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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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उधर ..बिस्वा..तेज़ी से ट्विस्ट होने लगता है.. ट्विस्ट होने से वहाँ हवा का बावांडर बन जाता है..ऑर बिस्वा उसमे आग लगा देता है..ऑर उस बवांडर को पिशाच की तरफ छोड़ देता है...

जो भी उस बवंडर मे आता राख हुए जा रहा था...

वीर..अभी वापिस मुड़ा ही था कि तभी पीछे से वीर के उपेर वॉर कर दिया..पिशाच ने अपने तीखे नाख़ून से वीर की पीठ को छलनी कर दिया था ..

वीर गुस्से मे पिशाच को पकड़ बीच मे से चीर देता है..

देखते ही देखते वीर के जखम भर जाते है...

बिस्वा वीर के पास पहुँचता है..

बिस्वा..भाई मुझे लगता है.. ये सब एक प्लॅंड अटॅक है ..इनकी तो फिर फ़ौज़ है यहाँ..ये हमे टिकने नही देंगे..

वीर..मुझे भी यही लगता है..आने दे इन्हे ..किसी को छोड़ुगा नही..

तभी उधर..लड़किया के पास पिशाच हमला कर देते है. पर शील्ड होने की वजह से कुछ कर नही पा रहे थे..

लड़किया पिशाच को देख चीखने लगती है..ओर पर तभी कुछ ऐसा होता है .कि....कोई सोच भी नही सकता

तभी ....

प्रीत ऑर संजू के जिन्न वहाँ प्रकट हो जाते हैं और वो दोनो सब लड़किया ऑर पाइलट को वहाँ से बेहोश कर गायब कर देते है.. और आशीष भी तुरंत वीर और बिस्वा को जाय्न कर लेता है.

और फिर वीर बिस्वा और आशीष एक साथ उन सारे पिशाचों पे कहर बनके टूट पड़ते हैं..

वीर..आग के गोले निकाल उनपर फेकने लगता है...

पर आग के गोलो से कुछ ख़ास फ़र्क नही पड़ता जिस से वीर गुस्से मे आ जाता है..ऑर अपनी चाँदी की शॉर्ट गन निकाल फाइयर करने लगता है....

गोली लगते ही पिशाचो को आग लगने लगती है ऑर वो राख बन जाते है..

तभी पीछे से एक पिशाच वीर पर हमला करता है जिस से वीर दूर जा गिरता है ऑर उसकी पीठ पर गाँव भी आ जाता है..

वीर गुस्से मे खड़ा हो अपने हाथ से एक एलेक्ट्रिक बीम उन सब पिशाचो पर छोड़ देता है....

एनर्जी बीम का फोर्स इतना तेज था कि वहाँ की धरती भी एक बार काँप जाती है.. और देखते ही देखते सारे पिशाच ख़तम हो जाते है...

ओर वीर भी थक जाता है .एनर्जी बीम की वजह से वीर की काफ़ी एनर्जी वेस्ट हो जाती है ..उसने ऐसा हमला पहली बार किया था जो उसपे भी भारी पड़ा था..

वीर...अपनेआप को संभालते हुए आशीष और बिस्वा को बोलता है .. एक काम करो यहाँ बड़ा सा टेंट बनाओ ..ऑर सारी लड़कियो को अपने अपने टेंट मे सुला दो ऑर उनके माइंड से ये सब कुछ मिटा देना. वित पाइलट के भी...ताकि उनको कुछ याद ना रहे ..

बिस्वा और आशीष भी तुरंत अपने मॅजिक से टेंट बना देते हैं और प्रीत संजू के जिन्न को याद करते हैं ..

दोनो के जिन्न वापस आजाते है और सारी लड़किया और पाइलट को अपने अपने टेंट मे सुला देते हैं और वहाँ से गायब हो जाते हैं ....

फिर बिस्वा और आशीष भी अपने जिन्न रूप से वापस इंसानी रूप मे आजाते हैं..

सारे लोग अभी भी बेहोशी की हालत मे ही थे ..

वीर...बिस्वा यहाँ तो बहुत बरफ और ठंड है .. तुम लोग एक काम करो आसपास कही एक अच्छा सा होटेल बना दो ताकि सब उसमे आराम कर सके ..

बिस्वा...ठीक है भाई.. यहाँ थोड़ी दूर बाज़ार है वहाँ एक अच्छा ख़ासा होटेल बना देता हूँ ... सबको ऐसा लगेगा कि पहले से है था..

वीर ठीक है..जैसा तुम्हे ठीक लगे..

फिर वीर एक चुटकी बजाता है जिसके बाद सब लोग धीरे धीरे होश मे आने लगते हैं .. क्यूंकी सब मॅजिक्ली बेहोश थे तो वीर अपने मॅजिक से सबको होश मे ले आता है..

होश मे आने के बाद सब फ्रेश फील कर रहे थे ...

उनके छोटी मोटी छोटे भी ठीक हो चुकी थी ...

प्रीत..जान यहाँ तो ठंड बहुत है..

वीर - डोंट वरी जान , आसपास किसी होटेल मे चलके सब वही रुकेंगे .. अभी तुम लोग यही पे थोड़ा घूम फिर लो आगे मार्केट भी है...

फिर सभी अपनी अपनी टोली बना निकल पड़ते है वहाँ से...

पाइलट्स भी चले जाते है वापिस वीर ने उनके जाने का भी इंतज़ाम करा दिया था ...

बिस्वा परी के साथ सबसे थोड़ा अलग चला जाता है..

बिस्वा - जान एक किस दो ना..

पारी..आप ना बहुत शेतान होते जा रहे हो..मुझे शरम आती हैं .

