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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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कड़ी_65

नीलम- आप सबको क्या हुआ, ऐसे क्यों हँस रहे हो?

मोम- “खबरदार... जो मेरी बेटियों पर हँसा कोई। आओ बच्चो तुम मेरे पास आ जाओ."

दोनों मोम के पास चली जाती हैं।

वीर- मोहित जस्सी जाओ दोनों को साथ ले जाओ और घूम आओ, मूवी वगेरा देख आओ।

संज- वीर एक काम कर, तु भी चला जा। साथ में जूलिया को ले जा। बोल रही थी उसे भी देखना है सिनेमा।

वीर- "ठीक है। जाओ जूलिया तैयार हो जाओ। फिर तैयार होकर निकलते हैं घूमने.."

दिल ही दिल में जूलिया बहुत खुश हो रही थी, वीर का साथ पाकर।

वीर- हाँ तो भाई लोग पहले कहां चलें?

निशु- पहले मूवी चलते हैं।

जस्सी- हाँ यही ठीक है।

फिर सब वहां से मूवी देखने चल देते हैं। वहां एक हालीवुड मूवी लगी हुई थी। मोहित टिकेट लेकर आता है और चल देते हैं मूवी देखने। मोहित टिकेट रूम की लेकर आया था। जस्सी और निशु एक रूम में, मोहित और नीलम दूसरे रूम में, और वीर और जूलिया तीसरे रूम में।

नीलम- यह क्या अलग-अलग क्यों?

मोहित- क्योंकी मैं तुम्हारे साथ अकेले में टाइम स्पेंड करना चाहता हूँ।

नीलम- क्यों ऐसा क्या टाइम स्पेंड करना है तुझे?

मोहित- पता नहीं नीलम कैसे? लेकिन जब से तुम्हें देखा है तब से मैं पागल हो गया हूँ। हर तरफ बस तुम ही तुम नजर आती हो। आई रियली लव यू। और यह कोई आकर्षण नहीं है।

मोहित की बात पे नीलम एकदम चुप खड़ी मोहित को ही देखे जा रही थी।

मोहित- नीलम कुछ तो बोलो?

नीलम- "मोहित सच तो यह है की मैं भी तुम्हें चाहने लगी हूँ। आई लव यू टू.” बोलकर नीलम मोहित को हग कर लेती है।

उधर जस्सी- “निशु, कभी तुमने किसी से प्यार किया है?”

निशु- नहीं, क्यों?

जस्सी- मुझे हो गया है।

निशु थोड़ा उदास होकर- “किससे?"

जस्सी- तुमसे। निशु तुमसे पहले दिन से ही।

निशु जस्सी की बात सुनकर पहले तो उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं।

जस्सी- प्लीज़्ज... निशु आई आम सारी... रोओ नहीं। दोबारा ऐसा कभी नहीं कहूंगा।

जस्सी अभी इतना ही बोल पाया था की निश भाग के उसके गले लग जाती है, और अपने होंठ जस्सी के होंठों के साथ जोड़ देती है। जस्सी तो मानो हवा में उड़ने लगता है।

निशु- मुझे भी तुमसे प्यार हो गया है, जस्सी आई लव यू।
 
उधर हमारा हीरो।

जूलिया- वीर तुम्हारी शादी हो गई है ना?

वीर- हाँ मेरी शादी संजू, प्रीत, और अलीजा से। अलीजा से शादी बस थोड़े दिनों में हो जाएगी।

जूलिया- कितनी शादी करोगे?

वीर- हाहाहाहा... जितनी मेरी चाहने वाली होंगी।

जूलिया- ऐसे ही किसी से भी शादी कर लोगे?

वीर- नहीं ऐसी नहीं। जो दिल के बहुत करीब हो।

फिर दोनों ऐसे ही मूवी देखने लगते हैं। मूवी खतम होने पर सब बाहर आते हैं। जस्सी और मोहित अपनी-अपनी गर्लफ्रेंड के हाथ में हाथ डालकर बाहर आते हैं। जिसे देखकर वीर को शैतानी सूझती है।

वीर- “यह क्या निशु और नीलम? तुम दोनों ने मेरा दिल तोड़ दिया। मैं तुमसे इतना प्यार करता था और तुम दोनों ने मुझे छोड़कर इनको चुन लिया..”

वीर की बात सुनकर चारों चकित हो जाते हैं।

वीर- आज मेरा दिल टूट गया। जूलिया चल यहां से, यहां कोई अपना नहीं है।

वीर का इतना कहना था की दोनों वहां से चलने लगते हैं। और यहां चारों पूरी ततरह चकित होकर खड़े थे। उन्हें समझ में नहीं आ रहा था की यह क्या हवा?

तभी वीर जोर-जोर से हँसने लगता है। वीर की हँसी देखकर चारों के चेहरे पे भी स्माइल आ जाती है। वीर

अपनी बाहें खोलकर खड़ा हो जाता है। जिसे देखकर चारों भागकर वीर के गले लग जाते हैं।

वीर- आज मैं बहुत खुश हूँ यारोंम और सारी मजाक के लिए।

जस्सी- यार तूने तो जान ही निकाल दी थी।

नीलम- और नहीं तो क्या?

निशु- ऐसा भी कोई करता है क्या?

मोहित- भाई मुझे तो लगा की जैसे हमने आपका सच में दिल तोड़ दिया हो।

वीर- पागलों, तुम चारों के लिए मैं बहुत खुश हूँ। और वैसे भी मेरे पास जूलिया जैसी हाट कुड़ी है। मैं तुम चारों के बीच क्यों आऊँगा?

जूलिया वीर की बात पे शर्मा जाती है।

वीर- चलो अब आज किसी ढाबे पे बैठकर रोटी खाएंगे।

फिर सभी वहां से निकल पड़ते हैं। अभी बाहर निकले ही थे की एक लड़का जूलिया से टकरा जाता है। लड़का दिखने में कोई आवारा लग रहा था।

लड़का- “ओहह... छमिया देखकर चल, वरना कछ टूट जाएगा..."

लड़के की बात सुनकर जस्सी आगे आने लगता है पर वीर उसका हाथ पकड़ लेता है- "चलो यहां से..."

लड़का- ऐ छोरी चल मेरे साथ। इन डरपोकों के साथ क्या रखा है?

