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Adultery Meri Bhabhi Ma मेरी भाभी माँ

अपडेट 28

मेरा फोन घनघनाने लगा था , देखा तो ये सुस का कॉल था ..सुस ने ही मुझे ये फोन गिफ्ट किया था , नंबर भी उसी ने डलवाए था और ये नंबर मेरे खुच खास दोस्तो के अलावा और किसी के पास नही था ..

“क्या हुआ ??”

“आज आए क्यो नही “

मैने टाइम देखा अभी रात के 3 बज रहे थे

“इस समय ये पोछने के लिए फ़ोन किया है तुमने ??”

मुझे सुस की इस बात पर थोड़ा गुस्सा आया , तभी मुझे कमरे मे किसी और की भी आवाज़ आई

‘ओके बेबी मैं चलता हू ‘ ये किसी लड़के की आवाज़ थी

‘ओके बाइ ‘ सुस ने जवाब दिया

थोड़ी देर तक कोई आवाज़ उधर से नही आई

“सुस ??”

“हा .. वो तुम्हारी याद आ गयी थी इसलिए तुमने कॉल कर लिया आज तुमने देखा नही है ना “

उसकी आवाज़ मे एक अजीब सी मदहोशी थी या फिर निराशा ??

“कोई तुम्हारे साथ है क्या ??”

“साथ है नही था .. अभी चला गया “

“कौन..?”

“कोई नही मेरा एक फक बडी है , आज क्लब मे अकेले थी वही मिल गया , तुम तो थे नही तो सोचा की क्यो ना थोड़ी मस्ती कर ली जाय , इसलिए उसे अपने फ्लॅट मे ले आई “

सुस की बात सुनकर पता नही मुझे एक अजीब सी जलन महसूस हुई

“तुम तो कह रही थी की तुम मुझसे प्यार करती हो ??”

“हा तुमसे ही प्यार करती हू ..”

“तो ये क्या था ??”

इस बार मेरी आवाज़ मे थोड़ा गुस्सा भी था , वही सुस हल्के से हँसी शायद उसे भी मेरी आवाज़ मे बसी हुई नाराज़गी का अंदाज़ा हो गया था ..

“बस सेक्स और क्या ??”

सुस की बात सुन कर मैने एक गहरी सांस ली

“प्यार मुझसे और सेक्स किसी और से .. ये कैसा प्यार है “

सुस जोरो से हँसी

“ जलन हो रही है , बढ़िया है , जलन भी प्यार की निशानी ही होती है …ऐसे प्यार और सेक्स मे दूर दूर तक कोई समानता नही है .. हा लोग प्यार मे हो तो सेक्स कर सकते है लेकिन सेक्स करने के लिए प्यार मे होना ज़रूरी नही है ..”

“ह्म तो मुझे कॉल क्यो किया “ मैने गुस्से से कहा

“विजय से से सेक्स करते हुए तुम्हारा ही ख्याल आ रहा था ऐसा लग रहा था की तुम ही मेरे उपर छाए हुए हो “

मुझे उसकी बात सुनकर एक अजीब सी उत्तेजना हुई लेकिन साथ ही साथ एक जलन और गुस्सा भी मेरे मन मे भरने लगा था

“ओके मुझे नींद आ रही है बाइ “

“अरे सुनो ना “ सुस ने झट से कहा

“क्या है??”

“तुम मेरे साथ रात कब बिता रहे हो , मैने कहा था ना की मेरे फ्लॅट मे आ कर रहो ,, अगर तुम यहाँ होते तो .. हर रात तुम्हारे साथ ही बिताती “

सुस की आवाज़ मे गजब की मदहोशी आ चुकी थी

“भाभी यहाँ से नही जाना चाहती , और मैं उन्हे अकेले नही छोड़ सकता “

“ऊहह अकेले मत छोड़ो लेकिन कम से कम मेरे साथ तो रहो “

“हुम्म देखते है .. ओके बाइ “

मैने रूखे पन से कहा लेकिन सुस ने इसका जवाब हल्के से हंस कर दिया

“बाइ जानू, लव यू “

और मैने बिना कुछ कहे ही फोन रख दिया ……..

************
 
सुबह सुबह की टीवी मे एक न्यूज़ देखकर मेरी आँखे ही फट गई ..

‘मशहूर बिज़्नेस मैं शशांक मल्होत्रा के बेटे विजय मल्होत्रा की हत्या …. कहा जा रहा है की विजय मल्होत्रा मंत्री दया संकर तिवारी की बेटी स्मिता तिवारी का बाय्फ्रेंड था , हत्या वैसे ही किया गया है जैसे पहले मंत्री तिवारी के खास भवानी को मारा गया था , वही नाम शिवा .. आख़िर ये शिवा है कौन … बेरहमी से हत्या करने के बाद दीवाल पर खून से शिवा लिखा हुआ मिला , जैसा की हमे आपको पहले भी बताया है की ये शक्ति गेंग का स्टाइल है .. क्या शक्ति गेंग फिर से आक्टिव हो रहा है , या ये महज पुलिस कोई बहकाने की कोई चाल है …विजय के पिता शशांक भी तिवारी के खास व्यक्ति थे और उनके बेटे पर हमला सीधे ही मंत्री तिवारी के अहंकार को चुनौती देने की तरह है , क्या हमे फिर से इस शहर मे गैंग वॉर दिखाई देने वाला है ???

पुलिस और प्रशासन दोनो ही खामोश है , आख़िर जानता को जवाब कौन देगा ..’

टीवी रिपोर्टर की बातों से मेरे चेहरे का रंग ही उड़ गया था वही मेरे साथ बैठे हुए संपत मामा भी मुझे घूर रहे थे ..

“इसे मारने की क्या ज़रूरत थी “

संपत मुझे अजीब निगाहो से देख रहा था, मैं बुरी तरह से चौक गया

“ये क्या बोल रहे हो मामा मैने किसी को नही मारा है , ये आख़िर कौन है जो मेरा नाम यूज कर रहा है ..”

