जब वो डाइनिंग टेबल पे बैठता है तब उसे महक टप्पू मारती है
महक;अर्रे सॅम तुझे पता है आज आबिद का रिज़ल्ट है पता नही क्या गुल खिलाया है एग्ज़ॅम मे
सॅम;उसे घूरता हुआ तू जैसे बड़ी साइंटिस्ट है तूने क्या गुल खिलाएँ है एग्ज़ॅम मे
महक;ऊइईई कद्दू टॉपर थी लास्ट एअर मैं समझा
सॅम;ह्म्म्म्म ममममम चीटिंग से
महक;उससे मारने ही वाली थी कि नजमा उसे डाँटते हुए
नजमा;बेशरम लड़की अपने भाई को मारती है
महक;भाई और ये मेरी जान का दुश्मन है ये मुझे पहले पता होता तो वो बोलते रुक गयी क्यूंकी उसे सामने से आबिद आता हुआ देखा उसका मुँह लटका हुआ था
नजमा;आबिद रिज़ल्ट आ गया तेरा बता मुझे
आबिद;डरते हुए मारक्शीट नजमा के हाथ मे देता है
नजमा;चिल्लाते हुए कम्बख़्त मारे ये क्या तू मेद्स और इंग्लीश मे फैल हो गया है.
महक और सॅम;दोनो आबिद को देख रहे थे जिसकी हालत भीगी बिल्ली जैसी थी
सभी जानते थे अब क्या होने वाला है
नजमा;ने पहले ही आबिद को इनटेमेशन दे रखी थी कि अगर वो एग्ज़ॅम मे फैल हुआ तो वो उसके मामा यानी नजमा के बड़े भाई यासीन ख़ान के यहाँ सागर जाएगा वहाँ एक बहुत बड़ी मिलिटरी कॅंप है और यासीन ख़ान वहाँ एक लेक्चरर है
वहाँ कॉलेज के साथ साथ मिल्तरी ट्रनिंग भी दी जाती है
नजमा;अपना समान पॅक करके रख आबिद दो दिन मे तुझे सागर जाना है तू मुझसे नही सुधारने वाला तुझे तेरे मामू ही ठीक करेंगे
सॅम;अम्मी बच्चा है हमारा आबिद वहाँ कैसे रहेगा
नजमा;सॅम को घूरते हुए तो तू चला जा उसके साथ
सॅम;मुस्कुराते हुए मैं तो आपका बच्चा हूँ मैं आपको छोड़ के कहीं नही जाने वाला
नजमा;के होंठों के कॉर्नर मे एक हल्की से मुस्कान आजाति है जिसे वो बड़ी चालाकी से छुपा लेती है और आबिद को खरी खोटी सुनाने लगती है
नजमा;अपने बच्चों के फ्यूचर को लेके बहुत स्ट्रिक्ट थी वो जानती थी इस टफ कॉंपिटेशन मे इन्हीं कुछ एक्सट्रा एफर्ट देखने होंगे
आबिद;बातें सुनने के बाद अपने रूम मे चला जाता है उसे रोना आ रहा था पता नही क्यूँ
पर उसे जाना था और ये चीज़ टलने वाली नही थी
सॅम;नजमा के रूम में चला जाता है जहाँ नजमा ऑफीस जाने के लिए कुछ तैयारी कर रही थी वो सॅम को देखती है और फिर से अपनी फाइल ढूँडने लगज़ाती है
सॅम;वहीं बेड पे बैठा नजमा के जिस्म को निहार रहा था
अम्मी आपको नही लगता आप आबिद के साथ ज़्यादती कर रही है
नजमा;मुझे जो ठीक लगता है वही करती हूँ मैं समझे और आबिद इस से सुधरने वाला है तुम अपनी नाक बीच में ना ही अड़ाओ तो अच्छा होगा
सॅम;उठ के नजमा को पीछे से पकड़ लेता है
अम्मी मैं तो बस आपको
नजमा;छोड़ो मुझे जब देखो मक्खी की तरह मेरे आगे पीछे मंडराते रहते हो शरम नाम की तो कोई चीज़ रही नही तुम मेक सम
सॅम;नजमा को अपनी तरफ घुमा देता है और उसकी झील सी आँखों में देखने लगता है मैने ऐसा क्या किया जो आप मुझे ऐसा कह रही हैं
नजमा;बनावटी गुस्सा दिखाते हुए देख सॅम तू भी जानता है तूने सुबह क्या किया अएन्दा ऐसा करेगा ना तो वो बोलने ही वाली थी कि सॅम नजमा के गालों पे ज़ोर से काट लेता है
नजमा;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह चिल्ला भी नही सकती थी कोई आजाता तो क्या जवाब देती वो सॅम को पीछे धकेल के एक थप्पड़ उसके गाल पे रख देती है
खबर दार बदतमीज़ आयेन्दा ऐसी हरकत किया तो
नजमा के गालों पे सॅम के काटने से जलन होने लगी थी उसका गुस्सा आना जायेज़ था
सॅम;अम्मी आप मुझे जान से मर्दो पर मैं अपनी अम्मी को प्यार करना नही छोड़ूँगा और एक ना एक दिन आप खुद मेरे गालों पे क्या होंठों पे किस करोगी
नजमा;उसे ऐसे घुरती है जैसे सच मच अब गोली मार देगी
चला जा मेरे रूम से कम्बख़त वो दिन कभी नही आएगा समझा
और मैं तुझे इसलिए नही मारना चाहती कि तू अब बड़ा हो गया है पर अगर तूने अपनी लिमिट क्रॉस किया तो मैं भूल जाउन्गी कि तू मेरा बेटा है
सॅम;मैं भी तो यही चाहता हूँ कि आप ये भूल जाएँ कि मैं आपका बेटा हूँ और वो हंसता हुआ नजमा के गाल को सहलाता हुआ वहाँ से निकल जाता है
नजमा;दिल में सोचने लगती है इस्पे तो अब मेरे थप्पड़ का भी असर नही होता पता नही क्या हाल करेगा ये इस घर का और वो ऑफीस के लिए निकल जाती है
सॅम;और शबनम एक कार में ऑफीस जा रहे थे
शबनम;चुप थी उसे रह रह के रात वाली बात याद अराही थी कि आज रात उसे दुल्हन की तरह तैयार होना है और सॅम
नही नही मैं ऐसा कुछ नही करूँगी
वो चिल्लाती है सॅम मैं ऐसा कुछ नही करूँगी
सॅम;उसे हैरत से देखता हुआ क्या नही करूँगी भाभी आप
शबनम;वो मैं कुछ नही
सॅम;तो फिर ऐसे अचानक चीखीं क्यूँ आप बोलो ना भाभी सॅम की आवाज़ में शरारत थी
शबनम;आज के बाद तुम मेरे रूम में नही आओगे और मैं कुछ भी नही करना चाहती तुम्हारे साथ ना मैं रात में तैयार होउंगी और ना तुम मेरे रूम में आना उसकी आवाज़ कांप ज़रूर रही थी पर ऐसा लग रहा था जैसे उसने फ़ैसला करलिया हो
सॅम;शबनम का एक हाथ अपने हाथ में मज़बूती से थाम लेता है
भाभी मैं आज रात आपके रूम में ज़रूर आउन्गा और में जानता हूँ आप दुल्हन की तरह मेरे लिए ज़रूर तैयार होगी
ये कहते हुए सॅम स्पीड से कार ऑफीस पहुँचा देता है
शबनम;चुप चाप कार से उतर के अपने कॅबिन में चली जाती है