जूलिया- "बेटा तुझे डरपोक लगते हैं। एक काम कर तेरे जितने आदमी है ना ले आ। हम हाइवे पे बने ढाबे पे जा रहे हैं। हिम्मत है तो आ जाना वहां..” बोलकर जूलिया वीर का हाथ पकड़कर बाहर की तरफ चल देती है।

निशु और नीलम तो चकित थी की जूलिया क्या बोल रही है? उन्हें डर भी लग रहा था।

नीलम- मोहित चलो घर चलते हैं।

मोहित- जान मुझपे भरोसा तो है ना?

जूलिया- नीलम डर नहीं, तेरी बहन तेरे साथ है।

फिर सब वहां से ढाबे पर आकर बैठ जाते हैं। ज्यादा भीड़ नहीं थी। एक दो लोग ही थे। क्योंकी रात के 10:00 बज चुके थे।
 
उधर वो लड़का भागकर अपने साथियों के पास जाता है, और उन्हें सारी बात बता देता है। वहां से वो करीब 15 16 लोग निकलते है ढाबे की तरफ।

वीर और पार्टी ढाबे पर जाकर बैठ जाती है। वीर कहता है- “हाँ भाई तो मित्रों डस्सो की खाओगे?"

जस्सी- भाई मैंता आज मक्की दी रोटी ते सरसो दा साग खाना ये।

वीर- की गल जस्सी तूता बड़ी चांगी पुनबी बोल लेना।

जस्सी- भाई मैं खुद पंजाबी हूँ।

वीर- बाकी सब भी यही खाएंगे क्या?

निशु- हाँ मुझे भी यही खाना है। मैं देखना चाहती हूँ कैसा टेस्ट होता है।

वीर सबके लिए रोटी आर्डर करता है। तभी वहां दो गाड़ियां आकर रुकती हैं।

तब तक इनका खाना भी आ जाता है। वीर बोला- “तुम लोग खाना खाओ, मैं इन्हें देखता हूँ.."

जूलिया- नहीं वीर तुम सब खाना खाओ। इनको तो मैं मजा चखाती हूँ।

नीलम- यह क्या कह रही हो? वो बहुत सारे हैं।

"

जूलिया- “यह... यह तो बहुत कम हैं... बहुत कम..” बोलकर जूलिया वहां से उठ जाती है।

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मोहित, जस्सी और वीर खाने का लुफ्ट उठाने लगते हैं।

नीलम- तुम लोग आराम से खाना खा रहे हो और वहां जूलिया अकेली गई है। मोहित मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी।

मोहित- जान दो मिनट रुक, तुम्हें सब पता चल जाएगा।

उधर जूलिया उन गुण्डों के सामने जाकर खड़ी हो जाती है।

*****

*****

जूलिया- कौन पहले आएगा?

जिससे जूलिया का पंगा हुआ था वो आगे आता है।

गुन्डा1- “मेरी छमिया, आज तो तुझे बिस्तर पर लेकर ही जाऊँगा..." इतना बोलकर वो गुन्डा आगे आता है।

अपना हाथ आगे करके जूलिया को पकड़ने ही वाला था की तभी जूलिया उसके हाथ को पकड़कर घुमाकर जमीन पर दे मारती है। यह इतनी जल्दी हवा की कोई देख ही नहीं पाया की क्या हुआ।

यहां नीलम और निशु चकित होकर खड़ी सब देख रही थी।

उनमें से एक आदमी आगे आकर अपने साथी की हालत देखता है।

जूलिया- "वो अब कभी नहीं उठेगा..."

जूलिया की बात सुन सबके सब चकित हो जाते हैं।

जूलिया- वीर ढाबे वालों के माइंड को फ्रीज कर दो। असली खेल शुरू करना है।

वीर बैठा-बैठा माइंड टु माइंड ढाबे वालों का माइंड फ्रीज कर देता है।

तभी उनमें से दो गुन्डे हाथ में बेसबाल बैट लिए जूलिया की तरफ भागते हैं। जैस ही वो वार करने वाले थे की जूलिया नीचे बैठकर दोनों हाथ से उन गुन्डों के पेट में पंच जड़ देती है। जिससे वो गुन्डे उड़ते हुए अपने साथियों से टकरा जाते हैं। सबके सब जमीन पर गिर जाते हैं। जिसको पंच लगा था वो तो तो ऊपर वाले को प्यारे हो जाते हैं। बाकी बचे गुन्डों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।

जूलिया- भाई लोग मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है जल्दी आ जाओ। मुझे भूख बहुत लगी है। ‘

उधर जस्सी- “ओहह... ला भाई लस्सी लेकर आ...” जस्सी की बात पे वीर और मोहित हँस पड़ते हैं और वहां नीलम और निशु आँखें निकालकर जस्सी को देखे जा रही थी।

जस्सी- ऐसे मत देखो लस्सी पीती नू बहुत टाइम हो गया।

जूलिया पूरी स्पीड से भागती है, और जब रुकती है तो वहां सब गुन्डे जमीन पर पड़े चीख चिल्ला रहे थे।

वीर- जूलिया खतम करो जल्दी।

फिर जूलिया हाथ से रोशनी निकालकर उन सब पर दे मारती है, और सबके सब ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे पहले कुछ था ही नहीं। फिर जूलिया वहां से वापिस आकर बैठ जाती है और खाना खाने लगती है।

वहीं नीलम और निशु चकित खड़ी आँखें फाड़े जूलिया को देखे जा रही थी।

नीलम- क-कौन हो तुम लोग, क्या हो?

मोहित- नीलम हम आम इंसान नहीं हैं।

निशु- प्लीज्ज... मुझे डर लग रहा है।

जस्सी- बेबी डर क्यों रही हो?

वीर- जस्सी मोहित इन्हें सब बता दो। टाइम आ गया है सब बताने का।

इसके बाद जस्सी और मोहित नीलम और निशु को सब बता देते हैं। जिसे सुनकर दोनों आँखें फाड़े सबको देखे जा रही थीं।

नीलम- मतलब वीर जिन्न-लोक का राजा है, और मोहित तू भेड़िया?

निशु- जस्सी तुम वैम्पायर हो। इसका मतलब वीर की पूरी परिवार जिन्न जिन्नी है।

वीर- हाँ निशु, और कुछ दिनों में तुम दोनों भी हममें से एक होगी।

जस्सी- भाई अगर आप कहें तो मैं निशु को वैम्पायर बना दूं?

