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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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उधर जूलिया के मन में भी वीर के लिए प्यार पनप रहा था। उसे वीर में वो सब गुण नजर आते हैं जो एक जीवनसाथी में होने चाहिए। जूलिया मन में- “कितना प्यारा है। पर जब गुस्सा आता है तो बाप रे बाप... सबका बाप बन जाता है। एक बार सब सही हो जाए तब खुद प्रपोज करूंगी... जूलिया ऐसे ही वीर की यादों में खोकर सो जाती है।

उधर जब प्रीत घर होते हैं।

अजय- मेरी बहन कैसी है तू? हेलो एवरीवन।

सब- हेलो।

प्रीत के डैड भी आकर सबसे मिलते हैं। प्रीत के डैड कहते हैं- “कैसी है मेरी बच्ची। तू तो दिन-ब-दिन और सुंदर होती जा रही है।

फिर सब ऐसे ही ड्राइंगरूम में बैठ जाते हैं।

प्रीत- डैड, मैं आप दोनों को अपने साथ ले जाने आई हूँ। अब आप यहां नहीं रहेंगे। कुछ सवाल हैं जिसका जवाब

आपको वहीं मिलेगा। अजय तुम समझ रहे हो ना?

अजय- हाँ दीदी। हम चलेंगे आपके साथ। चिंता मत करो।

प्रीत के डैड- पर यहां का बिज़नेस... वो कौन संभालेगा?

प्रीत- डैड आपकी बेटी के पास अब इतना पैसा है की वो एक नहीं, 10 कोम्पनी और खोल दे। आप यहां के बिज़नेस की टेन्शन छोड़ो।

प्रीत के डैड- ठीक है बेटी, जैसे तुझे ठीक लगे। वैसे भी मुझे भी अपने दामाद से मिलना है। बहुत टाइम हो गया मिले हुए।

इधर अगले दिन सवेरे सब तैयार होकर नाश्ता कर रहे थे, और उधर अवनी की आँख खुल जाती है। अवनी को अपने अंदर बहत बदलाव महसूस होता है। उसकी आँखें ब्लैक, रंग दूध से भी गोरा, आँखों में एक अलग सी चमक थी।

अवनी तैयार होकर बाहर आती है, और जाकर वीर के गले लग जाती है।

अवनी- “बैंक्स वीर.” और बाद में निशु के गले लगती है- “बैंक्स निशु मुझे यह लाइफ देने के लिए."

वीर- मार खाएगी अगर दोबारा बैंक्स बोला तो। आफिस फोन कर दे की तुम तीन दिन के लिए बाहर जा रही हो। हम यू.एस.ए. जा रहे हैं कुछ काम से।

अवनी- ठीक है। ‘

मोम- चल आ जा नाश्ता कर ले। देख कैसे पतली होती जा रही है।

अवनी- हाहाहाहा... पहले माँ नहीं थी ना... अब आप हो तो अपने हाथ से खिला दो।

मोम- आ जा मेरी बच्ची।

जस्सी- भाई एक बात कहनी थी। क्या आप हमारी हेल्प कर सकते हो?

वीर- बोल जस्सी क्या हवा?

जस्सी- भाई कभी-कभी हमें खून पीने की तलब लगती है। वो तो आपकी दी हुई पावर्स है, उससे कंट्रोल हो जाता है। वरना पता नहीं क्या होता?

वीर- "इसमें कौन सी बड़ी बात है..." और वीर अपनी आँखें बंद करके एक कमरे की तरफ इशारा करता है- “जाओ तुम्हारा नाश्ता उस रूम में है। वो कोई आम खून नहीं है। उससे तुम्हें और शक्ति मिलेगी.."

जस्सी- “भाई मैं खून पीना नहीं चाहता प्लीज्ज... कुछ और करो। भाई हम पंजाबी हैं। सरदार नहीं हुए तो क्या हुआ। हूँ तो गुरु गोबिंद जी का सिख ही ना..”

