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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र
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Jul 3, 2026
जिन्न लोक...
जिन्न...बहुत खुशी की बात है हमारे मालिक अपनी शक्ति पहचान गये है..
ऑर वो ही हमे उस पिशाच से बचाएँगे....
ऑर थोड़े दीनो मे वो यहाँ भी आने वाले है....
डिन्नर कर सभी सिट्टिंग रूम मे बैठ जाते है..
डॅड...बेटा इतना पैसा ये सब कैसे
फिर वीर पिता जी को भी वोही सब बता देता है जो मोम को बताया था.
मोम..चलो काफ़ी देर हो गयी सोने चलो..
वीर अपनी मोम को गले लगाता है ऑर उनके गाल पर किस कर करता है..ऑर बाकी सब को गुड नाइट विश करता है..
तभी बिस्वा वीर को अपने रूम मे बुलवाता है .
बिस्वा...भाई..सब कुछ सेट कर दिया है....
कॉलेज के बाद आप अपनी कंपनी मे विज़िट कर सकते है..
ऑर आपके आकाउंट मे इतने पैसे आ चुके है कि आप सोच भी नही सकते..
न्ड भाई आपको कुछ दिनो मे जिन्न लोक चलना है वहाँ आपकी ताजपोशी होगी.आपको हम सब का बादशाह घोसित किया जाएगा.
वीर...ठीक है ज़रूर चलेंगे...
वीर वहाँ से अपने रूम मे आता है..
ऑर तभी बाथरूम. का गेट खुलता है.ऑर नाइट सूट मे संजना बाहर आती है..जिसे देख वीर की बोलती बंद हो जाती है..क्या लग रही थी..
संजना..ऐसा क्या देख रहे हो वीर..
वीर ..हड़बड़ा कर..कुछ नही .बस यही कि मेरी संजू कितनी खूबसूरत है..
संजू..चलो सोते है
वीर ...ऑर हाँ हम कॉलेज मे 2 चार दिन ऐसे ही रहेंगे नॉर्मल कपड़ों मे.
जब तक मेरा यहाँ बिजनेस खड़ा नही हो जाता ऑर मैं कुछ ही दिनो मे सब सेट कर दूँगा...
संजू..ठीक है जान...चलो सोते है..
वीर..संजू के फॉरहेड पर किस कर उसे गुड नाइट बोल लेट जाता है..ऑर संजू भी वीर के गाल पर किस कर लेट जाती है..
संजू वीर की तरफ देखती देखती सो जाती है..
दोनो नींद के आगोश मे चले जाते है...
मॉर्निंग..जब वीर उठता है तो क्या देखता है संजू वीर के उपर लेटी हुई है ओर वीर उसे हग किए हिए है..
वीर के उठने से संजू भी उठ जाती है..
ऑर खुद को वीर के उपर लेट शर्मा जाती है.ऑर वैसे ही वीए को फिरसे हग कर लेती है.
संजू..गुड मॉर्निंग वीर..
तुम्हारी बाहों मे बहुत सकून मिलता है..
वीर...मुझे भी संजू..चलो उठो मुझे बाहर जाना है..
संजू वीर के गाल पर किस कर साइड हो जाती है....वीर भी संजू को किस करता है..ऑर फ्रेश ही ..गार्डन मे चला जाता है ...यहाँ वो योग साधना मे लीन हो जाता है...
दिन भर दिन वीर को अपने अंदर असीम शक्ति महसौस होती है..ऑर उसकी बॉडी ऑर भी मजबूत हो रही थी... वीर वहाँ से उठ तैयार हो बाहर आता है..सभी उठ चुके थे..
वीर सब को गुड मॉर्निंग विश करता है..ऑर अपनी माँ को हग कर मिलता है..फिर डॅड ऑर दादा जी को...
डॅड आफ्टरनून आपको आपके ऑफीस लेकर चलूँगा
पिताजी. कौन्से ऑफीस मे बेटा..मेरा कौनसा ऑफीस है..
वीर...डॅड जो मेरा है वो आपका है..
