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Guest
अब नेहा ने भी हथियार डाल दिए और आगे बढ़कर टीना के होंठों से होंठ मिला दिए।
टीना- “अहह... ये हुई ना बात.." और दोनों किसिंग करने लगी। चपर-चपर की आवाज निकल रही थी- ओहह... सस्स्सी ... और टीना नेहा के कपड़े उतार देती है- “वओ... यार तेरी चूचियां मस्त हैं.."
नेहा- क्या पहली बार देख रही है?
टीना- तभी तो बोल रही हूँ की इनका साइज कैसे बढ़ गया? कहीं तो गड़बड़ है?
नेहा- क्या बकवास कर रही है? ऐसा कुछ भी नहीं है।
टीना सोचती है- “मुझे तो पूरा शक हो रहा है... अब तो चूत देखकर ही पता चलेगा..." और टीना बाकी कपड़े भी उतार देती है, और नेहा की टांगें फैलाकर चूत को देखती है।
नेहा अब तक तीन बार चुद चुकी थी। चूत की सूजन अब तक नहीं उतरी थी। टीना के चेहरे पर चूत की हालत देखकर मुश्कान दौड़ गई।
टीना- “हाँ तो मेरी शराफात की देवी, इसका बाजा बजाने वाला कौन है?" और अपनी दो उंगली चूत में घुसा देती
अब नेहा क्या बोलती? चूत ने नेहा की पोल खोलकर रख दी थी।
टीना- देख नेहा, तू मेरे सारे राज जानती है। बता ना कौन है वो?
नेहा एकदम खामोश नजरें झुकाये रहती है।
टीना नेहा के मुँह से सुनना चाहती थी।
नेहा बड़ी धीमी आवाज में समीर का नाम लेती है- “समीर भइया..."
टीना को झटका लगता है- “ओहह... मेरी बन्नो रानी तू तो भाईचोद बन गई.."
नेहा बेचारी झेंप गई, टीना से रिकावेस्ट करती है- "देख यार, ये बात तेरे मेरे बीच में ही रहनी चाहिए...”
टीना- “तू फिकर ना कर यार, तू मुझे सबसे अजीज है तेरा ये राज मेरे जिश्म में दफन रहेगा..."
फिर दोनों की मस्ती अब चूत चुसाई तक पहुँच गई। टीना ने नेहा की चूत पर जीभ लगाई हुई थी, और नेहा भी टीना की चूत चाट रही थी।
टीना- “आहह... आss आss इसस्स्स
... उम्म्म्म
नेहा- हाँ हाँ उम्म्म्म ... इसस्स्स्स ..."
दोनों की मस्ती बढ़ती जा रही थी।
टीना- “अहह... हाईई नेहा कुछ करो... उस्स्स... आअहह... अहह... आआआ.. उम्म्म्म
... मजा आगया आह्ह..”
टीना से अब कंट्रोल नहीं हो रहा था, और नेहा को गोद में खींच लेती है और अपनी चूत नेहा की चूत से भिड़ा देती है। दोनों की भड़की हुई चूत मिलते ही रगड़ शुरू हो गई। नेहा भी बराबर घिस्से मार रही थी।
टीना- हाँ ऐसे ही मार धक्के जोर-जोर से।
दोनों का पानी निकाल जाता है।
टीना- अहह... मेरी जान आज तो कमाल कर दिया तूने?
नेहा- चल अब जल्दी से कपड़े पहन ले कहीं मम्मी पापा ना आ जाय?
टीना- आने दे तेरे पापा को भी।
नेहा- प्लीज़्ज... यार तू फिर शुरू हो गई।
टीना- “अच्छा बाबा सारी..” और दोनों कपड़े पहनने लगते हैं।
नेहा- एक चीज दिखाऊँ तुझे?
टीना- क्या है?
नेहा- "रबड़ का लण्ड..." और नेहा अलमारी से निकालती है।
टीना की आँखों में चमक आ जाती है, और हाथ में लेकर- "ये कहां से मिला तुझे? ये तो बिल्कुल लण्ड ही लग रहा है...'
फिर नेहा टीना को रबड़ का लण्ड कैसे मिला पूरी बात बताती है।
टीना- यार ये समीर की मेडम भी बड़ी पहुँची चीज मालूम होती है।
टीना- यार इस लण्ड को तो मुझे दे दे, तुझे तो असली मिलने वाला है।
नेहा- तू रख ले, मैंने कब मना किया है?
टीना- एक बार ट्राई करके देखू, चूत में कैसे जाता है?
नेहा- अभी रहने दे। रात में करके देख लियो।
टीना- “रात को तो मुझे समीर का असली लण्ड चाहिए। बड़े दिन हो गये चूत में लण्ड गये। आज तो मैं खुद रुकने वाली थी..." और टीना ने फिर अपने कपड़े उतार दिए, ब्रा पैंटी भी उतार दी और धीरे-धीरे प्लास्टिक का लण्ड चूत में डालने लगी।
नेहा खड़ी टीना को आँखें फाड़े देख रही थी कि कैसे मोटा प्लास्टिक का लण्ड चूत में ले रही थी?
नेहा- कैसा लग रहा है टीना?