“हा मामा कल तो ये मेरे साथ ही था “

हमे चाय देने आई भाभी ने सफाई दी , वही संपत के चेहरे के भाव गंभीर हो गये , उन्होने नीचे बैठे अपने लोगो को देखा, टीवी पर ये न्यूज़ देखकर वो उछल रहे थे , शायद उन्हे फिर से यही लग रहा था की ये कारनामा भी मैने ही किया है ,

“देखो इन लोगो को तो यही लग रहा है की ये हमारे शिवा यानी की तुमने किया है तो मेरे ख्याल से इन्हे इस भ्रम मे ही रहने देना चाहिए , कम से कम ये लोग खुश तो है और इसी बहाने इनमे थोड़ा जोश भी आएगा “

“लेकिन मामा ये तो सोनू के लिए ख़तरा हो सकता है “

भाभी की चिंता भी स्वाभाविक थी

“हा वो तो है लेकिन अभी असलियत तो हम भी नही जानते तो किसी से कुछ कहना सही नही होगा, पहले हमे इसकी जाँच पड़ताल करनी होगी “

मामा की बात का हम दोनो ने समर्थन किया , तभी मेरा मोबाइल फिर से बज उठा इस बार नंबर अननोन था

“हेलो …”

“अंकित ..??”

किसी लड़की की आवाज़ थी

“जी बोल रहा हू “

“तुम्हे अंकित बुलाऊ ..या सोनू ..??”

उसकी बात सुनकर मेरी गान्ड ही फट गयी थी

“मतलब?? “ मैं बुरी तरह से हड़बड़ाया था

वो हल्के से हँसी ,

“मेरा नाम है पूर्वी, इनस्पेक्टर पूर्वी .. क्राइम ब्रांच, तुम अभी पुलिस स्टेशन आ जाओ, मुझे तुमसे मिलना है “

“जी क्यो ??”

वो फिर से हँसी

“विजय मल्होत्रा मर्डर केस के बारे मे बात करनी है “

“जी लेकिन उससे मेरा क्या तालुक ??”

अब तो मेरे माथे मे भी पसीना आने लगा था , वही भाभी और संपत आँखे फाडे हुए मेरे चेहरे का एक्सप्रेशन देख रहे थे ..उन्होने मुझे स्पीकर ओंन करने को कहा ताकि वो भी समझ सके की मेरी ये हालत आख़िर ऐसी क्यो हो रही है

“तुम्हारा क्या तालुक है वो तो यहाँ आकर ही पता चलेगा मिसटर अंकित उर्फ शिवा उर्फ सोनू ..”

उसकी आवाज़ मे एक धमकी थी जिसे सुनकर मैं पूरी तरह से सुन्न पड़ गया था

“देखो मैं चाहू तो तुम्हे तुम्हारे ठिकाने से भी घसीट कर ला सकती हू लेकिन तुम्हारी और तुम्हारी भाभी की इज़्ज़त के खातिर मैं तुम्हे ये मौका दे रही हू की तुम मुझे मेरे ऑफीस मे आकर मिलो “

उसने थोड़े नर्म होकर कहा

“जी आता हू “

“गुड “

और फोन रख दिया गया ..

संपत और भाभी दोनो ही मुझे तो कभी एक दूसरे को घूर रहे थे ,

“ये इनस्पेक्टर पूर्वी है , ये अपने पूरे टीम के साथ पांडे मर्डर केस मे लगी हुई थी , मतलब इसने तुम्हारे बारे मे बहुत कुछ जान लिया है “

संपत के चेहरे मे भी पसीना आ गया था

“सोनू तू वहाँ नही जाएगा “ भाभी की आवाज़ मे एक कंपन पैदा हो गयी थी

“नही आरती उसे जाने दे , वो कोई मामूली पुलिस वाले नही है बल्कि क्राइम ब्रांच वाले है वो भी स्पेशल सेल वाले , अगर उन्हे इसे गिरिफ्टार करना होता तो कब का कर चुके होते लेकिन मुझे लगता है की उन्हे भी ये पता है की विवेक का खून इसने नही किया है ..”

“हा लेकिन पांडे और उन पुलिस वालो का ..”

मैने घबराते हुए मामा से कहा

“जहाँ तक मैं इनकी टीम को जानता हू इन लोगो ने पांडे वाला केस बस दिखावे के लिए ही लिया होगा , असल मकसद कुछ और ही होगा , सभी को पता था की पांडे कैसा आदमी है उसके मरने पर किसी को कोई भी दुख होने वाला नही है.. देख तू बस उनके सामने सच बता देना , झूठ बोलेगा तो वो पकड़ लेंगे .. शायद वो हमारी मदद कर सके “

मामा की बात सुनकर मैने भाभी की ओर देखा उन्होने भी हामी मे सर हिला दिया …..
 
अपडेट 29

पुलिस स्टेशन से मुझे एक दूसरे ऑफीस ले जाया गया था, वो किसी इट कंपनी के ऑफीस की तरह दिखाई पड़ रहा था , एक बड़े से कॅबिन मे मुझे ले जाया गया ..

“सिट डाउन सोनू “

एक महिला की ये तेज लेकिन लुभावनी सी आवाज़ मेरे कानो तक आई और जब मैने उसे देखा तो बस मानो देखता ही रह गया , कसी हुई शर्ट मे उसके बड़े बड़े आम बिल्कुल किसी पर्वत की तरह दिखाई दे रहे थे , बाल खुले हुए थे लेकिन बहुत ही तरीके से सवरे गये , और बस एक हेर बेल्ट की सहायता से बाँधे गये थे , सफेद रंग की कमीज़ और नीले रंग की जीन उसे बिल्कुल ही एक रफ आंड टफ लुक दे रही थी लेकिन फिर भी बहुत ही प्रोफेशनल की तरह लग रही थी , मेरे सामने रखे टेबल के उस पर रखी एक चेर मे उसका ब्लेज़र पड़ा हुआ था , वो टेबल मे अपने कसे हुए पिछवाड़े को जमाए मेरे बाजू मे आकर खड़ी हो गयी थी ..

