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Incest खूनी रिश्तों में प्यार

पूजा रूम पर ही रह गयी राज ओर डॉली हॉस्पिटल की ओर निकल गये राज आज बहुत ही खुस था क्योकि आज उसकी मा अनिता हॉस्पिटल से डिसचार्ज होने वाली थी अनिता उसकी मा ही नही बल्कि उसकी बीवी उसकी रूह उसकी जान भी थी

यही सब बाते सोचते-सोचते कब हॉस्पिटल आ गया पता नही चला

मेने जीप को पार्क किया ओर अंदर दाखिल हुए ओर में डॉली के साथ डॉक्टर के केबिन में दाखिल हुआ तो डॉक्टर नर्स बाते कर रहे थे

मुझ पर नज़र पड़ते ही डॉक्टर .:- नर्स को बाहर भेज दिए

डॉक्टर- हेलो मिस्टर.राज कैसे है प्लीज़ सीट डाउन

में ओर डॉली चेयर पर बैठ गये

राज:- डॉक्टर में पत्नी से मिल सकता हू

डॉक्टर- नही अभी नही उनका पट्टी हटा दिया जाए उसके बाद आप मिल सकते है

राज- जल्दी कीजिए डॉक्टर

उसके बाद में ओर डॉली मा के वॉर्ड के बाहर वात् करने लगे थोड़ी देर में डॉक्टर ने मुझे अंदर बुलाया में ओर डॉली अंदर गये मा का पट्टी हटाया जा रहा था जैसे-जैसे पट्टी हटाया जाने लगा मेरी दिल की धड़कन बहुत ही तेज़ी से बढ़ रही थी थोड़ी देर में पट्टी पूरा हटा दिया गया तो जैसे ही मेरी नज़र मा पर पड़ी मेरी आँखे चौधिया गयी मा का चेहरा पूरी तरह बदल चुका था वो अब नया चेहरा प्राप्त कर चुकी थी इस नये चेहरे में किसी बोल्लीवुड की ऐक्ट्रेस से कम नही लग रही थी में आँखे फाडे-फाडे मा की ओर देख रहा था डॉली का यही हाल था मुझे तो लग ही ना रहा था की ये मेरी बीवी है

मा भी मेरे ओर देख रही थी लेकिन कुच्छ नही बोल रही थी एकदम खामोश थी उन्हे एक वाइट रंग का कपड़ा पहनाया गया था लेकिन मा का हालत ठीक नही था

राज- डॉक्टर ये कौन है

डॉक्टर-खा गये धोखा यही आपकी पत्नी है खैर आप थोड़ी देर बात कीजिए इतना बोलकर डॉक्टर ओर नर्स बाहर चले गये

मा ने जब अपना चेहरा आईने में देखा तो खुद उन पर बिश्वास नही हो रहा था

में मा के पास गया ओर मा को अपनी ओर घुमाते हुए अपनी बाहों में भर लिया ओर उनके बालो कोसहलाने लगा मा मुझे बिल्कुल बेल की लता की तरह चिपक गयी में मा के घने बालो को सहलाते हुए''

मेरी जान कैसी है ''

माँ- बस ठीक हू में आपसे बहुत ही नाराज़ हू आप मुझसे मिलने क्यो नही आए

राज- क्या करूँ डॉक्टर ने मना किया था की तुमसे कोई नही मिल सकता वैसे मेरी जान को कोई तकलीफ़ तो नही हुई

माँ-नही बिल्कुल भी नही लेकिन डॉली के माँग सिंदूर कैसा है

राज:-ये अब तुम्हारी सौतन बन चुकी है

माँ- अच्छा ये बात है

उसके बाद डॉली भी गले मा से गले मिली .

वैसे हम घर से मा के लिए कपड़े भी लाए थे मा के लिए सो में डॉली को बोला- डॉली अनिता को कपड़े पहना दो तबतक में डॉक्टर से बात करता हू तुम लोग भी वही पे आ जाओ

डॉली-ठीक है आप चलिए में भी दीदी को लेकेर आती हू

में वहाँ से निकला ओर डॉक्टर के पास चला गया ओर चेयर पर बैठते हुए- डॉक्टर आपसे मुझे कुच्छ ज़रूरी बाते करनी है

डॉक्टर-हा में जानता हूँ की आप क्या कहने वाले है आप यही ना कहना चाहते है की आपकी पत्नी का हालत ठीक नही लग रही फिर यहा से क्यो डिसचार्ज हो रही है

राज- हा में यही पूछना चाहता हू लेकिन आप मेरे बात जान गये तो बता ही दीजिए

डॉक्टर-वो इसलिए की आपके पत्नी का चेहरा तो बदल गया अब रहा बात शरीर में परिवर्तन तो शरीर में परिवर्तन होने में कम से कम 1 मंत तो ज़रूर लगेगा

धीरे-धीरे परिवर्तन हो रहा है इसलिए आपकी पत्नी का हालत खराब है लेकिन घबराने की कोई बात नही है में कुच्छ दवाए लिख देता हू आप टाइम पे देते रहिएगा ओर अच्छी तरह से खयाल रखिए

आपकी पत्नी अपने आप 1 मंत के अंदर बिल्कुल ठीक हो जाएगी आप इस पेपर पर साइन कर दीजिए ओर ये कुच्छ दवाए मेने लिख दी है ले लीजिएगा

काउंटर पर पेमेंट्स कर दीजिए आप जा सकते है

में खड़ा होकर डॉक्टर से हाथ मिलाते हुए थॅंक्स डॉक्टर आपने मेरी सारी चिंता दूर कर दी उसके बाद में बाहर निकला तो डॉली ओर मा बैठी हुई थी में दवा लिया डॉली ओर मा के साथ घर की ओर निकल गया
 
दोपहर हो गया था में गाड़ी चला रहा था डॉली ओर मा बिचले सीट पर बैठी हुई थी मेने गाड़ी को धीरे से चलाते हुए'' अनिता में तुमको एक बता दूं की पूजा आई हुई है ओर हा में चाहता हू की जबतक में ना कहूं तबतक तुम उसे नही पहचानोगी ठीक है

माँ- हा ठीक है

उसके बाद हम चुपचाप रूम पर आ गये मेने जैसे गाड़ी को पार्क किया तो तभी पूजा गेट खोल कर बाहर निकल गयी

पूजा मा के आगे हाथ जोड़कर नमस्ते भाभी

माँ- खुस रहो

मा की आवाज़ सुनकर पूजा मा की ओर एकटक देखने लगी में तीनो को लेकर अंदर गया दरवाजा अंदर से बंद कर दिया वैसे ये मेरा अपना घर नही था में किराए पर लिया था अंदर आकर सीधे में मा के साथ अपने रूम में आ गया मा को खींचकर अपनी गोदी में बैठा लिया उनके गालो पर हाथ घुमाने लगा मा पूजा को देख कर एमोशनल हो गयी थी

राज-पूजा थोड़ा पानी ला तो

पूजा जैसे ही रूम से बाहर गयी मा के आँखो से आँसू छलक गये में उनके आँसू पोन्छते हुए.

मा के आँसू पोन्छते हुए '' में जानता हूँ की तुम पूजा से बात करना चाहती हो तो इंतजार करो ओर मुझ पर विश्वास करो में पूजा को सबकुच्छ बता दूँगा ठीक है लेकिन उनके आँखो से आँसू बंद नही हुआ तो में मा के गालो को सहलाते हुए दोनो हाथो से पकड़ा ओर अपने होंठो से मा के आँसुओ को पी

गया.............................