बिस्वा..प्ल्ज़्ज़ जान दो ना किस.

बिस्वा इतना बोल अपने लिप्स आगे करता है.. ये देख परी की आँखें अपने आप बंद हो जाती है और आने वाले पल के बारे मे सोच कर उसके अंदर एक मस्ती सी छाने लगती है..

वही आशीष भी नेहा के साथ अलग चलने लगता है..

दोनो का नया नया प्यार था सो दोनो शर्मा भी रहे थे ..दोनो एक दूसरे का हाथ पकड़ कर चले जा रहे थे.

नेहा अपना सर आशीष के कंधे पे रख कर और उसका बाजू पकड़ कर चलने लगते है..

आशीष बिस्वा चाहे जिन भले ही हो बट दोनो प्यार ज़रूर करने लगे थे और दोनो इस फीलिंग को अपने अपने पार्ट्नर के साथ एंजाय भी कर रहे थे ...

सब लोग शाम तक घूमते है फिर एक साथ होटेल पहुँच जाते है और चेक इन करते है. और सब अपने अपने रूम मे जाके कुछ टाइम रेस्ट करने का सोचते हैं..

रात क 8पीएम पे सब बाहर आके इकट्ठा मिलते है..

वीर .हां तो दोस्तों हम कल सब मआउंटिंग पर चलेंगे...इसलिए सब अपने अपने गरम कपड़े तय्यार रखना और पहन के निकलना.. और जिसके पास नही है अभी तो अभी हम सन डिन्नर करने के बाद घूमने निकलते हैं और शॉपिंग भी कर लेते हैं कुछ ...

सब डिन्नर करने रेस्टोरेंट मे आजाते हैं जो होटेल मे ही था ...सब वहाँ जाके एक बिग फॅमिली टेबल बुक करते हैं और डिन्नर ऑर्डर करके खाने लगते हैं...

वीर.... वैसे परी और नेहा तुम दोनो अपने लव पार्ट्नर के साथ हॅपी तो हो ना आइ मीन ये दोनो तंग तो नही करते ना

परी और नेहा - नही नही भाई दोनो बहुत अच्छे हैं...

दोनो शर्मा भी जाती है जिसको देख कर बाकी लोग भी हँसने लगते हैं.

ऐसे ही हसी मज़ाक के साथ सन डिन्नर ख़त्म करते हैं और फिर सब घूमने मार्केट मे निकल जाते है...

 


सब अपने नेक्स्ट डे के लिए गरम कपड़े वग़ैरह की शॉपिंग करते है और थोड़ा घूम घाम कर सब वापस आ जाते हैं होटेल ...अब काफ़ी रात भी हो चुकी थी...

आज प्रीत और संजू एक साथ रूम मे थी वीर के साथ तो दोनो वीर को पकड़ के सोजाती हैं.. वीर भी दोनो को एक एक किस करके आराम से सो जाता है...

नेक्स्ट मॉर्निंग ....

वीर सुबह उठ कर प्रीत संजू को जगाता है और फिर दूसरे रूम्स मे बाकी लोगो को भी फोन करके जल्दी जल्दी तय्यार होने को बोलते हैं ट्रॅकिंग के हिसाब से...

सब लोग रूम्स से बाहर आके एक साथ होटेल के बाहर आते है..

वहाँ बाहर ही होटेल की गाडिया रेडी थी सबको लेजाने के लिए ..

सब लोग गाडियो में बैठ कर निकल जाते हैं मआउंटिंग टॅकिंग के लिए....

सब लोग एक जगह पहुँच जाते हैं यहाँ उची उची पहाड़िया थी बरफ से धकि हुई ...

सब लोग वहाँ बने शॉप पे जाके ट्रॅकिंग के एक्विपमेंट लेके और ड्रेस अप होके मआउंटिंग के लिए निकल पड़ते है...

सब लोग लोकेशन पे पहुँचते हैं यहाँ से ट्रॅकिंग स्टार्ट करनी थी...

सब लोग वहाँ पहुँच के पहाड़िया और बाकी के नज़ारे देखने लगते है...

नहिना ...वाउ कितना खूबसूरत है सब . ठंड भी बहुत है...

संजू - भाई यहाँ तो बहुत मज़ा आने वाला है बट मैं आपके साथ ही रहूंगी..

प्रीत - मैं भी वीर के साथ ही जाउन्गी ..

वीर...ठीक है बाबा ..चलो गाइस रेडी हो जाओ..

सब.. वी आर रेडी....

फिर सब निकलते है बर्फ़ीले पहाड़ पे चढ़ाई करने ..

सभी एक दूसरे का हाथ पकड़ पहाड़ चढ़ने लगते हैं पहाड़ चढ़ने मे काफ़ी प्रोबलम आ रही थी..ब्कोज़ वहाँ फिसलन काफ़ी थी ...

प्रीत संजू प्रिया और नहिना चारो वीर के साथ चल रही थी ... और वही परी बिस्वा के साथ और नेहा आशीष के साथ अपनी ही मस्ती मे आगे बढ़ रहे थे...

प्रिया....भाई मेरा हाथ मत छोड़ना वरना मैं गिर जाउन्गी...

वीर....डर मत मैं हूँ.ना..

प्रीत और संजू दोनो बहुत अच्छे से ट्रॅकिंग का मज़ा ले रही थी ..दोनो प्रिया और नहिना से आगे निकल जाती हैं और वही वीर प्रिया के साथ ही चल रहा था क्यूकी प्रिया डर रही थी ..

नहिना भी वीर के साथ ही चल रही थी ...

