उसके बाद में हॉस्पिटल से बाहर निकला गाड़ी स्टार्ट किया ओर घर की ओर चल दिया..
घर के सामने जाकर गाड़ी रोका चाभी निकालकर रूम की तरफ चल दिया
दरवाजा अंदर से बंद था मेने दरवाजा पे बेल बजाई तो थोड़ी देर बाद डॉली ने दरवाजा खोला उसके शरीर पर एक तौलिया लेपटा हुआ था जो उसके जाँघो तक ही था आधे ज़्यादा बूब नंगे थे..
मेने लपककर डॉली को अपनी बाहों में उठा लिया दरवाजे को अंदर से बंद करके डॉली को बाहों में उठाए उठाए बेडरूम की तरफ बढ़ गया. बेडरूम जाते ही मे अपने सारे कपड़े निकालकर एकदम नंगा हो गया मेरे लंड तन कर नाग की भाँति फुफ्कार रहा था
मेने डॉली के बदन से तौलिया को खींचकर नीचे फेंक दिया.
अब डॉली के बदन पर एक काली रंग की पैंटी थी में डॉली के ऊपर चढ़ा ओर उसके दोनो उभारों को मसलते हुए डॉली मौसी के रसीले होंटो को चूसने लगा डॉली मेरे बालो में अपनी नाज़ुक उंगलिया घुमा रही थी में डॉली के होंठो को बेतहाशा चूमे जा रहा था डॉली भी मेरे होंठो को चूसे जा रही थी.. में डॉली के उभारों को मसलते रहा था में अपना एक हाथ नीचे सरकते हुए डॉली के पैंटी में घुसाकर उसके चूत को सहलाने लगा.. चूत को सहलाने से डॉली बेकाबू हो गयी ओर मेरे होंठो को ओर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी 10 मिनिट्स के बाद डॉली का शरीर अकड़ने लगा में ज़ोर से डॉली की चूत को सहलाने लगा डॉली ज़ोर से सिसकारी भरते हुए झड़ गयी.. मेरा पूरा हाथ उसकी चूत रस से भीग गया था.
में डॉली के होंटो को छोड़ा ओर उसके दोनो उभारों के निपलेस को होंटो में भर कर चूसने लगा ओर एक मसलने लगा धीरे-धीरे डॉली फिर से गरम हो होने लगी
में डॉली के पेट को चूमते हुए नीचे जाने लगा ओर डॉली के नाभि में अपनी जीभ डालकर गोल गोल घुमा ने लगा कुच्छ देर नाभि को चूमने के बाद डॉली के पैंटी के ऊपर चूत पे एक जोरदार चूमा ले लिया
डॉली के मूह से ज़ोर से सिसकारी फुट पड़ी ..आअस ....म्म्म्मममम ....एमेम.एयाया....आ
मेरा लंड तो फटा जा रहा था अब मेने देर करना उचित नही समझा एक झटके में ही डॉली की पैंटी निकाल कर नीचे फेंक दिया... डॉली की चूत पे हल्के हल्के बाल थे मेने डॉली के दोनो जाँघो को पकड़ कर अलग किया चूत की फांके आपस में चिपकी हुई थी में दोनो फांको को चौड़ा किया डॉली की चूत रस से भरी हुई थी
मुझे रहा नही गया डॉली के रसीले चूत को होंटो में भरते हुए ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. डॉली ज़ोर ज़ोर से सिसकारी भरने लगी ओर मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भर रही थी..में समझ गया की ये अब काफ़ी गरम हो गयी है.. मेने अपने सर को डॉली की चूत से अलग कर लिया अचानक चूत पर से सर हटाने से डॉली कसमसा गयी.. मेरे आँखो में देखने लगी उसके आँखो बेचैनी सॉफ मालूम दिखाई दे रहा था जैसे पुच्छ रही हो की क्या हुआ चूत चूसना क्यो छोड़ दिए
राज डॉली की चूत पे हाथ घुमाते हुए ,,,
डॉली जान आज तुम्हे औरत बना ही देता हू
डॉली:- नही जान बिना पत्नी बनाए ये असंभव है
इतना सुनकर में अपना दाहिना हाथ का अंगूठा अपने दाँतों से झखमी करके डॉली अभी कुच्छ समझती उससे पहले ही अपने खून से माँग भर दिया अभी मेरे अंगूठे से खून रिस रहा था.. डॉली देखती रह
गयी.... अब डॉली मेरी बीवी बन चुकी थी .
मैं --अब तो नही रोकॉगी ना .
डॉली अचानक खड़ी गई
में भी उसके साथ खड़ा था जब मेरी नज़र उसके ऊपर पड़ी तो डॉली के आँखो में आँसू थे अचानक डॉली नीचे झुकी मेरे पैर छूने के लिए मेने डॉली के कंधे को पकड़ते हुए ऊपर किया अपनी बाहों में समा लिया चुकी हम दोनों बिल्कुल नंगे थे डॉली की नंगी छातिया मेरे सीने मे जैसे धँस गयी मेरे सारे शरीर में मस्ती की लहर दौड़ने लगी मेरा लंड डॉली के पेट पर टकरा रहा था अचानक
डॉली नीचे बैठी ओर मेरे लंड को अपने मूह में भरते हुए ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी मेने तो इसकी कल्पना ही ना किया था
डॉली ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी मस्ती में मेरी आँखे बंद हो गयी थी मेरे मूह से सिसकारिया फुट रही थी आ....एम्म्म .....आआस आआ............................ हह
अब मुझेसे बर्दास्त नही हो रहा 'डॉली में झड़ रहा हू' में ज़ोर से चीखते हुए डॉली के गले में ही झड़ गया में तबतक अपना लंड बाहर नही निकाला जबतक मेरे लंड का एक कतरा पानी ना निकल गया आज में बहुत पानी छोड़ा था.............................
झड़ने के बाद मुझे लगा की मेरे अंदर की सारी खून ही निकल चुका है मेरे टाँगे कांप रही थी में पीठ के बल लेट गया डॉली भी मेरे सीने पर सर रखकर लेट गयी..
जब हमारी साँसे नॉर्मल हुई तो डॉली मेरे ऊपर से उठ गयी
डॉली:- आप मार्केट से कुच्छ समान लाइए
तबतक में तैयार हो जाती हू.
राज:- किस लिए तैयार होना चाहती हो
डॉली मेरे कान में धीरे से बोली ' हमारी सुहाग रात के लिए' ओर शर्मा कर मेरे गले से लग गयी.
मेने डॉली को अपने से दूर किया ओर उसके गालो को चूमते हुए बाथरूम में घुस्स गया ओर जल्द ही फ्रेश होकर मार्केट की तरफ निकल गया.. मार्केट वहाँ से दूर नही था.. मार्केट में सबसे पहले लेडिस गरमेंट्स की शॉप से लाल कलर की नेट वाला ब्रा - पैंटी ले लिया वैसे मुझे साइज़ मालूम था. पैंटी एकदम मॉडर्न थी पीछे से एक बहुत ही पतला पट्टी था आगे से केवल चूत को कवर कर सकता था..