वीर- वाह... जस्सी आज तूने यह साबित कर दिया की तू वाकई में पंजाबी है। चल यारा आँख बंद कर।

निश और जस्सी अपनी आँखें बंद करते हैं, और वीर अपने हाथ से एक रोशनी निकालकर उनकी तरफ फेंकता है। और ऐसा ही अवनी, मोहित, और नीलम के साथ भी करता है।

वीर- "अब तुम लोगों को किसी भी खून या कुछ और की तलब नहीं लगेगी.."

वीर वहां से सीधा प्रिंसिपल आफिस जाता है।

*****

*****
 
प्रिंसिपल- आओ वीर आओ।

वीर- सर, मैं और मेरे दोस्त 3-4 दिनों के लिए यू.एस.ए. जा रहे हैं। आप यहां रमण से बात कर लेना। तब तक वो संभाल लेंगे।

प्रिंसिपल- ठीक है वीर, कोई परेशानी नहीं। तुम जा आओ।

फिर वीर वहां से बाहर आता है, और कँटीन में चला जाता है।

वीर- प्रिंसिपल सर से बात हो गई है। अब हम जा सकते हैं यू.एस.ए.। अब यह बताओ जाना कैसे है?

अवनी- उड़कर। बहुत मजा आएगा।

सब अवनी की बात पे मश्करा देते हैं। क्योंकी अवनी ने बड़ि ही बच्चों वाली शकल बनाकर बोला था। अवनी थी ही नटखट बड़ी प्यारी सी।

वीर और पार्टी वहां से चलने को तैयार ही थे की तभी वहां कुछ लड़के लड़कियां आते हैं।

लड़का- वीर भाई, आपसे कुछ बात करनी थी।

वीर उस लड़के का माइंड पढ़ लेता है। वीर कहता है- “मुझे पता है तुम्हें क्या कहना है? चिंता मत करो मैं हेल्प करूंगा। अवनी इन्हें एक चेक सिगनेचर करके दे दो...”

वो लड़के लड़कियां सब चकित थे की वीर को कैसे पता चला?

अवनी एक चेक पे सिगनेचर करके दे देती है- "जितने चाहिए हों भर लेना। और हो सके तो औरों की हेल्प भी कर देना...” बोलकर अवनी वीर और पार्टी के साथ वहां से निकल जाती है।

वहां खड़े सबके दिलों में वीर के लिए प्यार और बढ़ जाता है।

वीर और पार्टी एक सुनसान इलाके में पहुँचकर अपने आपको अदृश्य करते हैं और उड़ जाते हैं यू.एस.ए. की तरफ। सभी अपनी-अपनी स्पीड से उड़े जा रहे थे। दो घंटे के अंदर सब यू.एस.ए. पहुँच जाते हैं।

वीर- हमें उस जंगल में जाना है पर अभी नहीं। पहले चलो होटेल चलते हैं। रात को जाएंगे वहां।

फिर सब वहां से होटेल पहुँच जाते हैं। सब अपने-अपने पासपोर्ट दिखाकर रूम बुक करते हैं, और चले जाते हैं

अपने-अपने रूम में। वीर के रूम में मोम, अवनी, जूलिया, और अलीजा सब थे।
 
वीर- मैं क्या कहता हूँ कहीं घूमकर आएं। यहां तो बोर हो जाएंगे। क्या कहते हो?

तभी वहां नीलम आती है- “हाँ आइडिया ठीक है..."

जूलिया- नीलम क्या बात है, अपने सइयां के पास दिल नहीं लग रहा क्या?

नीलम- नहीं ऐसी बात नहीं है। चलो फिर शहर घूमा जाए। यह भी पता कर लेते हैं की जंगल में क्या सीन है?

वीर- हाँ यह ठीक रहेगा, चलो। उन तीनों को भी बुला लाओ।

फिर सब साथ में निकलते हैं घूमने। सबसे पहले वहां के सबसे अच्छे माल में जाते हैं, और शोपिंग वगैरा करते हैं। फिर उसके बाद सब मिलकर अच्छे से होटेल में लंच करते हैं।