थोड़ी देर मे सब पहाड़ के उपर चढ़ जाते है......सब काफ़ी थक गए थे ..

अभी ये लोग उपर पहुँचे ही थे कि तभी तेज तेज हवा चलने लगती है... सब लोग इसको नॉर्मल समझते हैं और मस्ती करना शुरू कर्देते हैं ...

सब एक दूसरे के उपेर बर्फ को गोले बना बना फेकने लगते है....

वीर ऑर प्रीत नहिना को पकड़ लेते है ऑर बाकी सब बहुत सारी बर्फ से नहिना को ढक देते है .

नहिना की तो कपकपि छूट जाती है तो वीर आगे बढ़ कर नहिना को गले लगा लेता ..

तभी संजू ज़ोर से चीखती है...

सब उसकी तरफ देखते है..ऑर वो एक तरफ इशारा करती है..

जब सब उस तरफ़ देखते है तो वहाँ एक बहुत बड़ा बर्फ का तूफान इनकी तरफ आता दिखाई देता है.

प्रिया...अब हम नही बचेगे.कोई नही बचेगा ..

वीर..चुप..कुछ नही होगा तुझे..समझी...जब तक मैं हूँ तुम सबको कुछ नही होने दूँगा ..

वीर अभी इतना ही बोला था कि तभी जिस पहाड़ पर ये लोग खड़े थे..वो हिलने लगता है

वीर तेज़ी से आँख बंद कर कुछ करता है.

बट तभी वो पहाड़ी टूटने लगती है और नीचे की तरफ गिरने लगती है......

पहाड़ी के नीचे धस्ते ही ढेर सारी बरफ उपर से नीचे गिरने लगती है .. तूफान भी करीब आजाता है और देखते ही देखते सब लड़के लड़किया उस बरफ के नीचे दब जाते है..

पर ये क्या सब नीचे सही सलामत थे..वीर. सबके सामने ही अपना हाथ आगे करता है ऑर देखते ही देखते वहाँ नीचे एक घर बन जाता है..

सब लड़किया ये देख शॉक हो जाती है...सिवाए संजना ऑर प्रीत को छोड़

नहिना...ये सब क्या है भाई कौन हो तुम ....

प्रिया ..भाई कहीं हम सपना तो नही देख रहे..हम तो बर्फ के नीचे दब गये थे ना..ये सब क्या..

फिर सबको सब सच बता देता है..

सच सुन नहिना ऑर प्रिया वीर के गले लग जाती है .ऑर परी बिस्वा के ऑर नेहा आशीष के..

वीर ..जब तक तूफान नही थमता हम यहीं रहेंगे..यहाँ तुम सब के लिए हर एक चीज़ की सहूलियत है जो चाहिए सब मिलेगा..

फिर सब अपने अपने रूम चले जाते है..कुछ देर बाद प्रीत वीर के रूम मे जाती है....

वीर..प्रीत तुम. वहाँ क्यूँ खड़ी हो आओ..पास..

प्रीत वीर के बेड पर बैठ जाती है....प्रीत..

प्रीत..जान कुछ कुछ हो रहा है .अब ऑर रहा नही जाता प्लज़्ज़्ज़ मुझ मे समा जाओ

वीर..क्या हुआ मेरी जान को आज बड़ी रोमॅंटिक हो रही हो..

इतना बोल वीर प्रीत को किस करने लगता है....प्रीत मचलने लगती है....

किस के साथ साथ दोनो अपने कपड़े उतार देते है...दोनो जिसम की आग मे इतना खो गये थे कि दोनो शर्म भूल ही चुके थे..

वीर ..प्रीत के बूब्स दबाने लगता है....दूध के निपल खड़े हो जाते है .रेड कलर के निपल बहुत प्यारे लग रहे थे..

वीर प्रीत को बेड पर लेता देता है..

दूध को चूसने लगता है .प्रीत के जिसम मे तो जैसे आग लगी हुई थी...

 
वीर स्लोली स्लोली नीचे की तरफ किस करते हुए आता है ..ऑर जब वीर प्रीत फुल्ली शॅव चूत को जीब लगाता है तो प्रीत की बॉडी एक झटका लेती है .

साथ ही साथ प्रीत की सिसकिया शुरू जो जाती है.....

वीर..चूत के दोनो लिप्स को साइड कर जीब से फक करने लगता है....

प्रीत की सिसकिया तेज हो जाती है..

प्रीत..जान.ऐसे.ही .बहुत मज़ा आ रहा है..आअहजझहह...मैं झड़ने वाली हूँ.

प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ ओर्टेज..ह्म्म्म्म म...आआ..तभी प्रीत एक चीख के साथ झड जाती है..

2 मिनिट साँस लेने के बाद प्रीत वीर को बेड पर लेटा देती है..ऑर खुद भी लेट जाती है..

दोनो 69 पोज़ीशन मे एक दूसरे के चूत ऑर लंड चूसने लगते है..प्रीत बड़ी मुश्किल से वीर का लंड चूसे जा रही थी...

थोड़ी देर मे प्रीत फिर फुल गर्म हो जाती है.

प्रीत .जान अब ऑर रुका नही जा रहा प्लज़्ज़्ज़ कुछ करो..

वीर..सोचलो झेल पाओगी..कहीं मुनिया फट ना जाए..

.

प्रीत..फट ती है तो फट जाए .मैं झेल लूँगी .प्लज़्ज़्ज़ जल्दी कर..

.वीर सेट हो लंड चूत पर सेट करता है..आँखो ही आँखो मे इशारा कर एक शॉट मारता है जिस से लंड का टोपा चूत मे घुस जाता है.

