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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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फिर सभी पार्टी इंजोय करने लगते है.

पार्टी मे स्टेज पर स्क्रीन भी लगी हुई थी..

प्रिन्सिपल आता है ऑर अपना बोरिंग लेक्चर्स देता है..

जैसे ही वो जाने लगा.तभी स्क्रीन पर कुछ फोटुस आने शुरू हुए....

पिक्स को देख प्रिंसी गुस्से मे आ जाता है.ऑर वीर को पुकारता है....वहाँ खड़े सारे लोग हैरान परेशान थे कि ये सब क्या है..

आप सोच रहे होंगे क्या हुआ.

बात ये है कि अज्जु ने चुपके से स्क्रीन पर कुछ फोटुस चला दी थी..उन पिक्स मे वीर किसी लड़की के साथ नग्न अवस्था मे था....

ऑर उसमे जो लड़की थी वो प्रिंसी की बेटी थी..

प्रिंसी...हाउ डेर यू...तुम्हारी इतनी हिम्मत मेरी बेटी के साथ ऐसी हरकत..वीर के साथ वीर के दोस्त भी स्टेज पर आ गये.थे.

इधर प्रिंसी वीर को थप्पड़ मारने ही वाला था कि तभी अलीज़ा आगे बाद प्रिंसी का हाथ पकड़ लेती है

अलीज़ा...थप्पड़ मारने से पहले 100 बार सोच लीजिएगा कि थप्पड़ किसे मार रहे है..

आप हमारे गुरु है..इसीलिए छोड़ रही हूँ..

वीर...सर इन पिक्स मे मैं नही हू....मैं साबित कर सकता हूँ ये पिक्स एडिट की गयी है...

प्रिंसी ठीक है करो साबित...

वीर...बिस्वा को इशारा करता है..

बिस्वा वहाँ से किसी को लाने चला जाता है. इन्सब को तो पता ही था ये काम किसका है .

थोड़ी देर मे बिस्वा 2 लड़को को साथ ले कर आता है...

वीर....सर आप चेक कर के देंखे ये पिक्स असली है या नकली...

तभी वो लड़के उस पिक्स को अच्छे से स्कॅन करते है और उसकी ओरिजिनली पिक्स को निकालते है..

जब ओरिजिनल पिक्स सबके सामने आती है सब शॉक हो जाते है...

उस पिक्स मे कोई ऑर नही बल्कि अज्जु खुद था...

तभी जस्सी ऑर मोहित अज्जु को थप्पड़ मारते हुए ला रहे थे

दोनो अंजू को प्रिन्सिपल के पैरो मे गिरा देते है..

आज्जु जैसे ही खड़ा होता है.तो प्रिंसी अज्जु को थप्पड़ लगा देता है...

प्रिंसी निकलजा यहाँ से आज के बाद अपनी शकल मत दिखाना

प्रिंसी वीर की तरफ हाथ जोड़ खड़ा हो जाता है..

वीर. ऐसे मत कीजिए सर आप हमारे गुरु है ....आप घबराए मत ये पिक्स बाहर नही जाएगी..

वीर उन लड़को को बोल सभी पिक्स को एरेज़ करवा देता है..

वीर...सभी से दोस्तों अगर आप मुझे अपना समझते हो तो कभी भी इस पिक्स के बारे मे किसी को मत बताना

.

उसके बाद सभी पार्टी इंजोय करते है....

सभी अपनी मस्ती मे झूम रहे थे..

उधर अज्जु अपनी दोबारा हुई बेज़्जती से बौखलाया हुआ था ऑर दारू पर दारू पिए जा रहा था

अज्जु..मेरी बेज़्जती की नही छोड़ुगा..साला समझता क्या है आपने आप को....

उधर....

सभी कॉलेज मे मस्ती कर रहे थे पर वहाँ कुछ ऐसे भी थे जो वीर पर नज़र रखे हुए थे..ये कोई ऑर नही टोनी के आदमी थे...

जो आज के हमले की तैयारी कर रहे थे

इनसे बेख़बर सब पार्टी का मज़ा लूट रहे थे.....

पार्टी ख़तम होते ही सब घर की तरफ निकलते है..

