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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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जस्सी..भाई आप तीनो ने फाइट कहाँ से सीखी...

वीर..ये भी एक राज है..तुझे भी जल्दी पता चल जाएगा..

मोहित ठीक है भाई जैसा आप ठीक समझे.....

अजय...भाई चलो आज नये दोस्तों की खुशी मे पार्टी करते है...

वीर...हाँ चलो...गाड़ी किस किस के पास है..

जस्सी ..भाई मेरे पास भी है और मोहित के पास भी..

वीर..थ्ट्स आ गुड आइडिया...चलो

.

फिर सभी निकलते है.एक 5 स्टार होटेल मे यहाँ सब मस्ती करते करते खाना खाते है.....

वहाँ से सब वॉटर पार्क जाते है..ऑर स्लीदस का मज़ा लेते है..

सभी वापसी मे जा रहे थे कि रास्ते मे रोड पर तीन चार लाषे पड़ी थी..वीर..को लगा कुछ गड़बड़ है..

उसने पहले ही अपने सभी दोस्तों को शील्ड से कवर कर दिया...

लड़के बाहर उतर ते है.ऑर उन लाषो के पास गये ही थे कि वो लाषे उठ जाती है ऑर हँसने लगती है.....ऑर आस पास की जगह से छुपे हुए गुन्डे बाहर आ जाते है..

गुंडा..अब कहाँ जाएगा .हमसे बच कर....

जसी मोहित..भाई हम तेरे साथ है..चलो दिखा दे इनसॅब को

.

जस्सी ऑर मोहित ने इतना ही बोला था कि उन गुन्डो ने सब पट से फाइरिंग शुरू करदी....

जस्सी ऑर मोहित एकदम किए हमले से डर जाते है..पर हेरान तब होते है जब कोई भी गोली उन्हे छु तक नही पाती..वो दोनो वीर की तरफ देखते है..

वीर अपना हाथ आगे करता है..ऑर सब लड़को के हाथ मे लेटेस्ट गन्स आ जाती है.

.ये देख मोहित अजी ऑर जस्सी

.देख शॉक हो जाते है..

वीर..मुझे पता है.तुम्हारे मन मे बहुत सवाल है..बाद मे बताउन्गा..

तभी उधर से एक गुंडा इनपर बॉम्ब फेक देता है..बॉम्ब के ब्लास्ट होते ही धुआँ ही धुआँ हो जाता है

.आग ही आग थी हर तरफ ऑर जैसे ही धुआँ हटा ..वीर सबको फाइरिंग के लिए बोल देता है...

सभी गन से फाइयर करने लगते है..देखते ही देखते सब के सब अल्ला को प्यारे हो जाते है..

सब गाड़ी मे बैठ किसी सुनसान पार्क मे बैठ जाते है..

मोहित..अब बताओ भाई क्या चक्कर है..

अजय..हाँ ऑर हमे गोलिया लगी क्यूँ नही..

फिर वीर..अपने बारे अपनी पॉवेर के बारे मे सब बता देता है..

तीनो वीर के आगे झुक जाते हैं

.

तीनो एक साथ..महाराज की जय हो..

वीर...मार खानी है क्या सालो मैं यहाँ सिरफ़ ऑर सिरफ़ तुम्हारा दोस्त हूँ..ऑर कुछ नही

जस्सी..आप इतने महान ऑर आपने हम मामूली से लोगो को अपना दोस्त बनाया ..हम तो धन्य हो गये..

वीर..लगता सच मे मार खाएगा..आदमी पैसे ओर रुतबे से बड़ा हो ये ज़रूरी नही बस वो आदमी दिल से बड़ा होना चाहिए..ऑर तुम तीनो का दिल बहुत बड़ा है..

बस ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए...समय आने पर मैं तुम सबकॉ भी पॉवर दूँगा..मेरी फॅमिली की रक्षा करने के लिए..बट अभी नही ....

अजय..पर ये लोग कौन थे...

वीर...ये अंडरवर्ल्ड के बादशाह टोनी के आदमी है...इसके भाई को मैने मार दिया था..इसीलिए वो पीछे है..पर वो नही जानता उसने किस से पंगा लिया है

जस्सी...भाई हम तेरे साथ है कभी भी याद कर लेना.....

मोहित..हाँ भाई. आपके लिए जान दे भी देंगे ऑर ले भी लेंगे..अच्छे इंसान की परख आपने कॉलेज मे ही दे दी थी....

हम सब आपके साथ है

फिर सब अपने अपने घर को निकल जाते है..

 
घर पहुँच

.मोम...आ गये बच्चो फ्रेश हो जाओ लंच रेडी है..

वीर....पर मोम हम आज बाहर से खा के आए है

मोम..ठीक है फ्रेश हो जा बात करते है...

सब फ्रेश हो बाहर सिटिंग मे बैठ जाते है..

मोम..तो तुम दोनो ने क्या सोचा है शादी के बारे मे

वीर...जैसा आपको ठीक लगे मोम..

मोम..तो ठीक है..हमारा सब से ज़्यादा बिजनेस कहाँ पर है..

वीर,,, मुंबई मे क्यू..

मोम..तो हम बहुत जल्द मुंबई शिफ्ट हो रहे है....

वीर...ठीक है. मैं वहाँ बंगला बना लेता हूँ बिस्वा समझ गये क्या करना है.....

बीस्व..जी भाई समझ गया....

नहिना .इसका मतलब हम यहाँ से चले जाएँगे....

मोम..हाँ अगर इसे संजू से शादी करनी है तो हमे यहाँ से जाना होगा. क्यू कि सारा सिटी जानता है ये इसकी बहन है .

प्रिया..क्या हम भी आपके साथ जा सकते है ना...

वीर....माइ लव तुम सब जा रहे हो हमारे साथ...

संजू . भाई प्रीत का क्या करे..