सॅम;कार से उतरने ही वाला था कि उसके फोन पे मिस्टर.जाफ़री की बीवी शिबा का कॉल आता है
शिबा;हेलो क्या समीर ख़ान का नंबर है
सॅम;जी हाँ बिल्कुल सही नंबर लगाया है अपनी मिस्स्स्स्स्सस्स
शिबा;जी मैं शिबा बोल रही हूँ
सॅम;ओह शिबा जी कैसी है आप
शिबा;जी मैं बिल्कुल ठीक हूँ वो दरअसल बात ये है कि कल से ना मुझे बड़ी घबराहट सी होरही है क्या आप ज़रा आके देख लेगे मुझे
सॅम;को हँसी आजाति है जी शिबा जी मैं डॉक्टर.नही हूँ एक बिज़्नेस मॅन हूँ आप किसी डॉक्टर.से कन्सल्ट कीजिए ना
शिबा;मेरी घबराहट का इलाज़ आपके पास है सॅम
कल मेरे हज़्बेंड को चेक अप के लिए हॉस्पिटल ले जया जाएगा मैं घर में बोर हो जाउन्गी
सॅम;ह्म्म्म्म मममम दिल में सोचने लगता है सब कुछ समझ गया
ओके शिबा जी मैं कल कितने बजे आऊ आपकी देखने
शिबा;2पी एम आ जाए और देख लीजेएगा मेरी.......................तबीयत
सॅम;ज़रूर आउन्गा शिबा जी अब तो आपकी देखनी ही पड़ेंगी.............तबीयत
दोनो डबल मीनिंग में बातें कर रहे थे
सॅम;ओके मैं रखता हूँ सी यू लेटर बाइ टेक केयर
सॅम;का तो जैसे जॅक पॉट लगगया था पर उसे जिस चीज़ की तलब थी वो उससे अभी काफ़ी दूर थी पर उसने सोच लिया था कि चाहिए जो होज़ाये कॉसिश करते रहना है आख़िर दिल का मामला जो था
जैसे तैसे वक़्त गुज़रता गया और सॅम के साथ नजमा और शबनम रात 7पी एम ऑफीस से घर वापस आ गये
शबनम;घर में आज सॅम से नज़रें चुरा रही थी वो जल्दी से खाना ख़ाके अपने रूम में चली गयी
महक;अपनी किसी सहीली की बर्त डे पार्टी में गये थे और आबिद का मूड तो ऑफ ही था रात के खाना खाने के बाद नजमा ने उस बेचारे को और खरी खोटी सुना दी जिससे उसका बुरा हाल था
सॅम;अपने रूम में नहा रहा था उसे पूरा यकीन था कि आज किरात उसकी और शबनम की ज़िंदगी की ऐसी रात होंगी जो भाभी और देबर का रिश्ता हमेशा के लिए बदल के रख देंगी
वो काफ़ी देर तक तैयार होता रहा रात के 10 बज रहे थे
नजमा;अपने रूम में लेटी हुई थी और आबिद और महक अपने रूम में थे
रात1एएम;सभी अपने अपने रूम्स में सो रहे थे सॅम अपने बेड से उठता है और शबनम के रूम की तरफ बढ़ता है
जब वो रूम का दरवाज़े पे हाथ रखता है तो उसका दिल ज़ोरों से धड़कने लगता है शबनम ने रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद नही किया था
सॅम;जब रूम के अंदर दाखिल हुआ तो चारों तरफ अंधेरा पसरा हुआ था वो भाभी भाभी कहके शबनम को आवाज़ देता है पर शबनम की तरफ से कोई रिप्लाइ नही आता वो लाइट ऑन करदेता है और डोर बंद करके जब पीछे मुड़ता है
उसकी आँखे जैसे किसी तेज़ रोशनी से चौंधिया जाती है सामने हुस्न की मलिका शफ़ाफ़ गोरे जिस्म वाली किसी परी को देख किसी आम से आदमी का जो हाल होता है वही हाल सॅम का हो गया था
लाल रंग की साड़ी में लिपटी हुई वो परी जिसके होंठ शबनाक की बूँदों की तरह चमक रहे थे उसकी पेशानी पे चमकते पसीने की वो बूँदें मानो ऐसी लग रही थी जैसे पहली बारिश की चन्द मदमस्त बूंदे किसी पेड़ के पत्ते पे जब गये हो
शबनम ने अपनी शादी की वही साड़ी पहनी थी जिसमे सॅम ने जब उसे शादी वाले दिन देखा था तो उसके दिल में भी एक बार को अपने भाई के लिए जलन और हसद पैदा हो गयी थी कि काश ये मालिकाए हुस्न मेरी बिस्तर की ज़ीनत बन पाती
पर आज वो दिन शायद आ गया था जिसके बारे में सोच सोच के सॅम ने कितनी बार मूठ मारा था
शबनम;का सर झुका हुआ था और साँसें तेज चल रही थी
सॅम;उसके एकदम करीब जाके खड़ा हो जाता है और धीरे से शबनम के चेहरे को उपर उठाके उसकी नशीली आँखों में देख के कहता है
थॅंक यू सो मच भाभी जो अपने मेरी बात मान ली
शबनम;अपना सर उपर उठाके उसे देखती है शबनम की आँखों में आँसू थे जो बस छलकने ही वाले था कि सॅम अपनी ज़ुबान से उस छलकते हुए पैमाने को पी जाता है
शबनम;के पूरे जिस्म में कपकपाहट सी पैदा कर गया था सॅम का इस तरह उसके आँसू पीना
सॅम;भाभी क्या आप मुझसे नाराज़ हो
शबनम;नही में सर हिलाती है
सॅम;तो आप रो क्यूँ रही हो
शबनम;पता नही सॅम मुझे कुछ पता नही मुझे अपनी ज़ात पता नही मैं तो ये सब करना भी नही चाहती थी मैं तो रूम लॉक करके सोजाना चाहती थी मैं तुमसे बात भी नही करना चाहती थी पर मैं नही जानती कि मे ये सब चाहते हुए भी क्यूँ करना सकी
मुझे अपने होने का एहसास दिलाओ सॅम में भी एक औरत हूँ मुझे वो एहसास चाहिए जो मैं तुम्हारे भाई के साथ दफ़ना चुकी थी क्या तुम मुझे वो प्यार दे सकते हो जो मैं चाहती हूँ
सॅम;नही जानता था कि शबनम इतनी एमोशनल लड़की है उसके दिल में शबनम के लिए इज़्ज़त और मोहब्बत दोनो का मुकाम और बढ़ गया था वो शबनम की बाहें थाम के उसे अपने सीने से लगा लेता है और उसके कानों के पास की ज़ुल्फो को हटा के धीरे से कहता है
आइ लव यू भाभी
आप वो दूसरी औरत हो जिसे मैं ये दिल से कह रहा हूँ
आप मुझसे जितना प्यार करती है शाएद मैं अभी उतना प्यार आपसे नही करता हूँ पर मैं आपको वादा करता हूँ कि मैं आपकी हर जायज़ तमन्नाओ को पूरा करूँगा जो आप मुझसे चाहती है
शबनम;सॅम की आँखों में अपना अक्स तलाश करने लगती है
उससे एक धुंधला सा चेहरा देखाई देता है जिसे वो अपना चेहरा समझ के उससे लिपट जाती है