गाड़ी वीर चला रहा था कि रास्ते मे आगे चोर रास्ता पड़ता है जैसे ही वीर उस जगह से निकलने लगा तभी वहाँ से एक ट्रक आया ऑर कार को साइड से टक्कर दी..

कार फुल स्पीड से जा रही थी ऑर जैसे ही कार से ट्रक की टक्कर हुई..कार उड़ती हुई दूर जा गिरी..

कार के गिरते ही. विशु का सर छत पर ज़ोर से लगता है जिस से वो वहीं बेहोश हो जाती है

ऑर उसे कुछ हल्की फुल्की चोट भी आती है..

वीर गाड़ी से बाहर निकलता है..

अभी बाहर खड़ा ही था के तभी वहाँ वीर को ठीक देख कुछ गुन्डे आ जाते है..

गुंडा..किस्मत अच्छी थी बच गया पर अब नही..फाइरिंग..तभी वो गुन्डे वीर पर फाइरिंग कर देते है...

जिस से वीर को कुछ फ़र्क नही पड़ता ये देख गुन्डे हैरान हो जाते है..

 
गुन्डा....तू क्या समझता है बुलेट प्रूफ जॅकेट पहन तू बच जाएगा..ओ बच्चे तेरे जैसे को तो मैं हाथ से मसल दूं...

गुंडा वीर के पास जा उसे मारने ही वाला था कि तभी वो उड़ता हुआ दूर जा गिरा..

हुआ ये था कि जैसे ही गुन्ड वीर के पास पहुँचा वीर उसकी

चेस्ट पर एक पंच मारता है.

पंच लगते ही हड्डिया के टूटने की आवाज़ आती है जिस से

वो वहीं मर जाता है..

उसके साथी ये देख एक साथ हमला करते है..

उनमे से एक ने वीर के पास आकर हाथ उठाया ही था कि तभी वीर तेज़ी से ट्विस्ट करता हुआ.

उस लड़के को किक जड़ देता है.

ऑर वो लड़का उड़ता हुआ बाकी साथी को भी साथ ले दूर गिरता है....

वीर आगे बढ़ता है ऑर लड़के को गले से पकड़ उठा देता है ऑर गला को ज़ोर से ट्विस्ट करता है जिस से उस गुन्डे की जान निकल जाती है..

बचे दो लड़के थर थर काँपने लगते है..वीर वहीं खड़ा हाथ से दो गोले निकाल उनपर फेक देता है जिस से दोनो ब्लास्ट हो जाते है..

तभी कोई दूर खड़ा रॉकेट फाइयर करता है रॉकेट वीर को लगते ही रॉकेट ब्लास्ट हो जाता है.... जिस से वीर तेज़ी से उड़ता हुआ गाड़ी से जा टकराता है..

तभी अलीज़ा ऑर प्रीत बाहर निकलती है.ऑर वीर की हालत देख गुस्से मे आग उगलने लगती है...

अलीज़ा ऑर प्रीत दोनो एक साथ अपने हाथ से 20 25 गोले निकाल लगातार जहाँ से रॉकेट आया था वहाँ फेक देती है..

वहाँ छुपे गुंडों पर एक के बाद एक गोला आ गिरता है जिस से भयानक ब्लास्ट होता है वहाँ खड़े लोगो के छितरे उड़ जाते है..

बिस्वा की गाड़ी पीछे आ रही थी..जब वो वीर के उपर हुए हमले को देखता है तो जल्दी से वीर के पास पहुँच जाता है...

बिस्वा....भाई आप ठीक तो हो ना...

वीर...हाँ मैं ठीक हूँ..फिर वीर वहाँ से विशु के पास जाता है ऑर उसके सर पर हाथ फेरता है ऑर देखते ही देखते विशु की चोट ठीक हो जाती है ऑर उसे होश आ जाता है..

प्रीत...जान मैं उन्हे नही छोड़ुगी..जा रही हूँ उस टोनी को ख़तम करने...

तभी वहाँ मोम आती है..ऑर सब का हाल चाल पूछती है..

आशीष..भाई लगता है अब उसका इंतज़ाम करना ही होगा .

