वीर.हाँ बिस्वा...एक काम करो कल मॉर्निंग की पार्टी का अरेंज करो..ऑर मेरे सारे रिश्तेदारो को इन्विटेशन्स भेजो मेरे डॅड के नाम से...साथ मे मेरी ऑर डॅड की पिक्स .हो..
बिस्वा हो जायगा..इतना बोल बिस्वा गायब हो जाता है..
ऑर लड़किया फिरसे हैरान हो जाती है...
वीर..घबराओ नही तुम्हे आदत पड़ जाएगी..
चलो..कहीं बाहर चलते है..
फिर तीनो बाहर घूमने निकलते है
.
टेनो आइस्क्रीम पार्लर जाते है..ऑर आइस क्रम ओर्डर करते है.
संजू..जान एक बात तो बताओ.ये जिन्न लोक दिखने मे कैसा है..
वीर...मुझे अभी नही पता..वैसे जिन्न की शकल डरावनी होती है.लेकिन तुम सब घबराना नही..अब सब हमारे दोस्त है..
प्रीत...फिर ठीक है....
फिर आइस क्रीम आ जाती है..
तीनो आइस क्रीम खाते है..
वीर..पे कार बाहर निकलता है..
तीनो रात तक बाहर घूमते है .ऑर कल के लिए शॉपिंग भी करते है..पार्टी के लिए..
उधर
सब रिश्ते दारों के घर इन्विटेशन कार्ड पहुँच चुका था...
सब के सब मेरे डॅड ऑर मेरी पिक्स देख शॉक थे..
मासी के घर..
मासी के बेटी..
लड़की...माँ ये वोही धनवीर है ना जो खो गया था .
मौसी..हाँ ये वोही है..ये वापिस आ गया...इतने सालो बाद..
ऑर इतना अमीर भी है .कल तो जाना ही पड़ेगा
सब रिश्तेदार ..कार्ड देख हैरान थे कि पार्टी वो भी वीर के घर..
इधर..सभी घर पहुँचते है..
वीर...माँ कल घर मे पार्टी है..
मैने सारे रिश्तेदारो को बुला लिया है..
ऑर एक बात माँ..कल उनसब के सामने अपने आप को नीचा मत दिखाना तुम वीर की माँ हो..किसी ऐरे गैरे की नही..
पूरी सॉलिड तैयार होना...ऐसे लगे जैसे जवानी फिरसे आ गयी हो..
वीर की बात सुन माँ शर्मा जाती है..
माँ..शर्म कर अपनी माँ को फिरसे जवान देखना चाहता है..
फिर सब हँसने लगते..
वीर..हाँ माँ अब मैं उन्हे दिखाउन्गा हम क्या चीज़ है..
माँ..चल डिन्नर रेडी है..
फिर सब बैठ डिन्नर करने लगते है...
डॅड...बेटा सिटी के सारे बड़े बिजनेस मॅन को भी इन्वाइट करना इस से पहचान बढ़ती है..
वीर...जी डॅड सब आएगे.....
पूरा शहर देखेगा इतनी बड़ी पार्टी को...
फिर सब डिन्नर कर अपने अपने रूम मे आ जाते है...
वीर का बेड बड़ा था उसपर 4 जने आराम से सो सकते थे ऑर ये तो थे ही 3..
दोनो लड़किया ने अपने कपड़े चेंज कर नाइटी पहन आईं जो ना के बराबर ही बॉडी ढक रही थी..
वीर ..शर्म करो जवान लड़का बेड पर लेटा है ऑर तुम दोनो ऐसे कपड़े..
संजू..आज तो तेरा रेप हम करेगी..
जैसे ही दोनो वीर की तरफ बढ़ रही थी वीर ने तभी चुटकी बजाई ऑर दोनो लड़कियो के हाथ बँध गये
संजू ..ये ग़लत बात है..माना कि तुम्हारे पास पवर्स है. इसका मतलब ये नही भाई उन पॉवर्स को हम पर ही यूज़ करो..चल हो साइड..ऑर खोल हमे नही करती हम तेरा रेप..
वीर उन्दोनो को खोल देता है..
दोनो लड़किया वीर को बीच मे लेटा देती है..
वीर .. .अब क्या मेरा रेप नही करोगी...