“हम तुम्हारे बारे मे सब जानते है , तुम कहा रहते हो क्या करते हो , कहा से आए हो , क्यो आए हो , वागरह वागरह …”

“आपने मुझे यहाँ क्यो बुलाया और आप अगर मेरे बारे मे सब जानते हो तो मुझे अभी तक अरेस्ट क्यो नही किया “

मेरी बात सुनकर वो थोड़ा सा हँसी

“हुम्म पॉइंट की बात तो यही है क्यो ..?? चलो शुरू से शुरू करते है.. मेरा नाम है इनस्पेक्टर पूर्वी , मैं क्राइम ब्रांच की एक अधिकारी हू , और ये मेरा ऑफीस है जो एस्पेशली पांडे मर्डर केस के लिए हमे दिया गया है , मैं और मेरी टीम तिवारी के काले करनामो को उजागर करने के लिए काफ़ी समय से प्रयासरत थे , और तभी पांडे की हत्या .. हमे एक बहाना मिल गया तिवारी की काले चित्तो का परदा फास करने के लिए .. लेकिन वो इतना कमीना और शातिर है और इतना पॉवरफ़ुल्ल भी है की ड्यूटी मे रहते हुए हम उसका बाल भी बांका नही कर सकते, तो हमे सोचा की क्यो ना उसे ढूँढा जाए जिसने पांडे का मर्डर किया है , सिंपल पुलिस के लिए शायद ये कठिन काम होता लेकिन हमारे लिए ये बस चुटकी बजाने जैसा काम था , हमे पता चल गया की पांडे की तुमसे पर्सनल दुश्मनी थी और फिर हमे कालवा का पता चला और फिर संपत का तुम्हारी भाभी का और फिर तुम्हारे कॉलेज का …

तुमने सही प्रश्न किया था की हमने तुम्हे अरेस्ट क्यो नही किया , क्योकि जहाँ तक हमे पता चला तुम एक नॉर्मल से कॉलेज गोयिंग लड़के हो जिसका अपराध की दुनिया से कोई भी तालुक नही है , तुमने तो ये भी नही पता की तुमने पांडे का मर्डर नही किया है “

पूर्वी की बात सुनकर मैं बुरी तरह से चौक गया साली पागल तो नही हो गयी थी ..

“ये आप क्यो बोल रही है “

उसके चेहरे मे एक मुस्कान खिल गयी

“हा अंकित .. तुमने अंकित बुलाऊ तो तुम्हे कोई अटराज तो नही “

मैने जल्दी मे ना मे सर हिलाया

“तो हा अंकित , तुमने पांडे का मर्डर किया नही है , बल्कि तुमसे ये करवाया गया है .. एक पूरे प्लान के द्वारा “

“व्हाट ..??”

मैं बुरी तरह से चौका था

“हा “

“आख़िर कौन ऐसा करवाना चाहेगा और वो भी मुझसे , मैं तो एक सामान्य सा लड़का हू “

मेरी बात सुनकर पूर्वी जोरो से हंस पड़ी ..

“हा तुम एक समय से लड़के हो लेकिन बात तुम्हारी नही थी “

मैं उसे अब भी आश्चर्य से ही देख रहा था

“तो फिर ..”

“तुम भले ही एक सिंपल से लड़के हो लेकिन तुम्हारी भाभी ..”

भाभी का नाम सुनते ही जैसे मुझे कोई करेंट का ज़ोर वाला झटका लग गया था , मेरी नज़र पूर्वी मे ही टिक गयी

“मेरी भाभी ..???”

मेरे होंठ सूखने लगे थे

“हा तुम्हारी भाभी , तुम्हारी भाभी कोई सिंपल इंसान नही है “

मेरा सर चकराने लगा था

“आख़िर आप ये क्या कह रहे हो मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा , मैं उन्हे हमेशा से जानता हू वो एक सीधी साधी सी घरेलू औरत है …”

“हा वो है ..”

“तो आपने ऐसा क्यो कहा “

पूर्वी ने एक गहरी सांस ली

“क्योकि वो जीवा की भांजी है “

“व्हाट ..?? जीवा ..?? अंडरवर्ल्ड का डॉन जीवा.. जीवा गैंग का हेड “

“हुम्म वो जीवा की बहन कोमल की बेटी है , कालवा ने जब उसे पहली बार देखा था तब ही उसे पहचान लिया था , पहचानता भी क्यो ना आख़िर वो उसकी बहन कोमल की हू बा हू कॉपी जो है ..आख़िर अपनी बहन का चेहरा कोई कैसे भूल सकता है “

पूर्वी की बात सुनकर मैं पूरी तरह से स्तब्ध हो गया था

“यानी कालवा ही ..”

“हा कालवा ही जीवा है जो तिवारी के आदमियो से छिपने के लिए कालवा बन गया और सबको कह दिया गया की जीवा अंडरग्राउंड हो गया है , उस बस्ती मे ऐसे भी पहले से ही जीवा का ही राज था लेकिन सभी संपत को जानते थे ना की जीवा को , उसकी कोई तस्वीर भी मौजूद नही थी , वो जीवा गैंग का हेड था और उसकी बहन कोमल शक्ति गेंग की हेड थी , दोनो भाई बहन एक दूसरे से बेहद ही प्यार करते थे लेकिन साथ ही साथ दोनो को ही एक दूसरे के काम करने का तरीका बिल्कुल भी पसंद नही था , इसलिए दोनो ही अपना अपना गैंग चलाते थे ..”

“लेकिन भाभी की मा-बाप को तो सालो से जानता हू वो तो मेरे गाँव के पास वाले कॉलेज के बाहर चाय की छोटी सी टपरी चलती है “

“हुम्म हमने पता किया था और वो कोमल ही है जो अपने पुराने प्यार भुवन के साथ ये सब छोड़कर शांति की जिंदगी बिताने के लिए गाँव मे जाकर बस गयी “

“ऑश …”

मैं गहरे सदमे मे था .. क्या भाभी को ये सब पता है ..??

“लेकिन ….. लेकिन इन सबसे पांडे का क्या नाता है ??”

