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Incest डॉक्टर का फूल पारीवारिक धमाका

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अपडेट 38

हाय रेशु तेरा लंड बहुत मोटा है….गांड छोड़ कर चुत मारले…मैंने तुझे गांड चाटने दिया….गांड का पूरा मजा लेलिया अब रहने दे….” मैं दीदी की मिन्नत करने लगा.

“हाय दीदी प्लीज़….बस एक बार…किताब में लिखा है कितना भी मोटा…..हो चला जाता है…हाय प्लीज़ बस एक बार…बहुत मजा…आता है…मैंने सुना है….प्लीज़….”

अब दीदी को क्या मालूम कि मैं उसकी माँ की भी गांड मार चुका हूं पर कभी कभी मासूम बनने में भी मजा आता है मैं दीदी के पैर को चूम रहा था, गांड को चूम रहा था,

कभी हाथ को चूम रहा था.

दीदी से मैं भीख मांगने के अंदाज में मिन्नते करने लगा.

कुछ देर तक सोचने के बाद दीदी बोली

”ठीक है रेशु तू करले….मगर मेरी एक शर्त है….पहले अपने थूक से मेरी गांड को पूरा चिकना कर दे….या फिर थोड़ा सा मख्खन का टुकड़ा ले आ मेरी गांड में डालकर एकदम चिकना करदे फिर….अपना लण्ड डालना…डालने के पहले…. लण्ड को भी चिकना कर लेना….हाँ एक और बात तेरा पानी मैं अपनी चुत में ही लुंगी खबरदार जो…. तुने अपना पानी कही और गिराया….गांड मारने के बाद चुतके अन्दर डालकर गिराना….नहीं तो फिर कभी तुझे चुत नहीं दूंगी… और याद रख मैं इस काम में तेरी कोई मदद नहीं करने वाली मैं कुर्सी पकडकर खड़ी हो जाउंगी…..बस….”

मैं राजी हो गया और तुंरत भागता हुआ रसोई से फ्रीज खोल मख्खन के दो तीन टुकड़े ले कर आ गया.

दीदी तब तक सोफे वाली चेयर के ऊपर दो तकिया रख कर अपने आधे धड को उस पर टिका कर गांड को हवा में लहरा रही थी.

मैं जल्दी से उनके पीछे पहुँच कर उनके चुतडो को फैला कर मख्खन के टुकड़ो को एक-एक कर उसकी गांड में ठेलने लगा.

गांड की गर्मी पा कर मख्खन पिघलता जा रहा था और उसकी गांड में घुस कर घुलता जा रहा था.

मैंने धीरे धीरे कर के सारे टुकड़े डाल दिए फिर निचे झुक कर गांड को बाहर से चाटने लगा.

पूरी गांड को थूक से लथपथ कर देने के बाद मैंने अपने लण्ड पर भी ढेर सारा थूक लगाया और फिर दोनों गांड को दोनों हाथ से फैला कर लण्ड को गांड की छेद पर लगा कर कमर से हल्का सा जोर लगाया.

गांड इतनी चिकनी हो चुकी थी और छेद इतनी टाइट थी की लण्ड फिसल कर गांड पर लग गया.

मैंने दो तीन बार और कोशिश की मगर हर बार ऐसा ही हुआ.

दीदी इस पर बोली

“देखा रेशु मैं कहती थी न की एकदम टाइट है….ल….मेरी बात नहीं मान रहा था…किताब में लिखी हर बात…..सच नहीं….हाय तू तो….बेकार में….उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ कुछ होने वाला नहीं….दर्द भी होगा…..हाय…..चुत में डाल ले….ऐसा मत कर….”

मगर मैं कुछ नहीं बोला और कोशिश करता रहा.

थोड़ी देर में दीदी ने खुद से दया करते हुए अपने दोनों हाथो से अपने गांड को पकड़ कर खींचते हुए गांड के छेद को अंगूठा लगा कर फैला दियाऔर बोली

“ले अपने मन की आरजू पूरी करले…. हाथ धो के पीछे पड़ा है….ले अब घुसा….

लण्ड का सुपाड़ा ठीक से छेद पर लगाकर उसके बाद….धक्का मार…धीरे धीरे मारना…….…..

” मैंने दीदी के फैले हुए गांड के छेद पर लण्ड के सुपाड़े को रखा और गांड तक का जोर लगा कर धक्का मारा.

इस बार पक से मेरे लण्ड का सुपाड़ा जा कर दीदी की गांड में घुस गया. गांड की छेद फ़ैल गई.

सुपाड़ा जब घुस गया तो फिर बाकी काम आसान था क्योंकि सबसे मोटा तो सुपाड़ा ही था.

पर सुपाड़ा घुसते ही दीदी की गांड फड़फड़ाने लगी.

वो एक दम से चिल्ला उठी और गांड खींचने लगी.

मैंने दीदी की कमर को जोर से पकड़ लिया और थोड़ा और जोर लगा कर एक और धक्का मार दिया.

लण्ड आधा के करीब घुस गया क्योंकि गांड तो एक दम चिकनी हो चुकी थी.

पर दीदी को शायद दर्द बर्दाश्त नहीं हुआ चिल्लाते हुए बोली “हरामी….कुत्ते…कहती थी….मतकर… मादरचोद….पीछे पड़ा हुआ था…..साले….हरामी….छोड़….. हाय…मेरी गांड फट गई…उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़….सीईईईई….अब और मत डालना….हरामी….तेरी माँ को चोदु…..मतडाल….. हाय निकल ले…निकल ले रेशु….गांड मतमार….हाय चुत मारले….हाय दीदी की गांड फाड़कर क्या मिलेगा….सीईईईईइ…आईईईईईइ……..मररररर….गईइइइ …..”

दीदी के ऐसे चिल्लाने पर मेरी गांड भी फट गई और मैं डर रुक गया और दीदी की पीठ और गर्दन को चूमने लगा और हाथ आगे बढा कर उसकी दोनों लटकती हुई बॉब्स को दबाने लगा.

मुझे पता था कि अभी निकल लिया तो फिर शायद कभी नहीं डालने देगी इसलिए चुप-चाप आधा लण्ड डाले हुए कमर को हलके हलके हिलाने लगा. कुछ देर तक ऐसे करने और बॉब्स दबाने से शायद दीदी को आराम मिल गया और आह उह करते हुए अपनी कमर हिलाने लगी.

मेरे लिए ये अच्छा अवसर था और मैं भी धीरे धीरे कर के एक एक इंच लण्ड अन्दर घुसाता जा रहा था.

हम दोनों पसीने पसीने हो चुके थे.

थोड़ी देर में ही मेरी मेहनत रंग लाइ और मेरा लण्ड लगभग पूरा दीदी की गांड में घुस गया.