वीर- बना सकते हो, पर इसे जिन्नी भी बनना होगा, जैसे तुम थे। वैम्पायर सूरज के सामने नहीं आ सकते लेकिन जब यह जिन्नी बन जायेगी तब यह सूरज के सामने निकल सकती है। और ऐसा ही मोहित तुम करोगे।
 
नीलम- और जूलिया का क्या सीन है?

वीर- जूलिया मार्गन प्लैनेट की है। वहां इसके प्लैनेट पर किसी जार्डन ने हमला कर दिया। उसे शक्तिपुंज चाहिए था जो इनके प्लैनेट और इनके साथी प्लैनेट ने मिलकर बनाया था। जैसे की वहां सबसे ताकतवर जार्डन के बाद जूलिया ही थी, जिसे वो शक्ति सौंपी गई थी। पर इसकी बाडी उस शक्ति को संभाल नहीं पा रही थी।

निशु- अब वो शक्ति कहां है?

वीर- अब वो शक्ति मेरे अंदर है। इसके डैड ने मुझे ढूँढा और जूलिया को यहां भेज दिया।

नीलम- अच्छा, अब हमें क्या करना होगा आप जैसा बनने के लिए? क्योंकी मैं अब मोहित से एक पल भी दूर नहीं रह पाऊँगी।

वीर- "ठीक है। चलो...” इतना बोलकर वीर आँख बंद करता है, और पलक झपकते ही सभी जिन्न-लोक में होते हैं।

नीलम और निश् यह देखकर डर जाती हैं, और दोनों जस्सी और मोहित के साथ लगकर खड़ी हो जाती हैं।

नीलम- यह हम कहां आ गये?

मोहित- यह जिन्न-लोक है नीलू।

फिर सब गुरुजी के पास जाते हैं। यहां गुरुजी दोनों लड़कियों को आशीर्वाद देते हैं। उसके बाद वीर दोनों लड़कियों के अंदर अपनी शक्ति के कुछ अंश डाल देता है। इस टाइम वीर इतना शक्तिशाली हो गया था की जार्डन तो क्या उसके जैसे 10 और उसके सामने खड़े हो जाएं तो वीर उन्हें आसानी से खतम कर सकता था।

वीर नीलम और निशु को उनकी बाडी के हिसाब से शक्ति देता है, जितना उनकी बाडी संभाल सके। साथ में हर एक चीज का ज्ञान भी।

तभी गुरुजी- “मोहित और जस्सी, अब तुम दोनों अपना काम करो। समय आ गया है। इन्हें भी वीर के परिवार

का हिस्सा बना दो.."

जस्सी- "जान थोड़ा दर्द होगा..."

इतना बोलकर जस्सी अपने नुकीले दाँत निकालकर निशु की गर्दन पर काट लेता है। जैसे ही जस्सी काटता है, निशु की चीख निकल जाती है। कुछ ही देर में निशु बेहोश हो जाती है। उसके बाद मोहित अपने नुकीले नाखून निकालकर नीलम की पीठ पर दबा देता है। नीलम के साथ भी वैसा ही होता है।

गुरुजी- “जब इसे होश आएगा तब तक यह दोनों पूरी तरह से बदल जाएंगी। और एक बात यह दोनों लड़कियां जूलिया और वीर को छोड़कर तुम सबसे ज्यादा ताकतवर होंगी। क्योंकी अब वीर की शक्ति के कुछ अंश ही बहुत ताकतवर बना सकते हैं.." गुरुजी ने फिर कहा- "मोहित जस्सी तुम दोनों अपनी सेना खड़ी करो, क्योंकी आने वाले वक्त में उनकी जरूरत पड़ेगी। महाराज कल आप जल्दी आ जाना ट्रेनिंग शुरू करनी है.."

फिर सब वहां से वापिस धरती-लोक आ जाते हैं। मोहित और जस्सी नीलम और निशु को एक रूम में बेड पर लेटा देते हैं।

मोम- क्या हुआ इन्हें?

वीर- कल सुबह यह दोनों भी हममें से एक होंगी।

मोम- ओह्ह... यह तो खुशी की बात है।

ऐसे ही सब कछ देर बात करते हैं, और चल देते हैं सोने। रात को वीर अपनी बीवियों को प्यार करता है और सो जाता है।

उधर रातों-रात निशु और नीलम की बाडी में बहुत बदलाव आ चुके थे। वो दोनों बहुत ताकतवर हो चुकी थीं और

पहले से कहीं ज्यादा आकर्षक बन गई थी।

अगले दिन सवेरे वीर जल्दी उठ जाता है, और फ्रेश होकर योग-साधना में लीन हो जाता है। वीर देखना चाहता था की जो शक्ति उसे जूलिया से मिली है वो किस हद तक ताकतवर है। वीर साधना में ही उस शक्ति को अच्छे से जाँचता परखता है। उसे एहसास होता है की उसकी सोच से भी कहीं ज्यादा ताकत है उस शक्ति में। कुछ भी समझ लो पर नई शक्तियां नई मुसीबतें भी लेकर आती हैं।

दो घंटे साधना करने के बाद वीर अपने रूम में जाकर फ्रेश होता है, और तैयार होकर ड्राइंगरूम में बैठ जाता है। तभी वहां सब आ जाते हैं। और बातचीत करने लगते हैं।

थोड़ी देर में नीलम और निशु भी वहां आती हैं। सब दोनों की खूबसूरती में खो से जाते हैं। क्योंकी दोनों बहुत खूबसूरत लग रही थी। दोनों को अपने अंदर एक अलग ही उर्जा महसूस हो रही थी। दोनों आगे बढ़कर वीर को झुक के गुड मार्निंग करती हैं।

नीलम और निशु एक साथ- “गुड मार्निंग महाराज..."

वीर- गुड मार्निग निशु नीलम, और हाँ। मैं राजा सिर्फ जिन्न-लोक में हूँ, यहां नहीं यार। जस्ट चिल।

नीलम- ओके वीर। थैक्स हम दोनों को परिवार में शामिल करने के लिए।

वीर- “ओहह... कम ओन। चलो भाई चलें आज तुम सबकी ट्रेनिंग है.." फिर सब वहां से जिन्न-लोक पहुँच जाते

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***** *****
 
कड़ी_67 जिन्न-लोक

गुरुजी से मिलते हैं। फिर वहां से सब एक बड़े से ग्राउंड में चले जाते हैं, यहां एक तरफ सेना खड़ी थी और एक तरफ वीर का परिवार।

वीर- जूलिया काम शुरू करो।

जूलिया- तो दोस्तों आप सबके लिए मेरी सिखाई हुई फाइट को सीखना कोई मुश्किल काम नहीं है। क्योंकी आप सबके पास पहले से ही बहुत पावर्स हैं। आप कुछ भी कर सकते हैं। आज मैं आपको जो सिखाऊँगी अपने कान और आँख खोलकर देखें और सुनें। सबसे पहले सब अपनी-अपनी आँखें बंद करके अपनी अंदरूनी शक्ति को जगाएं।

जूलिया वीर से- "वीर आप नहीं। अगर आपकी अंदरूनी शक्ति जाग गई तो यहां तूफान आ जाएगा..."