तभी पूजा पानी लेकर आ गयी मेने मा को पानी पिलाया तो वो थोड़ा नॉर्मल हो

गयी तुम आराम करो तबतक थाने से एक चक्कर लगा कर आता हू

डॉली:- लेकिन दीदी को खाना तो खिला दीजिए

राज:- लंच तो तैयार कर खाना खाने के बाद ही दवाई खाना है

डॉली:- जी जाती हू लेकिन आप रहिए लंच के बाद थाने की ओर जाइएगा

राज:- हा ठीक है

पूजा:- भाभी में भी चलती हू किचन में सहायता कर दूँगी

फिर दोनो किचन में चली गयी

मेने सोचा क्यो ना आराम किया जाए रूम का दरवाजा बंद किया पलंग पर लेट गया

तभी माँ- आप आराम कर रहे है मुझसे एक बार भी नही पूछना चाहिए की में आराम करूँगी की नही

राज-ये कैसी बाते कर रही हो आओ बगल में लेट जाओ मा मूह बनाकर मेरे बगल में लेट गयी मूह जान रहा था की मा मेरे ऊपर चढ़ कर अपने महबूब के बाहों में सोना चाहती है लेकिन थोड़ा तड़पने के लिए बगल में लेटने के लिए बोल दिया इसलिए मा मूह बनाकर लेट गयी

मेने मा को खींचकर अपने ऊपर कर लिया मा खुस होकर मेरे ऊपर लेट गयी उनकी चुचियाँ भी पहले से बड़ी ओर बहुत ही कठोर हो गयी थी ये सब प्लास्टिक सर्जरी का कमाल था उनकी चुचियाँ मेरे सीने में धँस रही थी खैर में किसी तरह अपने ऊपर कंट्रोल किया अपनी आँखो को बंद कर लिया मा अपने गालो को मेरे गालो पर रगड़ते हुए सो गयी मा इस समय सारी ओर ब्लाउज पहनी हुई थी में अपनी आँखे बंद किए मा के नंगी पीठ को सहलाते हुए सो गया............ 1घंटे के बाद किसी के दरवाजा खट खटाने से मेरी नींद खुल गयी में मा को अपने ऊपर से हटा कर बगल में लिटा दिया जाकर डरवाजा को खोला तो पूजा थी

पूजा:- भैया चलिए खाना खा लीजिए

मैं :- हा चल में आता हू पूजा

मेने मा को उठाया में मा बाथरूम में जाकर हाथ मूह धोए ओर सबने मिलकर खाना खाया में फिर रूम में आ गया मा को दवाई खिला दिया

राज- जान तुम आराम करो में थोड़ा थाने से होकर आता हू फिर मेने मा के माथे को चूमा किचन के तरफ चल दिया किचन में डॉली बर्तन धो रही थी ओर पूजा सॉफ करके एक ओर रख रही थी मेने डॉली को बाहों भरते हुए उसके माथे पे किस किया उसने भी मेरे गालो पर किस किया फिर पूजा को किस किया

राज- अपना खयाल रखना में थाने से होकर आता हू

डॉली- ठीक है जल्दी आईएगा ओर सब्जी भी लेते आईगा

राज:- ठीक है इतना बोलकर में थाने की ओर निकल गया

खैर वहाँ पर कुच्छ ख़ास बात नही हुआ ओर मे कुच्छ फाइल चेक करने लगा तबतक कब दोपहर से शाम और शाम से रात हो गया मुझे पता ही नही चला

खैर में जल्दी से घर की ओर निकल गया घर पहुँचा तो डॉली बड़ी बस्रबी से मेरा इंतजार कर रही थी मुझे देखते ही

डॉली- इतनी देर कैसे हो गयी

में अंदर जाते हुए कुच्छ फाइल चेक करने लग गया इसलिए देर हो गयी दरवाजा को अंदर से बंद किया ओर रूम में चला आया अंदर जाते ही मा के पास बैठ गया पूजा भी वही थी

पूजा- चलो भैया मेरा सर्प्राइज़ बताओ देखो अब रात हो गयी है

राज- अच्छा मेरा सर्प्राइज़ तुझे याद है लेकिन जब तू सर्प्राइज़ जान जाएगी तो मुझसे घृणा करेगी ओर मुझसे बोलना बंद कर देगी

पूजा- नही भैया में आपसे बिल्कुल भी घृणा नही करूँगी आप बताओ तो सही

राज- तो ठीक है सुन हमारी मा जिंदा है

पूजा चिहूकते हुए क्या मा जिंदा है पूजा ऐसे चिहुकी जैसे मेने कोई बॉम्ब फोड़ दिया हो लेकिन ये कैसे हो सकता है मा तो मर चुकी है फिर उनका लाश भी मिला था आपने ही तो दाह संस्कार किया था भैया जल्दी से बताओ माँ कहाँ है मेरा दिल बहुत घबरा रहा है
 
में कुच्छ नही बोला तो अचानक पूजा रोने लगी ओर रोते हुए भैया जल्दी से बताओ ना अपनी माँ से मिलना चाहती हू उनसे बाते करना चाहती हू

राज- तो ठीक है पहले ये बता की यहा कौन-कौन बैठा है

पूजा-आप डॉली भाभी ओर ये नयी भाभी ओर में

राज- हा तो ठीक है ये जो तुम्हारी नयी भाभी है वही हमारी मा है यानी तुम्हारी मा यानी मेरी मा यानी की मेरी दूसरी पत्नी.

पूजा राज की बात सुनकर हिल गयी उसे विश्वास ही नही हो रहा था की सामने खड़ी औरत उसकी मा है तो जो मर गयी थी वो कौन थी फिर मा का चेहरा से इसका चेहरा तो बिल्कुल अलग था फिर भी अगर मा है तो ये अपने ही बेटे की पत्नी कैसे बन सकती है पूजा यही सब सोच रही थी की

तभी राज बोला-क्या हुआ बहन क्या सोच रही हो

पूजा- भैया अगर ये मा कैसे हो सकती हो देखो तो मा से इनका चेहरा बिल्कुल भी नही मिल रहा है फिर मा जब मर गयी थी तो आज ये सब मुझे तो कुच्छ नही समझ आरहा है जल्दी से बताओ भैया नही तो में पागल हो जाऊंगी

राज:- पूजा में ट्रैनिंग पर जाने से पहले ही मा के इतने करीब आ गया की वहाँ से लौटना नामुमकिन था हमारी सारी मर्यादा सारी हदे मिट गयी हमारे बीच पति-पत्नी वाला संबंध हो गया ओर मेरा ओर मा का ऐसा हालत हो गया की एक दूसरे के बिना जी नही सकते थे में ट्रैनिंग से जब आया जिस दिन मा का आक्सिडेंट्स हुआ वो एक नाटक था मा को थोड़ा भी खरॉच भी नही आया था दुनियावालो के डर से मेने मा का प्लास्टिक सर्जरी करवा दिया क्योकि इस दुनिया में एक बेटा अपनी माँ से यदि शादी करे दुनिया वालो को पता चल जाए तो वो जीना मुस्किल कर देते है में चाहता तो छुपा सकता था लेकिन मेरे कलेजे पे ये बात एक बोझ था इसलिए मेने तुम्हे बता दिया अब मेरे सीने में कोई बात नही छुपी है

इतना बोलकर राज बिल्कुल खामोश हो गया डॉली ओर उसकी मा अनिता भी खामोश थी अब देखना ये था की पूजा क्या रिक्षन करती है
 
पूजा एकटक मा की आँखो में देखने लगी शायद अपनी मा को पहचानने की कोशिश कर रही थी

जब मा को लगा की पूजा उन्हे नही पहचान पाएगी तो मा के आँखो से आँसुओ की धारा बहने लगी उनके मूह से एकाएक निकला...पु...जा..

मा की आवाज़ सुनकर पूजा पहचान गयी की ये मा है वो दौड़ कर मा के गले से लग गयी फफक..फफक...फफक..फफक के रोने लगी... मा..आ...मुझे... कहाँ छोड़ के चली गयी थी....

मा भी रोए जा रही थी मेने उन्हे चुप नही कराया कुच्छ देर रोने के बाद मा ओर पूजा दोनो चुप हो गयी पूजा एकदम मा से चिपकी हुई थी डॉक्टर ने मा को एक माह तक आराम करने को कहा था मेने बेवजह मा को रुला दिया मेने पूजा को जैसे ही च्छुआ....तो पूजा मेरा हाथ झटकते हुए डॉन'त टच मी

में पूजा का यह रूप देखकर तो भौचक्का रह गया डॉली ओर मा भी एकटक मा भी पूजा की ओर देखने लगी ....

राज:- क्या हुआ बहन

पूजा चीखते हुए- मत कहो मुझे बहन तुम्हारे जैसे कमीने इंसान के मूह से बहन जैसा पवित्र शब्द शोभा नही देता मुझे तो अपने आप पर शरम आती है जो में तुम्हारे जैसे इंसान की बहन हू

मुझे तो काटो तो खून नही मेरा शरीर काँपने लगा मुझे सच में अपने आप से घृणा होने लगी में सोचने लगा की पूजा सच कह रही है मेने बहुत ही बड़ा पाप किया मुझे अपने पाप का प्रायश्चित करना चाहिए तभी मा ने एक जबरदस्त थप्पड़ पूजा को लगा दिया लेकिन मेने मा का हाथ रोक दिया

में वहाँ एकपल वहाँ ठहराना नही चाहता था में चुपचाप वहाँ से उठा ओर छत पर आ गया

अंधेरी रात थी आसमान में तारे दिखाई दे रहे थे में राल्लिंग के सहारे झुककर तारों को देखने लगा

लेकिन वो भी मुझे आज अच्छे नही लग रहे थे तभी मेरे कंधे पेर किसी का हाथ टच हुआ जब मेने घूम कर देखा तो डॉली थी.