प्रीत...नही हम कुछ नही करेगी..
वीर..ठीक है मत करो मैं ही करता हूँ..
वीर संजू की तरफ बढ़ उसके हेड पर किस करने लगता है...जीब लगते ही संजू को बॉडी मे करंट दौड़ जाता है..
ऑर उसका हाथ अपने आप वीर के हाथो मे चला जाता है..ये सब देख प्रीत आगे बढ़ने लगती है
ऑर तभी वीर को अपनी तरफ खीच अपने लिप्स वीर के लिप्स से मिला देती है..दोनो वाइल्ड्ली किस करने लगते है
.
संजू तो बस वीर के किस के एहसास मे खोई हुई थी..
तीनो अपनी ही दुनिया मे गुम थे..
जब दोनो की साँस उखड़ ने लगी तो किस छोड़ साँस लेने लगते है..
वीर साँस ले ही रहा था कि तभी संजू अपने लिप्स वीर के लिप्स से जोड़ देती है..
दोनो एक दूसरे को चूसने मे लगे हुए थे
वीर का हाथ अपने आप संजू की गान्ड पर चला जाता है ..गान्ड को टच होते ही संजू को फिर से करंट लगता है..लेकिन तभी वीर को मोम की बात याद आ जाती है कि कुछ गड़बड़ मत करना...
वीर किस छोड़ सीधा लेट जाता है..
दोनो गर्ल्स आज बहुत खुश लग रही थी..
ऑर दोनो वीर को हग कर लेट जाती है.कब इन्हे नींद आती पता नही चला..
उधर...मोम वीर की बात सोच रही थी..दुनिया मे रिश्ते कुछ नही होते..है तो औरत मर्द..ऑर ऐसे ही वीर को याद करती करती सो जाती है..
नेक्स्ट मॉर्निंग..वीर 5 बजे उठता है ऑर दोनो गर्ल्स को किस कर फ्रेश हो योग साधना मे लीन हो जाता है...
योग कर वीर फ्रेश होता है 7 बज चुके थे.
दोनो लड़किया वीर से नज़र नही मिला पा रही थी. मोम उठकर फ्रेश हो बाहर आती है वीर मोम को विश कर हग कर लेता है..
पर मोम वीर को कुछ ज़्यादा ही अपने सीने से लगाए रखती है..वीर को मोम के निप्पेल कड़े होने का एहसास हो जाता है...
वीर..मोम..सभी रेडी हो जाइए..पार्टी 9 बजे शुरू होगी....
फिर सभी रेडी होते है..
वीर आज बहुत हंडसॅम लग रहा था...कोई भी देखले तो उसे पागल हो जाए
दोनो लड़किया भी बहुत हॉट लग रही थी
तीनो की नज़र जब एक दूसरे से मिलती है तो तीनो एक दूसरे की खूब सूरती मे खो जाते है .
मोम तीनो को असली दुनिया मे लाती है..
मोम.कहाँ खोए रहते हो..चलो मेहमान आने वाले है...
बाहर खुले स्पेस मे पार्टी रखी गयी थी..बहुत खूब सूरती से सजाया गया था घर..
वेटर्स सभी गोरी लड़किया थी..
तभी वीर के सभी रिलेटिव्स आते है..
ऑर जैसे ही वो वीर का बंगला देखते है तो शॉक हो जाते है...
ऑर जैसे ही वीर के मोम डॅड ऑर वीर को देखते है तो देखते रह जाते है....
वीर..माँ मुझे जाना होगा .आज मेरी इंपोर्टेड मीटिंग है. लंडन मे.
माँ..ये अचानक मीटिंग चल ठीक है..
वीर...माँ मेरे साथ संजू ऑर प्रीत भी जा रही है. हम कल रात को वापिस आएगे.......
इतना बोल वीर माँ को ज़ोर से हग करता है..फिर डॅड ऑर दादा जी को भी.
फिर सभी रिश्तेदार से मिल कर निकलते है
वीर...हाँ तो बिस्वा बोलो कैसे जाना है हमे...
बिस्वा..चलिए मेरे साथ...फिर बिस्वा सभी को गायब कर एक सुनसान इलाक़े मे ले जाता है..
वहाँ दूर दूर तक कोई नही था...
