मोम..तो ठीक है..हमारा सब से ज़्यादा बिजनेस कहाँ पर है..
वीर,,, मुंबई मे क्यू..
मोम..तो हम बहुत जल्द मुंबई शिफ्ट हो रहे है....
वीर...ठीक है. मैं वहाँ बंगला बना लेता हूँ बिस्वा समझ गये क्या करना है.....
बीस्व..जी भाई समझ गया....
नहिना .इसका मतलब हम यहाँ से चले जाएँगे....
मोम..हाँ अगर इसे संजू से शादी करनी है तो हमे यहाँ से जाना होगा. क्यू कि सारा सिटी जानता है ये इसकी बहन है .
प्रिया..क्या हम भी आपके साथ जा सकते है ना...
वीर....माइ लव तुम सब जा रहे हो हमारे साथ...
संजू . भाई प्रीत का क्या करे..
मोम..उसके साथ शादी एक हफ्ते बाद करनी है..मैं बात करती हूँ उनके साथ...
संजू..हाँ ये ठीक रहेगा...
फिर सभी अपने अपने काम मे लग जाते है...
वीर की मोम वीर को साथ ले प्रीत के घर जाती है..
प्रीत...आइए मोम कैसी है आप..
मोम..ठीक हूँ मेरे बच्चा..मोम डॅड घरपर है....
फिर मोम प्रीत के मोम डॅड से मिलती है ऑर उन्हे शादी के बारे मे बता देती है यहाँ से मुंबई के लिए शिफ्ट होना है..
प्रीतमोम..लेकिन इतनी जल्दी कैसे तैयारी होगी..
मोम...वो हम देख लेंगे..बस आप हाँ कीजिए..
अजय..हाँ डॅड हाँ कर दीजिए.हम सब मिलकर तैयारी कर लेंगे..
प्रीत डॅड..ठीक है बहनजी..हम तैयार है..अब से 6 दिन बाद हम शादी की डेट फिक्स करते है...
प्रीत तो अपने रूम मे खड़ी खुशी से झूम रही थी..
इधर...वीर न्ड मोम दोनो वापिस घर आ जाते है..ऑर सबको सब बता देते है..
विशु....हमारे पास सामने बहुत कम है..तैयारी भी करनी है....
वीर...चाचा जी आप सब लॅडीस न्ड लड़कियो के लिए कपड़े ऑर गहने खरीद लीजिए...ये लीजिए मेरा कार्ड रखिए इस से पेमेंट कर देना..
जिसको जो चाहिए लेदिजिये..
फिर थोड़ी देर मे सब चाचा जी साथ लड़किया निकल जाती है.शॉपिंग करने के लिए...
उधर..बिस्वा मुंबई पहुँच चुका था ..ऑर उसने वहाँ जगह देख एक आलीशान बांग्ला खड़ा कर दिया था..बहुत ही खूबसूरत था....इस वाले से भी ज़्यादा अच्छा ऑर हर एक चीज़ थी इसमे...हर एक....
उधर..वैम्पायर..अपनी फुल तैयारी मे लगे हुए थे. सिटी से बहुत से लड़के लड़किया की लाषे पाई जा रही थी जिनकी बॉडी से खून का एक कतरा भी नही था..
वीर..अपने रूम मे बैठा टीवी देख रहा था..ऑर ऐसे ही चॅनेल चेंज कर रहा था कि तभी वो न्यूज चॅनेल देखने लगता है...
जिसमे आज हुई वारदात के बारे मे बताता जा रहा था कि कैसे लाषे मिल रही है जिनकी बॉडी मे से खून ही नही है ऑर उनकी गर्दन पर दो निशान है..
वीर के मुँह से बस इतना निकलता है वैम्पायर....
संजू..वीर इन्हे रोकना होगा..
तभी वीर देखता है संजू उसके पास खड़ी है..
संजू..अगर ऐसा ही चलता रहा तो ये वैम्पायर लाशो का ढेर लगा देंगे..
वीर...हाँ जान कुछ तो करना ही होगा आशीष कहाँ हो..
तभी वहाँ आशीष आ जाता है...
वीर..आशीष पता लगाओ ये कहाँ वारदात हो रही है..ध्यान रहे उन्हे शक ना हो कि हम उनपर नज़र रख रहे है ..