प्रीत .आआआअहह जान प्यार से माआरियाअ......

वीर.दोबारा एक ऑर ज़ोर से शॉट लगाता है जिस से लंड सील तोड़ता हुआ आधे से ज़्यादा अंदर घुस जाता है

प्रीत....आआआहह बहुत जालिम हो जान .ऐसा भी कोई करता है..ओह माआआअ बहुत दर्द हो रहा है.

वीर..बस जान थोड़ी देर मे दर्द कम हो जाएगा ऐसे ही वीर बातों बातों मे आखरी शॉट मारता है जिस से सारा लंड अंदर कर देता है..

5 मिनट वीर बिना हीले वैसे ही पड़ा रहता है..जब प्रीत का दर्द ठीक होता है तब प्रीत नीचे से गान्ड हिलाने लगती है ..

वीर आराम से लंड अंदर भर करना शुरू कर देता है..

वीर..जान अब तो दर्द ठीक है ना..अब देखना अब सिर्फ़ मज़ा ही मज़ा आएगा .

वीर शॉट लगाने शुरू करता है..देखते ही देखते वीर की स्पीड बढ़ जाती है..

प्रीत...आआअहह जान बहुत मज़ा आ रहा है....ऑर तेज ओर तेज..ओह गॉड प्लज़्ज़्ज़ कार्र्यों..आआअहह...एस एस एस...

वीर.अपनी मस्ती मे लगा हुआ था..ऑर साथ मे नीचे हो दूध भी चूसे जा रहा था.....

थोड़ी देर एसी पोज़ीशन मे चोदने के बाद वीर प्रीत को अपने उपर लेटा लेता है ऑर आगे को झुका के नीचे से शॉट लगाने लगता है

इस पोज़ीशन मे लंड चूत मे गोली की रफ़्तार से चलने लगता है....

..प्रीत...ओह्ह्ह्झ्ज गॉड जान क्या कहूँ मैं तो जन्नत मे सैर कर रही हूँ..तेज ऑर तेज मैं झड़ने वाली हूँ जानं.

...वीर तेज़ी से प्रीत को घोड़ी बना चोदने लगता है .ऑर ऐसे ही थोड़ी देर मे दोनो एक साथ झड जाते है....

दोनो एक दूसरे के उपर पड़े रहते है थोड़े टाइम बाद जब प्रीत उठा कर बाथ रूम मे चलने लगती है तो दर्द की वजह से उसकी हल्की चीख निकल जाती है .

वीर प्रीत को गोद मे उठा बाथरूम ले जाता है ओर गर्म पानी निकाल लेता है..

 
जब वीर चूत को हाथ लगाने लगता है तो

प्रीत...प्लज़्ज़्ज़ जान मैं कर लूँगी आप जाइए मुझे शर्म आ रही है....

वीर .नही मैं कर दूँगा..अब क्या शरमाना..चुप रहो..

फिर प्रीत वीर को देखती रहती है..ऑर आधा घंटा चूत की सेकाई करने के बाद वीर प्रीत को बेड पर लाता है ऑर उसे एक पेन किल्लर दे सुला देता है....

ऑर खुद भी सो जाता है...

उधर...

परी..जान तुमने मुझे पहले क्यूँ नही बताया कि तुम जिन्न हो..

बिस्वा..कुछ बाते टाइम आने पर पता चलती है.जान..क्या तुम खुश तो हो ना..मेरे साथ

पारी..जान बहुत खुश हूँ....

इधर...

नहिना..मुझे तो अभी भी यकीन नही हो रहा कि हमारा भाई एक बादशाह है..जिन्न लोक का .....एनी वे आम सो हॅपी फॉर भाई...बहुत दुख देखे है उन्हो ने ..

संजू...ह्म.बहुत कुछ सहा है..अब सिरफ़ खुशिया ही खुशिया होंगी

..

फिर सब थोड़ी देर मे सो जाते है..ऑर शाम को 5 बजे सबकी आँख खुलती है..

वीर..प्रीत की किस कर फ्रेश हो बाहर आता है सब डाइनिंग टेबल पर बैठे थे..

वीर ...तो फ्रेंड्स..मज़ा आ रहा है..

नहिना..हाँ भाई..भाई हमे भी जिन्न लोक देखना है......

प्रिया...हाँ प्लज़्ज़्ज़ हमे ले चलोगे...

वीर..क्यू नही..कल मॉर्निंग मे सीधा यहाँ से चलेंगे ..

अब ये बोलो किसे क्या खाना है..

नहिना..मुझे पिज़्ज़ा..

प्रीत ..मुझे भी..

संजू..सब के लिए पिज़्ज़ा ही ले आओ.

वीर..परी न्ड नेहा बेटा आप क्या खाओ गे

प्री..भाई कुछ भी .पिज़्ज़ा ही मॅंगा लो...

फिर वीर हाथ आगे करता है ऑर टेबल पर 2 लार्ज पिज़्ज़ा आ जाते है..

लड़किया ये देख पहले शॉक होती है फिर खुश हो जाती है..

प्रिया..वाउ भाई क्या आप कुछ भी कर सकते है..

वीर...हाँ कुछ भी. चलो पिज़्ज़ा खाना शुरू करो...ओककककक...

फिर सब मिल पिज़ा खाते है

वीर बाहर निकल देखता है..कि बाहर पिशाच हर तरफ घूम रहे थे..वीर को ढूँढते हुए..

वीर नीचे आता है..

वीर...बिस्वा..चलो उपर चले हमारा कोई इंतज़ार कर रहा है...

आशीष..भाई मैं भी चलूँगा...