फिर बिस्वा आँख बंद कर कुछ बोलता है..
ओर तभी कोई आता है..
कौन आया ....यह देखने के लिए साथ बने रहे
तभी आसमान मे एक शाही सवारी आती है..जिसे तीनों देखते ही रह जाते है..
बिस्वा..भाई आपकी सवारी आ गयी..
पूरी सवारी से सुनहरे कलर की रोशनी निकल रही थी उसका डिजाइन एक गोल्डन ईगल के जैसा बना हुया था
सवारी धरती पर लॅंड करती है..
संजू..भाई ये तो बहुत सुंदर है..प्ल्ज़्ज़ जल्दी चलो इसके अंदर ..कंट्रोल नही होता
तभी उस ईगल की आँखो से रोशनी निकल ज़मीन पर पड़ती है ये एक सीडी थी..उपर चढ़ने की..
वीर ..चलो हसीनाओ..
फिर वीर दोनो लड़कियों को अपने साथ हाथ पकड़ सीडी चढ़ने लगता है...
उसमे जाकर देखते है..कि बाहर से दिखने मे छोटी पर अंदर एक पूरी सिटी समा जाए..
बिस्वा...भाई आप सामने बने तख्त पर बैठ जाइए..
.वीर वहाँ बने एक तख्त पर बैठ जाता है ऑर साथ मे दोनो हसीनाए भी..
तभी सवारी एक जंप लेती है..उड़ जाती है अपनी मंज़िल की ओर.
प्रीत..जान मुझे यकीन नही हो रहा हम हवा मे उड़ रहे है .बहुत शानदार नज़ारा है...मैं बहुत खुश हूँ कि मैं इन हसीन पल का हिस्सा बनी...
ऑर फिर प्रीत वीर को गले लगा लेती है ..ऑर साथ मे संजू भी..
पालक झपकते हे सवारी जिन्न लोक पहुँच जाती है..
सामने जिन्न लोक का बॉर्डर नज़र आता है. वीर सवारी को बॉर्डर पर रोक लेता है ऑर नीचे उतर जाता है...
आशिस..भाई क्या हुआ आप यहाँ क्यूँ उतर गये...
वीर...हम यहाँ से पैदल जाएगे...
सब वीर की बात से सहमत हो जाते है...
वीर आगे आगे चलने लगता है..जैसे ही बॉर्डर क्रॉस करने वाले थे कि तभी वहाँ एक रोशनी की दीवार आ जाती है.
ऑर उसमे से एक जिन्न बाहर निकल ता है..बहुत ही अद्भुत नज़ारा था
.
जिन्न..कौन है आप ऑर यहाँ कैसे आए..
तभी बिस्वा.ऑर आशीष
बिस्वा...ये हमारे बादशाह है..
जैसे ही जिन्न को वीर के बारे मे पता चलता है. वो जिन्न वीर से माफी मागता है ऑर उन्हे सलाम करता है..फिर वो रोशनी गायब हो जाती है..वीर ऑर बाकी सब वहाँ से अंदर चलने लगते है...
जैसे ही अंदर का नज़ारा देखते है तो उनकी आखे बड़ी हो जाती है जिन्न लोक सारा सोने का बना हुआ था
रोड के किनारे जिन्नो के छोटे छोटे बच्चे खेल रहे थे. ..
दोनो बॉल को हवा मे एक दूसरे की तरफ फेक रहे थे. लेकिन मॅजिक से.
थोड़ा आगे चलने के बाद एक मार्केट नज़र आती है.....
वीर .ये क्या आशीष..यहाँ पर कोई काम नही कर रहा. ये सब अपने आप यहाँ कैसे हऱ समान बन रहा है..
आशीष...भाई बात ये है कि यहाँ सब मॅजिक से बनता है..हर काम मॅजिक से होता है..
संजू..वाह बरीलियांट. काश मुझे भी मॅजिक आता..
फिर सब आगे आगे चले जा रहे अजीबो ग़रीब नज़ारे देख रहे थे..थोड़ी देर चलने के बाद इन्हे एक
महल दिखाई देता है. जो कि पूरे सोने का बना हुआ था ऑर उसकी छत हीरे की बनी हुई थी....ऑर उसके आस पास फूल लगे हुए थे.