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Adultery Meri Bhabhi Ma मेरी भाभी माँ

“कातिल इतना शातिर है की शायद हमारे बीच रहकर भी हमारी नज़रो मे नही आ रहा है “

काजल की इस बात से मेरे माथे पर पसीने आ गये , उसने ये बोकर मुझे और सुस को ही घूरा था ..

“मतलब ??”

“मतलब की कातिल का मकसद जब तक ना पता चल जाए तब तक कातिल को पकड़ना भी मुश्किल होगा ….”

काजल की बात सुन कर तिवारी ने बस हा मे सर हिलाया और मेरी तरफ़ देखने लगा

“3 दिन बाद सुस की बर्त दे पार्टी है, हर साल की तरह इस साल भी हम इसे धूम धाम से मानना चाहते है , हमने तुम्हे यही कहने के लिए बुलाया है की तुम सेक्यूरिटी टीम और काजल जी के साथ मिलकर व्यवस्था देख लो , मुझे कोई भी गड़बड़ नही चाहिए.. सुस के साथ तुम्हे ही रहना है तो सब समझ लो …”

मैने हा मे सर हिला दिया और तिवारी वहाँ से निकल लिया …..

“तो आपको क्या लगता है की मुझे कॉल करने वाला कौन होगा ??”

मैने काजल से तब पूछा जब हम दोनो को थोड़ा एकांत मिला, रात मे ही मैने उनके कहने पर वाय्स रेकॉर्डिंग भी भेज दी थी ..

“वाला या वाली ये तो कहना मुश्किल है ..”

“क्या??”

काजल ने एक और बॉम्ब फोड़ दिया था

“मतलब ये की जो लड़के की वाय्स लग रही थी वो कंप्यूटर से जेनरेट की गयी है, बहुत हद तक थोड़ा रोबाटिक टोन भी मौजूद है , तो ये तो कोई भी कर सकता है वो लड़का भी हो सकता है और लड़की भी “

“लेकिन उसने मुझे एक लड़की से दूर रहने के लिए क्यो कहा ??”

“हा ये पॉइंट की बात है की वो कौन सी लड़की है जिसका संबंध भवानी और विजय मल्होत्रा के मर्डर से है …?”

“मुझे तो सुस ही लग रही है “

मैने सुस की ओर देखा जो की किसी के साथ डेकोरेशन की बात करने मे बिज़ी थी

“सबसे पहली सस्पेक्ट हो सुस ही वो लड़की हो सकती है लेकिन तुम्हारे जीवन मे आने वाली दूसरी लड़कियो को भी तो हम नही छोड़ सकते , कौन कौन ऐसी लड़किया है तुम जिनके करीब हो..”

ये बोलते हुए काजल के होठों पर मुस्कान खिल गयी थी
 
मैने सुस की ओर देखा जो की किसी के साथ डेकोरेशन की बात करने मे बिज़ी थी

“सबसे पहली सस्पेक्ट हो सुस ही वो लड़की हो सकती है लेकिन तुम्हारे जीवन मे आने वाली दूसरी लड़कियो को भी तो हम नही छोड़ सकते , कौन कौन ऐसी लड़किया है तुम जिनके करीब हो..”

ये बोलते हुए काजल के होठों पर मुस्कान खिल गयी थी

“हुम्म सुस , नेहा .. और कौन..”

काजल ने मुझे ऐसे घूरा जैसे मेरे मन की गहराई तक झाँक रही हो

“और कोई तो और है जिसे तुम मुझसे छिपा रहे हो , देखो अंकित छुपाना सही नही है बता दो तो शायद हमारी कोई मदद हो जाए “

“रानी …”

“रानी कौन ??”

“संपत की गर्लफ्रेंड ..”

“श और “

“बस और कौन “

काजल के होठों मे के मुस्कान गहरा गयी थी

“कोई तो और है .. तुम्हारी आँखे बता रही है “

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा झेप सा गया था

“नही तो ..”

“हूंम्म बता दो अंकित “

मैने आस पास देखा और धीरे से कहा

“मेरी भाभी “

काजल का तो मूह ही खुल गया था , लेकिन अचानक वो सम्हल गयी

“चलो कोई नही , तब तो ये फोन कॉल सच मे बहुत ही इंट्रेस्टिंग है … हमे इन चारो लड़कियो पर नज़र रखनी पड़ेगी , और पता करना होगा की आख़िर इन खून से इनका संबंध क्या है “

मैने उसकी बात सुनकर एक गहरी सांस ली

“कितनी मजेदार बात है ना ..”