वीर..हाँ चलो.पहले मैं सब गर्ल्स को शील्ड से कवर कर दूं..फिर चलते है....

वीर सब गर्ल्स को कवर कर देता है..

वीर....हम अभी आए.ओके डरना नही.ओर हाँ टीवी देखो..जो करना है करो.एंजाय करो बाइ.

वीर....चलो आशीष बिस्वा..तीनो वहाँ से गायब हो जाते है. ऑर पिशाचो के सामने खड़े हो जाते है...

पिशाच. .ओह तो तुम अभी जिंदा हो..मुझे पता था तुम इतनी जल्दी नही मर सकते..

पिशाच इतना ही बोला था कि तभी पिशाच तेज़ी से वीर की तरफ बहुत से ब्लेड चला देता है..

इधर वीर भी फ़ौरन तेज़ी कला बाजी करता हुया ब्लेड से बचता है पर एक आधा ब्लेड वीर के बाजू मे लग जाता है..

जिस से ब्लड निकलने लगता है

वीर गुस्से मे....तुमने अपना चाल चल दी अब मेरी बारी वीर अभी इतना हे बोला था कि वीर बिजली की तेज़ी से पिशाच के पास जाता है ऑर उसे एक जबरदस्त पंच मारता है.

.पंच इतना सॉलिड था कि वीर का पंच पिशाच के सीने के आर पार हो जाता है..जिस से पिशाच राख हो जाता है

वीर अपनी तलवार निकाल सबको मौत के घाट उतार देता है .बिस्वा ऑर आशीष को कुछ करने का मौका हे नही मिलता..

फिर तीनी वापिस मूड जाने लगते है कि तभी पीछे एक पिशाच ..एलेक्ट्रिकल वेव्स छोड़ देता है..

वीर वो वेव्स लगने ही वाली थी कि तभी वो होता है जिसके बारे मे वीर ने भी नही सोचा होगा...

जैसे ही वो वेव्स वीर को लगने लगी तो तुरंत बिस्वा वीर के आगे आ जाता है ऑर उन वेव्स को अपने उपर ले लेता है

बिस्वा वेव्स लगते ही तड़पने लगता है

ये देख वीर गुस्से मे पागल हो जाता है ऑर उस पिशाच के चिथड़े कर देता है

फिर बिस्वा के पास जा उसके सर हाथ रख कुछ पढ़ता है..थोड़ी देर मे बिस्वा शांत हो जाता है

वीर .आशीष इसे रूम मे ले जाओ.थोड़ी देर मे ये ठीक हो जाएगा.

आशीष बिस्वा को साथ ले रूम मे चला जाता है.

 
यहाँ सब लड़किया ये देख ..पूछने लगती है.

परी..क्या हुआ इन्हे..

आशीष फिर सबको सब बता देता है कि अभी थोड़ी देर पहले क्या हुआ उपर...

आशीष की बात सुन परी रोने लगती है....

तभी वहाँ वीर आता है ऑर परी को गले लगा लेता है

.

वीर ...परी बेटा कुछ नही हुआ उसे अभी थोड़ी देर मे उसे होश आ जाएगा....

वीर...गाइस .तूफान टल गया है. अगर कुछ शॉपिंग करनी है तो चलो..फिर हम यहाँ से सीधा जिन्न्लोक जाएगे...

थोड़ी देर मे बिस्वा को होश आ जाता है..

बिस्वा जब आँख खोल देखता है तो परी को अपने पास बैठा देखता है जिसकी आँखो मे आँसू थे.

ये देख बिस्वा परी को गले लगा लेता है....

नहिना ..चलो भाई चलो यहाँ रोमॅन्स शुरू हो गया है .

नहिना की बात सुन परी शर्मा जाती है..ऑर बिस्वा से किया हुआ हग छोड़ देती है .

वीर..कैसे हो बिस्वा .अब सब ठीक है ना

.

बिस्वा...हाँ भाई मैं बिल्कुल ठीक हूँ..एकदम फ्रेश.थॅंक्स मुझे ठीक करने के लिए...

सभी बिस्वा का हाल चाल पूछते है...

.

संजू. भाई हमने सोचा है हम जो भी शॉपिंग करेगे जिन्न लोक ही करेगे..

वीर ठीक है..जैसा तुम्हे ठीक लगे बॅट अब तो चलो इस रूम से इस कपल को अकेला छोड़ दो..

इतना बोल वीर सब को बाहर ले जाता है .ऑर पारी एक बार फिर शर्मा जाती है...

उधर

लगातार मिल रही नाकामयाबी से वैम्पायर का राजा गुस्से मे पागल हो जाता है ऑर तोड़ फोड़ करने लगता है..

राजा..व...मुझे किसी भी हाल मे वो मणि चाहिए..किसी भी हाल मे....

इधर..

प्रीत..जान कौन है ये जो हमला कर रहे है..

वीर...वो पिशाच है..ये भी एक तरह से वैम्पायर हे होते है.बस ये दिन मे भी बाहर आ सकते है..इनके पास बहुत पवर्स होती है...

संजू..तो इनका तुमसे क्या लेना देना...

वीर..इनको मणि चाहिए जिसकी पवर्स मेरे अंदर है....जो अब इन्हे कभी नही मिले गी..

अगर ये मणि इनके हाथ लग गई तो सारी दुनिया तबाह हो जाएगी...

नहिना..तो अब तुम क्या करोगे...

वीर...रक्षा मणि की रक्षा ऑर अपने लोगो की जिन्न लोक की रक्षा.

प्रिया..तो हम कब चलेंगे जिन्न लोक ..

वीर...आज शाम को चलेंगे...