मोम..उसके साथ शादी एक हफ्ते बाद करनी है..मैं बात करती हूँ उनके साथ...

संजू..हाँ ये ठीक रहेगा...

फिर सभी अपने अपने काम मे लग जाते है...

वीर की मोम वीर को साथ ले प्रीत के घर जाती है..

प्रीत...आइए मोम कैसी है आप..

मोम..ठीक हूँ मेरे बच्चा..मोम डॅड घरपर है....

फिर मोम प्रीत के मोम डॅड से मिलती है ऑर उन्हे शादी के बारे मे बता देती है यहाँ से मुंबई के लिए शिफ्ट होना है..

प्रीतमोम..लेकिन इतनी जल्दी कैसे तैयारी होगी..

मोम...वो हम देख लेंगे..बस आप हाँ कीजिए..

अजय..हाँ डॅड हाँ कर दीजिए.हम सब मिलकर तैयारी कर लेंगे..

प्रीत डॅड..ठीक है बहनजी..हम तैयार है..अब से 6 दिन बाद हम शादी की डेट फिक्स करते है...

प्रीत तो अपने रूम मे खड़ी खुशी से झूम रही थी..

इधर...वीर न्ड मोम दोनो वापिस घर आ जाते है..ऑर सबको सब बता देते है..

विशु....हमारे पास सामने बहुत कम है..तैयारी भी करनी है....

वीर...चाचा जी आप सब लॅडीस न्ड लड़कियो के लिए कपड़े ऑर गहने खरीद लीजिए...ये लीजिए मेरा कार्ड रखिए इस से पेमेंट कर देना..

जिसको जो चाहिए लेदिजिये..

फिर थोड़ी देर मे सब चाचा जी साथ लड़किया निकल जाती है.शॉपिंग करने के लिए...

उधर..बिस्वा मुंबई पहुँच चुका था ..ऑर उसने वहाँ जगह देख एक आलीशान बांग्ला खड़ा कर दिया था..बहुत ही खूबसूरत था....इस वाले से भी ज़्यादा अच्छा ऑर हर एक चीज़ थी इसमे...हर एक....

उधर..वैम्पायर..अपनी फुल तैयारी मे लगे हुए थे. सिटी से बहुत से लड़के लड़किया की लाषे पाई जा रही थी जिनकी बॉडी से खून का एक कतरा भी नही था..

वीर..अपने रूम मे बैठा टीवी देख रहा था..ऑर ऐसे ही चॅनेल चेंज कर रहा था कि तभी वो न्यूज चॅनेल देखने लगता है...

जिसमे आज हुई वारदात के बारे मे बताता जा रहा था कि कैसे लाषे मिल रही है जिनकी बॉडी मे से खून ही नही है ऑर उनकी गर्दन पर दो निशान है..

वीर के मुँह से बस इतना निकलता है वैम्पायर....

संजू..वीर इन्हे रोकना होगा..

तभी वीर देखता है संजू उसके पास खड़ी है..

संजू..अगर ऐसा ही चलता रहा तो ये वैम्पायर लाशो का ढेर लगा देंगे..

वीर...हाँ जान कुछ तो करना ही होगा आशीष कहाँ हो..

तभी वहाँ आशीष आ जाता है...

वीर..आशीष पता लगाओ ये कहाँ वारदात हो रही है..ध्यान रहे उन्हे शक ना हो कि हम उनपर नज़र रख रहे है ..

तभी वहाँ बिस्वा भी जाता है..

बिस्वा...भाई बंगला रेडी हो गया है ज़मीन के कागजात सब कुछ...

ऑर भाई ..उनपर नज़र रखने से हम अपनी चाँदी की सेना को भेजे ..ऐसे मे साथ ही ख़तम हो जाएँगे...

वीर...ठीक है ऑर तुम दोनो साथ रहोगे.......

संजू..जान जाओ आप जिन्न लोक जा कर सेना को आदेश दो.....

वीर..आशीष ऑर बिस्वा के साथ वहाँ से गायब हो जाता है.

ऑर पहुँचते है जिन्न लोक....जिन्न लोक की धरती पर उतरते ही वीर असली रूप मे आ जाता है...

ऑर महल पहुँच जाता है..

सब अपना सर झुकाए खड़े थे..

वीर..सेना पति जी..20 सब से बढ़िया चाँदी की बनी सेना की तिकड़ी बुलवाए. मैं उनसे मिलना चाहता हूँ

सेना पति .जी महाराज..

थोड़ी देर मे 20 जिन्न की टुकड़ी..आती है..

वीर...दोस्तों आज आप सब को वैम्पायर को ख्तम करना है..कोई रहम नही करेगा वैम्पायरस पर बाकी सब आपको आशीष ऑर बिस्वा बता देंगे...

वीर...राज गुरु आए या नही..

मंत्री...नही अभी उन्हे आने मे दिन शेष है...

वीर..ठीक है ऑर किसी बात पर विचार करना हो तो..

फिर वीर वहाँ से उठ कर बाहर आता है..

वीर एक परी को अपनी तरफ घूरता हुआ देखता है जो बहुत ही प्यार से देख रही थी..

वीर..सेना पति जी..वो परी कौन है..

सेनापति ...महाराज वो परियो की रानी अलीज़ा है..

वीर..रानी..पर आपने पहले कभी हमे मिलवाया क्यूँ नही..

सेनापति..महाराज ये यहाँ नही थी..

वीर..उस परी के पास जाता है..

वीर..हाई मैं वीर..

वीर को ऐसे फ्रेंड्ली मिलने से परी बहुत खुश होती है..ऑर दोनो जैसे ही हाथ मिलते है..दोनो के बॉडी मे करंट दौड़ जाता है...

वीर...आप से मिल कर बहुत अच्छा लगा जल्द ही मुलाकात होगी....

