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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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वीर..जंगल एरिया में पहुँचा ही था कि तभी वीर की गाड़ी पर फाइरिंग होने लगती है *

फ्रंट शीशा चूर चूर हो जाता है..

गोलिया वीर के सीने से टकरा नीचे गिरने लगती है..

वीर जैसे ही गाड़ी से बाहर निकलता है

तभी फिरसे फाइरिंग होने लगती है....

पर फिर वोही अंजाम गोलियाँ वीर के सीने से टकरा नीचे गिरने लगती है..

वीर गुस्से मे आ जाता है. ऑर तभी..

जो भी छुपे हुए गुंडे फाइयर कर रहे थे उन सबको बाहर निकाल लेता है...

सब हैरान थे कि वीर कैसे बच गया

बस - तुझे क्या लगता है..

तू बुलेट प्रूफ जॅकेट पहन के आएगा तो हम से बच जाएगा..

सब से पहले तुझे मारूगा......

ऑर फिर तेरी फॅमिली..

बस का इतना ही बोलना था कि तभी वीर बिजली की तेज़ी से उस के पास जाता है ऑर उसके दिल के पास पंच जड़ देता है..

जिस से बॉस का दिल धड़कना रुक जाता है ऑर वो अल्ला को प्यारा हो जाता है.....

फिर वीर टाइम ना वेस्ट करते हुए..

सबको ख़तम कर देता है ऑर सभी की बॉडीस को इकट्ठा कर आग लगा देता है ...

वीर अपनी गाड़ी के पास आता है ऑर चुटकी बजता है

जिस से वीर के कपड़े ऑर गाड़ी ठीक हो जाती है..

वीर ऑफीस पहुँच जाता है..

ऑफीस मे कुछ ख़ास नही था ऑर वो काम निपटा सीधा कॉलेज निकल जाता है ...

कॉलेज पहुँच वीर सीधा कॅंटीन मे जाता है यहाँ संजू ऑर प्रीत वहीं बैठ थी...

प्रीत वीर से गले मिलती है..

प्रीत - तुम ठीक तो होना..

मुझे पता है डॅड ने तुम्हे मारने की सुपारी दी है......

संजू - क्या क्या कहा तुमने....

वीर - हाँ ये सच है..

ऑर आज मेरे उपर रास्ते मे हमला भी हुआ था....

पर वो सबके सब अल्ला को प्यारे हो गये..

संजू तो नम आँखो से वीर को हग कर लेती है..

संजू - अगर तुम्हे कुछ हो गया तो मैं अपनी जान दे दूँगी.....

वीर - तुम्हे लगता है मुझे कोई भी मार सकता है....

घबराव नही जान मुझे कुछ नही होगा....

बिस्वा - संजू जी भाई सही कह रहे है आप घबराईए नही....

हम भी तो है वीर भाई के साथ...

फिर सभी मिल स्नॅक्स ऑर कॉफ़्फीे ऑर्डर करते है..

लंच फिनिश कर.

वीर - चलो सभी शॉपिंग करने चलते है..

कल बीच मे ही रह गयी थी..

फिर सभी निकलते है माल मे.

माल मे पहुँच सभी अपनी अपनी शॉपिंग करने लगते है..

प्रीत भी वीर के लिए कपड़े ख़रीदती है..

तभी वहाँ कुछ 5 आदमी आते है..

और आस पास छुपके खड़े हो जाते है. ....

वीर को इस बात का पता चल जाता है.

वीर - माइंड तो माइंड बिस्वा ऑर आशीष को सब बता देता है..

बिस्वा ऑर आशीष दोनो मिलकर उन गुण्डों को ख़तम कर देते है..किसी को कुछ पता नही चलता...

.

संजू - वीर ये लॉकेट पहन लो इसके तीन पार्ट है....

एक तुम्हारे पास....

एक मेरे पास ऑर एक प्रीत के पास रहेगा...

प्रीत संजू की बात सुन संजू को हग कर लेती है..

 
वीर - संजू इसे हमे सच बता देना चाहिए..

संजू - हाँ मुझे भी यही लगता है.

प्रीत - कैसा सच...

फिर वीर उसे अपने बचपन से लेकर अब तक का सब कुछ बता देता है..

जिसे सुन प्रीत शॉक हो जाती है..

प्रीत - मतलब तुम दोनो रियल भाई बेहन हो....

वीर - हाँ पर हम एक दूसरे से प्यार करते है..

जैसा प्यार तुम मुझे करती हो..