फिर सभी शाम तक घूमते है ऑर रेडी होते है ..

वीर.. बिस्वा शाही सवारी आ गयी ..

बिस्वा...जी भाई आ गयी है .

वीर सब को साथ ले शाही

सवारी मे बैठ जाता है..

संजू ऑर प्रीत को छोड़ बाकी सभी लड़किया एग्ज़ाइटेड हुए जा रही थी...

वीर के आदेश से शाही सवारी उड़ने लगती है ऑर अपनी स्पीड पकड़ लेती है..

ऑर देखते ही देखते सवारी जिन्न लोक पहुँच जाती है...

वहाँ अपने राजा के स्वागत के लिए पहले ही तैयारी हो गयी थी.. .

जिन्न लोक की धरती पर पैर पड़ते ही

.वीर के कपड़े चेंज जो जाते है ऑर उसका सर पर मुकट आ जाता है..ये तब ही होगा जब वीर जिन्न लोक मे होगा...

वीर पर फूलो की बरसात होने लगती है..जैसे जैसे वीर आगे बढ़ता सब जिन्न ऑर पारियाँ सर झुका अपने घुटनो के बल नीचे बैठ जाते है..

वीर महल पहुँच अपने राज गद्दी पर बैठ जाता है

..

तभी वहाँ राज गुरु आते है सब राजगुरु को प्रणाम करते है.....

राज गुरु...महाराज. आज आप यहाँ कोई ख़ास वजह.

वीर...नही गुरुजी.कोई ख़ास वजह तो नही बस मैं अपनी फॅमिली को जिन्न लोक दिखाने लाया था. ऑर एक ऑर काम है जो मैं आप सब से बाद मे बात करूगा....

गुरुजी.मुझे पता है तुम्हे क्या बात करनी.है. मैं तुमसे सहमत हूँ लेकिन एक बात याद रखना एक दुश्मन जाएगा तो एक ऑर आएगा...

इतना बोल गुरुजी महाराज से अलविदा ले चले जाते है.

वीर...सेविका...

तभी वहाँ 2 परी जैसी सेविका आती है..

सेविका..जी महाराज आपने बुलाया...

वीर...मेरे परिवार को इनके शाही रूम्स दिखाए जाए ताकि ये सब आराम कर सके..

सेविका सब उनके शाही रूम मे ले जाती है ...

सब शाही रूम मे जा कर बहुत खुश होते है. क्यू की सब ने पहले ऐसा रूम नही देखा था.....

प्रीत....वाह.क्या रूम है..दिल करता है सारी जिंदगी यहीं रहूं..बहुत शांति है..यहाँ...

वीर....हाँ तुम दोनो आराम करो मैं गुरुजी से मिल कर आया..

वीर चल पड़ता है गुरु जी के पास .

राज गुरु जी....आओ महाराज..बताइए..

वीर..गुरुजी सेनापति जी को भी बुला लीजिए..ऐसे ही थोड़ी देर मे सेना पति भी आ जाता है ऑर आशीष न्ड बिस्वा भी..

वीर ...बात ये है कि वैम्पायर वालो का अटेक बहुत बढ़ गया है.....मैं चाहता हूँ इनके वैम्पायर लोक पर हमला कर दिया जाए

आपका क्या ख्याल है..

गिरजी..महाराज मैने पहले ही कहा था..एक दुश्मन जाएगा तो उसके बाद एक ऑर आएगा.

.ये तो विधि का खेल है..आपका हमारा बादशाह बन ना पहले से ही तय था..आगे आगे जो होगा वो तो विधि का विधान ही पूरा करेगा..

वीर..जी महाराज समझ गया....सेना पति जी एक ऐसी सेना तैयार करो हो सारी की सारी चाँदी की हो....ऑर आपकी पता है आगे क्या करना है.

वीर वहाँ से निकल अपने रूम मे आ जाता है .

उस शाही रूम मे सब बैठे थे..

वीर रूम मे एंटर करने से पहले नॉर्मल रूप मे आ जाता है...

वीर .हाँ तो मेरी बहनो..प्रीत को छोड़ कर हाहहहः..तो कैसा लगा जिन्न लोक आप सब को..

परी..बहुत अच्छा है ऐसा लग रहा है जैसे सपना देख रही हूँ

नहिना..हाँ भाई बहुत खूब सूरत है..काश हमारे पास भी इन परियो जैसी शक्ति होती....

नहिना का इतना बोलना था कि वीर कुछ सोचने लगता है...

वीर..चलो सब घूमने चलते है..

प्रिया..चलो बहुत मज़ा आएगा..

फिर सब बाहर निकल पड़ते है..

सभी निकलते है जिन्न लोक घूमने ..सब बड़ी मस्ती से घूम रहे थे..

ऐसे ही आफ्टरनून तक घूमते रहते है..

बाद मे जिन्न्लोक मे बने रेस्टोरेंट मे जाते है..

 
वीर..जिसे जो खाना है ओर्डर करदो...ऑर हाँ किसिको भी शरमाने की ज़रूरत नही.

नहिना..जिसने की शर्म उसके फूटे कर्म..नहिना की बात पर सभी हंस देते है..

ऐसे ही हँसी खुशी सब लंच करते है....

वहाँ से उठ वीर रूम मे आते है..ऑर खुद बिस्वा आशीष ऑर सेना पति को साथ ले जाकर महल मे चला जाता है..

वीर....मैने ये फ़ैसला किया है..हम उनपर हमला अभी नही करेगे. मैं उन्हे एक लास्ट मौका देता हूँ..अगर वो सुधर गये तो ठीक नही तो सर्वनाश होगा...

