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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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लीना- दीदी हमें किसी मिशन पर जाना है। दो-तीन दिन में हम भी वहीं तुम्हारे पास आ जाएंगे।

फिर वीर सबको घर भेज देता है। यहां वीर के डैड सबका स्वागत करते हैं। सारी लड़कियां इतने बड़े घर को देखकर चकित थी। फिर सबको उनके रूम में भेज दिया जाता है।

इधर सब वापिस होटेल आ जाते हैं।

चाची- आ गये तुम लोग? चलो लंच करो। मैंने रूम में ही मँगवा लिया है।

वीर- हाय चाचीजान... इतना प्यार ना दिखाइये, कहीं हमें प्यार ना हो जाए।

चाची- चुप बदमाश... अपनी चाची से फ्लर्ट करता है। वैसे प्यार कर सकता है।

वीर- अच्छा... मतलब ग्रीन सिग्नल। देखा मोम, चाचीजान लट्ट हो गई आपके बेटे पे।

मोम- अगर माँ हो सकती है, तो चाची क्यों नहीं?

लीना- ओह्ह... मतलब आप भी वीर की हो।

मोम- “हाँ मेरी बच्ची। जो भी वीर के करीब आता है उसी का हो जाता है, तुम बचकर रहना..." इतना बोलकर मोम हँसने लगती हैं।

लीना मन में- "मैं तो कब की इनकी है

फिर सब लंच करते है, और निकलते हैं अगले सफर की ओर।

*

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रात तक वीर और पार्टी इजिप्ट पहुँच जाती है। सब वहां होटेल में रूम बुक करते हैं, और डिनर करके सब सोने चले जाते हैं। आज वीर के साथ रूम में चाची और मोम आती हैं। दोनों ही बला की हाट लग रही थी।

वीर- क्या बात है? लगता है आज मेरी खैर नहीं।

मोम- बेटू बच के... आज दो भूखी शेरनियां तेरा शिकार करेंगी।

वीर- अरे वाह... फिर तो आज बहुत मजा आएगा।

चाची वीर से शर्मा रही थी।

वीर- “क्या हुआ चाचीजान बड़ा शर्मा रही हो?” और वीर आगे बढ़कर चाची की नंगी कमर पर हाथ रख देता है।

वीर का हाथ अपनी कमर पर पड़ते ही चाची की कामुक सिसकी निकल जाती है। वीर को पता चल जाता है की चाची सब लड़कियों से कही ज्यादा हाट हैं। वीर चाची को अपनी तरफ खींचकर किस करने लगता है। चाची की बाडी में चींटियां रेंगने लगती हैं।

मोम पास बैठकर दोनों की रासलीला देख रही थी। तभी मोम को शरारत सूझती है। मोम तीनों के कपड़े जादू से गायब कर देती हैं।

दोनों किस में लगे हुए थे। दोनों को कुछ पता नहीं था की क्या हो रहा था। थोड़ी देर बाद जब दोनों की सांसें उखड़ने लगती हैं तो दोनों की किस टूटती है। चाची मदहोशी के आलम से जब बाहर आती हैं, तो खुद को नंगी पाकर पहले चकित हो जाती हैं। फिर बाद में शर्माने लगती हैं, और अपने चूचियां छुपाने लगती हैं।

वीर खड़ा हो जाता है, और अचानक चाची की नजर वीर के लण्ड पर पड़ती है, तो वो वीर के विशाल लण्ड को एकटक देखने लगती है। वीर का लण्ड देखकर चाची की चूत पानी छोड़ने लगती है। चाची का जिश्म कयामत लग रहा था। सुडौल, कोई दाग नहीं था बाडी पर, गोरी चिट्टी चूत जिसपे कोई बाल नहीं।

मोम आगे बढ़कर चाची के होंठों चूसने लगती हैं। कुछ टाइम बाद चाची भी मोम का साथ देने लगती हैं। वीर पीछे से चाची को हग कर लेता है, और दूध दबाने लगता है। वीर का लण्ड अपनी गाण्ड पे महसूस करके चाची का रोम-रोम खिल उठता है। चाची और वाइल्ड किस करने लगती हैं। वीर दोनों को अलग करता है, और चाची के जिश्म पर किस की बरसात कर देता है। किस करता-करता वीर नीचे पेट पे आ जाता है।
 
चाची का शरीर काँपने लगता है। चाची सेक्स की आग में जलने लगती हैं।

तभी वीर चाची की चूत पे नीचे से ऊपर जीभ फेर देता है, जिससे चाची की सिसकी निकल जाती है- “आहह.."