वीर...उसके बारे मे बाद मे सोचेगे..अभी रुक जाओ..कॉज़ आज रात एक बड़ा हमला होने वाला है...चलो पहले सब घर चलो

सभी वहाँ से घ्ऱ पहुँच जाते है...

चाची...आ गये बच्चो..बैठो..

दी आप कहाँ चले गये थे...

मोम..कही नही बस यहीं थी कुछ काम आ गया था....

वीर..अपने रूम मे जाता है.यहाँ सब आ जाते है

संजू..भाई कैसा हमला होने वाला है..

वीर..जान आज वैम्पायर के साथ भेड़िया भी हमला करने वाले है.

बिस्वा..भाई आप निसचिंत रहे हम सब आपके साथ है....

वीर...ऑर हाँ सब गन इस्तेमाल करेगे...समझे...

मोम...बेटू मैं भी चलूगी..

वीर...ठीक है मोम...जैसा आपको ठीक लगे........

प्रीत ..हमला होगा कहाँ पर..

वीर..हमला हमारे घर पर होगा...ऑर मैने फ़ैसला ये किया है कि हम उन्हे रास्ते मे जंगल मे ही रोके गे....

मोम.हाँ ये ठीक रहेगा.....बिस्वा तुम इस पूरे घर को शील्ड से कवर करदो....

फिर सभी इधर उधर की बात कर रहे थे..

 
सब अपने अपने रूम मे चले जाते है..

प्रीत वीर की गोद मे बैठ किस करने लगती है..

दोनो किस मे एस कदर खो जाते है ऑर ये भी भूल जाते है कि गेट खुला है....

तभी वहाँ कोई लड़की आती है जो इन्हे कुछ पल देखती है..कि तभी उसकी आँखो मे आँसू आ जाते है ऑर वो तेज़ी से वहाँ से भाग जाती है.

वो लड़की अपने रूम मे जा बेड पर लेट जाती है ऑर रोने लगती है

लड़की..क्यूँ मैं तुम्हे किसी ऑर की बाहों मे नही देख सकती आख़िर क्यूँ...ये पता होते हुए भी कि मैं तुम्हारी कजन हूँ तुम्हारे चाचा की लड़की..

जी हाँ ये विशु है..

.विशु .....मैं तुमसे अब दूर नही रह पाउन्गी...चाहे जो हो जाए.......

उधर...दोनो मिया बीवी अपना खेल ख़तम करते है..ऑर बाहर साइटिंग मे बैठ जाते है यहाँ सब बैठे थे...

थोड़ी देर मे वहाँ विशु भी आ जाती है...

वीर....मैं ऑफीस हो कर आता हूँ...ओके

विशु...भाई मुझे भी जाना है आपके साथ..

वीर..चल आजा फिर दोनो वीर ऑर विशु गाड़ी पर बैठ निकलते है

वीर...क्या हुआ विशु क्या सोच रही हो इतनी चुप चुप सी क्यूँ हो

विशु..नही भाई ठीक हूँ.. भाई आपसे एक बात कहूँ...

वीर...हाँ मेरा बच्चा बोल...

विशु..भाई वो बात ये है कि....आइ लव यू मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ मैं आप के बिना एक पल भी नही रह सकती क्या आप भी मुझे प्यार करते है...

विशु सब तेज़ी से बोल जाती है...वीर जैसे ही सब सुनता है ज़ोर से ब्रेक लगा देता है..

वीर..विशु तुम पागल तो नही होगयि..हम दोनो मे प्यार कैसे संभव है..

वीएर का इतना ही बोलना था कि विशु रोने लगती है...

वीर...प्लज़्ज़्ज़ विशु रो मत तू खुद सोच हम भाई बेहन है

विशु...संजू भी तो आपकी सग़ी बेहन है..

विशु ऑर ज़ोर से रोने लगती है...

अगर आप मेरे नही हुए मैं अपनी जान दे दूँगी...

विशु का इतना ही बोलना था कि वीर तेज़ी से विशु को अपने गले लगा लेता है..

ऑर उसके लिप पर हल्की सी किस कर देता है....