प्यार तो पहले ही हो गया था..पर पता बाद मे लगा के हम भाई बेहन है..

प्रीत - इसमे आपकी कोई ग़लती नही ये तो उपर वाले की मर्ज़ी है...

अगर वो चाहता तो प्यार होने से पहले ही बता सकता था..

कि तुम दोनो भाई बेहन हो

पर नही किया वो भी चाहता है कि तुम एक हो ओर मैं एसी मे बहुत खुस हूँ..

आइ रीयली लव्स बोत ऑफ यू..

संजू ऑर वीर प्रीत को हग कर लेते है....

.

वीर - मेरी जिंदगी की कुछ ऑर भी सच्चाई है जो मैं कुछ ही दिनो मे बताउन्गा..

पर अभी नही...

बाद मे प्रीत ऑर वीर मे ज़िद चलती है मैं पे करूगा वो कहती है मैं पे करूगी..

पर संजू चुपके से पे कर देती है..

संजू की एस हरकत पर सब हस देते है

आशीष - वीर को माइंड टू माइंड..

भाई क्यू ना पूरे अंडरवर्ल्ड को ही ख़तम कर्दे..

वीर - सही कह रहे हो..

एक बात और प्रीत ऑर संजू को फुल सेक्यूरिटी दो ऑर हम चलते है...

वीर - माइ लवर्स तुम दोनो घर पहुँचो मुझे काम है मैं बाद मे आता हूँ..

फिर संजू प्रीत को अपने साथ घर ले जाती है..

घर देख प्रीत हैरान हो जाती है...

उसने ऐसा शानदार घर आज से पहले कभी नही देखा था..

प्रीत सभी घरवालो से मिलती है...

संजू प्रीत को रूम मे ले जाती है..

प्रीत - वैसे वीर का रूम कौनसा है

संजू - वीर का रूम यही है ..ऑर मेरा भी..

प्रीत - ओह्ह इसका मतलब तुम दोनो एक साथ सोते हो क्या...

संजू - हाँ बहुत मज़ा आता है अपनी जान की बाहों मे सोने मे..

प्रीत - ओह हह यू आर सो लकी....काश मैं भी सो पाती ....

संजू - इसमे क्या है तुम भी आज यहीं रह लो...घर फोन करदो...

प्रीत - ओह्ह रीयली..थॅंक यू सो मच..

 


उधर

अंडर वर्ल्ड...मे दहशत बनी हुई थी..एक साथ अपने इतने आदमी मारे जाने से वो एक मीटिंग बुलाते है

इनकी मीटिंग एक बड़े से गोदाम मे होती है..यहाँ वीर ऑर बिस्वा भी पहुँच जाते है..

वीर गोदाम के अंदर एंटर करता है साथ मे बिस्वा भी...

तभी गोदाम मे खड़े गुंडे इनकी तरफ देखते है

....

उनमे से एक पूछता.है.

गुंडा - कौन हो बे तुम..

तभी उनमे से..

गुंडा1 - भाई ये तो वोही है.जिसे हमे मारना है ...वीर.

गुंडा बॉस - ओह्ह्ह ये खुद ही मौत के मूह मे आ गया...

वीर - तुझे ऐसा लगता है..

देखलिया जाए फिर..

तभी बस अपने आदमियो को इशारा करता है..ऑर वो सभी खड़े हो वीर ऑर बिस्वा पर गोलियों की बौछार कर देते है..

पर वीर को गोलियो से कोई फ़र्क नही पड़ रहा था...

ये देख सभी गुंडे शॉक हो जाते है..

तभी वीर अपने हाथ से आग निकालता है ..

ऑर सिरफ़ इतना बोलता है..

वीर - खेल ख़तम.. स्वाअ हाअ एयेए.

वीर ने इतना ही बोला और तेज़ी से अपने हाथ से आग के गोले गुन्डो पर फेकने लगता है .

देखते ही देखते सब के सब जलने लगते है..

गुन्डो की सिरफ़ चीखे ही सुनाई दे रही थी....

कुछ टाइम बाद ही सब राख हो जाता है....

गोदाम आग मे जल रहा था..

वीर ऑर बिस्वा वहाँ से सीधा अजय के घर जाते है....

वीर घर के पास जाते ही दरवाजे पर लात मारता है..

ऑर दरवाजा टूट जाता है..

सामने से गार्ड आते है ऑर वीर उन्हे भी मार मार कर बेहोस कर देता है..

तभी वीर के सामने सेठ धनराज चन्द आता है..

हम इसे पी डॅड बुलाएगे..