अलीज़ा..जी ज़रूर..बस एक बार याद कर लीजिएगा. हम पहुँच जाएँगे....

फिर वीर वहाँ से आगया ले चला जाता है.. धरती लोक...

 
उधर..बिस्वा ऑर आशीष ...

बिस्वा...चलो दोस्तों..कोई भी बचना नही चाहिए..आज रात वैम्पायर की आखरी रात होगी...

इधर..वीर..संजू को किस कर रहा था कि तभी रूम मे मोम आ जाती है..

दोनो मों को देख शरमा जाते है..

मों..तुम दोनो को बोला था ना शादी से पहले नो टचिंग..

वीर...मोम कंट्रोल नही होता

.

मोम..चुप कर कंट्रोल का बच्चा बोला ना नही तो नही..एक बार शादी होने दे फॉर दिन रात बजाते रहना..

मोम की बात पर दोनो शॉक हो जाते है..

पर जब मोम को इस बात का एहसास होता है कि वो क्या बोल गयी तो मोम.फेस पर नॉटी स्माइल लाते हुए ..सॉरी बोल भाग जाती है..

ऑर यहाँ दोनो हँसने लगते है...

वीर..ये माँ भी ना पता नही क्या बोल जाती है.

संजू...मुझे पता है..मोम आपसे प्यार करने लगी है..

वीर..क्या बोल रही है पागल तो नही हो गयी.

संजू..जब से मुझे पवर्स मिली है मैं आम लोगो का माइंड पढ़ लेती हूँ..

वीर...मोम को समझाना होगा..

फिर संजू ऑर वीर बाहर आ जाते है.

सभी लड़किया शॉपिंग कर आई थी..बॅग ही बॅग थे उनके हाथ मे...

वीर...तो हो गयी शॉपिंग..

चाचा जी...यार ये बच्चो के साथ शॉपिंग करने आज के बाद मैं नही जाउन्गा..थका दिया इन बच्चों ने...ये ले वीर कार्ड..

वीर...ऐसे अपने पास रखिए चाचा जी.मेरे पास ऑर है.

चाचा जी...बेटा मैं इसका क्या करूगा .

वीर...आप रखिए कभी भी ज़रूरत पड़ सकती है..ऑर हाँ कल से आप डॅड के साथ ऑफीस संभाले गे .ओर हाँ यहाँ का सारा कारोबार मुंबई शिफ्ट करदो....

फिर सभी ऐसे ही बात चीत करते रहते है....

उधर...बिस्वा आशीष सेना के साथ आगे बढ़ रहा था सब गायब हो आगे जा रहे थे कि..बिस्वा एक नॉर्मल इंसान का रूप ले जंगल के पास खड़ा हो जाता है...

तभी थोड़ी देर मे वहाँ 3 चार वैम्पायर आते है...

वैम्पायर..वाह काफ़ी हरा भरा लग रहा है..खून बहुत है इसमे...

वैम्पायर 2..चल इसका खून चूस्ते है

वैम्पायर..रुक मुझे कोई चाल लगती है .रात मे ये मोटा यहाँ क्या कर रहा है..

बिस्वा उन वैम्पायर की तरफ देखता है ऑर उसके फेस पर स्माइल आ जाती है..

बिस्वा ...भाई मैं रास्ता भूल गया हूँ प्लज़्ज़्ज़ हेल्प करदो.....

वो तीनो आपस मे कुछ बात करते है..

वैम्पायर...1.चल भाई हम भी उधर ही जा रहे है ...चल

.

बिस्वा उनके साथ आगे चलने लगा ..थोड़ी देर बाद तीनो ऑर बिस्वा एक घने जंगल मे पहुँच जाते है..

वहाँ ऑर भी बहुत लोग खड़े थे..जोकि वैम्पायर थे..

दूसरे वैम्पायर...अबे ये किसे ले आया माल तो बड़ा तगड़ा लग रहा है अभी से मुँह मे पानी आ रहा है...

बिस्वा..ये आप कैसी बात कर रहे है..पानी तगड़ा माल..मैं जाता हूँ..

तभी वैम्पायर आगे बढ़ अपने दाँत निकाल लेते है..

बिस्वा डरने की आक्टिंग करता है

बिस्वा ..प्लज़्ज़्ज़ मुझे जाने दो कौन हो तुम प्लज़्ज़्ज़ जाने दो मुझे..

वैम्पायर..आगे बढ़ बिस्वा के गले मे दाँत मारने ही वाला था कि तभी वहाँ जोरदार चीख सुनाई देने लगती है...

आआआहहााआआहह

सब उस चीख की तरफ देखते है..कि वहाँ एक वैम्पायर आग की लपटो मे गिरा चीख रहा था...

ये देख बिस्वा हँसने लगता है

.ऑर अपने असली रूप मे आ जाता है जिसे देख बाकी के सब वैम्पायर शॉक हो जाते है..

बिस्वा...तुम लोग तो गये...बिस्वा का इतना ही बोलना था कि तभी वहाँ चाँदी की बनी सेना ऑर आशीष आता है ऑर ताबड तोड़ गोलिया शुरू हो जाती है

.पूरे जंगल मे उनकी चीखे ही सुनाई दे रही थी...

वैम्पायर भी हमला कर देते है जिस से बिस्वा ऑर आशीष मैन्दान मे उतर आते है ऑर हमला कर देते है ..थोड़ी देर मे वैम्पायर का नामोनिशान मिट जाता है

बिस्वा ..सुनो पूरे सिटी मे फैल जाओ यहाँ भी वैम्पायर मिले ख़तम कर देना .छोड़ना नही..

बिस्वा ऑर आशीष घर आ जाते है .ऑर वीर को सब बता देते है...

मोम...बेटा क्यूना हम आज खाना बाहर खाए...

वीर...गुड आइडिया...चलो सब रेडी हो जाओ..