डॉली:- चलिए खाना खा लीजिए

पूजा अभी बच्ची है ओर बच्चों के बात का बुरा नही मानते

राज:- नही मुझे भूख नही है तुम जाओ खाना खा के सो जाओ

डॉली:- आप नही खाएँगे तो में भी नही खाऊंगी इतना बोलकर डॉली दूसरी ओर मूह घुमाकर देखने लगी

मेने डॉली को अपने तरफ घुमाया '' देख ज़िद मतकर जा ओर खाना खाले''

डॉली- ठीक है आप अपनी आँखो को बंद कीजिए

मेने तुरंत अपनी आँखो को बंद कर लिया अंधेरे में ही डॉली कुच्छ कर रही थी

थोड़ी देर बाद डॉली ने मेरे सर को पकड़ा ओर अपनी उभारों पर झुका कर सटा ली में सब समझ गया पूजा ने अपना ब्लाउज ओर ब्रा निकाली थी उसके छोटे-छोटे निप्पल मेरे होंठो पे टच हो गये मे एक झटके में डॉली से अलग हुआ'' नही डॉली अभी मूड ठीक नही है ब्लाउज पहन लो

डॉली मेरे सर को अपने नंगे उभारों पर सटाते हुए '' प्लीज़ चलिए ना खाना खा लीजिए पूजा भी बहुत रो रही है. आपको मेरी कसम यदि आपने खाना नही खाया तो

राज-लेकिन पूजा

डॉली-चलिए तो सही

डॉली ने ब्लाउज पहन लिया ओर ब्रा मेरे हाथों में थमा दी में ब्रा को जेब में रख लिया

वैसे में डॉली के कसम के आगे मज़बूर होकर नीचे चला आया तो रूम में मा ओर पूजा बैठी हुई थी मुझे देखते ही पूजा मेरे गले से लिपटकर रोने लगी में पूजा के पीठ सहलाते हुए

पूजा ये देख चुप हो जा नही तो में भी रो दूँगा देख तो मेरी अच्छी बहन है चुप होज़ा

पूजा रोते हुए ==नही भाई में आप जैसे भाई को कितना बुरा भला कहा है प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो में तो ना जाने क्या-क्या कह गयी…

मेने पूजा को अपने दोनो बाहों में उठाया बेड पर लेकर बैठ गया अपने हाथो से पूजा के आँसू पोंछ दिया पूजा चुप हो गयी तबतक डॉली एक प्लेट में खाना ले आई पूजा मेरे पेट में अपनी मूह छुपाए चुप-चाप लेटी हुई थी मेने पूजा को अपनी गोदी में ही बैठाया अपने से पूजा को एक कौर खिलाया पूजा ने भी खिलाई हम भाई-बहनो का प्यार देख कर मा के आँखो में से आँसू छलक गये खाना खाने के बाद डॉली प्लेट उठा ले गयी मा ओर डॉली भी खाना खाने के लिए चली गयी में पूजा के साथ लेट गया ओर पूजा के घने बालो में अपनी उंगलिया फिराने लगा पूजा सो गयी

में पूजा के बालो में अपनी उंगलिया फिरा रहा था ............ ............................................................. ............

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लगभग 30मिनिट्स के बाद मा ओर डॉली दोनो आ गयी

राज-मेरी प्यारी बीवियो अब ये बताओ पूजा कहा सोएगी

डॉली-इसमे कौन सा बड़ी बात है दूसरा रूम खाली है उसका किराया फोकट में दिया जा रहा है उसी में पूजा सो जाएगी

राज-हा ठीक है उसी में एक स्टडी टेबल भी लगा देंगे अपना पढ़ाई भी कर लेगी ....................

पूजा अभी सो रही थी तो मेने पूजा को उठाया वैसे दूसरा रूम एकदम सटा हुआ था उसमे एक डबल साइज़ का बेड भी लगा हुआ था तो मेने पूजा को सुला दिया लाइट बुझा दिया नाइट लंप जला दिया पूजा को एक पतला चादर ऊढा दिया फॅन ऑन करके अपने दरवाजा को हल्का सा सटा दिया ओर डोर बंद करके अपने रूम में चला आया

मा बेड पर एक नाइटी में लेटी हुई थी मेने शॉर्ट-पैंट निकाल कर फेक दिया मा से चिपक कर लेट गया में मा के गालो को सहलाते हुए' क्या हुआ जान दवाई खाली '

मा मेरे से चिपकते हुए' हा खा ली हू'

तभी डॉली आ गयी ओर दरवाजा को अंदर से बंद करके कपड़े बदल ने लगी साड़ी ब्लाउज पेटीकोट निकाल कर एक केवल ब्रा-पैंटी में हो गयी डॉली के बॅक मेरी तरफ थे डॉली ने नाइटी पहनने के लिए जैसे ही उठाई

राज-डॉली रुक जा नाइटी मत पहन

डॉली-क्या है

तबतक में बेड से उतरा ओर डॉली के पास जाकर उसके पीछे से चिपकते हुए उसके पीठ पर बालो को हटाकर आगे किया अपने होंठ गर्दन पर रखते हुए चूसने लगा डॉली सिसकारी भरने लगी

में अपना एक हाथ को एक लेजाकर पैंटी में घुसाते हुए कच से एक उंगली को डॉली की चूत में पेल दिया ओर अंदर-बाहर करने लगा ‘



डॉली सिसकते पानी छोड़ने लगी थोड़ी देर में अपनी दो उंगलियो को चूत में पेल दिया डॉली की चूत अभी बहुत ही टाइट थी

बहुत ही पानी छोड़ रही थी थोड़ी देर मे डॉली का शरीर ऐंठने लगा शायद वो झड़ने के करीब थी तो में अचानक डॉली को छोड़कर अलग हो गया मेने डॉली को तुरंत ही नीचे बैठाया डॉली ने तुरंत ही मेरे अंडरवेर को नीचे खिसकाया मेरे लंड को अपने मूह भरते हुए ताबड तोड़ चूसने लगी ओर टट्टो को सहलाने लगी

मस्ती में मेरी आँखे बंद हो गयी डॉली मेरे लंड को बहुत ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी अब बर्दास्त करना मुस्किल हो गया मेने डॉली को अलग किया वो तुरंत ही घोड़ी बन गयी मेने उसके पैंटी को नीचे खिसकाया अपना अंडरवेर निकाल कर बेड पर फेक दिया लंड डॉली के थूक से गीला होकर चमक रहा था लंड को चूत पेर सेट किया डॉली के चुतड़ों को पकड़ते एक जोरदार धक्का लगाया एक ही बार में पूरा लंड डॉली की चूत में जड़तक समा गया

डॉली बेड को पकड़े हुए घोड़ी बनी हुई थी थोड़ी देर डॉली के पीठ पर किस किया उसके चुतड़ों को मसलते हुए ज़ोर-ज़ोर से लंड को अंदर-बाहर करने लगा इस पोज़िशन में मेरी जांघे डॉली के चुतड़ों से टकरा रही थी फॅक.....फॅक.....म्म्म्मम की आवाज़े पूरे कमरे में गूँज रही थी लगभग 10 मिनिट्स के बाद डॉली झड़ गयी उसके रस से पूरा लंड गीला हो गया में थोड़ा देर रुका अपने दोनो हाथों आगे लेजाकर ब्रा के ऊपर से उसके उभारों को मसलने लगा थोड़ी देर जोरदार धक्के मारना शुरू कर दिया डॉली भी अपनी गान्ड हिलकर पूरा साथ दे रही थी

लगभग 20 मिनिट्स के बाद में डॉली के साथ ही झड़ने लगा मेरा सारा वीर्य डॉली के बच्चेदानी में समा गया डॉली धडाम से बेड पर गिर गयी में भी डॉली के ऊपर गिर गया थोड़ी देर में जब डॉली के ऊपर से उठा जैसे ही मा के ऊपर ध्यान गया तो मा की नाइटी उनके पेट तक थी वो अपने एक हाथ से चूत को सहला रही थी ओर दूसरे हाथ से उभारों को सहलाए जा रही थी में तुरंत ही मा के हाथो को हटा ते हुए उनके चूत को चाटने लगा उनकी चूत रस से भरी हुई थी में चूत के रस को चूस्ते हुए चाटने लगा थोड़ी देर में ही मा ज़ोर से सिसकारी भरते हुए झड़ गयी में उनके सारे पानी को पी गया मा के साथ सेक्स तो 1 महीने तक नही कर सकता था मा झड़ कर लगभग पस्त हो गयी में उनके बगल में लेट गया डॉली भी मेरे ऊपर चढ़ते हुए लेट गयी उसकी बड़ी-बड़ी चुचिया मेरे सीने में धँस गयी.