पी डॅड - कौन हो तुम ऑर क्यू तोड़ फोड़ कर रहे हो..

वीर - जिसे मारने के लिए भाड़े के टट्टू भेजता है उसे ही भूल गया..

पी डॅड - ओह वीर ...

तेरी इतनी हिम्मत मेरे घर आ गया...

रुक एक मिनिट..

तभी पी डॅड किसी को फ़ोन मिलाता है..ऑर जो सुनता है उस से उसे साँप सूंघ जाता है.

वीर - क्यू क्या सुन लिया .......

अब कान खोल के सुन ले......

मेरे से पंगा मत ले .....

वरना तेरा बेटा जान से जाएगा......

अभी भी मौका देता हूँ..

या तो दोस्ती करले..

यह अपने बेटे की मौत..

फ़ैसला तेरे हाथ मे है .

वीर की बात सुन पी डॅड डर जाता है

पी डॅड - ठीक है बेटा मैं तुमसे दोस्ती के लिए तैयार हूँ मेरे बेटे को कुछ मत करना..

वीर - देखिए अंकल जी मैं एक अच्छे घर से हूँ.....

खुद का बहुत बड़ा बिजनेस है सिंग कंपनीज़ मेरी है.....

आपके बेटे ने फाइट शुरू की है मैने नही..

आपके बेटे को तो मैं फर्स्ट डे ही ख़तम कर सकता था...

पर मैने ऐसा नही किया..

कॉज़ ये उमर ही ऐसी है मस्ती करने की..

ऑर हाँ मैं आपकी बेटी से प्यार करता हूँ..

ऑर आपकी बेटी भी..

हम दोनो शादी करना चाहते है...

पी डॅड - आम सॉरी बेटा मैने बहुत ग़लत किया.....

मैं शादी के लिए तैयार हूँ....

वीर - तो ठीक है अब मैं चलता हूँ..

तभी वीर की नज़र अजय पर पड़ती है..

वीर - सॉरी भाई मैने तेरी टाँग तोड़ी उसके लिए..

ऑर रही बात तेरी टाँग की तो मेरे डॉक्टर आएगे तुम्हारा इलाज़ करने.

1 दिन मे तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे..चलता हूँ..

फिर वीर घर आ जाता है

 
फिर वीर घर आ जाता है

और घर आ कर जो देखता है उसे देख हैरान हो जाता है...

वीर घर आ कर देखता है कि प्रीत मां के साथ बैठी थी..ऑर माँ उसे डायमंड का हार पहना रही थी..

वीर को देख ..

माँ .आ मेरा बच्चा..

सब की नज़र वीर पर जाती है ऑर प्रीत वीर की तरफ देख शर्मा जाती है..

वीर..माँ ये क्या..

माँ..ये मैं अपनी बहू को मुँह दिखाई का तोहफा दे रही हूँ...मुझे तो बहुत प्यारी लगी मेरी बच्ची..

वीर तो जैसे शॉक मे था कि इतनी जल्दी ये सब क्या....हो रहा है..पर जो भी हो सही है..

संजू....वीर कहाँ रह गया था...इतना लेट क्यू आए हो..

वीर...कुछ नही जान टाइम लग गया..काम ही ऐसा था....

उधर...बिस्वा..वीर को बाहर बुलाता है..

वीर .बिस्वा बोल..भाई कल मॉर्निंग हमे जिन्न लोक जाना है सब तैयारी हो चुकी है

..ऑर हाँ आओ चाहे तो संजू ऑर प्रीत को साथ लेजा सकते है

अब तो ये सिरफ़ ऑर सिरफ़ तुम्हारी है....

वीर..ठीक है.कल जाने की तैयारी करो

फिर वीर वहाँ से अपने रूम मे आ जाता है...

वीर...मुझे तुम दोनो से कुछ बात करनी है..

संजू..हाँ करो जान क्या हुया..

वीर..मैने कहा था ना मैं एक बात बताउन्गा सही टाइम आने पर ऑर वो सही टाइम आज है.

बात ये है कि मैं कोई आम इंसान नही हूँ....

प्रीत..मैं समझी नही...

फिर वीर..शुरू से अंत तक सब सच बता देता है...जिसे सुन दोनो गर्ल्स ऑर वीर के खुद के भी आँसू आ जाते हैं ..

संजू ऑर प्रीत का दिल तड़प उठता है कि वीर ने कितने दुख देखे है अपनी लाइफ मे..

संजू...चलो जो होना था हो गया..खुशी तो इस बात की है..मेरी जान अब हमारे पास है..