वीर- “हाहाहाहा... मैं जानता हूँ इसीलिए मैंने पहले ही अंदरूनी शक्ति को काबू में कर लिया है। नमूना दिखाऊँ?” इतना बोलकर वीर आँखें बंद करता है, और अपना एक हाथ सेना की तरफ करके ऊपर उठाता है।

5 लाख सेना ऐसे हवा में उठ गई जैसे वो कोई फूल हो। वहां खड़े सब के सब चकित हो गये साथ में गरुजी भी। फिर वीर सब सेना को आराम से नीचे ला देता है।

गुरुजी- असम्भव... इतनी शक्ति महाराज?

वीर- जी गुरुजी। आज सुबह ही मैंने इस नई शक्ति पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया था। मेरी सोच से भी कहीं ज्यादा ताकत है इस शक्ति में।

जूलिया- “यह बहुत अच्छा है। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा की तुमने हजारो प्लैनेट की शक्ति को काबू कर लिया..."

फिर जूलिया सबको 4 घंटे तक ट्रेनिंग देती है। कैसे नये हथियार को तैयार करना? कैसे किसी भी मशीन को तैयार करना? शील्ड तैयार करना? और बहुत सी लड़ाई की कलायें।

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फिर सब वहां से कालेज चले जाते हैं, जिन्हें कालेज जाना था। आज साथ में मोम, नैना, प्रिया, विशु सब साथ में ही आए थे। आज भी सेम रिएक्सन था कालेज में, सब इन्हें ही देख रहे थे। यहां लड़के वीर से जल रहे थे, वहीं लड़कियां लड़कियों से जल रही थीं। सब कँटीन में बैठ जाते हैं।

उधर मार्गन प्लैनेट में जार्डन गुस्से में इधर से उधर घूम रहा था। तभी वहां एक रोबोट टाइप लड़का आता है।

रोबोट- महाराज की जय हो।

जार्डन- बोलो क्या खबर लाए हो, पता चला कुछ?

रोबोट- जी महाराज। हमारा यंत्र जो जूलिया का पीछा कर रहा था तो उसकी आखिरी लोकेशन धरती के बिल्कुल नजदीक की है। धरती से 100 किलोमीटर दूर। और धरती के आसपास कोई भी प्लैनेट नहीं है, लाखों किलोमीटर के आस-पास भी नहीं।

जार्डन- “हाहाहाहा... इसका मतलब वो जूलिया धरती पर गई है। सेनापति को भेजो..."

रोबोट- “महाराज की जय हो...” इतना बोलकर वो लड़का वहां से चला जाता है। थोड़ी देर बाद एक 7 फूट का आदमी आता है। जिसकी बाडी देखने लायक थी। चौड़ा सीना आँखों में चमक।

सेनापति- महाराज की जय हो। आपने हमें याद किया।

जाईन- हाँ आडी आओ। जूलिया का पता चल गया है। तुम अपने साथ सबसे ताकतवर सैनिक लेकर जाओ और उस जूलिया को लेकर आओ, जिंदा या मुर्दा। मुझे किसी भी कीमत पर वो चाहिए। अपने साथ एरोन को भी ले जाना। एक वही है जो मेरे बाद ताकतवर है- मेरा बेटा एरोन।

सेनापति- “जी महाराज हम आज ही निकल पड़ते हैं...” इतना बोलकर वो महाराज को सलाम करके वहां से चला जाता है।

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इधर वीर को प्रिंसिपल बुलाता है। वीर वहां से सीधा प्रिंसिपल आफिस जाता है।

प्रिंसिपल- आओ बेटा, कैसे हो?

वीर- गुड मार्निंग सर, मैं ठीक हूँ सर।

प्रिंसिपल- वीर तुमने लिस्ट पढ़ ली गेम्स की?

वीर- जी सर। मैं तैयार हूँ, और सर मेरे सारे दोस्त गेम्स में हिस्सा लेंगे और मेरा वादा है की जितनी गेम्स हैं। इस बार सारी अपने कालेज के नाम होंगी। आप मेरे साथ स्पोर्टस टीचर को भेज दें। हम बाकी स्टूडेंट्स को भी सेलेक्ट कर लेते हैं।

प्रिंसिपल स्पोर्टस टीचर को बुलाता है- “रमण, इनसे मिलो यह हैं वीर, और वीर यह है तुम्हारे स्पोर्टस टीचर रमण..."

वीर- गुड मार्निंग सर।

रमण- सर, इन्हें कौन नहीं जानता।

प्रिंसिपल- रमण, आप इनके साथ जाओ और स्टूडेंट्स को सेलेक्ट कर लो।

फिर वीर और रमण आफिस से बाहर आते हैं, और ग्राउंड में चले जाते हैं।

जिंदगी मस्त है। इतना पैसा, इतनी केयरिंग परिवार। हम तो बस घर से कालेज और

रमण- वीर कालेज से घर।

वीर- सर किश्मत की बात है। यहां आप आराम से जिंदगी जी रहे है। वहीं मझे मारने के लिए लोगों की लाइन लगी हुई है।

फिर दोनों ग्राउंड पहुँच जाते हैं।

वीर- सर, आप स्टूडेंट सेलेक्ट कीजिए। फिर मेरे दोस्तों के साथ उनका मैच करवाते हैं।

रमण- “ठीक है..." और रमण अपने गिने चुने स्टूडेंट को आवाज देता है।

सबसे पहले रेस करवाई जाती है। जिसमें जस्सी की जगह निशु पार्ट लेती है।

लड़का- “क्या लड़की रेस में हिस्सा लेगी मेरे साथ, हार जाओगी हाहाहाहा..."

निशु- "रेस शुरू करें?"