जस्सी- वाह क्या खाना है। मजा आ गया।

नीलम- चलो अब जंगल देख आएं। ताकी पता चल जाए वहां क्या सिस्टम है।

फिर सब वहां से ब्लैक नाम के जंगल की तरफ निकल पड़ते हैं। जंगल दिखने में ही बहुत खतरनाक लग रहा था। जंगल के बाहर बहुत बोर्ड लगे हुए थे, जिसमें लिखा हुआ था- "अंदर मत जाइये, खतरनाक है..” बोर्ड पढ़कर सबके चेहरा पे स्माइल आ जाती है।

मोम- तो चले अंदर? मुझे तो लगता है। हमारी फाइट अभी होगी। देख लेना। क्योंकी जंगल में बहुत अंधेरा है।

सभी जंगल के अंदर कदम रखते हैं। वीर को फौरन पता लग जाता है की यहां जाल । वीर भी यही चाहता था की डाइरेक्ट वहां पहुँचा जाए। वीर सबको समझा देता है की क्या करना है। सभी चले ही जा रहे थे की अचानक सभी एक खड्डे में गिर जाते हैं। वो एक सुरंग टाइप कुछ था। सभी सरक कर उस सुरंग में चले जाते हैं। और वो सुरंग उन्हें एक बहुत बड़े रूम हाल में जा गिरती है।

यहां वैम्पायर लड़कियों के नंगे जिश्म को काट रहे थे, यानी उनके साथ सेक्स भी कर रहे थे। बहुत से वैम्पायर इन्हें घेरकर खड़े हो जाते हैं, और इन्हें सूंघने लगते हैं। वीर आस-पास नजर घुमाकर देखता है तो वहां बहुत से वैम्पायर थे।

वीर- कौन हो आप, हमें यहां क्यों लाए हो? प्लीज़्ज़... हमें जाने दो।

नीलम- आप कुछ बोलते क्यों नहीं? हमें जाने दीजिए। हमें बहुत डर लग रहा है।

तभी उन वैम्पायरों में से एक लड़की आगे आती है और वीर को सँघने लगती है।

वीर- “यह आप क्या कर रही हैं? दूर हटिए."

वीर अभी इतना ही बोला था की वो लड़की अपने दाँत वीर की गले में गाड़ देती है। पर जैसे ही वीर का खून उस लड़की के दांतों में लगता है, तो वो लड़की चीखने लगती है। तभी उस लड़की के जिश्म को आग लग जाती है, और देखते ही देखते उस लड़की का जिश्म राख में बदल जाता है।

यह सीन देखकर वहां खड़े सब वैम्पायर सकते में आ जाते हैं। सभी वैम्पायर वीर की तरफ बढ़ रहे थे की तभी वहां एक वैम्पायर आता है, और सबको पीछे हटने के लिए कहता है। वो सबका बास लग रहा था।

वैम्पायर बास- कोई भी इस लड़के के पास नहीं जाएगा। वरना सबके सब अपनी जान गंवा बैठोगे।

वैम्पायर बास वीर से- “मैं जानता हूँ तुम जिन्न-लोक के नये राजा हो। मुझमें एक ऐसी शक्ति है, जिससे मैं दूसरों को पहचान जाता हूँ.."

वीर- ओहह... सच में। यह तो अच्छी बात है। देखो मिस्टर हम यहां खून खराबा करने नहीं आए। हम अपनी वैम्पायर और भेड़िया की सेना बढ़ाने आए हैं, जो सिर्फ और सिर्फ अच्छाई का साथ दे। और आपको पता ही होगा की अगर मैं जंग में उतरा तो आपका और आपके वैम्पायर्स का सफाया हो जाएगा।
 
वैम्पायर बास- कोई भी इस लड़के के पास नहीं जाएगा। वरना सबके सब अपनी जान गंवा बैठोगे।

वैम्पायर बास वीर से- “मैं जानता हूँ तुम जिन्न-लोक के नये राजा हो। मुझमें एक ऐसी शक्ति है, जिससे मैं दूसरों को पहचान जाता हूँ.."