काजल मुझे देखने लगी

“क्या ..??”

“यही की ये चारो ही इन मर्डर्स की सस्पेक्ट्स है “

“तुम्हे किसने कहा.. पूर्वी कहती है की भाभी मैं सस्पेक्ट है , तुमने सुस को कहा , भाभी ने नेहा पर इजाम लगा दिया क्योकि वो मुझसे बहुत कुछ छुपा रही है और उसके पास सबसे बड़ी वजह है ..”

“और रानी ..”

मेरे चेहरे मे मुस्कान आ गयी

“रानी बस ऐसे ही ,मेरा जिनसे संबंध है वो सभी जब इसमे शामिल हो रहे है तो फिर रानी को क्यो छोड़ा जाए “

मेरे साथ साथ काजल भी हंस पड़ी थी …..

सेक्यूरिटी के इंतज़ाम को मैं अच्छे से समझ चुका था, और काजल मुझे और भी नये नये चीज़ो की जानकारी दे रही थी ..

“तो क्या लगता है अंकित ये पार्टी कुछ खास होगी या फिर नॉर्मल रहेगी “

आख़िर कार जाते जाते काजल ने पूछ ही लिया

“मैं आपका मतलब नही समझा “

उसने एक गहरी सांस ली

“मतलब की जो शिवा तिवारी के नाक मे दम किए हुए है वो पार्टी मे आएगा , आएगी या नही ….”

काजल ये कहकर थोड़ा मुस्कुराने लगी साथ ही मैं भी

“मेरे लिए तो ये पार्टी खास है क्योकि पहली बार मैं सही तौर मे इसमे बॉडीगार्ड का काम ही करूँगा .. और आएगा या आएगी की नही ये तो आप मुझसे ज़्यादा अच्छे से बता सकती हो , आख़िर माशूर इन्वेस्टिगेटर तो आप हो ..”

हम दोनो ही हंस पड़े ..

“मुझे लगता है की शिवा का कहर पार्टी मे भी बरसेगा … ये खास मौका होगा उसके लिए भी और हमारे लिए भी ..”

मैं बस काजल को देखता ही रह गया ..

“सो बी केर फुल “

मैने बस हा मे सर हिलाया ………
 
अपडेट 37

“अंकित हो सके तो तुम 2 दिन यही रुक जाओ और इस पार्टी की बात अपने तरफ़ से किसी को मत बताना , क्योकि जिसे हम ढूँढ रहे है वो हो ना हो तुमसे ही जुड़ा हुआ है “

काजल ने जाते जाते कहा , मैने हा मे सर हिलाया

“बेबी आज रात मेरे साथ ही रुक जाओ ना “

सभी के जाने के बाद सुस ने मुझसे कहा था …

अब मेरे पास एक नयी समस्या आकर खड़ी हो गयी थी एक तरफ़ भाभी थी तो दूसरी तरफ़ सुस …

रात दोनो के साथ मस्ती मे बीत सकती थी , मुझे भाभी को ही चुनना था लेकिन फिर काजल की भी बात दिमाग़ मे आ रही थी …

क्या किया जाए ???????????

आख़िर मैने सुस से कहा की मै रात मे उसके पास आ जाउन्गा ..

और मैं सीधे ही घर के लिए निकल गया ..

“मामा भाभी कहाँ है ??”

पूरे हवेली को छान मार लिया लेकिन भाभी का कही आता पता नही था ..

“अरे सभी महिलाए कुछ शॉपिंग करने गयी हुई है , शोभा(जीवा/कलवा की बीवी) और रानी भी साथ गयी है “

“ओह्ह्ह्ह तो कब तक लौट कर आएँगी ..”

मामा ने मुझे थोड़ा घूर कर देखा

“देखो बाबू महिलाओ का काम है कुछ कहा नही जा सकता ना “

मेरे चेहरे मे एक परेशानी वाला भाव आ गया था

“क्या हुआ ??”