ऑर हमारी जान बादशाह है..

प्रीत ..कब जाना है हमे वहाँ..

वीर...हम तीनो को कल सुबह जाना है...ऑर न प्लज़्ज़्ज़ उन्हे देख डरना मत.....

वीर...प्रीत तुम घर फ़ोन करदो कि मैं अपने डस्ट वीर के साथ घूमने जा रही हूँ..

प्रीत...तो क्या घरवाले मुझे जाने देंगे..

वीर..तुम करो तो सही..

फिर प्रीत अपने डॅड को फ़ोन करती है ऑर जाने के लिए कहती है...जिस से उसके डॅड फ़ौरन हाँ कर देते है.

जिसे सुन प्रीत को भी हैरानी होती है..

प्रीत ..तुमने कुछ किया क्या..

वीर....उन्हे गोदाम से लेकर प्रीत के घर तक सब बता देता है.

वीर...सॉरी प्रीत मैने डॅड को धमकाया ..मेरे पास कोई चारा नही था..

प्रीत....डोंट भी जान..अगर कोई ऑर होता तो उनको जानं से मार देता तुमने तो सिरफ़ धमकाया है...

एनीवे ..कुछ पकिंग करनी है.

वीर....नही वहाँ सब मिलजाएगा...डोंट वरी..

प्रीत...ठीक है चलो फिर ठीक है...

वीर...वैसे संजू हमारे रिश्तेदार कहाँ है.हमे मिलने क्यूँ नही आए कोई भी..

संजू...भाई सब रिश्तेदार मतलबी हैं किसी ने भी हमारी हेल्प नही की ..

पिता जी ने आपको ढूँढने के लिए सब पैसे लगा दिए..फिर किसीने हेल्प नही की

...

वीर..ओह्ह.ये बात है..एक बात बता..हमारे रिश्ते दारों के यहाँ लड़किया है.क्या...

संजू..जान से मार दूँगी तुम्हे अगर किसी ऑर की तरफ आख भी उठा के देखा तो..

प्रीत..हम से बुरा कोई नही होगा..तुम सिरफ़ हमारे हो सिर्फ़ हमारे..

वीर..मेरी जान क्यू परेशान हो रही हो..मैं तो उन्हे मज़ा चखाना चाहता हूँ.

हम कल जाने से पहले एक पार्टी रखेगे...एक दूसरे को मिलने की खुशी मे..

संजू...हाँ समझ गयी....लेकिन एक बात याद रखना तुम सिरफ़ हमारे हो..

वीर...सिरफ़ तुम्हारा ही हूँ दी..प्रीत का..बस उन्हे तो सबक सिखाना है.सज़ा देनी है जो उन्हो ने किया मेरी फॅमिली के साथ

तभी वीर बिस्वा को बुलाता है..

ओर बिस्वा एक दम से सामने आ जाता है..ये देख दोनो लड़किया शॉक ही जाती है..

 
बिस्वा..भाई आपने याद किया..

वीर.हाँ बिस्वा...एक काम करो कल मॉर्निंग की पार्टी का अरेंज करो..ऑर मेरे सारे रिश्तेदारो को इन्विटेशन्स भेजो मेरे डॅड के नाम से...साथ मे मेरी ऑर डॅड की पिक्स .हो..

बिस्वा हो जायगा..इतना बोल बिस्वा गायब हो जाता है..

ऑर लड़किया फिरसे हैरान हो जाती है...

वीर..घबराओ नही तुम्हे आदत पड़ जाएगी..

चलो..कहीं बाहर चलते है..

फिर तीनो बाहर घूमने निकलते है

.

टेनो आइस्क्रीम पार्लर जाते है..ऑर आइस क्रम ओर्डर करते है.

संजू..जान एक बात तो बताओ.ये जिन्न लोक दिखने मे कैसा है..

वीर...मुझे अभी नही पता..वैसे जिन्न की शकल डरावनी होती है.लेकिन तुम सब घबराना नही..अब सब हमारे दोस्त है..

प्रीत...फिर ठीक है....

फिर आइस क्रीम आ जाती है..

तीनो आइस क्रीम खाते है..

वीर..पे कार बाहर निकलता है..

तीनो रात तक बाहर घूमते है .ऑर कल के लिए शॉपिंग भी करते है..पार्टी के लिए..

उधर

सब रिश्ते दारों के घर इन्विटेशन कार्ड पहुँच चुका था...

सब के सब मेरे डॅड ऑर मेरी पिक्स देख शॉक थे..