चाची- “अच्छा वीर तूने पागल कर दिया मुझे। तेरी एक जीभ से ही इतना मजा आ रहा है, तो तेरे लण्ड से कितना आएगा? ओह्ह... आअहह... हाँन्न् चाट ऐसे ही.. ओह माँ...”

मोम- “खा जा अपनी चाची की चूत को। कब से कह रही थी वीर से चुदवा दो। तेरे लिए मरी जा रही थी यह..."

वीर- चाची जान आज सच में खा जाऊँगा आपको।

चाची- खा जा मेरे सईयां। मैं तो कब से तेरे नीचे लेटने के लिए तड़फ रही हैं।

वीर चाची की चूत के अंदर जीभ डालकर चोदने लगता है। पूरे रूम में चाची की सिसकियां गूंजने लगती हैं। कुछ देर चूसने के बाद वीर अपना लण्ड चाची के मुँह के पास कर देता है। चाची लण्ड को मुट्ठी में पकड़कर पहले सुपाड़े पे किस करती है, फिर उसे मुँह में लेकर चूसने लगती हैं।

वीर- “आहह... चाची आपके मुँह के अंदर तो आग की भट्ठी जल रही है। ओह्ह... हाँन्न.."

चाची बड़े प्यार से वीर के लण्ड को चूसे जा रही थी। और उधर मोम इन दोनों की रासलीला देखकर गर्म हो चुकी थी, और अपने दूध मसल रही थी। मोम भी चाची को घुटने के बल बैठा देती हैं, और खुद भी साथ बैठकर वीर का लण्ड चूसने लगती हैं। 10 मिनट की चुसाई के बाद वीर चाची को सोफे पे साइड पोज में लेटाकर लण्ड को चूत के ऊपर घिसने लगता है।

चाची- क्यों तड़पा रहा है अपनी चाची को? डाल दे अपना मूसल मेरे अंदर..."

चाची की तड़प देखकर वीर लण्ड को चूत की गहराइयों में डाल देता है। एक ही शाट में सारा लण्ड अंदर जा चुका था। जिससे चाची की चीख निकल जाती है।

चाची- "मार दिया आहह... मैं मर गई। रुक जा वीर, रुक जा..."

मोम- नहीं, वीर रुकना नहीं। एक बार दर्द होगा। तू लगा रह।

वीर हल्के-हल्के धक्के मारने लगता है। चाची का दर्द धीरे-धीरे खतम हो जाता है। और आवाजें सिसकियों में बदल जाती हैं- “आहह... चोद और जोर से चोद ओहह... अपनी चाची को रोज ऐसे ही चोदना... आह माँ... बहत मजा आ रहा है...”

ऐसे ही वीर चाची और माँ को अलग-अलग तरीके से चोदता है। तीनों मिलकर रात में 3 बार सेक्स करते हैं,

और सो जाते हैं।

अगले दिन सवेरे सब उठकर होटेल के फूड सेक्सन में जाते हैं और नाश्ता करते है।

अलीजा- वीर वो ज्वालामुखी कहां है?

वीर- धरती के नीचे।

निशु- तो कब चलें वहां?