मामा ने मुझे देखकर पूछा

“कुछ नही मामा वो मैं आज रात अपनी एक दोस्त के पास रुकना चाहता था तो भाभी को बता देता “

संपत के चहरे मे मुस्कान आ गयी

“अच्छा वो तिवारी की लौंडिया “

जिस तरह से मामा ने ये कहा था मुझे वो अच्छा तो नही लगा लेकिन क्या करे लोगो की सोच को तो नही बदला जा सकता था..

मैने हा मे सर हिलाया और उन्होने अपना मोबाइल निकाला

“रानी के मोबाइल मे कॉल लगा देता हू बात कर लो “

थोड़ी देर बात करने के बाद फोन मुझे दिया गया

“हेलो भाभी , आप लोगो को आने मे कितना समय लगेगा “

“क्या हुआ सोनू .. कोई काम था क्या “

“हा मैं सोच रहा था की आज रात … असल मे वो .. सुस ने बुलाया था “

मुझे समझ ही नही आ रहा था की मैं भाभी से क्या बोलू, ये बोलू की आज रात मैं आपके साथ वो सब करना चाहता हू और इसलिए मैं सुस के पास ना जाकर आपके पास रुकना चाहता हू ???

“हा अच्छा है चले जाओ ऐसे भी मुझे आज लेट हो जाएगा , थोड़ा काम है हम लोगो का तो 2 दिन बिज़ी रहेंगे थोड़ा “

भाभी ने तो मेरे सारे अरमानो पर ही पानी फेर दिया था ..

“आप लोगो का क्या काम है भाभी ??”

“बाबू वो शोभा मामी का कुछ काम है , तू आराम से सुस के पास चले जा..”
 
अब भाभी जो तो किसी काम मे बिज़ी हो गयी थी तो मैं भी देर ना करते हुए सुस के पास चला गया, शाम को सुस ने मेरे लिए, मेरे मना करने के बाद भी अच्छी ख़ासी शॉपिंग करवा दी..

सुबह फिर से तिवारी के घर जाना हुआ और फिर सुस के साथ ही रात बीती ..

बर्तडे पार्टी की सुबह से हम तैयार होकर तिवारी के बगले मे चले गये थे , जैसा की स्टेट मिनिस्टर और पूर्व गंगस्टर बाहुबली दयानंद तिवारी की बेटी का बर्तडे था , सेक्यूरिटी अच्छी ख़ासी थी , काजल भी दोपहर मे आ चुकी थी ..

जबकि सुस आज दिन भर तैयार होने मे लगाने वाली थी मैं काजल के साथ ही था ..

“ये पार्टी बस एक दिखावा है , असल मे यहाँ एक तरह से एक शक्ति प्रदर्शन होने वाला है “

मैं और काजल बंगले गार्डन मे बैठे कॉफी पी रहे थे ,,

“आपको ऐसा क्यो लगता है ..”

मैने किसी ट्रेनी के जैसे उनसे प्रश्न किया

“यार कोई बर्तडे की पार्टी के लिए ऐसा खर्च करता है क्या …”

काजल ने आस पास देखते हुए कहा , सच मे बर्तडे पार्टी के हिसाब से बहुत ही खर्च कर दिया गया था ..

“अब तिवारी जी के पास तो इफ़रात काला पैसा है उसे क्या फ़र्क पड़ता है “

मैने भी आस पास देखते हुए कहा

“हा वो तो सही है लेकिन फिर भी , गस्ट लिस्ट देखी है ,, 500 लोग इन्वाइटेड है ..अधिकतर वी आई पी और वी वी आई पी लोग है , जिसका बर्तडे है उसके दोस्तो का तो नाम भी नही है .. मतलब ये पार्टी सुस के लिए बल्कि तिवारी ने अपने लिए दी है … ताकि वो अपने लोगो को ये समझा सके की उसके वफ़ादार लोगो का लगातार कत्ल होने के बाद भी वो पावरफुल है “