मासी के घर..

मासी के बेटी..

लड़की...माँ ये वोही धनवीर है ना जो खो गया था .

मौसी..हाँ ये वोही है..ये वापिस आ गया...इतने सालो बाद..

ऑर इतना अमीर भी है .कल तो जाना ही पड़ेगा

सब रिश्तेदार ..कार्ड देख हैरान थे कि पार्टी वो भी वीर के घर..

इधर..सभी घर पहुँचते है..

वीर...माँ कल घर मे पार्टी है..

मैने सारे रिश्तेदारो को बुला लिया है..

ऑर एक बात माँ..कल उनसब के सामने अपने आप को नीचा मत दिखाना तुम वीर की माँ हो..किसी ऐरे गैरे की नही..

पूरी सॉलिड तैयार होना...ऐसे लगे जैसे जवानी फिरसे आ गयी हो..

वीर की बात सुन माँ शर्मा जाती है..

माँ..शर्म कर अपनी माँ को फिरसे जवान देखना चाहता है..

फिर सब हँसने लगते..

वीर..हाँ माँ अब मैं उन्हे दिखाउन्गा हम क्या चीज़ है..

माँ..चल डिन्नर रेडी है..

फिर सब बैठ डिन्नर करने लगते है...

डॅड...बेटा सिटी के सारे बड़े बिजनेस मॅन को भी इन्वाइट करना इस से पहचान बढ़ती है..

वीर...जी डॅड सब आएगे.....

पूरा शहर देखेगा इतनी बड़ी पार्टी को...

फिर सब डिन्नर कर अपने अपने रूम मे आ जाते है...

वीर का बेड बड़ा था उसपर 4 जने आराम से सो सकते थे ऑर ये तो थे ही 3..

दोनो लड़किया ने अपने कपड़े चेंज कर नाइटी पहन आईं जो ना के बराबर ही बॉडी ढक रही थी..

वीर ..शर्म करो जवान लड़का बेड पर लेटा है ऑर तुम दोनो ऐसे कपड़े..

संजू..आज तो तेरा रेप हम करेगी..

जैसे ही दोनो वीर की तरफ बढ़ रही थी वीर ने तभी चुटकी बजाई ऑर दोनो लड़कियो के हाथ बँध गये

संजू ..ये ग़लत बात है..माना कि तुम्हारे पास पवर्स है. इसका मतलब ये नही भाई उन पॉवर्स को हम पर ही यूज़ करो..चल हो साइड..ऑर खोल हमे नही करती हम तेरा रेप..

वीर उन्दोनो को खोल देता है..

दोनो लड़किया वीर को बीच मे लेटा देती है..

वीर .. .अब क्या मेरा रेप नही करोगी...

प्रीत...नही हम कुछ नही करेगी..

वीर..ठीक है मत करो मैं ही करता हूँ..

वीर संजू की तरफ बढ़ उसके हेड पर किस करने लगता है...जीब लगते ही संजू को बॉडी मे करंट दौड़ जाता है..

ऑर उसका हाथ अपने आप वीर के हाथो मे चला जाता है..ये सब देख प्रीत आगे बढ़ने लगती है

ऑर तभी वीर को अपनी तरफ खीच अपने लिप्स वीर के लिप्स से मिला देती है..दोनो वाइल्ड्ली किस करने लगते है

.

संजू तो बस वीर के किस के एहसास मे खोई हुई थी..

तीनो अपनी ही दुनिया मे गुम थे..

जब दोनो की साँस उखड़ ने लगी तो किस छोड़ साँस लेने लगते है..

 
वीर साँस ले ही रहा था कि तभी संजू अपने लिप्स वीर के लिप्स से जोड़ देती है..

दोनो एक दूसरे को चूसने मे लगे हुए थे

वीर का हाथ अपने आप संजू की गान्ड पर चला जाता है ..गान्ड को टच होते ही संजू को फिर से करंट लगता है..लेकिन तभी वीर को मोम की बात याद आ जाती है कि कुछ गड़बड़ मत करना...

वीर किस छोड़ सीधा लेट जाता है..

दोनो गर्ल्स आज बहुत खुश लग रही थी..

ऑर दोनो वीर को हग कर लेट जाती है.कब इन्हे नींद आती पता नही चला..

उधर...मोम वीर की बात सोच रही थी..दुनिया मे रिश्ते कुछ नही होते..है तो औरत मर्द..ऑर ऐसे ही वीर को याद करती करती सो जाती है..