 
अपडेट 39

दीदी को अभी भी दर्द हो रहा था और वो बड़बड़ा रही थी. मैं दीदी को सांत्वना देते हुए बोला“बस दीदी हो गया अब….पूरा घुस चूका है…थोड़ी देर में लंड….सेट होकर आपको मजा देने लगेगा….हाय…परेशान नहीं हो….मैं खुद से शर्मिंदा हूँ की मेरे कारण आपको इंतनी परेशानी झेलनी पड़ी….अभी सब ठीक हो जाएगा….” दीदी मेरी बात सुन कर अपनी गर्दन पीछे कर मुस्कुराने की कोशिश करती बोली “नहीं रेशु…इसमें शर्मिंदा होने की कोई बात नहीं है…हम आपस में मजा ले रहे है….इसलिए इसमें मेरा भी हाथ है……रेशु तू ऐसा मत सोच….मेरे भी दिल में था की मैं गांड मरवाने का स्वाद लू….अब जब हम कर ही रहे है तो….घबराने की कोई जरुरत नहीं है….तुम पूरा कर लो पर याद रखना….अपना पानी मेरी चुत में ही छोड़ना…लो मारो मेरी गांड…मैं भी कोशिश करती हूँ की गांड को कुछ ढीला कर दू….”ऐसा बोल कर दीदी भी धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाने लगी. मैं भी धीरे धीरे कमर हिला रहा था. कुछ देर बाद ही सक सक करते हुए मेरा लण्ड उसकी गांड में आने-जाने लगा. अब जाकर शायद कुछ ढीला हो रहा था. दीदी के कमर हिलाने में भी थोड़ी तेजी आ गई, इसलिए मैंने अपनी गांड का जोर लगाना शुरू कर दिया और तेजी से धक्के मारने लगा. एक हाथ को उसकी कमर के निचे ले जाकर उसकी चुत के टीट को मसलने लगा और चुत को रगड़ने लगा. उसकी चुत पानी छोड़ने लगी. दीदी को अब मजा आ रहा था. मैं अब कचाकाच धक्का लगाने लगा और एक हाथ उनके बॉब्स को थाम कर लण्ड को गांड के अन्दर-बाहर करने लगा. चुत से दो गुना ज्यादा टाइट दीदी की गांड लग रही थी. दीदी अपनी गांड को हिलाते हुए बोली ” हाय रेशु मजा आ रहा है…..सीईईईई….बहुत अच्छा लग रहा है……शुरु में तो दर्द कर रहा था …..मगर अब अच्छा लग रहा है…..सीईईईई…..हाय राजा….मारो धक्का…जोर जोर से चोदो अपनी दीदी की गांडको……हाय सैयां बताओ अपनी दीदी की गांड मारने में कैसा लग रहा है…..मजा आ रहा है की नहीं…..मेरी टाइट गांड मारने में…. बहन की गांड मारने का बहुत शौक था ना तुझे…. तो मन लगा कर मार….हाय मेरी चुत भी पानी छोड़ने लगी है….हाय जोर से धक्का मार….अपनी बहन को बीबी बना लिया है….तो मन लगाकर बीबी की सेवाकर….हाय राजा सीईईईईईइ…..बहन चोद बहुत मजा आ रहा है…..सीईईईईइ….उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़…..” मैं भी अब पूरा जोर लगा कर धक्का मारते हुए चिल्लाया ” हाय दीदी सीईईई….बहुत टाइट है तुम्हारी गांड….मजा आ गया….हाय एकदम संकरी छेद है….ऊपर निचे जहाँ के छेद में लंड डालो वही के छेद में मजा भरा हुआ है….हाय दीदीसाली….मजा आ गया….सच में तुम बहुत सेक्सी हों….. बहुत मजा आ रहा है….सीईईईई….मैं तो पागल हाय….मैं तो पूरा बहन चोद बन गया हूँ…..मगर तुम भी तो भाईचोदी बहन हो मेरी डार्लिंग सिस्टर…..हाय दीदी आज तो मैं तुम्हारी चुत और गांड दोनों फाड कर रख दूंगा…..” तभी मुझे लगा की इतनी टाइट गांड मारने के कारण मेरा किसी भी समय निकाल सकता हु. इसलिए मैंने दीदी से कहा की

“दीदी…मेरा अब निकाल सकता है…तुम्हारी गांड बहुत टाइट है….इतनी टाइट गांड मारने से मेरा तो छिल गया है मगर…..बहत मजा आया….अब मैं निकाल सकता हूँ….हाय बोलो दीदी क्या मैं तुम्हारी गांड से निकाल कर चुत में डालूया फिर…..तुम्हारी गांड में निकल दू….बोलो न मेरी लण्डखोर बहन….साली मैं तुम्हारे चुत में झडु या फिर….गांड में झडु…..हाय मेरी स्वीट दीदी…..” दीदी अपनी गांड नचाते हुए बोली “साले मादरचोद….….हाय अगर निकलने वाला है तो पूछ क्या रहा है…बहनचोद..जल्दी से गांड से निकाल चुत में डाल….” मैंने सटक से लंड खिंचा और दीदी भी उठ कर खड़ी हो गई और बिस्तर पर जा कर अपनी दोनों टांग हवा में उठा कर अपने जन्घो को फैला दिया. मैं लगभग कूदता हुआ उनके जांघो के बीच घुस गया और अपना तमतमाया हुआ लंड गच से उसकी चुत में डाल कर जोर दार धक्के मारने लगा. दीदी भी निचे से गांड उछाल कर धक्का लेने लगी और चिल्लाने लगी ” हाय राजा मारो….जोर से मारो…अपनी बहन की…हाय मेरे सैयां…बहुत मजा आ रहा है…इतना मजा कभी नहीं मिला….मेरे रेशु मेरे जानू ….अब तुम मेरे हो…हाय राजा मैं तुमसे हर बार चुदूँगी ….हाय अब तुम्ही मेरे सैयां हो….मेरे बालम….….ले अपनी दीदी की की चुत का मजा….पूरा अन्दर तक लंड डालकर…चुत में पानी छोडो….…” मैं भी चिल्लाते हुए बोला ” …मेरे लण्ड का पानी अपनी चुत में ले….हाय मेरा निकलने वाला है….मैंने अपना पुरा वीर्य उनकी चुत में डाल दिया हम दोनों काफी थक गए थे एक दूसरे की बाहो में सो गये जब सो कर उठे तो रात की बाते सोच कर दोनों हँसने लगे और एक दूसरे को बाहो में भिचने लगे मुझे हम दोनों ने कल बहुत गंदी गंदी बाते करते करते सेक्स किया था यह मेरा आइडिया था हम किंकी सेक्स करना चाहते थे मेरी इच्छा का मान रखकर हमने सेक्स किया जो हम दोनों को बहुत पसंद आया था

 
बहुत ही लाजवाब अपडेट है दोस्त

अपने साइलेंट पाठकों के लिए दुआ कि वो जल्दी से ठीक होकर कमेंट करने लग जाएँ और हमारा ये परिवार ( आरएसएस) आदर्श परिवार बन जाए

आपका दोस्त
 
आपडेट 40

दीदी भी बहुत खुश थी और वो भी मुझे नहीं छोड़ना चाहती थी, पर कल चाचा-चाची आ रहे थे और कल जिजु भी बाहर से लौट रहे थे. दूसरे दिन में उठा तो दीदी हमेशा की तरह मेरे से पहले उठ चुकी थी और मैंने फ्रेश हो कर बाहर आया तो मेरे मोबाइल पर दीदी का मैसेज आया था की वो माँ डैड को रिसीव करने जा रही हे और एक घंटे में लौटेंगी.