“ऊ लेकिन इससे ये कैसे पता लगेगा की वो पावरफुल है “

“अभी एलेक्षन आने वाले है, तो सभी पार्टीस मे एलेक्षन फंड की मारा मारी रहती है , यहा भी बड़े बड़े इंडस्ट्रीस के मालिक आएँगे … अभी तिवारी की वजह से पार्टी की बदनामी हो रही है की जो अपने ही आदमियो को प्रोटेक्षन नही दे सकता वो दूसरो को क्या देगा , और इसीलिए तिवारी इस पार्टी के मध्यम से ये साबित करने की कोशिस करेगा की अभी भी उसका वो रुतबा कायम है और साथ ही अभी भी तो पावरफुल है … अगर इस पार्टी मे कुछ हो गया ना बाबू जैसे की मुझे अंदाज़ा है तब तो तिवारी की पूरी शाख ही धरी की धरी रह जाएगी ……”

अब मुझे पूरा गेम समझ आने लगा था
 
“ओह्ह्ह्ह तो ये बात है , इसलिए तिवारी ऐसे फड़फडा रहा है ..”

“हुम्म और तुमने इस पार्टी के बारे मे किसी को बताया तो नही था ना ,,”

“नही अभी तक तो नही “

“ओके तब तो अच्छी बात है “

“क्या??”

“यही की तुमसे रिलेटेड जो भी इस पार्टी मे आएगा समझ जाना की उसमे कोई तो प्राब्लम है …”

काजल की बात सुनकर मैं हंस पड़ा था …

********

शाम हो चुका था और पार्टी अब थोड़े ही देर मे शुरू होने वाली थी मैं बैठे बैठे बोर हो रहा था क्योकि सुस अपने कमरे मे बैठी मेकप करवा रही थी , ऐसे मैं भी वहाँ रह सकता था लेकिन लड़कियो की चक-चक के बीच कौन जाए ..

मैं बाहर ही बैठा हुआ था तभी मुझे सागर दिखाई दिया ..

सागर सुस का भाई था तिवारी जी का बड़ा बाबू , वो हमसे कुछ 3-4 साल का बड़ा रहा होगा , देखने मे किसी दानव से कम नही लगता था और साथ ही साथ बहुत गुस्सैल भी था, सुस ने मुझे बताया था की उसकी सागर से नही जमती ..

सागर सुस के कमरे की ओर ही जा रहा था , मुझसे आँखे मिलते ही उसने बहुत ही अजीब सा मूह बनाया जैसे कोई गंदी चीज़ देख ली हो ..

‘साला हराम का पिल्ला ‘ मैने मन मे ही कहा ..

वो जाकर सुस का दरवाजा खटखपटाने लगा …

दरवाजा तो नही खुला लेकिन मेरे मोबाइल मे सुस का कॉल ज़रूर आ गया

“हेलो ..”

“ये हरामी यहाँ क्या कर रहा है..”

सुस बहुत ही गुस्से मे लग रही थी

“अरे तेरा भाई है तू जान ..”

“वो साला मेरा कोई भाई वाइ नही है , तुम उसे मेरे दरवाजे से हटा ओ “

सुस की बात मुझे थोड़ी अजीब लगी , कौन भाई बहन एक दूसरे के लिए ऐसी बाते करते है .. लगता था की सुस उसे बिल्कुल भी पसंद नही करती थी ..

“तो मैं क्या करू “

“उसे वहाँ से हटा और तू अंदर आ जा “

मैने गहरी सांस ली अब साली ज़बरदस्ती वाली नौकरी भी तो कर रहा था …

“सागर भैया ,क्या हुआ यू दरवाजा क्यो पीट रहे हो “

सागर ने मुझे घूरा ..

“साले नौकर है नौकर की तरह ही रह, भाग यहाँ से “

उसकी बात मेरे दिल मे लग गयी लेकिन फिर भी मैने गुस्से का घुट पी ही लिया

“मैं सुस का बाय्फ्रेंड हू साले साहब, और बॉडीगार्ड भी “

इस बार मैं गुर्राया था , लेकिन सागर ने जैसे ही मेरी बात सुनी उसने मेरा गला जोरो से पकड़ लिया था ..

अब मुझे उसके ताकत का अहसास हो रहा था उसकी पकड़ बहुत ही मजबूत थी और साथ ही साथ वो इतना ताकतवर था की उसने मुझे ज़मीन से उपर उठा दिया था ..

“माना की वो रंडी है लेकिन मैं ये बर्दास्त नही कर सकता की तेरे जैसा कोई भी कुत्ता उसपर चढ़े ..”