नेक्स्ट मॉर्निंग..वीर 5 बजे उठता है ऑर दोनो गर्ल्स को किस कर फ्रेश हो योग साधना मे लीन हो जाता है...

योग कर वीर फ्रेश होता है 7 बज चुके थे.

दोनो लड़किया वीर से नज़र नही मिला पा रही थी. मोम उठकर फ्रेश हो बाहर आती है वीर मोम को विश कर हग कर लेता है..

पर मोम वीर को कुछ ज़्यादा ही अपने सीने से लगाए रखती है..वीर को मोम के निप्पेल कड़े होने का एहसास हो जाता है...

वीर..मोम..सभी रेडी हो जाइए..पार्टी 9 बजे शुरू होगी....

फिर सभी रेडी होते है..

वीर आज बहुत हंडसॅम लग रहा था...कोई भी देखले तो उसे पागल हो जाए

दोनो लड़किया भी बहुत हॉट लग रही थी

तीनो की नज़र जब एक दूसरे से मिलती है तो तीनो एक दूसरे की खूब सूरती मे खो जाते है .

मोम तीनो को असली दुनिया मे लाती है..

मोम.कहाँ खोए रहते हो..चलो मेहमान आने वाले है...

बाहर खुले स्पेस मे पार्टी रखी गयी थी..बहुत खूब सूरती से सजाया गया था घर..

वेटर्स सभी गोरी लड़किया थी..

तभी वीर के सभी रिलेटिव्स आते है..

ऑर जैसे ही वो वीर का बंगला देखते है तो शॉक हो जाते है...

ऑर जैसे ही वीर के मोम डॅड ऑर वीर को देखते है तो देखते रह जाते है....

 
मोम वीर को बता देती है.कौन कौन है....

वीर आगे बाद सब बडो के पैर छूता है

ऑर सभी अपने यहाँ के लड़के लड़कियों को गले मिलता है.

लड़किया तो बस वीर कोही देखे जा रही थी..एक से बढ़ कर एक थी..

वीर के मोम डॅड भी सब से मिलते है.

मोम की आँखो मे आँसू आ जाते है अपने भाई बेहन को देख...

वीर..आइए पहले खा पी लीजिए फिर घर जा कर बात करते है

वीर सब को पार्टी हॉल मे ले जाता है यहाँ सब बेहतरीन डिशस का लुफ्त उठा रहे वीर के सब रिलेटिव्स भी मिलकर डिशस का आनंद लेते है

सब के सब यही सोच रहे थे इसके पास पैसा कहाँ से आया..

उधर वीर के क़जन्स भी यही बात कर रहे थे..

सी 1....यार लगता है वीर बहुत रिच बॉय है..यार काश मेरा बाय्फ्रेंड होता..

सी2...तू देख मैं उसे अपना बाय्फ्रेंड बना के रहूगी चाहे जो हो जाए..

सी3..बस करो शर्म करो तुम्हारा भाई है वो..

सी1 ...कुछ भी हो लेकिन है बहुत हॉट

क्या बॉडी है ब्लू आइज सो हॉट यार..

तभी वीर..अपनी दोनो जान के साथ आता है ऑर सब को अपनी होने वाली बीवी को इंट्रोड्यूस्ड करवाता है..

बाकी सब लड़किया प्रीत को देख जल भुन जाती है ...

सी1.लो हो गया कबाड़ा..उसकी तो पहले से ही गर्लफ्रेंड है वो भी हम से बढ़ कर..

थोड़ी देर मे प्रीत के डॅड भी आते है ऑर वीर की फॅमिली प्रीत के मोम डॅड से बड़े प्यार से मिलती..है..इतना प्यार देख प्रीत के डॅड बहुत खुश होते है ..

वीर..अजय कैसा है अब अंकल.

पी डॅड...अजय बिल्कुल ठीक है अभी आने वाला होगा तुम्हारे डॉक्टर ने तो उसे 1 रात मे ही इतना ठीक कर दिया..ऑर हाँ मुझे अंकल नही अब डॅड बोला करो

डॅड की बात सुन प्रीत शरमा जाती है...

वीर. जी डॅड..

वीर की पार्टी मे सब बड़े से बड़े बिजनेस मॅन भी आए थे ..

पूरी सिटी मे पार्टी की बात ही हो रहे थी मीडीया न्यूज़ वाले लगातार पूरी पार्टी को कवरेज कर रहे थे...

फिर मोम अपने सभी रिश्तेदारो को बंगले मे ले जाती है..

जैसे ही सब बंगला देखते है तो देखते रह जाते है....

