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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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अगले दिन वीर जल्दी उठा जाता है, और तीनों को किस करता है। वीर अपने हाथ से रोशनी निकालकर संज के अंदर छोड़ देता है। संजू को पावर्स मिलते ही उसकी आँखें खुल जाती है और उसे अपने अंदर बहुत बदलाव महसूस होते हैं।

वीर संज को किस करके बाथरूम चला जाता है। फिर फ्रेश हो बाहर निकल जाता है। फिर वीर अपनी डेली रुटीन के हिसाब से काम करता है। थोड़ी देर में सब फ्रेश होकर डाइनिंग टेबल पर बैठ जाते हैं।

वीर- अलीजा जी, आपका यहां दिल तो लग रहा है ना? कोई परेशानी तो नहीं?

अलीजा- नहीं वीरजी, मैं यहां बहुत खुश हूँ। ऐसी दुनियां मैंने पहले कभी नहीं देखी, और आप सबका एक दूसरे से प्यार और मेरे लिए अपनापन, इतना प्यार करने वाली माँ, मैं बहुत खुश हूँ।

वीर- मैं भी आपके लिये खुश हैं।

डैड- बेटा आगे क्या करना है, क्या सोचा है तुमने?

वीर- डैड अभी कुछ दिन यहीं रहूंगा फिर आगे का सोचते हैं।

माहित- उस डान का सफाया करना होगा, दिन-ब-दिन उसकी हरकतें बढ़ रही है।

आशीष हौं। आपके बाद उसने बहुत कोशिश की मेरे परिवार को नुकसान पहुँचाने की।

वीर- आज उसका पत्ता साफ होगा, और उसके बाद हमारा सफर समुद्र में होगा। और यहां तक मुझे पता है की यह सफर बहुत मुश्किल होने वाला है। बहुत से रहश्य दफन हैं समुद्र में। नये दुश्मन पैदा होने वाले हैं हमारे।

डॅड. बेटा, जो भी करना सभाल के करना। मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता। एक बार खाने का दर्द देख चुका है, अब दोबारा नहीं सह पाऊँगा।

वीर- डैड आप निश्चित रहें, कुछ नहीं होगा आपके बेटे को। हाँ तो कौन-कौन चलना चाहेगा कालेज? वहां का हाल-चाल भी देख लिया जाए।

फिर सभी जाश्ता करते हैं।

उधर जगल में आदिमानव जो आधे इसान और आधे जानबर थे, की मीटिंग चल रही थी। उनका सरदार बड़े से सिंहासन पे बैठा बात कर रहा था।

सरदार- अब समय आ गया है हमला करने का। बहुत समय इंतजार कर लिया।

नरभक्षी|- सरदार माफी चाहंगा, पर क्या हम एक बार उस जिन्न के राजा की शक्ति को पाख लेते तो हमें पता चल जाता की वो कितना ताकतवर है? सुना है भेड़ियों और वैम्पायर के नये राजा बने हैं, और वो दोनों उस जिन्न राजा के दोस्त हैं।

सरदार- ठीक है। एक ताकतवर टुकड़ी को भेजो पहले हमला करने के लिए। मैं भी तो देखें क्या चीज है वो? आज ही हमले की तैयारी करो। 100 साल की मेरी तपस्या से जो मैंने शक्तियां हासिल की हैं, उनको आजमाने का समय आ गया है।

उधर सब एक साथ कालेज में एंटेरी करते हैं। आज फिर सब स्टूडेंट इन्हें ही देख रहे थे। एक से बढ़कर एक गाड़ी कालेज में एंटर होती हैं। गाड़ियां पार्क करके सबसे पहले वीर बाहर निकलता है। जिसे देखकर लड़कियां आहें भरने लगती हैं।

सब गाड़ियों से बाहर निकलकर कैंटीन की तरफ बढ़ते हैं। कैंटीन में पहुँचकर सब टेबल पर बैठ जाते हैं।

 
जस्सी- कौन-कौन काफी पीयेगा ?

सब काफी के लिए हाथ खड़ा करते हैं। जस्सी काफी आर्डर करता है। थोड़ी देर में काफी आ जाती है, और सब मिलकर काफी पीते हैं। तभी वीर की नजर कालेज के दरवाजे के पास खड़े कुछ लड़कों पर पड़ती है। वीर उन्हें देखते ही समझ जाता है की यह टोनी के भेजे हुए गुन्डे हैं।

बिस्वा- भाई आप कहें तो?