तभी वहाँ बिस्वा भी जाता है..
बिस्वा...भाई बंगला रेडी हो गया है ज़मीन के कागजात सब कुछ...
ऑर भाई ..उनपर नज़र रखने से हम अपनी चाँदी की सेना को भेजे ..ऐसे मे साथ ही ख़तम हो जाएँगे...
वीर...ठीक है ऑर तुम दोनो साथ रहोगे.......
संजू..जान जाओ आप जिन्न लोक जा कर सेना को आदेश दो.....
वीर..आशीष ऑर बिस्वा के साथ वहाँ से गायब हो जाता है.
ऑर पहुँचते है जिन्न लोक....जिन्न लोक की धरती पर उतरते ही वीर असली रूप मे आ जाता है...
ऑर महल पहुँच जाता है..
सब अपना सर झुकाए खड़े थे..
वीर..सेना पति जी..20 सब से बढ़िया चाँदी की बनी सेना की तिकड़ी बुलवाए. मैं उनसे मिलना चाहता हूँ
सेना पति .जी महाराज..
थोड़ी देर मे 20 जिन्न की टुकड़ी..आती है..
वीर...दोस्तों आज आप सब को वैम्पायर को ख्तम करना है..कोई रहम नही करेगा वैम्पायरस पर बाकी सब आपको आशीष ऑर बिस्वा बता देंगे...
वीर...राज गुरु आए या नही..
मंत्री...नही अभी उन्हे आने मे दिन शेष है...
वीर..ठीक है ऑर किसी बात पर विचार करना हो तो..
फिर वीर वहाँ से उठ कर बाहर आता है..
वीर एक परी को अपनी तरफ घूरता हुआ देखता है जो बहुत ही प्यार से देख रही थी..
वीर..सेना पति जी..वो परी कौन है..
सेनापति ...महाराज वो परियो की रानी अलीज़ा है..
वीर..रानी..पर आपने पहले कभी हमे मिलवाया क्यूँ नही..
सेनापति..महाराज ये यहाँ नही थी..
वीर..उस परी के पास जाता है..
वीर..हाई मैं वीर..
वीर को ऐसे फ्रेंड्ली मिलने से परी बहुत खुश होती है..ऑर दोनो जैसे ही हाथ मिलते है..दोनो के बॉडी मे करंट दौड़ जाता है...
वीर...आप से मिल कर बहुत अच्छा लगा जल्द ही मुलाकात होगी....
अलीज़ा..जी ज़रूर..बस एक बार याद कर लीजिएगा. हम पहुँच जाएँगे....
वीर..ड्राइवर से ..क्या था ये दिखता नही तुझे या जान बुज के मारा है .सच बोलेगा या पहुँचा डून उपर.
ड्राइवर...नही सब मुझे कुछ मत करना..हमे तो आपको ऑर आपके परिवार को मारने की सुपारी दी गयी थी..
वीर..किसका काम है ये..
ड्राइवर...कोई अमरीका से देवराज है.आपने उसके बेटे को पॅरलाइज़ कर दिया इसीलिए आपको ऑर आपकी फॅमिली को मारने के लिए ऑर भी हमले होंगे..
वीर..गुस्से मे आ जाता है...ऑर ज़ोर से बिस्वा चिल्लाता है..
तभी वहाँ बिस्वा आता है..
वीर...जिसने ये सुपारी ली है 2 घंटे के अंदर सब का ख़ात्मा चाहिए..ऑर कल उस देवराज को भी ले आओ...
बिस्वा...जी भाई हो जाएगा..
वीर ऑर बिस्वा वहाँ से सबके पास आ जाते है..
वहाँ खड़े लोग सब इन्हे ही देख रहे थे कि ..तभी वीए सब की मेम्मोरि डेलीट कर देता है जो अभी हुआ....
मोम..बेटू तू ठीक तो है ना...
वीए...अरी माँ आपके बेटे को कुछ हो सकता है क्या.....
फिर सब वहाँ से एक 5 स्टार रेस्टोरेंट चले जाते है....
सब हसी मज़ाक मे डिन्नर करते है......ऑर निकलते है घर को ओर .... ...