मैं बाहर आ कर ब्रेकफास्ट करने बैठा और जैसे ही मैंने ब्रेकफास्ट ख़त्म किया की दीदी की कार के आने की आवाज़ आई और में फट से डरवाजा खोलने दौड़ा और मैंने देखा तो में सही था चाची आ चुकी थी. मैंने चाचा चाची के पाँव छुए और चाची और कोमल दीदी बातें करने लगी, में भी पास में ही बैठा था पर में तो बस दोनों को देखे जा रहा था और में दीदी के पास में बैठा था इसीलिए में चाची को देख रहा था और इस बात का दीदी को शायद पता नहीं था जब की चाची अच्छे से जानती थी, की में बस उन्हें निहार रहा हू, चाची ब्लैक साडी में और मैचिंग ब्लाउज में थी और चाची की कमर क्या मस्त लग रही थी, चाची का भी अब ध्यान दीदी से बातों से हट कर मेरी और था की में क्या देख रहा था फिर उन्हें शर्म आई तो चाची ने अपनी साडी ठीक की और अपने पल्लू से अपने आप को कवर किया, मैंने थोड़े ग़ुस्से में चाची को देखा पर कुछ कर नहीं सकता था इतने में दीदी ने कहा की उन्हें अब चलना चहिये, क्यूँकि जिजु भी आने वाले थे, इसीलिए वो उठी और कहा की वो अपना लगेज पैक करने जा रही हे, और चाची ने भी कहा की वो चाय बनाती हे, सबके लिये. तो वो दोनों उठी और जैसे ही दीदी अपने रूम में गयी, और चाची किचन में जा रही थी की मैंने पीछे से चाची को धक्का देते हुए सीधा किचन में लाते हुए मैंने चाची को पीछे से अपनी बाँहों में थाम लिया और फिर चाची भी घूम गयी और मेरी और देखा और मैंने भी उनकी और और मैंने अपने हाथ में उनका चेहरा रक्खा और चाची के लिप्स को चूसने लगा और चाची भी मेरे लिप्स को अपने लिप्स में भर रही थी. वो भी १५ दिन से प्यासी थी, मैंने फिर चाची को गांड से पकड़ा और उठा के किचन के प्लेटफार्म पे बिठा दिया और चाची के लिप्स को सक करने लगा और चाची ने भी अपनी बाहें मेरे गले के आसपास फैला दी और में सच में चाची को किस करने में खो गया और चाची भी.

फिर एक दम से चाची ने मुझे छोड़ दिया और धक्का दे दिया और प्लेटफार्म से उतर गयी, मैंने देखा तो किचन के दरवाजे पर दीदी खड़ी हो के सब देख रही थी, चाची शर्म के मारे बेहाल हो रही थी, चाची अपने पल्लू से अपने फेस को छूपाने की कोशिश करने लगी, दीदी भी अदब बना के देख रही थी और फिर वो मेरे पास आई और मुझे कस के एक थप्पड़ जड़ दिया. आई वास् टोटली शॉकड. की दीदी मेरे साथ ऐसा कर सकती हे. चाची तो कुछ बोलने के हालत में नहीं थी, चाची तो क्या अब तो में भी कुछ बोलने के हालत में नहीं था और फिर दीदी ने मेरी चाची की और देखा और चाची ने फिर से अपने फेस को पल्लू से ढकने की कोशिश की, मेरा तो हाथ ही अपने गाल से हट नहीं रहा था एक मिनट तक किचन में एक दम शांती रही थी और फिर दीदी ने फिर से मेरी और देखा और मुझे अपने हाथों से पकड़ा और मेरे लिप्स पर किस कर दिया. चाची के लिए तो यह डबल शॉक था और चाची का मुँह शॉक से खुला ही रह गया और फिर दीदी ने चाची की और देखा और चाची से कहा की माँ यु हैव मेड नाइस चोइस..यह बहुत नालायक लड़का हे, लेकिन अच्छा हे. चाची कुछ समझ नहीं पाई और फिर दीदी चाची को ले कर अपने रूम में चलि गयी.

****छोटी चाची की चुदाई ****

फ्रेंड्स, दीदी को पता तो चल गया, और बाद में चाची को भी पता चल गया की मैंने दीदी के साथ सेक्स किया था चाची बहुत नाराज़ हुई थी मुझसे भी और दीदी से भी. पर फिर दीदी चाची को समझाने में सफल रही और फिर दोनों ने कहा की यह बात हम तीनो में ही रहेगि, कोई किसी से कुछ भी नहीं कहेगा, और यह भी तय हुआ की सुबह जैसे में चाची से किस करते दीदी के हाथो से पकड़ा गया, वैसे ही किसी और से पकड़ा जा सकता हूँ तो अगली बार से ओपन में छूना मना था

मुझे बात में दम लगा और में भी सब मान गया. सब सही चल रहा था की एक दिन सुबह १० बजे छोटी चाची का कॉल आया की दादाजी की तबियत ठीक नहीं हे, तो आप सब लोग आ जाइये और हम फ़टाफ़ट से पहुंचे और सूरत से माँ डैड भी आ गए थे. वहा पहुंचे तो छोटी चाची ने दादाजी को इंजेक्शन दे कर रिलैक्स तो कर दिया था पर उन्हें तेज़ बुखार था तो बड़े चाचा ने कहा की वो दादाजी को साथ ले चलते हे और वहीँ पर उनका अहमदाबाद में ठीक से ख्याल भी हो पायेगा. सब तय हुआ, और फिर में माँ और दोनों चाची के साथ बैठा था और ऐसे में माँ ने कहा .

रेशु तुम ऐसा क्यों नहीं करते. की हमारे साथ क्यों नहीं चलते..? यहाँ से साथ में जाएंगे. वैसे भी बहुत दिन हो गए हे.. तब छोटी चाची ने कहा “रेशु ऐसे देखा जाये तो तुम तो आज यहाँ पर पूरे पांच साल बाद आये हो, तो तुम यहाँ क्यों नहीं रुक जाते”.?