वीर- नहीं, वहां सिर्फ मैं ही जाऊँगा। मुझे आते ही पता चल गया था की वह कोई आम शक्ति नहीं खतरनाक शक्ति है।

नीलम- नहीं, हम आपको अकेले नहीं जाने देंगे।

जस्सी- हाँ भाई चाहे जो हो जाए। हम नहीं जाने देंगे आपको।

वीर- नहीं जो कह दिया सो कह दिया। मैं ही जाऊँगा वहां पे। बात को समझा करो। मैं तुम लोगों की जान खतरे में नहीं डाल सकता।
 
नीलम- नहीं, हम आपको अकेले नहीं जाने देंगे।

जस्सी- हाँ भाई चाहे जो हो जाए। हम नहीं जाने देंगे आपको।

वीर- नहीं जो कह दिया सो कह दिया। मैं ही जाऊँगा वहां पे। बात को समझा करो। मैं तुम लोगों की जान खतरे में नहीं डाल सकता।

जूलिया- यह क्या बात हुई? ऐसे कैसे नहीं ले जा सकते आप हमें? मैं भी देखती हूँ कौन रोकता है? मोम आप कुछ क्यों नहीं बोलती?

मोम- वीर सब ठीक कह रहे हैं। हम तुझे अकेले नहीं जाने दे सकते।

वीर- ठीक है। आप सब बाहर ही रुकेंगे। दैटस क्लियर? और कोई सवाल नहीं।

फिर सब वहां से एक रेगिस्तानी इलाके में जाते हैं। जहां से इन्हें नीचे जाना था।

*****

*****

सब रेगिस्तान पहुँच जाते हैं।

लीना- यहां तो दूर-दूर तक कोई रास्ता नहीं

तभी वीर एक तरफ हाथ करके फूंक मार देता है। जिससे हवा चलने लगती है। और हवा देखते ही देखते बवंडर का रूप ले लेती है। वो बवंडर एक जगह जाकर रुक जाता है, और वहां की सारी रेत अपने अंदर खींच लेता है। जब बवंडर खतम होता है तो वहां एक गोल दरवाजा बना हवा था, नीचे जाने के लिए।

जस्सी उस दरवाजे को हाथ लगता है, और कहता है- “आअहह... यह तो बहुत गर्म है..."

वीर- वो इसलिए क्योंकी नीचे ज्वालामुखी बना हुआ है। पहले यह बाहर हुआ करता था आज से हजारों साल पहले। लेकिन बाद में इसपे रेत की पर्त चढ़ती गई। जिससे वो ज्वालामुखी नीचे दब गया। इसलिए यहां बहुत गर्मी है। सब अपने आपको शील्ड से कवर कर लो। नीचे आग की गर्मी से जल जाओगे।

सब अपने आपको शील्ड से कवर कर लेते हैं। जूलिया लीना को भी कवर कर देती है।

वीर- जूलिया, अलीजा, लीना को अपने साथ रखना। उसके पास तुम्हारे जैसी पावर्स नहीं हैं।

फिर सब बारी-बारी नीचे उतरने लगते हैं। नीचे पहुँचकर क्या देखते हैं की हर तरफ लावा ही लावा फैला हुआ था। जो की वहां बने ज्वालामुखी के अंदर से निकल रहा था। अगर नार्मल इंसान होता तो अब तक जलकर राख हो जाता।

नीलम- "ओह माई गोड... यह क्या है? नीचे तो ज्वालामखी का लावा कितना फैला हवा है। वीर कहां है वो रत्न?"

वीर- वो रत्न इस ज्वालामुखी के अंदर है, और उसके पहरेदार भी।

जूलिया- ठीक है चलो मैं तुम्हारे साथ चलूंगी। लावा मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं पहले भी 3 महीने लावा के अंदर गुजार चुकी हूँ। वो क्यों बाद में बताऊँगी।

वीर- अभी नहीं। पहले मैं अंदर जाता हूँ। जब तुम लोगों की जरूरत होगी मैं बुला लूंगा।

मोम- बेटू अपना ख्याल रखना।

फिर वीर वहां से उड़ जाता है, और तेजी से उस जवालामुखी के अंदर चला जाता है।

तब तक उधर जार्डन अपनी पावर बढ़ाने के लिए सूरज के पास पहुँच चुका था। जार्डन को ताकत सूरज के ताप से मिलती थी। इसीलिए इन सबके गाल पे सूरज का निशान बना हुआ है। जार्डन वहां पहुँचकर अपने हाथ फैलाकर कुछ बोलता है। जिससे सूरज की रोशनी जार्डन के अंदर जाने लगती है। और वहीं उसके प्लैनेट में सब जंग की तैयारियों में लगे हुए थे।