वीर- नहीं, अभी नहीं। देखते हैं की यह क्या करते हैं?

प्रीत. क्या हुआ जान?

वीर- "कुछ नहीं। टोनी के गुन्डे कालेज में हैं। हम पर नजर रख रहे हैं। चलो इन्हें और इसके टोनी को सबक सिखाया जाए.."

वीर और बाकी सब वहां से उठकर निकलते हैं बाहर की ओर। सब गाड़ियों में बैठकर निकल पड़ते हैं, और इनके पीछे वो गुन्डे भी। वीर गाड़ी को टोनी के घर की तरफ करता है।

वीर- चला आज चलकर टोनी को ही मिलते हैं।

टोनी मुंबई के बाहर एक बहुत बड़े बंगले में रह रहा था। कुछ ही दिनों पहले यह मलेशिया से इंडिया आया था। वीर की गाड़ियां टोनी के बंगले के बाहर आकर रुकती हैं। कम से कम 50 के आस-पास गुन्डे गन लिए फू बंगले में हर जगह खड़े थे।

वीर गाड़ी से उतरता है और साथ में बाकी सब भी। वीर को वहां देखकर गुन्डे पहले चौंक जाते हैं, और वीर में गन तान दंतें हैं। जैसे ही वो फायरिंग करने ही वाले थे की वीर उनके माइंड को कंट्रोल कर लेता है और सब गुन्डे एक दूसरे को ही शूट करने लगते हैं।

टोनी अपने बेडरूम में बैठा था। फायरिंग की आवाज सुनकर रूम से बाहर निकलता है तो क्या देखता है की वीर टोनी की चेयर पर बैठा है। यहां पहले टोनी बैठता था।

वीर- आइए टोनी जी। कब से आप मेरे पीछे पड़े थे तो मैंने सोचा की चलो मैं ही आपके पास आ जाता हैं।

टोनी- "बहुत बड़ी गलती कर दी तूने यहां आकर..'

तभी टोनी गज निकालकर फायरिंग कर देता है। एक के बाद एक गोली गन से निकलती है और वीर की तरफ बढ़ती है। पर सारी गोलियां वीर के पास आकर रुक जाती हैं। यह देखकर टोनी चकित हो जाता है।

वीर- टोनी तेरे बस में नहीं है मुझे मारना। पर तुझे तो यह लड़कियां ही मार देंगी।

टोनी- "ओह्ह ... तो तुम जादूगर हो। और क्या कहा की मुझे लड़कियां मार देंगी हाहाहाहा... इन्हें तो मैं अपने बिस्तर पर ले जाऊँगा..."

टोनी साहब अभी इतना ही बोले थे की तभी उसके चेहरा पं चटानक से एक थप्पड़ पड़ता है। और थप्पड़ किसी और ने नहीं संजू ने मारा था। टोनी थप्पड़ खाकर इधर-उधर डोलने लगता है। आँखों के सामने धुंधला-धुंधला सा दिखने लगता है।

संज- "क्या कहा था बिस्तर पे ले जाएगा? तरी तो.." इतना बोलकर संजू टोनी को धोने लगती है। एक मिनट के अंदर टोनी की हालत बहुत खराब हो जाती है।

वीर संजू को साइड करता है, और कहता है- "तूने अपनी हदें पार कर दी टोनी। बहुत जुल्म कर लिया लोगों पर, अब और नहीं..." कहकर वीर आगे बढ़ कर मारने ही वाला था की उसे बिस्वा के देता है।

बिस्वा- भाई आप क्यों कष्ट करते हैं, मैं हूँ ना? आप जाइए।

वीर बाकी सबको साथ लेकर बाहर निकल जाता है। पीके बिस्वा और आशीष दोनों हाथ से एक-एक रोशनी निकालते हैं। रोशनी टोनी पर पड़ते ही टोनी की बाडी की हडिया टूटने लगती हैं, और उसकी चीखें पूरे बंगले में गूँज जाती हैं। पूरी बाडी की हडियां चूर-चूर हो जाती हैं, और टोनी अल्ला का प्यारा।

बस गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं मुंबई की ओर। रास्ते में जंगल के पास पहुँचें ही थे की इन्हें चीखें सुनाई देती हैं। सभी गाड़ियों से उतरकर जंगल के अंदर भागते हैं।

बिस्वा- भाई कोई चाल भी हो सकती है?