तीन तक गिनती करने के बाद दोनों दौड़ने लगते हैं। पहले तो निशु अपनी नार्मल स्पीड से भागना शुरू करती है। जिससे वो लड़का निशु को चिढ़ाने लगता है। यह देखकर निशु स्माइल करके अपनी स्पीड बढ़ा देती है। और देखते ही देखते वो लड़का निशु से बहुत पीछे रह जाता है। और निशु रेस जीत जाती है।

निशु उस लड़के से- “अब कौन हारा? हाहाहाहा.."

रमण- वाह... निशु तुम तो बहुत फास्ट हो। वीर रेस के लिए निशु ही रहेगी।

फिर ऐसे ही सारे गेम्स में वीर के सारे दोस्त सेलेक्ट हो जाते हैं। बाक्सिंग, स्विमिंग, बैडमिन्टन वोलीबोल्ल,

स्टडी रिलेटेड क्वेस्चन्स आन्स और एट्सेटरा गेम्स में।

वहां से फ्री होकर सब कँटीन में जाते हैं, यहां अज्जू अपने लफंगों के साथ बैठा था। नीलम को मोहित के साथ देखकर उसकी जलने लगती है।

अज्जू- “यह साले जब से यहां आए हैं। मेरी जिंदगी नर्क बन गई है। यहां पहले सब मेरे से डरते थे, अब वहीं लोग मेरे पे हँसते हैं..."

लड़का- भाई अगर ऐसा रहा तो हम सबकी जिंदगी नर्क बन ही जाएगी। कुछ तो करना ही होगा। और ऊपर से तेरे डैड भी इससे डरते हैं।

अज्जू- साला बहत पावर्स वाला है। लाखो लोगों के लिए घर बनवा रहा है, वो भी फ्री में। हम इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

उधर यू.एस.ए. की कोम्पनी ने काम शुरू कर दिया था। शहर के पास ही बहुत बड़ी खाली पड़ी जमीन को अवनी खरीदकर वीर के नाम कर चुकी थी। यहां काम शुरू हो चुका था घर बनाने का। अवनी ने जादू से बहुत से लोगों को यू.एस.ए. से आए लोगों में शामिल कर दिया था।
 
इधर मोम- “वीर गेम्स कब शुरू हो रही हैं?"

वीर- दो हफ्ते बाद।

मोम- हाँ। फिर तो बहुत टाइम है।

प्रीत- वीर मैं क्या कहती हूँ की अगर आप कहें तो मैं भाई और डैड से मिल आऊँ।

वीर- डार्लिंग इसमें पूछने की क्या बात है? जाकर आओ। साथ में संजू, प्रिया, नैना, परी, नेहा, विशु सबको ले जाओ और साथ में घूम भी आना।

प्रीत- ओहह... बैंक माई बेबी। लड़कियां चलो।

जिसने प्रीत के साथ जाना था वो सब लड़कियां वहां से चली जाती हैं।

वीर- “बिस्वा इनके साथ जाओ और साए की तरह साथ रहना। आशीष तुम भी चले जाओ.." फिर वो दोनों भी निकल जाते हैं।

और उधर इनकी तरफ बड़ा खतरा आ रहा था, जिससे वीर और कोम्पनी बिल्कुल अंजान थी।

*

प्रीत और पार्टी गाड़ी से निकल जाते हैं अपनी परिवार को मिलने।

इधर मोम- चल बेटू घर चलते हैं।

वीर- “चलो.." फिर सब घर की तरफ निकल पड़ते हैं, साथ में निशु और नीलम भी।

नीलम और निशु दोनों ने अपनी-अपनी परिवार से बात कर ली थी, और जादू से से सब सेट कर दिया था की वो आज से वीर के घर ही रहेगी।

सब ड्राइंगरूम में बैठ जाते हैं। वहां डैड और चाचाजी आते हैं।

वीर- "डैड चाचाजी आओ। कब आए?” और वीर जाकर उनके गले मिलता है।

डैड- पहले तो बधाईयां नये पावर्स के लिए।

वीर- थैक्स डैड। इनसे मिलिए हमारी नये तीन परिवार मेंबर्ज- निशु, नीलम, और यह है जूलिया जिससे पावर मिली है मुझे।

ओल्ड रूप में ही थे। डैड आगे बढ़कर तीनों को प्यार देते हैं, और परिवार में स्वागत बोलते हैं। ऐसे ही चाचाजी करते हैं।

डैड- बेटा वो टेंडर हमें ही मिला है। अब इस प्राजेक्ट से जितना पैसा कमाएंगे वो सब अनाथ बच्चों और बुजर्गों के लिए इश्तेमाल होगा। चाचाजी और हम दोनों बहुत खुश हैं, जो तुम सबने बेघर लोगों के लिए घर बनाने का सोचा। आई आम प्राउड आफ यू।

फिर ऐसे ही थोड़ी देर बात करते हैं। वीर अपने रूम में बैठा था और उसके साथ जूलिया और अलीजा थी।

वीर- जूलिया यह जोर्डन को पावर्स कहां से मिली हैं?

जूलिया- वीर उसे भी पावर्स प्लैनेट से है मिली हैं। पर उसे कुछ पावर्स एलियन से मिली हैं।

वीर- एलियन।

जूलिया- हमारे प्लैनेट से लाखों किलोमीटर दूर एक एलियन प्लैनेट है। एक नहीं बहुत से है। वहां एक रीत चलती है। वहां के एलियन हर 100 साल बाद एक रीत चलाते हैं। वहां एक पेड़ है जो हर 100 साल बाद एक जादू के पत्थर को जनम देता है। जिसमें बहुत पावर्स होती हैं। इस रीत में 100 एलियन से लड़ना होता है। मैच वाइज। और जोर्डन पहले से ही शक्तिशाली था। इसने उस रीत में हिस्सा लिया और धोखे से उन 100 एलियन को मार गिराया। किसी को नहीं पता था की जोर्डन ने धोखा दिया है। जब तक एलियन को पता चलता तब तक जोर्डन पत्थर को हासिल कर चुका था। पत्थर हासिल करने के बाद कोई उसका मुकाबला नहीं कर सकता था।

इसलिए सबने घुटने टेक दिए। वो प्लैनेट बुल्कुल तबाह हो गया। कहा जाता है की उसके जैसे और भी बहुत प्लैनेट हैं। जिसे कोई भी ढूँढ नहीं पाया है।

वीर- ओहह... तो यह बात है। कोई बात नहीं। अब उस जोर्डन को दिखाएगे सच्चाई की ताकत क्या होती है।

अलीजा- जूलिया हम सब तुम्हारे साथ हैं। चाहे कुछ भी हो जाए हम सब मिलकर तुम्हारे मोम डैड को आजाद करवायेंगे।

जूलिया- थैक्स अलीजा, वैसे तुम दोनों कब शादी कर रहे हो?