ओर फिर बहुत डिस्कशन के बाद तय हुआ की में गाँव में ही रुकूँगा, थोड़ा सा मेरा रुक्ने का मन नहीं था पर इतना भी बुरा नहीं था लेकिन फिर मेरी मम्मी ने भी कहा की “रेशु तुम बड़े दिनों बाद आये हो तो रुक जाओ, अपने गाँव को शायद भूल चुके होंगे, तो यहाँ रुको और फिर बाद में बड़ी चाची के पास चले जाना”. .”एक दम सही हे दीदी.. रेशु तुम यही रुकोगे और जब तक में नहीं कहती तुम कहीं नहीं जा सकते”.. छोटी चाची ने आखरी आर्डर दे दिया और मुझे वहीँ पर रुकना पडा दोपहर को लंच के बाद बड़े चाचा-चाची और मम्मी पापा सब निकल गये,

 
अपडेट 41

घर पर में छोटी चाची और चाचा ही थे.

मैं थोड़ा बोरिंग फील कर रहा था क्यों की यहाँ मेरी उमर का कोई नहीं था चाची की एक लड़की थी पर वो मुंबई में अपने मामा के घर पर रहकर पड़ती थी.

गाँव का घर था इसीलिए मेरे लिए कोई अलग से रूम नहीं था एक रूम अलग से था वहाँ पर चाचा और चाची सोते थे.

मैं वहीँ हॉल में अपनी खाट बिछाके सो गया और सोच्ने लगा.

बड़ी चाची के बारे और सेक्स के बारे मे.

छोटी चाची भी एक दम सेक्सी तो थी,

पर उनसे कभी ऐसे बात नहीं की थी.

और यह भी सोचा की क्या छोटी चाची को सिड्यूस करना और सेक्स करना सही होगा?

क्यूंकि घर में आलरेडी २ फीमेल को मैंने सिड्यूस कर दिया था फिर मैंने मन बनाया की नही,

छोटी चाची के साथ ऐसा कुछ नहीं करूँगा क्यूँकि उनसे वैसे ही मेरी अच्छी पट्ती थी और वो वैसे ही मुझसे अच्छे से बीहेवे करती थी.

और वैसे भी इतना चुदक्कड़ बन्ने में भी मज़ा नहीं था लेकिन ऐसे ही में सोचते सोचते छोटी चाची के बारे में फेंटीसी करने लगा.

वो सच में इतनी सिडक्टिव थी की में सोच्ने से अपने आपको रोक नहीं पा रहा था वो एक दम एक्ट्रेस स्वाति वर्मा की तरह लगती हे.

क्या कमर और क्या बॉब्स हे चाची के,

पर मैंने सोच लिया की नहीं रेशु, गाँव में किसी को पता चल गया तो बहुत बदनामी हो जायेगी और ऐसे सोचते सोचते ही में सो गया.

अचानक 11 बजे उठा तो देखा की चाची कही जाने को रेडी थी,

वो बस निकलने ही वाली थी की में उठा तो मुझे देखकर चाची ने कहा

“अरे रेशु इतनी जल्दी क्यों उठ गये..?

अब उठ गए हो तो सुनो, तुम्हारे चाचा अपने क्लिनिक पर गए हे और में भी गाँव वाले क्लिनिक पर जा रही हू, तो अच्छे से घर को देखना, और चिंता मत करना, में जल्दी ही आ आउंगी”..

चाची ने कहा और चाबि मुझे दे कर मेरे गाल पर किस दे कर चलि गयी.

बॉस..नीन्द में से जागने की बारी अब थी,

क्यूँकि आज से पहले कभी छोटी चाची ने ऐसे मुझे किस नहीं किया था में बेड पे बैठे बैठे सोचता रहा और चाची को फैंटेसी करते करते सोचता रहा की आखिर चाची ने किस किया क्यों..

कहीं वो मेरे बारे में भी तो नहीं सोच रही,

जैसे में चाची के बारे में फैंटसी करता हू,

पर फिर सोचा की नहीं वो तो में बोर न हो जाऊं इसीलिए ऐसे किया होगा. फिर में सोचना छोड और टीवी ऑन कर के देखने लगा.

अब मेरे चाचा के बारे में, जी मेरे चाचा अपने ही गाँव में एक क्लिनिक चलाते थे,

पर फिर उनकी प्रैक्टिस अच्छी चल्ने लगी इसीलिए उन्होंने पास के शहर में एक हॉस्पटल खोल दिया,

लेकिन अभी अभी यह सब करने से वो काम में बहुत बिजी रहते थे,

डॉक्टर्स का इंनरोलमेंट,

एडमिनिस्ट्रेशन और वो भी घर से दुर, इसीलिए वो सुबह ९ बजे चले जाते और शाम को ८ बाजे आते थे, इसीलिए अब गाँव के क्लिनिक में छोटी चाची पेशेंट को देखति थी और वो भी दोपहर को 12 से 5.

क्यूंकि सारे काम से उन्हें भी फूर्सत नहीं मिलति थी, वैसे भी अब सारे पेशंट, चाचा के हॉस्पिटल में ही जाते थे.

तो जैसे तइसे मैंने 2 तो घडी में बजा दिये,

पर फिर बोर होने लगा तो मैंने फिर चाची के क्लिनिक पे जाने का सोचा, क्यों न वहॉ जा कर चाची से बातें की जाए,

वैसे भी वहा पर पेशेंट्स तो कम आते हे.

मैंने घर को लॉक किया और निकला की तभी बूंदा बांदी होने लगी और अभी में गाँव के बाहर निकला ही था की तेज़ बारिश होने लगी,

मुझे मज़ा आने लगा, क्यूँकि यह मौसम की पहली बारिश थी.

बॉस भिगने में मज़ा आ गया,

रस्ते के किनारे मुझे छोटी सी बस्ती दीखि थोड़ी दूर पे स्कूल भी था जहा बच्चें खेल रहे थे वहा से लगभग हाफ की मि आगे निकला ही था की बहुत तेज़ बारिश होने लगी

अब में रोड के दोनों तरफ रुक्ने के लिए जगह देख रहा था पर कोई रुक्ने की जगह नहीं दिख रही थी तभी मुझे रोड के लेफ्ट साइड में ५०-६० मीटर दूर एक बहुत बडा पीपल का पेड दिखा जिसके आस पास ४-५ फीट के पत्थर भी थे,

मैने वहि पर रुक्ने का मन बनाया और उस तरफ चल दिया वहा पहुच के मैंने पेड के पास जा के खडा हो गया बारिश और भी तेज़ हो गई थी २५-३० मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं देरहा था.

की तब मुझे लगा पेड के पीछे कुछ है मैं थोड़ा घबराया और उस तरफ जा के देखा तो वहा २ लडकिया बैठि थी दोनों स्कूल ड्रेस में थि,एक ने फ्रॉक पहना था जो की उसके घुटनो तक था और दूसरी ने सलवार-सूट पहनी थी.