वीर- "देखते हैं... और जिस तरफ से चीखें आ रही थीं, सब उस तरफ बढ़ जाते हैं।

सब उस तरफ भागे जा रहे थे की तभी इनके आगे एक आग का गोला आकर गिरा, और ब्लास्ट हुआ। सब पीछे जा गिरते हैं। लेकिन सब ठीक थे किसी को कुछ नहीं हवा था। सब खड़े होते हैं तो देखते हैं की सामने 10 के करीब आदिमानव खड़े थे।

 
सब उस तरफ भागे जा रहे थे की तभी इनके आगे एक आग का गोला आकर गिरा, और ब्लास्ट हुआ। सब पीछे जा गिरते हैं। लेकिन सब ठीक थे किसी को कुछ नहीं हवा था। सब खड़े होते हैं तो देखते हैं की सामने 10 के करीब आदिमानव खड़े थे।

आदिमानव फिर से हमला कर देते हैं। वीर सबके आगे शील्ड बना देता है। आग के गोले शील्ड से टकरा के ब्लास्ट होते रहते हैं।

तभी मोहित अपने भेड़िया के रूप में आ जाता है, जो दिखने में बहुत विशाल और खतरनाक लग रहा था। मोहित का यह रूप देखकर आदिमानव एक बार तो इर जाते हैं। पर फिर भी हमला करते हैं। मोहित गुस्से से एक दहाड़ मारता है। मोहित की दहाड़ से आदिमानवों की रूह तक कॉप जाती है। मोहित आदिमानवा पर हमला कर देता है

मोहित के नुकीले नाखून के आगे आदि मानव टिक नहीं पाते और जख्मी हो जाते हैं। पर जल्द ही सबके जखम भर जाते हैं। यह देखकर अलीजा हवा में खड़ी हो जाती है और और अपनी छड़ी से रोशनी निकालकर उन आदिमानवों पर दे मारती है। जिससे सभी आदि मानव जलकर राख हो जाते हैं।

वीर- एक और नया दुश्मन। यह साला हो क्या रहा है?

मोहित वापिस इंसानी रूप में आ जाता है। यह सब कैसे हवा उनके जरूम कैसे भरे?

बिस्वा- इनके सरदार ने 100 साल तक देवताओं को खुश करने के लिए तपस्या की है। देवताओं ने खुश होकर इसे वरदान में शक्तिया दी हैं। यह हमला तो सिर्फ एक जाँच परख के लिए था। वो देखना चाहते थे की उनका दुश्मन कितना शक्तिशाली है?

मोम- अब वो चुप नहीं बैठेंगे, जरूर बड़ा हमला करेंगे। हमें सावधान रहना होगा।

वीर- चलो कालेज चलते हैं।

फिर सभी वहां से कालेज चले जाते हैं। सब कटीन में जाकर बैठ जाते हैं। वहां एक साइड में अज्जू भी अपने दोस्तों के साथ बैठा था और जल-भुन रहा था।

अज्जू- "साले को ऐसे ही छोड़गा नहीं। बहुत बड़ज्जती की है साले में मेरी..."

तभी कैंटीन में टीवी पर न्यूज फ्लैश होने लगती है- "डान टोनी और उसका साम्राज्य खतम। बहुत बुरी हालत में टोनी और उसके साथियों की मौत। इस खबर में अंडरवल्र्ड में खलबली मचा दी है। कोई नहीं जानता की किसने टोनी और उसके साथियों को मौत के घाट उतारा..."

न्यूज देखकर वीर और उसके साथियों के चेहरा पें स्माइल आ जाती है। यही न्यूज वीर के घरवाले भी देख रहे थे, और समझ जाते हैं की यह काम वीर का ही है।

कालेज में सब क्लास अटेंड करते हैं। कालेज के बाद वीर मौसी के पास जाने का सोचता है, और सबको घर भेजकर वहां से गायब हो जाता है, और पहुँच जाता है मौसी के घर के आगे। वीर दरवाजा खटखटाता है। दरवाजा मौसी खोलती है, और वीर को देखकर खुश हो जाती है और उसके गले लग जाती है।

वीर मौसी के दूध महसूस करता है और उसका पप्पू खड़ा होने लगता है। वीर मौसी को कसकर जकड़ लेता है,

और मौसी की गाण्ड हल्की सी दबा देता है। जिससे मौसी की सिसकी निकल जाती है।

मौसी- मैं तुझसे बहुत गुस्सा हूँ। अब आई अपनी मौसी की याद?