घर पहुँच सब सो जाते है..
नेक्स्ट मॉर्निंग वीर जल्दी उठता है..ऑर फ्रेश हो पार्क मे जा अपनी योग साधना मे लीन हो जाता है..
2 घंटे बाद वीर उठता है.ऑर अपने अंदर पवर्स का समुंदर महसूस करता है.ऑर खुद को बहुत तरो ताज़ा महसूस करता है...
वीर सब को उठा देता है..
वीर भी मॅजिक से तैयार हो जाता है.ऑर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाता है..
सब आ कर मॉर्निंग विश करते है..ऑर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाते है..
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सब चुप चाप नाश्ता करने लगते है...
नाश्ता फिनिश कर वीर ऑर उसकी बहने निकलते है कॉलेज की ओर....
कॉलेज पहुँच.वीर जस्सी ऑर मोहित से मिलता है..
मोहित..भाई कैसा है तू..
वीर .एकदम बढ़िया..चल कॅंटीन मे बैठ बात करते है...
जस्सी..हाँ भाई चलो..
सब कॅंटीन मे चले जाते है..
वीर...तो सुनो जस्सी मोहित हम सब मुंबई शिफ्ट हो रहे है ...क्या तुम लोग चलोगे.मेरे साथ...
जस्सी..वाह भाई..क्या बात कही आपने. हम तो पहले से ही मुंबई से है..वाउ सो गुड यार..
वीर..चलो ये अच्छा हुआ..अपनी फेमिली को लेके तुम सब मुंबाई पहुँचो
फिर हम भी तुम लोगो के पीछे आ रहे है
तभी प्रीत आती है..अजय साथ नही था..प्रीत..आ कर वीर की गोद मे बैठ जाती है...
नहिना..वाह क्या ज़माना है..पति देखा नही चिपक गयी..ऑर अपनी बहना को भूल जाती है.
सब नहिना की बात पर हंस देते है..
प्रीत वहाँ से खड़ी हो सबको मिलती है..
प्रीत...जस्सी मोहित..आज से ठीक 5 दिन बाद मेरी ऑर वीर की शादी है.....
जस्सी..कोंग्रथस यार..
मोहित...आइ अम सो हॅपी..कोंग्रथस यार..
वीर..थॅंक्स ऑर हाँ आ कर काम काज देख लेना....
तभी वीर का फ़ोन बजने लगता है..जब वीर देखता है तो फ़ोन मासी का है..
वीर.. नमस्ते मासी डार्लिंग कैसी हो..
मासी..बदमाश अपनी मासी को डार्लिंग बोलता है.
वीर...अरे डार्लिंग जब मासी इतनी हॉट न्ड सेक्सी हो तो डार्लिंग निकलेगा ही ना....
उधर अपनी तारीफ सुन मासी का दिल धड़कने लगता है..
मासी..चुप बदमाश..कभी मासी की याद आई.कभी अपनी मासी का हाल पूछा मासी कैसे जी रही है .कितना तड़प रही है..
वीर..मासी की बात समझ जाता है.
वर..मासी जी आप कहे तो आपकी तड़प दूर कर्दे मेरा मतलब आपकी तकलीफ़ को दूर कर्दे..
मासी..अब वो तो तूही दूर कर सकता है मेरा बच्चा..कभी इस हॉट न्ड सेक्सी मासी को भी मिलने आजा...
वीर...ठीक है थोड़े दिन बाद आपके पास होउंगा...
मासी...सच्मे..ना..
वीर...हाँ डार्लिंग..रूको मैं नहिना से बात करवाता हूँ..नहिना लो मोम से बात करो..
फिर नहिना काफ़ी देर तक मोम से बात करती है..
जस्सी मोहित बिस्वा ऑर आशीष को पकड़ साइड मे ले जाता है.
.
जस्सी..गाइस क्यूँ ना आज रात को बचलेर पार्टी की जाए...
आशीष..गुड आइडिया.ऑर हम ये भाई को सर्प्राइज़ देंगे..
मोहित..हाँ ये सही रहेगा..ऑर बिस्वा भाई आप तो कुछ भी कर सकते हो एक काम करो.अच्छी सी जगह देखी ऑर उसमे सारी तैयारी करो..10 12 लड़किया भी हो फुल टू धमाल...