पूर्वी ने गहरी सांस ली

“कालवा उर्फ जीवा आरती को देखते ही पहचान गया था की वो उसकी भांजी है , जैसा हमे पता लगा की उसने ही तुम लोगो को सबसे पहले पांडे से बचाया और फिर घर दिलवाया , लेकिन वो नही चाहता था की उसकी भांजी ऐसा जीवन जिए , लेकिन उसे ये भी डर था की आरती उसकी बात को नही मानेगी क्यो की इस बारे मे उसे भी कुछ नही पता था, साथ ही साथ असलियत के बाहर आने से तिवारी का भी ख़तरा तुम दोनो पर बढ़ जाता , अगर आरती तिवारी या उन लोगो के नज़र मे आ जाती जो की कोमल को जानते थे तो तुम दोनो की ही जान ख़तरे मे पड़ जाती , और उसे पांडे से भी कई हिसाब चुकाने थे इसलिए उसने एक प्लान बनाया , पहले तो तुम्हे पैसो का लालच देकर अपने साथ यानी जीवा गैंग के लिए काम करवाने की कोशिस की लेकिन तुम नही माने तो उसने खुद ही पांडे को आरती की जानकारी भेजवा दी और फिर तुम्हने भी सही समय मे वहाँ पहुचा दिया, तुम्हारे हाथो पांडे का खून करवा दिया और ऐसे तुम दोनो ना चाहते हुए भी जीवा की हवेली मे आ गये , अब तुम्हारी भाभी को जीवा की असलियत का पता है या नही ये तो मैं नही जानती लेकिन मुझे इतना ज़रूर लगता है की उसे ये पता होगा ..”

“क्यो ??”

“क्योकि हमे लगता है की शिवा के नाम से कत्ल करने वाला कोई और नही बल्कि तुम्हारी भाभी आरती ही है “

“व्हाट ..?? आप पागल हो गयी हो क्या “

मैं गुस्से मे बुरी तरह से चीखा , लेकिन पूर्वी के होठों मे बस एक हल्की सी मुस्कान ही आई

“हा अंकित .. तुम्हे कॉलेज और दोस्तो मे व्यस्त कर दिया गया , तुम्हें हवेली की कोई बात का नही पता है , जबकि तुम्हारी भाभी को लड़ने की ट्रैनिंग दी गयी , आख़िर उसके रगो मे कोमल उर्फ शक्ति का खून दौड़ रहा है , उसे भी तो तिवारी से बदला लेना होगा जिसने उसकी मा और उसके मामा को धोखा दिया था , जिसके कारण उसकी मा दर दर की ठोकर खाने के लिए मजबूर हो गयी ..”
 
पूर्वी की ऐसी बात को सुनकर मैं बुरी तरह से परेशान हो गया था , उस फुल एसी वाले कमरे मे भी मेरे माथे मे पसीना आ रहा था

“लेकिन आप ऐसा कैसे कह सकती है की वो खून भाभी ने किए है “

पूर्वी ने फिर से गहरी सांस छोड़ी

“असल मे हमे नही पता की वो खून किसने किए है , लेकिन जिस पॅटर्न से वो खून किया गया है वो दोनो ही शक्ति गेंग का पॅटर्न हुआ करता था , पहले लोगो को मार कर मारने वाला उसके खून से शक्ति लिख देता था , और ये सब शक्ति गेंग की मुखिया शक्ति उर्फ कोमल ही किया करती थी , तो ये अंदाज़ा लगाना ग़लत नही होगा की आरती भी अपनी मा के रास्ते मे चल रही है और शक्ति गेंग का दबदबा फिर से बढ़ा रही है ..”

“लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कल तो वो मेरे साथ ही थी “

“वही चीज़ तो हमे परेशान कर रही है , हम भी आरती पर नज़र बनाए हुए है , वो कल हवेली से बाहर ही नही गयी थी , ना ही कोई और ही बाहर गया था , तो फिर आख़िर ये खून किसने किया “

पूर्वी के चेहरे मे भी चिंता की लकीरे घूमने लगी थी , कुछ देर तक हम दोनो ही शांत रहे , फिर अचानक से मेरे जहाँ मे एक सवाल उठ खड़ा हुआ

“लेकिन आप लोगो को जब सब पता चल गया है तो अपने मुझे अरेस्ट क्यो नही किया “

इस बार पूर्वी के होठों मे एक मुस्कान आई

“क्योकि इससे हमे कोई फ़ायदा नही होने वाला था, पांडे को तुमने मारा है ये बस हमारी टीम को ही पता है , पुलिस डिपार्टमेंट तक हमे ये बात अभी भी पहुचने नही दी है , क्योकि इससे कुछ खास होने वाला भी नही है , तुम्हारे खिलाफ कोई सबूत मिलेगा नही तो तुम्हे जेल तो होगी नही बल्कि उल्टा तिवारी का ख़तरा तुम्हारे उपर बढ़ जाएगा , इससे हमे तो कोई फ़ायदा नही होगा बल्कि तुम्हारा नुसकान ज़रूर हो जाएगा “

पूर्वी की बात सुन कर मैने एक गहरी सांस ली

“लेकिन मुझे बचाने मे आप लोगो का क्या फ़ायदा है “

इस बार फिर पूर्वी के चेहरे मे एक कुटिल मुस्कान आ गयी

“हमे तिवारी चाहिए , उस साले ने क़ानून की धज्जिया उड़ा दी है लेकिन फिर भी कोई उस्तक नही पहुच पा रहा , तुम हमारे लिए एक उम्मीद हो सकते हो , आख़िर तुम उसकी बेटी के दोस्त जो हो …और तुम्हारी बारे मे ना बताने के बदले तुम हमारी मदद कर सकते हो , हमारा मिशन भी तो एक ही है “

पूर्वी के होठों आई मुस्कान और भी गाढ़ी हो गयी थी

“मेरा कोई मिशन नही है ..”