सागर की आवाज़ तेज थी वो ऐसे गुर्राया था जैसे कोई भूखा शेर हो ..

तभी तेज़ी से दरवाजा खुला ..
 
तभी तेज़ी से दरवाजा खुला ..

“सागर नीचे रख इसे ..”

सुस ने भी चिल्ला कर कहा

“साली रंडी , तेरा स्टॅंडर्ड इतना गिर जाएगा मैने सोचा भी नही था .. ऐसे भिखारी कुत्ते से अपनी चूत मरवा रही है .. मुझमे क्या काँटा लगा है …”

सागर की बात सुनकर जहाँ मेरे होश ही उड़ गये थे वही सुस की आँखो मे आँसू आ गये थे लेकिन उसके चेहरे मे आया गुस्सा बिल्कुल भी कम नही हुआ ..

“क्योकि मैं इससे प्यार करती हू और ये तेरे जैसा शैतान नही है जो अपनी ही बहन का बलात्कार करे ..”

सुस की बात सुनकर मुझे लगभग सारा माजरा समझ आ गया था , और मुझे सुस के चेहरे को देखकर एक दर्द की भी फीलिंग सी हुई ..

और मैने अपना पैर जोरो से चला दिया जो की सीधे जाकर सागर के पेट मे लगा ….

इससे सागर की पकड़ थोड़ी कमजोर हुई और मुझे मौका मिल गया, सुस के आँसू और सागर के बोले गये शब्द ही काफ़ी थे इस कुत्ते को मारने के लिए, सुस जैसी भी थी लेकिन एक लड़की थी और मेरी अच्छी दोस्त भी , और इस बात्तमीज़ी की सागर को सज़ा तो मिलनी ही चाहिए थी ..

मैं उसके कंधे को पकड़कर उछल गया और अपने घुटने को सीधे सागर के जबड़े मे दे मारा …

ये वार बहुत ही सही था , वो दर्द से तिलमिला गया था , उसने मुझे छोड़ दिया , अब मैं मोवमेंट करने के लिए फ्री था , मेरे वार से उसके मूह से खून आने लगा था वो हल्का सा झुक कर अपने मूह कोई संभाल रहा था तभी मैं फिर एक बार घुमा और अपनी लात सीधे उसके चेहरे मे दे मारा , मैने एक भारी जूता पहन रखा था जिसके सोल बहुत ही मजबूत और कठोर था ..

जूते से सागर के चेहरे मे निशान ही पड़ गया था , उसके गाल और माथे मे हल्की सी खरोचे भी आ गयी थी ..

“मादरचोद ..”

वो जैसे ही थोड़ा संभला वो मुझपर झपटने को हुआ ..

लेकिन मैं पहले से ही सतर्क था मैं झुका और पैरो से उसके पैरो पर वार कर दिया जिससे वो लड़खडाता हुआ गिरने लगा लेकिन तभी ……..

तभी उसे किसी ने संभाल लिया था ..

“अंकित पागल हो गये हो क्या ये क्या कर रहे हो “

ये काजल थी जिसने सागर को संभाला था

“आप बीच मे मत आओ इस साले को तो आज मैं बताता हू की मर्द होना क्या होता है , बहुत मर्दानगी चढ़ि है ना इसपर जो अपनी ही बहन के साथ …”

मैने इतना ही बोला था लेकिन फिर काजल ने सागर को अपने पीछे छिपा लिया और एक बार सुस की ओर देखा जो की मूह छिपाए रो रही थी ..

“ठीक है ठीक है , अभी ये महॉल नही है जो ये सब बात किया जाए … अंकित तुम शांत हो जाओ और सागर तुम जाओ यहाँ से “

काजल की बात सुनकर मैं थोड़ा शांत हो चुका था

“तू इस रांड़ और इस कुत्ते की तरफ़दारी कर रही है साली ..”

सागर और कुछ बोल पाए उससे पहले ही काजल ने उसके गालो मे एक जोरदार झापड़ झाड़ दिया ….

“चुपचाप निकलेगा या नंगा करके तेरे बाप के पास ले जाऊ तुझे … क्या उसे पता है की तूने अपनी बहन के साथ क्या किया है ..”