ओह सॅम तुम नही जानते मैं भी तुमसे कितना प्यार करती हूँ और वो एक छोटी सी बच्ची की तरह अपने सॅम के चेहरे को चूमना शुरू कर्देति है
सॅम;भी शबनम को चूमे जा रहा था और अब उसके हाथ अपना जादू दिखा रहे थे वो शबनम की साड़ी उसकी नाभि के पास से खींच लेता है और एक हाथ से उसका ब्लाउस भी खोल देता है
शबनम;सिर्फ़ लेनहगे और ब्रा में थी वो इतनी पागल होचुकी थी कि उसने भी सॅम की पॅंट और शर्ट खोल दी थी दोनो एक दूसरे को देखने लगते है और फिर दुबारा एक दूसरे को चूमने लग जाती है इस बार ये पॅशनेट किस्सिंग थी जिसमें ज़ुबान और सलाइवा एक दूसरे को पिलाया जा रहा था
वो दोनो जल्द से जल्द पूरी तरह नंगे होना चाहते थे और हुआ भी यही जहाँ सॅम ने शबनम के पूरे कपड़े निकाल दिए वहीं शबनम ने भी सॅम को लग भग नंगा करदी थी सॅम सिर्फ़ अंडरवेर में था और शबनम उसके सामने पूरी नंगी खड़ी थी दोनो एक दूसरे को मसलते हुए बेड पे गिर जाते हैं
शबनम;के ब्रेस्ट सफेद दूध जैसे थे और निपल का कलर एकदम गुलाबी जब सॅम ने उसे अपने हाथ में लिया तो उसे ऐसा फील हुआ जैसे मखमल को छू रहा हो
शबनम का पेट एकदम पतला किसी मॉडेल की तरह था और जाँघ एकदम भरी हुई उसकी सबसे कीमती जगह पे एक भी बाल नही था जब सॅम शबनम की चूत के पास पहुँचा तो वो जैसे उसका दीवाना हो गया गुलाब की दो पंखुड़ियाँ एक दूसरे से बातें कर रही थी और हल्का भूरा क्लाइटॉरिस उसपे चार चाँद लगा रहा था
सॅम;के होंठ शबनम की चिकनी चूत पे झुकते चले जाते है और वो आइस्क्रीम की तरह उसे चाटता चला जाता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प
शबनम;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह सॅम नही वहाँ गंदा है हाआआआअ ऊऊऊऊऊओ नही ना उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह मत करो ना सॅम हााआआ वो बोल कुछ रही थी और कर कुछ और रही थी उसके हाथ सॅम के सर को और चूत पे झुका रहे थे
शबनम;का ये पहला अनुभव था जब उसके उस हिस्से को किसी ने ऐसे चूमा था
तकरीबन 10मिनट की ज़ोरदार चुसाइ के बाद शबनम थोड़ी हलकान होचुकी थी उसने एक बार अपना पानी सॅम को पिला दिया था अब उसकी बारी थी सॅम का पानी पीने की
सॅम;शबनम के होंठों को चूमने लगता है और उसे उसी का पानी टेस्ट करवाता है
भाभी मुँह में लोना
शबनम;नही सॅम मुझे गंदा लगता है मैं नही लूँगी
सॅम;प्यार में कुछ गंदा नही होता
शबनम;उनह सॅम नही अहह
वो इनकार कर रही थी पर इकरार करवाना सॅम को खूब आता था वो शबनम का हाथ अपने मुस्सल पे लगा देता है
शबनम;हााआआ वो कांप जाती है इतना मोटा और इतना लंबा मैं कैसे लूँगी ये सवाल उसके दिमाग़ में सबसे पहले आया पर उसने सॅम को बोली नही
सॅम;शबनम;की परेशानी समझ गया वो उसकी आँखों में देख के कहता है लेना तो पड़ेगा ही भाभी
शबनम;नही क्या मैं क्या कह रहे हो सॅम तुम
सॅम;शबनम को घुमा के 69 में लेलेता है और उसकी चूत की दुबारा चुसाइ शुरू करदेता है जिससे शबनम मचल जाती है और उसका मुँह खुलता चला जाता है और फिर अचानक सॅम को अपना लंड नरम गीली चीज़ के आजू बाजू आता जाता महसूस होने लगता है ये शबनम की ज़ुबान थी जो सॅम के लंड को चाट रही थी और फिर गटकते चली जाती है अंदर तक गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प
दोनो देवर भाभी एक दूसर को ऐसे प्यार कर रहे थे जैसे कल कयामत आने वाली है
जब सॅम से बर्दस्त नही होता वो शबनम को अपने नीचे लेलेता है और उसके उपर चढ़ जाता है
उसका रोड एकदम पत्थर की तरह हो चुका था और शबनम की चूत किसी शीशे की तरह चमक रही थी वो एक दूसरे की आँखों में देख के इजाज़त लेते है और जब शबनम हाँ में कहते हुए आँखे बंद कर्लेति है तो सॅम अपने लंड पे ज़ोर लगाता चला जाता है और वो शबनम की चूत को चीरता हुआ अंदर और अंदर तक घुसता चला जाता है
शबनम;के मुँह से घुटि घुटि आवाज़ निकल रही थी क्यूंकी सॅम ने अपने होंठ उसके लिप्स पे जमा रखे थे और वो दौर शुरू होचुका था जिसका शबनम को इंतजार था
तेज तेज झटकों के साथ सॅम पेलता चला जा रहा था और शबनम उसे मज़बूती से पकड़ के अपने अंदर तक लेते जा रही थी
वो दोनो हाँफने लगे थे पर थके नही थे और दोनो थकना भी नही चाहते थे बस वो तो एक दूसरे के जिस्म में डुबजाना चाहते थे
सॅम;सटा सॅट अपनी तलवार शबनम की ढाल पे मारता चला जाता है और शबनम अपने बचाव में अपनी कमर उछालती चली जाती है हााआआ अहह अहह
पूरे रूम में उनकी पॅच पॅच की आवाज़ें गूँज रही थी और ठंडी हवाएँ उनके जिस्म पे आते पसीने को सुखाते चले जा रही थी
सॅम;शबनम को तकरीबन 25 मिनट तक एक ही पोज़िशन में चोदता चला जाता है और फिर एक ज़ोरदार झटके के साथ शबनम पे ढेर हो जाता है उसका पानी शबनम की चूत को भरने लगता है और कुछ पानी बाहर निकल के उसकी गान्ड के सुराख को भी गीला करता हुआ बेड शीट पे गिरने लगता है
दोनो एक दूसरे को देखते हैं और सॅम अपना सर शबनम की छाती पे रख के साँसें धीमी करने लगता है
सॅम;का सर शबनम की ब्रेस्ट पे था और शबनम सॅम के बालों में उंगलियाँ डाले अपने ख़यालों में गुम थी