“तुम्हारा नही लेकिन तिवारी को ख्तम करना जीवा गैंग का मकसद तो है और तुम्हारी भाभी का भी “

भाभी का नाम सुन कर मैं थोड़ा सहम गया था मेरे दिमाग़ मे कई बाते चल रही थी

“देखो अंकित हमारा साथ दो , तुम्हारा ही फ़ायदा होगा , जीवा गैंग अब ख़त्म हो चुका है उसके पास कोई भी पवर नही बची है , वो लोग तुम्हे और तुम्हारी भाभी दोनो को मुस्किल मे डाल सकते है वही हमारे पास आधुनिक हथियार से लेकर पूरी टेक्नालजी है , टॅलेंटेड लोग है जो की इस तरह के कई मिशन को अंजाम दे चुके है , जीवा गैंग या शक्ति गेंग वाले बस खून ख़राबा करते रह जाएँगे उनसे कुछ नही होगा वो कभी तिवारी तक नही पहुच पाएँगे … जबकि हमारे पास पूरा सिस्टम है , हम तुम्हे और तुम्हारी भाभी को बचा लेंगे बल्कि तिवारी को भी जैल की सलाखो के पीछे डाल देंगे , वही तुम्हारा भविष्य भी तो है आगे … और सोचो की उन लोगो के साथ तुम्हे क्या मिलेगा वो तुम्हारी भाभी को एक कातिल बना देंगे जो क़ानून की निगाहो मे भी गुनहगार होगी “

पूर्वी की बात सुनकर मैं गहरे सोच मे डूब गया था

आख़िर मैने एक गहरी सांस ली और बोल उठा

“मुझे क्या करना होगा “

पूर्वी मुस्कुराइ …

“बस कुछ इन्फर्मेशन तुम्हे हम तक पहुचाने होंगे बाकी का काम हम देख लेंगे “

तभी कमरे का दरवाजा खुला और एक हटता कटता नौजवान शख्स अंदर आया

“ओह्ह इनसे मिलो ये है हमारे चीफ़ आनलिस्ट आइब के विकाश “

“हेलो अंकित “ उस शख्स ने बड़े ही प्यार से मुझसे हाथ मिलाया और पूर्वी की तरफ़ देखने लगा

“ज़रा खिड़की से बाहर देखो “

विकाश की बात सुनकर पूर्वी तुरत ही खिड़की के पास पहुच गयी और परदा हटा कर नीचे देखने लगी , अचानक ही उसके चेहरे का भाव ही बदलने लगा था

“ये यहाँ कैसे आई , तुमने इसे कुछ बताया “

वो विकाश की और गुस्से से देखने लगी

“मैने उससे कुछ नही कहा , पता नही वो यहाँ क्यो आई है “

विकाश ने अपनी सफाई दी , तभी पूर्वी ने एक गहरी सांस ली और मेरी ओर मूड गयी

“ठीक है अंकित तुम अब जा सकते हो , जब ज़रूरत होगी हम तुमसे कॉंटॅक्ट कर लेंगे .. और हा सुनो बाहर ये जो औरत खड़ी है वो तुमसे शायद कोई बात करे , उसकी बात मत सुनना वो एक नंबर की कमिनी है …”

मुझे पूर्वी की बात समझ नही आई लेकिन उसकी बातों से जलने वाली बू ज़रूर आ रही थी , मैने बस हा मे सर हिलाया और वहाँ से निकल गया ,
 
उस ऑफीस से नीचे आते ही जैसा उन्होने कहा था मुझे वो औरत दिखाई दी , बला की खूबसूरत एक टॉप और जींस पहने हुए , आँखो मे काले रंग का गॉगल पहना हुआ था, कपड़े शरीर मे ऐसे कसे हुए थे की उसके यौवन का हर एक अंग साफ साफ झलक रहा था , ना चाहते हुए भी उसके चेहरे की खूबसूरती और जिस्म की मादकता के इस आद्भुत मिश्रण मे मैं खो सा गया था , वो होठों मे एक सिगरेट लगाए हुए काले रंग की ऑडी कार से टिकी हुई खड़ी थी ..

जैसे ही हमारी नज़रें मिली उसने इशारे से मुझे अपने पास बुला लिया , मैने एक बार उपर की ओर देखा उपर के माले के काँच की खिड़की से पूर्वी झाँकती हुई दिखाई दी ..

मैं उसके पास पहुचा तो उसने अपना सिगरेट नीचे फेक दिया और मेरी तरह अपना हाथ बढ़ाया ..

“हाई अंकित आई आम काजल … क्या मैं तुम्हारा थोड़ा वक़्त ले सकती हु “
 
अपडेट 30

मैं उसके पास पहुचा तो उसने अपना सिगरेट नीचे फेक दिया और मेरी तरह अपना हाथ बढ़ाया ..

“हाई अंकित आइ एम काजल … क्या मैं तुम्हारा थोड़ा वक़्त ले सकती हूँ “

“जी बिल्कुल कहिए “

“बहुत गर्मी है अंदर कार मे बैठ कर बात करे , तुम्हे तुम्हारे घर भी छोड़ देती हू “

मैने एक बार फिर से उपर देखा पूर्वी अब भी हमे देख रही थी

“अरे उन लोगो की चिंता मत करो आओ “

उसने दरवाजा खोला और मैं उसमे बैठ गया, वो ड्राइवर सीट पर जा बैठी , मुझे समझ नही आ रहा था की आख़िर ये है कौन और अचानक से सबको मेरे उपर इतना इंटरेस्ट क्यो आ गया है

“पूर्वी ने तो तुमने बहुत कुछ बता दिया होगा “

“जी ..”

“तो उन बातों को करके कोई फ़ायदा नही है , खैर मैं तुम्हे अपना इंट्रो दे देती हू , जैसा मैने तुम्हे अपना नाम बताया मैं काजल हू और मैं एक पर्सनल इन्वेस्टिगेटर हू .. अभी हाल मे ही हमारे सिटी मे जो लगातार मर्डर हो रहे है मैं उसके बारे मे तुमसे कुछ बात करना चाहती हू ..”

“जी बोलिए “

मैने विनम्रता से कहा

“देखो मुझे भी पता है की पांडे को तुमने मारा है , और अच्छा किया जो साले को मार दिया ,लेकिन बाकी के दो मर्डर..?? मुझे पता है की उसके बारे मे तुम्हे भी कुछ नही पता है लेकिन इन लोगो का शक़ तुम्हारी भाभी पर है , क्योकि वो शक्ति गेंग की लीडर कोमल की बेटी है … पूर्वी ने तो तुम्हे इसके बारे मे बताया होगा “

मैने बस शांति से हा मे सर हिलाया

“ओके तो बात ये है की मुझे तिवारी ने कातिल को ढूँढने का काम दिया है “

“क्या ??” इस बार मैं थोड़ा चौक गया था

लेकिन काजल बस मुस्कुराती रही

“हा अंकित मैं एक पर्सनल इन्वेस्टिगेटर हू तो मुझे कोई भी काम दे सकता है , तिवारी ने पांडे और फिर अपने खास भवानी की मौत के बाद से ही मुझे हाइयर कर लिया था तब से मैं इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया .. लेकिन तुम्हारे बारे मे जानने के बाद मुझे समझ आ गया था की तुमने जो किया था वो महज एक हादशा था ना की कोई प्री प्लेंड मर्डर , और ये तुमसे कराया गया था ना की तुमने खुद ये सब किया था ..”

