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Guest
“अरे शोभा बेबी शेल्टर नई बेबी सीटर होता है “
मेडम ने थोड़ा हसते हुए कहा
“हा वही “
सभी के चेहरे मे मुस्कान खिल गयी वही सबसे खुस तो अक्की लग रहा था क्योकि उसे इतना तो पता चल गया था की पवन सर का मेडम से कोई टांका नही है .. शायद वो भी मेडम को लाइन मारने वालो मे से एक होगा ..
“तुम शोभा को कैसे जानते हो “
मेडम ने सवाल दागा
“मैं पहले इन्ही की बस्ती मे रहता था इन्होने और इनके पति ने हमारी बहुत मदद की है , मुझे घर और काम दिलवाया था “
“ तो तुम कहा काम करते थे “
मैने वही पुरानी स्टोरी सुना दी जो मैने सभी के सामने सुनाया था , मेडम बड़ी ही इंप्रेस दिखाई दे रही थी ..
आख़िर पढ़ाई शुरू हुई और मुझे तो बहुत ही आलस लगने लगा था अक्की बस मेडम को ही देखे जा रहा था , सुस जमहाई ले रही थी पता नही वो क्यो आ गयी थी बस नेहा ही थी जिसका ध्यान सच मे पढ़ाई पर था..
“अक्की बुक इधर है इधर नही “
मेडम ने अक्की को अपनी ओर देखता पाकर बोला
“किताबो मे क्या रखा है जब हुस्न की मालिका का चेहरा सामने खुला हो ,”
अक्की की नज़र अभी भी मेडम के चेहरे पर थी, अक्की की बात सुनकर उनकी आँखे थोड़ी चौड़ी हो गयी ..वही हम सभी मुस्कुरा उठे
“अक्की … “
उन्होने थोड़ा ज़ोर से कहा
“जी जी मेडम “अक्की बुरी तरह से झेपा था
“क्या कहा तुमने अभी ??”
“क्या कहा मैने अभी ??”
“अक्की बदमाशी नही चलेगी यहाँ “उन्होने थोड़े सख्त लहजे मे कहा
“जी जी मेडम “
“तो बताओ ..”
“क्या???”
“अरे वही की क्या कहा “
“क्या कहा..??”
अक्की हम लोगो को देखने लगा और मैं और नेहा जोरो से हंस पड़े , मेडम के चेहरे मे भी एक मुस्कान आ गयी
“कुछ नही चलो अब ध्यान बुक पर लगाओ ओके “
“जी मेडम “
अक्की ने अपना सर झुका लिया था ……
सभी के बीच कभी कभी मेरी और सुस की नज़रें मिल जाया करती थी तो कभी नेहा के चेहरे मे सुस को देखकर एक नफ़रत के भाव जाग जाया करते थे …
क्लास के बाद भी किसी ने किसी से कोई बात नही की …..
************
मेडम ने थोड़ा हसते हुए कहा
“हा वही “
सभी के चेहरे मे मुस्कान खिल गयी वही सबसे खुस तो अक्की लग रहा था क्योकि उसे इतना तो पता चल गया था की पवन सर का मेडम से कोई टांका नही है .. शायद वो भी मेडम को लाइन मारने वालो मे से एक होगा ..
“तुम शोभा को कैसे जानते हो “
मेडम ने सवाल दागा
“मैं पहले इन्ही की बस्ती मे रहता था इन्होने और इनके पति ने हमारी बहुत मदद की है , मुझे घर और काम दिलवाया था “
“ तो तुम कहा काम करते थे “
मैने वही पुरानी स्टोरी सुना दी जो मैने सभी के सामने सुनाया था , मेडम बड़ी ही इंप्रेस दिखाई दे रही थी ..
आख़िर पढ़ाई शुरू हुई और मुझे तो बहुत ही आलस लगने लगा था अक्की बस मेडम को ही देखे जा रहा था , सुस जमहाई ले रही थी पता नही वो क्यो आ गयी थी बस नेहा ही थी जिसका ध्यान सच मे पढ़ाई पर था..
“अक्की बुक इधर है इधर नही “
मेडम ने अक्की को अपनी ओर देखता पाकर बोला
“किताबो मे क्या रखा है जब हुस्न की मालिका का चेहरा सामने खुला हो ,”
अक्की की नज़र अभी भी मेडम के चेहरे पर थी, अक्की की बात सुनकर उनकी आँखे थोड़ी चौड़ी हो गयी ..वही हम सभी मुस्कुरा उठे
“अक्की … “
उन्होने थोड़ा ज़ोर से कहा
“जी जी मेडम “अक्की बुरी तरह से झेपा था
“क्या कहा तुमने अभी ??”
“क्या कहा मैने अभी ??”
“अक्की बदमाशी नही चलेगी यहाँ “उन्होने थोड़े सख्त लहजे मे कहा
“जी जी मेडम “
“तो बताओ ..”
“क्या???”
“अरे वही की क्या कहा “
“क्या कहा..??”
अक्की हम लोगो को देखने लगा और मैं और नेहा जोरो से हंस पड़े , मेडम के चेहरे मे भी एक मुस्कान आ गयी
“कुछ नही चलो अब ध्यान बुक पर लगाओ ओके “
“जी मेडम “
अक्की ने अपना सर झुका लिया था ……
सभी के बीच कभी कभी मेरी और सुस की नज़रें मिल जाया करती थी तो कभी नेहा के चेहरे मे सुस को देखकर एक नफ़रत के भाव जाग जाया करते थे …
क्लास के बाद भी किसी ने किसी से कोई बात नही की …..
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