विशु को उसका प्यार मिल चुका है ये सोच वो खुशी से झूम उठती है ऑर वीर को किस करने लगी है..

वीर पहले तो हड़बड़ा जाता है पर बाद मे वो भी किस करने लगता है..

5 मिनट किस करने के बाद दोनो अलग होते है....विशु वीर से शरमाने लगती है..

वीर....देख कैसे फेस खराब किया है रो रो कर..तभी वीर विशु के फेस की तरफ हाथ करता है

तो विशु का गेटअप चेंज हो जाता है विशु ओर भी सुंदर लगने लगती है...

तभी वीर..आँख बंद कर कुछ बोलता है ऑर तभी वहाँ एक जिन्न आ जाता है..

जिन्न..आपने याद किया आका...

वीर....हाँ रिमी...आज के बाद तुम हर वक्त विशु के साथ रहोगे.इसकी रक्षा करोगे..

रिमी..जी मेरे आका..इतना बोल रिमी गायब हो जाता है

वीर..विशु आज के बाद तुम्हे कुछ भी चाहिए हो अपने मन मे सोचना तुम्हे हर एक चीज़ मिलेगी...ओककककक....

फिर दोनो वहाँ से ऑफीस पहुँच जाते है...

यहाँ इनका वेलकम अवनी करती है..

अवनी...आइए सर मैं आपका ही वेट कर रही थी...

वीर ऑर विशु दोनो वीर के कॅबिन मे जाते है..रास्ते मे जो भी लड़की वीर को देखती बस आँहे भरने लगती ..

लड़की..यार ही इज सो हॅंडसम.कौन है ये...

लड़की.2...पागल तुझे नही पता ये ही हमरे बॉस है...मिस्टर .धनवीर सिंग....

लड़की...ओह्ह्ह्ह...काश ये मेरा बाय्फ्रेंड होता....

उधर..अवनी वीर को कुछ पप्पेर्स देती है. वीर उसे पढ़ कर साइन कर देता है......

अवनी...सर ड्रिंक्स भिजवाऊ

वीर....हाँ भिजवा दे...

विशु...जान तुम्हारा कॅबिन तो बहुत सुंदर है.....बहुत मस्त है

..

वीर...जान तुम खुश तो हो ना..

विशु..जी मैं बहुत खुश हूँ

वीर...तुम्हे पता है ना विशु..हम शादी नही कर पाएगे

विशु ..मुझे पता है .पर जब तक हो सके मैं आपके साथ रहूगी चाहे कुछ भी हो जाए...

जिंदगी मे पहली बार प्यार किया है वो भी आप से..

तभी पेओन कॉफ़्फीे लेकर अंदर आता है साथ मे अवनी भी थी..

तीनो बैठ कॉफ़्फीे पीने लगते है..

वीर...अवनी कोई ऑर काम है क्या , क्यो कि मुझे जाना होगा..थोड़ी देर मे हमला होने वाला है

ऑर यहाँ का ध्यान रखना...

अवनी..जी ऑर कोई काम नही..

फिर वीर ऑर विशु वहाँ से घर चले जाते है

वीर सब को तैयार रहने के लिए बोलता है

 
वीर प्रीत मोहित जस्सी मोम बिस्वा ऑर आशीष अलीज़ा सब पहुँच जाते है जंगल मे..

जिस से थोड़ी दूर ही वेमपाइर का बॉस ऑर भेड़िए खड़े थे.....

वेमपाइर बॉस - तो तुम आ ही गये.....

आज में तुम सब को ख़तम करूँगा.......

वीर - यह तो वक़्त ही बताएगा कि कॉन किस को मारता है.....

भेड़िया बॉस - तुम हमारे सामने अभी बच्चे हो.....

वीर - यह तुम्हारा वहम है......

दोस्तो ऑल ऑफ यू रेडी.......

सभी - यह वी ऑल आर रेडी.......

वीर - तो शुरू करे......

हमला........

सब अपनी अपनी गन्स निकाल लेते है...

ऑर चारो तरफ फैल जाते है ..

वीर का इशारा मिलते ही सब एक साथ फाइरिंग करने लगते है...

वीर..एनर्जी बॉल को सब पर फेकने लगता है.....