पहले आप सब मुझे अपना समझते है..
माँ...कैसी बात कर रहा है बेटा तू तो मेरी जान है...
वीर..तो फिर यहाँ सब कुछ आपका है.जिस चीज़ की भी ज़रूरत हो बिना संकोच मुझे बोल देना
.
ओर ये आपको मेरी कसम आप सब को
आज वीर नॉर्मल तैयार हुया था..
संजू..चल वीर मैं तैयार हूँ. फिर चारो टेक्सी से निकलते है कॉलेज...
अजय ओर उसके फ्रेंड्स.वीर ऑर उसके दोस्तों को टॅक्सी से आता देख उस पर हँसने लगते है..
अजय...कुछ लोग तो बड़े लोगो से पंगा ले लेते है..पर अपनी औकात भूल जाते है.
इतना सुन संजू गुस्से मे आ जाती है..
ऑर कुछ बोलने ही वाली थी कि तभी वीर उसे चुप करा देता है..
ऑर कॉलेज के अंदर चले जाते है..
कॉलेज मे पहुँच...
संजू. जान तुमने क्यूँ रोका. उनकी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान को ओकात याद दिलाने की..
वीर..शांत होज़ा संजू..बस कुछ दिन फिर सबको शॉक दूँगा..
फिर सब कॅंटीन मे बैठ ब्रेकफास्ट करते है....
ब्रेकफ़ास्ट के बाद सब क्लास के लिए जाते है ..
क्लास मे कुछ ख़ास नही होता..क्लास ख़तम कर सब बाहर आ जाते है...
संजू...जान चलो ना कहीं घूम के आते हैं..
वीर...कहाँ जाना है बता..
पर तभी...
अजय के साथ आए लड़के
लड़का...हम ले चलते है..चलेगी क्या...
.
उस लड़के का इतना बोलना था कि तभी उस के थप्पड़ पड़ता है ऑर वो वहीं बेहोश हो जाता है
ये देख सब के सब डर जाते है
वीर...कान खोल के सुन लो अगर किसी ने संजू को बुरा भला बोला तो उसकी जान ले लूँगा
मैने पहले भी बोला था.. मुझे मेरी सिपल लाइफ जीने दो वरना..कोई नही बचेगा .समझे..
वीर..ऑर बात सुन अजय के बच्चे तू मुझे मेरी औकात की बात करता था ना... तो एक बार मार्केट मे.सिंग कंपनी के बारे मे पूछना क्या है ऑर किसकी कंपनी है...
इतना बोल वीर संजू को साथ ले पार्क मे बैठ जाता है..
संजू...भाई इसे दिखाना होगा हम क्या है....बहुत चर्बी चढ़ि है इसके..
वीर देखती जा संजू मैं क्या करता हूँ
उधर....
अजय ..समझता क्या है अपने आप को..बहुत देख लिया अब तो इसे इसकी औकात दिखा ही दूँगा..
प्रीत..भाई क्यू उसके पीछे पड़े हो..
छोड़ो..हमे क्या लेना देना ..
अजय .नही बेहन.अब तो बात औकात की है..
...
फिर वीर संजू को साथ ले घर आ जाता है .
ऐसे ही कुछ दिन बीत जाते है..वीर कुछ ही दिनो मे वेल नोन बिजनेस मेंबर जाता है.हर तरफ वीर की ही बात हो रही थी....
उधर संजू वीर की तरफ ज़्यादा बढ़ रही थी..ऑर वीर भी.......... उसे समझ नही आ रहा था क्या होगा .
वीर अपने डॅड को भी ऑफीस मे सब काम समझा देता है.
वीर..हाँ तो डॅड आपको बस कुछ नही करना फाइल रीड कर साइन करने है .
पिताजी.ठीक है बेटा..
वीर..ऑर अग्ऱ आपको किसी भी चीज़ की ज़रूरत हो तो ये बटन दबा दीजिए.गा..बाहर से एक लड़का आयगा आपको जो चाहिए आपको कह दीजिएगा..
