S
StoryPublisher
Guest
दीपा ने इस पर कोई आपत्ति जाहिर नहीं की।
कमीज़ को उठाने के बाद उसने अपने दोनों हाथों से दीपा के कमर को दबाना चालू क्या।
फिर थोड़ा सा तेल दीपा के पेट पर डाल कर अपने हाथ को गोल-गोल घुमाते हुए दीपा के पेट की मालिश करने लगी।
दीपा को अजीब सा मजा आ रहा था, उसके पेट में गुदगुदी सी होने लगी, जिसके कारण दीपा थोड़ा हिलने लगी।
बेला- क्या हुआ राजकुमारी जी..ठीक से लेटिए ना.. हिल क्यों रही है?
दीपा अपनी आँखें बंद किए हुए बोली- काकी, वो गुदगुदी हो रही है।
बेला- क्या गुदगुदी.. आप तो ऐसे मचल रही हो, जैसे कि कोई लड़का आपके पतली कमर पर हाथ फेर रहा हो।
जैसे ही बेला ने यह बात कही, दीपा के मन में एक बार फिर से कल वाली बात ताज़ा हो गई।
उसका दिल जोरों से धड़कनें लगा, कल जब सोनू उसके कमर और चूतड़ों को मसल रहा था.. तो उसकी चूत पनिया गई थी।
लेकिन बेला और सोनू के छूने में ज़मीन-आसमान का फर्क था।
‘काकी मर्द के छूने से क्या होता है?’ दीपा ने जिज्ञासापूर्वक पूछा।
वो अभी भी अपनी आँखें बंद किए हुए थी।
बेला- अरे बेटी, अब क्या बताऊँ कि जब एक मर्द किसी औरत के बदन को छूता है तो क्या होता है। बस ये समझ लो कि दुनिया का हर सुख उस सुख के सामने फीका लगता है। जब कोई मर्द प्यार से छूता है।
दीपा- ऐसा क्यों होता है काकी?
दीपा की जिज्ञासा बढ़ती जा रही थी।
बेला दीपा के पेट की मालिश करते हुए उसकी चूचियों की तरफ बढ़ती जा रही थी।
बेला- वो तो पता नहीं जब तुम्हें कोई मर्द छुएगा, तो पता चल जाएगा कि कितना मजा आता है, जब एक मर्द औरत के बदन को छूता है।
बेला दीपा की कमीज़ उसकी चूचियों के नीचे तक ऊपर कर चुकी थी, अब उसकी ऊँगलियाँ बीच-बीच में दीपा की चूचियों से टकरा जातीं तो दीपा के बदन में मस्ती की लहर दौड़ जाती और अब तो उसके मुँह से मस्ती भरी ‘आहह..’ निकल गई, जिसे सुन कर बेला के होंठों पर मुस्कान फ़ैल गई।
बेला ने दीपा की चूचियों के पास मालिश करते हुए कहा- तुम जानती हो एक मर्द को औरत के किस अंग को सहलाने में सबसे अच्छा लगता है? अगर औरत को वो अंग जितना सुंदर और बड़ा होगा, वो मर्द को उतना ही आकर्षित करता है।
दीपा ने तेज चलती साँसों के साथ पूछा- क्या काकी बताओ ना?
बेला ने अपने दोनों हथेलियों से दीपा की चूचियों को मसलते हुए कहा- ये… एक औरत की चूचियाँ देख कर कोई भी उसका गुलाम हो सकता है।
दीपा ने मस्ती में सिसकते हुए कहा- ओह्ह.. काकी… यह आप क्या कर रही हैं?
बेला- मैं तुम्हें बता रही हूँ कि जब एक आदमी किसी औरत की चूचियों को मसलता है, तो औरत को बहुत मजा आता है। तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा क्या?
दीपा ने अपनी आँखें बंद किए हुए मदहोशी के सागर में गोते खाते हुए कहा- अच्छा लग रहा है… काकी.. पर पर्ररर उन्हह.. अहह.. काकी।
बेला ने अपनी उँगलियों से दीपा की चूचियों के चूचकों को मसल दिया।
दीपा के बदन में मस्ती की लहर दौड़ गई।
उसने अपने दोनों हाथों से बेला के हाथों को कस कर पकड़ लिया, पर उसने बेला के हाथों को अपनी चूचियों पर से हटाने की कोशिश नहीं की, बेला के होंठों की मुस्कान बढ़ती जा रही थी।
अब बेला ने एक और दांव खेला, जिसे झेलने के लिए दीपा बिल्कुल तैयार नहीं थी।
दीपा के 32 साइज़ की तनी हुई चूचियां उसके कमीज़ से बाहर थीं और उन पर हल्के गुलाबी रंग के चूचुकों को देख कर तो किसी का भी ईमान डोल जाता।
बेला ने दीपा की चूचियों पर से अपने हाथ हटा कर दीपा के हाथों को पकड़ा और उसके सर के पास नीचे चटाई के साथ सटा दिया, जिससे दीपा गोरी-गोरी चूचियाँ और बाहर की तरफ निकल गईं।