फिर एक मंगलसूत्र खरीद लिया. फिर गुलाब की फुल भी पॅक करवा लिया ओर रूम की तरफ निकल गया
जब रूम में दाखिल हुआ तो डॉली के जिस्म पे एक तौलिया था वो सीसे के सामने बैठकर सिंगार कर रही थी खैर में पलंग की तरफ देखा तो चोक पड़ा पलंग पर नयी चादर बिछाया हुआ था ओर तकिया भी नया रखा हुआ था
मेने गुलाब की पत्तियाँ निकालकर बिछावन पर रखा फिर मेने ब्रा-पैंटी देते हुए कहा ये कुच्छ पहन लेना. इतना कहकर में रूम से बाहर आया किचन की तरफ बढ़ गया क्योकि मेने अभी तक खाना नही खाया था मेने प्लेट में खाना लिया जैसे ही खाने बैठा तभी अचानक मुझे डॉली की याद आ गयी उसने भी तो खाना नही खाया होगा मेने खाना नही खाया वही खाना को ढककर बैठा रहा लगभग 1 घंटे के बाद डॉली ने आवाज़ दी मेने खाने का प्लेट उठाया रूम की तरफ बढ़ गया रूम अंदर जाते ही प्लेट को टेबल पे रखा.
तभी पलंग से डॉली नीचे उतरी उसने नयी नवेली दुल्हन की घूँघट की हुई थी जैसे ही डॉली पैरो पे झुकी मेने उसके कंधे से पकड़ते हुए ऊपर किया ओर अपने सीने से लगा लिया डॉली कटे हुए पेड़ की तरह मुझसे चिपक गयी अभी उसने घूँघट नही उठाया था मेने डॉली को छोड़ दिया वो पलंग के बीचोबीच जाकर बैठ गयी............................
मे धीरे से पलंग पे चढ़ा डॉली का घूँघट उठा दिया डॉली शरम के मारे अपनी आँखे बंद की हुई थी मेने उसके चेहरे की तरफ देखा आज की डॉली पहले वाली डॉली मौसी नही थी आज तो डॉली मेरी बीवी बन चुकी थी आज उसका नाता मेरे से जन्मो- जन्मो का हो गया था वो मेरी रूह में उतर गयी थी बस एक चीज़ की कमी थी की आज मेरी बीवी के गले में मंगलसूत्र नही था
मेने तुरंत अपने जेब से मंगलसूत्र निकाला ओर डॉली को पुकारा'' डॉली '' अपनी आँखे तो खोलो
डॉली झट से अपनी आँखे खोलकर मेरी आँखो में देखने लगी में भी डॉली के आँखो में देखा हमारी नज़रें आपस में मिल गयी डॉली के आँखो में प्यार का अतः सागर लहरा रहा था में तो हिल गया मुझे लगा की ये आँखे प्यार की प्यासी है.. में डॉली के आँखो में देखते हुए धीरे से अपने दोनो हाथों को आगे बढ़ाया डॉली के गले के पीछे लेजाते हुए उसके गले में बाँध दिया. डॉली के माँग में सिंदूर चमक रहा था होंठो पे लाल रंग की लिपीसटिक तो मानो मुझे ही बुला रही हो आओ ओर मुझको चूस डालो.
मे जैसे ही आगे बढ़ा तो डॉली टेबल की तरफ बढ़ी ओर टेबल पे एक ग्लास में दूध रखा हुआ था उसे मेरे होंठो से लगाते हुए ' दूध पी लीजिए'
मेने आधा दूध पिया ओर आधा डॉली को पिला दिया डॉली ने ग्लास को नीचे फेंक दिया डॉली एक लाल रंग की सारी ओर मॅचिंग ब्लाउज पहनी हुई थी.. मेने डॉली को लिटाया ओर उसके प्यारी आँखो में देखते हुए उसके गुलाब जैसे होंठो पे झुकता चला गया डॉली अपनी होंठो को खोलते हुए मेरी आँखो में एकटक देख रही थी मे उसके होंठो को अपने होंठो में भरते हुए चूसने लगा अपने दोनो हाथों को नीचे ले जाते हुए अपनी बाहों कस लिया डॉली ने भी अपनी बाहों का हार मेरे गले में डाल दिया
हमारी किस में तेज़ी आने लगी मेने डॉली को पलटा अब डॉली मेरे ऊपर थी मेने डॉली को किस करते हुए उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए फिर ब्रा को भी खोल दिया ओर अपने हाथों को डॉली के नंगे पीठ पर हाथ घुमाने लगा डॉली को जैसे ही आभास हुआ की उसके ब्लाउज ओर ब्रा हुक खुल चुके है वो तो मानो पगला ही गयी मेरे मूह में अपनी रसीली जीव डाल दी में डॉली के जीभ को चूस्ते हुए उसके नंगी पीठ पर हाथ घुमाए जा रहा था में फिर से डॉली को पलट दिया अब हमारी साँसे उखड़ चुकी थी लेकिन हम नही छोड़ रहे थे. लेकिन जब बर्दास्त नही हुआ तो में उसके होंठो को छोड़ा..............................
मेरा तो बहुत बुरा हाल था मेरा लंड तो लोहे के रोड की माफिक हो गया था डॉली भी काफ़ी गरम हो चुकी थी जिसका सबूत उसकी गरम -गरम साँसे थी जो मेरे चेहरे से टकरा रही थी.. मेने अपने सारे कपड़े निकाला नीचे फेंक दिया केवल अंडरवेर को छोड़ दिया.. लेकिन डॉली के शरीर पे सारे कपड़े थे लेकिन मेने ब्लाउज ओर ब्रा दोनो के हुक खोल दिए थे मेने डॉली के ब्लाउज ओर ब्रा दोनो निकाल कर नीचे फेंक दिया उसके बाद सारी ओर पेटीकोट को भी निकाल दिया अब डॉली के बदन पर एक पैंटी ही बचा था....डॉली बिल्कुल चित लेटी हुई
थी में उसके उभारों के एक निपल्स को अपने होंटो में भरते हुए चूसने लगा ओर दूसरे उभार को अपने हाथों में भरते हुए मसलने लगा.
में डॉली के दोनो उभारों को चूस रहा था डॉली मेरे पीठ पे अपने हाथों को घुमा रही थी.. में धीरे-धीरे दोनो निप्पलों को काट रहा था उसके दोनो उरोजो के निपल्स बहुत ही छोटे थे बिल्कुल अंगूर के दाने के समान थे मुझे थोड़ा सरारत सूझी में एक छाती को जितना हो सके उतना अपने मूह भरा ओर थोड़ा ज़ोर से काट लिया डॉली ज़ोर से चिहुक गयी में फिर से दोनो उभारों को चूसने लगा .. कुच्छ देर के बाद मेने अपना सर ऊपर किया उसकी छाती मेरे थूक से गीली हो गई थी ओर चमक रही थी
मेने डॉली की ओर देखा मस्ती में उसकी आँखे बंद थी. अचानक डॉली की बाहें मेरे पीठ पे कस् गये ओर वो पलट गयी अब डॉली मेरे ऊपर थी में उसके नीचे.. मेने अपना हाथ अलग कर लिया अब में देखना चाहता था डॉली क्या करती है.
