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जूलिया के डैड- “बेटी तू आ गई। यह बाहर क्या हो रहा है? इतना शोर..."
जूलिया- डैड वीर ने हमला कर दिया है जोर्डन पर। यह सब उसी बात का शोर है।
जूलिया की मोम- “ओह्ह... मेरी बच्ची। तुझे देखे आँखें तरस गई थी। कैसी है मेरी बच्ची?"
जूलिया- मैं ठीक हूँ माँ। माँ इनसे मिलो, यह हैं अलीजा परिस्तान की रानी।
दोनों अलीजा से मिलते हैं।
जूलिया- “चलो मोम डैड, हमें यहां से निकलना होगा..."
चारों अभी बाहर निकले ही थे की तभी उनके सामने कुछ सैनिक आकर खड़े हो जाते हैं। जिसे अलीजा उन्हें वहीं खतम कर देती है। अलीजा ने कहा- “एक दूसरे का हाथ पकड़ लो...”
चारों एक दूसरे का हाथ पकड़ लेते हैं, और वहां से गायब हो जाते हैं, और सीधा जाकर अफा में प्रगट होते हैं। जूलिया कहती है- “मोम आप यहीं रहो...” तभी वहां ड्रैगन बेबी आती है।
ड्रैगन बेबी- आप जाइए मैं हूँ, यहां इनकी रक्षा के लिए।
जूलिया के डैड- यह कैसा जानवर है बेटी?
जूलिया- “डैड, यह ड्रैगन है। वीर के ड्रैगन..” अच्छा हम चलते हैं। आप आराम कीजिये.." और दोनों उनसे मिलकर वहां से गायब होकर वीर के ….
वीर- काम हो गया?
जूलिया- “जी हो गया..."
वहीं बिस्वा और आशीष- रामबा के सभी हमशक्लों को मार चुके थे। सिर्फ रामबा बचा था। वीर की सेना लगातार जोर्डन की सेना पर भारी पड़ती हुई नजर आ रही थी। उधर जस्सी मोहित नीलम और निशु, खाली प्लैनेट पर पहुँच जाते हैं। और उनके सामने बहुत से जानवर इधर-उधर हुंकार भरते हुए फिर रहे थे। सबकी बाडी से जैसे आग निकल रही थी। उन जानवरों की नजर इनपे पड़ती है, तो एक जानवर इनकी तरफ खड़ा होकर अपने दूसरे जानवरों को हमला करने भेज देता है।
जैसे ही वो जानवर इनके नजदीक आता है, तभी मोहित अपने असली रूप में आ जाता है और अपने नुकीले नाखून उस जानवर के पेट में घुसा देता है। यह इतनी जल्दी हवा की जानवर को कुछ समझ में नहीं पाया। मोहित का हाथ उसके पेट में घुस जाता है, और मोहित उसे ऊपर उठाकर दूर फेंक देता है।
यह सीन देखकर जस्सी- “वाह यार... ओहह... छा गया गुरुजी...”
तभी उधर से सभी जानवर इनकी तरफ दौड़ पड़ते हैं। यह देखकर नीलम भी अपने असली रूप में आ जाती है। नीलम और मोहित का साइज काफी बढ़ गया था। उनके पास खड़े जस्सी और निशु तो जैसे बच्चे लग रहे थे।
जस्सी निशु को देखकर स्माइल करता है, और निशु भी। तभी जस्सी अपने असली रूप में आ जाता है। उसके बड़े से पंख निकल आते हैं। और वो पँखो से चमगादड़ निकलने लगते हैं।।
इधर नीलम आगे बढ़कर दूसरे जानवर का सिर अपने हाथ से पकड़ लेती है, और अपने तेज दांतों को उसके गले में घुसा देती है। जानवर छटपटाने लगता है। नीलम जानवर की गर्दन धड़ से अलग कर देती है। की तभी पीछे से एक जानवर अपना पंजा नीलम की पीठ पे दे मारता है। नीलम पीछे घूमकर देखती है, तो उसकी आँखें गुस्से से लाल हो चुकी थी। वो वहीं खड़ी-खड़ी अपना हाथ घुमाकर उस जानवर को पंच जड़ देती है। वो जानवर भी कहा पीछे हटने वाला था। वो दोबारा नीलम से भिड़ जाता है
उधर जस्सी एक जानवर को उठाकर आसमान में ले जाता है। और सारे चमगादड़ उसके मांस को खा जाते हैं। अगर कुछ बचता है तो बस सिर्फ उसका अस्थिपंजर और वहीं निशु अपने असली रूप में आ चुकी थी। तभी उसकी तरफ जानवर आता है। इससे पहले की वो हमला करता की तभी निशु हाथ हिलाती है, और उसके पीछे से बहुत सारे चमगादड़ निकलकर उस जानवर से लिपट जाते हैं।
* * * * * * * * * *
जूलिया- डैड वीर ने हमला कर दिया है जोर्डन पर। यह सब उसी बात का शोर है।
जूलिया की मोम- “ओह्ह... मेरी बच्ची। तुझे देखे आँखें तरस गई थी। कैसी है मेरी बच्ची?"