उसे अपने अधूरे ख्वाब पूरे होते नज़र आ रहे थे एक औरत और छाती भी क्या है एक अच्छा घर हो एक प्यार करने वाला शोहर हो और प्यारे प्यारे बच्चे हों जो ख्वाब शबनम के चकना चूर हो गये थे उन्होने आज फिर से सर उठाया है और सॅम से पूछ लेती है
सॅम हमने जो किया वो ग़लत तो नही है ना
सॅम;बिल्कुल नही भाभी जब दो प्यार करने वाले अपनी मर्ज़ी से एक दूसरे के साथ सोते हैं तो वो ग़लत नही बल्कि सिर्फ़ और सिर्फ़ प्यार होता है जो मैं आपसे और आप मुझसे करती हो
शबनम;हन्ंनणणन् तुम सही कह रहे हो और ये तुम मुझे आप आप कहना छोड़ दो आज से में तुम्हारी शबनम हूँ मुझे नाम से बुलाओ समझे
सॅम;उसकी एक ब्रेस्ट को काटते हुए शबनमाआआआआआआ श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
शबनम;अहह चीख भी नही सकती थी बस कसमसा के रह जाती है
वो बुरी तरह शबनम की ब्रेस्ट को चूसने लगता है जिससे शबनम की साँसें तेज हो जाती है और वो सॅम के नीचे आना चाहती है पर सॅम उसकी ब्रेस्ट को चूस्ता हुआ उसकी चूत को सहलाए जा रहा था शबनम बुरी तरह कांप जाती है उसकी गुलाबी निपल अकड़ के खड़े हो जाते है
सॅम;जान चुका था कि शबनम अब बर्दास्त नही करसकती पर वो तो आज शबनम को बेशरम बनाने के पीछे पड़ा था
एक इंडियन औरत कभी अपने मुँह से ये नही कहती कि सुनो आज मेरा बड़ा दिल कर रहा है मुझे कस के चोदो ना बस वो तो अपने जिस्म को शोहर के जिस्म पे रगड़ के या किस करके बताती है ये वो क्या चाहती है वही इस वक़्त शबनम कर रही थी पर सॅम था कि जानते हुए भी अंजान बन रहा था
शबनम;के सबर का प्याला झलक जाता है और वो सॅम को नीचे लेके उसके उपर चढ़ जाती है और देखते ही देखते पेशानी से लेके लंड तक उसे किस करती चली जाती है जब वो वहाँ पहुँची तो उससे रहा नही गया मुँह में लेने को गंदा कहने वाली शबनम बिना सोचे समझे एक झटके में सॅम का खड़ा लंड अपने मुँह में भर के लोली पोप की तरह चूसने लगती है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
सॅम;के लंड की चुसाइ इतनी जानदार तरीके से होरही थी कि वो बर्दस्त नही कर पाता और शबनम को घुमा के अपने नीचे करलेता है और उसके दोनो पैर खोल देता है और एक ज़ोर दार तरीके से अपना लंड शबनम की चूत में घुसा देता है एक ज़ोर दार चीख जो शबनम के मुँह से निकल सकती थी पर सॅम के सही वक़्त पे उसके मुँह बंद करदेने से रुक गयी
शबनम;अपने नये लंड से काफ़ी खुश थी सॅम का चोदने का अंदाज़ ही निराला था वो पूरा बाहर निकाल के जड़ तक पेल देता था और हर बार शबनम बेड में धँसती चली जाती थी
सॅम;अपनी कमर को थोड़ा घुमा घुमा के चोदता था जिससे शबनम को ऐसे लगता था जैसे कोई रोलर उसकी चूत में घूम रहा हो
दोनो हार मानने को तैयार नही थे और पसीने में लटपथ होने के बाद भी वो अपनी रास लीला ख़तम नही कर पा रहे थे ये जिस्म की भूक भी अजीब होती है जब लगती है तो मिटने का नाम ही नही लेती
सुबह 4 बजे तक ये सिलसिला शुरू रहा आख़िर शबनम को कहना पड़ा कि सॅम अब तुम जाओ मेरी कमर दुख रही है मैं कहीं भागी थोड़ा जा रही हूँ कल कर लेना
एक पॅशनेट किस्सिंग के बाद सॅम शबनम के रूम से निकल के अपने रूम में जाके ऐसे ही नंगा सो जाता है
सुबह9बजे;;जब सॅम की आँख खुली तो चाइ का कप उसकी टेबल पे रखा हुआ था
सॅम;को लगा शायद भाभी रख के गयी होंगी वो चाइ पीक उसे वापस टेबल पे रखता है तभी रूम में नजमा आती है
नजमा;का चेहरा कुछ कह रहा था पर होंठ खामोश थे वो एक नज़र सॅम पे डालके कप लेजाने लगती है तभी सॅम उसका हाथ पकड़ लेता है और नजमा को बेड पे बैठा देता है
सॅम;क्या हुआ अम्मी आप परेशान लग रहीं है
नजमा;नही तो कुछ भी नही तू फ्रेश होज़ा
सॅम;अम्मी दे दोना
नजमा;क्या हैरत से
सॅम;उसके ब्रेस्ट पे उंगली रखते हुए ईईई
नजमा;सॅम को आँखे निकाल के देखती है जैसे अब ज़ोर की रख देगी सॅम को
नजमा;देख सॅम मज़ाक की भी एक लिमिट होती है तू दिन ब दिन और नालायक होता जा रहा है और ये ऐसे कैसे सोता है तू कपड़ा तो पहन के सोया कर
सॅम;उफफफफफफफ्फ़ हो अम्मी मैं आपका बेटा हूँ कितनी मर्तबा आपने बचपन में मुझे नहलाया है
नजमा;तब तू बच्चा था और अब
सॅम;और अब क्या अम्मी
नजमा;कुछ नही मुझे जाने दे
सॅम;अपनी चादर हटा देता है और नजमा को अपनी उस कीमती चीज़ के दीदार करा देता है
नजमा;के मुँह से एक हल्की सी जो गौर से सुनाई दे श्ह्ह्ह्ह्ह्ह सिसकी निकल जाती है
बेशर्म कहीं के हाथ छोड़ मेरा वरना
सॅम;नजमा का एक हाथ पकड़ के अपने एक गाल पे थप्पड़ मारता है फिर दूसरे वरना यही करने वाली थी ना आप अम्मी मैं आपकी मार से पीछे नही हटने वाला मैं आपको उस वक़्त प्यार करना छोड़ दूँगा जब मौत का फरिश्ता मुझे ले जाएगा
नजमा;का दिल लरज जाता है और वो अपना हाथ सॅम के मुँह पे रख देती है खबरदार जो ऐसे अल्फ़ाज़ मुँह से निकाले तो तुझे मेरी कसम सम
सॅम;नजमा को सीने से लगा देता है और पकड़ नॉर्मल नही बहुत मज़बूत थी नजमा कभी कभार ही तो इतनी एमोशनल होती थी
और सॅम इसी के इंतजार में रहता था
नजमा;ऊऊचह छोड़ना दर्द होता है
सॅम;पहले दो
नजमा;नही दूँगी चाहे कुछ भी करले
सॅम;देखो अम्मी शराफ़त से देदो वरना
नजमा;वरना अपनी अम्मी के साथ ज़बरदस्ती करेगा तू