फिर वीर वहाँ से घर आ जाता है..
दादाजी भी अब बिल्कुल ठीक हो चुके थे...
दादाजी..आ मेरा पोता..मुझे गर्व है बेटा तुझ पर .तूने थोड़े ही वक्त मे बहुत तरक्की करली है.
वीर...ये तो सिरफ़ आपके आशीर्वाद का असर है ..
मोम..चल बेटा बैठ लंच करले..ऑर संजू को भी आवाज़ लगा दे..
वीर संजू को भी बुला लेता है ऑर दोनो मिल कर लंच करते है..
वीर..तुझे घूमने जाना है ना थोड़े दिन वेट कर मैं लेके चलूँगा तुझे ठीक है..
संजू...ठीक है जैसा तुझे ठीक लगे .
रात को वीर अपने रूम मे जाता है..संजू तो पहले ही सो चुकी थी..
वीर उसके पास.जा.
वीर..हम कैसी हालत मे फँस गये है एक ओर हम भाई बेहन हैं..उपर से दिल कुछ ऑर कह रह रहा है..
पर जो भी हो रहोगी तो तुम मेरे साथ ही ना..तुम्हेकभी अपने से अलग नही करूगा.. चाहे जो हो जाए आइ लव यू..
ऑर संजू के गाल पर किस करता है..
जिस से संजू थोड़ा कसमसाती है .
ऑर वीर जल्दी से बेड पर लेट जाता है.
पर उसे नही पता था कि संजू जाग रही है .ऑर उसने सब सुन लिया है..
संजू रात को पानी पीने के लिए उठती है ऑर देखती है कि वीर उसे हग कर सोया हुया है..जिसे देख संजू वैसे ही फिरसे सो जाती है..
नेक्स्ट मॉर्निंग...
वीर..आज उन्हे दिखाएँगे..सिंग फॅमिली क्या चीज़ है
फिर वीर अपने असली रूप मे रेडी होता है..
जिसे देख कोई भी लड़की पागल जो जाए..टाइट शर्ट गॉगेल्स..
संजू..हाई किसी की नज़र ना लगे...काश मैं तेरी बेहन ना होती..
वीर...क्या कहा..ह्म
संजू..नही नही मैं तो ये कह रही थी..बहुत सुंदर लग रहे हो..
वीर उसकी तरफ सिरफ़ स्माइल करता है..
संजू अपने मन मे....काश मैं इसकी बेहन ना होती..ही सो हॉट....
पर उधर वीर संजू की बात सुना लेता है.....
ऑर मंद मंद मुस्कुराने लगता है..
संजू वहाँ से नीचे बने कार सेक्षन जाता है..यहाँ हर तरह की इंपोर्टेड कार्स खड़ी थी...
साथ आई संजू ये सीन देख शॉक हो जाती है..हर तरह की कार थी एक से बढ़ कर एक
फिर वीर..एक कार निकालता है..ऑर संजू को बिठा निकलता है....कॉलेज की तरफ..
उधर...कॉलेज मे लॅमबर्गीनी अवेंटडॉर गेट से एंटर करती है..
अजय ऑर उसके साथी अभी आए हुए थे...
ऑर कार को ही देख रहे थे..जैसे ही कार पार्किंग मे खड़ी होती है तो उसमे से 2 शक्श निकलते है जिसे देख पूरा कॉलेज शॉक हो जाता है..
सारा कॉलेज उस शक्श को देख शॉक हो जाता है..
ये कोई ओर नही संजू ऑर वीर थे...
वीर उतर कर बाहर आता है...
अजय तो बुत्त बना बस देखे जा रहा था *.
ऑर प्रीत ..वीर को देख उसमेहि खो गयी उसको ऑर कुछ नज़र ही नही आरहा था
वीर वहाँ से चल कर अजय के पास आता है
वीर...देखली मेरी औकात ..मेरे सामने तुम्हारे पिता सेठ धनराज चन्द कुछ भी नही *समझा....