डॉली मेरे ऊपर चढ़ि हुई थी उसकी चुचिया सीने में धसी हुई थी. थोड़ी देर बाद दोनो नींद की आगोश में चले गये. सुबह जब नींद खुली तो में अकेला नही था मा मेरे पास सोई थी. टाइम देखा तो 6:00 रहे थे में जल्दी से उठा ओर बाथरूम में घुस गया जब बाथरूम से फ्रेश होकर आया तो मा उठकर बैठी हुई थी.

में मा के माथे पर किस करते हुए' गुड मॉर्निंग जान कैशी हो'

मा भी मेरे माथे को चूमते हुए' गुड मॉर्निंग' ठीक हू चाय पी लीजिए.

टेबल पर चाय रखा हुआ था सो में कप लिया चाय पीने के लिए जैसे ही मूह लगाया तभी मुझे पूजा की याद आई.

में कप लिया पूजा के कमरे में चल दिया चाय को टेबल पेर रखा पूजा अभी घोड़े बेच के सो रही थी.

सोते हुए पूजा बहुत ही प्यारी लग रही थी. में पूजा के माथे पर चूम लिया तो पूजा ने अपनी आँखे खोल दी'

गुड मॉर्निंग गुड़िया'

पूजा- गुड मॉर्निंग भैया

में पूजा के पास बैठते हुए '' चल गुड़िया जल्दी उठ जा ''

पूजा करवट बदलते हुए' थोड़ा ओर सोने दो ना भैया'

में उसको बैठाते हुए' नही अब चल जल्दी से फ्रेश हो जा' आज तेरा एडमिशन भी करना है.

पूजा जमाही लेते हुए- में तो फ्रेश हो गयी हू दुबारा सो रही हू आप थोड़ी देर वात्त कीजिए में अभी गयी ओर अभी आई.

में थोड़ा देर बैठा रहा तबतक पूजा आ गयी.

में खड़ा होते हुए-ये तो चाय ठंडी हो गयी जा दूसरा कप लेकर आ. में अपने रूम में हू.

में अपने रूम में चला आया ओर मा के पास बैठ गया थोड़ी देर में पूजा एक कप चाय ले आई. में पूजा के हाथ से चाय लेते हुए' आर्रे पूजा क्या तुम चाय नही पियोगी.

नही भाई आप पी लो में बाद में

पी लूंगी.

राज-क्यो बाद पी लेगी चला आजा एक ही कप से हम दोनो चाय पी लेंगे.

पूजा एक चेयर खींचकर मेरे सामने बैठ गयी ओर में बेड पर बैठा हुआ था. में पूजा के होंठो पे चाय का कप सटा ते हुए चल बहन तू पहले पी.

मेरे कहने के मुताबिक पहले पूजा ने पी फिर मेने कुच्छ देर चाय का दौर ख़तम हुआ. नाश्ता टाइम पर बनकर तैयार था आज पूजा का 12 वी में एडमिशन कराना था. नाश्ता करने के बाद राज पूजा से बोला' पूजा तू अपने डॉक्युमेंट तैयार रख तबतक में थाने से होकर आता हू.

में जल्दी से थाने पेर पहूचकर जीप को लगाया. सब इनस्पेक्टर को बोलकर बाइक लेकर सीधा घर पहूच गया. पूजा तैयार खड़ी थी.

पूजा अपने दोनो पैरो को एक ओर करके बैठ गयी जैसे नॉर्मल लड़कियाँ या लेडिस बैठती है. में थाने पर से जो बाइक लिया था वो बुलेट था एक बात ओर मेरा मोबाइल घर पर ही छूट गया था.

मेने जल्दी से पूजा का एडमिशन करवा दिया फिर से पूजा को घर पहूचकर थाने चल दिया लेकिन मन किया क्यो ना जंगल के रास्ते से होकर चलू फिर क्या था मेने बाइक को जंगल के रास्ते मोड़ दिया में मस्ती में गाना गुनगुनाते हुए जा रहा था
 
में वर्दी पहना हुआ था जब जंगल के आधे रास्ते से निकल रहा था तो मुझसे एक ट्रक आता हुआ दिखाई दिया, तभी मेरे बाइक का तेल ख़तम हो गया पर जैसे ही ट्रक मेरे सामने से गुजरा तो मेने लपक के ट्रक के पीछे दोनो ओर लटक रहे दोनो चैन को पकड़ लिया. अब बाइक बिना तेल के ही चल रही थी. लेकिन साला जैसे ही ड्राइवर की नज़र मुझपर पड़ी तो वो ट्रक को इधर-उधर करके चलाने लगा जैसे में उसको पकड़ कर जैल में डालने वाला हू वो कोई आतंक वादी हो. में चिल्लाते हुए' आबे साले पागल हो गया है क्या

ठीक से चला ना'

मेरी बात सुनकर साला ड्राइवर ओर पगला गया ट्रक को कुच्छ ज़्यादा ही मोड़ दिया. बस क्या था उसका बेलेन्स बिगड़ गया ओर ट्रक को लेजाकर एक बहुत ही भारी पेड़ पर ठोक दिया. ट्रक जाकर पेड़ में फ़स गया में बाइक सहित अलग झटका खा कर फेका गया खैर मुझे ज़्यादा चोट नही आई. में तुरंत ही उठा जैसे ही ट्रक के पास पहुँचा पीछे जैसे ही ट्रक के अंदर देखा तो में हिल कर रह गया पूरा ट्रक हथियारो से भरा हुआ था उसमे सब आधुनिक हथियार थे. में तुरंत ही पिस्टल निकाला ओर जैसे ही आगे गया तो देखा की ड्राइवर घायल हो गया है. तभी मुझे महसूष हुआ की कोई मेरे सर के पीछे गन ताने हुआ है.

क्यो होशियारी नही इनस्पेक्टर ज़्यादा होशियारी दिखाओगे तो तुम्हारी खोपड़ी उड़ा दूँगा. अपने हाथ ऊपर उठा.

में अपना दोनो हाथो को ऊपर उठा लिया फिर उसके ओर घूम गया.............

चल जल्दी से गन को नीचे फेक

में ध्यान से देखा उसके हाथ में एक मशीन गन था. में एक हाथ से पिस्टल से निशाना साधे नीचे झुका ओर अभी वो कुच्छ कर पाता की मेने उसके घुटनों में गोली दाग दिया. वो धडाम से नीचे गिर पड़ा उसके नीचे गिरते ही मेने उसके दोनो हाथो में गोली दाग दिया.

तभी सब इनस्पेक्टर पूरे दल के साथ आ गया. हमारे सिपाहियो ने तुरंत ही ट्रक को कब्ज़े में ले लिया दोनो अपराधियो को पीछे बैठा दिया गया.........

सब इनस्पेक्टर- थॅंकयू सर आज आपने हमारा काम आसान कर दिया.

राज- लेकिन तूम अचानक यहा कैसे प्रकट हो गये मेने तो तुम्हारे पास कॉल नही किया

सब इनस्पेक्टर- सर जब आप घर पर गये थे तो हमें खबर मिली की हथियारो से भरा ट्रक जंगल के रास्ते जा रहा है तो हमने आपके पास कॉल किया था लेकिन आपने कॉल नही उठाया.

राज- वो दरअसल मेरे मोबाइल साइलेंट में है घर पर छूट गया है इसलिए ये गडबड हो गयी.

बाते-बता करते हम हॉस्पिटल के पास चले आए जिसको मेने गोली मारा था उसका गोली भी निकलवाना था.

जीप से नीचे उतरा बाइक भी जीप के छत पर था.

में सब इनस्प. से …..तुम इसका गोली निकलवा कर लाओ तबतक में थाने पर चलता हू. एक कोन्स्टेबल जो की ट्रक को चला रहा था. में उसके पास बैठ गया थोड़ी देर में हम थाने पर आ गए..

कोन्स्टेबल- सर हमें बड़े साहब को खबर कर देना चाहिए

राज- अभी नही अभी दोनो नमूने को आजाने दो तब हम किसी को खबर करेंगे

कोन्स्टेबल-ठीक है सर

उसके बाद लगभग 2घंटे के बाद सब इनस्पेक्टर आर्यन दोनो नमूने को लेकर आ गया तभी ना जाने कहा से मीडीया वाले आ गए.

अजीबो ग़रीब सवाल पूछने लगे' सर आआपको कैसे पता चला की इस ट्रक में हथियार था. अपने गोली क्यो चलाई?

राज- देखिए में उस रास्ते से आरहा था की मेरे बाइक का तेल ख़तम हो गया. बस मेने ड्राइवर को गाड़ी रोकने के लिए बोला लेकिन ड्राइवर मुझे देखते ही ट्रक को ओर तेज़ चलाने लगा लेकिन मेने मौका नही दिया ओर लपक के ट्रक पीछे लटक रहे सिकाड़ को पकड़ लिया. में जब ट्रक को पकड़ लिया तो ड्राइवर ने कुच्छ ज़्यादा ही मोड़ दिया. बस ट्रक का बेलेन्स बिगड़ दिया ओर ड्राइवर तो अपने आप गाड़ी को लेजाकर एक पेड़ में ठोक दिया.