सम;अर्रे अम्मी मैं भला क्यूँ ज़बरदस्ती करने लगा जब आप मुझे प्यार से देना चाहती हो तो चलो जल्दी से देदो वरना कोई आजाएगा
नजमा;बेड से उठते हुए नही मुझे जाने दे कल भी तूने अहह अहह
वो बोलते बोलते सिसक उठी क्यूंकी सॅम ने अपना मुँह उसके ब्लाउस के बीच का क्लीवेज़ पर रख के चाटना शुरू कर्दिया था श्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह
नजमा;अहह तू ये ज़बरदस्ती कर रहा है अहह सॅम ये ग़लत है
सॅम;मैं सिर्फ़ प्यार कर रहा हुनह्ह्ह्ह्ह्ह्ह वो एक ब्रेस्ट को ब्लाउस के उपर से ही मुँह में लेके चूस्ता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प
नजमा;जानती थी कि अभी वो नही रुकी तो बहुत देर होज़ायगी वो सॅम को पीछे धकेल के एक थप्पड़ उसके गाल पे रसीद के उसे घूरती हुए वहाँ से चली जाती है
वो जानती थी कि ये बेशरम पे अब थप्पड़ों का भी असर नही होता
दुपहर 1पी एम
सॅम अपने ऑफीस के कॅबिन में बैठा कुछ फाइल्स देख रहा था तभी उसका सेल फोन बजता है
जब वो सेल उठाके देखता है तो उसके चेहरा खिल उठता है और वो फोन रिसिव करके हेल्लो कहता है
सॅम;फोन रिसिव करता है
हेलो
दूसरी तरफ शिबा थी जाफ़री साहब की वाइफ वो सॅम से कुछ कहती है और सॅम अपनी कार की कीस लेके बाहर निकल जाता है तभी उसे नजमा जाता देख आवाज़ देती है
नजमा;सॅम एक मिनट ज़रा मेरे कॅबिन में आना
सॅम;जी आया और वो नजमा के कॅबिन की तरफ चला जाता है
हाँ बोलो अम्मी
नजमा;सॅम के चेहरे को गौर से देखते हुए कहाँ जाने की तैयारी है
सॅम;खुद को संभालता हुआ वो अम्मी मेरे फ्रेंड से मिलने जा रहा हूँ बस थोड़ी देर में आ जाउन्गा
नजमा;ह्म्म्म्म ममम अच्छा सुनो शबनम की अम्मी (यानी सॅम की मुँह बोली खाला)आज 5पी एम ट्रेन से आ रही है उन्हे पिकप करने स्टेशन पे चले जाना देखो भूलना मत
सम;अपना टाइम दिमाग़ में अड्जस्ट करते हुए
ह्म्म्म्म ओके अम्मी में चला जाउन्गा और कुछ उसकी नज़रें नजमा की ब्रेस्ट पे टिक जाती है जिसे नजमा देख लेती है
नजमा;बस आज के लिए इतना काम ही कर्लो तो बहुत है वरना तुम्हे कोई काम बोलना मतलब टाइम वेस्ट
सॅम;क्या अम्मी आप भी ना कोई काम अपने दिलसे बोला करो फिर देखो सॅम आपका कैसे दिल लगा के वो काम अंजाम देगा पर आपका दिल मुझ पे आता ही नही वो थोड़ा हंसा बोलते बोलते
जिससे नजमा का चेहरा थोड़ा लाल हो गया वो सॅम की डबल मीनिंग बातें खूब जानती थी पर आज नजमा का मूड भी अच्छा था वो सॅम के पास आके उसके कंधे पे अपने दोनो हाथ रख के धीरे से कहती है
नजमा--सबर कर बेटा सबर का फल मीठा होता है
सॅम;की बाँछे खिल उठती है वो नजमा को और करीब करने के चक्कर में अपने दोनो हाथ उसकी कमर पे लगा देता है और नजमा के चेहरे पे प्यार भरी नज़रें गढ़ा देता है
हाईईईईईईईईई अम्मी आपके फलों के लिए तो मैं ज़िंदगी भर इंतजार करलूंगा
बस आप एक बार निचोड़ के तो खिलाओ
नजमा;उन्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह मामला संभालते हुए उसे पीछे धकेल्ति है तुझे उंगली हाथ में दो तो तू पूरा हाथ पकड़ लेता है
पता नही हाथ दूँगी तो क्या पकड़ लेगा
सॅम;आगे बढ़ना चाहता था पर किसी के कदमों की आहट से वो पीछे को हट जाता है
शबनम;कॅबिन में दाखिल होती है और सामने सॅम और नजमा को खड़ा देख एक पल के लिए ठिठक जाती है ऊऊऊओ मैं बाद में आती हूँ
नजमा;आर्रे क्या बात है बेटा मैं तो सॅम को ये कह रही थी कि तुम्हारी अम्मी को स्टेशन से लेता आए
शबनम;हाँ आप जल्दी चले जाना सम्म्म्ममम
उसने सॅम थोड़ी रुक के कही थी
सम;शबनम का पास से गुज़रता हुआ उसके कंधे को छूता चला जाता है
शिबा ;बेसब्री से सॅम का गेट पे इंतजार कर रही थी उसकी पैंटी गीले होरही थी सॅम के बारें में सोच सोच के जब वो सॅम को आता देखती है तो अपने रूम में चली जाती है
सॅम;जब शिबा के रूम में दाखिल हुआ तो शिबा जो दरवाज़े के पीछे खड़ी थी जल्दी से डोर बंद कर्देति है और उछल के सॅम की बाँहों में चढ़ जाती है और सॅम के मुँह को चूमने लगती है
शिबा;ओह समीर ओह मैं पागल हो गई हुहन समीर ओह मुझे कुछ कारोना
सॅम;को एक पाल के लिए सच में ये लगता है कि कहीं ये सच में पागल तो नही है और वो शिबा को बेड पे बैठा देता है
शिबा;सच में एक हुस्न की मलिका थी सॉफ शफ़ाफ़ सुफेद जिस्म अपनी पिंक कलर लग रही थी उसकी साड़ी नाभि के थोड़ी उपर थी ऐसा लग रहा था कि एक झटका दो और वो साड़ी सररर से नीचे गिर जाएगी लो कट वाला ब्लाउस और शाएद अंदर ब्रा नही थी सॅम की आँखों में जैसे खून उतर आया था वो शिबा को बेड से उठा देता है और उसे अपनी छाती से दबा के चिपका लेता है
अहह
सॅम;एक बात बताओ क्या तुमने मुझे सच में इतना मिस किया
शिबा;हाँ समीर में खुद नही जानती कि मेने ये दो दिन कैसे गुज़रे है जबसे तुम्हे देखी हूँ तबसे मेरा बुरा हाल है एक एक पल मेरे लिए सदियों से लंबे गुज़रे है अहह बस बेटा अब और ना तडपा
सॅम;शिबा को चूमते हुए साली बेटा बोलती है चड्डी खोलके दिखाउन्गा ना तो अब्बू बोलेगी
शिबा;भी एक चुड़क्कड़ किस्म की औरत की तरह पेश आ रही थी जिसे बस जल्द से जल्द लौडा चाहिए था हन्ंननणणन् तो देखा ना मेरे बच्चे देख कि में दर्जी हूँ क्या है तेरी चड्डी में ज़रा में भी तो देखूं और वो नीचे बैठ जाती है और एक झटके में सॅम की पॅंट और अंडरवेअर नीचे खींच लेती है