डॉली मेरे सीने पर अपने हाथ घुमाने लगी.. उसके बाद अपने होंठो से मेरे सीने चूमने लगी अब मुझे बर्दास्त नही हो रहा था मेने डॉली को नीचे पलटा उसके पैंटी में अपनी उंगलिया फसाते हुए नीचे खिसकने लगा उसने चूतड़ ऊपर उठा दी में पैंटी उतार कर बेड पे ही फेंक दिया. में बेड पर ही खड़ा हो गया
जैसे ही अपना अंडरवेर नीचे किया डॉली ने अपनी आँखे बंद कर ली मेने अंडरवेर नीचे फेंका मेरा लंड 8'' लबा ओर 3'' मोटा है खड़ा होकर किसी कोब्रा की तरह फुफ्कार रहा था
में अपने घुटनो के बल डॉली के दोनो पैरो के बीच बैठ गया... उसके दोनो पैरो को फैलाते हुए रसीली चूत को चूसने लगा डॉली आहे भरने लगी.. में अपने जीभ से उसके चूत को चाट रहा था. थोड़ी देर में डॉली अपने उंगलियो से मेरे बालो को सहलाने लगी मेने अपना सर उसकी चूत पर से हटाया ओर डॉली के आँखो में देखा वो मेरे ओर ही देख रही थी जैसे पुच्छ रही हो की चूसना बंद क्यो कर दिए मे डॉली का इशारा समझ गया उसके माथे पर धीरे से चूम लिया में टेबल की ओर देखा उसपर नारियल का तेल रखा हुआ था मेने तेल अपने हाथों लिया लंड पर अच्छी तरह से मल लिया अब मेरा लंड पूरी तरह नारियल तेल में भीगा हुआ था
में अपने घुटनो के बल डॉली के दोनो पैरो के बीच बैठ गया... उसके दोनो पैरो को फैलाते हुए रसीली चूत को चूसने लगा डॉली आहे भरने लगी.. में अपने जीभ से उसके चूत को चाट रहा था. थोड़ी देर में डॉली अपने उंगलियो से मेरे बालो को सहलाने लगी मेने अपना सर उसकी चूत पर से हटाया ओर डॉली के आँखो में देखा वो मेरे ओर ही देख रही थी जैसे पुच्छ रही हो की चूसना बंद क्यो कर दिए मे डॉली का इशारा समझ गया उसके माथे पर धीरे से चूम लिया में टेबल की ओर देखा उसपर नारियल का तेल रखा हुआ था मेने तेल अपने हाथों लिया लंड पर अच्छी तरह से मल लिया अब मेरा लंड पूरी तरह नारियल तेल में भीगा हुआ था
फिर डॉली के दोनो टाँगों को फैला दिया अभी डॉली वर्जिन थी उसकी चूत की फांके आपस में सटी हुई थी मेने दोनो फांको को फैलाया अपने लंड को चूत के छेद पर सेट करके डॉली को अपनी बाहों में कसते हुए उसके होंटो को अपने होंटो में भरते हुए एक जोरदार धक्का लगाया धक्का इतना जोरदार था की एक बार में ही मेरा आधा लंड सील तोड़ते हुए अंदर समा गया मुझे तो ऐसा लगा की किसी ने मेरे लंड को कसकर दबा दिया हो डॉली के मूह जोरदार चीख निकली जो मेरे मूह में रह गयी नही तो पड़ोसी भी जान जाते डॉली किसी मछली की भाँति तड़पने लगी अपने हाथ-पाँव पटकने लगी. मे उसके दोनो उभारों को मसलने लगा उसके होंठो को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा में बिल्कुल स्थिर था थोड़ी देर में डॉली स्थिर हो गयी मेने फिर से अपने लंड को थोड़ा पीछे खींचा पूरा ताक़त लगा कर एक जोरदार धक्का लगाया अबकी बार मेरा 8'' का लंड डॉली की टाइट चूत में पूरा गायब हो गया............................
डॉली एक बार हिली ओर बेहोश हो गयी मेरा तो दिल ही फट गया मे डॉली के दोनो उभारों को मसलते हुए गर्दन को चूमने लगा थोड़ी देर में डॉली होश में आ गयी रोने ओर छ्टपटाने लगी ..
डॉली :- रोते हुए निकाल लीजिए नही तो में मर जाऊंगी बहुत दर्द कर रहा है लग रहा है कि मेरी चूत दो भागों मे बँट गयी है
में डॉली के दोनो उभारों को मसल रहा था उसके गर्दन को छोड़ फिर से उसके होंटो को चूसने लगा लगभग 5 मिनिट्स के बाद डॉली धीरे-धीरे अपने गान्ड उठाने लगी मेने उसके होंटो छोड़ा ओर उसके एक छाती को चूस्ते हुए धीरे-धीरे धक्का लगाने लगा मेरा लंड उसके टाइट चूत में अंदर बाहर हो रहा था डॉली को दर्द ओर मज़ा आ रहा था वो धीरे-धीरे सिसकारी भरने लगी. मे फिर से उसके उभारों को मसलते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा
डॉली मेरे पीठ को सहलाने लगी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भरने लगी आआ...
में ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगा रहा था डॉली की चूत अपना रस पे रस छोड़ रही थी लंड फ़च्छ... फ़च्छ..फॅक...
की आवाज़ करता हुआ अंदर बाहर हो रहा था................................
डॉली सिसकारी भरते हुए झड़ गयी लेकिन में अभी धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था अब बिना किसी रुकावट के लंड डॉली की चूत के घहराई में सर कर रहा था.. थोड़ी देर फिर से अपनी गान्ड उठा-उठ कर ताल में ताल मिलाकर साथ देर रही थी अचानक मेरा शरीर अकड़ने लगा मेने एक जोरदार धक्का लगाया लंड को चूत की गहराइयो में ठेलते झड़ने लगा मेरे मे डॉली के होंटो को धीरे से चूसने लगा डॉली भी ज़ोर से सिसकारी भरते हुए झड़ गयी आआ............................ एम्म....म्माआ ...एयेए
मस्ती मे मेरी आँखे बंद हो गयी डॉली मेरे पीठ को सहला रही थी.. में डॉली के उभारों पेर सर रखे कब सो गया पता ही नही चला.
सुबह जब मेरी नींद खुली तो डॉली मेरे से चिपक कर बिल्कुल नंगी ही सो रही में जब टाइम देखा तो 8:00 बज गये थे में उठकर खड़ा हुआ ओर अंडरवेर पहन लिया तभी मेरी नज़र बेडशीट पेर पड़ी जिसपे खून का एक धब्बा था खैर मेने डॉली को उठाया
''डॉली जल्दी से उठो'' डॉली ने जब अपनी आँखे खोली ओर उठ के पलंग के नीचे पैर लटकर बैठ गयी..
राज:- डॉली जान जल्दी से नाश्ता बनाओ मुझे ड्यूटी पे जाना है
डॉली जैसे ही बेड से खड़ा हुई कहराते हुए बेड पे बैठ गयी
मुझे बहुत दर्द हो रहा है
राज:-अच्छा कोई बात नही में हुंा इतना कहते ही मेने डॉली को गोदी में उठाया बाथरूम में घुस्स गया गरम पानी बात्ट्च्ब में भरा उसी में डॉली को लिटा दिया में जल्दी से टाय्लेट से आया डॉली को टाय्लेट सीट पर बैठा दिया में जल्दी से नहा ली थोड़ी देर में डॉली देवरे के सहारे बाथरूम में आ गयी
फिर डॉली को अपने हाथों से नहलाया फिर तौलिया से उसके सारे शरीर को पोंछकर सॉफ किया उसकी चूत फूलकर डबलरोटी के समान हो गयी थी. उसके बाद डॉली को उठाकर बेड पे लिटा दिया किचन से पानी
गरम करके लाया एक कपड़ा से उसकी चूत की सिकाई करने लगा 5 मिनिट्स के बाद मेने गरम पानी बाथरूम में फेंका बर्तन को किचन में रखकर फिर को डॉली के पास आ गया डॉली अभी लेटी हुई थी.