वीर- सारी मौसी... बहुत काम था। देखो फ्री होते ही आ गया। अब माफ भी कर दो मुझे।

 
मौसी- "इस बार माफ करती हैं." कहकर मौसी वीर को पानी देती है, और पूछती है- "घर में सब कैसे हैं? मेरी बच्ची कैसी है?"

वीर- सब ठीक हैं। नैना वहां बहुत खुश है। मौसा जी कहां हैं?

मौसी- वो काम के सिलसिले में बाहर गये हैं।

वीर- यह तो और भी अच्छा है, इससे में अपनी मौसी से टाइम स्पेंड कर पाऊँगा।

मौसी वीर की बात समझ जाती है।

वीर- मौसी सच में आज आप बहुत सुंदर लग रही हो। हाट और सेक्सी ।

मौसी- लाइन मार रहा है। शर्म नहीं आती?

वीर- इसमें कैसी शर्म? आप हो ही इतनी हाट।

मौसी वीर की गोद में बैठ जाती है, और कहती है- "तुझे सच में इतनी हाट लगती हैं तो इतना टाइम क्यों लगा दिया आने में?"

वीर- सारी मौसी। आज आपको वो खुशी दूँगा जो आपको जिंदगी में कभी नहीं मिली होगी।

मौसी वीर को अंदर रूम में ले जाती है और बैंड पे धकेल देती हैं। ऊपर चढ़कर वीर को किस करने लगती है।

वीर- "मौसी आप तो बड़ी उत्तावली हो रही हैंइतना बोलकर वीर भी मौसी को किस करने लगता है।

किस करते-करते वीर का हाथ मौसी के दूध पर चला जाता है, जो आज भी सख्त थे। वीर बड़े प्यार से मौसी के दूध को दबाने लगता है। जिससे मौसी गर्म हो जाती है और वाइल्ड किस करने लगती है। वीर मौसी के कपड़े उतार देता है, और देखता है की मौसी का गोरा बदन चमक रहा था। चूत पे हल्के-हल्के बाल थे।

 
किस करते-करते वीर का हाथ मौसी के दूध पर चला जाता है, जो आज भी सख्त थे। वीर बड़े प्यार से मौसी के दूध को दबाने लगता है। जिससे मौसी गर्म हो जाती है और वाइल्ड किस करने लगती है। वीर मौसी के कपड़े उतार देता है, और देखता है की मौसी का गोरा बदन चमक रहा था। चूत पे हल्के-हल्के बाल थे।

खुद को ऐसे घरता देखकर मौसी शर्मा जाती है और वीर के सीने से लग जाती है, और कहती है- "मेरा तो सब कुछ देख लिया और खुद कपड़ों में बैठा है। मुझे भी तेरा देखना है.."

वीर- मौसीजी क्या देखना है?

मौसी- अरे वो तेरा डंडा।

मौसी की बात सुन वीर हँसने लगता है- "हाहाहाहा... डंडा कौन सा डंडा? खुलकर बोलो मौसीजी.."

मौसी समझ जाती है की वीर ऐसे नहीं मानेगा। कहती है- "मुझे तेरा लण्ड देखना है, अब खुश?"

वीर- तो खुद देख लीजिए मैंने रोका थोड़े है। आज सब कुछ आपका है जो चाहे करें।

मौसी वीर के कपड़े उतारने लगती है। वीर का लण्ड देखकर मौसी की आँखों में चमक आ जाती है और हैरानी से मुह खुल जाता है।

मौसी- "तेरे मौसाजी का लण्ड तो इससे आधा भी नहीं है। आज मेरी बैंड बजने वाली है. फिर मौसी नीचे मुँह करके वीर के लण्ड को किस करती है और चूसने लगती है।

वीर ऐसे ही शाम तक मौसी को चोदता है, और फिर जल्दी आने का बोलकर वहां से निकल जाता है। मौसी बहुत रोकने की कोशिश करती है पर वीर जल्दी आने का बोलकर निकल जाता है। वीर घर पहुँच जाता है।

मोम- मिल आया अपनी मौसी से। कैसी है मेरी बहन?