वो सच में डर जाती है बाप्प्प्प्प्प्प रे क्या है ये
सॅम;के चेहरे पे फकर के भाव सॉफ देखे जासकते थे और उसका औज़ार था भी धार दार एक दम किसी समुराई तलवार की तरह जो एक वॉर में सामने वाली की चीर के रख दे
शिबा;उसे उपर नीचे हाथ में लेके देखने लगती है जैसे कोई शख्स किसी अनौूखी चीज़ को बड़े गौर से देखता है
वो अपनी ज़ुबान की टिप उसके लंड के टिप पर लगा के पहले चाट्ती है एक पानी का कतरा जो शायद शिबा के हिलने से या सॅम के एग्ज़ाइट्मेंट से बाहर आ गया था शिबा उसे चाट लेती है
अहह तेरा तो बहुत मीठा है रे समीर में तो पूरा माल लूँगी वो भी बिना फीस अहह गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प उःन्ह्ंहंहंहंह्न गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
सॅम;कुछ बोल पाता इससे पहले उसका लंड शिबा के मुँह के अंदर तक जा चुका था अहहहहहहहः साली रांड़ है क्या अहह हराम जादि अहह मरोड़ती क्यूँ है अहह छीनाल अहहहहहहहः ये सब गालियाँ सॅम को फीरोजा ने सिखाई थी अहह
तेरी माँ को चोदु आराम से कर अहह
शिबा;तेरी गान्ड में दम कितना है वो देखने दे साले अहह मुझे डराने चला था हााआअ देख तेरे लंड को कैसे मज़ा चखाती हूँ गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प
वो भूकी शेरनी थी जिसे महीनो बाद मास का टुकड़ा मिला था वो उसे ऐसे कैसे छोड़ देती गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
सॅम;का लंड फौलाद की तरह अकड़ चुका था वो शर्ट उतार देता है और पूरा नंगा खड़ा हो जाता है
शिबा;सॅम के लंड को छोड़ के अब सॅम के टेस्ट्स को मुँह में भर लेती है गलपप्प्प्प्प अहह और फिर अचानक वो सॅम को एक टाँग बेड पे रखने को कहती है और अपनी ज़ुबान सॅम के पीछे के सुराख पे लगा के उसकी गान्ड चाटने लगती है अहह गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प
सॅम;उछल सा जाता है आबिद ने भी कभी सॅम की गान्ड को नही चाटा था पर आज शिबा ने उसकी दिल की मुराद पूरी कर दी थी वो सॅम के पीछे के सुराख को अंदर तक चूस रही थी चाट रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प और एक हाथ से उसके लंड को सहला रही थी गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प्प
10 मिनट के बाद जब शिबा से बर्दास्त नही होता तो वो खड़ी हो जाती है और कुछ सेकेंड में अपने सारे कपड़े उतार के बेड पे पैर खोल के लेट जाती है
शिबा;आजा मेरे भडवे चाट ले मेरी चूत और गान्ड को ज़रा मेरी चिकनी चूत का नमक भी चख के बता कैसा है
सॅम;उस वक़्त तक पागल हो चुका था और वो शिबा की चूत पे झुक जाता है और गलपप्प्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प शिबा की छोटी सी गुलाबी पन्खुडियो वाली चूत को गलपप्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प आहाआआआआ गलपप्प्प्प्प्प्प्प
शिबा;अहहहहहहहः समीर आह फक मी बस्टर्ड अहह फक फक फक ओह यस फक मी अहह मादर चोद अहह वहीं खींच उसे अहह उउउइईईईईईईई अम्मिईीईईईई जी अहह क्या अच्छा चूस्ता है रे हरामी अहह चोद मुझे हााआअ एक बार रगड़ दे रे अहह ऊइईई आमियीईईईईईईई गगगगगगग मेरी चूत का क्या हाल कर दिया इस ज़ालिम ने अहह
सॅम;पे जोश और गुस्सा चढ़ा हुआ था शिबा की इतनी छोटी चूत को चीरने का जोश और उसकी गालियों का जवाब देने का गुस्सा वो शिबा की गान्ड के नीचे एक तकिया लगा देता है जिससे उसकी चूत उपर को उठ जाती है और सॅम बिना कुछ सोचे बिना कुछ बोले अपने औज़ार को उस नाज़ुक सी स्ट्राव्बेरी पे लगा के चीर देता है अहहहहहहहहहः अहह ले हराम जादी हाआआआआआ
शिबा;उनह नही अहह निकाल ले सॅम अहहहहहहहः में नही ले पाउन्गी इसे हाआआआअ प्लीज़ निकाल ले अहहहहहहहहहहः मेरी चूत में क्या डाल दिया रीईईईई अहह फॅट गयी रे मेरी अहहहहहहहहहः
फॅक फॅक फॅक उनह आहह ऊीीईईईईईईईई माआआआअ बस रूम में ये दोनो आवाज़ें और बीच बीच में शिबा की सिसकने की आवाज़ गूँज रही थी
सॅम;शिबा पे कोई रहम नही करने वाला था हर मर्द का यही हाल होता है जब कोई चुलबुली चूत किसी मस्ताने लंड को खुला चॅलेंज देती है तो उसका यही हाल होता है या तो वो चीर दी जाती है या फॅट जाती है
सॅम;अपनी जवानी की पूरी ताक़त साथ अपनी कमर के पूरे दबाव के साथ शिबा को चोद रहा था और उसका नतीजा ये निकला कि शिबा एक ज़ोर की चीख की साथ वहीं बेड पे मुतना शुरू कर देती है
शिबा;अहहहहहः हरामी अहह मेरा पेशाब निकाल दिया रे तूने हााआ मैं आज के बाद कभी तुझ से नही हााआ उःन्ह्ंहंह्न चुदाउन्गी अहह मर गयी अम्मी जी अहह
सॅम;अब पता चला पठान को छेड़ने का अंजाम अहह ले साली अभी तो तूने सिर्फ़ मुता है आगे आगे देख तू क्या क्या करती है अहह
पूरा बेड शिबा के पेशाब से भर गया था शिबा की चूत से हल्का हल्का खून भी निकल गया था वो काफ़ी छोटे बॅट से खेलने की आदि थी आज उसे वो सब्बल मिला था उस सुराख में जहाँ सुई भी बड़ी मुश्किल से जाती थी