वीर- ओहह... सच में। यह तो अच्छी बात है। देखो मिस्टर हम यहां खून खराबा करने नहीं आए। हम अपनी वैम्पायर और भेड़िया की सेना बढ़ाने आए हैं, जो सिर्फ और सिर्फ अच्छाई का साथ दे। और आपको पता ही होगा की अगर मैं जंग में उतरा तो आपका और आपके वैम्पायर्स का सफाया हो जाएगा।

वैम्पायर बास- जानता हूँ। पर यहां एक रीत है। अगर बास बनना है तो मुझसे फाइट करनी होगी। वो भी वैम्पायर को आपको नहीं। अगर आपका वैम्पायर जीत जाता है, तो यह सारे वैम्पायर आपके। जो आप कहोगे ये वैसा ही करेंगे।

निशु- मंजूर है हमें।

वैम्पायर बास- “ओह्ह... तो तुम लड़ोगी मुझसे। बेटा बच्ची हो अभी तुम। जाओ दूध पियो..."

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वो बास अभी इतना ही बोला था की निशु उसे एक किक जड़ देती है। जिससे वो उड़ता हुआ दूर दीवार से जा टकराता है।

निशु- अब पता चला कौन बच्ची है या कौन बच्चा?

उधर वो बास भी तेजी से खड़ा होकर निशु की तरफ आता है, विजली से भी तेज। पर जैसे ही वो निशु के पास आया। निशु उससे भी तेजी से बगल हटकर उसे एक पंच जड़ देती है। पंच लगते ही वो दूर जा गिरता है।

तभी वो गुस्से में आ जाता है और उसका गेटप चेंज होने लगता है, और देखते ही देखते वो अपने रियल वैम्पायर चेहरे में आ जाता है। वो दोबारा निशु की तरफ आता है। निशु जैसे ही उसे मारने वाली थी की वो तेजी से नीचे बैठकर निशु के पेट में पंच मार देता है। जिससे निशु पीछे जा गिरती है, पर उसे होता कुछ नहीं।

निशु- “बस इतना ही दम है?"

वैम्पायर निशु की बात पे गुस्से में आ जाता है, और तेजी से भागता है। भागते-भागते वो चमगादड़ बनकर उड़ने लगता है। वो बहुत से चमगादड़ बनकर उड़े जा रहा था। अचानक वो तेजी से निशु की तरफ आता है, और उसे साथ लेकर जोर से दीवार से मारता है।

निशु दीवार को तोड़ती हुई दूर जा गिरती है।

जस्सी आगे आने ही वाला था की तभी वीर उसे मना कर देता है।

वीर निशु के माइंड में- “निशु खतम करो.."

निशु का इतना ही सुनना था की निशु वहां से खड़ी होकर अपने हाथ से एक गोला बनाकर उन चमगादड़ों पे दे मारती है। जिससे वो वैम्पायर वापिस वैम्पायर के रूप में आ जाता है। निशु भागती हुई उस वैम्पायर के ऊपर चढ़ जाती है, और उसका सिर पकड़कर अपने नुकीले लंबे दांत निकालकर उसके गले में गाड़ देती है। खून पीने के बाद निशु उसका सिर धड़ से अलग कर देती है।

जिससे उस वैम्पायर को आग लग जाती है और वो राख में बदल जाता है। निश को उस वैम्पायर की पावर्स भी मिल चुकी थी।

वहां खड़े सबके सब वैम्पायर निशु के आगे सिर झुकाकर खड़े हो जाते हैं।

* * * * * * * * * *
 
कड़ी_72

वीर-आप सबको सिर झुकने की जरूरत नहीं है। हम चाहते हैं की आप भी हमारी परिवार का हिस्सा बनें। आप सबको कुछ वादे करने होंगे।

01. आप कभी किसी जानवर या इंसान का खून नहीं पिएंगे।

02. कभी किसी बेगुनाह पर जुल्म नहीं करेंगे।

03. सब आपस में परिवार की तरह रहेंगे।

04. किसी की मर्जी के बिना उससे गलत नहीं करोगे। हर किसी को हवस की नजर से नहीं देखोगे।

05. जो तुम्हारा बास कहेगा। तुम वहीं करोगे।

तभी वहां एक लड़की आती है- “हाय मेरा नाम लीना है। यहां के पहले बास की बेटी हँ..."

