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“हाँ साली माफ़ कर देंगे चल उधर कोने मे चल, थोडा तेरा रस तो निचोड़ ले .”
एक ने भाभी के जिस्म को देखकर कहा
“मादर चोद “
मैं उठ खड़ा हुआ था और उसके कॉलर को पकड़ चुका था ,मेरी आँखे गुस्से मे लाल थी ,
“पोलीस वाले का कॉलर पकड़ता है साले “
दूसरा चिल्लाया
अब पता नही दिन भर का गुस्सा था या क्या था मैने एक खीच कर झापड़ उसके गालो पर जड़ दिया …सभी बस मूह फाडे मुझे ही देख रहे थे ..
“मादरचोद पोलीस वाले पर हाथ उठाता है “
दूसरा कुछ करता उससे पहले एक लात उसके पेट पर पड़ चुका था ,वो बिल्कुल ही बेहाल सा नीचे पड़ा था, तभी एक घुसा पहले के पेट मे
भी लगा दिया ,वो भी एक ही घुसे मे तड़पता हुआ नीचे पड़ा हुआ था ..
ये सब देख कर भाभी की हालत भी खराब हो चुकी थी उन्होने मेरा हाथ खिचा जैसे बोल रही हो कि भागो यहाँ से ..
मुझे भी मेरी ग़लती समझ आने ल्गी थी लेकिन अब देर हो चुकी थी क्योकि एक पोलीस की गाड़ी तभी हमारे पास आई …और दोनो की हालत देखकर वही रुक गई
“ये क्या हो रहा है ..”
एक इनस्पेक्टर वहाँ से निकला उसे देख कर दोनो ही उठ खड़े हुए, दोनो ने उसे सलाम ठोका ..
“साहब ये साली रंडी है और ये उसका दल्ला है, दोनो यहाँ ग्राहक खोज रहे थे “
एक सिपाही बोल उठा उसकी बात सुनकर मेरा माथा फिर से खनक गया था, मैं उसे एक और घुसा लगा देता लेकिन भाभी ने मेरा हाथ थाम लिया ..
वही इनस्पेक्टर ने एक बार भाभी के जिस्म को गौर से देखा, पता नही ऐसा क्या था उनके जिस्म मे जो हर कोई उन्हे ही घूर रहा था, उसने
अपनी जीभ अपने होंटो पर चलाई ..
“वाह ये रांड़ तो मस्त लग रही है, कितना लेती है रे एक रत का “
उसकी आवाज़ मे कुछ ऐसा था कि मैं काबू से बाहर होने ल्गा था , मेरा मन किया की साले का मूह तोड़ दूं ,वही भाभी ये सब सुनकर भी मेरा हाथ जोरो से जकड़े हुए थी ..
वो इनस्पेक्टर मुझे देखने लगा
“क्यो बे बहुत दम दिखा रहा है, ले चलो साले को थाने इसका दम निकालते है वही इस रंडी के भी मज़े लेंगे इसी के सामने “
उसका इतना कहना ही था कि मैने ज़ोर लगाया और मेरा बाजू जो कि अभी तक भाभी के हाथो मे था वो छूट गया मैं आगे बढ़ने ही वाला था की एक आवाज़ आई ..
“ए इनस्पेक्टर, सालो चोर उचक्को को तो पकड़ते नही हो और सीधे साधे लोगो को परेशान करते हो ..”
हम सभी उसी आवाज़ की ओर देख रहे थे, एक काला कलूटा, लंबा चौड़ा आदमी सामने खड़ा था, चहरे मे हल्की दाढ़ी थी वही बड़ी बड़ी
मुन्छे …
एक ने भाभी के जिस्म को देखकर कहा
“मादर चोद “
मैं उठ खड़ा हुआ था और उसके कॉलर को पकड़ चुका था ,मेरी आँखे गुस्से मे लाल थी ,
“पोलीस वाले का कॉलर पकड़ता है साले “
दूसरा चिल्लाया
अब पता नही दिन भर का गुस्सा था या क्या था मैने एक खीच कर झापड़ उसके गालो पर जड़ दिया …सभी बस मूह फाडे मुझे ही देख रहे थे ..
“मादरचोद पोलीस वाले पर हाथ उठाता है “
दूसरा कुछ करता उससे पहले एक लात उसके पेट पर पड़ चुका था ,वो बिल्कुल ही बेहाल सा नीचे पड़ा था, तभी एक घुसा पहले के पेट मे
भी लगा दिया ,वो भी एक ही घुसे मे तड़पता हुआ नीचे पड़ा हुआ था ..
ये सब देख कर भाभी की हालत भी खराब हो चुकी थी उन्होने मेरा हाथ खिचा जैसे बोल रही हो कि भागो यहाँ से ..
मुझे भी मेरी ग़लती समझ आने ल्गी थी लेकिन अब देर हो चुकी थी क्योकि एक पोलीस की गाड़ी तभी हमारे पास आई …और दोनो की हालत देखकर वही रुक गई
“ये क्या हो रहा है ..”
एक इनस्पेक्टर वहाँ से निकला उसे देख कर दोनो ही उठ खड़े हुए, दोनो ने उसे सलाम ठोका ..
“साहब ये साली रंडी है और ये उसका दल्ला है, दोनो यहाँ ग्राहक खोज रहे थे “
एक सिपाही बोल उठा उसकी बात सुनकर मेरा माथा फिर से खनक गया था, मैं उसे एक और घुसा लगा देता लेकिन भाभी ने मेरा हाथ थाम लिया ..
वही इनस्पेक्टर ने एक बार भाभी के जिस्म को गौर से देखा, पता नही ऐसा क्या था उनके जिस्म मे जो हर कोई उन्हे ही घूर रहा था, उसने
अपनी जीभ अपने होंटो पर चलाई ..
“वाह ये रांड़ तो मस्त लग रही है, कितना लेती है रे एक रत का “
उसकी आवाज़ मे कुछ ऐसा था कि मैं काबू से बाहर होने ल्गा था , मेरा मन किया की साले का मूह तोड़ दूं ,वही भाभी ये सब सुनकर भी मेरा हाथ जोरो से जकड़े हुए थी ..
वो इनस्पेक्टर मुझे देखने लगा
“क्यो बे बहुत दम दिखा रहा है, ले चलो साले को थाने इसका दम निकालते है वही इस रंडी के भी मज़े लेंगे इसी के सामने “
उसका इतना कहना ही था कि मैने ज़ोर लगाया और मेरा बाजू जो कि अभी तक भाभी के हाथो मे था वो छूट गया मैं आगे बढ़ने ही वाला था की एक आवाज़ आई ..
“ए इनस्पेक्टर, सालो चोर उचक्को को तो पकड़ते नही हो और सीधे साधे लोगो को परेशान करते हो ..”
हम सभी उसी आवाज़ की ओर देख रहे थे, एक काला कलूटा, लंबा चौड़ा आदमी सामने खड़ा था, चहरे मे हल्की दाढ़ी थी वही बड़ी बड़ी
मुन्छे …