एनर्जी बॉल लगते ही वहाँ बड़ा धमाका होता है.ऑर वहाँ खड़े भेड़िए ऑर वेमपाइर के चिथड़े उड़ जाते है.....

वेमपाइर ऑर भेड़िए बौखला जाते है एकदम क्या हुया. समझ नही आ रहा था उन्हे कुछ

लड़किया सब हवा मे खड़ी हो फाइयर करने लगती है...

तभी वेमपाइर का बोस वीर पे हमला कर देता है...

काफ़ी देर तक दोनो मे फाइट चलती रहती है..

वीर...आग का ब्वन्डर बना वेमपाइर बॉस की तरफ कर देता है..पर यह क्या बॉस को तो जैसे आग से कुछ हो ही नही रहा था...

सारी की सारी आग भी बॉस के अंदर जाने लगती है....

उधर..

जस्सी वेमपाइर पर फाइयर कर रहा था कि एकदम 12 वेमपाइर उसे घेर लेते है ऑर टूट पड़ते है जस्सी पर उसे काटने लगते है..

वेमपाइर का के काटने से जस्सी को अपने अंदर करंट दौड़ता महसूस होता है...

मोम आगे बढ़ जस्सी को वहाँ से निकालती है ...

अलीज़ा हवा मे खड़ी अपनी साड़ी आगे कर कुछ बोलती है..

कि तभी उसकी साड़ी से वाइट रोशनी निकल वेंपाइर्स ऑर भेड़िए पर पड़ती है जिस से सभी जलने लगते है जो भी उस रोशनी की चपेट मे आता राख हो जाता है

उधर.......

भेड़िए के सरदार के आगे मोहित आ जाता है..

थोड़ी दूरी पर आशीष ऑर बिस्वा भी खड़े थे दोनो जब यह देखते है कि भेड़िया मोहित पर गमला करने वाला है तो दोनो वहाँ से तेज़ी से उनकी तरफ आते है पर वो सरदार मोहित को काट चुका होता है

बिस्वा ओर आशीष चाँदी के खंजर को उस भेड़िए सरदार के अंदर खोप देते है..

यह कोई आम खंजर नही थे यह ख़ास भेड़िए को मारने के लिए बनाए गये थे...

खंजर लगने के बाद बिस्वा तुरन्त उस भेड़िए को आग लगा देता है..

आशीष - तुम ठीक तो हो.....

मोहित - हाँ में ठीक हूँ पर इस जखम में दर्द बहुत हो रहा है.....

आशीष मोहित को खड़ा करता है ऑर उसके जखम को ठीक कर देता है....

इधर......

वीर...ओह्ह तो तुमको आग से कुछ नही होता..तेरे लिए कुछ ऑर सोचना होगा..

वेमपाइर बॉस - मुझे मारना इतना आसान नही है........

तभी वो वेमपाइर वीर के ऊपर आग से हमला कर देता है...

 


वीर को आग से जख्म तो आ रहे थे पर वो जखम जल्दी भर जाते.......

वीर तेज़ी से आसमान की तरफ जाता है......

ऑर उपर से नीचे बहुत तेज आता है.......

ऑर उस वेमपाइर को पकड़ धरती के नीचे ले जाता है..

दोनो धरती के नीचे पानी मे चले जाते है.....

वीर उसकी गर्दन पकड़ जड़ से उखाड़ देता है......

ऑर उसे साथ ले कर धरती के नीचे जा जहाँ लावा था वहाँ फेक आता है...

दोनो बॉडी को अलग अलग कर देता है...

ऑर उपर आ जाता है...

उधर जस्सी ऑर मोहित के अंदर बदलाव आने शुरू हो गये थे...

जस्सी और मोहित ज़मीन पे घुटनो के बल बैठ जाते है......

दोनो के मूह से एक चीख निकली......

जस्सी और मोहित - आआआआअहह.......

वहाँ खड़े सभी उन्हे देख रहे थे.......

देखते ही देखते जस्सी वेमपाइर मे तब्दील हो जाता है......

उसकी आँखें लाल हो गयी थी......

2 नुकीले दाँत बाहर आ गये थे.....

