S
StoryPublisher
Guest
उधर काजल की चूत में भी खारिश बढ़ती जा रही थी। काजल को लण्ड की तलब जागने लगी। अब समीर तो आ नहीं सकता था। फिर ये प्यास कैसे बुझे? काजल अपने बेड पर लेटी यही सोच रही थी। काजल का एक हाथ इस वक्त सलवार के अंदर अपनी चूत को सहला रहा था, जो चुदाई की आग में पानी छोड़ रही थी।
काजल अपनी उंगली चूत के अंदर तक घुसा रही थी। मगर काजल की प्यास अब उंगली से शांत नहीं हो सकती थी। और काजल को लण्ड मिलना इतना आसान नहीं था। काजल को बार-बार राहल के लण्ड का भी खयाल आ जाता। मगर ये सब इतना आसान नहीं था।
फिर भी काजल को नहीं लग रहा था की ये सब कभी फिर से उसके साथ हो सकता है। यही सब सोच-सोचकर काजल की उंगली चूत की गहराई में पूरी उतर चुकी थी। चूत पूरी तरह फूच-फूच कर रही थी। काजल की आवाज भी इस वक्त कुछ ऐसी निकाल रही थी।
काजल- "अहह... भईय्या आहह... लो आह्ह... उईईई... उईईई भबाई आईईई... उम्म्म्म
... आअहह.."
काजल का चूतरस निकलने को तैयार था। काजल की तड़प बढ़ती जा रही थी, और काजल अपनी उंगली की रफ़्तार थोड़ी तेज कर देती है। काजल की आँखें बंद हो चुकी थी और मुँह से सिसकारी भरी आवाजें निकल रही थी।- “आअहह... भाईया..." और एकदम से काजल का पानी छूट जाता है।
काजल बेजान सी बिस्तर पर लुढ़क जाती है। करीब आधे घंटे बाद अपने रूम से निकलकर नीचे पहुँचती है। घर में सिर्फ नेहा भाभी थी, जो किचेन में खाना बना रही थी। शाम के 7:00 बजने वाले थे। 7:0 राहुल के आने का टाइम था। काजल के माइंड में जाने क्या प्लान आया और ऊपर वाले बाथरूम
काजल ने बाथरूम की चटकनी नहीं लगाई, और दरवाजे के पास साबन का पानी फैला देती है, और फटाफट अपने सारे कपड़े उतारकर शवर खोलकर अपने जिश्म को ठंडे-ठंडे पानी से नहाने लगी। काजल की गाण्ड दरवाजे की तरफ थी, और काजल अपनी चूचियों को मल-मलकर नहा रही थी।
राहुल घर आ चुका था और राहुल फ्रेश होने के लिए ऊपर बाथरूम में पहुँचता है। तभी काजल को अहसास हुआ दरवाजे पर कोई है। और जैसे ही राहुल ने बाथरूम का दरवाजा खोलकर एक कदम अंदर रखा, और सामने का नजारा देखा तो राहुल के मुँह से निकला- “आहह... शिट्ट.." और जल्दी से राहुल वापस पलटता है। मगर राहुल का पैर साबुन के पानी पर रखा था, और धड़ाम से राहुल फर्श पर गिर जाता है।
काजल एकदम पलटकर देखती है। इस वक्त काजल की चूचियां राहुल की नजरों के सामने थी। काजल जल्दी से तौलिया लपेटकर राहुल को सहारा देती है।
राहुल- काजल चटकनी तो लगा लेती?
काजल- सारी भइया, वो जल्दी में ध्यान नहीं रहा।
काजल जैसे ही राहुल को सहारा देती है, तौलिया फिर से फर्श पर गिर जाता है। काजल एकदम नंगी थी। राहुल की नजर सीधे काजल की चूचियों पर थी।
राहुल- काजल, जाओ पहले कपड़े पहनो।।
काजल- “जी भइया.." और काजल उठकर जल्दी से टी-शर्ट पहन लेती है। और फिर राहुल को सहारा देकर बेड पर लिटा देती है- "भइया ज्यादा तो नहीं लगी?"
राहुल- नहीं, मैं ठीक हूँ। तू जा, और नेहा को भेज दे।
काजल- “जी भइया..” और काजल मुश्कुराते हुए रूम से बाहर निकाल गई, और नीचे नेहा के पास पहुँचकर कहा “भाभी आपको राहुल भइया बुला रहे हैं.."