ऑर हाँ अब पंगा लेना हो तो अपनी औकात के हिसाब से लेना..
वरना तेरी औकात दिखा दूँगा तुझे
..
पूछ लेना अपने पिता से सिंग कंपनी'स का मालिक धनवीर सिंग कौन है.....समझा...
वीर संजू का हाथ पकड़ वहाँ से कॅंटीन मे आ जाता है..
जिसे देख सभी लड़कियों की चूत गीली होने लगती है..
तभी इनके पास *प्रीत आती है..
प्रीत..हाई आइ अम प्रीत..प्रीत की आँखेमे वीर ले लिए चाहत झलक रही थी
वीर...हाई आम वीर..
प्रीत...प्लज़्ज़्ज़ मुझे माफ़ कर दीजिए उस दिन के लिए वो सब मैने अपने बाई के कहने पर किया...न्ड जिस दिन इन्हो ने आपको मारने की कोशिस की है ..उस कान्ड मे मैं इनके साथ नही थी...
वीर .मुझे पता है...डोंट वरी...
प्रीत.सो फ्रेंड्स.
वीर...हाँ क्यू नही..फ्रेंड्स ऑर वीर उस से हाथ मिला लेता है..
वीर के स्पर्श से ही दिल मे घंटिया बज जाती है
फिर प्रीत संजू की तरफ हाथ करती है..
पर हाथ नही मिलाती जिसे देख वीर उसे समझाता है.ऐसे मे संजू भी हाथ मिला लेती है...
प्रीत...पर आप पहले क्यूँ नॉर्मेल रह रहे थे...
वीर..वो इसीलिए मुझे अपनी नॉर्मले लाइफ भी जीना था पर तेरा भाई बहुत औकात औकात कर रहा था तो दिखा दी उसे औकात..
देख प्रीत..मुझे पता है तू दिल की सॉफ है...पर अपने भाई को समझा देना मेरे से पंगा ना ले .वरना बहुत पछताएगा..
जानता हूँ तेरे डॅड के अंडरवर्ल्ड्स के साथ ताल्लुक है...
पर मैं उन सब से नही डरता...समझा देना अपने भाई को..
प्रीत ..कोई बात नही मैं समझा दूँगी *..तो ठीक है मैं चलती हूँ..
वीर : रूको तो सही अभी तो मिले है कहाँ चली
वीर की बात सुन प्रीत बैठ जाती है
उधर अजय...
अजय....राहुल इसका कोई तो जुगाड़ करना होगा *साला मेरी बेहन भी उसकी तरफ अट्रॅक्ट हो रही है...
राहुल..क्यू चिंता करता है..क्यू ना इसे *विक्रम बाई को बोल मरवा दें..
अजय...हाँ.ये सही रहेगा...बहुत पवरफुल कहता है ना..अब देख हम इसका क्या करते है...
इधर...
संजू...प्रीत तुम इतनी अच्छी हो फिर क्यूँ अजय का बुरे कामो मे साथ देती हो..
प्रीत..दी बात ये है कि....मैं आपको दी बुलाऊ क्या..
संजू..ह्म..
प्रीत...दी मैं सिरफ़ मस्ती करती हूँ.
वो भी जिस दिन वीर आया था उसी दिन उनके साथ खड़ी थी वहाँ..अदरवाइज़.मैं कभी भी ऐसे घटिया काम मे किसी का साथ नही देती..
उस दिन मैने वीर को बोल तो दिया कि मैं हम तेरे से दोस्ती नही करेगे..पर
घर जा कर मुझे बहुत अफ़सोस हुआ..कि मुझे ऐसा नही करना चाहिए था ..
वीर....इट्स ओके प्रीत..
संजू...वीर चलो ना *कहीं घूम के आते है *
तभी वहाँ बिस्वा ऑर आशीष.आते है...
दोनो आकर सब से मिलते है..
वीर..कहाँ थे बे दोनो..सुबह से गायब हो..
बिस्वा..भाई वो ऑफीस मे थे..थोड़ा काम कर रहे थे *
वीर .चल ठीक है .चलो घूमने चलते है...