बॉडी और मजबूत हो गयी थी......

इधर.......

मोहित भी भेड़िया बन जाता है......

विशाल भेड़िया जैसा पहले कभी नही था......

उसके चेहरा और पूरी बॉडी बालों से भर गयी थी........

जस्सी की तरह ही उसके भी दाँत बाहर आ गये थे.....

उसकी बॉडी भी पहले से मजबूत हो गये थी......

तभी वहाँ वीर आता है...

जस्सी - भाई मैं वेमपाइर बन गया.....

मोहित - और में भेड़िया......

वीर - मुझे पता था जस्सी और मोहित की यह सब होगा.......

ऑर मैं तुम दोनो के लिए बहुत खुश हूँ.....

अब तुम दोनो अपने अपने लोक के राजा बनो गे.....

जो शक्ति तुम मे है.....

वो कभी किसी वेमपाइर या भेड़िए मे नही होगी......

तुम दोनो अनोखे हो......

जस्सी तुम सूरज मे भी निकल सकोगे.......

और अब तुम अपनी आँखें बंद करो और अपने असली रूप के बारे में सोचो.......

दोनो मे वैसा ही कहा.....

दोनो अपने पुराने चेहरो में आ गये.....

बस फेस और बॉडी पहले से अट्रॅक्टिव हो गयी थी.......

फिर वीर बोला.....

वियर - बस अब कॉलेज की लड़कियो से बच के रहना.......

तुम दोनो की बॉडी शेप ऑर कलर मे बहुत चेंज आए हैं......

मोम - मेरे बच्चे पहले भी बहुत खूब सूरत थे समझे.......

जस्सी ऑर मोहित दोनो हैरान थे कि यह कौन है जो मेरे बच्चे कह रही है..

वीर उनकी परेशानी समझ जाता है..

वीर...भाई यह कोई ऑर नही मेरी मोम है...

मोम इन्हे अपने असली रूप मे आ के दिखाओ..

तभी मोम अपने असली रूप मे आ जाती है......

जिसे देख जस्सी ओर मोहित की आँखे बड़ी हो जाती है......

जस्सी - वाह मुझे ऑर मोहित को एक ऑर माँ मिल गई........

दोनो माँ के गले लगते है...

प्रीत - एक बात मैं तुम से कहना चाहूँगी जस्सी ऑर मोहित अपनी पवर्स को हमेशा लोगो की हेल्प के लिए यूज़ करना...

अपने स्वार्थ के लिए नही.....

ऑर ना ही किसी को तुम्हारी पवर्स का पता चले......

ऑर हो सके तो खून को देख अपना दिमाग़ मत खराब करना कंट्रोल रखना...

जस्सी - जो अग्या महारानी साहिबा.....

हम तो पहले भी अच्छाई के साथ थे.....

और अब भी रहेंगे.......
 
हम अपनी पवर्स का इस्तेमाल लोगो की भलाई के लिए लगाएँगे.......

मोम - चलो बेटू घर चले..

वीर - जी मोम चलो.....

उसके बाद सभी वहाँ से निकल गये...........

मोम.बेटू इसे आग से पका दो..

मोम की बात सुन वीर के फेस पे स्माइल आ जाती है..ऑर वीर तुरंत अपने हाथ से आग निकाल उस दानव पर उगलने लगता है...

वीर को देख बाकी सब भी दानव पर आग से हमला कर देते है....

देखते ही देखते दानव पत्थर का बन जाता है... जिसके बाद वीर उसपे एक हमला करता है जिस से वो दानव के टुकड़े हो जाते है..ऑर वहाँ

एक ऑर जिन्न सामने आ जाता है...

जिन्न..वीर को देख..महा राज की जय हो..आपको यहाँ देख खुशी हुई कि रतन आपके हाथ मे जा रहा है..मैने आप पे हमला किया मैं क्षमा

चाहता हूँ...आइए आपको आगे का रास्ता दिखा दूँ.

फिर वो जिन्न वीर को आगे का रास्ता दिखा देता है...

वीर ऑर उसके साथी सब निकलते है आगे अभी चल ही रहे थे कि सामने एक दीवार दिखाई देती है जैसे ही उसके पास जाते है....

