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अपडेट 46
मै वहि पास के पत्थर पे बैठा था गीता को अपने पास बुलाया और उसे अपनी गोद में बैठा लिया उसका चेहरा मेरी तरफ था और उसकी टाँगे मेरे पिछे,ओर उसके चुत के निचे मेरा लंड अब धीरे-धीरे उसके चुत को फाड़ने के लिए तैयार हो रहा था…मैंने उसके गालो को सहलाया और उसके होंठो को अपने मुह में ले के चुस्ने लगा और और अपने हाथों से उसके शरीर के हर अंग अंग को सहला और दबा रहा थ, थोडी देर तक उसके होंठ चुस्ने के बाद मैंने उसे पीछे झुकाया और उसके छोटे-छोटे एप्पल के आकर के बॉब्स को मुह में भर के चुस्ने लगा और दूसरे बॉब्स को अपने हांथों से दबाने लगा,,अब वो भी गरम होने लगी थी और सिसकिया लेने लगी थी थोडी देर तक मैंने उसके बॉब्स को चूसा और मसला जिससे उसके बॉब्स एकदम लाल हो गये थे…मैं उठा और अपना लंड उसके मुह के पास ले जा के उसे चुस्ने को कहा तो उसने मेरे लंड को हाथ से पकडा और अपने मुह में डाल लिया उसके छूते ही मेरा लंड टाइट हो गया,
ओ मजे से मेरे लंड के सुपाडे को चूस रही थी और मैं उसके सर को पीछे से पकड के अपने लंड को उसके मुह में अंदर बाहर करने लगा,एक बार तो जोश में आ के मैंने अपना ५ इंच तक लंड उसके मुह के अंदर घूसा दिया जिससे उसकी आँख से आँसु निकल आये थे और वो तडप उठि थी मेरा लंड उसके गले तक पहुच गया था…५ मिनट तक लंड चुसवाने के बाद अब मैं उसके चुत को चोदने क लिए तैयार था मैंने उसे पास के ही एक खडे पत्थर पे उसे लिटा दिया वो पत्थर बच्चों के “फिसलपट्टी”की तरह था थोडा झुका हुआ..उसको लिटाने के बाद मैं ने उसके चुत को सहलाया,उसकी चुत बहुत छोटी और एकदम छिपि हुए सी थि,मैने उसके चुत को अपने हाथों से मसला तो वह सिसक उठि,उसकी चुत एकदम चिकनी थी,फीर मैंने उसकी टांगो को फैला दिया और दोनों हांथो से उसकी चुत के फांकों को अलग किया अंदर का नजारा और भी रोमाँचित कर रहा था मुझे चुत के अंदर का हिस्सा एकदम लाल खून की तरह था बिच में मटर के आकर का दाना और निचे हलकी सी सुराख,बरीश के पाणी से उसकी चुत और भी मजेदार लग रहा थी मैंने झट से अपना मुह उसके चुत पे चिपका दिया और उसके चुत के दाने को चुसने लगा और अपनी जिब को उसके छेद में घुसाने लगा,
ऐसा करने से उसे बहुत मजा आ रहा था और वो बहुत जोर-जोर से सिसक रही थी और कांप भी रही थि,,३-४ मिनट में ही वो झर गई उसकी चुत अब बिलकुल गिली हो चुकी थी मैं उठा और अपने लंड पे थूक लगया और उसके चुत के छेद पे टीका दिया अच्छे से पोजीशन बनि,उसकी चुत बिलकुल मेरे लंड पर तब वह जरा सी भी अपनी पकड़ पत्थर पे ढीली करती तो वो मेरे लंड पे आ जा रही थि,,मैने उसके हाथ को पत्थर पे जमाया और अपने लंड को उसके चुत में प्रेस किया तो वो चीख उठि और थोडा हिली जिससे मेरा लंड फ़िसल के उसके चुत से हट गया मैंने दुबारा से उसके छेद पे लंड टिकाया और इसबार जोर से झटका मारा एक हलकी सी फट की आवाज आई और मेरा लंड ६ इंच अंदर घुस गया,