अपने बाप का नाम सुनकर अचानक से ही सागर ठंडा पड़ गया था .. उसने एक बार गुस्से से हम सभी को घूरा और वहाँ से तेज़ी से निकल गया ..
 
सुस के कमरे के अंदर भी सभी लोग खड़े हुए ये तमाशा देख रहे थे जो की सुस का मेकप करने वहाँ आए थे , उन्हे जैसे इस बात से कोई फ़र्क नही पड़ रहा था शायद वो ये सब पहले भी देख चुके थे ..

काजल और मैं भी कमरे मे सुस के साथ आ गये ..

“हमे थोड़े देर के लिए अकेला छोड़ दो “

सुस के कहने पर सभी लोग वहाँ से चले गये , अब कमरे मे सिर्फ़ मैं सुस और काजल ही बचे थे …..

काजल ने सुस के कंधे पर अपना हाथ रखा , वो रोते हुए काजल से लिपट गयी ..

“मैं सागर भैया से बहुत प्यार करती थी , वो भी मुझे बहुत प्यार किया करते थे लेकिन जैसे जैसे मैं बड़ी होती गयी और उनको ड्रग्स की लत लगने लगी उनका मुझे देखने का नज़रिया ही बदलने लगा ..वो मुझे बार बार आई लव यू बोला करते थे लेकिन उनकी आवाज़ मे वो प्यार नही होता था जो पहले हुआ करता था , और वो मुझे गले लगाकर अपने हाथो से मेरे शरीर को

मसला करते थे … मुझे पहले तो समझ नही आया की ये मुझसे ऐसी बाते क्यो करते है और ऐसी हरकते क्यो करते है , लेकिन जैसे जैसे मुझे दुनिया की समझ आने लगी मुझे भी समझ आ गया की भाई मुझे बहन की तरह नही किसी और तरह से छू रहा है ..

मैने प्यार से माना करना भी शुरू कर दिया , लेकिन एक दिन उसने मुझे प्रपोज़ कर दिया ..

उसने मुझे हमेशा की तरह ही आई लव यू कहा .. मैने भी बदले मे उसे आई लव यू कहा , लेकिन फिर उसने कहा की भाई बहन वाला नही मैं तुझे अपनी गर्लफ्रेंड के रूप मे देखता हू..

मैने पहले तो उन्हे समझाया लेकिन वो नही माना .. फिर भी उसने मेरे साथ कोई ग़लत व्यवहार नही किया था .. लेकिन फिर मेरा एक बाय्फ्रेंड बना ……. और जब सागर को ये पता चला वो तो जैसे पागल ही हो गया ..

मैने उसे बहुत समझाया की हम दोनो भाई बहन है और हमारे बीच ऐसा कुछ नही हो सकता लेकिन वो नही माना और उस दिन उसने वो किया जिससे हमारा रिश्ता हमेशा के लिए ख़त्म हो गया …

उसने मुझे बिस्तर मे ही बाँध दिया और लगातार 2 दिनों तक मेरा बलात्कार किया ..

जब मेरी मा मेरे कमरे मे आई तब जाकर मुझे उसने छोड़ा था , लेकिन मा ने भी बेटे के प्यार मे आकर उसे बस थोड़ा मार कर और गाली देकर छोड़ दिया, वो जानती थी की अगर ये बात पापा को पता चल गयी तो वो सागर को जान से मार देंगे , इसलिए मा ने बात वही दबा दी और मुझे भी ये बात किसी से ना कहने के लिए मना लिया …

लेकिन उस समय से मैं वो लड़की नही रह गयी जो हुआ करती थी , उसके बाद से ही मैने इस दर्द को भूलने के लिए शराब ,ड्रग्स और सेक्स का सहारा लेना शुरू कर दिया ..

अब मैं खुले आम अपने सेक्स बॉडीस के साथ सेक्स करती थी और मेरी मा और मेरा भाई मुझे कुछ नही बोल पाते असल मे मैं उन्हे जलाने के लिए लड़को को घर मे लाया करती थी ..

सागर की कभी कभी इस बात को लेकर मुझसे बहस भी हुई , लेकिन अब तो मैं उसके सामने ही नंगी होकर लेट जाती थी .. तो चिड कर चला जाता तो कभी गुस्से मे मेरे साथ सेक्स करता .. मुझे इससे कोई भी फ़र्क नही पड़ता था बस उसे जलाने मे एक ख़ुसी मिलती है …..