काजल की बात से मैने एक गहरी सांस ली

“आप पूर्वी जी को कैसे जानती हो , आप दोनो ही एक जैसी बाते कर रही हो “

मेरी बात सुनकर काजल जोरो से हंस पड़ी ..

“असल मे हम सब कभी साथ काम किया करते थे, मैं भी पहले सीक्रेट सर्वीसज़ का हिस्सा हुआ करती थी , तब पूर्वी विकाश की गर्लफ्रेंड हुआ करती थी , लेकिन बाद मे उनका ब्रेकप हो गया और विकाश और मैने शादी कर ली अब मैं उसकी पत्नी हू …इसलिए एक जलन और कॉंपिटेशन की भावना तो हमारे बीच पहले से आ गयी थी … मैने कुछ कारणों से जॉब छोड़ दी और अब मैं प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर बन गयी हू …”
 
काजल ने मुस्कुराते हुए मुझे कहा

“ओह तो ये बात है , इसलिए पूर्वी आपसे इतनी नफ़रत करती है , लेकिन मुझे एक बात अभी भी समझ नही आई की आप मुझे क्यो बचा रही है … पूर्वी और उनकी टीम के पास तो एक कारण है लेकिन आप ??”

काजल फिर से मुस्कुरा उठी

“अंकित जैसा मैने पहले ही कहा की तुम कोई कातिल नही हो , और दूसरा मैं ये भी जानती हू की तिवारी कोई दूध का धुला हुआ इंसान नही है , मैने प्राइवेट इन्वेस्टिगेशन का काम सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए नही शुरू किया था , मैं सच मे लोगो की मदद करना चाहती हू, और तिवारी जैसे लोग मुझे पैसे तो दे सकते है लेकिन मेरे लिए पैसा मेरी जमीर से ज़्यादा मायने नही रखता है , मैं इस शहर से क्राइम को ख़त्म करना चाहती हू , इसलिए ज़रूरी है की तिवारी के राज भी खुले और जीवा गैंग के भी …”

“तो आप चाहती है की मैं जीवा गैंग और तिवारी पर नज़र रखू “

“जैसा सबको लग रहा है की इन कत्ल मे तुम्हारी भाभी या फिर जीवा के किसी आदमी का हाथ है लेकिन मुझे ऐसा नही लगता ..”

काजल ने ऐसे कॉन्फिडेन्स के साथ कहा की एक बार मैं उसे देखता ही रह गया

“मुझे लगता है की इसमे किसी दूसरे का हाथ है ..”

“किसका ..??”

“अभी तो मैं कन्फर्म नही हू लेकिन क्या ये अजीब बात नही है की कल रात जिसका खून हुआ विजय मल्होत्रा वो 3 बजे तक तिवारी की बेटी के साथ था …”

मैं फिर से चौक गया

“आपको कैसे पता चला “

काजल जोरो से हसने लगी

“अरे छोटी सी बात है , तिवारी की बेटी क्या कहते हो तुम लोग उसे हा सुस .. कल रात सुस ने तुम्हारे मोबाइल पर कॉल किया था वो भी 3 बजे , तो मैने उसके मोबाइल का लोकेशन ट्रॅक किया और जिस बिल्डिंग मे वो रात मे थी वहाँ की सीसी टीवी फुटेज से साफ हो गया की विजय रात मे अपार्टमेंट से निकला 3 बजे के आस पास ही , मतलब की तुमसे बात हुई उसके साथ ही .. मजेदार बात ये है की विजय की पोस्टपार्टम से पता चलता है की उसकी मौत कुछ 3.30 से 4 बजे के बीच ही हुई है मतलब की उसके बाहर निकलने के थोड़ी ही देर बाद … अब सोचने वाली बात ये भी है की विजय का घर उस अपार्टमेंट से लगभग 45 मीं के रास्ते पर है , दूसरा की विजय अपनी कार मे था , तो किसी ने उसे रुकवाया होगा और फिर झाड़ियो मे ले जाकर हाथापाई किया होगा फिर पास बने एक खंडहर तक लाकर उसे मारा होगा … राइट …”

मैं कन्फ्यूज़ था ..

“हा शायद ऐसा ही हुआ होगा “

काजल मुस्कुराइ

“अब सोचो की रात के समय वो भी इतनी महँगी गाड़ी मे चलने वाले विजय के गाड़ी की स्पीड क्या रही होगी जब उसने रात मे अच्छी ख़ासी सराब पी थी , और वो एक रहीस बाप का एक बिगाड़ा हुआ लड़का है … “

मैं सोच मे पड़ गया था की आख़िर काजल कहना क्या चाहती है

“मेरे ख्याल से बहुत स्पीड मे रहा होगा ..??”

“राइट .. बहुत स्पीड मे रहा होगा “

“बिल्कुल और वो भी रात के 3 बजे , तो सोचो की ऐसा इंसान अपनी गाड़ी किसी के लिए क्यो रोकेगा .वो भी इतनी सुनसान जगह पर जहाँ आसपास जंगल की तरह हो .”

अचानक से मेरे दिमाग़ मे एक बात कौंधी

“ज़रूर गाड़ी रुकवाने वाली एक लड़की रही होगी ..”