बिस्वा..महाराज उन्हे मौका देना सही रहेगा...

वीर..बिस्वा मैं खून ख़राबा नही चाहता ..अगर वो .नही सुधरेंगे तो तुम्हे पता है आगे क्या करना है..बस तुम सेना पति को आदेश दे देना ...बाकी सब वो खुद देख लेंगे...

एक संदेश भिजवाओ उनको बोलो एक आखरी मौका देते है सुधार जाओ वरना अच्छा नही होगा . .

आशीष..जी महाराज जैसा आप ठीक समझे...

वीर...कोई ऑर बात पर चर्चा करनी हो तो बताओ.आज हम वापिस जा रहे हैं..

गुरुजी...नही महाराज ऑर कुछ नही..बस आप हफ्ते मे एक बार यहाँ आते रहे..आज मैं एक नही शक्ति की खोज के लिए तपस्या नम लीन होने जा रहा हूँ..वो शक्ति आपके लिए होगी..उसके बारे मे आपको आगे जाकर पता चलेगा.....

वीर...जैसा आपको ठीक लगे गुरुजी..गुरु जी मैने कुछ सोचा है क्या आप मेरी बाकी की बहनो को भी पवर्स दे सकते है..

गुरुजी..क्यू नही ..चलिए..

फिर महाराज प्रीत ऑर संजू जैसी पवर्स बाकी सभी लड़किया को भी देते है ऑर उन्हे पवर अच्छाई के लिए यूज़ करने की शिक्षा देते है..सभी लड़किया बहुत खुश थी..

वीर न्ड पार्टी सब की अग्या ले निकलते है धरती लोक पर..इस बार लड़किया खुद गायब हो जाती है धरती लोक

...ये देख वीर खुश हो जाता है..

घर पहुँच वीर की माँ वीर को अपने सीने से लगा लेती है ऑर 5 मिनट तक नही छोड़ती..

मोम..एयेए मेरा बच्चा लगा रह सीने से सीने मे ठंडक पड़ने दे..

वीर..आपको मेरी याद आई..

मोम..ऐसा कोई पल नही जब तुझे याद ना किया हो.आइ लव यू मेरा बच्चा..

वीर..मोम मैने सोचा है सभी लड़किया का अद्मिशन मैं यहीं करवाउन्गा आप इनके पेरेंट्स से बात कर्लो.

मोम..ठीक है मैं बात कर लूँगी फिकर मत कर . चलो डिन्नर रेडी है.साथ मे करते है...

वीर...ठीक है गर्लफ्रेंड अभी आया...

मोम..शर्म नही आती गर्लफ्रेंड कहते हुए अपनी माँ को..

मोम की बात पर सब हंस देते है..

सभी फ्रेश हो डाइनिंग टेबल पर पहुँचते है..

मोम..बेटा मैने सबकी मोम से बात करली है..उनका कहना है इनका भाई जो चाहता है करे ..इन्सब की ज़िम्मेवारी तुम्हारे उपेर है..

वीर...ठीक है मोम डोंट वरी ..मैं अपनी ज़िम्मेदारी अच्छे से निभाउन्गा..

तभी वहाँ डॅड आ जाते है

वीर ..अपने डॅड के गले मिलता है..

वीर...काम कैसा चल रहा है डॅड..

डॅड..बेटा बहुत अच्छा चल रहा है..ऑर हाँ तुझे 3 दिन बाद लंडन जाना है वहाँ की कंपनी मे एक मीटिंग है उसे तू हॅंडल करलेणा..ऑर तेरे साइन भी होने है..

वीर ..जी ठीक है डॅड..जैसा आपको ठीक लगे..आइए खाना खाते है...

फिर सब मिल खाना कहते है..ऑर सभी साइटिंग मे बैठ जाते है..

मोम..कैसा रहा आप सब का टूर..

प्रीत..मोम क्या बताऊ लाइफ को पहली बार एंजाय की हूँ..अवेसम ये टूर मैं सारी जिंदगी नही भूल सकती..

प्रीत की बात पर सभी आपने अपने ख्यालों मे खो गये

जिसे मोम ने बाहर निकाला..

मोम..सपनो की दुनिया से बाहर आ जाओ..मेरे बच्चो...

वीर..दादा जी अब आपकी तबीयत कैसी है..

दादाजी..यार अब तो ऐसा लगता है जैसे मैं जवान हो रहा हूँ सच मे...पता नही क्या जादू कर दिया है डॉक्टर ने...

वीर..ये तो बहुत अच्छी बात है...

..

तभी संजू ऑर प्रीत आपस मे कुछ बात करती है ..ऑर हंस देती है....

वीर...परी तुम अपने मोम डॅड से बात कर लोगि या मैं बात करू

परी..भाई आप ही कर्लो..पहले नहिना की मोम से कह दो वो बात कर ले

एक बार..

वीर..ठीक है..कल कॉलेज चलके प्रिन्सिपल से अद्मिशन की बात करलेगे

..

मोम..बच्चो जाओ सो जाओ अपने अपने रूम मे जा कर टाइम काफ़ी हो गया है..

सभी अपने अपने रूम मे चले जाते है....

 
वीर छत पर चला जाता है..ऑर साथ मे बिस्वा ऑर आशीष भी आ जाते है.....

वीर...बिस्वा कभी सोचा नही था कि जिंदगी ऐसा मोड़ भी लाएगी..बचपन मे मैं एक अनाथ बन कर जिया तकलीफ़ सही..ऑर आज मैं एक राजा हूँ..

ऑर हाँ मैने इसीलिए तुम्हे बुलाया है..हमारी फॅमिली की सुरक्षा बढ़ा दो ....इस बार हमला बहुत बड़ा होगा..