जैसे ही मैंने झटका मारा था उसकी पकड़ पत्थर पे कमजोर हुयी और उसकी चुत मेरे लंड पे आ गिरी और मैंने भी साथ में झटका मारा था ईस से एक ही झटके में मेरा ६ इंच लंड अंदर घुस गया था और उसकी चीख निकल गई थी वो जोर से रोने लगी और उसे छोड देणे के लिए बोलने लगी मैंने उसका हाथ पकड लिया था और वो जितना छटपटाती मेरा लंड और अंदर घुसता जाता मैने उसकी एक न सुनि और अपने लंड पे झटके मारता रहा,साथ ही उसके होंठो को भी चूमता और उसके गालो पे भी अपने दात चुभा देता,मेरा लगभग पूरा लंड उसकी चुत में घुस चुक्का था और वो बुरी तरह तडप रही थी पर मैंने उसकी तडप पे धयान नहीं दिया,चुदवाने से पहले इतने नख़रे जो कर रही थी इस वजह से भी मैं थोडा गुस्सा था ऐसे१५ मिनट लगातार अपने लंड को उसके चुत में पेलता रहा और वो तडपति रही छटपटाति रही लेकिन मेरी पकड़ से निकल नहीं पा रही थि,
थोड़ी देर बाद मैंने अपनी स्पीड को रोका क्यों की उस पोजीशन में मैं थक गया था मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो देखा उसके चुत से जबरदस्त खून निकल रहा है और मेरा लंड भी खुन से सना हुआ था उसके चुत के निचे का पत्थर भी उसके खून से लाल हो गया था और बारिश के पाणी से वो नदी की तरह उसके खून को चुत से पत्थर पे और पत्थर से जमीन पे बहा ले जा रही थी…मैंने उसे पत्थर से निचे उतारा तो वो फिर से बोलने लगी की अब और नहीं चुदवायेगी बस हो गया,,,मुझे गुस्सा आया मैंने उसका हाथ पकड़ के अपनी तरफ खीचा और बोला ज्यादा नख़रे मत कर जितना दर्द होना था जो फ़टना था वह फट चुक्का है और उसे जबरदस्ती मैंने पास क एक पत्थर पर झुका दिया और उसे घोड़ी बना दिया और उस के स्टाइल में मैं उसकी चुत को चोदने लगा १० मिनट तक जम के चोदा उसकी गांड एकदम लाल हो गयी थी मेरे धक्के मारने से.
मै वहि पास के पत्थर पे बैठा था गीता को अपने पास बुलाया और उसे अपनी गोद में बैठा लिया उसका चेहरा मेरी तरफ था और उसकी टाँगे मेरे पिछे,ओर उसके चुत के निचे मेरा लंड अब धीरे-धीरे उसके चुत को फाड़ने के लिए तैयार हो रहा था…मैंने उसके गालो को सहलाया और उसके होंठो को अपने मुह में ले के चुस्ने लगा और और अपने हाथों से उसके शरीर के हर अंग अंग को सहला और दबा रहा थ, थोडी देर तक उसके होंठ चुस्ने के बाद मैंने उसे पीछे झुकाया और उसके छोटे-छोटे एप्पल के आकर के बॉब्स को मुह में भर के चुस्ने लगा और दूसरे बॉब्स को अपने हांथों से दबाने लगा,,अब वो भी गरम होने लगी थी और सिसकिया लेने लगी थी थोडी देर तक मैंने उसके बॉब्स को चूसा और मसला जिससे उसके बॉब्स एकदम लाल हो गये थे…मैं उठा और अपना लंड उसके मुह के पास ले जा के उसे चुस्ने को कहा तो उसने मेरे लंड को हाथ से पकडा और अपने मुह में डाल लिया उसके छूते ही मेरा लंड टाइट हो गया,
ओ मजे से मेरे लंड के सुपाडे को चूस रही थी और मैं उसके सर को पीछे से पकड के अपने लंड को उसके मुह में अंदर बाहर करने लगा,एक बार तो जोश में आ के मैंने अपना ५ इंच तक लंड उसके मुह के अंदर घूसा दिया जिससे उसकी आँख से आँसु निकल आये थे और वो तडप उठि थी मेरा लंड उसके गले तक पहुच गया था…५ मिनट तक लंड चुसवाने के बाद अब मैं उसके चुत को चोदने क लिए तैयार था मैंने उसे पास के ही एक खडे पत्थर पे उसे लिटा दिया वो पत्थर बच्चों के “फिसलपट्टी”की तरह था थोडा झुका हुआ..