वीर- सारी लीना, पर तुम्हारे डैड ने ही फाइट करने के लिए बोला था।

लीना- कोई दिक्कत नहीं है। उनका टाइम आ गया था वो चले गये। हम सब आपकी हर बात मानेंगे। पर खून ना पीने का यह कैसे चलेगा? हम सब खून के बिना जीवित नहीं रह पाएंगे।

वीर- ऐसा कुछ नहीं होगा। इंडिया में यहां तुम्हें रखा जाएगा। वहां तुम्हें खून का भंडार मिल जाएगा। वो भी ऐसा खून जिससे तुम सबको ताकत भी मिलेगी, और माइंड भी फ्रेश रहेगा।

लीना- ठीक है। आप सब इन्हें वहां भेज दें। मैं आपके साथ ही जाऊँगी।

मोहित जस्सी के कान में- “एक और जुड़ गई भाई के नाम...” वीर उनकी बात सुन लेता है और हँस देता है।

वीर सभी वैम्पायरों से- “तो क्या सब हमारा साथ देने के लिए तैयार हैं? जो सच्चे मन से हमारा साथ देगा वो हाथ खड़ा करे..."

तभी वहां खड़े सबके सब हाथ खडा कर देते हैं। वीर अपनी आँख बंद करके उन सब की तरफ हाथ करता है।

और देखते ही देखते वहां खड़े लाखों वैम्पायर गायब हो जाते हैं, और सबके सब वीर के बंगले के नीचे बने जादू महल में पहुँच जाते हैं। वहां पहुंचकर सभी वैम्पायर वहां की चकाचौंध देखकर बहुत खुश होते हैं।

इधर लीना- “अब हमें कहां चलना है?"

वीर- “भेड़ियों की दुनियां में.."

भेड़िया का नाम सुनकर लीना थोड़ा डर जाती है।

नीलम- "डरो नहीं लीना। हम तुम्हारे साथ हैं। आखीरकार, अब हम एक परिवार हैं और हाँ मैं और मोहित भी भेड़िया हैं.."

लीना- “नहीं मैं उस बात से नहीं डर रही। यहां के भेड़ियों की गिनती 20 लाख के करीब है, और हम 7-8 लोग ही हैं।

अवनी- चिंता मत करो लीना। वीर है ना तो डरने की जरूरत नहीं। चलो चलें।

वीर- लीना तुम्हें तो पता होगा की कहां है भेड़ियों का कबीला?

लीना- हाँ पता है। चलो ले चलती हूँ।

लीना वीर और बाकी सबको वहां से जंगल के दूसरी साइड ले चलती है। जहां से भेड़ियों की हद शुरू होती है।

अवनी- यहां से भेड़ियों का एरिया शुरू हो जाता है। इसके आगे हमने कदम रखा तो उन्हें पता चल जाएगा।

वीर- “ऐसी बात है, तो यह लो..."

तभी वीर अपने हाथ से बहुत सारे ग्रेविटी बाम्ब निकालकर चारों तरफ फेंक देता है। जिससे यह होता है की आस-पास वहां जितने भी पेड़ या कुछ और था, सबका सफाया हो जाता है। वहां कुछ रहता है तो वो था सिर्फ खाली मैदान। दूर-दूर तक सिर्फ खाली मैदान ही नजर आ रहा था।
 
तभी वीर अपने हाथ से बहुत सारे ग्रेविटी बाम्ब निकालकर चारों तरफ फेंक देता है। जिससे यह होता है की आस-पास वहां जितने भी पेड़ या कुछ और था, सबका सफाया हो जाता है। वहां कुछ रहता है तो वो था सिर्फ खाली मैदान। दूर-दूर तक सिर्फ खाली मैदान ही नजर आ रहा था।

तभी सामने से धरती के बीच से भेड़िये बाहर निकलते हैं।

वीर- ओहह... तो क्या यह धरती के नीचे जगह बना रखी है इन्होंने।

भेड़िये बाहर आकर जब जंगल को देखते हैं तो चकित हो जाते हैं। बाहर एक भी पेड़ नहीं था, कुछ नहीं था। उनमें से फौरन एक नीचे जाता है। थोड़ी देर में बहुत सारे आदमी और औरतें बाहर आते हैं। वो उन्हीं की तरह चकित थे।

आदमी- यह क्या है? कहां गये पेड़? कुछ भी नहीं है, और वो धमाके क्या थे?