इधर वीर ज्वालामुखी के अंदर पहुँच जाता है। वीर चलकर आगे बढ़ता है। अभी थोड़ी दूर ही गया था की वीर को अपने सामने एक ड्रैगन नजर आता है, और उसके आस-पास पहरेदार भी थे। वीर छुपकर पहले वहां की सब जगह चेक करता है। फिर वीर वहां से आगे आकर उन सबके आगे खड़ा हो जाता है। वीर को वहां देखकर उनमें से एक वीर के आगे खड़ा हो जाता है।

गार्ड- कौन हो तुम? यहां कैसे आए? आ तो गये हो अब तुम्हारी लाश भी यहां से नहीं जा पाएगी।

वीर- मैं हूँ जिन्न-लोक का राजा वीर, और मैं यहां रत्न हासिल करने आया हूँ, जो मेरा ही है। इसलिए तुम लोगों को सिर्फ एक बात बोलूंगा की मेरे रास्ते से हट जाओ।

गाई- "हाहाहाहा... हमें धमकी देता है। रुक अभी बताता हूँ..” फिर वो गार्ड थोड़ा पीछे होकर वीर पर आग का गोला फेंकता है। लेकिन वीर को इससे कुछ नहीं होता।

वीर- "क्यों अपनी एनर्जी बरबाद कर रहे हो? अब मेरी बारी..” और वीर भी अपने हाथ से एक ब्लू कलर की आग निकालकर उस गार्ड पर मारता है।

वो आग उस गार्ड की पूरी बाडी को कवर कर लेती है। थोड़ी देर में जब आग बुझती है तो वहां सिर्फ उस गार्ड का अस्थिपंजेर ही बचा था। यह देखकर वहां खड़े बाकी के गार्ड वीर पर अंधाधुंध आग के गोले फेंकने लगते हैं। वीर इधर-उधर होकर उन आग के गोलों से बचता है। फिर वीर तेजी से उनकी तरफ भागता है। और उन सबको एक-एक पंच लगा देता है। जिससे सब उड़ते हुए दूर जा गिरते हैं।

दूसरे की तरफ देखते हैं। अचानक हवा चलने लगती है और वो चारों एक दूसरे में समाने लगते हैं। चारों एक दूसरे के अंदर चले जाते हैं। तभी एक लाल रंग की रोशनी होती है। जब रोशनी दूर होती है तो वहां एक औरत खड़ी थी, जिसके पैर लावा के अंदर थे। लेकिन यह लड़की कैसे बन गये?
 
वो आग उस गार्ड की पूरी बाडी को कवर कर लेती है। थोड़ी देर में जब आग बुझती है तो वहां सिर्फ उस गार्ड का अस्थिपंजेर ही बचा था। यह देखकर वहां खड़े बाकी के गार्ड वीर पर अंधाधुंध आग के गोले फेंकने लगते हैं। वीर इधर-उधर होकर उन आग के गोलों से बचता है। फिर वीर तेजी से उनकी तरफ भागता है। और उन सबको एक-एक पंच लगा देता है। जिससे सब उड़ते हुए दूर जा गिरते हैं।

दूसरे की तरफ देखते हैं। अचानक हवा चलने लगती है और वो चारों एक दूसरे में समाने लगते हैं। चारों एक दूसरे के अंदर चले जाते हैं। तभी एक लाल रंग की रोशनी होती है। जब रोशनी दूर होती है तो वहां एक औरत खड़ी थी, जिसके पैर लावा के अंदर थे। लेकिन यह लड़की कैसे बन गये?