उसको लिटाने के बाद मैं ने उसके चुत को सहलाया,उसकी चुत बहुत छोटी और एकदम छिपि हुए सी थि,मैने उसके चुत को अपने हाथों से मसला तो वह सिसक उठि,उसकी चुत एकदम चिकनी थी,फीर मैंने उसकी टांगो को फैला दिया और दोनों हांथो से उसकी चुत के फांकों को अलग किया अंदर का नजारा और भी रोमाँचित कर रहा था मुझे चुत के अंदर का हिस्सा एकदम लाल खून की तरह था बिच में मटर के आकर का दाना और निचे हलकी सी सुराख,बरीश के पाणी से उसकी चुत और भी मजेदार लग रहा थी मैंने झट से अपना मुह उसके चुत पे चिपका दिया और उसके चुत के दाने को चुसने लगा और अपनी जिब को उसके छेद में घुसाने लगा,
ऐसा करने से उसे बहुत मजा आ रहा था और वो बहुत जोर-जोर से सिसक रही थी और कांप भी रही थि,,३-४ मिनट में ही वो झर गई उसकी चुत अब बिलकुल गिली हो चुकी थी मैं उठा और अपने लंड पे थूक लगया और उसके चुत के छेद पे टीका दिया अच्छे से पोजीशन बनि,उसकी चुत बिलकुल मेरे लंड पर तब वह जरा सी भी अपनी पकड़ पत्थर पे ढीली करती तो वो मेरे लंड पे आ जा रही थि,,मैने उसके हाथ को पत्थर पे जमाया और अपने लंड को उसके चुत में प्रेस किया तो वो चीख उठि और थोडा हिली जिससे मेरा लंड फ़िसल के उसके चुत से हट गया मैंने दुबारा से उसके छेद पे लंड टिकाया और इसबार जोर से झटका मारा एक हलकी सी फट की आवाज आई और मेरा लंड ६ इंच अंदर घुस गया,
जैसे ही मैंने झटका मारा था उसकी पकड़ पत्थर पे कमजोर हुयी और उसकी चुत मेरे लंड पे आ गिरी और मैंने भी साथ में झटका मारा था ईस से एक ही झटके में मेरा ६ इंच लंड अंदर घुस गया था और उसकी चीख निकल गई थी वो जोर से रोने लगी और उसे छोड देणे के लिए बोलने लगी मैंने उसका हाथ पकड लिया था और वो जितना छटपटाती मेरा लंड और अंदर घुसता जाता मैने उसकी एक न सुनि और अपने लंड पे झटके मारता रहा,साथ ही उसके होंठो को भी चूमता और उसके गालो पे भी अपने दात चुभा देता,मेरा लगभग पूरा लंड उसकी चुत में घुस चुक्का था और वो बुरी तरह तडप रही थी पर मैंने उसकी तडप पे धयान नहीं दिया,चुदवाने से पहले इतने नख़रे जो कर रही थी इस वजह से भी मैं थोडा गुस्सा था ऐसे१५ मिनट लगातार अपने लंड को उसके चुत में पेलता रहा और वो तडपति रही छटपटाति रही लेकिन मेरी पकड़ से निकल नहीं पा रही थि,
थोड़ी देर बाद मैंने अपनी स्पीड को रोका क्यों की उस पोजीशन में मैं थक गया था मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो देखा उसके चुत से जबरदस्त खून निकल रहा है और मेरा लंड भी खुन से सना हुआ था उसके चुत के निचे का पत्थर भी उसके खून से लाल हो गया था और बारिश के पाणी से वो नदी की तरह उसके खून को चुत से पत्थर पे और पत्थर से जमीन पे बहा ले जा रही थी…मैंने उसे पत्थर से निचे उतारा तो वो फिर से बोलने लगी की अब और नहीं चुदवायेगी बस हो गया,,,मुझे गुस्सा आया मैंने उसका हाथ पकड़ के अपनी तरफ खीचा और बोला ज्यादा नख़रे मत कर जितना दर्द होना था जो फ़टना था वह फट चुक्का है और उसे जबरदस्ती मैंने पास क एक पत्थर पर झुका दिया और उसे घोड़ी बना दिया और उस के स्टाइल में मैं उसकी चुत को चोदने लगा १० मिनट तक जम के चोदा उसकी गांड एकदम लाल हो गयी थी मेरे धक्के मारने से.