काजल के होठों पर एक मुस्कान आ गई
 
“बिल्कुल सही , लेकिन जहाँ हमे विजय की गाड़ी मिली थी वो गाड़ी रोड मे लिफ्ट देने के लिए खड़ी नही की गयी थी बल्कि उसे रोड़ से नीचे उतार कर लगाया गया था जैसे उसे वही उतरना था …”

मैं फिर से सोच मे पड़ गया

“हो सकता है की लड़की ने विजय को रुकवाया होगा फिर शायद उनके बीच कुछ ऐसी बात हुई होगी की .. मतलब .. आप समझ रही हो ना और फिर विजय ने गाड़ी रोड़ से उतार कर थोड़ा अंदर पार्क किया हो और लड़की के साथ चला गया हो ..”

काजल मेरी बात सुनकर मुस्कुरा उठी

“बिल्कुल सही …रोड़ पर गाड़ी रोकी गयी फिर झाड़ियो से वो अंदर गये , वहाँ कोई भी ऐसा निशान नही दिख रहा है जिससे ये लगे की किसी भी तरह का कोई झगड़ा हुआ होगा , फोरेन्सिक से साफ है की हत्या किसी औरत ने ही की है , चाकू मारने मे लगने वाले बल से ये बात समझ मे आ जाती है और ये भी की विजय अपनी मर्ज़ी से उस खंडहर मे गया होगा… “

“मतलब कोई लड़की उसे बहलकर उस खंडहर मे ले गयी और वाहा पर उसने उसकी हत्या कर दिया …”

“लगता तो यही है “

“हुम्म लेकिन इन सबसे आप साबित क्या करना चाहती है “

काजल की मुस्कान और भी तेज हो गयी

“तुम्हारी भाभी सारी रात तुम्हारे पास थी राइट , जब सुस का कॉल आया था तब तो तुमने उन्हे देखा होगा “

“हा वो वही थी “

“तो कत्ल भाभी तो कर नही सकती ना ??”

“जी हा..”

“अब एक मजेदार बात और सुन लो, जब पुलिस ने विजय की कॉल हिस्टरी निकाली तो उसमे लास्ट कॉल आया था 3.10 को और जानते हो कॉल किसका था …”

मेरे दिल की धड़कने अचानक से तेज हो गयी थी आख़िर किसका था ??

“सुस का और इससे ही पुलिस को सुस और विजय के रिश्ते के बारे मे भी पता चला “

“ऑश” मैने एक गहरी सांस छोड़ी जैसे किसी अनहोनी से मुक्त हो गया हू

“ये तो स्वाभाविक सी बात है , उन दोनो का संबंध था , विजय सुस के पास से ही तो आ रहा था तो उसका कॉल आने मे क्या ग़लत है “

“ग़लत है … विजय जाने के तुरंत बाद ही सुस ने तुम्हे कॉल किया और फिर तुरंत बाद विजय को .. कुछ अजीब नही है “

“इसमे अजीब क्या है ??”

“कौन ऐसा करता है , और जबकि उसे ये पता था की विजय को घर पहुचने के लिए लगभग 45 मीं लग जाएगा लेकिन ऐसी क्या एमर्जेन्सी आ गयी थी की सुस ने तुरंत ही उसे कॉल किया और अगर दोनो लवर होते तो बात अलग थी वो दोनो बस फक बडीस थे .. सिर्फ़ जिस्म का संबंध था, तो सुस विजय की इतनी तो केर नही करती होगी की फोन करके पूछे की जानू पहुचा की नही “

ये बोलते हुआ वो थोड़ा हंस पड़ी , लेकिन मुझे अभी भी उसकी बात कुछ समझ नही आ रही थी की आख़िर वो बोलना क्या चाहती है

“आख़िर आप कहना क्या चाहती हो “

“यही की ये मर्डर प्लान करके किया गया है , सुस ने पहले तो विजय को जाने दिया ताकि सीसी टीवी मे साफ साफ लगे की विजय वहाँ से चला गया है , और फिर तुमसे बात करते हुए वो सीसी टीवी से बचते हुए नीचे आई , तब तक विजय अपार्टमेंट से निकला ही रहा होगा और सीसी टीवी कॅमरा से थोड़ा दूर हुआ होगा की सुस ने उसे कॉल किया और रुकवा लिया होगा वो उसके साथ गयी , निर्धारित जाग पर और वहाँ उसका खून कर दिया होगा “

काजल की बात सुनकर मुझे जोरो का गुस्सा आया

“आप पागल हो गयी हो ये क्या बक रही हो .. आख़िर सुस विजय का खून क्यो करेगी …”

काजल ने एक गहरी सांस छोड़ी

“वही तो समझना है की आख़िर क्यो …. चलो तुम्हारा घर भी आ गया , मैं बस तुमसे ये कहना चाहती हू की सुस पर नज़र रखना , और कुछ अजीब दिखे तो मुझे बताना, इससे तुम्हारी और तुम्हारे भाभी दोनो की जिंदगी ख़तरे से बची रहेगी “

उसने अपन कार्ड मुझे थमा दिया और मैं गाड़ी से नीचे उतर गया , सला मेरा तो दिमाग़ ही घूम गया था , कोई कहता है तिवारी पर नज़र रखो तो कोई कहता है की भाभी और जीवा गैंग पर .. अब ये महारानी सुस पर नज़र रखने का बोलकर चली गयी थी …………..
 
अपडेट 31

वापस आया तो संपत और भाभी के साथ साथ कलवा को भी हवेली मे ही पाया

सभी मुझे देखकर मुस्कुरा रहे थे ..

“क्या कहा इनस्पेक्टर पूर्वी ने”

आते ही कलवा ने पूछ लिया

“क्या नही बताया .. बहुत कुछ बताया .. आपके बारे मे और आपसे भाभी के संबंधो के बारे मे “

सभी चुप ही थे और मैं सीधे अपने कमरे मे चला गया था

थोड़ी देर बाद भाभी वहाँ आई

“क्या आपको मुझपर थोड़ा भी भरोशा नही है जो अपने मुझसे इतनी बड़ी बात छुपाई “

भाभी मेरी नाराज़गी समझ सकती थी

“ऐसा नही है सोनू , मैं तो बस तुझे मुसीबत से दूर रखना चाहती थी “

“मेरे नाम का ईस्तमाल करके ??”

“तुझे भी लगता है की भवानी का कत्ल मैने किया है , उधर संपत और जीवा मामा को भी ऐसा ही लगता है “

मैने एक गहरी सांस छोड़ी

“तो किसने किया है ..??”