मुझे सामने देख के दोनों घबरा गई,मैं भी २ मिनट के लिए समझ नहीं पा रहा था की क्या रियेक्ट करु,

 
अपडेट 42

मैने वहि पर रुक्ने का मन बनाया और उस तरफ चल दिया वहा पहुच के मैंने पेड के पास जा के खडा हो गया बारिश और भी तेज़ हो गई थी २५-३० मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं देरहा था.

की तब मुझे लगा पेड के पीछे कुछ है मैं थोड़ा घबराया और उस तरफ जा के देखा तो वहा २ लडकिया बैठि थी दोनों स्कूल ड्रेस में थि,एक ने फ्रॉक पहना था जो की उसके घुटनो तक था और दूसरी ने सलवार-सूट पहनी थी.

मुझे सामने देख के दोनों घबरा गई,मैं भी २ मिनट के लिए समझ नहीं पा रहा था की क्या रियेक्ट करु,

खैर मैं उनके पास गया तो वो दोनों खडी हो गई मैने पूछा…

तुम दोनों यहाँ क्या कर रही हो और तुम लोगो का घर कहा है,

तो उनमे से एक लडकी ने कहा वो पास वाली प्रायवेट स्कूल में १०थ क्लास में पढ़ती है,

ओर सुबह लेट हो जाने की वजह से वो स्कूल नहीं गई स्कूल में लेट होने पे टीचर से मार पड़ती है और वापस घर जाती तो डाँट पड़ती.

इसलिए दोनों यही रुक के स्कूल छूटने का इंतज़ार कर रही थि,इनका घर यहाँ से २ किमी आगे राईट साइड में एक गाव है वहा पर था.

थोड़ी देर उनसे मैंने बात की अब तक मैंने उन्हें अपने बारे में कुछ भी नहीं बताया था,वह दोनों बहुत भोलि और मासूम थि, तब तक मेरे मन में कुछ भी गलत नहीं था उनको लेकर .

अब तक हम लोग खडे होकर ही बातें कर रहे थे मैंने उनको बैठ जाने को कहा और खुद भी वही पडे २ फ़ीट के पत्थर पे बैठ गया और वो दोनों मेरे सामने दो छोटे पत्थरो पे घुटने को अपने गर्दन से चिपका के बैठ गई,

गिली होने के वजह से उन्हें थोडी ठण्ड भी लग रहा थी उनके होंठ कांप रहे थे,तभी मेरी नज़र उस लडकी पे गई जिसने फ्रॉक पहना था उसका फ्रॉक निचे से उसके घुटने से निकल कर निचे चला गया था और उसकी लाल चड्डी मुझे दिखि,उस्की चड्डी दीखते ही मानो मुझे करंट का झटका लगा हो,

अब मेरे अंदर का शैतान मुझ पे हावि होने लगा था मुझे सेक्स किये हुये भी बहुत दिन हुये थे अब एका-एक वो लडकिया मुझे सेक्सी और कामुक लगने लगी थी उसकी गोरी-गोरी जाँघे देख के मेरा लंड टाइट हो गया था,

अब मैं उन दोनों लड़कियों को चोदने का प्लान करने लगा था वो दोनों लड़कियां मेरी इस मानसिकता से अन्जान बारिश में ठण्ड से कांप रही थी और एक दूसरे से चिपक कर बैठि थि,

अब मैं उन दोनों को घुर रहा था दोनों का रंग साफ था अब गाव की लड़कियां तो शहर की लड़कियों की तरह गोरी होती नहीं है,

उन दोनों का ऐज x6 या x7 साल होगा.

गाल फुले हुए थे होंठ पतले और लाल-लाल थे उनके बॉब्स मुझे नहीं दिख रहे थे उनके बैठे होने के कारण अब मैं उनको थोड़ा डराना चाहता था ताकि मैं जो करना चाहता हूँ उसमे आसानी हो,

मैने उन दोनों लड़कियों की तरफ देखा और पूछा तुम दोनों झूठ तो नहीं बोल रही मुझ से,कहि किसी और कारन से तो यहाँ इतने सुन्सान जगह पे तुम दोनों रुकि नहीं हो?

उनमे से एक लडकी ने घबराते हुए कहा नहीं -नहीं हम सच कह रही है,मैने थोडा टाइट आवाज़ में कहा देखो मैं एक पुलिस बाला हूँ अगर झूठ बोली तो अभी फ़ोन कर के पुलिस वालों को बुलाउंगा और तुम्हे ठाणे में ले जा के वो सब सच उगलवा लेंगे अब वो लडकिया डरणे लगी थी पुलिस का नाम सुन के तो अच्छे-अच्छे डरणे लगते है वो तो गाव की मासूम और भोली-भाली लडकिया थी.

मैने उन्हें अब और डराया ….मैने पूछा तुम दोनों यहाँ किसी लड़के के साथ तो कुछ करने नहीं आई हो या कर चुकी और मुझे देख के वो लड़के भाग गये,बोलो?

ओ दोनों लड़कियां अब और घबरा गई और रोने जैसी शकल बनाते हुए बोलने लगी की नहीं वो सच कह रही है और यहाँ किसी लड़के से मिलने नहीं आए है,..अब वो दोनों खडी हो गई थि, मैंने कहा ठीक है मैं अभी फ़ोन कर के गाडी मंगवाता हूँ और तुमलोगो को ठाणे ले के चलता हूँ वहा जब गांड पे डण्डे पडेंगे तो सब सच बोल दोगी और डॉक्टर भी तुम्हे चेक कर के बता देगा की तुमलोगो ने किसी लडके से करवाया है या नहि, मै अपना मोबाइल निकाल के ऐसे ही नम्बर डायल करने लगा वो दोनों रोने लगी और रोते हुए बोली नहीं हमे ठाणे नहीं ले जाइये गाव में हमारी बदनामी होगी.

मैने कहा तब तो मुझे ही चेक करना पड़ेगा की तुमने किसी लड़के के साथ कुछ किया है या नहि,वो दोनों झट से मान गई मैने उनका नाम पूछा तो जिसने फ्रॉक पहना था उसने अपना नाम गीता बताया और दूसरी का नाम रानी अब जब वो दोनों खडी थी तो उनके बॉब्स अब मुझे दिख रहे थे गीता के बॉब्स थोड़े बड़े और रानी के बॉब्स उससे थोड़े छोटे थे.

मैं गीता के पास गया और उसके पीठ पे हाथ फिराते हुए उसके गांड तक गया और दोनों हांथों से उसके गांड के दोनों पार्ट को दबाया उसकी गांड बहुत प्यारी थी छोटी और बहुत कोमल.