बस में ओर कुच्छ नही बताऊंगा आपलोग जा सकते है मीडीया वाले पूछते रह गये लेकिन मेने कुच्छ नही बताया. जाकर केबिन में बैठ गया. मीडीया वाले थोड़ी देर फोटो खींचते रहे फिर चले गये मेने हथियारो को अपने क़ब्ज़े में ले लिया. सब कोई को खबर कर दिया गया था इसलिए थोड़ी डीएसपी डीजीपी सब कोई आ गये.

में डीएसपी ओर डीजीपी सर को अपने केबिन में बैठाया.

डीजीपी आसिफ़- कॉनग्रॅजुलेटेड तो राज तुमने तो कमाल ही कर दिया तुम इस्से पुछ ताछ करो कोई भी मंत्री का फोन आए तो नही छोड़ना है. तुम जल्दी पता करो की ये किसका आदमी है

फिर में आसिफ़ सर को सारे हथियारो को दिखाया जो की एक 47 मागनीज़ बहुत सारे हथियार थे. कुच्छ देर के बाद आसिफ़ सर चले गये.

आसिफ़ सर के जाते ही होम मिनिस्टर का तुरंत ही फोन आया. कॉल मेने उठाया, हेलो कौन है.

'' में होम मिनिस्टर बोल रहा हू.

- तो कहिए जनाब में आपकी क्या सेवा कर सकता हू'

- कोई सेवा नही करना है पहले जिन लोगो को हथियारो सहित पकड़े हो उनको तुरंत छोड़ दो' ये मेरा जानकार है

- सॉरी सर में किसी भी कीमत पर नही छोड़ूँगा '' अब तुरंत उसको में रिमांड पे लेने जा रहा हू''

-तुम जानते नही इनस्पेक्टर तुम किससे बात कर रहे हो इस कोलकाता स्टेट के होम मिनिस्टर से'

- उसका मुझे कोई डर नही है क्योकि मुझे फुल पर्मिशन मिला है सो में चाहू तो अभी दोनो का एनकाउन्टर कर दूँगा' उनको छुड़ाने के लिए आपको कोर्ट में आना पड़ेगा.

-इनस्पेक्टर में चाहू तो तुझको सस्पेन्ड कर सकता हू.

- वो भी आप नही कर सकते क्योकि में स्पेशल ब्रांच में हू.

-ठीक है ऑफीसर तुमको में देख लूँगा.

उसके बाद मेने कॉल कट हो गया............................
 
में केबिन में से निकला ओर हवलदार से लौकप खोलने के लिए बोला. में सब इनस्पेक्टर आर्यन सहित लौकप में चला गया. दोनो अपराधी चुपचाप बैठे हुए थे मुझसे देखते ही उठकर खड़े हो गये.

राज- देखो में सीधे-सीधे पुच्छ रहा हू की चुप-चाप बता दो की तुम किसके लिए काम करते हो नही तो...

दोनो में से जिसको गोली लगी थी वो'

नही तो क्या कर लोगो इनस्पेक्टर तुम कुच्छ भी कर लो लेकिन में कुच्छ नही बताने वाला.

राज- अच्छा ये बात है ठीक है ' आर्यन तुम एक काम करो' इसको लेजाकर एनकाउन्टर कर दो'

सब इनस्प.आर्यन-जी सर

उसके बाद आर्यन ने अपना रिवाल्वर निकाला ओर उसके सिर पर तान दिया जैसे ही ट्रागर दबाना चाहा तभी मुझे पानी गिरने की आवाज़ सुनाई दी.

जब हमारी नज़र नीचे पड़ी तो साला डर के मारे पैंट में पेसाव कर दिया. मेरा आर्यन दोनो को हस्सी आ गयी.

आर्यन ने गन नीचे कर दिया

मेने खींचकर एक जबरदस्त थप्पड़ उसके गाल में जड़ दिया. '' साला बड़ी-बड़ी डिंगे हाक रहा था की में कुच्छ नही बताऊंगा'' अब कुच्छ किया नही तो ये हाल हो गया जल्दी से बता की तेरा बाप कौन है नही तो साच में एनकाउन्टर में मार दूँगा.

एक अपराधी- हम तो ये नही जानते की ये हथियार किसके है लेकिन इतना ज़रूर कहूँगा की हमें हथियारो से भरा ट्रक होम मिनिस्टर का बेटा सप्लाइ करता है शहर के बाहर जंगल के अंदर जो काली मंदिर है वही से

राज- लेकिन वो काली मंदिर तो शायद एक पुराने खंडहर के अंदर है.

अपराधी- हा सर वही है

पूछ ताछ के बाद में अपने केबिन में आ गया.

सब इनस्पेक्टर आर्यन आकर मेरे पास खड़ा हो गया. में ने सोचा कब में जाउ जंगल में. में आर्यन से 'आर्यन कितना टाइम हो रहा है'

आर्यन- सर 5:45 हो रहा है

राज- ठीक है ज़रा डीजीपी सर के कॉल लगाओ तो

आर्यन ने तुरंत ही कॉल लगाया

ओर फिर आर्यन' ये लीजिए सर कॉल उठ गया '

में फोन उठाते हुए' हेलो सर

डीजीपी आसिफ़- हा राज कुच्छ बताया की नही उन दोनो ने

राज- सर बता दिया है में कल उनके पास जाऊँगा लेकिन सर में चाहता की में...

डीजीपी आसिफ़- हा में जानता हूँ की तुम क्या कहना चाहते हो तुम कल मिशन पर जाओ मेरे तरफ से फुल ऑर्डर है जिस तरह से बने तुम असली गिरोह तक पता करो लेकिन ये है कौन

राज- सर ये होम मिनिस्टर का बेटा हथियारो का सप्लाइ कर रहा है

आसिफ़ सर- ठीक है तुम कल भंडाफोड़ करो मेरे तरफ से फुल ऑर्डर है. लेकिन किसी को भी पता नही चलना चाहिए

एस पी को भी नही

राज- थॅंक यू सर.

उसके बाद मेने कॉल रख दिया.

आर्यन कल में जब मिशन पर निकलु तो तुम लोग ठीक मेरे जाने के

30मिनिट्स बाद आ जाना. ठीक है

आर्यन-एस सर आप चिंता ना करे.

आर्यन- ठीक है आप चिंता ना करे सर में टाइम पर पहुच जाऊँगा

राज- ठीक है टाइम पर आ जाना पूरे डाल के साथ आना किसी को भी कानो कान खबर नही होना चाहिए उसके बाद कुच्छ नही हुआ शाम हो गया था अब रात भी हो रहा था तो मेने जीप लिया ओर घर की ओर निकल गया

घर पहुँचा तो लगभग रात हो गयी. डॉली मा ओर पूजा मेरा इंतजार कर रही थी

मेने वर्दी निकाल कर रखा ओर नाइट सूट पहन लिया तभी रूम में मा एंटर हुई वो बहुत ही सुंदर नाइटी पहनी हुई थी जो की नीचे पैरो तक थी मेने गेट को बंद किया ओर मा को खींचकर अपनी गोदी में बैठा लिया मा मेरे पीठ के चारो ओर अपने पैरो को बाँध कर बैठ गयी मेने मा के होंटो को अपने होंठो में लेकर चूसना चालू कर दिया.

मा भी पूरा-पूरा साथ देने लगी में अपने एक हाथ से मा की नाइटी को ऊपर उठाया मा ने भी अपनी गान्ड उठाकर पूरा सहयाग की. मेने अपने एक हाथ को नाइटी के अंदर घुसते हुए पैंटी के अंदर किया ओर मा की चूत की दरारों में एक उंगली को फिराने लगा

चूत रस भरा हुआ था में जैसे ही चूत सहलाया मा बेकाबू हो गयी ज़ोर-ज़ोर से मेरे होंठो को चूसने लगी मेने तुरंत ही मा को पीठ के बल लिटाया, नाइटी को नाभि के ऊपर तक करके पैंटी को निकाल कर फेक दिया. मा की चूत बहुत ही फूली हुई थी में तो अपना होश ही खो बैठा मेने मा के दोनो पैरो को अलग किया नीचे झुककर चूत की फांको को फैला कर देखने लगा चूत का छेद गुलाब की फुल

की तरह चमक रहा था में एकदम चूत के ऊपर झुका जीभ से पूरे चूत को ऊपर से नीचे तक चाट लिया मा सिसक पड़ी. फिर तो में अपने जीभ से चूत के छेद से बह रहे रस को चाटने लगा
 
कभी-कभी जीभ को नुकीला बना कर चूत के अंदर करने लगा चूत का मजेदार नमकीन पानी पीने में बहुत ही मज़ा आरहा था. मा बुरी तरह सिसक रही थी लगभग 5मिनिट्स के बाद मा ज़ोर से चीख पड़ी..आ.....आग्घह .....म्म्म्मम..... फिर मेरे सर को अपनी चूत पेर दबाते हुए झड़ गयी

में मा की चूत का सारा रस पी गया. मा शांत पड़ गयी उनकी साँसे बुरी तरह चल रहा था. इधर मेरा बहुत ही बुरा हाल था मेरा लंड को अब किसी छेद की आवश्यकता है. मा के साथ तो सेक्स कर नही सकता था क्योकि डॉक्टर ने 1माह तक मना किया था.