उनका बास- लगता है यहां कोई बहुत बड़ी शक्ति है। मैं महसूस कर पा रहा हूँ। बहुत ताकतवर इंसान है यहां।

आदमी- लेकिन वो चाहता क्या है?

बास- यह तो अब वो ही बताएगा।

तभी उनके सामने वीर और पार्टी प्रगट होती है। एकदम से वीर और पार्टी को देखकर सब चकित हो जाते हैं।

बास- “कौन हो तुम लोग? यहां क्या कर रहे हो?"

तभी उस बास की नजर लीना पर पड़ती है।

बास- “तुम यहां से आज तुम बचकर नहीं जाओगी..” और वो आगे बढ़कर लीना को पकड़ने ही वाला था।

वीर नीला और मोहित को इशारा करता है।

नीलम और मोहित आगे बढ़कर उस बास को पकड़ लेते हैं, और नीलम कहती है- “उसे हाथ लगाने की गलती

भी मत करना। वरना यह हाथ नहीं रहेंगे..."

बास- “क्या बोली? एक मिनट... तुम दोनों तो भेड़िया हो हमारी तरह। साथ में तुम्हारे वैम्पायर क्या कर रहे हैं?"

मोहित- वो इसलिए चपड़गंजू की हम सब एक परिवार हैं। समझा तकले?

बास- “तुम लोगों की इतनी हिम्मत?” तभी वो अपने असली रूप में आने लगता है।

नीलम उसे पकड़कर उठाकर दूर फेंक देती है। बास दूर जाकर गिरता है। तब तक वो अपने असली रूप में आ जाता है, और चेहरा ऊपर करके उयूडs की लंबी आवाज निकालता है। जिससे थोड़ी देर में लाखों की गिनती में भेड़िये जमीन से बाहर निकल आते हैं।

बास- “आज तुम्हें पता चलेगा भेड़ियों की ताकत का। हमलाऽऽ...”

बास के बोलते ही सब भेड़िये भूखे कुत्तों की तरह हमारी तरफ आने लगे। जैसे ही वो इनके पास पहुँचे तभी वीर ने हाथ आगे करके सबको हवा में उठा लिया। यह देखकर बास चकित रह जाता है। लाखों की तादाद में भेड़ियों को बड़ी आसानी से वीर ने उठा रखा था।

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वीर- देख जोसेफ, यहीं नाम है ना तेरा। अगर मैं चाहं तो एक सेकेंड में तुम्हारे इन भेड़ियों को राख बना सकता हूँ। लेकिन मैं यहां ऐसा करने नहीं आया। हम यहां वैम्पायरों और भेड़ियों की सेना बढ़ाने आए हैं। जिसका राजा मोहित और रानी नीलम बनेंगी। अगर तुम अपनी जान बचाना चाहते हो तो हमारा साथ दो, नहीं तो आगे तुम्हारी मर्जी।

बास- “यह नहीं हो सकता। इस लड़की जैसी तो हजारों मेरे नीचे सोती हैं। यह रानी बनेगी?"

अभी बास बेचारा इतना ही बोल पाया था की अगले ही पल चाँदी का बना ब्लेड उसके दिल के आर-पार हो जाता है, और वो वहीं खतम हो जाता है।

जूलिया- यह दे मारा।

वीर- क्या नीलू इतनी जल्दी क्या थी? इसे को तो तड़पा-तड़पाकर मारना था।

नीलम- सारी वीर कंट्रोल नहीं हुआ।

वहां बाकी के भेड़िये अपने सरदार की मौत देखकर सब डर गये थे।

वीर- हाँ तो दोस्तों बताओ। क्या तुम सब इसकी तरह मरना चाहते हो, या ईमानदारी से हमारा साथ दोगे और अपने नये राजा रानी को अपनाओगे?

सबके सब एक साथ हाँ बोल देते हैं।

वीर- “देखो दोस्तों हर एक की जान की कीमत बहुत ज्यादा होती है। ऐसे ही किसी को मारना मत। तुम सब कभी सच्चे दिल से किसी भले इंसान की मदद करके देखो, तो आपके दिल में जो खुशी मिलेगी। वो आप ही जान सकते हो...”