फिर मैंने उसके बॉब्स को देखा और पूछा ये क्या है वो शरमाई और सर निचे कर ली मैंने फिर पूछा तो उसने बताया ये स्तन है

मैंने उसके दोनों बॉब्स को पकड़ के थोडा दबाया और फिर हाथ निचे की तरफ सहलाते हुए उसके नवी से निचे उसकी कमर पे लेगया उसकी कमर बहुत पतली लगभग २४ साइज की थी

और उसके गांड का साइज ३२, मैने उसके फ्रॉक के उप्पर से ही ऊसके चुत को सहलाया और पूछा

इसे क्या कहते है तो उसने डरते हुए और शरमाते हुए कहा की ये चुत है, अब मैं रानी की तरफ गया और उसके अंगों का साइज मैं लेने लगा वो गीता से थोड़ी लम्बी थी

पर उसके बॉब्स गीता से छोटे थे गीता का बॉब्स जहा ३४ साइज का था

वहि रानी का साइज ३२ था लेकिन जैसे ही मैं रानी की गांड पे अपने हाथ फिराये उसकी गांड बहुत मस्त और फुली हुई थी उनका साइज ३६ था या उससे ज्यादा होगा.

मैने रानी के बॉब्स को दुबारा से दबाया और कहा

"अरे ये तो गीता के बॉब्स से छोटे है मतलब गीता ने जरूर किसी लडके से चुदाया है और अपना बॉब्स चुसवाया है तभी उसके बॉब्स बडे है….

ये सुन के गीता घबरा गई और बोली

"नहीं अभी तक किसी लड़के ने मुझे नहीं छुआ न ही मैंने किसी से चुदवाया है".

मैने कहा "

ठीक है फिर अपने कपड़े उतारो फिर चेक करते है"

वो बोली …"नहीं आप ऊपर से ही चेक कर लीजिये"..

मैने थोडा ऊँचे आवाज में दुबारा कपड़े उतारने क लिए कहा तो वो झिझकते हुए कपड़े उतारने लगी फिर मैंने रानी से भी कहा की तू भी अपने कपड़े उतार तेरा भी चेक अप करना है वो दोनों अब भी झिझक रही थी तो मैंने कहा

"देखो मैं यहा पे अकेला हूँ और तुम्हे जानता भी नहीं अभी तुम लोगो का चेकअप कर के मैं यहाँ से चला जाउँगा और तुम अपने घर चलि जाना किसी को कुछ पता नहीं चलेगा".

 
अपडेट 43

अब शायद उनकी झिझक थोडी कम हो गई ही और वो दोनों अपने कपड़े उतारने लगी थी

गीता ने अपने फ्रॉक को निचे से उठाते हुए ऊपर सर से निकल दिया फ्रॉक क अंदर उसने एक बनियन जैसी पहनी थी

और लाल चड्डी गजब की सेक्सी लग रही थी मैंने उस से बाकि के कपड़े को भी निकालने को कहा

तो उसने अपना बनियन भी उतार दिया अब उसके नंगे बॉब्स मेरे सामने थे क्या गोर-गोर बॉब्स थे और एक दम गोल-गोल मैंने अपने हाथ से उन्हें प्यार से सहलाया और हल्का-हल्का दबाने भी लगा,

अब तक रानी ने भी अपना सूट उतार दिया था और अपना ब्रा उतार रही थी पर उसका हूक खुल नहीं रहा था तो मैं उसके पीछे गया उसके बॉब्स को उसके ब्रा के ऊपर से ही दबाया

अब तक मेरा लंड एकदम सख्त होकर के पेंट फाड के बाहर आने के लिए बेताब हो रहा था पेंट के अंदर से ही वो रानी की गांड को टच कर रहा था मैंने रानी के ब्रा का हूक खोला और उसके नंगे बॉब्स को दोनों हांथों से पकड़ कर दबा.

रहा था फिर मैंने रानी को उसका सलवार भी उतारने के लिए कहा फिर वो अपनी सलवार का नाडा खोलने लगी और शरमाते हुए उसने अपना सलवार पैर से निकाल दिया क्या खूबसूरत फिगर था उसका एकदम स्लिम और मस्त गोरी गांड,

मैने दोनों को पास-पास बैठा दिया और बारी बारी से दोनों के बॉब्स को चुस्ने लगा पहले गीता के बॉब्स को चूसा और कहा तेरे में से तो दूध जरूर निकलेगा, ५ मिनट उसके बॉब्स चुस्ने के बाद मैंने रानी के बॉब्स को मुह में लिया और उसके बॉब्स को चुस्ने लगा.

१५ मिनट तक मैं बारी बारी से दोनों के बॉब्स को चूसता और मसलता रहा अब उनको भी मजा आने लगा था मैं पहले रानी को चोदना चाहता था

क्यों की उसकी गांड बहुत बड़ी और सेक्सी लग रही थी मुझे,

मैंने रानी को वहि ज़मीन पे लिटा दिया और उसके नवल पे अपनी जिब को घुमाने लगा

उसके मुह से सिसकिया निकल रही थी उसे मज़ा आ रहा था की वो अब मेरे किसी भी हरकत का विरोध नहीं कर रही थी में ठीक अपना एक हाथ उसके चुत पे ले गया

उसकी चुत टच करते ही उसका शरीर कांप गया और जोर से उसके मुह से सिसकि निकली… इस…स….सेस….मैने धीरे से उसके पेन्टी को उसके ताँगों से निकाल दिया

अब उसकी नंगी चुत मेरी आँखों के सामने थी एकदम गोरी और उसपे अभी बाल भी नहीं थे हलके भूरे रंग के रोये अभी उगने शुरू हुए थे,उसकी चुत फुली हुए थी,बरीश अभी भी जोरो से बरस रही थी और रानी मज़े में थी……..

बारिश की बुँदे उसके बॉब्स पे पड रही थी जो उसे और रामंचित कर रही थी और मेरी भूख बढा रही थी उसके चुत पे भी बुँदे गिर रही थी और उसके चुत के फाँक से होते हुए पाणी जमीं पे गिर रही थि,

मैने उंगली से उसकी चुत के लिप्स को सहलाया तो उसके मुह से सिसकिया निकलने लगी,

मैने दोनों हांथों से उसके चुत के लिप्स को खोला और उसके चुत के बीच में जो दाना था उसको सेहलाया,उस्के चुत के छेद को देखा जो की एकदम बंद था हल्का सा छेद दिख रहा था उसपे मैंने अपनी उंगली फिराई तो वो कांप गई मैंने कहा

‘तुम तो वाक़ई अभी तक चूदी नहीं हो तुम बहुत अच्छी लडकी हो,लेकिन अब मैं तुम्हे चोदूँगा.