राज:- चलो कपड़े पहन लो
डॉली:- पहना दीजिए
मेने अलमारी में से ब्रा-पैंटी ओर सारी ब्लाउज पेटीकोट उठा लाया सबसे पहले ब्रा-पैंटी उठाया ओर पहना दिया फिर से पेटीकोट डॉली ने ही पहन लिया मेने ब्लाउज उठाया ओर पहना दिया फिर में अपने कपड़े पहन लिया जबतक में अपना वर्दी पहना तबतक डॉली बिल्कुल रेडी हो गयी माँग में सिंदूर आँखो में काजल होंठो पे लिपीसटिक लगा ली
डॉली का चेहरा गुलाब की तरह खिला हुआ था
डॉली:- कैसी लग रही हू
राज:- बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा की तरह
फिर मेने डॉली को उठाया ओर किचन में लेकर चला आया
हम दोनों ने मिलकर नाश्ता बनाया फिर हम दोनों ने मिलकर नाश्ता किया ओर टोपी ओर डंडा लिया जैसे में गेट पर आया डॉली गेट तक आई वो अपने दोनो पैरो को चौड़ा करके चल रही थी
मेने डॉली को बाहों में भरकर उसके माथे पे किस किया डॉली भी मेरे भी मेरे माथे पर किस की. जैसे ही में आगे बढ़ा तो
डॉली ' सुनिए जल्दी आना'
राज- जैसे मेरे जान का हुकम
उसके बाद में थाने पे चल दिया लगभग 10:00 बजे थाने पहुचा
में जैसे ही अंदर गया तो हवलदार ओर सिपाहियो ने सलाम ठोका में जाकर अपने सीट पेर बैठ गया
हवलदार हिम्मत सिंग- सर थोड़ी देर में डीजीपी आसिफ़ सर आनेवाले है..... अभी हम बाते कर रहे थे की डीजीपी आसिफ़ सर आ गयी
राज खड़ा हुए:- जय हिंद सर
डीजीपी आसिफ़ सर:- जय हिंद
मे खड़ा हुआ तो डीजीपी सर बैठ गये
राज :- क्या लेंगे सर चाय या पानी
डीजीपी आसिफ़ सर- पानी
मेने हिम्मत सिंग को बोल दिया वो पानी लेकर डीजीपी सर को दे दिया पानी पीने के बाद डीजीपी आसिफ़ सर:- हा तो इनस्प. राज मंगल सिंग को जल्दी निकालो कोर्ट में भी पेश करना है
राज:-एस सर
मेने मंगल सिंग को निकलवाया कोर्ट की तरफ चल दिए सबसे आगे एक बॅन में सिपाही थे उसके पीछे एक ओर बॅन था जिसमे मंगल सिंग ओर उसके साथ कुच्छ सिपाही भी थे सबसे पीछे डीजीपी सर के साथ में गाड़ी चला रहा था हम बहुत ही जल्दी में जा रहे थे रास्ते में जंगल पड़ता था हम जंगल पार कर रहे थे की अचानक एक धमाका हुआ ओर हमारे सबसे आगे वाली बॅन वन के चिथड़े उड़ गये मेने जल्दी से गाड़ी रोका ओर अपने पिस्टल को लेकर नीचे उतर गया आसिफ़ सर भी नीचे उतर गये में जल्दी से दौड़ता हुआ मंगल सिंग जिसमे बैठा हुआ था तो उसको निकालकर डीजीपी सर के पास लाया सुबी सिपाही भी हमारे पास आ गयी
हमसब कोई कुल मिलकर 7 ही थे में इनस्प. राज आसिफ़ सर ओर पाँच सिपाही हमसब कोई डीजीपी सर गाड़ी के पूरब साइड में छिपे हुए थे पछीन साइड जंगल था हमारी गाड़ी उतार- डाक्चीन डिश में खड़ी थी
खैर हम सब कोई इधर डीजीपी सर के गाड़ी के साइड में छिपे हुए थे की तभी गोलिया चलने लगी
डीजीपी आसिफ़ सर:- जबतक में नही कहूँगा कोई गोली नही चलाएगा सब कोई रेडी हो जाओ थोड़ी देर तक गोलिया चलती रही में जिस तरफ से गोलिया चल रही थी उसी तरफ देख रहा था
अचानक गोलिया चलनी बंद हो गयी.. तभी 10 आदमी जो सभी अपना चेहरा ढके हुए थे अपने हाथों में मशीन गन लिए जंगल की तरफ से आने वाले तभी आसिफ़ सर भी देख लिए
आसिफ़ सर -इनमे से कोई नही बचना चाहिए'' फायर ''
ऑर्डर मिलते ही हमसब कोई अपना-अपना निसना बनाया
हमारे गन से गोलिया निकली एक बार में ही 7ढेर हो गये अब केवल 3 ही बचे थे हम फिर रुक गये तभी एक ने एक बम हमारी तरफ फेंक दिया अभी बम पास गिरता मेने बम को कैच करके उनके तरफ फेंक दिया वो तीनो भी अपने ही बम से ख़तम हो गये..
जब मेने मंगल सिंग की ओर देखा तो वो भाग रहा था अभी जंगल में प्रवेश करता की आसिफ़ सर ने उसे भी शूट कर दिया गोली सीधे उसके सिर के आरपार हो गयी........
गोली लगते ही तुरंत ही वहाँ मीडीया वाले पहूच गये खैर आसिफ़ सर ने बता दिया की हम मंगल सिंग को कोर्ट ले जा रहे थे की रास्ते में मुठभेड़ हुई दोनो ओर से गोलिया चली उसमे सारे आतंकवादी मारे गये इसमे एक वन भी उड़ गया जिसमे 5 सिपाही भी थे...........
मीडीया वाले ओर भी कुच्छ सवाल पुच्छने लगे लेकिन डीजीपी आसिफ़ सर ने कुच्छ नही बताया खैर मेने सारे लाशों को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया हम फिर थाने में लौट आए
डीजीपी आसिफ़ सर:- तो राज में चलता हू तुम चिंता मत करना जो होगा में देखा लूँगा
राज:-वो सब तो ठीक है लेकिन क्या भाभी से नही मिलवाएगा जिस दिन भाभी का आक्सिडेंट्स हुआ उस दिन से आजतक मेने भाभी को नही देखा प्लीज़ सर मिलवाये ना
डीजीपी आसिफ़ ख़ान:- एक काम करो तुम रात को आज मेरे रूम पे ही आ जाना तुम अपने भाभी से मिल लेना
राज:- थॅंक यू सर आज रात को में ज़रूर आऊंगा
उसके बाद थोड़ी देर बात करने के बाद आसिफ़ सर निकल गये .. दिन भर ऐसे ही गुजर गया शाम को में ड्यूटी से रूम पे चल दिया में शाम 5:45 में घर लौट आया जीप को पार्क किया नीचे उतर कर जैसे ही डोर बेल बज़ाई तो डॉली ने दरवाजा खोला ओर मेरे गले से लग गयी मेने उसके गालो को सहलाते हुए धीरे से डॉली के माथे पर चूम लिया उसको बाहों में भरते हुए अंदर गया रूम में जाकर पलंग पर बैठ गया डॉली नीचे बैठी मेरे जूते निकालने लगी जूते निकालने के बाद खड़ी हुई फिर टोपी निकालकर बेड पर रख दी फिर शॉर्ट ओर बनियान निकालकर मेरे सीने पेर हाथ फिराने लगी उसके इस हरकत से मेरी मेरी साँसे तेज़ होने लगी में उसके बालो में हाथ फिराने लगा
अचानक डॉली ने मुझे बेड पर धकेला मेरे ऊपर चढ़ कर सीने पर चुंबनों का बौछार शुरू कर दी डॉली इस समय साड़ी ब्लाउज पहनी हुई थी ब्लाउज का गला बहुत ही छोटा था डॉली मेरे ऊपर झुक कर मेरे सीने पे चूमे जा रही थी उसके झुकने उसके बड़ी-बड़ी चुचिया आधे से ज़्यादा दिखाई दे रही थी
राज:- आज तुम्हारा इरादा नेक नही लगता है मेरा आज बलात्कार होने वाला है
डॉली:- हा आज में आपको नही छोड़ूँगी आज तो में आपको बलात्कार करके ही मानूँगी
इतना कहकर डॉली ने पैंट ओर मेरा अंडर वेयर दोनो ही निकाल दिया में उसके मज़ाक़ का मज़ा ले रहा था.............