शिबा;दर्द और चूत की जलन के मारे चिल्ला उठती है और एक ज़ोर दार झटके के साथ अपनी कमर बार बार उठा उठा के सिसक ने लगती है वो झड रही थी और ये ऑर्गॅनिसम बहुत भारी था शिबा की ज़िंदगी का सबसे बड़ा
सॅम;भी एक दो झटकों के बाद वहीं शिबा की चूत में झड्ने लगता है अहह अहह शिबाआाआआ अहहहहहहहः
10मिनट बाद
दोनो बड़े प्यार से एक दूसरे को चूम ने लगते हैं
शिबा;आइ लव यू समीर मुझे सच में नही पता था कि तुम इतने जबरदस्त हो वरना में कभी तुम्हे नही छेड़ती पर देखा जाए तो फ़ायदा मेरा ही हुआ ना में तुम्हे छेड़ती और ना मेरा ये हाल होता आइ रियली लव यू समीर
सम;सच कहूँ तो मेरा तुझे ऐसा करने का इरादा नही था पर तूने जब ऐसी बात कही तो तुझे बताना ज़रूरी था ना
शिबा;मुहह आगे भी बताते रहना भूल मत जाना मुझे
सम'हाहहः अभी तो कह रही थी कि आगे से कभी नही लूँगी
शिबा;शरमा जाती है और दोनो फिर से एक दूसरे को चूमने लगते है
वो दोनो फ्रेश होने बाथरूम में जाते है और वहाँ भी सॅम एक बार खड़े खड़े शिबा की ले लेता है
और अपने कपड़े पहन के उसके घर से निकल जाता है उसे शबनम की अम्मी को रिसीव करने स्टेशन पे जाना था
सॅम;कार ड्राइव करता हुआ सीधा स्टेशन पे पहुँच जाता है उसके पास शबनम की अम्मी ज़ेब्यूनिस्सा का नंबर था वो नंबर ट्राइ करता है तभी पीछे से कोई उसके कंधे पे हाथ मारता है सम पीछे पलट के देखता है तो सामने ज़ेबा मुस्कुराती हुए खड़ी मिलती है
सॅम;दुआ सलाम के बाद ज़ेबा का बॅग लेके चलने लगता है
ज़ेबा;;शबनम की अम्मी
एक 40 साल के करीब की खूबसूरत कसेलि औरत हमेशा खुश रहने वाली मुस्कुराने वाली दिलकश औरत ज़ेबा के शोहर की 7 साल पहले मौत हो गई थी उसने अपने दोनो बच्चो शबनम और बेटे हाशाम को को बड़े प्यार और लाड़ से पाला था ..बेटी शबनम की शादी के बाद घर काफ़ी खाली खाली लगता था ज़ेबा को..और सबसे ज़्यादा खाली पन उसे उसके बिस्तर पे लगता था खाली दिमाग़ शैतान का घर होता है..और ज़ेबा के शैतानी दिमाग़ ने एक दिन ऐसा खेल खेला के वो अपने सगे बेटे हाशाम के नीचे आगे ..ज़ेबा पिछले 7 सालों से अपने गठीले जिस्म को हाशाम के नीचे फैला के रात भर गान्ड उछाल उछाल के चुदाति आई है पर पिछले 3महीनो से उसकी चुदाई के सिलसिले पे जैसे कर्फ़्यू सा लग गया है उसकी बहू साना जबसे घर में आई है बेटे हाशाम ने अम्मी ज़ेबा की चूत की तरफ देखना छोड़ दिया भला जवान चूत के सामने बूढ़ी चूत का क्या मज़ा..
सॅम;खाला जान आपको रास्ते में कोई तकलीफ़ तो नही हुई ना
ज़ेबा;नही बेटा आराम से पहुँच गयी घर पे सब कैसे है
सॅम;सब ठीक है खाला आप को बहुत याद करते है खास तौर पे भाभी
पर दिल में तो सॅम ज़ेबा को गालियाँ दे रहा था हराम जादी आ गई मेरे लंड की दुश्मन..
थोड़ा थका हुआ लग रहा है सॅम कहीं से मेहनत करके आया है क्या
सॅम;हड्बडाता हुआ नही तो खाला मैं एकदम ठीक हूँ
ज़ेबा;ह्म्म्म्म लग तो नही रहा ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने तेरी एनर्जी खींच ली हो और वो हँसने लगती है
सॅम;जो कुछ देर पहले ज़ेबा पे गुस्सा हो रहा था उसे अब उसकी बातों से लगने लगा था कि रांड़ जल्द ही पैर खोल देगी
दोनो कार में बैठ जाते है
सॅम;कार ड्राइव करते हुए
खाला मुझ जैसे ग़रीब की एनर्जी भला कौन खींच सकता है हमारी किसे परवाह है
ज़ेबा;बेटा तू ठीक से खाया कर ना घर में बाहर का खाने से तबीयत खराब हो जाएगी
सॅम;नही खाला घर पे मज़ा ही नही आता
ज़ेबा;सॅम की जाँघ पे हाथ फेरते हुए में आ गई हूँ ना तुझे ऐसा मज़ा आएगा घर पे कि बाहर का खाना भूल जाएगा..खाने के साथ पिलाउन्गी भी अपने हाथों से पीएगा ना बेटा
सॅम;नेकी और पूछ पूछ खाला
ऐसी ही बातों में दोनो घर पहुँच जाते है जब ज़ेबा कार से बाहर उतरती है तब सॅम जानबूझ के ज़ेबा की मोटी मोटी कमर पे दबा के हाथ फेर देता है और धीरे से कहता है गरम है
ज़ेबा;कुछ बोल पाती इससे पहले नजमा और शबनम उसके पास आ जाते है
शबनम;अपनी अम्मी को देख के काफ़ी खुश थी दोनो माँ बेटी आपस में मिलते है और फिर नजमा भी ज़ेबा से मिलके उसे घर के अंदर ले जाती है
नजमा;;कुछ देर बाद सॅम को अपने रूम में बुलाती है
जब सॅम रूम में पहुँचता है तब नजमा
सॅम के कान मरोड़ती हुई उसे
नजमा;कमिने क्या कर रहा था तू ज़ेबा के साथ
सॅम;चौंकता हुआ क्यूँ कुछ भी तो नही अम्मी
नजमा;अच्छा मैने सब देखा जो हरकत तूने कार से निकालने के बाद की
अरे कुछ तो शरम कर वो तेरी खाला है अगर तूने ऐसी वैसी हरकत दुबारा की ना ज़ेबा के साथ तो देख ले सॅम
सॅम;उफफफफफ्फ़ हो अम्मी ना खुद कुछ करती हो ना मुझे दूसरों के साथ कुछ करने देती हो अगर तुम मेरा साथ दो तो मैं अपनी आँखों पे पट्टी बाँधे रखूं दिन भर पर आफसूवस्स्सस्स्सस्स
वो एकदम उदास सा चेहरा बना के बोल रहा था जिससे नजमा को हँसी आ जाती है और वो सॅम को ऐसे ही हँसते हुए मारने आगे बढ़ती है तभी सॅम की मज़बूत बाहें नजमा को घुमा देती है और नजमा की पीठ सॅम की छाती से चिपक जाती है
सॅम;का डंडा नजमा की गुफा के ठीक मुहाने पे अड़ जाता है
नजमा;अहह छोड़ कम्बख़्त
सॅम;अपने दोनो हाथों से नजमा को पीछे से कस लेता है अम्मी एक बार दोना
नजमा;कभी नही दूँगी तू कितनी भी कोशिश कर ले सॅम वो फीरोजा थी जो तेरी बातों में अहह गयी में तुझे जान से मार दूँगी अगर मेरे अहह ऊईीईईईईईई