टीना- तू हेल्प कर ना यार, अंदर नहीं जा रहा।
नेहा- मैं तेरी हेल्प अब रात को करूंगी।
तभी डोरबेल बजती है।
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टीना- “अहह... ये हुई ना बात.." और दोनों किसिंग करने लगी। चपर-चपर की आवाज निकल रही थी- ओहह... सस्स्सी ... और टीना नेहा के कपड़े उतार देती है- “वओ... यार तेरी चूचियां मस्त हैं.."
नेहा- क्या पहली बार देख रही है?
टीना- तभी तो बोल रही हूँ की इनका साइज कैसे बढ़ गया? कहीं तो गड़बड़ है?
नेहा- क्या बकवास कर रही है? ऐसा कुछ भी नहीं है।
टीना सोचती है- “मुझे तो पूरा शक हो रहा है... अब तो चूत देखकर ही पता चलेगा..." और टीना बाकी कपड़े भी उतार देती है, और नेहा की टांगें फैलाकर चूत को देखती है।
नेहा अब तक तीन बार चुद चुकी थी। चूत की सूजन अब तक नहीं उतरी थी। टीना के चेहरे पर चूत की हालत देखकर मुश्कान दौड़ गई।
टीना- “हाँ तो मेरी शराफात की देवी, इसका बाजा बजाने वाला कौन है?" और अपनी दो उंगली चूत में घुसा देती
अब नेहा क्या बोलती? चूत ने नेहा की पोल खोलकर रख दी थी।
टीना- देख नेहा, तू मेरे सारे राज जानती है। बता ना कौन है वो?
नेहा एकदम खामोश नजरें झुकाये रहती है।
टीना नेहा के मुँह से सुनना चाहती थी।
नेहा बड़ी धीमी आवाज में समीर का नाम लेती है- “समीर भइया..."
टीना को झटका लगता है- “ओहह... मेरी बन्नो रानी तू तो भाईचोद बन गई.."
नेहा बेचारी झेंप गई, टीना से रिकावेस्ट करती है- "देख यार, ये बात तेरे मेरे बीच में ही रहनी चाहिए...”
टीना- “तू फिकर ना कर यार, तू मुझे सबसे अजीज है तेरा ये राज मेरे जिश्म में दफन रहेगा..."
फिर दोनों की मस्ती अब चूत चुसाई तक पहुँच गई। टीना ने नेहा की चूत पर जीभ लगाई हुई थी, और नेहा भी टीना की चूत चाट रही थी।
टीना- “आहह... आss आss इसस्स्स
... उम्म्म्म
नेहा- हाँ हाँ उम्म्म्म ... इसस्स्स्स ..."
दोनों की मस्ती बढ़ती जा रही थी।
टीना- “अहह... हाईई नेहा कुछ करो... उस्स्स... आअहह... अहह... आआआ.. उम्म्म्म
... मजा आगया आह्ह..”
टीना से अब कंट्रोल नहीं हो रहा था, और नेहा को गोद में खींच लेती है और अपनी चूत नेहा की चूत से भिड़ा देती है। दोनों की भड़की हुई चूत मिलते ही रगड़ शुरू हो गई। नेहा भी बराबर घिस्से मार रही थी।
टीना- हाँ ऐसे ही मार धक्के जोर-जोर से।
दोनों का पानी निकाल जाता है।
टीना- अहह... मेरी जान आज तो कमाल कर दिया तूने?
नेहा- चल अब जल्दी से कपड़े पहन ले कहीं मम्मी पापा ना आ जाय?
टीना- आने दे तेरे पापा को भी।
नेहा- प्लीज़्ज... यार तू फिर शुरू हो गई।
टीना- “अच्छा बाबा सारी..” और दोनों कपड़े पहनने लगते हैं।
नेहा- एक चीज दिखाऊँ तुझे?
टीना- क्या है?
नेहा- "रबड़ का लण्ड..." और नेहा अलमारी से निकालती है।
टीना की आँखों में चमक आ जाती है, और हाथ में लेकर- "ये कहां से मिला तुझे? ये तो बिल्कुल लण्ड ही लग रहा है...'
फिर नेहा टीना को रबड़ का लण्ड कैसे मिला पूरी बात बताती है।
टीना- यार ये समीर की मेडम भी बड़ी पहुँची चीज मालूम होती है।
टीना- यार इस लण्ड को तो मुझे दे दे, तुझे तो असली मिलने वाला है।
नेहा- तू रख ले, मैंने कब मना किया है?
टीना- एक बार ट्राई करके देखू, चूत में कैसे जाता है?
नेहा- अभी रहने दे। रात में करके देख लियो।
टीना- “रात को तो मुझे समीर का असली लण्ड चाहिए। बड़े दिन हो गये चूत में लण्ड गये। आज तो मैं खुद रुकने वाली थी..." और टीना ने फिर अपने कपड़े उतार दिए, ब्रा पैंटी भी उतार दी और धीरे-धीरे प्लास्टिक का लण्ड चूत में डालने लगी।
नेहा खड़ी टीना को आँखें फाड़े देख रही थी कि कैसे मोटा प्लास्टिक का लण्ड चूत में ले रही थी?
नेहा- कैसा लग रहा है टीना?
टीना- तू हेल्प कर ना यार, अंदर नहीं जा रहा।
नेहा- मैं तेरी हेल्प अब रात को करूंगी।
तभी डोरबेल बजती है।
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