फिर वीर उन्हें भी वैम्पायर की तरह सब समझाकर उन्हें एक नये महल में भेज देता है। जो की वैम्पायर के साथ का महल था। लेकिन इन दोनों महलों में कोई भी कांटैक्ट नहीं था।

*****

****
 
नीलम- लो जी अब यू.एस.ए. का तो सफाया हो गया। अब बताओ कहां जाना है?

वीर- अबकी बार जाएंगे आफ्रिका की जंगलों में जहां सिर्फ और सिर्फ भेड़िया रहते हैं। लेकिन हैं तो खतरनाक। उससे पहले हम जाएंगे इजिप्ट।

अवनी- इजिप्ट। वहां तो ममियां होती हैं।

वीर- हाँ वहां ममियां होती है। लेकिन मेरा अगला टारगेट और वैम्पायर वही हैं। मेरा टारगेट वहां बने एक ज्वालामुखी में लाल रक्त रत्न हासिल करना है। जो मेरा अगला टारगेट है। पर वहां खतरा बहुत है। लेकिन अब इतना नहीं है।

नीलम- तो फिर चलें, आगे के अंजाने सफर पर?

लीना- मुझे भी आपके साथ जाना है। मैं भी जाऊँगी।

निशु- हाँ लीना, तुम्हें साथ ही ले जाएंगे।

वीर- चलो कुछ खा लिया जाए, बहुत भूख लगी है।

लीना- लेकिन मैं कुछ खा नहीं सकती सिवाए खून के। वहीं पी सकती हूँ।

वीर- “हाँ। वीर लीना के अंदर एक रोशनी भेज देता है। आज के बाद तुम्हारा जो दिल करे तुम खा पी सकती हो। तुम्हें कोई प्राब्लम नहीं होगी, और तुम दिन में भी बाहर निकल पाओगी..”

फिर वीर उस जंगल को पहले जैसा बना देता है। और उस अंडरग्राउंड जगह को सील कर देता है, दोनों जगहों

को वैम्पायर और भेड़ियों की।

फिर सब वहां से वापिस होटेल आ जाते हैं। होटेल र सब एक साथ डिनर करते हैं। जूलिया लीना को अपने साथ ले जाती है। और बाकी सब अपने-अपने रूम में।

अवनी- वीर मुझे आपके साथ सोना है।

वीर- क्यों मेरे साथ क्यों?

अवनी- “मुझे अकेले नींद नहीं आएगी। वहां भी घर पे मोम को हग करके सोती हैं। लेकिन यहां मोम नहीं हैं प्लीज्ज़...”

वीर- ठीक है चलो। लेकिन कोई हरकत नहीं।

अवनी खुश होकर- “बैंक यू..” और वीर की गाल पे किस कर देती है।

वीर और अवनी दोनों वीर के रूम में चले जाते हैं। वीर फ्रेश होकर बेड पे लेट जाता है। फिर अवनी फ्रेश होने चली जाती है। जब अवनी नहाकर बाहर निकलती है तो वीर का उसे देखकर बुरा हाल हो जाता है। अवनी बिल्कुल ट्रैन्स्परेंट नाइट शार्ट ड्रेस में थी।

वीर- यह क्या है? किसी का रेप करना है क्या?

अवनी- मैं तो ऐसे ही कपड़े पहनकर सोती हैं।

वीर- हाँ ओके, सो जाओ।

अवनी बेड पे लेटकर वीर की तरफ चेहरा करके लेट जाती है, और एकटक वीर को ही देखे जा रही थी। तभी अवनी आगे बढ़कर वीर को हग करके लेट जाती है। वीर भी उसे हग कर सो जाता है। जिससे अवनी हो जाती है, और देखते ही देखते दोनों नींद के आगोश में चले जाते हैं।

उधर लीना- दीदी आप कहां से हो। आप यहां की नहीं लगती। मैं महसूस कर सकती हूँ आप इंसान नहीं लगते।

जूलिया- नहीं लीना मैं इंसान ही हूँ, लेकिन यहां की नहीं, दूसरे प्लैनेट की। बस फर्क इतना है की हममें खून सफेद रंग का है

लीना- फिर आप यहां कैसे?