में पूरी तरह जन्म जात अवस्था में लेटा हुआ था मेरे शरीर पर कपड़ा के नाम पर कुच्छ भी नही था............
डॉली खड़ी हुई उसने भी अपने सारे कपड़े निकालकर पूरी तरह नंगी हो गयी फिर वो किसी भूके भेड़िए की तरह मेरे होंटो पर टूट पड़ी में भी उसके चुतड़ों को सहलाते हुए उसके होंटो को चूस रहा था उधर मेरा लंड खड़ा होकर डॉली के पेदूं पे गड़ रहा था जब हमारी साँसे उखड़ने लगी तब डॉली मेरे होंटो को छोड़ी मेरे सारे चेहरे को चूमते हुए नीचे जाने लगी
अचानक नीचे मेरे लंड के पास जाकर रुक गयी फिर उसने धीरे से मेरे लंड को अपने नाज़ुक हाथों में पकड़ कर सहलाने लगी मस्ती के मारे मेरी आँखे बंद हो गयी डॉली ने कुच्छ देर लंड को सहलाने के बाद अपने मूह भरकर आइस्क्रीम की तरह चूसने लगी
में तो स्वर्ग में उड़ने लगा इतना मज़ा मुझे जिंदगी में कभी नही आया था मेरा लंड 8'' लंबा ओर 3'' मोटा है इसलिए डॉली के मूह में मुस्किल से जा रहा था मेरे हाथ अपने आप डॉली के बालो में घूमने लगे डॉली के मूह की गर्मी को में बर्दास्त नही कर सका ओर ज़ोर से सिसकारी भरते हुए एयाया...... एयाया....हह...हह ...एयेए...एम्म्म
डॉली के मूह में वीर्य की पिचकारी छोड़ने लगा.. में पूरी तरह झड़ कर शांत हो गया डॉली मेरे बगल में लेट गयी मेरी साँसे बहुत ही तेज़ चल रही थी
जब में नॉर्मल हुआ तो में उठकर डॉली के दोनो टाँगों के बीच में बैठ गया ओर नीचे झुकते हुए डॉली की रसीली चूत के दोनो फांको को फैलाते हुए एकबार अपने जीभ को नीचे से फेर दिया रस छोड़ती चूत को अपने होंटो में भरते हुए ज़ोर-ज़ोर से चूसने चाटने लगा फिर अपने जीभ को नुकीला बनाया चूत के दोनो फांको को फैलाते हुए चूत के छेद में पेलने लगा डॉली ज़ोर-ज़ोर से सिसकने लगी मेरे बालो को नोचने लगी उधर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था अपने बिल में जाने के लिए तड़प रहा था डॉली अब काफ़ी गरम हो गयी थी तभी उसने मुझको अपने ऊपर से धकेल दी में अपने पीठ के बल लेट गया डॉली मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गयी उसने एक हाथ नीचे ले जाते हुए लंड को पकड़ी लंड को अपनी चूत के छेद पर सेट करके मेरे होंटो पे झुकने लगी
राज:- नही मत करो मेरा इज़्ज़त मत लुटो में कही का नही रहूँगा मेरी होकर मेरा इज़्ज़त लूट रही हो अब में दुनियावालो को कैसे मूह दिखाऊंगा
तभी डॉली मेरे होंटो को अपने होंटो में भरते हुए चूसने लगी मेने अपने दोनो हाथों में उसके चुचियो को भरते हुए मसलने लगा तभी डॉली ने ने ज़ोर से अपने चूतड़ पटकी नीचे से मेने भी उसके साथ ही लगातार दो धक्के लगा दिया लंड एक ही बार में चूत को चीरता हुआ पूरा का पूरा समा गया डॉली कसमसा कर रह गयी.
मेरा लंड पूरा का पूरा डॉली की चूत में समा गया डॉली की चूत अभी बहुत ही टाइट थी क्योकि डॉली को मेने एक बार ही चोदा था डॉली मेरे ऊपर से उठने की कॉसिश करने लगी लेकिन अपने हाथों से चुतड़ों को अपने ऊपर दबाए हुआ था डॉली मेरे होंटो को चूस रही थी में भी उसको पूरा रस्पान दे रहा था थोड़ी देर में डॉली की चूत अपनी रस बहाने लगी मेरे लंड को भिगोने लगी में अपना हाथ उसके चुतड़ों से हटाया दोनो चुचियो को पकड़ते हुए ज़ोर-ज़ोर मसलने लगा डॉली थोड़ी देर में ही धीरे धक्के लगाने लगी
डॉली मेरे सिर के दोनो ओर अपने हाथ लगा ली जिससे उसकी चुचिया मूह के सामने लटकने लगी मेने मूह खोला ओर डॉली के एक निपल्स को होंटो में भरते हुए चूसने लगा एक को मसलने लगा डॉली अब बहुत ही तेज़ी से धक्के लगा रही थी उसकी चूत से चूरस की बौछार हो रही थी अब बिना किसी रुकावट के लंड चूत में अंदर-बाहर हो रहा था तभी डॉली मेरे होंटो को अपने होंटो में भरते हुए ताबड तोड़ धक्के लगाने लगी 10 मिनिट्स के बाद डॉली का शरीर अकड़ने लगा वो बहुत ही सख्ती से मेरे होंटो को चूस्ते हुए अपनी चूत से पानी छोड़ दी मेरे ऊपर गिर कर बुरी तरह हाँफने से लगी उसकी चूत ने बहुत ही पानी छोड़ा था मेरा लंड अभी पूरी तरह उसकी चूतरस से भीगा हुआ था मे डॉली को बाहों में कसते हुए पलटा ओर उसके ऊपर आ गया अपने दोनो कहनियो के बल झुकते हुए धक्को का बौछार कर दिया डॉली बुरी तरह सिसक रही थी ओर अपने चूतड़ हिला-हिला कर मेरा भरपूर साथ दे रहे थी
कमरे मे फ़च्छ..फॅक...फॅक.....फॅक.....म्म्म्मम की आवाज़ गूँज रही थी अचानक मेरा शरीर अकड़ने लगा मेने डॉली के दोनो चुचियो को मलते हुए उसके होंटो में भरते हुए एक जबरदस्त धक्का लगाया लंड को बच्चेदानी में ठेलते हुए वीर्य की पिचकारिया छोड़ने लगा जो सीधे बच्चेदानी में जा रही थी.
डॉली मेरे साथ ही अपनी पानी छोड़ दी उसकी चूत मेरे वीर्य ओर उसकी चूतरस से पूरी भर गयी
में डॉली को अपनी बाहों में कसते हुए डॉली के ऊपर गिर गया डॉली मेरे पीठ को सहलाने लगी.
