया और अपना हाथ साक्षी की पीठ पर रख दिया.

नीचे पूजा बाबू के लंड को हिला रही थी.. पूजा ने एक नज़र कच्ची कली पायल की ओर देखा.. और उसकी ओर मुस्कुराते हुए देखने लगी और धीरे धीरे बड़ी नज़ाकत से बाबू के लंड को मूह मे लेने लगी..

सबसे पहले तो पूजा ने एक किस की बाबू के लंड पर.. फिर धीरे से जीभ बाहर निकाल कर बाबू का लंड चाटने लगी फिर देखते देखते बाबू के लंड का सुपाडा पूजा के मूह मे घप से अंदर.. और फिर धीरे-धीरे लंड चुसाई जारी हुई..

इस दौरान मज़ाल क्या कि पूजा की नज़र कच्ची कली पायल से हटी हो… पायल भी व्याग्रा के नशे में मचलने लगी.. पायल अपनी दोनो जाँघो को आपस मे घिस रही थी, कि पूजा ने पायल की ओर अपना हाथ बढ़ाया और उसे पास आने का इशारा किया.. पायल के कदम हिल भी नहीं पा रहे थे कि अदिति ने हल्का सा पायल को पुश किया आगे की ओर और पायल के कदम धीरे-धीरे आगे की ओर बढ़ चले.. अब पायल बाबू साक्षी और पूजा के बिल्कुल नज़दीक थी.. पूजा ने पायल का हाथ पकड़ कर उसे नीचे बैठा लिया और अपने मूह से बाबू का लंड बाहर निकाला तो पुच की आवाज़ के साथ बाबू का लंड बाहर आ गया.. पूजा धीरे से पायल का हाथ उठा कर बाबू के लंड पर ले गयी… बाबू का लंड जैसे ही पायल के हाथ से टकराया उसने अपना हाथ वापस पीछे की ओर खींच लिया..

पूजा अदिति की ओर देखी.. अदिति कुछ समझते हुए गर्दन हां मे हिलाई और वो भी पायल के पास आ गयी.. पूजा धीरे से पायल के होंठो की ओर बढ़ी और पायक के होंठो को अपने होंटो की गिरफ़्त मे ले ली.. और बहुत ही प्यार से उसके गुलाब की पंखुड़ी जैसे होंठ चूसने लगी.. और वही अदिति धीरे से पायल का हाथ वापस बाबू के लंड के उपर रख दी… इस बार अदिति ने पायल के हाथ को पकड़ रखा था और वो बाबू के लंड को पायल के हाथ पर ज़ोर लगा कर उपर नीचे कर रही थी.. कुछ ही देर में पायल खुद बाबू का लंड हिलाने लगी.. इस दौराम साक्षी बाबू को किस करना छोड़ कर हाँफ रही थी.. और बाबू साक्षी की पीठ से अपना हाथ साक्षी की गान्ड तक कब ले गया किसी को पता भी नहीं चला..अब बाबू साक्षी की गान्ड अपने दोनो हाथो से दबा रहा था और साक्षी उसकी इस कामुक हरक़त पर सिसकियाँ ले रही थी…

 
वही बाबू पूजा और पायल को किस करते देख कर और भी उत्तेजित हो रहा था.. और जब उसने देखा उसका लंड हिलाने वाली कोई और नहीं सबसे क्यूट और कम उम्र की पायल है और उसका साथ अदिति दे रही है तो उसका लंडा और भी औकात में आ गया. अब अदिति भी थोड़ी ओपन होगयि.. उसने झुक कर बाबू के लंड का सुपाडा अपने मूह मे ले लिया.. और बाबू अब मज़े मे अपने दोनो हाथ साक्षी की गान्ड से हटा कर साक्षी की सुडोल छातियों पर रख दिया.. साक्षी बाबू की इस हरकत पर थोड़ी सी शर्मा गयी लेकिन व्याग्रा के असर में उसकी हालत बहुत खराब थी.. उसने अपनी लाल होती आँखों से बाबू को इजाज़त दे दी उन्हे सहलाने की उन्हे मसल्ने की.. बाबू साक्षी की रज़ामंदी पाकर मुस्कुराता हुआ साक्षी के उरोजो को मसल्ने लगा.. साथ ही अपनी उंगली उसके निपल के चारों ओर कपड़े के उपर से फिराने लगा.. इससे साक्षी की चूत में चींटियाँ सी रेंगने लगी… साक्षी सेक्स के नशे में चूर मदहोश हुए जा रही थी…