तभी मुझे अहसाह हुआ की कोई दरवाजा खटखटा रहा है, मेने जल्दी से मा के नाइटी को खींचकर नीचे किया दरवाजा को जैसे ही खोला तो डॉली थी'

अंदर दरवाजा बंद करके क्या कर रहे थे. में उसको खींचकर अंदर किया बिना दरवाजा बंद किए डॉली को लेकर बाथरूम में घुस्स गया..

डॉली साड़ी ब्लाउज में थी

डॉली क्या हुआ क्या बात है

में डॉली के पीछे से चिपकते हुए उसके दोनो बड़े बड़े उभारों को ज़ोर से पकड़कर मसलने लगा ओर डॉली के गर्दन पर चूमने लगा.. डॉ

ली-ये क्या कर रहे है.....

में तो बस डॉली के दोनो चुचियो को मसलते हुए चूमे जा रहा था थोड़ी ही देर डॉली गरम हो गयी ओर सिसकने लगी

में जल्दी से डॉली से अलग हुआ अपना सारा कपड़ा निकाल कर नंगा हो गया............................

डॉली खिड़की पर अपने दोनो हाथ रखकर घोड़ी बन गयी मेने जल्दी से सारी को पेटीकोट सहित ऊपर उठाया डॉली नीचे एक पैंटी पहनी हुई थी जो की बहुत ही छोटी थी पीछे से डॉली की पूरी गान्ड नंगी थी केवल एक पतली सी पट्टी चुतड़ों की दरारों में फ़सी हुई थी मेने तुरंत बहुत सारा थूक से लंड के सुपाडे पर मलकर गीला किया पैंटी के पट्टी को साइड में खिसकाते हुए लंड को चूत के छेद पर सेट किया ओर एक जबरदस्त धक्का लगाया एक ही बार पूरा लंड चूत के गहराइयो में समा गया. डॉली के मूह से चीख निकलते-निकलते बच गया.........

तब मुझे कुच्छ सकूँ मिला.

में डॉली के ऊपर झुक गया डॉली के गर्दन पर से बालो को साइड में करते हुए उसके गर्दन पर चूमने लगा. अपने दोनो हाथो को नीचे ले जाते हुए डॉली के दोनो चुचियो को ब्लाउज के ऊपर से ही ज़ोर-ज़ोर से मसलने लगा. थोड़ी देर में डॉली की चूत रस छोड़ने लगी.. मेरे लंड को अंदर चूसने लगी.. में डॉली के चुतड़ों से पकड़ते हुए ताबड तोड़ धकके लगाने लगा. डॉली भी पूरा साथ दे रही थी. पूरे कमरे में ठप..ठप..ठप.. की मधुर आवाज़े गूँज रही थी.

में ज़ोर-ज़ोर से डॉली को पेले जा रहा था. लगभग 10 मिनिट्स के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये. में डॉली के ऊपर गिर गया. उससे बुरी तरह चिपक गया. में बहुत देर देर तक डॉली से चिपका रहा. मेरा सारा पानी डॉली के बच्चेदानी में समा गया.

में जब अलग हुआ तो पक की आवाज़ के साथ लंड डॉली की चूत में से बाहर आ गया. डॉली जैसे ही खड़ी हुई मेने उसको बाहों में भरते हुए उसके होंटो को चूसने लगा. डॉली के पीठ पर हाथ घुमाने लगा. मेने तुरंत ही डॉली को नीचे बैठाया अपने लंड की ओर इशारा किया की चूष लो..

डॉली मेरे आँखो में देखती रही फिर अपने हाथो से मेरे चुतड़ों को पकड़ कर लंड को मूह भरकर चूसने लगी. जिसमे मेरे ओर डॉली के प्रेम रस्स लगे हुए थे. थोड़ी देर में लंड पूरा खड़ा हो गया. डॉली मेरे चुतड़ों को पकड़ते हुए मेरे लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी. 5 मिनिट्स के बाद मुझसे लगा की में अब झड़ने वाला हू. में डॉली को अलग किया डॉली फिर से घोड़ी बन गयी. मेने बिना देरी किए पैंटी के पट्टी को चुतड़ों की दरारों में से खिसकाया लंड चूत के छेद में सेट किया जो मेरे ओर डॉली के प्रेम रस्स से भरी हुई थी. ओर एक धक्का लगाया. लंड सनसनाता हुआ पूरा अंदर समा गया............................

में बिना रुके ज़ोर-ज़ोर लंड को अंदर-बाहर करने लगा. लगभग 20 मिनिट्स के बाद मेने अपना पानी डॉली के बच्चेदानी में गिरा दिया तबतक डॉली दो बार झाड़ चुकी थी. झड़ने के बाद में डॉली के ऊपर ढह गया.

थोड़ी देर में में डॉली के ऊपर से हटा. में पूरी तरह से नंगा था लेकिन डॉली के सारे कपड़े अस्त व्यस्त थे. डॉली सारी को ठीक की बाथरूम से बाहर जाने लगी. मेने डॉली को हाथ पकड़ कर खींच लिया फिर डॉली के सारी निकालते हुए फेक दिया फिर पेटीकोट ओर ब्लाउज भी निकाल दिया अब केवल ब्रा-पैंटी ही रह गया था.............................

मेने शवर ऑन किया ओर डॉली को अपनी बाहों में कसते हुए नहाने

लगा. पानी सीधे हमारे बदन पर पड़ रहा था. डॉली मेरे गर्दन पर सर रखकर चिपकी हुई थी. में डॉली के पीठ पर हाथ घुमाते हुए ब्रा को खोल दिया डॉली बुरी तरह चिपक गयी अब उसकी नंगी चुचिया मेरे सीने में धस्स गयी थी. मेरे पूरे बदन सनसनी फैल् गयी. दो बार झड़ने के बाद फिर से मेरा लंड अपना सर उठाने लगा... मेने डॉली के गालो पर हाथ रखते हुए डॉली के चेहरे को सामने किया डॉली के आँखो में वासना सॉफ झलक रही थी. मे डॉली के होंठो को चूसने लगा. डॉली मेरे बालो में हाथ घुसाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी.

ऊपर गिरते हुए पानी हमारे बदन पर आग मे घी का काम कर रहा था. मेने डॉली के हाथ को पकड़ते हुए लंड पर रख दिया. एक हाथ से डॉली के चुचियो को मसलने लगा. डॉली के हाथ मेरे लंड पर कस् गये. में डॉली के होंठो को चुसते हुए उसकी दोनो चुचियो को मसलने लगा. बहुत ही बढ़िया अहसास था. डॉली मेरे लंड को अपने हाथो में कसते हुए ऊपर-नीचे करने लगी. थोड़ी में लंड डॉली के हाथो में झटके मारने लगा.

मेने डॉली को खड़े-खड़े ऊपर उठाया पैंटी के पट्टी को को खिसकाते हुए डॉली की चूत पेर लंड टि काते बैठने लगा. लंड सनसनाते हुए पूरा समा गया. डॉली ने अपने दोनो टाँगों को मेरे चुतड़ों पर कस्स लिया ओर अपने दोनो हाथो को मेरे गर्दन में लपेटते हुए मेरे होंठो को चूसने लगी. मे डॉली के चुतड़ों को मसलते हुए अपने लंड पर उच्छालने लगा. डॉली भी मेरे लंड पर कूदने लगी. इस पोज़िशन में में पहली बार डॉली की चुदाई कर रहा था. ऊपर से शवर का पानी गिर कर पूरे बदन में करेंट पैदा कर रहा था............................. अबकी बार खड़े- खड़े चोदने मे मज़ा आने लगा

मेने 10-12 धक्के ज़ोर-ज़ोर से लगाया. ज़ोर से सिसकते हुए झड़ गया............................ मेरी टाँगे काँप रही थी. डॉली बिल्कुल मेरी गोदी मे चढ़ी हुई शांत पड़ गयी. कुच्छ देर के बाद मेने डॉली को नीचे उतारा. हम दोनों साथ-साथ नहाए ओर अपने बदन पर तौलिया लपेटकर रूम में चले आए. रूम

में पूजा ओर मा बैठे हुए थे. पूजा को देखकर डॉली शर्मा गयी ओर बाथरूम में घुस्स गयी..