थोड़ी देर बाद में डॉली के ऊपर से उठा लंड पक की आवाज़ करता हुआ चूत से निकल गया ओर में डॉली के बगल में लेट गया डॉली करवट के बल लेटते हुए मेरे सीने पे सर रखते हुए लेट गयी
में अपना एक हाथ मोडते हुए डॉली के बाल में घुसा कर सहलाने लगा
राज:- एक बात कहूं डॉली मनोगी
डॉली:- हा कहिए ना आप मेरे पति है भला में आपका बात कैसे नही मानूँगी
राज:- आज हमें डीजीपी आसिफ़ सर के यहा जाना है वही से खाना खा के आएँगे
डॉली:- ये भी कोई पूछने वाली बात है चलिए
राज:- चलो फ्रेश हो जाते है
हम जल्दी से फ्रेश हुए ओर रूम में तैयार होने लगे
राज:- चलो में तुझे तैयार कर देता दूं में एक सलवार सूट ओर ब्रा-पैंटी उठा लाया
पहले पैंटी लिया डॉली की चूत पे किस किया ओर पैंटी पहना दिया फिर ब्रा उठाया उसके बाहों में फसाते हुए दोनो चुचियो को होंटो में भरकर ज़ोर से चूस लिया फिर ब्रा के कप में दोनो चुचियो को फसा दिया फिर हुक लगाते समय पीठ पे किस किया ओर ब्रा के हुक लगा दिया फिर सलवार उठाया पहना दिया ओर नाडा बाँधने से पहले उसके पेदूं पर किस किया फिर नाडा बाँध दिया डॉली धीरे से सिसक रही थी समीज़ उठाया उसके दोनो कंधो पे यानी ब्रा के स्टर्प पर किस करते हुए समीज पहना दिया फिर सैंडल उठाया उसके दोनो पैरो पेर किस करते हुए सैंडल भी पहना दिया
काजल उठाया डॉली के दोनो आँखो पे किस किया ओर काजल भी लगा दिया फिर क्रीम लिया डॉली के फूले हुए गालो को ज़ोर से चूस्ते हुए उसके गालो पे क्रीम भी लगा दिया फिर लाल रंग का होठ लाली लिया डॉली के होंठो को चूसने लगा डॉली भी मेरे बालो में हाथ फंसाते हुए ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी मेरे इस हरकत से काफ़ी गरम लग रही थी लेकिन मेने थोड़ी देर उसके होंटो को चूसने के बाद छोड़ दिया फिर हल्का होठलाली भी लगा दिया अब डॉली स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा लग रही थी लेकिन वो काफ़ी गरम भी लग रही थी
डॉली तो तैयार हो गयी थी लेकिन में अभी पूरा का पूरा नंगा था में भी जल्दी से एक जीन्स ओर एक टी शर्ट पहन लिया .
डॉली की ओर ध्यान दिया पूरी तरह तैयार खड़ी थी माँग में सुंदर गले में बँधा मंगल सूत्र ओर भी सोभा बढ़ा रहे थे खैर मेने दुपटटा उठाया ओर उसे डॉली के सिर पे घूँघट डाल दिया लेकिन डॉली फिर से बढ़िया से दुपटटा को रख ली
फिर हम दोनो रूम से बाहर निकले रूम को बाहर से लॉक कर दिया
आसिफ़ सर को फोन करके उनके घर का पता पूछा तो उन्होने मेसेज द्वारा बता दिया
मेने गाड़ी निकाला डॉली भी मेरे साथ आकर फ्रंट सीट पे बैठ गयी हम कुच्छ इधर-उधर की बात करते हुए चल दिए लगभग आधे घंटे ड्राइव के बाद हम आसिफ़ सर के घर के सामने थे गाड़ी की आवाज़ सुनकर आसिफ़ सर घर से बाहर निकले ओर में ओर डॉली गाड़ी से नीचे उतरे ओर आसिफ़ सर की ओर बढ़ गये डॉली भी उन्हे पहचानती थी क्योकि एकबार हॉस्पिटल में हम दोनों आसिफ़ सर से सबसे पहले मिल चुके थे मेरे इनस्पेक्टर बनने से पहले
पहले मेने आसिफ़ सर को सेल्यूट किया फिर डॉली अपने सर दुपट्टा रखते हुए नीचे बैठकर प्रणाम की फिर आसिफ़ सर ने उसके माथे हाथ रखते हुए:- सदा सुहागिन रहो फिर हम अंदर चल दिए डॉली मेरे पीछे थी
अंदर ड्रॉयिंग रूम जाकर में ओर डॉली एक सोफे बैठ गये आसिफ़ सर दूसरे सोफे पर तभी आसिफ़ सर की बीवी ओर उनके साथ एक आंटी भी थी
आसिफ़ सर:- इनको तो तुम जानते ही होगे ये मेरी पत्नी डॉली ख़ान है ओर मेरी अम्मी नूर्सत ख़ान
राज:- नमस्ते भाभी नमस्ते आंटी
भाभी ओर आंटी - नमस्ते देवर जी नमस्ते बेटा
फिर उनके साथ अंदर चली गयी
फिर में ओर आसिफ़ सर आपस में बात करने लगे
आसिफ़ सर- देखो राज में तुमसे एक क्लियर कर दूं की में ड्यूटी के समय ही तुम्हारा सर ड्यूटी के बाद तुम मुझे भैया कह सकते हो
राज:- जी सर
आसिफ़ सर:- फिर वही बात
राज:- जी सर
आसिफ़ सर- तुम नही सुधरोगे
तभी डॉली ओर भाभी आ गयी दोनो काफ़ी हस-हस कर बात कर रही थी जैसे उनका बरसो पुराना रिस्ता हो
आसिफ़ सर- अरे भाई दोनो में क्या बात हो रही है
भाभी- ये हमारे बीच की बात है आप को नही बता सकती
राज- भाभी बहुत जोरो की भूख लग गया है जल्दी से कुच्छ खिलाइए
भाभी:- हा मुझे भी भूख लग गया है
थोड़ी देर में ही खाना लग चुका था हमने मिलकर खाना खाए फिर थोड़ी देर बात करने के बाद '' भाभी अब हम चलते है अब नींद भी आ रही है''
आसिफ़ सर- अरे इतनी रात को कहाँ जाओगे यही पर रुक जाओ कल चले जाना
राज:- नही ठीक सर हम चले जाएँगे भाभी:- ठीक से जाना
उसके बाद हमने आसिफ़ सर ओर भाभी को गुड नाइट बोला ओर गाड़ी से रूम की तरफ निकल गये रूम पे पहुचते-पहुचते 11 बज गये खैर मेने जल्दी से रूम खोलकर अंदर गये रूम में जाते ही में नंगा हो गया डॉली के भी सारे कपड़े निकालकर नंगा कर दिया ओर उसको बाहों में भरते हुए उसके चूत को चूसने लगा.
में डॉली की चूत को चूसे जा रहा था कुच्छ ही देर में लंड साप के तरह फुफ्करने लगा डॉली मस्ती में सिसकारी भरने लगी डॉली की चूत बहुत ही गीली हो गयी थी
में अपना चेहरा ऊपर उठाया लंड को थूक गीला किया चूत पे सेट करते एक जबरदस्त धक्का लगाया एक बार में पूरा लंड अंदर चला गया डॉली के मूह से जोरदार सिसकारी निकल गयी आआ.......असशह..
...एम्म.......