लीना के सवाल के जवाब में जूलिया उसे सब बता देती है। ऐसे ही दोनों बातें करते रहते हैं, और सो जाते हैं।

अगले दिन सवेरे अवनी वीर को हग करके सो रही थी, जो दिखने में बहुत प्यारी लग रही थी। थोड़ी देर में वीर उठता है और अवनी के माथे पर किस करके फ्रेश होने चला जाता है। वीर के किस करते ही अवनी भी उठा जाती है, और उसके चेहरा पे बड़ी वाली स्माइल थी। सबी फ्रेश होकर डाइनिंग टेबल पर मिलते हैं।

मोम- बेटू कब निकलना है?

वीर- बस थोड़ी देर में चलते हैं। अगर किसी को यहां कुछ शापिंग करनी है तो कर लो। लीना तुम्हें कुछ साथ लेना हो तो बता दो।

लीना- वीर, मेरी 6 बहनें हैं यहां। अगर आप कहो तो उन्हें साथ ले लूं?

वीर- “क्या? 6 बहनें?"

लीना- हाँ वीर। वो वैम्पायर नहीं है। जब मैं छोटी थी तब मैं गुम हो गई थी। तब इसी वैम्पायर ने मुझे अपनी बेटी बना लिया और मुझे भी वैम्पायर बना दिया। जब मैं बड़ी हुई और मेरी शक्तियां भी बढ़ गईं। तब मुझे पता चला मेरे परिवार के बारे में। मैं अक्सर अपनी बहनों से मिलती रहती हैं। उन्हें पता है की मैं वैम्पाय आप चाहो तो उन्हें भी थोड़ी जगह दे दो।

मोम- लीना बेटा, ऐसा क्यों सोचती हो। घर की हेड मैं हैं। यह कौन होता है जगह ना देने वाला। चल मैं चलती हँ तेरे साथ अपनी बेटियों को लेने।

वीर- हाँ, मैंने कब मना किया?

नीलम- कर भी नहीं सकते। सुप्रीम कोर्ट का आर्डर जो हुआ है।

वीर मोम और लीना के साथ चला जाता है, और बाकी सब होटेल आ जाते हैं। तीनों एक घर के आगे आकर बेल बजाते हैं, तो दरवाजा एक सुंदर सी परी खोलती है। और सामने अपनी बड़ी बहन को देखकर, वो भी दिन में, चकित हो जाती है।

लीना- ऐसा क्या मुँह खोले खड़ी है, चल गले मिल।

फिर वो लड़की लीना से गले मिलती है। बाद में वो सब बहनों को आवाज देती है। सब आकर लीना से मिलती हैं और पूछती हैं की दिन में बाहर कैसी निकली?

फिर लीना वीर और मोम से मिलवाती है, और वीर के बारे में सब बता देती है, और कहती है- “चलो अपने अपने बैग पैक करो। हम यहां से जा रहे हैं...”

लड़की- लेकिन दीदी, हम जा कहां रहे हैं?

लीना- इंडिया। अब वहीं रहेंगे।

वीर- बैग पैक करने की जरूरत नहीं है। वहां सब मिल जाएगा जो आपको चाहिए होगा।

सब लड़कियां तो वीर को ही देखे जा रही थी। लीना की बहनें एक से बढ़कर एक थी।

वीर- अब सुनो मैं तुम 6 को जादू से अपने घर भेज रहा हूँ। घर में डैड और चाचाजी हैं, और एक नटखट परी, वो तुम्हें पिक कर लेगे। अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो वो चीज मन में याद करना तुम्हें मिल जाएगी।

लड़की2- दीदी आप अभी कहां जा रहे हो?

लीना- दीदी हमें किसी मिशन पर जाना है। दो-तीन दिन में हम भी वहीं तुम्हारे पास आ जाएंगे।

फिर वीर सबको घर भेज देता है। यहां वीर के डैड सबका स्वागत करते हैं। सारी लड़कियां इतने बड़े घर को देखकर चकित थी। फिर सबको उनके रूम में भेज दिया जाता है।
 
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