मेने अंडरवेर पहना ओर नाइट शर्ट-पैंट पहन लिया. लेकिन डॉली बाथरूम में भाग गयी थी तो डॉली की एक नाइटी निकाला ओर डॉली को बाथरूम में दे दिया डॉली तुरंत ही नाइटी पहनकर बाहर निकली ओर किचन की

तरफ चली गयी.

तभी पूजा- भैया आते ही बीवी की सेवा शुरू कर दिए. थोड़ी सा इस नाचीज़ बहन की ओर भी ध्यान दो.

राज:- हॅट पागल

इतना बोलकर में पूजा के पास गया जो की मा के पास बैठी हुई थी ओर पूजा के माथे को धीरे से चूम लिया. पूजा ने भी मेरे गाल को चूम लिया.

फिर में पूजा की गोद मे सर रखकर सो गया. 30 मिनिट्स के बाद ही डॉली ने खाना खाने के लिए अनाउन्स कर दिया. हमने खाना खाया ओर पूजा मुझसे गुड नाइट बोलकर अपने रूम में चली गयी. में भी अपने बीवियो के साथ अपने रूम में आकर ओ गया. अब कल मुझसे मिशन पर निकलना था इसलिए में सो गया...................
 
सुबह में 6:30 उठ गया मेरे पास कोई नही था में जल्दी से बाथरूम में घुस्सा ओर फ्रेश होकर जब बाहर निकला तो डॉली चाय लेकर खड़ी थी.

राज:- गुड मॉर्निंग जान डॉली के माथे को चूमते हुए. कैसी हो?

डॉली:- गुड मॉर्निंग मेरे गाल पर किस करते हुए.ठीक हू बलकि बहुत ही खुश हू आज रात को एक सर्प्राइज़ है.

राज- क्या बात है भाई जिसको तुम सर्प्राइज़ कह रही हो

डॉली- बहुत ही सर्प्राइज़ की बात है जाब सुनेगे तो खुश हो जाएँगे.

राज- ठीक है रात को ही बताना हा जल्दी से नाश्ता तैयार कर दो.

डॉली:- आप चाय पीके आइए मे नाश्ता कर दी हू

उसके बाद डॉली किचन की तरफ चली गयी में चाय ख़तम किया ओर पूजा के रूम की तरफ चला गया. मा ओर पूजा दोनो बैठी हुई थी.

में सीधे मा के पास गया मा को बाहों में भरते हुए ओर मा के माथे को चूमते हुए गुड मॉर्निंग जान कैसे हो.

मा मेरे माथे को चूमते हुए ठीक हू आप कैसे है राज- ठीक हू.

उसके बाद पूजा को भी गुड मॉर्निंग किस किया ओर मा के साथ अपने रूम में चला आया. थोड़ी देर मेने कपड़े पहनकर तैयार हो गया लेकिन सिबिल ड्रेस में वर्दी नही पहना.

में सिबिल ड्रेस में तैयार हो गया. तैयार होकर रूम से बाहर निकला जाकर डाइनिंग टेबल के पास नाश्ता के लिए बैठ गया. थोड़ी देर मा भी आकर मेरे बगल में बैठ गयी. पूजा ओर डॉली ने मिलकर नाश्ता लगाया ओर वो भी बैठ गयी. खैर हमने नाश्ता ख़तम किया. नाश्ता करने के बाद मेने मा डॉली ओर पूजा के माथे को चूमा ओर थाने पर निकल गया. थाने पेर जाते ही अपने केबिन के तरफ चल दिया. थोड़ी देर में सब इनस्प.आर्यन, हवलदार हिम्मत सिंग ओर सारे कोन्स्टेबल आ गयी. सबने सेल्यूट किया चुप-चाप खड़े हो गये.

राज:- तुमलोग जानते हो की आज में मंत्री के बेटे को पकड़ने के लिए जा रहा हू. तो मेरे निकलने के 30मिनिट्स बाद तुमलोग आजाओगे.

सब एक साथ:- जी सर

राज:- अब ये तो नही बताना पड़ेगा की कहा आना है

आर्यन:- नही सर आप निशिचिंत होकर जाइए हमलोग आजाएँगे

राज:- ठीक है तो में निकलता हू ओर हा मुझसे शायद मंत्री का बेटा या उसके साथी कोई पहचानता हो उन सब को कानो कान खबर नही होना चाहिए.

इतना बोलकर में वहाँ से निकल गया. मेरे पास इश् समय कुच्छ नही था केवल मेरा सर्विष् पिस्टल था.............................

मेने बाइक उठाया ओर जंगल की तरफ निकल गया. 45 मिनिट्स के बाद काली माता के मंदिर के पास पहुचा

वैसे में आज बुलेट प्रूफ जैकेट भी पहना हुआ था. मेने मंदिर के पास बाइक रोका ओर मंदिर में घुस गया. मेने माता को काली को प्रणाम किया. बहुत सारे भक्त जन मा के पूजा दर्शन कर रहे थे.

इधर-उधर ध्यान से देखने लगा. तभी मा काली के मूर्ति के पीछे एक दरवाजा नज़र आया में चुप-चाप उधर बढ़ गया. दरवाजे के पास कोई नही था. मेने धीरे से दरवाजा खोला. अंदर दो आदमी मशीन गन लिए खड़े थे. में जैसे ही दरवाजा खोल कर अंदर घुसा तो दोनो ने अपने गन मेरे सीने पर तानते हुए ''कौन है तू इधर क्या कर रहा है''

में अपने दोनो हाथ ऊपर उठाते हुए ''में जय सिंह हू मुझसे हथियार लेना है मुझे पता चला है की यहा हथियार मिला है''

दोनो में से एक'' ठीक है अपना हथियार यही पर रख दे''

मेने अपना पिस्टल निकाल कर वही एक टेबल पर रख दिया उनके साथ आगे बढ़ा गये उन दोनो में से एक वही रह गया एक मेरे साथ चल दिया

थोड़ी देर में उसके साथ मंदिर के अंदर से होते हुए मंदिर से बाहर निकल गये. मंदिर के बाहर बहुत बड़ा फील्ड था. बहुत ही उची-उची दीवारे थी लगभग बाहर से देखपाना नामुमकिन था. वो आदमी मुझसे लेकर लड़के के पास पहुँचा वो लड़का लगभग मेरे ही उमर का था.

'' भाई ये माल खरीदना चाहता था'' वो लड़का ''ठीक है तुम जाओ''

वो आदमी जो मुझसे लेकर गया आया था वो चला गया............................

ये लड़का जो मेरे उमर का था वो हथियारो को चेक कर रहा था. मेने आसपास्स देखा 15 आदमी गन को इधर-उधर रख रहे थे. तभी ये लड़का जो मेरे पास था'' तुमको हथियार चाहिए''

में खुले बॉक्स में से एक मैगजीन उठाते हुए'' हा हथियार चाहिए क्या इसमे बुलेट है''

वो लड़का '' हा बुलेट है असली है तुम चाहो तो निशाना लगाकर देख सकते हो''

राज:- ठीक है में निशाना लगाकर देखता हू.

मेने मैगजीन को चेक किया उसमे बुलेट फुल था.............................

में मैगजीन का निशाना सीधे उस लड़के पर किया

तभी वो चिल्लाते हुए'' आबे ये क्या कर रहा है मुझसे ही मरेगा क्या''

राज- हा तुझको ही मारूँगा

उसके बाद अभी वो कुच्छ कर पाता की मेने ट्रिगर दबा दिया'' गोली उसके माथे में समा गयी'' ओर वो कटे हुए पेड़ की तरह गिर गया............................

गोली की आवाज़ सुनते ही वहाँ 10-15 की आदमी आ गयी सबके हाथो में गन था.............................\

अपने मालिक को मरे हुए पाकर सबकी गान्ड फट गयी

सब अंधाधुन गोलिया चलाने लगा. सुकर था की मेने बुलेट प्रूफ जैकेट पहना था नही तो आज में ऊपर चला जाता. गोलिया चलते चलाने से में तुरंत पेड़ की आड़ में च्छूप गया............................
 
मेने दोनो हाथो में मैगजीन संभाला ओर एकाएक खड़ा 10 मिनिट्स में सबको मार गिराया. तभी वहाँ आर्यन आ गया पूरे पुलिस दल के साथ आ गया.