थोड़ी देर मे सब रेडी हो जाते है...

तीन बड़ी गाड़ियाँ निकाल चलते है..

थोड़ी दूर गये ही थे कि तभी रिया को एक कॅंडी वाला दिखता है..

रिया...मुझे कॅंडी चाहिए..

वीर ..ठीक है मेरा बच्चा..वीर गाड़ी साइड पार्क करता है.. ऑर कॅंडी वाले के पास जाता है..

वीर...भाई बहुत सारी कॅंडी पॅक करदो..

वीर कॅंडी पॅक करवा वापिस जाने लगा था तभी बीच रोड पर पहुँचा ही था के तभी सामने से ट्रक आता है ऑर वियर को टक्कर मारता है..

गाड़ी मे बैठे सब की चीख निकल जाती है.

पर ये क्या वीर को कुछ नही होता.

ट्रक ड्राइवर आगे से बाहर गिरता है..ट्रक के छितरे उड़ जाते है ये वहाँ खड़े सभी लोग शॉक मे थे..

वीर उस ट्रक ड्राइवर के पास जाता है उसे कुछ गड़बड़ लग रही थी .

 
वीर..ड्राइवर से ..क्या था ये दिखता नही तुझे या जान बुज के मारा है .सच बोलेगा या पहुँचा डून उपर.

ड्राइवर...नही सब मुझे कुछ मत करना..हमे तो आपको ऑर आपके परिवार को मारने की सुपारी दी गयी थी..

वीर..किसका काम है ये..

ड्राइवर...कोई अमरीका से देवराज है.आपने उसके बेटे को पॅरलाइज़ कर दिया इसीलिए आपको ऑर आपकी फॅमिली को मारने के लिए ऑर भी हमले होंगे..

वीर..गुस्से मे आ जाता है...ऑर ज़ोर से बिस्वा चिल्लाता है..

तभी वहाँ बिस्वा आता है..

वीर...जिसने ये सुपारी ली है 2 घंटे के अंदर सब का ख़ात्मा चाहिए..ऑर कल उस देवराज को भी ले आओ...

बिस्वा...जी भाई हो जाएगा..

वीर ऑर बिस्वा वहाँ से सबके पास आ जाते है..

वहाँ खड़े लोग सब इन्हे ही देख रहे थे कि ..तभी वीए सब की मेम्मोरि डेलीट कर देता है जो अभी हुआ....

मोम..बेटू तू ठीक तो है ना...

वीए...अरी माँ आपके बेटे को कुछ हो सकता है क्या.....

फिर सब वहाँ से एक 5 स्टार रेस्टोरेंट चले जाते है....

सब हसी मज़ाक मे डिन्नर करते है......ऑर निकलते है घर को ओर .... ...

घर पहुँच सब सो जाते है..

नेक्स्ट मॉर्निंग वीर जल्दी उठता है..ऑर फ्रेश हो पार्क मे जा अपनी योग साधना मे लीन हो जाता है..

2 घंटे बाद वीर उठता है.ऑर अपने अंदर पवर्स का समुंदर महसूस करता है.ऑर खुद को बहुत तरो ताज़ा महसूस करता है...

वीर सब को उठा देता है..

वीर भी मॅजिक से तैयार हो जाता है.ऑर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाता है..

सब आ कर मॉर्निंग विश करते है..ऑर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाते है..

¨´

सब चुप चाप नाश्ता करने लगते है...

नाश्ता फिनिश कर वीर ऑर उसकी बहने निकलते है कॉलेज की ओर....

कॉलेज पहुँच.वीर जस्सी ऑर मोहित से मिलता है..

मोहित..भाई कैसा है तू..

वीर .एकदम बढ़िया..चल कॅंटीन मे बैठ बात करते है...

जस्सी..हाँ भाई चलो..

सब कॅंटीन मे चले जाते है..

वीर...तो सुनो जस्सी मोहित हम सब मुंबई शिफ्ट हो रहे है ...क्या तुम लोग चलोगे.मेरे साथ...

जस्सी..वाह भाई..क्या बात कही आपने. हम तो पहले से ही मुंबई से है..वाउ सो गुड यार..

वीर..चलो ये अच्छा हुआ..अपनी फेमिली को लेके तुम सब मुंबाई पहुँचो

फिर हम भी तुम लोगो के पीछे आ रहे है

तभी प्रीत आती है..अजय साथ नही था..प्रीत..आ कर वीर की गोद मे बैठ जाती है...

नहिना..वाह क्या ज़माना है..पति देखा नही चिपक गयी..ऑर अपनी बहना को भूल जाती है.

सब नहिना की बात पर हंस देते है..

प्रीत वहाँ से खड़ी हो सबको मिलती है..

प्रीत...जस्सी मोहित..आज से ठीक 5 दिन बाद मेरी ऑर वीर की शादी है.....

जस्सी..कोंग्रथस यार..

मोहित...आइ अम सो हॅपी..कोंग्रथस यार..

वीर..थॅंक्स ऑर हाँ आ कर काम काज देख लेना....

तभी वीर का फ़ोन बजने लगता है..जब वीर देखता है तो फ़ोन मासी का है..

वीर.. नमस्ते मासी डार्लिंग कैसी हो..

मासी..बदमाश अपनी मासी को डार्लिंग बोलता है.

वीर...अरे डार्लिंग जब मासी इतनी हॉट न्ड सेक्सी हो तो डार्लिंग निकलेगा ही ना....

उधर अपनी तारीफ सुन मासी का दिल धड़कने लगता है..

मासी..चुप बदमाश..कभी मासी की याद आई.कभी अपनी मासी का हाल पूछा मासी कैसे जी रही है .कितना तड़प रही है..

वीर..मासी की बात समझ जाता है.

वर..मासी जी आप कहे तो आपकी तड़प दूर कर्दे मेरा मतलब आपकी तकलीफ़ को दूर कर्दे..