वीर अभी उसी के बारे में सोच रहा था की तभी एक लावा का बड़ा सा गोला आकर वीर के सीने में लगता है,

और वीर दूर जा गिरता है। उस लावा के वार से वीर को दर्द जरूर होता है। यहां वो गोला लगा था वहां की चमड़ी थोड़ी जल भी गई थी। वीर खड़ा होकर तेजी से एक गन निकालकर उस लड़की पर हमला कर देता है। लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हो रहा था। फिर क्या हुआ लेजर उस लड़की को कुछ नुकसान नहीं पहुंचा रहा था।

आप सोच रहे होंगे वीर के पास प्लैनेट की ताकत भी है। पर ऐसा है की अभी वीर को वो ज्यादा इश्तेमाल करनी नहीं आती। उसे यह नहीं पता था की वो क्या-क्या कर सकती है। वीर कुछ सोचने लगता है। इस बार भी वीर ने यहीं गलती कर दी। इस बार पहले वाले गोले से भी ज्यादा बड़ा गोला वीर को लगता है। जिससे वीर की चमड़ी और जल जाती है।

वीर खद हैरान था की उसकी जखम इतना लेट क्यों भर रहा है? वीर अपना हाथ आगे करता है, और उसके से बर्फ का तूफान निकलने लगता है। वीर उस तूफान को उस लड़की की तरफ छोड़ देता है। उस तूफान की चपेट में आकर उस लड़की की चीखें निकलने लगती हैं। थोड़ी देर में तुफान शांत हो जाता है, तो वहां आस-पास सब कुछ जम गया था।

वीर अपनी तलवार निकालकर उस लड़की का सिर धड़ से अलग कर देता है। लड़की का सिर कट जाने के बाद तुरंत लड़की की बाड़ी में ब्लास्ट होता है। बाडी में से एक रोशनी निकलकर वहां थोड़ी दूर सो रहे ड्रैगन में चली जाती है। जिससे उस ड्रैगन की आँख खुल जाती है।

तभी ड्रैगन एक आवाज के साथ उठ जाता है। वीर उस ड्रैगन के पास जाकर खड़ा हो जाता है। वीर कुछ बोलने ही वाला था की तभी वो होता है, जिसका वीर ने भी नहीं सोचा था।

*****

*****

वीर अभी उस ड्रैगन के सामने जाकर खड़ा ही हवा था की तभी वो ड्रैगन खड़ा होकर वीर को अपनी पूंछ से मारता है। जिससे वीर ऊपर की तरफ उड़ता हुआ ज्वालामुखी से बाहर जा गिरता है। यहां इसके सभी चाहने वाले खड़े वीर का इंतजार कर रहे थे।

वीर को उड़ता हुआ जमीन पर गिरता देखकर भागकर सभी वीर के पास जाते हैं।

मोम- बेटू क्या हुआ? ये किसने किया?

मोम अभी इतना ही बोली थी की तभी एक दहाड़ के साथ ड्रैगन ज्वालामुखी को रौंदता हुआ बाहर आकर इनके सामने खड़ा हो जाता है। सब ड्रैगन को देखकर चकित हो जाते हैं।

वीर खड़ा होता है, और कहता है- “सब पीछे हो जाओ। यह साला मेरी सोच से भी ज्यादा ताकतवर है..."

जूलिया- नहीं, हम सब साथ में लड़ेंगे।

पर वीर सबको जबरदस्ती साइड में कर देता है, और उस ड्रैगन के आगे जाकर हवा में खड़ा हो जाता है। वीर आपने हाथ जोड़ता है और तुरंत हाथ खोलता है। जैस-जैस उसका हाथ खुलता है, वैसे-वैसे उसके हाथ से एक बड़ा सा ब्लू कलर का गोला बनने लगता है। थोड़ी देर में वो गोला तैयार हो जाता है, और वीर उस गोले को उस ड्रैगन पर दे मारता है।

गोला ड्रैगन को लगते ही वहां बहत बड़ा ब्लास्ट होता है। जिससे ड्रैगन पीछे जा गिरता है। पर उस इससे कुछ