मेरे एक हाथ में कंधे से नीचे गोली लग चुकी थी. उसमे से खून बह रहा था आर्यन मेरे पास आया

'' क्या हुआ सर ठीक तो है आप'' फिर जैसे ही आर्यन की नज़र मेरे कंधे पर पड़ी तो वो हिल गया. '' सर आपके हाथ में तो गोली लगी हुई है ''

हिम्मत सिंग सर को जल्दी से हॉस्पिटल ले जाओ''

राज:- आर्यन इन सब को पोस्टमास्टेम के लिए भेज दो

आर्यन:- आप चिंता ना करिए सर सब ठीक हो जाएगा''

राज- ठीक है उसके बाद में हिम्मत सिंग के साथ हॉस्पिटल की ओर निकल गया. हिम्मत सिंग ने अपने रुमाल से मेरे गोली लगे हाथ पर बाँध दिया.1 घंटे में हम हॉस्पिटल पहूच गये थोड़ी देर मुझे ऑपरेशन थियेटर में बेहोश कर दिया गया. जब बेहोशी टूटी तो अपने आप को अभी ऑपरेशन थियेटर में ही पाया. जब आँखे खुली तो सामने डॉली थी. डॉली मुझसे आँखे खोलते ही मेरे माथे पर चूम कर ''आप होश आ गये रुकिये में डॉक्टर को बुला लाती हू. थोड़ी देर में डॉक्टर ओर डॉली आ गये

.

डॉक्टर- कॉनग्रॅजुलेट मिस्टर.राज आप जल्दी ही होश में आ गये सुकर है की गोली कंधे में लगी थी.

राज- क्या में घर जा सकता हू.

डॉक्टर- हा आप घर जा सकते है.

में डॉली के साथ जैसे ही बाहर निकला तो बाहर एस पी डी.जी.पी. सब कोई खड़े थे. सबने मेरा हाल चाल पूछा ओर मुझसे घर पे जाकर आराम करने के लिए बोलकर चले गये. में डॉली के साथ घर की ओरनिकल गये.

वैसे मेने आज मंत्री के बेटे सहित सबको मार गिराया था............................. डी.जी.पी. सर ने खुद ऑर्डर दिया था तो मुझसे कोई मुझे नही था. खैर में थोड़ी देर घर पहूच गया............................ दोपहर हो गई थी टॅक्सी से उतरकर हम जैसे ही घर पहुँचे तो पूजा ने दरवाजा खोला.

में जल्दी से अंदर घुसा डॉली भी अंदर से दरवाजे को बंद करके अंदर आ गयी. में सीधा रूम में आकर बेड पर लेट गया. तभी पूजा ओर डॉली दोनो आ गयी

'' पूजा भैया आपको क्या ज़रूरत है गुन्डो से लड़ाई करने की. क्यो गये थे आप'' अगर आपको कुच्छ हो जाता तो हम सब कहा रहते. इतना बोलते-बोलते पूजा की आँखो आँसू गिर पड़े.

में पूजा को खींचकर अपने गले से लगाते हुए'' अरे पगली ये तो मेरा फ़र्ज़ है'' देख तो कुच्छ नही हुआ है थोड़ा सा खरॉच लगा है.

मेने किसी तरह पूजा को चुप कराया उसे अपने रूम में भेज दिया. मा अभी सो रही थी. में मा के बगल में सो गया............................

डॉली रूम से बाहर चली गयी.

में मा के बगल में लेट गया डॉली ओर पूजा दोनो डिन्नर तैयार करने चली गयी.

एक हाथ में कोहनी के ऊपर गोली लगी थी. इसलिए उसपर पट्टी बँधी हुई थी.

में उठकर मा सिरहाने बैठ गया. मा के शरीर में परिवर्तन हो रहा था..बाल काले ओर घने हो रहे थे. त्वचा चमकदार हो रही थी. चुचिया टाइट हो रही थी.

मा सोते हुए बहुत ही प्यारी लग रही थी उनके शरीर पर एक नाइटी था जो पैरो तक था. में नीचे झुका मा के फूले हुए गालो को होंठो में भरकर चूसने लगा... कभी एक गाल को कभी दूसरे गाल को. में दोनो गालो को चूसने में इतना व्यस्त हो गया की मुझे पता ही नही चला की कब मा की नींद खुली ओर वो अपने हाथो से मेरे सर के बालो को सहलाने लगी. में मा के दोनो गालो को आम की तरह चूस रहा था. में अपने आँखे बंद किए हुए चूस रहा था की...तभी शायद मा की नज़र मेरे बाजू पे पड़ी..जिस पर पट्टी बँधा गया था.. ओर वो ज़ोर से चिल्लाते हुए'' हहाई राम ये क्या है''

में अपना सर उठाकर मा की झील सी आँखो में देखते हुए ''कुच्छ भी नही हुआ है गोली लग थी अब निकाल दी गयी है..

मा मुझे अपने ऊपर खींचकर मेरे माथे को चूमते हुए

''क्या ज़रूरत है किशी को मारने की इतने डिपार्टमेंट में आप ही एक पुलिस वाले थोड़े हो.. ओर भी तो पुलिस वाले है.''

में मा के ऊपर उन की गतीली चुचियो पर सर रखकर लेटते हुए'' ऐसा नही कहते अगर तुम्हारी तरह सारे पुलिस वालो की बीविया अपने पतियो को इसी तरह रोके तो देश में आतंक वाद बढ़ जाएगा. देश हमारा बर्बाद हो जाएगा.

माँ- नही मेरे कहने का ये मतलब नही था. में तो केवल ये कहना चाहती थी की थोड़ा ध्यान रखिए. अगर आपको कुच्छ हो गया तो हमारा क्या होगा.

में मा के माथे को चूमते हुए'' तुम चिंता ना करो जान मुझे कुच्छ नही होगा'' फिर हम इधर-उधर की बाते करते रहे तभी डॉली रूम में आ गयी. डॉली रूम में आते ही: चलिए खाना खाने''

राज- चलो खाना लगाओ में तबतक आता हू.

डॉली बाहर चली गयी.

में ओर मा दोनो ने हाथ धोए ओर खाना खाने आ गए. खाना डाइनिंग टेबल पर लग चुका था. में मा पूजा ओर डॉली बैठ गये, क्योकि हम सब एकसाथ खाना खाते थे. में खाने ही वाला था की

पूजा- राज भैया एक बात कहूं आप बुरा तो नही मानोगे ना.

राज- नही, में अपने प्यारी बहन का बात को बुरा क्यो मानुगा. तुझे जो भी कहना है दिल खोल कर कह सकती है.''

पूजा- में कह रही थी की यदि आपको बुरा ना लगे तो क्या आज से मा मेरे पास सो जाए मुझे बहुत ही डर लगता है. वैसे 2 महीने का बाद मा से आप शादी कर लेंगे तो मा आपका जिंदगी भर के लिए हो जाएगी.

राज- ठीक है यदि मेरी प्यारी बहन का यही इच्छा है तो में क्या कह सकता हू.

आज मेरी प्यारी बीवी अनिता तुम्हारे हवाले ही रहेगी.

पूजा- थॅंक यू भैया लेकिन एक ओर बात भैया आज के बाद आप शादी के पहले मा का चेहरा नही देख सकते.

राज- लेकिन पूजा में तो अपनी जान का चेहरा देखे बेगैर बर्दास्त नही कर पाऊँगा.

पूजा- देखो भैया शादी से पहले मा का चेहरा देखे बगैर रहना पड़ेगा. तबतक के लिए डॉली भाभी आपके पास है. वैसे भी भैया शायद आप भूल रहे है की शादी से पहले दूल्हा दुल्हन से नही मिल सकता.............

राज- ठीक है में मॅनेज कर लूँगा लेकिन तुमने अपनी मा से पुछि हो.

पूजा- हा में सब पुच्छ ली हू

राज- ठीक है अब खाना खाउ

पूजा- हा अब खाना खा सकते है..

उसके बाद हमने खाना खाया. खाना खाने के बाद में अपने रूम में आया. डॉली बर्तन उठाकर किचन में चली गयी..

थोड़ी देर पूजा ओर मा मेरे रूम में एंटर हुई में बेड पर से नीचे उतरा ओर खड़ा हो गया. मा मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी..

पूजा- भैया आज अपनी जान को मन भर देख लो उसके बाद शादी से पहले आपको ये चेहरा दिखाई नही देगा..

इतना बोलकर पूजा मा के कपड़े निकालने लगी. में मा की आँखो में देखने लगा. मा भी मेरे आँखो में देखने लगी. मा की आँखो में प्यार का प्यास नज़र आरहा था. में मा के आँखो को एकटक देखे जा रहा था. मेने अपनी बाहों को फैला दिया मा दौड़ कर मेरी बाहों में समा गयी, मेरे पीठ पर अपने हाथो को कसते हुए मेरे सीने अपने चुचियो को दबाते हुए चुंबक की भाँति चिपक गयी.
 
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