मासी..अब वो तो तूही दूर कर सकता है मेरा बच्चा..कभी इस हॉट न्ड सेक्सी मासी को भी मिलने आजा...

वीर...ठीक है थोड़े दिन बाद आपके पास होउंगा...

मासी...सच्मे..ना..

वीर...हाँ डार्लिंग..रूको मैं नहिना से बात करवाता हूँ..नहिना लो मोम से बात करो..

फिर नहिना काफ़ी देर तक मोम से बात करती है..

जस्सी मोहित बिस्वा ऑर आशीष को पकड़ साइड मे ले जाता है.

.

जस्सी..गाइस क्यूँ ना आज रात को बचलेर पार्टी की जाए...

आशीष..गुड आइडिया.ऑर हम ये भाई को सर्प्राइज़ देंगे..

मोहित..हाँ ये सही रहेगा..ऑर बिस्वा भाई आप तो कुछ भी कर सकते हो एक काम करो.अच्छी सी जगह देखी ऑर उसमे सारी तैयारी करो..10 12 लड़किया भी हो फुल टू धमाल...

चारो सब के पास आ बैठ जाते है..

कुछ देर पहले ..इन सब को चारो पर शक्क होता है..क्या हो रहा है..

परी..तुम चारो के बीच ऐसी क्या बात थी कि तुम लोगो को सीधे जाना पड़ा..

चारो थोड़ा...डर जाते है..

बिस्वा....ऐसा कुछ नही.वो हम लड़को की बात है....

तभी प्रीत..

प्रीत...जान.मुझे कुछ काम है संजू के साथ तुम हमे छोड़ आआओ प्लज़्ज़्ज़्ज़...

वीर...हाँ चलो..

तीनो वहाँ से पार्किंग मे आते है ऑर निकलते है..

वीर .कहाँ जाना है जान..

प्रीत..किसी सॉलिड होटेल मे रूम चलो

वीर..क्या रूम..पर तुम तो..

प्रीत..मैं ऑर संजू तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना चाहते है..

फिर वीर..एक आलीशान होटेल मे रूम बुक करता है ऑर पहुँचते है वहाँ..

 
रूम मे पहुँच..प्रीत वीर को बेड पर धक्का दे..उसे किस करने लगती है.......

वीर.भी प्रीत का साथ देने लगता है..

ऑर पास खड़ी संजू दोनो को देख गर्म हुए जा रही थी..

इधर..वीर के हाथ अपने आप प्रीत के बूब्स पर चले जाते है

10 मिनट तक किस चलती है.जब दोनो की साँस उखाड़ने लगती है.उसके बाद दोनो साइड होते है..

प्रीत साइड हुई ही थी कि संजू शेरनी की तरह वीर पर झपट पड़ती है.ऑर किस शुरू हो जाती है..

किस ख़तम कर दोनो लड़किया वीर के इर्द गिरद लेट जाती है.वीर को हग कर.

प्रीत ....जान कुछ करोना.अब कंट्रोल नही होता प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़..

वीर...कंट्रोल करना होगा..बस कुछ दिन ही है अब हमारी शादी मे....

सुहागरात मे हम एंजाय करेगे

संजू..काश मेरी शादी तुम लोगो के साथ होती..

वीर..बॅस कुछ दिन जान..मुंबई पहुँच हम दोनो भी शादी कर ही लेंगे..

तभी वीर का फ़ोन बजने लगता है

.

वीर...हाँ बिस्वा बोलो..

बिस्वा..........

वीर...ठीक है आता हूँ...जान चलो मुझे ज़रूरी काम है..

वीर.दोनो को छोड़ वहाँ से बिस्वा के पास चला जाता है.जो जंगल मे एक घर मे था..

वीर..कहाँ है वो हराम जादा..

बिस्वा..आइए..बिस्वा वीर को एक रूम मे ले जाता है यहाँ आशीष मोहित ओर जस्सी उसकी धुलाई कर रहे थे..

वीर..रूको.हाँ तो देवराज ..तू मेरी फॅमिली को ख़तम करेगा...

.देव..कौन हो तुम मुझे क्यूँ पकड़ रखा है..

वीर..मैं वोही हूँ जिसने तेरे बेटे को हॉस्पीटल पहुँचाया..

देव...ओह तो तुम हो वो ..नही छोड़ुगा.पहले तुझे मरूगा फिर तेरी फॅमिली को....

वीर...जो तेरे बेटे ने ग़लती की है..वो ही तू करने जा रहा है..

देव..बाँध के क्या रखा है हाथ खोल दिखाता हूँ.मैं क्या चीज़ हूँ..

देव की बात सुन सब हँसने लगते है.

जस्सी देव की रस्सी खोल देता है...

ऑर देव जैसे ही वीर की तरफ आता है .वीर .उसे पंच जड़ देता है .

पंच लगते ही देवराज के दाँत टूट जाते है..

वीर....इतना टाइम नही है मेरे पास..आशीष..इसे भी पॅरलाइज़ कर इसके बेटे के पास भेज दो..

तभी 2 मिनट मे आशीष उसे पॅरलाइज़ कर देता है..ऑर उसे वापिस भेज देता है मॅजिक से..

सभी वहाँ से कॉलेज आ जाते है..

नहिना..भाई.भूख लगी है..

वीर..चलो कुछ खा लेते है

फिर सभी कॅंटीन मे जा वहाँ से कुछ हल्का फूलका खाते है

ऑर निकलते है घर की ओर...

घर पहुँच सब मिल के लंच करते है..

मोम..बेटू..शादी की तैयारी की है या नही..

वीर..मोम आओ टेन्षन ना लो मैं सब देखलू..

ऐसे ही.बचलेर पार्टी का टाइम हो जाता है..बिस्वा घूमने का कोई बहाना बना वियर को अपने साथ ले जाते है..