में उसके दोनो पैरो को अपने कंधे पर रखते हुए ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा में किसी पिस्टन की तरह धक्का लगा रहा था थोड़ी देर में ही डॉली अपनी पानी छोड़ दी ओर निढाल हो गयी
लेकिन मेने धक्का लगाना बंद नही किया चुदाई की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज रही थी
लगभग 20 मिनिट्स के बाद में अपना लंड उसके बच्चेदानी में ठेलता हुआ झड़ गया डॉली भी दोबारा मेरे साथ झड़ गयी में डॉली के ऊपर गिर गया उसके चुचियो को मसलते हुए गुलाबी होंटो को चूसने लगा डॉली भी मेरे होंटो को चूसने लगी अपने हाथों से मेरे पीठ को सहलाने लगी होंठो को चूसने के बाद उसके चुचि को मूह में लिया ज़ोर-ज़ोर से उसके चुचियो का रस पीने लगा थोड़ी ही देर में मेरा लंड डॉली की चूत में ही खड़ा हो गया मेने उसके एक चुचि को मूह में भरा ओर दूसरे को मसलते हुए ज़ोर- ज़ोर से चोदने लगा डॉली बहुत ज़ोर से चीख रही थी ओर अबकी बार में छूट ने का नाम नही ले रहा था डॉली 2 बार झड़ चुकी थी में आज डॉली की चूत को फाड़ देना चाहता था
लेकिन में ओर डॉली दोनो ने एक साथ पानी छोड़ दिए एक दूसरे के बाहों में बाहें डाले सो गये..बहुत ही अच्छी नींद आई
सुबह लगभग 12 बज़े मेरी नींद खुली तो में अकेला था मेरे ऊपर एक चादर रखी हुई थी...............में उठा ओर सीधे बाथरूम में घुस् गया जल्दी से फ्रेश होकर बाहर निकला ओर थाने में फोन करके कह दिया की में आज नही आऊंगा मेरी तबीयत बहुत ही खराब है ज़्यादा इमरजेंसी हो तो काल् करे
फिर जल्दी से अंडरवेर पहनकर डॉली को ढूँढने लगा वो किचन में थी नाश्ते की खुसबू आ रही थी शायद नाश्ता बन गया था तभी डॉली पर नज़र पड़ी वो डोगी स्टाइल में झुककर कुच्छ निकाल रही थी उसकी गान्ड बाहर निकली हुई थी इस समय उसके बदन पर एक परदरसी नाइटी था जो केवल जाँघो था उसने अंदर कुच्छ भी नही पहनी हुई थी यानी की अंदर से पूरी नंगी थी
में भी ऐसा नज़ारा देख कर लंड एकदम लोहे की तरह खड़ा हो गया में बहुत ही सावधानी से डॉली के पास गया पीछे से चिपकते हुए उसके फूले गाल को चूसने लगा डॉली मुझे धकेलने लगी लेकिन में बहुत ही मज़बूती से पकड़ा हुआ था
थोड़ी देर में डॉली विरोध करना बंद कर दी ओर मेरा साथ देने लगी डॉली अपने दोनो हाथों को एक स्टूल के ऊपर टीका ली थोड़ी देर डॉली नीचे बैठी मेरे अंडरवेयर को निकालकर फेक दी लंड को मूह में भरते हुए ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी मेरे मूह से सिसकारी फुट पड़ी में स्वर्ग में उड़ने लगा डॉली मेरे लंड को चूस्ते हुए आंडों को सहला रही थी
मुझे लगा थोड़ा देर ओर चूसी तो में अब झड़ जाऊँगा मेने लंड को डॉली के मूह से बाहेंर निकाला ओर डॉली को घोड़ी बना दिया डॉली एक स्टूल पे अपने हाथ रखते हुए घोड़ी बन गयी मेने नाइटी को पीठ के ऊपर तक उठाया डॉली अंदर ब्लॅक कलर का पैंटी पहनी हुई थी
पैंटी बहुत ही छोटी थी पीछे से केवल डोरी डॉली के चुतड़ों में घुसी हुई थी पैंटी को निकाल कर घुटनो तक कर दिया लंड को डॉली के फूली हुई चूत पे सेट किया एक जबरदस्त धक्का लगाया एक ही बार पूरा का पूरा लंड चूत को चीरते हुए जड़ तक समा गया ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा मेरी जांघे डॉली के चुतड़ों से टकरा रही थी डॉली ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भर रही थी
में डॉली के चुतड़ों को मसलते हुए जोरदर धक्का लगा रहा था अबकी में लगभग 10 मिनिट्स के बाद लंड को बच्चेदानी में ठेलते हुए वीर्य की पिचकारी छोड़ने लगा डॉली भी मेरे साथ ही झड़ गयी... में झड़ते ही डॉली के ऊपर गिर गया मस्ती में हमारी आँखे बंद हो गयी तभी मेरे कानो में एक कड़कती आवाज़ सुनाई दी
.............. राज ....
आवाज़ सुनते ही सारी मस्ती गायब हो गया ..............
मेरे पैरो तले ज़मीन खिसक गयी में डर के मारे डॉली को खींचता हुआ बेडरूम में घुसकर अंदर से डोर को बंद करके ज़ोर-ज़ोर से हाँफने लगा डॉली भी एकदम सहम गयी थी मुझे जो आवाज़ सुनाई दिया वो किसी ओर का नही बल्कि नानाजी थे साथ मेरी बहन पूजा ओर नानीजी थी आज क्या होगा भगवान ही जानते थे
में ओर डॉली जल्दी से फ्रेश हुए ओर मेने जल्दी से एक शॉर्ट ओर जीन्स पहन लिया डॉली भी जल्दी से साड़ी ब्लाउज पहन ली माँग में सिंदूर भर ली
मेने अपना गन उठा कर गोलिया चेक किया ओर पैंट में ऊपर से डाल लिया में डोर खोल कर बाहर निकल गया डॉली मेरे पीछे अपना चेहरा छुपा कर चल रही थी हम दोनो जैसे ही अपने रूम से बाहर निकले नाना, नानी ओर मेरी बहन पूजा मेरे ओर बहुत ही गुस्से से देख रहे थे
नानाजी के आँखो में जैसे आग जल रही थी वो गुस्से के मारे काँप रहे थे डॉली तो डर के मारे मेरे पीछे छुपी हुई थी तभी नानाजी ने एक झटके में मेरी गन निकाल ली मेरे सर के ऊपर तान दिए''तुम दोनों ने पाप किया है जिसका सज़ा केवल मौत है ''
में कुच्छ नही बोला आज में तुम दोनों को जिंदा नही छोड़ूँगा तभी डॉली आगे आ गयी.
डॉली के माँग में सिंदूर गले में मंगलसूत्र चीख-चीख के कह रहे थे की वो सुहागन है भला कोई भी लेडिस अपने पति को अपने सामने भला मरने देगी डॉली के माँग में सिंदूर ओर गले में मंगलसूत्र देख कर नानाजी ओर नानीजी दोनो के मूह खुला रह गया............................