अलीजा- जब यह कहेंगे तभी।

जूलिया- वीर क्या चक्कर है। शादी क्यों नहीं करते इससे?

वीर- करूंगा पर अब पहले तुम्हारे प्लैनेट को बचाना है। उसके बाद शादी करूंगा।

जूलिया- वैसे तुम्हें एक बात बोलूँ। जब से तुम्हें हमारे प्लैनेट की पावर्स मिली हैं, तब से तुम हमारे वहां के सभी फ्रेंडली प्लैनेट के राजा बन चुके हो।

वीर- क्या, यह क्यों?

जूलिया- यह हम सबने पहले ही निश्चय किया था की जो भी उस पावर्स को पाएगा वो हम सबका राजा होगा।

वीर- हाँ, चलो यह भी सही।

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उधर आडी और एरोन और साथ आए सैनिक धरती पर पहुँच गये थे।

एरोन- चप्पा-चप्पा छान मारो। आडी मशीन को हवा में छोड़ो और उसमें जूलिया की हर डीटेल्स आड करो।

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आडी एक मशीन का निर्माण करता है और उसमें जूलिया की डीटेल्स आड करके उसे हवा में छोड़ देता है। वो मशीन कछ टाइम हवा में रुकी रहती है, जैसे की वो जूलिया को सर्च कर रही थी। जब जूलिया की लोकेशन उसे मिल जाती है, तो वो उस तरफ स्पीड से उड़ने लगती है। एरोन और आडी भी उसके पीछे निकल पड़ते हैं।

इधर वीर के रूम में मोम आती हैं- “चलो बेटू घूमकर आते हैं.."

जूलिया- हाँ चलो, मेरा भी बहुत मन है घूमने का।

फिर चारों वहां से निकलकर बाहर आते हैं। यहां पहले से ही दो बाइक खड़ी थी।

वीर- क्या बाइक पे जाएंगे?

मोम- हाँ आई लव बाइक राइड।

फिर वीर के साथ मोम और जूलिया के साथ अलीजा बाइक पर बैठ जाती हैं।

वीर- चलना कहां है?

मोम- बाजार ले चल, आज मेरा गोलगप्पे खाने का दिल कर रहा है।

सब बाजार पहुँच जाते हैं। वीर बाइक को गोलगप्पे की रेहड़ी पर रोकता है।

जूलिया और अलीजा- यह क्या है?

वीर- खाकर देखो, पता चल जाएगा।

वीर- भाई 4 प्लेट लगाना।

मोम- और हाँ तीखे हों।

रेहड़ीवाला 4 प्लेट गोलगप्पे की लगा देता है। वीर जूलिया और अलीजा को खाकर दिखाता है। और जैसे ही दोनों गोलग डालकर खाती हैं, तो दोनों की आँखें बड़ी हो जाती हैं, और मिर्ची लगने से सी-सी करने लगती है।

जूलिया- आअहह... कितना तीखा है।

अलीजा- आअहह... लेकिन टेस्टी बहुत है।

मोम- हाहाहाहा... देखा यह तीखा है अच्छे लगते हैं।

चारों वहां बैठे-बैठे 20 प्लेट के करीब गोलगप्पे खा जाते हैं। तीखेपन से तीनों लड़कियों की नाक और गाल लाल हो जाते हैं। तभी अलीजा की नजर उस मशीन पर पड़ती है, जो उन्हीं की तरफ आ रही थी।

अलीजा उस मशीन को देखकर बोली- “यह कैसी मशीन है?"

जूलिया की नजर जैसे ही उस मशीन पर पड़ती है, तो जूलिया चकित हो जाती है- “वीर उन्होंने मुझे ढूँढ लिया। चलो यहां से वरना बहुत निर्दोष लोग मारे जाएंगे। इन्हें सूनसान इलाके में ले चलते हैं..."

वीर तेजी से रेहड़ीवाले को पैसे देता है, और बाइक पर बैठकर वहां से निकल जाते हैं।

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कड़ी_69

चारों एक सूनसान इलाके में चले जाते हैं, और इनके पीछे ही वो मशीन भी साए की तरह आ जाती है। वीर उस मशीन की तरफ देखता है, और अपनी आँख हल्की सी चिपकाता है। जिससे वो मशीन ब्लास्ट हो जाती है। तभी आडी और एरोन अपनी सेना के साथ वहां आ जाते हैं।

एरोन- अच्छा मेरी जानेमन जूलिया कहां थी तुम? तुम्हें पता है ना मेरा तुम्हारे बिना मन नहीं लगता।

जूलिया- अपनी गंदी जुबान से मेरा नाम मत ले। अगर अपनी जान प्यारी है तो चला जा यहां से।

एरोन- हाहाहाहा... तू मारेगी मुझे, या यह तुच्छ इंसान? हाहाहाहा... आज तेरी वजह से यह भी मरेंगे।

जूलिया- हाहाहाहा... तू इन्हें मारेगा? हाहाहाहा... बच्चा है तू अभी।

उधर नीलम और निशु को भी पता चल जाता है की जूलिया पर हमला होने वाला है, और वो दोनों जस्सी और

मोहित को साथ लेकर निकल जाते हैं उस तरफ।

वीर- "भाई क्यों लड़की के पीछे पड़े हैं? क्या बिगाड़ा है आपका इसने? जियो और जीने दो। क्या मिलेगा हमें मारकर?"

एरोन- अच्छा बच्चा डर गया। चिंता मत करो तुझे आसान सी मौत मारूंगा।

अलीजा- कुछ ज्यादा नहीं बोल रहा तू। एक काम कर तू इसे छूकर दिखा दे, तो मैं तझे मान जाऊँगी।

तभी वहां नीलम, निशु, जस्सी, और मोहित आ जाते हैं। चारों क्या देखते हैं की वीर के सामने अड्वान्स सूट पहने 50 के करीब सेना और दो जो उनके लीडर लग रहे हैं, वहां खड़े हैं।

नीलम- क्या हुआ वीर, यह लोग कौन हैं?