संजू को बात खटक ती है..वो तुरंत अपने रूम मे जाती है ऑर अपने जिन्न को बुलाती है..

जिन्न..आपने याद किया रानी साहिबा..

संजू. हाँ रामबा एक बात बताओ.एब बिस्वा ऑर आशीष..वीर को कहाँ लेकर गये है ..

जिन्न...रानी साहिबा..वो दोनो महाराज को एक बचलेर पार्टी मे लेकर गये..है..इसका महाराज को कुछ नही पता....

संजू वहाँ से प्रीत के पास जाती है ऑर साथ मे परी को भी ले लेती है..

वहाँ जाकर प्रीत को सब बता देती है.ऑर तीनो निकलती है यहाँ बचलेर पार्टी हो रही थी...

अब देख आए है आगे क्या होगा..साथ बने रहे

उधर...बिस्वा वीर को बचलेर पार्टी मे ले जाता है...

रूम के अंदर काफ़ी अंधेरा था जैसे ही वीर ने अंदर कदम रखा तभी लाइट ऑन हो जाती है..

हाल बहुत ही सुंदर सजाया गगया था..सब से बेस्ट था..

12 लड़किया खड़ी थी..जो वीर को देख आहें भर रही थी..

वीर...ये सब क्या है भाई..

बिस्वा..भाई ये हम सब की तरफ से आप के लिए एक पार्टी है..आप आज फुल तो एंजाय कर सकते हो..

वीर...पागल अगर मेरी हसिनाओ को पता चला तो गड़बड़ हो जाएगी..

म्यूज़िक शुरू होता है..

सभी लड़कियो के साथ डॅन्स शुरू करते है..वीर साइड के टेबल मे से ड्रिंक लेता है..ऑर पीने लगता है..

वीर देख रहा था कि कैसे लड़कियो से चिपक के डॅन्स कर रहे है...

जस्सी..लड़कियो के कान मे कुछ बोलता है..

ऑर लड़किया वहाँ साइड मे बैठे वीर के पास जाती है ऑर उसे जबर दस्ती खीच कर डॅन्स करने लगती है.

पर तभी गेट खुलता है..ऑर देखते है..

संजू प्रीत ऑर परी वहाँ खड़ी है .सबकी सिटी पिटी गुल हो जाती है..

तीनो लड़किया ये देख गुस्से से वापिस हो जाती है

इधर तीनो उनके पीछे भागते है. ये देख आशीष ज़ोर ज़ोर से हँसने लगता है..

पर तभी उसे नेहा का फ़ोन आता है..जिसे सुन वो भी टेन्स मे आ जाता है उसकी भी हसी गायब हो जाती है

बिस्वा परी के पीछे भागता है ऑर उसे सॉरी फील करने लगता है...

बिस्वा अपने घुटनो के बल आ जाता है ऑर वैसे ही मनाने लगता है..

बिस्वा....जान प्लज़्ज़्ज़ हमे गल्त मत समझ..मैं तो बस भाई की खुशी मे एंजाय कर रहे थे..

बिस्वा के पैदल चलने से उसके घुटनो मे दर्द होने लगता है..ऑर उसके घुटने छिल जाते है..ऑर बिस्वा के मुँह से हल्की हल्की सिसकिया निकलने लगती है

 
दर्द भरी चीख सुन परी का दिल पसीज जाता है ऑर वो तुरंत बिस्वा को हग कर लेती है..

परी....आपको पता है ना आप मे मेरी जान बस्ती है..मैं आपको किसी ऑर के साथ नही देख सकती नही देख सकती..

बिस्वा..मुझे माफ़ करदो जान मेरा दिल सिरफ़ तुम्हारे लिए ही धड़क ता है.....आयेज से ऐसा नही होगा....उधर वीर

वीर..जाअँ प्लज़्ज़्ज़्ज़ जैसा तुम सोच रही हो वैसा कुछ नही हुआ..प्लज़्ज़्ज़ मुझे गल्त मत समझो..मैं तो आराम से बैठा था के तभी लड़किया मुझे खीच कर ले गयी..

वीर दोनो के आगे जा घुटनो के बल बैठ जाता है

वीर...जान प्यार किया है..भरोशा भी रखो..तुम्हारा वीर मस्ती के लिए ये सब नही करेगा...

अगर मेरे पर यकीन नही है तो एक काम करो ये लो खंजर ऑर मेरी गर्दन काट दो..

वीर खंजर को अपनी गर्दन पर रख देता है..खंजर का फ्रंट बहुत नुकीला था जिस से वीर के गर्दन से ब्लड निकलने लगता है...

दोनो लड़कियो का ये देख उनका दिल तड़प उठता है..भाग के वीर के गले लग जाती है ..

संजू प्रीत..सॉरी जान प्लज़्ज़्ज़ हमे माफ़ करदो हमने तुम पर शक किया...

संजू..प्लज़्ज़्ज़ बाबू..हमे माफ़ करदो.

वीर दोनो को ज़ोर से हग कर लेता है..

वीर....जान ये जिंदगी सिरफ़ ऑर सिरफ़ आप सब के लिए ही है..वो तो आज मेरे भाइयो ने सिरफ़ हमारी शादी की खुशी मे पार्टी रखी थी...प्लज़्ज़्ज़ तुम्हारा वीर गल्त नही है..

प्रीत ..चलो जान घर चलते है..

उधर..नेहा आशीष पर झपट पड़ती है..बड़ी मुश्किल से आशीष नेहा को ठीक करता है..

सभी घर पहुँच गये थे..

मोम ने प्रीत को वहीं रख लिया था ..ऑर संजू ऑर प्रीत को एक रूम ऑर वीर को अपने साथ ले जाती है..

दोनो माँ बेटे एक दूसरे से चिपक के सो जाते है..