चारो सब के पास आ बैठ जाते है..
कुछ देर पहले ..इन सब को चारो पर शक्क होता है..क्या हो रहा है..
परी..तुम चारो के बीच ऐसी क्या बात थी कि तुम लोगो को सीधे जाना पड़ा..
चारो थोड़ा...डर जाते है..
बिस्वा....ऐसा कुछ नही.वो हम लड़को की बात है....
तभी प्रीत..
प्रीत...जान.मुझे कुछ काम है संजू के साथ तुम हमे छोड़ आआओ प्लज़्ज़्ज़्ज़...
वीर...हाँ चलो..
तीनो वहाँ से पार्किंग मे आते है ऑर निकलते है..
वीर .कहाँ जाना है जान..
प्रीत..किसी सॉलिड होटेल मे रूम चलो
वीर..क्या रूम..पर तुम तो..
प्रीत..मैं ऑर संजू तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना चाहते है..
फिर वीर..एक आलीशान होटेल मे रूम बुक करता है ऑर पहुँचते है वहाँ..
दर्द भरी चीख सुन परी का दिल पसीज जाता है ऑर वो तुरंत बिस्वा को हग कर लेती है..
परी....आपको पता है ना आप मे मेरी जान बस्ती है..मैं आपको किसी ऑर के साथ नही देख सकती नही देख सकती..
बिस्वा..मुझे माफ़ करदो जान मेरा दिल सिरफ़ तुम्हारे लिए ही धड़क ता है.....आयेज से ऐसा नही होगा....उधर वीर
वीर..जाअँ प्लज़्ज़्ज़्ज़ जैसा तुम सोच रही हो वैसा कुछ नही हुआ..प्लज़्ज़्ज़ मुझे गल्त मत समझो..मैं तो आराम से बैठा था के तभी लड़किया मुझे खीच कर ले गयी..
वीर दोनो के आगे जा घुटनो के बल बैठ जाता है
वीर...जान प्यार किया है..भरोशा भी रखो..तुम्हारा वीर मस्ती के लिए ये सब नही करेगा...
अगर मेरे पर यकीन नही है तो एक काम करो ये लो खंजर ऑर मेरी गर्दन काट दो..
वीर खंजर को अपनी गर्दन पर रख देता है..खंजर का फ्रंट बहुत नुकीला था जिस से वीर के गर्दन से ब्लड निकलने लगता है...
दोनो लड़कियो का ये देख उनका दिल तड़प उठता है..भाग के वीर के गले लग जाती है ..
संजू प्रीत..सॉरी जान प्लज़्ज़्ज़ हमे माफ़ करदो हमने तुम पर शक किया...
संजू..प्लज़्ज़्ज़ बाबू..हमे माफ़ करदो.
वीर दोनो को ज़ोर से हग कर लेता है..
वीर....जान ये जिंदगी सिरफ़ ऑर सिरफ़ आप सब के लिए ही है..वो तो आज मेरे भाइयो ने सिरफ़ हमारी शादी की खुशी मे पार्टी रखी थी...प्लज़्ज़्ज़ तुम्हारा वीर गल्त नही है..
प्रीत ..चलो जान घर चलते है..
उधर..नेहा आशीष पर झपट पड़ती है..बड़ी मुश्किल से आशीष नेहा को ठीक करता है..
सभी घर पहुँच गये थे..
मोम ने प्रीत को वहीं रख लिया था ..ऑर संजू ऑर प्रीत को एक रूम ऑर वीर को अपने साथ ले जाती है..
दोनो माँ बेटे एक दूसरे से चिपक के सो जाते है..
रात को माँ की आँख खुलती है..ऑर क्या देखती है.वीर का लंड खड़ा है ऑर माँ की मुनिया पर टच हो रहा है..
ये देख माँ के अंदर करंट दौड़ जाता है...
माँ के हिलने से वीर की भी आख खुल जाती है..
.वीर...क्या हुआ माँ..
वीर को जगा देख..माँ हड़बड़ा जाती है.
माँ.कुछ नही बेटू..सो जा..