तुम्हे बहुत मज़ा आयेगा,मैने उससे पूछा की क्या मैं तुम्हे चोदू तो उसने कुछ कहा नहि,

मैं समझ गया उसे अब ये सब अच्छा लग रहा है और वो मज़े ले रही है उसको पता नहीं की पहली चुदाई में कितना दर्द होता है,

ओर उसे कितना दर्द होने वाला है,

मैने अपनी शर्ट-पेंट निकल दी और अपने लंड को उसके मुह के पास ले जाकर बोला कभी लंड देखा है,तो उसने शरमाते हुए कहा हा,

“पापा का देखा था जब वो सोये थे तो उनकी लुंगी खुल गई थि,लेकिन वो तो बहुत छोटा और पतला था लेकिन ये लंड तो बहुत लम्बा और मोटा है”

यहाँ मैं आपको बता दु की मेरा लंड नौ इंच लम्बा और लगभग 3.5 इंच मोटा है,”

मैंने उसे कहा शरमावो नहीं ऐसे अपने हाथ में पकडो उसने अपने हाथ से मेरा लंड पकडा तो मेरे लंड के सामने उसका हाथ छोटे बच्चे के हाथ जैसा लग रहा था.

मैने उससे पूछा तुम्हे पता है चुदाई कैसे होती है तो उसने कहा की लडका लडकी साथ में सोते है एक दूसरे से चिपक के और और कुछ तो बूर में करते है ये सब शादी के बाद पहली रात को होता है,

इससे ज्यादा उसे और कुछ पता नहि,

पास ही गीता भी नंगी बैठि थी मैंने उसके बॉब्स को दबाते हुए उससे भी यहि सवाल पुछा,उसने भी ये ही बताया की उसे भी इतना ही पता है,

 
अपडेट 44

मै समझ गया ये दोनों वाक़ई बहुत मासूम है,इन्हें चुदाई के बारे में कुछ भी पता नहि.मैने उनसे कहा शादी के बाद तो तुम दोनों चुदवाओगी इस्लिये तुम्हे पता होना चाहिए की ये कैसे होता है,

ठीक है आज मैं तुम दोनों को चोद के बताऊँगा .

फिर मैंने रानी को मेरा लंड मुह में लेने को कहा तो उसने शरमाते हुए मेरे लंड का सुपाडा अपने मुह में ले लिया.,

मैने कहा अब ऐसे चूसो और थोडा अंदर लो..उसने बस टोपा ही अपने मुह में लिया और थोडी देर तक उसे चुस्ती रही और तब तक मैं गीता के लिप्स को चूस रहा था और उसके बॉब्स को दबा रहा था और बिच-बिच में एक्साइटमेंट के वजह से अपने लंड को रानी के मुह में पेल भी रहा था जिससे वो उछल जा रही थी.

१० मिनट तक येसा करने के बाद मैंने रानी के बॉब्स को जम के चूसा उसके बॉब्स को अपने मुह में भर के मैं चूसे जार अहा था

और वो एक्ससिटेमेंट से पागल हुए जा रही थी

और सिसकिया निकाल रही थी अब मैंने टाइम वैस्ट न करते हुए सीधे उसके चुत के पास आ गया और उसके टांगे फ़ैलाते हुए उसके बिच में बैठ गया और उसके तांग को उसके पेट् की तरफ मोड दिया

और गीता को कहा तुम इसकी टांगे पकड़ के रखो..फिर मैंने उसकी छोटि सी चुत को फ़ैलाया और उसके छेद में अपनी उंगली डालि तो वो तडप उठि,ओर बोली दुःख रहा है

,मैने कहा डरो नहीं थोडा सा दर्द होगा और बाद में मज़ा आएगा….

मैने अपनी उंगली उसके चुत में अंदर बाहर करनी शुरू कर दी उसकी चुत बिलकुल गिली हो चुकी थी

शायद वो झर भी चुकी थी क्यों की उसके चुत के पाणी से उसकी चुत एकदम चिकनी हो गई थी

मैंने गीता के मुह में मेरा लंड डालकर उसके थुक से लंड को गिला कर थोडा सा थूक अपने लंड पे लगाया और सुपाडे को उसके चुत के छेद पर टीका के रख दिया तभी रानी ने पूछा

“क्या आप अपने लंड को मेरे चुत में घुसाने वाले हो” मैंने कहा “हा ऐसे ही तो होती है चुदाई”.

वो डर गई और बोली “नहीं आपका इतना बडा और मोटा लंड मेरे चुत में नहीं घुसेगा मेरी चुत फट जाएगी”.

वह अपने आप को छुड़ाने की कोशिस में हिलने लागि,मैने उसको समझाया की

“शादी के बाद सभी लड़कियां ऐसे करवाती है और मेरा लंड कोइ बहुत बड़ा नहीं है, जब बच्चा पैदा होता है तो वो यही से तो निकलता है,

जब इतना बडा बच्चा इसमे से निकल सकता है तो ये लंड तो आसानी से अंदर घुस जाएगा”.

मैने उसको बहुत समझाया फिर वो तैयार हो गई

मैने गीता को कहा की अब तू इसके दोनों हाथ सर के नीचे कर के पकड़ ले और मैंने उसके दोनों कन्धो को कस के पकड़ लिया ताकि जब लंड घुसे तो वो दर्द की वजह से हिले नहीं फिर मैंने अपने लंड को उसके चुत के छेद पे टीका दिया

और हल्का सा जोर लगया इतने में ही वो चिलाने लगी…आ अअअअ…मममममी……ओ उहहहह….जब की मेरे लंड का सुपाडा भी अभी अंदर नहीं गया था में ठीक जोरदार झटका मारा जिससे मेरा लंड तीन इंच अंदर चला गया

और वो दर्द के मारे ऊपर उछल गई जिससे मेरा लंड और दो इंच अंदर घुस गया वो अब हिल नहीं रही थी बस जोर-जोर से रोये जा रही थी दर्द से कराह रही थी

मैंने झट से उसके होंठो को अपने मुह में भर लिया और उन्हें चुस्ने लगा जिससे उसकी आवाज उसके गले में ही रह गई मैंने ऐसा इसलिए किया ताकि उसके चिल्लने से कही चुदवाने से पहले ही गीता डरकर के नंगी ही भाग ना जाये

मुझे उसे भी तो चोदना था थोड़ी देर तक मैं वैसे ही रहा और उसके होंठो को चूसता रहा और उसके बॉब्स भी दबाता और सहलाता रहा,

धीरे-धीरे वो थोडी शांत हो रही थी और मैं भी धीरे-धीरे अपने लंड को उसके चुत के गहराई में घुसाये जा रहा था अब तक ७ इंच लंड उसकी चुत में घुस चुक्का था और वो अब भी कराहे जा रही थी ,

मैने अब अपने लंड को अंदर बाहर करना सुरु कर दिया १० मिनट तक मैंने अपने लंड को ७ इंच ही अंदर बाहर करता रहा

अब उसका कराहना थोडा कम हुआ तो में एक जोर का झट्का मार के अपना पूरा लंड उसके चुत में घूसा दिया

इस बार उसके मुह से अवाज नहीं निकलि उसका मुह खुला का खुला रह गया उसकी ऑंखे एकदम बाहर की तरफ निकल आई थि,

वह १ मिनट के लिए मानो बेहोश हो गई थि,,मैने झट से अपना एक हाथ उसके मुह पे रख दिया मुझे पता था की वो जोर से कराहेगी,

ओर साथ में मैंने अपने लंड को अंदर बहार करना जारी रखा,

उस्के मुह से आवाज़ तो नहीं निकल रही थी लेकिन उसके आँख से आसु नहीं रुक रहे थे.