रात को माँ की आँख खुलती है..ऑर क्या देखती है.वीर का लंड खड़ा है ऑर माँ की मुनिया पर टच हो रहा है..

ये देख माँ के अंदर करंट दौड़ जाता है...

माँ के हिलने से वीर की भी आख खुल जाती है..

.वीर...क्या हुआ माँ..

वीर को जगा देख..माँ हड़बड़ा जाती है.

माँ.कुछ नही बेटू..सो जा..

वीर..माँ बताओ क्या बात है आपको मेरी कसम

मोम.वो वो बात ये है कि तेरा टूल मुझे चुभ रहा है

मोम की बात पर वीर शॉक हो जाता है ऑर एकदम पीछे हो जाता है..

मोम..क्या हुआ पीछे क्यो हट गया. शर्मा मत तू मेरा बेटा है..आजा ऑर सो जा .मोम वीर को खीच के अपने सीने स लगा लेती है

जैसे ही वीर मोम से दोबारा चिपकता है. तो मोम के मुख से एक सिसकी निकल जाती है....

जिस से माँ वीर को ओर ज़ोर से हग कर करती है .

कपड़े के उपर से चूत की गर्मी को महसूस कर वीर का लंड झटके खाने लगता है ..

वीर..अपने मन.मे. .

ये मैं क्या कर रहा हूँ वो मेरी माँ है.मैं क्यूँ ऐसा कर रहा हूँ पर मोम भी तो कर रही है शायद डॅड से प्यार बहुत कम मिला है..

ऑर मेरे दूर होने से मोम ऑर टेन्षन मे रहने लगी थी..

दोनो माँ बेटे एक दूसरे को फील कर सो जाते है

नेक्स्ट मॉर्निंग वीर की आँख पहले खुल जाती है..

वीर को अपनी माँ उसकी बाहों मे सो रही बहुत प्यारी लग रही थी..

वीर धीरे से मोम के लिप पर किस कर देता है

वीर वहाँ से उठ फ्रेश होता है.ऑर रेडी हो...बाहर आता है

तब तक सब उठ चुके थे

वीर बाहर आ डाइनिंग टेबल पर बैठ जाता है..

ऐसे ही दिन निकलते जाते है कोई हमला नही होता..

आज वीर ओर प्रीत कि मेरिज थी.....

सभी बारात लेके प्रीत के घर पहुँच गये.....

प्रीत के पापा और अजय ने गेट पे सब का स्वागत किया.......

फिर कुछ देर चाय पानी पीने के बाद......

सभी मंडप के पास पहुँच चुके थे...

पंडित ने दूल्हे को मंडप मे बुलाने को कहा......

वीर कुछ ही देर में मंडप में आके बैठ गया.....

पंडित ने कुछ मंतर पड़े और फिर.......

पंडित ने कन्या को बुलाने को कहा.......

कुछ देर बाद नहिना प्रिया और संजू प्रीत को मंडप में लाती है......

ऑर जब वीर प्रीत को देखता है तो उसी मे खो जाता है...

गजब की सुंदरी लग रही थी......

प्रीत के आते ही पंडित मंत्र पढ़ने शुरू कर देता है......

फिर फेरे शुरू होते है.....

उसके बाद वीर प्रीत को मंगल सुत्र पहनाता है......

फिर वीर प्रीत के माँग में सिंदूर भरता है......

इसी तरहा थोड़ी देर मे सब रीति रिवाजो से शादी हो जाती है..

वीर प्रीत को हसी खुशी घर लेआता है..

सब बहुत खुश थे........

वीर की बहने वीर को उसके कमरे मे छोड़ ने जाती है पर गेट रोक खड़ी हो जाती है..

नहिना...पहले नेग दो फिर अंदर जाना..

वीर...कौनसा नेग साइड..हो..

संजू..भाई ये गल्त है हमे नेग चाहिए..नही तो बाहर सो जाओ..

वीर..ठीक है..ये तभी वीर एक बॉक्स खोलता है ऑर उसमे से सभी गर्ल्स को डायमंड ब्रेसलेट देता है .जिसे देख सारी लड़किया खुश हो जाती है

बाकी सब सोने चले जाते है.....

फिर वीर वहाँ से रूम मे चला जाता है..

वीर रूम मे पहुँच रूम को लॉक कर देता है.....

वीर...प्रीत के पास पहुँच उसका घूँघट उतता है..

जिस से प्रीत शरमा जाती है.

वीर..यार मेरे से क्या शरमाना ..

प्रीत वीर को दूध का बड़ा सा ग्लास पकड़ा देती है..

वीर उसमे से आधा से ज़्यादा खुद पी लेता है ऑर बाकी का प्रीत को.

वीर प्रीत को लेटा देता है.ऑर किस करने लगता है...

दोनो की किस वाइल्ड किस मे बदल जाती है

 
वीर दोनो के कपड़े गायब कर देता है.वीर प्रीत के गले मे किस करने लगता है..गले से होता हुआ नीचे की तरफ आने लगता है .

वीर प्रीत की नाभि मे किस करने लगता है जिस से प्रीत की बॉडी मे करंट दौड़ जाता है...

वीर वहाँ से सीधा चूत पर दस्तक देता है..

जैसे ही वीर की जीब से प्रीत की चूत को छूता है वैसे ही प्रीत को झटका लगता है..

प्रीत वीर का सर पकड़ अपनी चूत पर दबाने लगती है

थोड़ी देर चूत चुसाइ के बाद वीर खड़ा होता है ऑर अपना लंड प्रीत के मूह मे दे देता है..

लंड प्रीत के मुँह मे बड़ी मुश्किल से जा रहा था..

वीर....चूस मेरी जान..ऑर ज़ोर से चूस..

काफ़ी देर चुसाइ के बाद वीर प्रीत को लेटा देता है..

ऑर लंड को चूत पर रख धक्का मारता है .