सुस इतना बोलकर चुप हो गयी वही मैं और काजल दोनो ही स्तब्ध से कुछ ना कह पाने वाली कंडीशन मे पहुच गये थे ……..
 
सुस इतना बोलकर चुप हो गयी वही मैं और काजल दोनो ही स्तब्ध से कुछ ना कह पाने वाली कंडीशन मे पहुच गये थे ……..

मेरे दिल मे सुस के लिए एक दर्द सा उठा , जहाँ तक मैं उसे जानता था वो बहुत ही प्यारी सी लड़की थी , हा वो कमिनी भी थी लेकिन बाहर बाहर से ही , अंदर से वो बहुत ही नर्म और प्यारी थी …..सुस ने थोड़ी गहरी साँसे ली और फिर बोलना शुरू कर दिया ..

“लेकिन तुमहरे आने के बाद मुझे लगा की मुझे सच मे प्यार हो गया है ..”

सुस मुझे ही देख रही थी , आज उसकी आँखो मे जैसे सच मे प्यार उतर आया था , इतना प्यार उसकी आँखो मे मैने कभी नही देखा था … मैं आगे बढ़ा और उसके होठों को अपने होठों मे भर लिया ..

“तुम्हे अब डरने की ज़रूरत नही है जान मैं तुम्हारे साथ हू “

मैने पहली बार सुस को दिल से जान कहा था , तभी कमरे के दरवाजे मे किसी की दस्तक हुई ..

“अरे बाबू तुम यहाँ बैठी हो , पार्टी सुरू हो ने वाली है जल्दी से तैयार हो जाओ , और ये मेकप वालो को बाहर क्यो बिठा दिया है “

ये सुस की मा थी ..

उनके चेहरे से पता चल रहा था जैसे उन्हे यहाँ अभी जो भी हुआ उसकी जानकारी हो चुकी थी , सुस ने आँखो ही आँखो से मुझे इशारा किया की सब ठीक है ..

मैं और काजल वहाँ से बाहर आ चुके थे ..

“साला सच मे कमीनो का परिवार है “

मेरा गुस्सा अभी भी पूरा शांत नही हुआ था

“हुम्म वो तो है ..लेकिन इस हादसे से एक अच्छी चीज़ हो गयी “

मैने काजल की ओर देखा .. अब इसे क्या अच्छा दिख गया था ??

“वो क्या ..??”

“हमे तुम्हे फोन करने वाला मिल गया ..”

काजल के चेहरे मे मुस्कान आ गयी थी ..

“कौन??”

“सागर … तुमने देखा ना की वो सुस के लिए कितना पोज़ेसिव है ..”

“हूंम्म्म”

इस बार मैं और काजल दोनो गहरे सोच मे जा चुके थे ………..
 
सुस अभी भी तैयार हो रही थी और मेहमान आने शुरू हो चुके थे …

तभी मेरी नज़र पड़ी नेहा के उपर

“तुम यहाँ क्या कर रही हो ..”

मेरी बात सुनकर उसने बस मुझे गुस्से से देखा ..

“हुउऊउउ”

इतना बोलकर वो सुस के कर्मरे मे चली गयी ..

मैं अवाक खड़ा रह गया था , मैने तो किसी को इस पार्टी के बारे मे नही बताया था :?:

तभी मुझे अक्की , अज्जु और मोनिका दिख गये … वो मेरी ही तरफ़ आ रहे थे

इससे पहले मैं कुछ बोल पाता अक्की ने अपना सर ना मे हिलाया

“बहुत बदल गया रे तू , मैने तो बस सुना था की लड़की मिलने से लोग बदल जाते है आज देख भी लिया … “

अक्की ने दुख के साथ सर हिलाया ..

अब इन सालो को किसने यहाँ बुलाया था .. शायद सुस ने लेकिन वो मुझे बता सकती थी उल्टा उसके इस कदम से मैं फँस गया था ..

“वाह अंकित वाह दिखा दी दोस्ती तूने , साले बहुत बड़ी बड़ी बात करता था …” इस बात बोलने वाला अज्जु था ..