वहाँ एक जिन्न प्रकट हो जाता है.

जिन्न...अगर आगे जाना चाहते हो तो तुम्हे मेरे एक सवाल का जवाब देना होगा..

वीर...ठीक है पूछिए सवाल का ज़वाब...

जिन्न...इतनी भी क्या जल्दी है...एक बात सुनलो आगर ग़लत जवाब दिया तो पत्थर के बन जाओगे...

वीर...ठीक है आप शुरू करे...

जिंन्न...एक थाल मोतियों से भरा सबके सर पर उलटा धरा चारों ओर फिरे वो थाल मोती उससे एक ना गिरे..

सभी पहेली के बारे मे सोचने लगते है.

थोड़ी देर सोचने के बाद वीर एक फेस पे स्माइल आ जाती है..

वीर...तारे....

जिन्न..वाह बहुत खूब.अब तुम आगे जा सकते हो..पर एक बात याद रखा आगे का सफ़र इतना आसान नही..सँभाल के जाना..

 
तभी वहाँ रोशनी फैलने लगती है और एक दरवाजा बन जाता है...

सब उस दरवाजे के अंदर चले जाते है.....सामने एक बहुत बड़ा जंगल था..थोड़ी दूर चले ही थे कि तभी एक जाल मे फस जाते है..

यह कोई ऑर नही बोनो ने जाल बना रखा था जिस मे यह सब फँस जाते है..

वीर चाहता तो कुछ भी कर सकता था.पर वीर खून ख़राबा नही चाहता इसलिए सबको मना कर देता है.हमला करने से...

तभी वहाँ बोने आते है ऑर सबको ले चलते है..बस्ती मे......बस्ती मे पहुँच कर देखते है सब के सब बोने हमे ही देख रहे थे

.

बोने वीर न्ड पार्टी को अपने राजा के पास ले जाते है

राजा...कौन हो तुम यहाँ का कर रहे हो.....

वियर...मैं जिन्न लोक का राजा वीर ऑर यह मेरे साथी है...

जैसे ही राजा ने वीर की बात सुनी..राजा तेज़ी से वीर के आगे झुक के खड़ा हो जाता है...

अपने राजा को ऐसे देख बाकी सब भी नीचे सर झुकाए बैठ जाते है...

वीर..खड़े हो जाइए...आप मुझसे बड़े है..ऐसे मत झुकिए....फिर सब खड़े हो जाते है..

.राजा...आप हमारे यहाँ पधारे हम धन्य हो गये...कैसे आना हुआ यहाँ ..

वीर...मैं यहा काला रतन लेने आया हूँ..महा जिन्न बन ने के लिए....क्या आप बता सकते है वो रतन कहाँ मिलेगा....

राजा..रतन के बारे मे तो पता है..पर वो यहाँ नही दूसरी बस्ती वाले चुरा ले गये......ऑर उनके पास अब शक्तिया भी है जो उस रतन से मिलती है....

वीर...कोई बात नही बस आप हमे रास्ता बताए हम देख लेंगे....

राजा..महाराज चलिए मैं आपके साथ चलता हूँ..

फिर वो राजा सबको साथ ले चलते है..

काफ़ी दूर जाने के बाद राजा एक जगह रुक जाता है...

राजा...महाराज इस से आगे मैं नही जा सकता उन दुष्ट ने शक्ति से कवच बना रखा है जिस के आगे हम नही जा सकते..आप सीधा जाइए गा.

.आगे जाके एक बस्ती नज़र आएगी..ऑर वहाँ एक मंदिर बना हुआ है..जिसमे रतन रखा गया है...

.

मैं आपका यहीं इंतज़ार करता हूँ

वीर अपने साथियो को साथ ले आगे बढ़ता है...ऑर जैसे ही वीर अदृश्य कवच मे पैर रखता है तभी वो कवच टूट जाता है....

दिखने मे तो जगह बहुत सुंदर लग रही थी.....उधर..एस बस्ती के राजा को पता चल जाता है कि कोई रतन को लेने के लिए आया है....

ऑर वो तुरंत अपने साथियो को भेजता है..वीर की तरफ..