खास फर्क नहीं पड़ता। ड्रैगन आगे बढ़कर वीर की तरफ चेहरा करके मुंह से आग फेंकने लगता है। उसकी आग इतनी तेज थी की वीर उसका सामना नहीं कर पाया। जिससे वीर उस आग की चपेट में आकर दूर जाकर गिरता है। आग से वीर का जिश्म काफी जगह से जल गया था। वीर को गहरी चोट आती है।

जूलिया और नीलम यह देखकर तेजी से आगे बढ़कर उस ड्रैगन पर ग्रेविटी बाम्ब से हमला कर देती हैं। पर उस ड्रैगन का कुछ भी बिगड़ नहीं रहा था।

ड्रैगन भी धीरे-धीरे चलता हवा दोनों के पास आकर घूमकर अपनी पंछ से पंच मारता है, जिससे दोनों दर जाकर चट्टान से टकराती हैं। दोनों को काफी चोट आई थीं। दोनों को घायल देखकर बाकी सब भी मैदान में कूद पड़ते

मोम चाची को लीना के पास छोड़ देती हैं। मोहित अपने भेड़िया के रूप में आ जाता है, और अपने रूप को वीर से मिली पावर्स से और भी बड़ा कर लेता है। मोहित तेजी से भागता हवा ड्रैगन की गर्दन को अपने दांतों में ले लेता है, और अपने हाथों के नाखूनों से उसकी बगलों को काटने लगता है। इससे ड्रैगन बहुत गुस्से में आ जाता है।
 
उधर जस्सी तलवार निकालकर विजली से भी तेज रफ़्तार से उस ड्रैगन को घाव दिए जा रहा था।

जैसे ही ड्रैगन गुस्से में आता है, तो तेजी से आसमान की तरफ उड़ जाता है। और ऊपर से नीचे की तरफ आने लगता है। नीचे खड़े जस्सी को साइड होने का भी टाइम नहीं मिलता। जिससे वो ड्रैगन जस्सी और मोहित को साथ लिए धरती के अंदर घुस जाता है।

यह सीन देखकर निश और नीलम की चीख निकल जाती है। दोनों अपने-अपने प्यार का नाम लेकर चिल्लाती हैं। जस्सी और मोहित की हालत बहुत खराब हो चुकी थी।

उधर वीर दोबारा खड़ा होकर उस ड्रैगन पर एनर्जी बीम का इश्तेमाल करता है। जिससे ड्रैगन को हल्की फुल्की चोट आती है। पर इससे ड्रैगन की आँखें लाल हो जाती हैं, और वो एक बार आसमान की तरफ देखता है। जैसे ही ड्रैगन आसमान की तरफ देखता है की वहां से अचानक एक बड़ा सा आग का गोला आकर वीर पे गिर जाता है। जिससे वीर बहुत घायल हो जाता है, और नीचे गिर जाता है। उसकी आँखें बंद हो रही थीं। सारे आग के बड़े-बड़े गोले आकर वीर पे गिरते है।

तभी ड्रैगन फिर से आसमान की तरफ देखता है, तो वहां से परिवार पे गिरते हैं। जिससे सबको बहुत चोट आती है।

वीर की मोम, लीना, अलीजा, जूलिया, सब लड़कियों के दर्द से चीखें निकल जाती हैं।

जैसे ही वीर के कानों में वीर के परिवार की चीखें सुनाई देती हैं, तो फौरन उसका दिल तेजी से धड़कने लगता है। वीर से अपने परिवार को दर्द में देखा नहीं जाता। जिससे उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच जाता है। वीर खड़ा होता है, और उसकी आँखें एकदम ब्लैक हो जाती हैं। आसमान में काले-काले बादल गरजने लगते हैं। धरती काँपने लगती है। वीर हाथ आगे करके अपनी सारी परिवार को एक साइड में रखकर उनको शील्ड से कवर कर देता है।

तभी ड्रैगन वीर पर आग से हमला कर देता है। पर अब वीर को कुछ भी नहीं हो रहा था। वीर तेजी से आगे बढ़कर जोर से ड्रैगन के माथे पर पंच मारता है, जिससे से ड्रैगन पीछे जा गिरता है। वीर की प्लैनेट वाली पावर्स जाग गई थीं। जिसे अभी इश्तेमाल करना नहीं आता था। लेकिन अपनी परिवार को दर्द में देखकर वीर की पावर जागने लगती है।