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वही दूसरी ओर अंजलि और सलीम चाचा सारी दुनिया से बेख़बर अपनी ही दुनिया मे गुम थे…

जहाँ नीचे पार्टी मे सभी लड़कियाँ बाबू के साथ मस्ती कर रही थी वही इधर सलीम अंजलि के साथ लगा हुआ था…. सलीम अंजलि को किस करते हुए अंजलि की साड़ी का पल्लू उसके कंधे से नीचे खींच कर गिरा देता है. सलीम और अंजलि दोनो अपनी किस मे बे खबर थे.. अंजलि की साड़ी इस वक़्त उसकी क़मर में अटकी हुई थी..

अंजलि की साँस फूलने लगती है तो अंजलि सलीम से किस तोड़ कर हाँफ ने लगती है…

सलीम भी ज़ोर ज़ोर से साँस लेने लगता है..

अंजलि: आप बहुत गंदे हो.. कोई ऐसे करता है क्या..

सलीम: मुस्कुराता हुआ. में तो ऐसे ही करता हूँ मेरी जान.

अंजलि: मुस्कुराते हुए.. में नहीं हूँ आपकी जान…. आपकी जान तो वो कामया है ना…

सलीम: भाड़ मे जाए वो.. मुझे तो तुम चाहिए..

अंजलि शरमाते हुए … क्यूँ… मुझमे ऐसा क्या है..

सलीम अंजलि का सवाल सुन कर अंजलि की और आगे बढ़ते हुए बोलता है तुम मे ऐसा क्या है..

सलीम को आगे बढ़ता देख अंजलि भी धीरे धीरे पीछे की ओर चलने लगती है..

तभी अंजलि के पीछे दीवार आ जाती है.. अंजलि एक दम से रुक जाती है… उसके चेहरे पर थोड़ी सी हवस, थोड़ा सा डर और थोड़ी सी शर्म तीनो का मिला जुला रंग देखा जा सकता था …

सलीम अंजलि के होंटो को छूते हुए बोलता है… तुम्हारे ये गुलाबी होंठ मुझे मदमस्त कर देते है… उसकी आँखों में झाँक ते हुए बोलता है… तुम्हारी ये आँखे मुझे मेरे होने का एहसास दिलाती है… तुम्हारे ये लंबे घने बाल मुझे तुम्हारी ओर खींच लाने वाली रस्सी जैसे लगते है.. ऐसा बोलते हुए सलीम अंजलि के होंठो को किस करने को झुकता है कि अंजलि तुरंत अपनी गर्दन घुमा लेती है.

अंजलि: ये सब फिल्मी है… ऐसा कह कर अंजलि मुस्स्कुराने लगती है..

सलीम: अच्छा अगर ये सब फिल्मी है तो और सुनो.. तुम्हारा ये दूध जैसा गोरा रंग मुझे तुम में डूब जाने को मजबूर करता है… तुम्हारी ये पतली क़मर मेरे दिल को झूम ने को मजबूर कर देती है… तुम्हारी ये बड़ी बड़ी चूंचियाँ मुझे मेरे भूखे होने का एहसास दिलाती है.. इन मे आने वाला दूध में बेसबरों की तरह पीना चाहता हूँ..

अंजलि सलीम के मूह से अपने हुश्न ख़ास तौर पर अपने बूब्स की तारीफ़ और उनके लिए उसकी तड़प सुन कर और मचल उठती है… उसके मूह से एक सिसकी निकल जाती है… सस्सीसीई अया ह्म…. और नतीजा व्याग्रा उस पर और हावी हो जाती है और अंजलि की बुर से पानी बहने लगता है..

 
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