बिस्वा.ठीक है भाई..आप चिंता ना करे कोई भी बुरी शक्ति इस घर के अंदर प्रवेश नही कर सकती.

आशीष...भाई..क्या नेहा की माँ ऑर परी की माँ हमरे लिए मानेगी..

वीर...ये तुम कह रहे हो..हमारे लिए कुछ मुश्किल है क्या..

वीर की बात पर दोनो के फेस पर स्माइल आ जाती है..

वीर.चलो चलते है..

वीर नीचे अपने रूम जाता है.रूम की लाइट ऑफ थी

वीर डोर लॉक करके जैसे लाइट ऑन करता है सामने देख शॉक हो जाता है...

वीर जैसे ही रूम को लाइट ऑन करता है.तो शॉक हो जाता है सामने प्रीत एक चादर ओढ़े खड़ी थी..

वीर...ये क्या है प्रीत.ऑर संजू कहाँ है .

प्रीत..संजू तो नहिना के रूम मे है आज हम दोनो अकेले है..

इतना बोल प्रीत चादर हटा देती है.नीचे उसने कुछ नही पहना था..वीर को आँखे बड़ी हो जाती है..

प्रीत चल कर वीर के पास आती है ऑर जैसे ही वीर कुछ बोलने वाला था कि तुरंत प्रीत अपने लिप्स को वीर के लिप्स से जोड़ देती है..

दोनो एक दूसरे के प्यार मे डूब जाते है..ऑर.प्यार कर .नींद के आगोश मे चले जाते है .

उधर...बर्फ़ीले पहाड़ी के बीच मे एक तांत्रिक तपस्या मे लीन बैठा हुआ था..

थोड़ी देर मे उसकी आँख खुल जाती है

जैसे ही आँख खुली उसके फेस पर एक शेतानी स्माइल आ जाती है.

.पता नही कितने साल से तपस्या मे लीन था.ऑर उसने महादेव से वरदान मे बहुत सी अद्बूद शक्तिया माँगी जो उसे वरदान मे मिल गई..

तांत्रिक कोई आम तांत्रिक नही था.उसके पास पहले से ही बहुत शेतानी ताक़त थी. पर वो बहुत सालो पहले..

वो जिन्न लोक से हार कर तपस्या मे लीन हो गया था जिसकी तपस्या का फल उसे मिल चुका है...

जैसे ही इसकी आँख खुली वैसे ही वीर की भी आँख खुली .ऑर वीर के माथे की लकीरे बता रही थी कि वीर चिंता मे है...

नेक्स्ट मॉर्निंग..सब उठ कर रेडी होते है...

वीर.अपनी मोम के पास जाता है..

वीर...गुड मॉर्निंग गर्लफ्रेंड..

मों..गुड मॉर्निंग माइ बाय्फ्रेंड..तो चले मूवी देखने.

मोम की बात पर सब हंस देते है.

थोड़ी देर मे सब नाश्ता करते है ऑर निकलते है कॉलेज की ओर..आज प्रीत को अपने घर वापिस जाना था..

.एक तो अजय अमेरिका गया हुआ था कुछ काम से उपेर से प्रीत के मोम डॅड का दिल नही लग रहा था....

वीर..नहिना प्रिया नेहा परी तुम सब आपने अपने डॉक्युमेंट्स दो मुझे..

तभी चारो अपने हाथ आगे करती है ऑर आख बंद कर मन मे कुछ बोलती है. देखते ही देखते उन के हाथ पर उनके डॉक्युमेंट्स आ जाते है.

वीर...क्या बात है मॅजिक सीख गयी..पर एक बात हमेशा याद रखना किसी के भी सामने इसे यूज़ मत करना......

सभी ..ठीक है...

वीर डॉक्युमेंट्स ले प्रिन्सिपल ऑफीस जाता है .यहाँ वीर सबका अद्मिशन करवा देता है....प्रिंसी भी जान गया था वीर क्या चीज़ है इसीलिए उसने वीर को मना नही किया...

वहाँ से वीर कॅंटीन मे आ जाता है..

वीर...यार कुछ कॉफ़्फीे ओर्डर करदो..

बिस्वा उठ कर कॉफ़्फीे ओर्डर करता है..

प्रीत..आज मुझे घर जाना होगा..पर मैं अब तुम्हारे बिना नही रह सकती..

प्रीत की बात को बाकी सब लड़किया छेड़ने लगती है ..

वीर....मैं मोम से बात कर हमारी शादी की बात करता हूँ..जल्दी करने की...ऑर वैसे भी मैं डॅड से बात कर लूँगा..वो तुम्हे मेरे पास रहने दें..

सभी कॉफ़्फीे ख़तम करते है..ऑर निकलते है क्लास की तरफ..क्लास मे

लड़किया तो वीर को ही देख रही थी

.

ऑर ये देख .नहिना प्रिया संजू प्रीत ..जल भुन रही थी.....

प्रिया अपने मन मे....ये मुझे क्या हो रहा है वो मेरा भाई है..लड़किया देखती है तो देखने दो मैं क्यूँ जल रही हूँ..कही मुझे नही नही इससे कुछ नही...

टीचर आते गये ..ऑर पढ़ाते गये..क्लासेस ख़तम कर सब कॅंटीन मे आ जाते है ....

आशीष..यार क्यूँ ना आज लंच बाहर करते है...

संजू..थ्ट्स गुड आइडिया चलो ना भाई..

वीर ठीक है चलो..फिर सभी एक अच्छे से 5 स्टार होटेल मे चले जाते है..सभी लंच करते है....

 
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