वीर आक्टिंग करता हुआ- “देखो ना नीलम, निशु, यह ना मुझे मारने की धमकी दे रहा है...” वीर का बस इतना ही बोलना था की चारों की आँखों में खून उतर आता है।

नीलम- “तेरी इतनी हिम्मत की तू हमारे वीर को मारने की धमकी देता है..” इतना बोलकर नीलम अपने हाथ से एक ग्रेविटी बाम्ब बनाकर पहले एरोन की सेना पर दे मारती है।

जैसे ही बाम्ब फटता है तो वहां एक ब्लैक-होल का निर्माण हो जाता है, जो आस-पास खड़ी सब चीज को अपने अंदर खींचने लगता है। 10-12 सैनिक उसमें आ जाते हैं, और बाकी साइड को भागकर बचते हैं। फिर बाम्ब एक आवाज के साथ फट जाता है और सेनिकों के चीथड़े उड़ जाते हैं।

यह सीन देखकर एरोन और आडी तो आँखें फाड़े नीलम को देखे जा रहे थे।

एरोन- “अच्छा तो यहां के लोगों में भी पावर्स हैं। आज तो तुम सब लड़कियों को अपने साथ लेकर जाऊँगा। अपना बिस्तर गरम करने के लिए...”

एरोन इतना ही बोला था की मोम, निशु, नीलम, जूलिया, और अलीजा सभी एक साथ अपने हाथ से एनर्जी बोल निकालकर एरोन पर फेंक देते हैं। एनर्जी बोल ब्लास्ट होते ही आडी और एरोन दूर जा गिरते हैं। उन्हें हल्की फुल्की चोटें आती हैं। दोनों फौरन खड़े हो जाते हैं।

एरोन- “बस बहत हो गया...” इतना बोलकर एरोन एक तरफ हाथ करता है, और वहां 50 के करीब और सैनिक

आ जाते हैं। एरोन कहता है- "खतम कर दो इन सबको..."

इधर मोहित अपने भेड़िया के रूप में आ जाता है, और उन सैनिकों पर टूट पड़ता है। साथ में जस्सी भी। सबका ध्यान मोहित और जस्सी की तरफ था जो दोनों सेनिकों के चीथड़े उड़ा रहे थे। इसका फायदा उठाकर आडी और एरोन गन्स निकालकर सब पर फायरिंग करने लगते हैं। लेकिन कोई भी लेजर किसी को भी छ तक नहीं पाती।
 
वीर की आँखों ब्लू होने लगती हैं। जिसे जूलिया देख लेती है।

जूलिया- मोम वीर को रोको, उसका गुस्सा इस जगह को तबाह कर देगा।

मोम आगे बढ़कर वीर को शांत करती हैं। जूलिया और नीलम आगे बढ़कर एरोन से भिड़ जाती हैं।

उधर अलीजा अपने हाथ से रोशनी निकालकर आडी पर फेंकती है। जिससे आडी उड़ता हुआ दूर जा गिरता है। आडी खड़ा होकर एक गन निकालकर अलीजा और मोम पर चला देता है। उस गन से एक जाल निकलता है। नो मोम और अलीजा को कैद कर लेता है। वो जाल अपने आप सिकड़ने लगता है, जिससे अलीजा और मोम की चीख निकल जाती है।

यह देखकर वीर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच जाता है। वीर तेजी से मोम की तरफ आकर जाल को पकड़कर फाड़ देता है।

यह देख आडी चकित हो जाता है। जब तक आडी को होश आता, उससे पहले ही वीर उसे एक पंच जड़ देता है। आडी स्पीड से उड़ता हुआ बहुत दूर जा गिरता है, और बेहोश हो जाता है।

उधर एरोन नीलम और जूलिया पर वार पे वार किए जा रहा था। पर उन दोनों को कुछ भी नहीं हो रहा था क्योंकि दोनों पे शील्ड बन | जूलिया तेजी से एक तलवार निकालकर एरोन की सीना पे दे मारती है। जिससे एरोन की बाडी से सफेद रंग का खून निकलने लगता है। तभी नीलम भी अपने हाथ से एक के बाद एक स्माल ब्लेड निकालकर एरोन पर फेंकने लगती है।

एरोन उसकी परवाह किए बिना अपनी आँखें बंद करता है। एरोन के गाल पे बने सूरज का टैटू चमकने लगता है। जब एरोन आँख खोलता है तो उसकी आँखों से रोशनी निकलती है। जो सीधा नीलम और जूलिया को लगती है। और दोनों उड़ती हुई दूर जा गिरती हैं।

एरोन आगे बढ़कर एक और वार करने ही वाला था की तभी उसके सामने वीर आकर खड़ा हो जाता है, और वो रोशनी वीर को लगती है। पर यह क्या? वीर टस से मस नहीं हुआ। वीर की आँखें ब्लू हो चुकी थी, बादल गरजने लगे थे।

वीर- “तूने यहां आकर अपनी मौत खुद चुनी है। तूने मेरी परिवार पर वार किया। तुझे तो वो मौत दूँगा की तेरे घरवालों की भी रूह कांप जाएगी देखकर..." और वीर आगे बढ़कर एरोन का सिर पकड़ लेता है, और उसे दबा देता है। जैसे-जैसे वीर उसका सिर दबा रहा था वैसे-वैसे एरोन की चीखें गूंजने लगती हैं।

एरोन की चीखें सुनकर सब उसकी तरफ देखने लगते हैं।

वीर बहुत गुस्से में था। एरोन अपने हाथ पैर चला रहा था, लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा था। अभी वीर अपना हाथ थोड़ा और जोर से दबा देता है, जिससे एरोन का सिर फट जाता है। यह सीन देखकर सब लड़कियां अपनी आँखें बंद कर लेती हैं।

वीर- जस्सी दूसरे आदमी को भी लेकर आओ।

जस्सी भागकर सेनापति को घसीटता हवा लेकर आता है। वीर उसे होश में लाता है।

आडी जब एरोन को मरा हुआ देखता है तो उसकी सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। वहां खड़े बचे हुये दो-चार सैनिक भाग जाते हैं।

वीर- "ओ सुन... ले जा अपने बाप की बाडी को और बोल देना उस जोर्डन से की आ रहा है वीर तुझे खतम करने..” इतना बोलकर वीर दोनों को उठाकर आसमान की तरफ फेंक देता है।

दोनों पलक झपकते ही आसमान में गायब हो जाते हैं।

वीर का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था। यह देखकर मोम आगे बढ़कर वीर को गले लगा लेती है। उसके पीछे अलीजा, निशु, नीलम, जूलिया, जस्सी, मोहित सब वीर को गले लगाकर खड़े हो जाते हैं। सबको पता था की वीर का गुस्सा समझो तबाही। कुछ ही देर में अपने परिवार का प्यार देखकर वीर का गुस्सा शांत हो जाता है।

वीर- आप सब ठीक तो हो ना?