फिर सभी निकलते है पार्किंग की ओर.
वीर...आशीष..तुम मेरी कार ले जाओ मैं तुम्हारी कार ले जाउन्गा .हम तीन है..
फिर वीर अपनी लॅमबर्गीनी अवेंटडॉर
आशीष को देता है ऑर उस से हमर ले लेता है.......
thanks to all dear friends
फिर सभी निकलते है..घूमने..
वीर..हाँ तो फ्रेंड्स .कहाँ जाना है ..मुझे यहाँ के बारे मे ज़्यादा पता नही है..
संजू..जान मैं तो कहती हूँ क्यू ना पहले मूवी देखने चले..फिर शॉपिंग करेगे...
वीर..हाँ ये ठीक रहेगा....
सभी मूवी देख ने पहुँच जाते है मूवी रोमॅंटिक थी
सिनेमा होल पहुँच ..पाँचो मूवी देखते है..मूवी मे एक साइड वीर के संजू बैठी थी ऑर दूसरी साइड.प्रीत.
संजू तो वीर का हाथ पकड़ बैठी थी...कोई भी रोमॅंटिक सीन होता तो प्रीत ऑर संजू वीर को देखने लगती जैसे कह रही हो ऑर कितना इंतजार कराओ गे
वियर हल्के से प्रीत के कान मे..
वीर...मूवी कैसी है
प्रीत : बहुत अच्छी है
वीर..क्या मैं या मूवी
वीर की बात सुन प्रीत शरमाने लगती है ऑर वीर के बाजू से चिपक जाती है
वीर : ऐसे ना चिपक मेरा पप्पू खड़ा हो रहा है
प्रीत : क्या मतलब पप्पू
वीर प्रीत का हाथ पकड़ अपने लंड पे रख देता है *
प्रीत का डिल जोरो से धड़क जाता है शरम से गढ़ी जा रही थी
पहले तो लंड को काँपते हाथो से पकड़ रखा था
पर ज़्यादा देर ना पकड़ पाई ऑर छोड़ दिया ऑर
मंद मंद मुस्कराने लगती है.
वीर अपनी पागल पन्ति पर खुद को गाली देने लगता है..
उधर..संजू अपना हाथ वीर के लंड से थोड़ा दूर रख देती है..
इस से वीर की हालत और खराब हो जाती है..
कुछ टाइम मे मूवी ख़तम हो जाती है..ऑर लाइट हो जाती है.
दोनो लड़किया वीर के बने तंबू को देख लेती है..
दोनो शॉक थी इतने बड़े बने तंबू को देख ..
..ऑर दोनो के अंदर आग लग जाती है.... फिर जैसे तैसे वीर खुद को ठीक करता है ऑर सब बाहर आ जाते है..
वीर ऑर प्रीत दोनो एक दूसरे से आँख नही मिला पा रहे थे...
वीर...हाँ तो अब बोलो शॉपिंग कहाँ करे
संजू..एक माल सिटी के बाहर बना हुआ है..नया खुला है वहाँ चलते है..
फिर सभी उस रास्ते हो लेते है..
संजू इस कशमकश मे थी वीर उसका भाई है क्या ऐसी फीलिंग सही.है...
पर प्यार तो प्यार ही है ना.
कुछ भी हो जाए मैं अपने भाई को ही अपना जीवन साथी बनाउन्गी...
प्रीत तो बस वीर को ही निहार रही थी जब भी वीर से आँख मिलती अपने नज़रे झुका लेती
सब मस्ती करते हुए जा रहे थे कि *तभी
8 10 गाड़ियाँ आती है..ऑर वीर की गाड़ी के आगे लगा खड़े हो जाते है...
उनमे से एक गाड़ी अजय ऑर उसके दोस्तों की भी थी....
वीर....दोनो गाड़ी मे बैठे रहो..
वीर उतर कर सामने जा खड़ा हो जाता है..