सब की नज़र बंगले को घूरे जा रही थी..

दादाजी..वीर बेटा इन्हे पूछो अब क्या लेने आए है यहाँ..

वीर..छोड़िए दादा जी ..जब इन्हे ऐसी तकलीफो से गुज़रना पड़ेगा तब पूछेंगे..

सब की नज़रे नीचे हो चुकी थी..

माँ..देखा मेरे बेटे का प्यार जिसे तुम सब ने ढूँढने की हेल्प के लिए मना कर दिया था आज उसी के पैसो से तुम सब ने पार्टी का लुफ्त उठाया..

मेरी बेहन तुम तो मेरी सग़ी बेहन थी...तुम भी मेरा साथ छोड़ गयी..

वीर...आज मैने आपको इसीलिए यहाँ बुलाया था ताकि सब को एक कर सकूँ...लेकिन किसी को कोई फ़र्क नही पड़ रहा....

संजू..छोड़ वीर..जिनके अंदर दिल नाम की कोई चीज़ ना हो वो किसी के प्यार को क्या समझेंगे. .

वीर....आप सभी जा सकते है आप सब को कभी भी मेरी ज़रूरत हो तो बिना संकोच हेल्प माँग लेना मैं मना नही करूगा..

मासी..हमे माफ़ करदो बेटा..पैसे के लालच ने हमे अँधा कर दिया था..प्लज़्ज़्ज़ हमे माफ़ कर्दे मेरी बेहन..

मोम आगे बढ़ अपनी बेहन को गले लगा लेती है...

सभी बारी बारी माफी माँगते है..

पिता जी..वाह बेटा आज तुमने सबको एक कर दिया..आइ एम प्राउड ऑफ यू...

वीर..क्या डॅड आप भी ये तो मेरा फर्ज़ था..

फिर सभी मिल पार्टी एंजाय करने लगते है..

वीर संजू ऑर प्रीत खड़े बाते कर रहे थे कि तभी वहाँ मासी की लड़की आती है..

लड़की...संजू हमे नही मिलवाया भाई से..

संजू क्यूँ नही..

संजू...वीर ये मासी जी की बेटी नहिना..

ऑर नहिना ये है वीर..

दोनो एक दूसरे से हाथ मिलाते है..

फिर संजू प्रीत को नहिना से मिल्वाती है..

नहिना..सच मे आज मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे एक भाई मिला ..रीयली आइआम सो हॅपी..इतना बोल उसकी आँखो मे आँसू आ गये...

नहिना..मुझे नही पता मम्मी पापा ने तब क्यूँ आपकी मदद नही की..लेकिन..मुझे पता है जिसका भाई ना हो उसे कैसा फील होता है..

वीर आगे बढ़ उसे गले लगा लेता है..

वीर..प्लज़्ज़्ज़ रोना बंद करो नहिना..अब तो खुशी के दिन है.बहप्पी ओके..तुम कभी भी मिलने यहाँ आ सकती हो..

संजू..नहिना को संभालती है..ऑर वीर सब बड़े महमानो को सी ऑफ करता है...सब मेहमान खुश थे पार्टी एंजाय कर..

तभी वहाँ अजय आता है.

प्रीत जा कर अपने भाई के गले लग जाती है..

वीर...अब कैसा है भाई..

अजय..मुझे माफ़ कर्दे भाई .मैने तेरे साथ बहुत बुरा किया प्लज़्ज़्ज़ मुझे माफ़ कर्दे

क्या हम फ्रेंड्स .बन सकते है..

वीर..हाँ क्यूँ नही यार..

वीर आगे बढ़ अजय को गले लगा लेता है..

फिर सब मिल कर ऐसे ही पार्टी का लुफ्त उठाते है....

 


बिस्वा वीर के माइंड मे

बिस्वा..भाई हमे जल्दी निकलना होगा..

वीर..हाँ ठीक है..

उधर सारे रिश्तेदार.माँ डॅड के साथ बात कर रहे थे..

वीर..माँ मुझे जाना होगा .आज मेरी इंपोर्टेड मीटिंग है. लंडन मे.

माँ..ये अचानक मीटिंग चल ठीक है..

वीर...माँ मेरे साथ संजू ऑर प्रीत भी जा रही है. हम कल रात को वापिस आएगे.......

इतना बोल वीर माँ को ज़ोर से हग करता है..फिर डॅड ऑर दादा जी को भी.

फिर सभी रिश्तेदार से मिल कर निकलते है

वीर...हाँ तो बिस्वा बोलो कैसे जाना है हमे...