सब एक साथ- “हाँ, हम सब ठीक हैं...”

जूलिया- वीर, गुस्से को कंट्रोल करना सीखो।

मोम- चलो घर चले।

फिर सब वहां से घर आ जाते हैं।

***** *****
 
कड़ी_70

उधर आडी और एरोन को वीर ने सीधा उनके प्लैनेट पर फेंक दिया था। आडी और एरोन जाकर जोर्डन के पैरों में गिरते हैं। अपने बेटे की लाश देखकर वाकई में जोर्डन की भी रूह कांप जाती है।

जोर्डन- नहींऽऽ यह नहीं हो सकता, मेरा बेटा... किसी को नहीं

सेनापति- मालिक यह काम जूलिया का नहीं है। वहां एक वीर नाम का शख्स था, जिसने एरोन को मारा है।

सेनापति का इतना बोलना था की जोर्डन अपनी तकवार निकालकर सेनापति का गला काट देता है।

जोर्डन उठाकर चले आए..” इतना बोलकर जोर्डन रोने लगता है, अपने बेटे की डेड बाडी से लिपटकर। ने के बाद खड़ा हो जाता है।

जोर्डन खड़ा होकर कुछ मंत्र पढ़ने लगता है। कुछ देर बाद एक रोशनी चमकती है। जब रोशनी हटती है तो वहां एक अड्वान्स सूट में आदमी खड़ा था।

आदमी- आपने मुझे याद किया मालिक।

जोर्डन- डीके तम्हें तो पता ही है की जब युदध की तैयारी करनी होती है, तभी तम्हें बलाता हैं। धरती के किसी वीर ने मेरे बेटे को मार दिया है। हमारे पास 15 दिन है। हमारी सारी सेना को तैयार करो। हम धरती पर हमला करेंगे। तब तक मैं अपनी पावर्स को बढ़ाता हूँ।

इधर सब घर पहुँच चुके थे। घर पे सबको पता चल जाता है की क्या हवा था?

जूलिया- वीर हमें तैयार रहना होगा, वो अब चुप नहीं बैठेगा।

वीर- आने दो जूलिया, ऊपरवाला हमारे साथ है। सब ठीक होगा।

जस्सी- भाई गुरुजी ने बोला था हमें वैम्पायर की सेना खड़ी करनी है। पर कैसे? और मोहित को भी।

तभी वहां दादाजी आते हैं, और कहते हैं- "जस्सी पुत्तर, मैं क्या कहता हूँ की आस-पास पता करो और भी बहुत वैम्पायर होंगे जो छुपे हुए हैं। जिस वैम्पायर को तुमने मारा यह तो नहीं की सिर्फ वहीं था, और भी बहुत होंगे। आज के टाइम में निशु और तुमसे ज्यादा ताकतवर कोई वैम्पायर नहीं है इस दुनियां में। ऐसा है की मोहित और नीलम का फंडा सेम है। हमें बस वैम्पायर और भेड़ियों को ढूँढ़ना होगा, और यह काम वीर ही कर सकता है।

तभी वीर अपनी आँखें बंद कर सर्च करने लगता है। थोड़ी देर में उसके चेहरा पे स्माइल आ जाती है।

वीर- जस्सी मोहित गेट रेडी फार आक्षन। तुम दोनों के टारगेट मिल चुके हैं। यू.एस.ए. में वैम्पायर और भेड़िया दोनों हैं, और बहुत भारी मात्रा में। कम से कम वैम्पायर 10 लाख और भेड़िया 8-9 लाख होगे वहां।

सबके मुँह खुले के खुले रह जाते हैं।

नीलम- ओह माई गोड... 10 लाख के करीब। चलो यह प्राब्लम भी सोल्व हो गई।

दादाजी- ऐसे पता नहीं कितने और वैम्पायर और भेड़िया इस दुनियां में हैं। सबको अपने अंदर करो। कोई भी दूर ना रहे।

वीर- तो ठीक है। मैं जस्सी मोहित नीलम निशु जूलिया अलीजा हम कल निकलेंगे।

मोम- मैं भी चलूगी। और हाँ तुम्हारी चाची भी जाएंगी।

वीर- ठीक है। डैड रिया को आप संभाल लेना।

वीर मोम से- "मोम डिनर लगवाओ मुझे तो बहत भूख लगी है..."

मोम- चलो सब डाइनिंग टेबल पर बैठो। डिनर लगवाती हूँ।

तभी वहां अवनी आती है।

वीर- कैसी हो अवनी- कैसा चल रहा है काम?

अवनी- काम सब गुड। मैं ठीक हूँ आप सब कैसे हैं?

मोम- हम सब ठीक है। बेटू आ जा खाना तैयार है।

अवनी सबसे मिलमर डाइनिंग चेयर पर बैठ जाती है।

डैड- बेटा अवनी, घर बनने का काम कैसा चल रहा है?

अवनी- डैड काम दिन और रात दोनों टाइम चल रहा है। एक मिनट भी काम नहीं रुक रहा। बड़ी-बड़ी मशीनें लगी हुई हैं।

डैड- यह तो अच्छी बात है।

ऐसे बातचीत में सबका डिनर खतम हो जाता है।

वीर- अवनी आई हैव समथिंग फार यू।

अवनी- और वो क्या है?

वीर- निशु बाइट हर।

निशु- आर यू सीरियस?

वीर- हाँ अवनी ट्रस्ट है मेरे पे?

अवनी- खुद से भी ज्यादा।

निश् अवनी के इतना बोलते ही अवनी को काटती है। अवनी की चीखें निकल जाती हैं, और थोड़ी देर में बेहोश

हो जाती है। वीर अवनी को उठाकर एक रूम में लेटा देता है।

मोम- बेटा हमें कल कब निकलना है?

वीर- “कल 11:00 बजे निकलेंगे। पहले कालेज जाना है उसके बाद निकलेगे यू.एस.ए. के लिए। अवनी भी साथ जाएगी..."

वीर और मोम दोनों रूम में चले जाते हैं। दोनों रात को दो बार प्यार करते हैं और सो जाते हैं।
 
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