सब के सब हॉकी स्टिक बॅस बॉल एट्सेटरा उठा लेते है .
आदमी....आज तुझे हम सब से कोई नही बचा पाएगा...
वीर..तुझे ऐसा लगता है ..पर मुझे तो नही .आजमा के देख लेते है..
एक एक करके आओगे या सभी साथ..मे..
आदमी.तेरे जैसे बच्चे के लिए तो मेरा ये कालिया काफ़ी है *
तभी कालिया तेज़ी से वीर की तरफ आता है .ऑर जैसे ही वो हॉकी वीर की तरफ घुमाता है तो वीर हॉकी पकड़ लेता है
ऑर उसे अपनी तरफ खीच तेज़ी से दोनो हाथो से उसका सर घुमा देता है...ऑर वो अल्ला को प्यारा हो जाता है
ये इतनी जल्दी हुआ कि सभी शॉक रह गये..
तभी एक साथ 3 वीर की तरफ भागते है ....
जैसे ही वो वीर की तरफ़ आने वाले थे.. कि
वीर तेज़ी से स्पिन होते हुए एक के मुँह पर किक जड़ देता है..जिस से तीनो दूर जा गिरते है ऑर बेहोश हो जाते है..
तभी
बिस्वा..भाई आप आराम से बैठ जाइए..इनसे हम निपट लेंगे..
वीर गाड़ी के पास खड़ा हो जाता है..ऑर तभी उधर से सभी आशीष ऑर बिस्वा की तरफ भागते है..
ऑर उन पर हमला कर देते है...
पर दो मिनिट मे बिस्वा ऑर आशीष सबको तडी पार कर देते है...
संजू ऑर प्रीत भी बाहर आ जाते हैं..
तभी अजय गाड़ी से बाहर निकलता है..
ऑर वीर उसकी तरफ जाने ही वाला था कि
तभी उनका बॉस गोली चला देता है..
गोली का निशाना प्रीत थी..
पर तभी प्रीत के आगे आ वीर खड़ा हो जाता है..ऑर गोली उसके बाजू मे लगती है..ये देख बिस्वा..उस बॉस को ख़तम कर देता है..
वीर इतनी तेज़ी से प्रीत के सामने आया कि कोई देख ही नही पाया.
दोनो लड़किया तो जैसे पागल हो गयी थी..
संजू..तुम ठीक तो हो ना जान..
प्रीत .क्यूँ मेरे आगे आए..मर जाने दिया होता मुझे.. ऐसे भाई के होने से अच्छा मर जाने दिया होता
.वीर..अरे मैं ठीक हूँ..
तभी गोली लगने का फ़ायदा उठा .अजय वीर के सिर पर होके स्टिक से हमला कर देता है .पर वीर तेज़ी से खड़ा होके स्टिक पकड़ लेता है ऑर अजय के पैर पर मारता है..
जिस से अजय का पैर टूट जाती है..
वीर अजय के सर पर वॉर करने ही वाला था कि तभी प्रीत उसे रोके देती है.हाथ जोड़ के *
वीर प्रीत के कहने पर रुक जाता है..
वीर..आज तुझे तेरी बेहन ने बचा लिया..वरना तू भी इनकी तरह आज मरा पड़ा होता..सुधर जा.वरना कहीं का नही छोड़ुगा...
उधर नीचे पड़ा अजय तड़फ़ रहा था दर्द से..तभी उसके फ्रेंड्स अजय को उठा चले जाते है..
ऑर वीर ऑर बाकी सब भी वहाँ से चल देते हैं ..
प्रीत..सॉरी वीर मेरी वजह से तुम्हे गोली लगी..
वीर..इट्स ओके यार.अगर गोली का निशाना संजू भी होती तो भी मैं यही करता
.नाउ रिलॅक्स..
फिर सभी वीर को डॉक्टर से इलाज करवाते है..
ऑर वीर फुल बाजू शर्ट पहन लेता है ताकि घर वाले ना देख सके
वीर बाकी सब कॉलेज ही आ जाते है..