उसने मेरे कंधे मे हाथ रखा और मेरी कोई बात सुने बिना ही अक्की और अज्जु सीधे सुस के कमरे की ओर चले गये

“अरे मेरी बात तो सुनो ..”

मैं उनको समझने के लिए पलटा ही था की मोनिका मेरे सामने आ गयी ..

“साले लड़की क्या मिल गयी दोस्त ही पराए हो गये तेरे लिए “

इतना बोलकर वो भी सुस के कमरे मे चली गयी , मैं बस ठगा सा वही खड़ा रह गया था ..

ज़रूर इस सुस ने ही कोई बात बताई होगी इन लोगो को ..

मेरा दिमाग़ सुस के लिए खराब हो रहा था वही मेरे दोस्त मुझे ग़लत समझ रहे थे इस बात का भी मुझे दुख हो रहा था ..

मैं भी सुस के कमरे की ओर जाने लगा ..
 
जब मैं अंदर आया तो सुस को देखकर मेरी साँसे ही रुक सी गयी ..

“वाउ..”

मेरे मूह से अनायास ही निकल गया था , वो एक सफेद रंग के घाघरे चोली मे थी जिसपर बहुत से चमकीले सितारे लगे थे, ये वही कपड़ा था जिसे सुस ने उस समय पहना था जब मेरी और सागर की लड़ाई हुई थी लेकिन लड़ाई के कारण और सुस के रोने के कारण मैं उस समय उसकी इस खूबसूरती को देख नही पाया था ..

अभी फिर से तैयार होने के बाद वो किसी परी की तरह खिल रही थी ,

आश्चर्य की बात ये थी की नेहा और मोनिका जो की सुस की सबसे बड़ी दुश्मन हुआ करती थी वो दोनो मिलकर उसके इस कपड़े को संभाल और स्वार रहे थे ..

“अबे क्या मूह फाडे खड़ा हुआ है सामने से हट “

अज्जु की बात सुनकर मुझे थोड़ा होश आया और मैं सामने से हट गया , सुस , नेहा और मोनिका के साथ बाहर चली गयी थी ..

“ये सब हो क्या रहा है , ये बिल्लिया दोस्त कैसे बन गयी ..”

मेरे मूह से अचानक से निकल गया ..

“तू तो बात ही मत कर “

अक्की मूह बिगाड़ते हुए वहाँ से निकल गया ..

“अबे … अरे सुन ना यार बताओ तो सही की हुआ क्या है “

ये मेरे लिए इंतजार का इंतहाँ हो रहा था ..

“साले नेहा ने तुझे प्रपोज़ कर दिया लेकिन तूने हमे बताया भी नही , और ना ही इस पार्टी के बारे मे बताया … साले बड़ा आया बॉडीगार्ड कही का ..”

मैं थोड़ा चौक गया था

“तो क्या सुस ने ये बताया ..”

“हा वो कल हमारे पास आई और नेहा के दिमाग़ से तेरे और उसके रीलेशन के बारे मे सभी ग़लतफहमी को दूर कर दिया, और साथ ही मोनिका और नेहा से माफी भी माँग ली और हमे पार्टी मे इन्वाइट किया …”

“इसकी मा की और कामिनी ने मुझे कुछ बताया भी नही “

सुस दिन भर तो मेरे ही साथ थी पता नही वो कब इन लोगो से मिलने चली गयी थी , शायद उस समय जब मैं यहाँ काजल के साथ कुछ घंटो के लिए सेक्यूरिटी के निरीक्षण मे बिज़ी था ..

“कमीने साले मुझे तो यकीन ही नही हो रहा है की तेरे जैसे चूतिए को नेहा जैसी लड़की मिल गयी “

अक्की ने मुझे छेड़ते हुए कहा और फिर मेरे गले से लग गया

साथ ही अज्जु भी मेरे गले से लग गया था ..

“वो बहुत अच्छी लड़की है साले उसका दिल मत दुखाना “

ये कहते हुए अक्की की आँखो मे आँसू आ गये थे , अक्की दिल का बहुत ही मासूम लड़का था और नेहा उसकी सबसे अच्छी दोस्त थी , मैने उसे दिलासा तो दिया लेकिन मन के भीतर की गहराई मे मैं भी जानता था की मैं कितना सही हू और कितना ग़लत …
 
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