वीर..माँ बताओ क्या बात है आपको मेरी कसम
मोम.वो वो बात ये है कि तेरा टूल मुझे चुभ रहा है
मोम की बात पर वीर शॉक हो जाता है ऑर एकदम पीछे हो जाता है..
मोम..क्या हुआ पीछे क्यो हट गया. शर्मा मत तू मेरा बेटा है..आजा ऑर सो जा .मोम वीर को खीच के अपने सीने स लगा लेती है
जैसे ही वीर मोम से दोबारा चिपकता है. तो मोम के मुख से एक सिसकी निकल जाती है....
जिस से माँ वीर को ओर ज़ोर से हग कर करती है .
कपड़े के उपर से चूत की गर्मी को महसूस कर वीर का लंड झटके खाने लगता है ..
वीर..अपने मन.मे. .
ये मैं क्या कर रहा हूँ वो मेरी माँ है.मैं क्यूँ ऐसा कर रहा हूँ पर मोम भी तो कर रही है शायद डॅड से प्यार बहुत कम मिला है..
ऑर मेरे दूर होने से मोम ऑर टेन्षन मे रहने लगी थी..
दोनो माँ बेटे एक दूसरे को फील कर सो जाते है
नेक्स्ट मॉर्निंग वीर की आँख पहले खुल जाती है..
वीर को अपनी माँ उसकी बाहों मे सो रही बहुत प्यारी लग रही थी..
वीर धीरे से मोम के लिप पर किस कर देता है
वीर वहाँ से उठ फ्रेश होता है.ऑर रेडी हो...बाहर आता है
तब तक सब उठ चुके थे
वीर बाहर आ डाइनिंग टेबल पर बैठ जाता है..
ऐसे ही दिन निकलते जाते है कोई हमला नही होता..
आज वीर ओर प्रीत कि मेरिज थी.....
सभी बारात लेके प्रीत के घर पहुँच गये.....
प्रीत के पापा और अजय ने गेट पे सब का स्वागत किया.......
फिर कुछ देर चाय पानी पीने के बाद......
सभी मंडप के पास पहुँच चुके थे...
पंडित ने दूल्हे को मंडप मे बुलाने को कहा......
वीर कुछ ही देर में मंडप में आके बैठ गया.....
पंडित ने कुछ मंतर पड़े और फिर.......
पंडित ने कन्या को बुलाने को कहा.......
कुछ देर बाद नहिना प्रिया और संजू प्रीत को मंडप में लाती है......
ऑर जब वीर प्रीत को देखता है तो उसी मे खो जाता है...
गजब की सुंदरी लग रही थी......
प्रीत के आते ही पंडित मंत्र पढ़ने शुरू कर देता है......
फिर फेरे शुरू होते है.....
उसके बाद वीर प्रीत को मंगल सुत्र पहनाता है......
फिर वीर प्रीत के माँग में सिंदूर भरता है......
इसी तरहा थोड़ी देर मे सब रीति रिवाजो से शादी हो जाती है..
वीर प्रीत को हसी खुशी घर लेआता है..
सब बहुत खुश थे........
वीर की बहने वीर को उसके कमरे मे छोड़ ने जाती है पर गेट रोक खड़ी हो जाती है..
नहिना...पहले नेग दो फिर अंदर जाना..
वीर...कौनसा नेग साइड..हो..
संजू..भाई ये गल्त है हमे नेग चाहिए..नही तो बाहर सो जाओ..
वीर..ठीक है..ये तभी वीर एक बॉक्स खोलता है ऑर उसमे से सभी गर्ल्स को डायमंड ब्रेसलेट देता है .जिसे देख सारी लड़किया खुश हो जाती है
बाकी सब सोने चले जाते है.....
फिर वीर वहाँ से रूम मे चला जाता है..
वीर रूम मे पहुँच रूम को लॉक कर देता है.....
वीर...प्रीत के पास पहुँच उसका घूँघट उतता है..
जिस से प्रीत शरमा जाती है.
वीर..यार मेरे से क्या शरमाना ..
प्रीत वीर को दूध का बड़ा सा ग्लास पकड़ा देती है..
वीर उसमे से आधा से ज़्यादा खुद पी लेता है ऑर बाकी का प्रीत को.