प्रीत की गाड़ी कॉलेज मे ही खड़ी थी.
प्रीत...ओके वीर *मैं *आज का दिन कभी नही भूलूंगी *.जो तुमने मेरे लिया किया..तुमने मेरी जान बचाई है..ऑर अब इस जान पर हक सिरफ़ तुम्हारा है..
ऑर तभी वीर को हग कर लेती है..ऑर उसके लिप्स पर हल्का सा किस कर देती है.
संजू खड़ी सब देख रही थी..ऑर अंदर से रो रही थी..
जिसका पता वीर को लग जाता है..
प्रीत बाइ बोल चली जाती है..
वीर..मुझे पता है. संजू तुम मुझसे प्यार करने लगी हो पहले से ही..मैं भी तुम्हे प्यार करता हूँ..पर हम भाई बेहन है .
संजू...तो क्या हुआ मैं तुम्हारे बिना नही रह सकती चाहे जो हो जाए..अगर साथ नही रख सकते तो मुझे मार दो *
संजू अभी इतना ही बोली थी कि वीर अपने लिप्स संजू के लिप्स मिला देता है..
संजू पहले तो शॉक हो जाती है पर बाद मे वो भी साथ देने लगती है.
कुछ टाइम बाद *.
वीर.प्ल्ज़्ज़ जान आज के *बाद मरने की बात मत करना .बड़ी मुश्किल से तुम्हे पाया है..अब ऑर नही से पाउन्गा..आइ लव यू.
संजू ..आइ लव यू टू. जान ऑर प्रीत का क्या..
वीर...अगर उसका प्यार मेरी जिंदगी मे होगा तो ज़रूर मिलेगा नही तो नही..
अगर हुआ तो.मुझे पता है.तुम उसे *आक्सेप्ट कर लोगि...
संजू वीर को हग कर लेती है..
वीर..चले जान घर चलें 6 बज गये है *.
संजू...ह्म चलो...
फिर दोनो वहाँ से घर आ जाते है.
उधर..
अजय के पिता को सब पता चल जाता है...क्या क्या हुया.. ऑर वो अंडरवर्ल्ड को वीर के परिवार को मरने की सुपारी दे देता.है...
ऑर इसकी जानकारी आशीष वीर को दे देता है...ऑर वीर
वीर...आशीष ऑर बिस्वा. एक काम क्रो..अपने आदमी बुला तो ऑर 24 घंटे गायब रहकर मेरे परिवार की रक्षा करने को बोलो. बाल भी बाका ना हो मेरी फॅमिली का *बड़ी मुश्किल से मिली है
ऑर एक बात इस घर के चारो तरफ फुल पहरा दो .गौरड़स तैनात करदो....
बिस्वा...भाई आप चिंता ना करे आपकी फॅमिली समझो मेरी फॅमिली. मेरी फॅमिली को कोई हाथ भी लगा जाए *ये कभी नही होगा....डोंट वरी.
तभी *आशीष जिन्न लोक से पॉवेरफ़ुल्ल जिन्न बुलाता है..ऑर परिवार के एक एक शक्स की रक्षा की ज़िम्मेदारी उन्हे सोन्प देता है..
उधर....संजू रूम मे बेड पर लेटी हुई थी ऑर वीर के बारे मे सोच रही थी.कि कैसे इतने प्यार से किस फिर हग...मेरी इतनी केर करता है...क्या सच मे मुझ से प्यार करता है...
तभी रूम मे वीर एंटर करता है..
वीर *..हाँ बेहन मैं तुझसे प्यार करता हूँ.बहुत ज़्यादा प्यार...
ये सुन संजू वीर की तरफ देखने लगती है.
वीर. जिस वक्त मुझे एक दोस्त की ज़रूरत थी..उस्वक्त तुमने मेरा हाथ पकड़ा..
तुमसे बढ़ कर कौन है मेरे लिए
वीर आगे बढ़ संजू को गले लगा लेता है..
इनकी सब बाते कोई ऑर भी सुन रहा था..ऑर वो कोई ऑर नही वीर की माँ थी..