 
अपडेट 45

लेकिन मैंने उसकी परवाह नहीं कि और उसके बॉब्स को दोनों हांथों से कस के पकडे हुये उसकी चुत की चूदाई कर रहा था उसकी चुत बहुत टाइट थी मेरे लंड को उसने कस कर दबा रखा था, मुझे बहुत मजा आ रहा था १५ मिनट तक उसकी चुदाई करने के बाद अब वो थोडी शांत लग रही थी मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो देखा मेरा लंड पूरी तरह खुन में सना है और उसकी चुत से खून निकल रहा है उसके गांड के निचे की ज़मींन भी लाल हो गई थी थोडी देर लंड बाहर था जो बारिश की वजह से अब साफ हो गया था और उसकी चुत भी मैंने फिर थोडी थूक अपने लंड पे और उसके चुत में लगाई और फिर से अपने लंड को उसके चुत में घूसा दिया और जोर जोर से झटके मारने लगा हलका हलका उसे दर्द तो अब भी हो रहा था पर साथ ही उसे अब थोडा अच्छा भी लगने लगा था मैने उसके गांड को थोडा और ऊपर उठाया और चुदाई शुरु कर दी अब मैं झड़ने वाला था इसलिए अपनी स्पीड बढा दी थी तभी मेरा लंड उसके चुत से फ़िसल के उसके गांड में जा घूसा लगभग ६ इंच उसके गांड में धस चुक्का था वह जोर से उछल गई और जोर से चिल्लाई….आएएए…..णी….आआह्ह्ह…मा..ओह मा मर गईईईई…….

तब मुझे एहसास हुआ की मेरा लंड उसके गांड में घुस गया है मैं थोडी देर रुका रहा और उसके गांड को सहला रहा था ५ मिनट बाद जब उसको थोडी राहत मिली तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे घोड़ी बना दिया और खुद उसके पीछे उसकी गांड में अपना लंड डाल के धीरे धीरे आगे-पीछे कर रहा था और वो कराह रही थी मैंने थोडा और जोर से धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया और वो फ़िसल के निचे गिर गई अब वो पेट् के बल जमीन पे चित लेटी थी और मैं उसके गांड के ऊपर मैंने तब भी धक्का मारना चालू रखा ५ मिनट बाद मैंने उसे फिर से घोड़ी बनाया और उसके गांड को चोदना जारी रखा उसके गांड को चोदने में मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्यों की उसकी गांड बहुत प्यारी थी मेरे धक्के मारने के वजह से उसके दोनों बम्प हिल रहे थे जो मुझे और रोमाँचित कर रहे थे और दूसरी उसकी गांड टाइट भी थी ५-७ मिनट और चुदाई करने के बाद मैंने अपना लंड फिर से उसी पोजीशन में उसके चुत में दाल दिया और उसकी पतली सी कमर को पकड के मैं जोर-जोर के झटके मारने लगा,

कभि उसके गांड को चोदता तो कभी उसके चुत को १० मिनट के बाद मैं झडने वाला था तो मैंने अपना लंड उसके गांड में दाल के अपना सारा गरम पाणी उसके गांड में ही दाल दिया और निढाल हो के जमीन पे लेट गया वो भी थक के बेजान हो गई थी और वो भी जमीन पे लेट गई.. मैं ३-४ मिनट तक वैसे ही पडा रहा फिर उठ के उसकी चुत को सहलाया और उसकी टांगो को फैला के देखा तो उसकी चुत बहुत सुज गई थी और जो छेद पहले दिख नहीं रहा था वो अब सुरंग की तरह साफ दिख रहा था उस्के गांड के छेद से भी थोडा सा खून मुझे निकलता हुआ दिखा तो मैं समझ गया की उसका गांड भी फट गई थी..मैंने २ मिनट तक उसकी चुत को सहलाया और उसके बॉब्स को भी सहलाया फिर उसके लिप्स पे किस किया और उसे समझाया की थोडी देर में तुम फिर से पहले की जैसी हो जोओगी…थोडी देर लेती रहो.

रानी की चुदाई देख के और उसका दर्द देख के गीता डर गई थि,मैने उसे अपने पास बुलाया तो वो डरते हुए मेरे पास आई,क्या मज़ेदार नजारा था एक सुकोमल,अनचुदी लडकी नंगी मेरी तरफ आ रही थी और दूसरी लडकी मुझ से चूद के नंगी अब भी ज़मीन पे लेटी हुई थि,हालाकि रानी को चोदे हुये अब १५ मिनट हो चुके थे वो उठ के बैठ गई है ओर अब मैं गीता को चोदने के लिए खुद को तैयार कर रहा था गीता मेरे पास आई तो मैंने उसे अपने पास बैठने को कहा तो वो बोली की उसे नहीं चुदवाना है अब वो घर जाना चाहती है,रानी के दर्द और उसके चुत से निकले खुन को देख के गीता के चेहरे का रंग ही उड गया था मैं रानी के पास गया और उसे कहा की गीता चुदवाने से मना कर रही है तुम उसे मुझ से चुदवाने के लिए राजी करो उससे कहो की तुम्हे दर्द तो हुआ लेकिन मज़ा बहुत आया,नहि तो वो तुम्हारे गाव जा के सबको बता सकती है की तुमने चुदवाया है और उसने नहीं…अगर वो भी चूद जायेगी तो किसी से कुछ नहीं कहेगि,, वो मान गई और जा के गीता को समझाने लगी.

३-४ मिनट के बाद मैं भी उसके पास गया और गीता को चोदने के लिए पटाने लगा..तो उसने कहा की रानी का चुत फट गई है उसमे से कितना खून निकला है ..मैं नहीं चुदवाउंगी…तो. तब मैंने कहा अरे बेवकुफ वो खून चुत के फ़टने से नहीं बल्कि उसका महीना(पीरियड्स)”जो लड़कियों को हर महीने आता है जब उनके चुत से खून निकलता है”आया है…(‘मैंने उसको झूठ बोला’) तुमको भी तो आता होगा न..तो उसने कहा हा..तब वो जा के थोडी शांत हुई और हम दोनों के समझाने पर वह अधूरे मन से ही सही पर मान गई मुझे क्या फर्क पडता है वो अपने मन से चुदवाये या बिना मन के मुझे तो बस चोदना था उसको.

 
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