जूलिया- मैं ठीक हूँ माँ। माँ इनसे मिलो, यह हैं अलीजा परिस्तान की रानी।
दोनों अलीजा से मिलते हैं।
जूलिया- “चलो मोम डैड, हमें यहां से निकलना होगा..."
चारों अभी बाहर निकले ही थे की तभी उनके सामने कुछ सैनिक आकर खड़े हो जाते हैं। जिसे अलीजा उन्हें वहीं खतम कर देती है। अलीजा ने कहा- “एक दूसरे का हाथ पकड़ लो...”
चारों एक दूसरे का हाथ पकड़ लेते हैं, और वहां से गायब हो जाते हैं, और सीधा जाकर अफा में प्रगट होते हैं। जूलिया कहती है- “मोम आप यहीं रहो...” तभी वहां ड्रैगन बेबी आती है।
ड्रैगन बेबी- आप जाइए मैं हूँ, यहां इनकी रक्षा के लिए।
जूलिया के डैड- यह कैसा जानवर है बेटी?
जूलिया- “डैड, यह ड्रैगन है। वीर के ड्रैगन..” अच्छा हम चलते हैं। आप आराम कीजिये.." और दोनों उनसे मिलकर वहां से गायब होकर वीर के ….
वीर- काम हो गया?
जूलिया- “जी हो गया..."
वहीं बिस्वा और आशीष- रामबा के सभी हमशक्लों को मार चुके थे। सिर्फ रामबा बचा था। वीर की सेना लगातार जोर्डन की सेना पर भारी पड़ती हुई नजर आ रही थी। उधर जस्सी मोहित नीलम और निशु, खाली प्लैनेट पर पहुँच जाते हैं। और उनके सामने बहुत से जानवर इधर-उधर हुंकार भरते हुए फिर रहे थे। सबकी बाडी से जैसे आग निकल रही थी। उन जानवरों की नजर इनपे पड़ती है, तो एक जानवर इनकी तरफ खड़ा होकर अपने दूसरे जानवरों को हमला करने भेज देता है।
जैसे ही वो जानवर इनके नजदीक आता है, तभी मोहित अपने असली रूप में आ जाता है और अपने नुकीले नाखून उस जानवर के पेट में घुसा देता है। यह इतनी जल्दी हवा की जानवर को कुछ समझ में नहीं पाया। मोहित का हाथ उसके पेट में घुस जाता है, और मोहित उसे ऊपर उठाकर दूर फेंक देता है।
यह सीन देखकर जस्सी- “वाह यार... ओहह... छा गया गुरुजी...”
तभी उधर से सभी जानवर इनकी तरफ दौड़ पड़ते हैं। यह देखकर नीलम भी अपने असली रूप में आ जाती है। नीलम और मोहित का साइज काफी बढ़ गया था। उनके पास खड़े जस्सी और निशु तो जैसे बच्चे लग रहे थे।
जस्सी निशु को देखकर स्माइल करता है, और निशु भी। तभी जस्सी अपने असली रूप में आ जाता है। उसके बड़े से पंख निकल आते हैं। और वो पँखो से चमगादड़ निकलने लगते हैं।।
इधर नीलम आगे बढ़कर दूसरे जानवर का सिर अपने हाथ से पकड़ लेती है, और अपने तेज दांतों को उसके गले में घुसा देती है। जानवर छटपटाने लगता है। नीलम जानवर की गर्दन धड़ से अलग कर देती है। की तभी पीछे से एक जानवर अपना पंजा नीलम की पीठ पे दे मारता है। नीलम पीछे घूमकर देखती है, तो उसकी आँखें गुस्से से लाल हो चुकी थी। वो वहीं खड़ी-खड़ी अपना हाथ घुमाकर उस जानवर को पंच जड़ देती है। वो जानवर भी कहा पीछे हटने वाला था। वो दोबारा नीलम से भिड़ जाता है
उधर जस्सी एक जानवर को उठाकर आसमान में ले जाता है। और सारे चमगादड़ उसके मांस को खा जाते हैं। अगर कुछ बचता है तो बस सिर्फ उसका अस्थिपंजर और वहीं निशु अपने असली रूप में आ चुकी थी। तभी उसकी तरफ जानवर आता है। इससे पहले की वो हमला करता की तभी निशु हाथ हिलाती है, और उसके पीछे से बहुत सारे चमगादड़ निकलकर उस जानवर से लिपट जाते हैं।
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