बिस्वा..चलिए मेरे साथ...फिर बिस्वा सभी को गायब कर एक सुनसान इलाक़े मे ले जाता है..

वहाँ दूर दूर तक कोई नही था...

फिर बिस्वा आँख बंद कर कुछ बोलता है..

ओर तभी कोई आता है..

कौन आया ....यह देखने के लिए साथ बने रहे

तभी आसमान मे एक शाही सवारी आती है..जिसे तीनों देखते ही रह जाते है..

बिस्वा..भाई आपकी सवारी आ गयी..

पूरी सवारी से सुनहरे कलर की रोशनी निकल रही थी उसका डिजाइन एक गोल्डन ईगल के जैसा बना हुया था

सवारी धरती पर लॅंड करती है..

संजू..भाई ये तो बहुत सुंदर है..प्ल्ज़्ज़ जल्दी चलो इसके अंदर ..कंट्रोल नही होता

तभी उस ईगल की आँखो से रोशनी निकल ज़मीन पर पड़ती है ये एक सीडी थी..उपर चढ़ने की..

वीर ..चलो हसीनाओ..

फिर वीर दोनो लड़कियों को अपने साथ हाथ पकड़ सीडी चढ़ने लगता है...

उसमे जाकर देखते है..कि बाहर से दिखने मे छोटी पर अंदर एक पूरी सिटी समा जाए..

बिस्वा...भाई आप सामने बने तख्त पर बैठ जाइए..

.वीर वहाँ बने एक तख्त पर बैठ जाता है ऑर साथ मे दोनो हसीनाए भी..

तभी सवारी एक जंप लेती है..उड़ जाती है अपनी मंज़िल की ओर.

प्रीत..जान मुझे यकीन नही हो रहा हम हवा मे उड़ रहे है .बहुत शानदार नज़ारा है...मैं बहुत खुश हूँ कि मैं इन हसीन पल का हिस्सा बनी...

ऑर फिर प्रीत वीर को गले लगा लेती है ..ऑर साथ मे संजू भी..

पालक झपकते हे सवारी जिन्न लोक पहुँच जाती है..

सामने जिन्न लोक का बॉर्डर नज़र आता है. वीर सवारी को बॉर्डर पर रोक लेता है ऑर नीचे उतर जाता है...

आशिस..भाई क्या हुआ आप यहाँ क्यूँ उतर गये...

वीर...हम यहाँ से पैदल जाएगे...

सब वीर की बात से सहमत हो जाते है...

वीर आगे आगे चलने लगता है..जैसे ही बॉर्डर क्रॉस करने वाले थे कि तभी वहाँ एक रोशनी की दीवार आ जाती है.

ऑर उसमे से एक जिन्न बाहर निकल ता है..बहुत ही अद्भुत नज़ारा था

.

जिन्न..कौन है आप ऑर यहाँ कैसे आए..

तभी बिस्वा.ऑर आशीष

बिस्वा...ये हमारे बादशाह है..

जैसे ही जिन्न को वीर के बारे मे पता चलता है. वो जिन्न वीर से माफी मागता है ऑर उन्हे सलाम करता है..फिर वो रोशनी गायब हो जाती है..वीर ऑर बाकी सब वहाँ से अंदर चलने लगते है...

जैसे ही अंदर का नज़ारा देखते है तो उनकी आखे बड़ी हो जाती है जिन्न लोक सारा सोने का बना हुआ था

रोड के किनारे जिन्नो के छोटे छोटे बच्चे खेल रहे थे. ..

दोनो बॉल को हवा मे एक दूसरे की तरफ फेक रहे थे. लेकिन मॅजिक से.

थोड़ा आगे चलने के बाद एक मार्केट नज़र आती है.....

वीर .ये क्या आशीष..यहाँ पर कोई काम नही कर रहा. ये सब अपने आप यहाँ कैसे हऱ समान बन रहा है..

आशीष...भाई बात ये है कि यहाँ सब मॅजिक से बनता है..हर काम मॅजिक से होता है..

संजू..वाह बरीलियांट. काश मुझे भी मॅजिक आता..

फिर सब आगे आगे चले जा रहे अजीबो ग़रीब नज़ारे देख रहे थे..थोड़ी देर चलने के बाद इन्हे एक

महल दिखाई देता है. जो कि पूरे सोने का बना हुआ था ऑर उसकी छत हीरे की बनी हुई थी....ऑर उसके आस पास फूल लगे हुए थे.

ऑर आस पास परिया उड़ रही थी

 
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