चूत गीली होने की वजह से लंड सीधा बच्चेदानी से जा टकराया...

ऐसा करने से प्रीत की चीखे निकल ने लगती है..

वीर आगे बढ़ उसके लिप्स चूसने लगता है..कुछ ही देर मे वीर अपनी कमर हिलाना शुरू करता है..

प्रीत..जान करो ऑर तेज करो खा जाओ आज मुझे..बहुत मज़ा आ रहा है..

वीर..हाँ जान ये ले.....

प्रीत...आआआआहह एस एस एस..हार्डर...

वीर अपनी स्पीड पकड़ लेता है.

ऑर तेज तेज धक्के मारने लगता है..

जिस से रूम मे फक्ग फॅक की आवाज़े ऑर भी सेक्स पैदा कर रही थी..

वीर थोड़ी देर चोदने के बाद प्रीत को डोगी स्टाइल मे करता है ऑर पीछे से चोदने लगता है...

वीर साथ साथ प्रीत की हिप्स पर थप्पड़ भी मारने लगता है..

प्रीत..ऑर तेज जान ऑर तेज.ओर ज़ोर से करो..फाड़ दो आज.मेरी चूत को .. बहुत मज़ा आने वाला है...

वीर...ले मेरी जान..आज तुझे सारी रात चोदुन्गा.....ले ऑर ले

प्रीत..चोद जान रोका किसने है ये जिस्म अब सिर्फ़ तेरा है..

जान ऑर तेज मैं झड़ने वाली हूँ.आअहहाअ

वीर ..आ मैं भी आने वाला हूँ.

थोड़ी देर मे दोनो झड जाते है..

उस रात वीर प्रीत को 3 बार ऑर चोदता है..सुबह 4 बजे दोनो सो जाते है..

नेक्स्ट.डे

आज सब को मुंबई जाना था अपने न्यू बंगले मे..

वीर उठकर फ्रेश होता है..ऑर योग साधना मे लीन हो जाता है...

साधना मे गुरु जी वीर से मिलते है ऑर कहते है..

गुरुजी..पुत्तर अब तुम्हारी शादी हो गयी है.ऑर अपनी पत्नी को साथ लेकर जिन्न लोक आ जाओ..उसे उसकी शक्ति देने का समय आ गया है..

वीर..ठीक है गुरुजी मैंबस थोड़ी देर मे वहाँ पहुँच जाउन्गा..

वीर वहाँ से उठ रेडी होता है..

ऑर अपनी जान के पास जा उसे किस कर उठाता है..

प्रीत उठ कर वीर को किस करती है..फिर बाथरूम मे गुस जाती है..वहाँ से प्रीत तैयार जो बाहर आती है..ऑर दोनो नीचे डाइनिंग टेबल पर आ जाते है..

दोनो सबको गुड मॉर्निंग विश करते है..

सब एक साथ...गुड मॉर्निंग..

नहिना..क्यू भाई कैसे हो..

ये बात नहिना ने बड़ी नॉटी स्माइल के साथ कही थी..

वीर ...बहुत बढ़िया.ऑर हाँ मों मुझे ऑर प्रीत को जिन्न लोक जाना है..आज प्रीत को वहाँ शक्तिया मिलनी है..क्यू कि प्रीत मेरी वाइफ बन चुकी है..

मोम..वाह ये तो बहुत खुशी की बात है..

संजू. सच मे ये बहुत बढ़िया है आइएम सो हॅपी फॉर यू प्रीत..

फिर सब मिल नाश्ता करते है..

वीर प्रीत को साथ ले जिन्न लोन पहुँच जाता है

वीर अपने असली रूप मे आ जाता है..

सब वीर के आगे झुक के खड़े हो जाते है..

वीर वहाँ से गुरुजी के पास जाता है..

वीर प्रीत.प्रणाम गुरुजी..

गुरुजी..खुश रहो बच्चो..इधर आओ बच्ची.बात सुनो.जाओ इस तालाब मे नहा के आओ..

प्रीर जाती है ऑर तालाब मे नहा के वापिस आ जाती है...

गुरु जी प्रीत के सर पर हाथ रखते है..गुरु जी के हाथ से रोशनी निकलने लगती है..प्रीत को अपने अंदर बहुत शक्ति महसूस होती है..

गुरु जी...बेटी अब तुम्हे जिन्न की ज़रूरत नही.तुम कुछ भी कर सकती हो..

फिर भी जिन्न तुम्हरे साथ रहेगा तुम्हारा बॉडीगार्ड बन कर

फिर गुरु जी प्रीत को महल मे ले जाते है.ऑर उसे ताज पहनाया जाता है..ऑर साथ मे एक साड़ी दी जाती है...

वो कोई आम साड़ी नही थी एक मॅजिक स्टिक थी जिसमे बहुत पवर है..ऑर उसे ईस्तमाल कैसे करना है प्रीत को मालूम हो चुका है..

अपनी नही रानी की खुशी मे सब तालिया बजाने लगते है..

.प्रीत सबका शुक्रिया अदा करती है..

वहीं दूर खड़ी अलीज़ा वीर को ही देख रही थी..ये बात प्रीत भी नोट कर लेती है..प्रीत उस परी के मन मे क्या चल रहा है ये पढ़ लेती है

ऑर देखती है कि उस परी के दिल मे वीर के लिए बहुत प्यार है.वो अभी इस बात को जाहिर करना रोक देती है. कुछ सोच कर..

वीर...प्रीत तुम्हे मेरी जितनी पवर्स आ गयी है इसे सही काम मे इस्तेमाल करना

प्रीत ..महाराज ऐसा ही होगा..आप का सर नीचे नही होने दूँगी..

फिर वहाँ सब मिल दावत का मज़ा लूट ते है..प्रीत उस परी को भी आपने साथ बैठा लंच करती है..

 
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