उधर ड्रैगन खड़ा होकर वीर पर अपनी पूछ से हमला करता है। जिससे वीर उड़ता हवा लावा में जा गिरता है। पर ड्रैगन को नहीं पता था की अब वीर में प्लैनेट की ताकत भी है, जो जाग चुकी है। लावा से वीर को और ताकत मिलेगी, और उसे अपनी पावर इश्तेमाल करना आ जाएगा।

थोड़ी देर लावा में रहने के बाद एकदम धरती हिलने लगती है। तभी जमीन को फाड़ता हवा वीर बाहर आता है। जैसे ही वीर बाहर आया, एकदम से वीर के जिश्म में बदलाव आने लगते हैं। देखते ही देखते वीर भी एक ड्रैगन में बदल जाता है। और उस ड्रैगन से भी बड़ा नजर आ रहा था।

उधर वीर का परिवार को भी होश में आ चुका था। वो भी वीर को ड्रैगन में बदलता देख चुके थे और चकित होने के साथ खुश भी थे।

लेकिन उधर संजू और प्रीत को भी एहसास हो चुका था की वीर और उनका परिवार खतरे में है। वो भी निकल चुकी थी इनकी तरफ।

इधर वीर दहाड़ के साथ अपने पंख फैलाकर जंप लेकर उस ड्रैगन के सामने खड़ा हो जाता है, और सीधा जाकर उस ड्रैगन की गर्दन अपने दांतों में ले लेता है, और अपने दांतों से पकड़कर उठाकर दूर फेंक देता है। वीर वहीं नहीं रुकता। तेजी से उसके पास पहुँचकर अपनी पूंछ से उसपे वार करता है। जिससे उस ड्रैगन की चीख निकल जाती है। वीर थोड़ा पीछे होकर उस ड्रैगन पे आग से हमला करता है। तब तक उसपे आग फेंकता है। जब तक उस ड्रैगन की हालत बुरी नहीं हो जाती।

वीर अपना आखिरी वार करने ही वाला था की तभी वहां एक गफा से एक ड्रैगन और साथ में ड्रैगन के छोटे बच्चे बाहर आते हैं। वो ड्रैगन मादा थी। वो वीर को माइंड टु माइंड अपने पति ड्रैगन को बख्श देने के बिनती करती है, अपने बच्चो का वास्ता देकर, और साथ में वो ड्रैगन भी।

ड्रैगन- “मैं हार गया मेरे मालिक। मुझे बख्श दें..."

तभी वीर अपने इंसानी रूप में आ जाता है और कहता है- “ठीक है। मैं तुम्हें बख्श दे रहा हूँ। बदले में तुझे हमेशा हमारे साथ रहना होगा, और हमारा साथ देना होगा। आज से तुम और तुम्हारी परिवार हमारे साथ ही रहेगी..."

ड्रैगन- जी जैसा आप कहें मेरे मालिक। मुझे हरा कर आपने पहले ही मुझे जीत लिया है।

फिर वीर सबको ठीक करता है, और साथ लेकर नीचे चला जाता है। यहां रत्न रखा हवा था। वीर जाकर उस रत्न को उठाने ही वला था की तभी ड्रैगन वीर को रोक देता है।

* * * * * * * * * *
 
कड़ी_77

ड्रैगन- रुकिये मालिक। आप इसे ऐसे नहीं उठा पाएंगे। इसके आगे एक रक्षा कवच है। जो सिर्फ सात कँवारी लड़कियां ही तोड़ पाएंगी। अब आप समझदार है की वो सात लड़कियां कौन हैं?

वीर- मैं समझ गया। लीना तुम्हारी बहनों को यहां लाना होगा।

लीना- पर वो यहां इस ज्वालामुखी में टिक नहीं पाएंगी। जलकर राख हो जाएंगी।

वीर- “नहीं उन्हें कुछ नहीं होगा.." तभी वहां प्रीत और संजू आ जाती हैं।

प्रीत- आप सब ठीक तो हो ना? हमें बहुत घबराहट हो रही थी।

-

संजू- वीर आप ठीक तो हैं ना?