ये बात वीर को भी पता चल जाता है
वीर.: माँ अप अंदर आ जाइए
माँ एंटर होते हुए ...बेटा ये सब क्या है तुम दोनो भाई बहन हो
संजू तो डर जाती है
वीर … माँ जब दुनिया बनी थी तो सिर्फ़ एक मर्द औरत थे हम सब उन्ही की औलाद है हम सब मे खून का रिस्ता है सब एक दूसरे के भाई बहन है तो क्या वो शादी नही करते प्यार नही करते ये सब तो इंसानो की बनाई हुई है
मैं इसे नही मानता
अब ये आप पे है अप क्या चाहती है
वीर की बाते सुन वीर की मोम के आँसू निकल आते है..ऑर उसे अपने बेटे पर गर्व महसूस होने लगता है...
माँ..डर मत मेरी बच्ची मैं तुम लोगो से सहमत हूँ..
बस एक दूसरे के प्यार मे अपनी माँ को मत भूल जाना...
वीर...कैसी बात कार रही हो माँ तुझे कैसे भूल सकता हूँ.तुम तो हम सब की जान हो...
माँ..बस कर मस्का मत लगा...ऑर ध्यान रहे अभी कुछ ऐसा वैसा काम मत करना....
मोम उतना बोल चली गयी...
मोम की बात जब संजू को समझ आती है..तो संजू शरमाने लगती है..
ऑर वीर को ओर ज़ोर से हग कर लेती है
.
वीर....ऑर हाँ जान एक बात क्या खेयाल रखना...यहाँ भी जाओ तुम बिस्वा या आशीष मे से एक को साथ ले कर जाना. समझे...कल शाम तक तुम्हारा बॉडी गार्ड आ जाएगा..
ऑर कोई सवाल नही तुम्हे मेरी कसम...
संजू..ठीक है भाई *जैसा आप कहेगे
वैसा ही होगा..
थोड़ी देर मे मोम की आवाज़ आती है डिन्नर के लिए..
वीर. चल जान डिन्नर करते है....
वीर ऑर संजू टेबल पर बैठ जाते है...
वीर की मोम वीर की तरफ ही देख रही थी..
ऑर ये बात वीर भी नोट कर लेता है..
पिता जी...बेटा जो सिटी के बाहर वाली जो कंपनी है उसे देख आना..मेरा टाइम नही लगा कल मॉर्निंग मे तुम हो आना ओके..
वीर..ठीक है डॅड ..मैं कल मॉर्निंग जा आउन्गा.....
वीर. दादा जी अब आपकी तबीयत कैसी है..
दादा..बहुत अच्छी..पता नही डॉक्टर कैसी दवाई दे रहे है. ऐसा लग रहा है मैं फिरसे जवान हो रहा हूँ
दादा जी की बात पर सब हँसने लगते है..
सब डिन्नर कर अपने अपने रूम मे आ जाते है...
वीर ऑर संजू बस एक दूसरे को किस करते है ऑर सो जाते है.एक दूसरे से चिपक के...
नेक्स्ट मॉर्निंग वीर रेडी होता है ऑर संजू भी रेडी थी..
सभी डाइनिंग टेबल पर बैठ ब्रेकफास्ट करते है *ऑर बाहर आ जाते है..
वीर अपनी कार संजू को दे देता है ऑर खुद ऑर कार ले जाता है..
वीर सिटी से बाहर निकलता है ऑर अपनी धुन मे जा रहा था कि तभी. चौराहे पर एक ट्रक आता है ऑर वीर की गाड़ी को उड़ा देता है...
गाड़ी उड़ती हुई दूर जा गिरती है..
पर वीर को एक खरॉच तक नही आती ..
वीर वहाँ से वापस सड़क पर आता है ऑर नई कार मंगवा लेता है..
फिर चल देता है अपने रास्ते..रास्ते मे खड़ा कबाड़ी जब वीर को जिंदा देखता है तो वो आगे फ़ोन कर देता है..