डॉली:- आपको मेरे पति को मारने से पहले मुझे मारना होगा में जीते जी अपने पति को मारना तो दूर की बात हट च्छुने भी नही दूँगी एकदम मा दुर्गा की तरह खड़ी हो गयी
नानाजी ने गन वही नीचे फेंक दिया उनके आँखो में आँसू थे वो चुपचाप वहाँ से जाने लगे नानीजी ने एक जोरदार थप्पड़ डॉली के गाल पर जड़ दी ''
कान खोल कर सुन ले आज हम दोनों तुम्हारे लिए मर गये हम भी यही समझेंगे की हमारी बेटी थी वो मर गयी ओर हा आज हमें मिलने का सोचना भी मत .. नानीजी भी चली गयी
मेरी बहन पूजा भी जाने लगी मेने दौड़ कर उसे पीछे पकड़ लिया वो छटपटाने लगी लेकिन मेने उसे अपनी बाहों में उठा लिया रूम में लेकर बॅड पर बैठा दिया. पूजा:- भैया मुझे छोड़ दो में यहा एक पल नही रुकूंगी मेरा यहा दम घुट रहा रहा है
राज:- लेकिन क्यो मेने क्या किया है तू तो मेरी प्यारी बहन है तू मुझे छोड़ कर चल जाएगी मा भी इस दुनिया से चली गयी अगर तुम भी चली जाओगी तो में किसके सहारे जिऊँगा
पूजा:- जिसके साथ अभी तक रह रहे हो
राज:- अच्छा ये बात है में समझ गया की तुम डॉली के कारण मुझपर गुस्सा हो.
डॉली मेरे पास बैठी हुई थी
राज:- डॉली मेरा गन उठाकर ला
डॉली:- जी अभी लाई
इतना कहकर डॉली मेरा गन उठा लाई मेने गन अपने हाथो में ले लिया
राज:- पूजा तू मेरे पास नही रहेगी ना
पूजा:- नही भैया में यहा एक पल के लिए भी नही रुकूंगी
में-- ठीक है ये गन ले ओर इस पिस्टल में 6 गोलिया लोडेड है मुझे ओर मेरी बीवी डॉली को सिर मे डाल दे .
पूजा ने पिस्टल लपक कर पकड़ ली मेरी ओर तान दी ओर मेरी आँखो में झाँकते हुए पिस्टल की ट्रागर दबा दी उस पिस्टल की सारी गोलिया मेरे सीने में धँस गया में धडाम से नीचे गिर गया मेरी आँखे बंद होने लगी अचानक डॉली ओर पूजा दोनो दहाड़ कर रोने लगी
पूजा:- रोते हुए नही भाई आप मुझे छोड़केर नही जा सकते हो आपके बिना में एकपल के लिए भी नही जिऊंगी प्लीज़ भाई अपनी आँखे खोलो अपनी बहन से बाते करो डॉली के मूह से तो आवाज़ ही नही निकल रही थी
दरअसल मुझे पूजा ने जिस पिस्टल से गोली मारी थी उस पिस्टल में गोलिया नकली थी में झुत-मूठ के अपनी सांस रोक कर ड्रामा कर रहा था
पूजा:- प्लीज़ भाई अपनी आँखे खोलो अपनी इस पापीन बहन से बात करो
पूजा मेरे सीने पर सर झुकाए रोए जा रही थी उसके आँसुओ से मेरे शॉर्ट ओर बनियान दोनो ही भीग गये
अचानक पूजा रोते-रोते बेहोश हो गयी... मेरे सीने पर लुढ़क गयी
में झट से उठा पूजा को गोदी में बैठाते हुए धीरे उसके नाक को दब दिया तभी पूजा होश में आगइ फिर से रोने लगी'' भैया आप मुझे छोड़कर नही जा सकते ''
में पूजा को हिल्लाते हुए'' पूजा होश में आ देख में जिंदा हू मरा नही हू मुझे गोली नही लगी है''
पूजा ने जब मेरी ओर देखा तो में मुस्करा कर उसकी ओर देख रहा था मेने पूजा सर पकड़ते हुए उसके आँसुओ को चाट चाट के सॉफ कर दिया पहले पूजा मेरी तरफ ध्यान से मेरी तरफ देखा फिर अपने ताबड तोड़ मेरे सीने पर मुक्को की बरसात कर दी फिर मेरे सीने में अपना मूह च्छुपाकर बिलख-बिलख के रोने लगी
पूजा:- भैया में बहुत ही पापी हू में अपने उस भाई पेर गोली चला दी जिसने मुझे पर हाथ भी नही उठाया प्लीज़ भैया मुझे माफ़ कर दो
राज:- हट पागल तुमने कोई पाप नही किया उसमे नकली गोली थी चल जल्दी चुप हो जा नही तो बहुत ही मार पड़ेगी .
डॉली मेरे पास ही बैठी हुई थी में पूजा के बालो में हाथ घुमा रहा था पूजा चुप तो हो गयी लेकिन अभी धीरे-धीरे सिसक रही थी में पूजा लेकर उठा ओर बाथरूम की तरफ बढ़ गया डॉली ने बाथरूम का डोर खोल दी में पूजा को उठाए बाथटब के सामने आ गया बाथटब में पानी भरा हुआ था
राज:- पूजा देख सिसकना बंद कर नही तो बाथटब में डाल दूँगा
तभी पूजा ने रोना बंद किया जब नीचे उसका ध्यान गया तो में उसको बाथटब में डालने वाला था पूजा अपने दोनो हाथो का हार मेरे गले में डालते हुए लटक गयी
पूजा --देखो भैया अब चुप हो गयी हू बाथटब में मत डालो नही तो में पूरा भीग जाऊंगी
राज:- अब से अगर इन प्यारी-प्यारी आँखो से आँसू बहाई तो नाली में फेंक दूँगा
पूजा:- हा ठीक है आँसू नही बहाउन्गी जल्दी से यहा से चलो ना
पूजा की बात सुनकर में पूजा को उठाए हुए बेडरूम में चल आया
तभी डॉली ने किचन की तरफ से आवाज़ दी '' जी सुनते हो नाश्ता करने आ जाइए नाश्ता तैयार है फिर में पूजा ओर डॉली ने मिलकर नाश्ता किया ओर आकर बेडरूम में बैठ गया.............. ............. ...
राज:- डॉली आज याद है ना हमें कहा जाना है
डॉली:- हा हॉस्पिटल में दीदी को लाने
राज:- ठीक है तो चलो
पूजा:- लेकिन भैया किसको लाने हॉस्पिटल में कौन है
राज:- तू हॉस्पिटल में वही तुझे पता चल जाएगा की किसे लाना है हा इतना ज़रूर बता देता हू की वो मेरी दूसरी बीवी है
पूजा:- दूसरी बीवी लेकिन भैया आपकी दूसरी बीवी कौन है कब आई ओर आप दो-दो बीविया रखेंगे चलिए
मुझे कोई टेन्षन की बात नही है मेरी दो भाभी हो गयी है वा बहुत ही मज़ा आएगा
राज:- पूजा आज बहुत ही बड़ा सर्प्राइज़ है
पूजा:- वो क्या है कही ऐसा तो नही मेरा जन्मदिन है वैसे मेरा जन्मदिन कहा आप मनाते है
राज:- अरे पूजा बहन जन्मदिन नही मनाया जाता था तो अब से मनाया जाएगा लेकिन ये जन्मदिन का सर्प्राइज़ नही है ये उसे भी बड़ा सर्प्राइज़ है तुम जब देखोगी तो ख़ुसी के मारे मुझे बहुत ही मरोगी ओर आँसू भी बहाओगी
पूजा:- लेकिन ये कैसा सर्प्राइज़ है की में आँसू भी बहाऊंगी ओर खुस भी हो जाऊंगी कही आप मुझे बेवकूफ़
तो नही बनाएगे ना
डॉली:- नही पूजा तेरे भैया सच कह रहे है
पूजा- अच्छा भाभी आप ही बता दो ना
डॉली-नही पूजा तुझे तो शाम तक कंट्रोल करना होगा
पूजा- ठीक है भाभी
उसके बाद डॉली ने रूम को लॉक किया हम हॉस्पिटल की ओर निकल गये.