वीर- हम सब ठीक हैं। लेकिन तुम लोग यहां?

संजू- हमें लगा आप मुशीबत में हो इसलिए आ गई। क्या हुआ था यहां?

वीर उन्हें सब बता देता है, शुरू से लेकर आखीर तक सब कुछ।

प्रीत- यह आपने अच्छा नहीं किया की अकेले ही आ गये, इन सबका मुकाबला करने।

वीर-आई आम सारी देवियों। आगे से ऐसा नहीं करूंगा। अलीजा जाओ उन 6 लड़कियों को ले आओ और उन्हें शील्ड से कवर कर लेना।

फिर अलीजा वहां से गायब हो जाती है। घर पहुँचकर वो उन 6 लड़कियों को सब समझा देती है। जिसे सुनकर वो लड़कियां डर जाती हैं। पर अलीजा उन्हें संभाल लेती है। उन लड़कियों को कवर करके अपने साथ लेकर वीर के पास आ जाती है।

ज्वालामुखी और ड्रैगन को देखकर वो लड़कियां डरने लगती हैं। लीना आगे बढ़कर अपनी बहनों को शांत की।

वीर- “आप सबको अलीजा ने सब समझा है दिया है। इसलिए डरिये नहीं। ड्रैगन, अब इन्हें क्या करना है?"

ड्रैगन- मालिक इन्हें रत्न के पास बने उन सात निशानों में जाकर खड़ा होना है, और रत्न के ऊपर सातों को अपना हाथ रखना है। इसके साथ ही शील्ड खतम हो जाएगी। इससे इन्हें आशीर्वाद भी मिलेगा।

वीर उन लड़कियों को ड्रैगन के कहे आनुसार साथ में लीना को भी उन निशानों पर खड़ा करता है। लड़कियां डरते-डरते अपना हाथ उस रत्न के ऊपर रखती हैं। जैसे ही सबका हाथ ऊपर जाता है, वहां एक सफेद रोशनी चमकने लगती है।

थोड़ी देर में जब रोशनी हटती है तो रत्न से अलग-अलग प्रकार की रोशनी निकलकर उन सातों लड़कियों के अंदर चली जाती है, और सातों लड़कियों को अपने अंदर अजीब सी ताकत महसूस होने लगती है।

ड्रैगन- "बच्चियों, आज से तुम भी आम इंसान नहीं रही। तुम सबमें भी पावर्स आ गई हैं। यह सब विधि का विधान है। तुम्हारे बिना मालिक को यह रत्न नहीं मिल सकता था। वो ऊपर वाला जो करता है, उसी में सबका भला है..."

लीना- सच में वीर, मैं अपने आपको काफी ताकतवर महसूस कर रही हैं।

वीर- “चलो यह तो और भी अच्छा हुआ."

तभी वो रत्न चमकने लगता है।

ड्रैगन- जाओ मालिक, आपका रत्न आपको बुला रहा है।

वीर आगे बढ़कर उस रत्न को अपने हाथ में ले लेता है। रत्न हाथ में आते ही वो रत्न एक रोशनी में बदलकर वीर के अंदर चली जाती है। फिर वीर की बाडी को झटका लगता है, और वीर की बाडी हवा में खड़ी हो जाती है।

वीर की बाडी में से रोशनी निकलने लगती है। वीर की अंदरूनी शक्ति रत्न की शक्ति को काबू में कर रही थी। थोड़ी देर में वीर लाल रत्न को भी काबू में कर लेता है। वीर की आँखें और भी ब्लू हो जाती हैं। एक अलग ही कशिश थी वीर की आँखों में।

वहां खड़ी लड़कियों में से जो भी वीर की आँखों में देखती वो उसी में खो जाती।

वीर- चलो यहां से। ड्रैगन आप भी चलो। आज से आप हमारे साथ ही रहेंगे।
 
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