.इधर..यह सब बड़ी सावधानी से आगे बढ़ रहे थे...

कि तभी उनके सामने बहुत से बोने आ जाते है .जो दिखने मे ही लग रहे थे कि यह इस बस्ती की सेना है...

 
तभी उनके सामने बहुत से बोने आ जाते है .जो दिखने मे ही लग रहे थे कि यह इस बस्ती की सेना है...

ऑर आते ही उन्हो ने वीर ऑर उसके साथियो पर तीर से हमला शुरू कर दिया...हमला होते ही मोहित को गुस्सा आ जाता है ऑर वो अपने

असली के रूप मे आ जाता है

.उसका आकार बहुत बढ़ जाता है..तेज़ी से आगे बढ़ कर बोनो पर टूट पड़ता है ऑर देखते ही देखते सब बोनो का सफ़ाया हो जाता है.

मोहित वापिस इंसानी रूप मे आ जाता है .ऑर सब आगे बढ़ने लगते है...

अभी थोड़ी दूर ही गये थे कि तभी इनकी तरफ़ एक रोशनी का गोला आता है..ऑर गोला लगते ही सब के सब दूर जा गिरते है...

परी को तो पहले ही बिस्वा ऑर वीर ने कवर कर दिया था..

वीर खड़ा होता है ऑर देखता है सामने एक बोना खड़ा था जो देखने मे इनका राजा लग रहा था...

वीर...देखो तुम जो भी हो मेरे रास्ते से हट जाओ वरना अच्छा नही होगा मैं अपना कुछ ज़रूरी समान लेने आया हूँ .

राजा....हाहहाहा.तुम अभी नादान हो..चुप चाप वापिस चले जाओ...वरना सब के सब यही मारे जाओगे...तुम तो मरोगे ही उसके बाद इन लड़कियो को रखेल बना के रखुगा.....

राजा अभी इतना ही बोला था कि तभी उसका सर धड़ से अलग होता है...

वीर.मेरी फॅमिली को कोई बुरा बोले उसकी जान ना निकाल दूं......

वीर का प्यार देख मोम ऑर प्रीत बहुत खुश होते है..

ऑर वीर के साथ आगे बढ़ने लगते है..

जस्सी..भाई देखने मे तो जगह बहुत सुंदर लग रही है

वीर...जो सुंदर दिखता है वैसा होता नही..यह सब माया जाल है...

तभी वीर हाथ से रोशनी निकाल आगे फेक देता है.वो रोशनी हर तरफ फैल जाती है.जब रोशनी होती है क्या देखते है.वहाँ कंकाल पड़े थे हर तरफ मास घर भी गंदे ..

वीर.क्यूँ देखा कहा था ना..माया जाल

..

बिस्वा...भाई चले रतन को हासिल भी करना है...फिर सब मंदिर मे पहुँच जाते है ऑर वहाँ देखते ही सामने एक काले रंग का पत्थर जैसा कुछ पड़ा था......

वीर उस पत्थर के पास जा बैठ जाता है..

ऑर अपनी आँख बंद कर ध्यान लगाता है..ऑर अपने अंदर की हर एक शक्ति को जगा लेता है.ऑर हाथ आगे कर उस रतन को उठा अपने दिल पे रख देता है और देखते ही देखते वो रतन वीर के अंदर चला जाता है..

रतन के अंदर जाते ही वीर की बॉडी.चमकने लगती है.ऑर वहाँ बहुत तेज रोशनी फैल जाती है जिस से सभी अपनी आँखे बंद कर लेते है..

वीर की बॉडी उस रतन को अपना रही थी.जिस से वीर की बॉडी तीन चार झटके लेती है..

थोड़ी देर मे वीर को अपने अंदर कुछ बदलाब महसूर होते है..वीर ऑर भी फेयर हो जाता है..बॉडी पहले से कही ज़्यादा सॉलिड हो गयी थी

वीर को अपने अंदर बहुत पवर्स महसूस होती है..

मोम..चलो अच्छा हुआ चलो वापिस चलते है..फिर सब जैसे ही पीछे मूड ते है कि...तभी......

 
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