“मुझे सच मे नही पता …”

मैं शांति से आँखे बंद किए लेट गया था , भाभी ने भी आगे मुझसे कुछ नही कहा ……

*************

हमारे कोचिंग का पहला दिन था , नेहा और अक्की मुझे सुबह से कॉल कर रहे थे , सनडे का दिन तय किया गया था पहली क्लास के लिए , दोपहर के कोई 12 बजे थे जब मैं स्नेहा मेडम के घर गया , मुझे बाहर ही अक्की मूह लटकाए हुए दिख गया ..

“क्या हुआ अंदर क्यो नही जा रहा है और तेरा मूह क्यो लटका हुआ है “

अक्की ने मेरी बात का कोई भी जवाब नही दिया तो मैने नेहा की ओर रुख़ दिया

“वो हमने पवन सर को अंदर जाते देखा तब से इसका चेहरा उतरा हुआ है “

मैने अक्की को ध्यान से देखा वो किसी बच्चे की तरह ही रिएक्ट कर रहा था , मैने उसके कंधे पर हाथ रखा

“भाई हम इसीलिए तो यहाँ पर आए है ताकि हम सच्चाई का पता लगा सके , अब अंदर चले”

अंदर जाते ही जो नज़ारा आँखो के सामने था वो और भी चौकाने वाला था, सोफे पर पवन सर एक छोटी सी बच्ची को गोद मे लिए हुए बैठे थे, जैसे ही उनकी नज़र हमपर पड़ी उनके चेहरे मे एक अजीब सी मुस्कान आ गयी ..

“ऑल ऑल अक्की बाबू कौन आए है , तुम्हारे मामा और मौसी जी आए है “

उसकी बात सुनकर अक्की के चेहरे का भाव तो देखने के लायक था

“मामा और मौसी ??? ये सब क्या हो रहा है “

नेहा ने मेरे कानो मे कहा , मैने उसे बस चुप रहने का इशारा कर दिया

“अरे आ गये तुम लोग इतना देर कैसे कर दिए “स्नेहा मेडम किचन से बाहर आते हुए बोली
 
“बस में ये लोग मेरा इन्तजार कर रहे थे बाहर ही खड़े थे , मुझे ही लेट हो गया “

मेरी सफाई सुनकर वो बस मुस्कुराइ

“अरे तो अंदर आ जाते ना बाहर क्यो खड़े थे , तुम्हारी एक फ्रेंड तो पहले से ही आ गयी है “

हमारी फ्रेंड???

हम तीनो ने एक दूसरे को देखा , तभी किचन से सुस हाथो मे चाय का प्याला पकड़े निकलते हुए दिखी , हमारी नजरा उसपर ही जम गयी थी , आख़िर ये यहाँ क्या करने आ गई है ???

“मैने सोचा मैं भी थोड़ा पढ़ लू , जब पता चला की तुम लोग भी आ रहे हो तो …”

वो आकर पवन के बाजू मे बैठ गयी, उसने एक मिनी स्कर्ट डाल रखी थी जिसमे उसके सफेद जाँघ केले के तने की तरह चमक रहे थे , मेरी नज़र अचानक से पवन सर के उपर गयी जो की सुस की जाँघो को देख रहे थे , वही उसकी नज़र को अपनी जाँघो मे पाकर सुस के होठों मे एक मुस्कान खिल गयी ..

मुझे समझ आ गया था की पवन सर एक नंबर के ठरकी आदमी है लेकिन ये यहाँ क्या कर रहे है और ये बच्चा कौन है ??

शायद स्नेहा मेडम को हमारे चेहरे मे खिला हुआ ये भाव समझ आ गया था ..

“ये स्वीटी है मेरी बेटी , बाबू हाई बोलो सभी अंकल आंटी को “

बहुत ही प्यारी सी गुड़िया थी अभी अभी शायद स्कूल जाना शुरू किया होगा , उसे देखकर नेहा के चेहरे मे मुस्कान आ गयी और वो आगे जाकर उसे अपने गोद मे उठा लिया

“ओके तो पढ़ाई स्टार्ट करे या फिर कुछ चाय नाश्ता लोगे”

मेडम की बात से सभी ने ना मे सर हिला दिया

“ओके पवन फिर कल कॉलेज मे मिलते है . शोभा स्वीटी को ले जाओ मुझे बच्चो को पढ़ाना है “

स्नेहा मेडम ने मुस्कुरा कर पवन को देखा , जिससे उसका चेहरा थोड़ा उतर गया था ..

“ओके शाम को मिले कोई मूवी चलते है “

पवन ने थोड़ा ज़ोर लगाकर कहा

“थॅंक्स बट साप्ताह मे एक ही तो दिन मिलता है स्वीटी के साथ बिताने के लिए, होप योउ अंडरस्टॅंड “

“ओके” पवन बुझे मान से वहाँ से निकल गया

तभी उपर के कमरे से एक औरत आई और स्वीटी को नेहा की गोद से उठा लिया , उस औरत और मेरी नज़रें जब मिली तो हम दोनो ही चौक गये

“अरे…”

वो कुछ बोल पाती उससे पहले ही मैने आँखो के इशारे से उसे चुप करवा दिया और खुद बोल पड़ा

“शोभा मामी आप यहाँ काम करते हो , मुझे पहचाना मैं अंकित आरती का देवर “

असल मे शोभा कलवा की बीवी थी जो कलवा के साथ झोपड़ी मे रहती थी , अब जबकि मुझे पता था की कलवा ही जीवा है तो मेरे मूह से भाभी की जगह पर मामी निकल गया … इससे पहले की वो मुझे सोनू बोल कर बुलाए मैने ही अपना नाम बुला लिया

“हा हा पहचान गयी आरती कैसी है “

“बढ़िया है आओ कभी उनसे मिलने और आप यहाँ ??”

“हा वो स्वीटी बेबी को खिलाने और घर का काम करने आती हू , वो क्या कहते है मैड और बेबी शेल्टर हू मैं “

“अरे शोभा बेबी शेल्टर नई बेबी सीटर होता है “

मेडम ने थोड़ा हसते हुए कहा
 
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