वीर- ठीक है आप सबको याद करती है।

नैना. भइया मुझे भी साथ ले जाते। मैं भी मिल आती माँ से।

वीर- इसमें कौन सी बड़ी बात है। तेरे पास तेरा जिन्न तो है ही। उसे बोल तुझे सवेरे ले जाएगा। दो-चार दिन अपनी माँ के पास रहकर आना।

मोम- ही यह ठीक रहेगा।

वीर- कल हम निकल रहे हैं, अगले सफर की ओर। और इस बार ज्यादा लोग नहीं जाएंगे। वहां खतरा बहुत है। मेरे साथ अलीजा, बिस्वा, मोहित, आशीष, संजू बस हम हो जाएंगे। मोम आप सारे परिवार को साथ लेकर जिन्न-लोक चली जाना। मेरे पीछे यहां हमला हो सकता है।

मोम- पर बेटू मुझे तेरे साथ जाना था।

वीर- नहीं मोम, इस बार नहीं। वहां आप हेड होंगी और मेरे बाकी के परिवार को वहां गुरुजी जिन्न बनाएंगे। वैसे में वहां आपका होना जरूरी है। आप में मेरी शक्ति है जिससे आपका वहां बाकी के परिवार के साथ होना जरी है। मैं आपके जरिए अपनी शक्ति के कुछ अंश घर वालों में भेजंगा, जिससे यह जिन्न बनेंगे। असल में यह काम गुरुजी और मेरा है, पर मैं आपके जरिए यह सब कर लूंगा। मेरा जाना जरती है।

माम- ठीक है बेटू जैसा तुम्हें ठीक लगे।

फिर सब डिनर कर सो जाते हैं।

***** *****

 
अगले दिन मैं 4:00 बजे उठ गया। मैंने मोम, प्रीत और संज को किस किया। तीनों मेरी किस से उठ गईं थीं। मैंने संजू को तैयार होने को कहा। मैं फ्रेश होकर नीचे आया, यहां मोहित, जस्सी, अलीजा, और आशीष तैयार बैठे थे। थोड़ी देर में बाकी सब घरवाले भी तैयार होकर नीचे आ चुके थे।

वीर- मोम, मेरे जाने के बाद आप भी जिन्न-लोक चले जाना, सबको साथ लेकर।

मोम- ठीक है बेट।

वीर- "चलो हम चलते हैं.." फिर मैं और मेरी टीम सबसे मिल निकलते हैं अपने अनर्देखें सफर की तरफ।

मैंजे एक बोट तैयार की, और हम सब उसमें बैठकर निकल पड़ते हैं। मैं बोट में एक बनें एक रूम में बैठा था की तभी वहां संजू और अलीजा आती हैं।

संज- जान, मुझे तुमसे एक जरूरी बात करनी है अलीजा के बारे में।

संजू की बात सुनकर अलीजा हैरान हो जाती है।

वीर- हौं बोला जान?

अलीजा की धड़कन तेज चलने लगती है।

संज- "जाज, बात यह है की अलीजा तुम्हें प्यार करती है। मैंने उसकी आँखों में तुम्हारे लिए बहुत प्यार देखा है.." और संजू ने दोनों पे बाम्ब फोड़ दिया था।

अलीजा सिर नीचें किए बैठी थी।

वीर- अलीजा, संजू सही कह रही है?

अलीजा- जी वीर जी, मैं आपसे बहुत प्यार करती हैं। तब से जबसे आपको पहली बार देखा था।

वीर- अलीजा तुम्हें पता है ना मेरी आलरेडी दो शादी हो चुकी है।

अलीजा- जी पता है। बस मैं आपके कदमों में भी जिंदगी गुजार दूँगी।

वीर- "यह क्या कह रही हो अलीजा? तुम्हारी जगह मेरे कदमों में नहीं, मेरे दिल में है.." और वीर आगे बढ़कर अलीजा को गले लगा लेता है।

संजू- "मैं भी हूँ.."

वीर संजू को भी गले लगा लेता है, और कहता है- "वाह... इस सफर में एक और हमसफर मिल गया। चलो पार्टी करते हैं..." फिर वीर हाथ आगे करता है और वहां पार्टी का सारा सामान आ जाता है। वीर जस्सी, आशीष, और माहित को भी बुला लेता है।

जस्सी- भाई वैसे पार्टी किसलिए?

संजू अलीजा की तरफ हाथ करके- "वीर के खाते में एक और छोकरी के लिए."

 
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