नेहा- “अच्छा..." और नेहा ऊपर चली गई- “क्या हुआ जी?” .
राहुल- मूव लगा दो। बाथरूम में पैर स्लिप हो गया।
*****
*****
काजल अपनी उंगली चूत के अंदर तक घुसा रही थी। मगर काजल की प्यास अब उंगली से शांत नहीं हो सकती थी। और काजल को लण्ड मिलना इतना आसान नहीं था। काजल को बार-बार राहल के लण्ड का भी खयाल आ जाता। मगर ये सब इतना आसान नहीं था।
फिर भी काजल को नहीं लग रहा था की ये सब कभी फिर से उसके साथ हो सकता है। यही सब सोच-सोचकर काजल की उंगली चूत की गहराई में पूरी उतर चुकी थी। चूत पूरी तरह फूच-फूच कर रही थी। काजल की आवाज भी इस वक्त कुछ ऐसी निकाल रही थी।
काजल- "अहह... भईय्या आहह... लो आह्ह... उईईई... उईईई भबाई आईईई... उम्म्म्म
... आअहह.."
काजल का चूतरस निकलने को तैयार था। काजल की तड़प बढ़ती जा रही थी, और काजल अपनी उंगली की रफ़्तार थोड़ी तेज कर देती है। काजल की आँखें बंद हो चुकी थी और मुँह से सिसकारी भरी आवाजें निकल रही थी।- “आअहह... भाईया..." और एकदम से काजल का पानी छूट जाता है।
काजल बेजान सी बिस्तर पर लुढ़क जाती है। करीब आधे घंटे बाद अपने रूम से निकलकर नीचे पहुँचती है। घर में सिर्फ नेहा भाभी थी, जो किचेन में खाना बना रही थी। शाम के 7:00 बजने वाले थे। 7:0 राहुल के आने का टाइम था। काजल के माइंड में जाने क्या प्लान आया और ऊपर वाले बाथरूम
काजल ने बाथरूम की चटकनी नहीं लगाई, और दरवाजे के पास साबन का पानी फैला देती है, और फटाफट अपने सारे कपड़े उतारकर शवर खोलकर अपने जिश्म को ठंडे-ठंडे पानी से नहाने लगी। काजल की गाण्ड दरवाजे की तरफ थी, और काजल अपनी चूचियों को मल-मलकर नहा रही थी।
राहुल घर आ चुका था और राहुल फ्रेश होने के लिए ऊपर बाथरूम में पहुँचता है। तभी काजल को अहसास हुआ दरवाजे पर कोई है। और जैसे ही राहुल ने बाथरूम का दरवाजा खोलकर एक कदम अंदर रखा, और सामने का नजारा देखा तो राहुल के मुँह से निकला- “आहह... शिट्ट.." और जल्दी से राहुल वापस पलटता है। मगर राहुल का पैर साबुन के पानी पर रखा था, और धड़ाम से राहुल फर्श पर गिर जाता है।
काजल एकदम पलटकर देखती है। इस वक्त काजल की चूचियां राहुल की नजरों के सामने थी। काजल जल्दी से तौलिया लपेटकर राहुल को सहारा देती है।
राहुल- काजल चटकनी तो लगा लेती?
काजल- सारी भइया, वो जल्दी में ध्यान नहीं रहा।
काजल जैसे ही राहुल को सहारा देती है, तौलिया फिर से फर्श पर गिर जाता है। काजल एकदम नंगी थी। राहुल की नजर सीधे काजल की चूचियों पर थी।
राहुल- काजल, जाओ पहले कपड़े पहनो।।
काजल- “जी भइया.." और काजल उठकर जल्दी से टी-शर्ट पहन लेती है। और फिर राहुल को सहारा देकर बेड पर लिटा देती है- "भइया ज्यादा तो नहीं लगी?"
राहुल- नहीं, मैं ठीक हूँ। तू जा, और नेहा को भेज दे।
काजल- “जी भइया..” और काजल मुश्कुराते हुए रूम से बाहर निकाल गई, और नीचे नेहा के पास पहुँचकर कहा “भाभी आपको राहुल भइया बुला रहे हैं.."
नेहा- “अच्छा..." और नेहा ऊपर चली गई- “क्या हुआ जी?” .
राहुल- मूव लगा दो। बाथरूम में पैर स्लिप हो गया।
*****
*****