सॅम;के दोनो हाथ नजमा की नरम नरम चुचि पे जम से गये थे और वो उन्हे थामे हुए नही थे बल्कि मसल रहे थे
जिससे नजमा के अल्फ़ाज़ मुँह में ही अटक से गये थे
नजमा;छोड़ कमिनाते कोई आ जाएगा अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्मे मेहमान घर पे हैं
सॅम;पहले बोलो कब दोगि
नजमा;कभी नही
सॅम;तो फिर आने दो सब को देखने दो मैं नही छोड़ने वाला
नजमा;उनह चुचि मसल्ने से गरम हो गई थी पर उसका दिमाग़ अभी उसके काबू में था वो सॅम को धीरे से बोलती है पहले छोड़ फिर बोलती हूँ
सॅम;खुश होके नजमा को छोड़ देता है और जैसे ही नजमा सॅम की तरफ घूमती है सॅम का मुस्कुराता हुआ चेहरा सपाट से लाल हो जाता है
एक करारा थप्पड़ उसे होश दिलाता है कि बेटा असल दुनिया में आजा
नजमा;अब पता चल गया कि कब दूँगी
सॅम;नजमा को ज़ोर से पकड़ता हुआ अम्मी देख लेना मेरी मोहब्बत आपके सर चढ़ का बोले गी एक दिन और उस दिन आप के हाथ मेरे गालों पे नही बल्कि होंठ होगे ये मेरा वादा है आपसे
नजमा;उसे घुरती चली जाती है और सॅम रूम से बाहर निकल जाता है
नजमा;दिल में सोचने लगती है आख़िर क्या करूँ में इसका कैसे समझाऊ कि में इसकी अम्मी हूँ माशुका नही जो ये चाहता है वो कभी नही होगा में ऐसा होने नही दूँगी
सॅम;जब अपने रूम में जा रहा था तभी उसे आबिद दिखाई देता है कल उसकी विदाई थी मामू के घर परेशान सा आबिद ललचाई नज़रों से सॅम को देखता है और सॅम के रूम की तरफ बढ़ता है और सॅम जानता था कि ये क्यूँ आ रहा है वो जल्दी से रूम का दरवाज़ा बंद कर देता है
कुछ देर बाद सॅम के डोर पे दस्तक होती है वो आबिद होगा समझ के पहले डोर नही खोलता फिर लगातार दस्तक की वजह से वो गुस्से में दरवाज़ा खोलता है
शबनम;सुनो में ये कह रही थी कि जब तक अम्मी यहाँ हैं तुम मेरे रूम में नही आना वरना
सॅम;शबनम को बाहों में कसते हुए मेरी जान मेरे मुँह को खून लगगया है अब मुझे रोज चाहिए तू कुछ भी कर कैसे भी कर मुझे चाहिए मतलब चाहिए
और सॅम;शबनम की कमर में हाथ डालके उसे अपने से चिपका के उसके होंठ चूसने लगता है गलपप्प्प्प्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प गलपप्प्प्प्प्प्प
शबनम;भी गरम थी वो भी सॅम का साथ देने लगती है
सॅम;मौके का फ़ायदा उठाते हुए शबनम की शलवार का नाडा खोल देता है और शलवार नीचे गिर जाती है
शबनम;उनह अभी नही ना कोई भी आसकता है ऊीीईईईईईईई
शबनम;की चूत की गर्मी उसके हाथों को हरकत नही दे पा रही थी वो बोल कुछ रही थी और कर कुछ और रही थी
सॅम;अपना खड़ा लंड बाहर निकाल लेता है और शबनम को घुमा के दीवार से खड़ा कर देता है अहह बस थोड़ी देर
शबनम;उनह कोई आ गया तो प्लीज़्ज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज
सॅम;थोड़ी गान्ड पीछे कर
शबनम;अपनी कमर पीछे की तरफ करती है
सॅम;अपना मुस्सल लंड शबनम की चूत में डालने ही वाला था कि बाहर से ज़ेबा की आवाज़ आती है
ज़ेबा;अरे शबनम बेटा ज़रा यहाँ आना तो
शबनम;घबराते हुए शलवार पहन लेती है और बाहर भागने लगती है
तभी सॅम उसका हाथ पकड़ लेता है
सॅम;सुन रात में दरवाज़ा खुला रखना वरना याद रखना वो हाल करूँगा कि
शबनम;ह्म्म्म्म मममम कहती हुए वहाँ से भाग जाती है
शबनम;के जाने बाद सॅम अपने रूम से बाहर निकलता है वो महक के रूम के सामने से गुज़र रहा था तभी उसे महक की आवाज़ सुनाई दी वो शायद अपनी फ्रेंड से बात कर रही थी
महक;फोन पे
अर्रे यार तू 6 से 9 की टिकेट्स बुक करना अम्मी जाने नही देगी रात में और अब तो वो कद्दू भी आ गया है उसके होते हुए कैसे आ सकती हूँ..
वो अपनी फ्रेंड से रात में पिक्चर देखने की प्लानिंग बना रही थी
सॅम;महक के रूम में चला जाता है और महक के सामने खड़ा हो जाता है
महक;मैं तुझे बाद में कॉल करती हूँ बाइ
क्या है तू इस वक़्त यहाँ
सॅम;किस से बात कर रही थी
महक;इतराते हुए तुझ से मतलब जा अपना काम कर कद्दू कहीं के
सॅम;को लगा ये तो साला अपनी इज़्ज़त का फालूदा बना रही है पहले खुद कहती थी और अब अपनी फ्रेंड्स के सामने भी मुझे कद्दू कह रही है
देख मोटी थोड़ी शराफ़त सीख ले कल को तुझे अपने घर जाना है समझी
महक;सॅम को घूर के देखने लगती है क्या कहा तूने अपने घर तो ये या मेरा घर नही है
सॅम;हाहाहा अर्रे जा मॉटली ये तेरा नही मेरा और आबिद का घर है तू तो किसी कबाड़ी के यहाँ जाएगी झाड़ू मारने हाहहः
महक;सॅम के पेट में एक घूँसा जड़ देती है पर उस गुस्से का सॅम पे कोई असर नही होता एक हॅटा कटा जवान पे भला चिंटी के चलने का क्या असर
पर सॅम अपना पेट पकड़ लेता है जैसे उसे बहुत ज़ोर की लगी वो दर्द से करहाने की आक्टिंग करने लगता है अहह मर गया अहह
महक;अपने छोटे छोटे मसल सॅम को दिखाती है आगे से पंगा लेगा ना तो ये मसल देखा मसल के रख दूँगी
सॅम;महक की गर्दन एक हाथ से पकड़ लेता है और दूसरे हाथ से उसकी जीन्स पॅंट पार लगा बेल्ट और उसे थोड़ा उपर उठा देता है जिससे महक के पैर उपर हवा में उठ जाते है
सॅम;हलवा है क्या जो खा लेगी मोटी भैंस अब बोल
महक;का गला थोड़ा ज़ोर से दब गया था
वो चिल्लाति है अहह छोड़ कमिनाते मार देगा क्या अहहहहहहहः