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अपडेट 77
फिर थोड़ी देर बाद चाची से रहा नहीं गया
“रेशुऊ..जजरार..आराममम से दर्द हो रहा है. चाची की आवाज़ सॉलिड काम्प रही थी और साँसे तेज़ी से चलने से बोल नहीं पा रही थी. फिर मैंने चाची के बॉब्स को छोड़ा और निचे चूमते हुए चाची की निप्पल को चूमने लगा, बॉस चाची सच में मचल रही थी. फिर मैंने जानबूझ के अपने पैर हटा के गोल घूम गया, जिससे ६९ पोजीशन हो जाये, और चाची मेरे लंड को चूसने पे मजबूर हो जाए, अब मेरा लंड चाची के ठीक फेस पे था और चाची की तेज़ साँसे मेरे लंड को भी महसूस हो रही थी, साला इस बात से ही मेरे लंड से प्रिकम निकलने लगा, फिर मैंने चाची के दोनों पांव को घुटनो से मोड़ लिया और दोनों पाँव के बीच में अपना मुँह रख के चाची की चुत की खूशबू लेने लगा, ऑफ़ कोर्स चाची को भी मेरे लंड की खूशबू आ रही होगी, चाची का भी मन तो कर रहा होगा, पर कैसे करू ये सोच रही होगी. मैंने इधर चाची के पेन्टी पे से ही चाची की चुत को किस किया और ऐसे ही अपने हाथो से मसलने लगा, चाची की पेन्टी बॉस, कब की गीली हो गयी थी और अभी भी वो वेट हो रही थी. चाची से रहा नहीं जा रहा था तो वो अपने पाँव को और चौड़ा कर के मुझे अपनी चुत दीखाना चाहती थी और ये इंडीकेट कर रही थी की में उनकी पेन्टी भी उतार दु. मैंने भी चाची को इस बार रिलीफ देते हुए मैंने आराम से चाची की दोनों साइड पेन्टी में हाथ डाला और धीरे धीरे चाची की पेन्टी को उतार दिया. आह..कितनि मस्त चुत थी, अब मैंने चाची की चुत पे अपने राईट हैंड से धीरे धीरे चुत पे हाथ फिराया और और चाची की चुत को मस्त आराम से सहलाने लगा, मेरे हाथ के छूते ही चाची की गीली चुत और भी गीली होने लगी, बॉस मुझे लग रहा था की चाची अपनी प्यास पे कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी. फिर मैंने अपने दोंनो हाथो से चाची की चुत को आराम से अलग किया और चाची की चुत के चारो और अपनी मिडिल फिंगर को घुमाने लगा, चाची की साँसे और भी तेज़ हो रही थी और मेरे लंड को महसूस हो रही थी, बॉस इतना मज़ा आ रहा था चाची अंगड़ाइयाँ भी इतनी ले रही थी की एक दो बार चाची के न चाहते हुए भी उनके होठो ने मेरे लंड को छू लिया और में भी उनके होठो पे प्रेशर करने लगा.
फिर मैंने थोड़ा आगे आते हुए चाची के चुत पे अपना मुँह रक्खा और चूमने लगा, मस्त खूशबू आ रही थी, थोड़ा आगे आने से मेरा लंड भी थोड़ा आगे आ गया और अब मेरे लंड के टिप वाला पिंक पार्ट ठीक चाची के होथों पे आ गया, अब देखना था की चाची कैसे अपने आप को रेसिस्ट कर पाति हे. इधर में चाची की चुत में अपने मुँह से बड़े पैशन से चूमने लगा और पागलों की तरह चाची की चुत को अपने हाथ से फैला के जितना हो सके ऐसे चुत को फैला के अपने मुँह को अंदर डालने लगा.
चाची भी मेरे तेज़ी के साथ रिस्पांस कर रही थी, बॉस चाची के मचलने में भी तेज़ी आ रही थी, फिर मैंने चाची की चुत से अपने मुँह को बाहर निकला और
“चाची मज़ा आ रहा हे, क्या?...
“हहहहाँण, प्लीज अऊर करो.... चाची सच में सेक्स के नशे में थी और जैसे ही चाची ने मुँह खोला की मैंने अपने लंड को चाची के मुँह में दाल दिया.
चाची साली थोड़ी सी टेढ़ी हे, न न करती हे पर उसे करना जरूर होता हे. जैसे ही मैंने चाची के मुँह में अपना लंड ड़ाला की बिना एक पल का वेट किये चाची ने उसे चूमना शुरू कर दिया और ऊपर से निचे तक चूमने लगी, बॉस चाची भी बड़ी पैशन के साथ चूम रही थी, मज़ा आने लगा था चाची को चूसने में और मुझे चूसवाने मे. फिर मैंने अपनी मिडिल फिंगर चाची की चुत में दलि और चाची की चुत में आराम से अंदर बाहर करने लगा, जैसे ही मैंने पहली बार चुत में ऊँगली दलि की चाची ने एक जर्क लिया और चाची के मुँह से आआअह निकला.
फिर थोड़ी देर बाद चाची से रहा नहीं गया
“रेशुऊ..जजरार..आराममम से दर्द हो रहा है. चाची की आवाज़ सॉलिड काम्प रही थी और साँसे तेज़ी से चलने से बोल नहीं पा रही थी. फिर मैंने चाची के बॉब्स को छोड़ा और निचे चूमते हुए चाची की निप्पल को चूमने लगा, बॉस चाची सच में मचल रही थी. फिर मैंने जानबूझ के अपने पैर हटा के गोल घूम गया, जिससे ६९ पोजीशन हो जाये, और चाची मेरे लंड को चूसने पे मजबूर हो जाए, अब मेरा लंड चाची के ठीक फेस पे था और चाची की तेज़ साँसे मेरे लंड को भी महसूस हो रही थी, साला इस बात से ही मेरे लंड से प्रिकम निकलने लगा, फिर मैंने चाची के दोनों पांव को घुटनो से मोड़ लिया और दोनों पाँव के बीच में अपना मुँह रख के चाची की चुत की खूशबू लेने लगा, ऑफ़ कोर्स चाची को भी मेरे लंड की खूशबू आ रही होगी, चाची का भी मन तो कर रहा होगा, पर कैसे करू ये सोच रही होगी. मैंने इधर चाची के पेन्टी पे से ही चाची की चुत को किस किया और ऐसे ही अपने हाथो से मसलने लगा, चाची की पेन्टी बॉस, कब की गीली हो गयी थी और अभी भी वो वेट हो रही थी. चाची से रहा नहीं जा रहा था तो वो अपने पाँव को और चौड़ा कर के मुझे अपनी चुत दीखाना चाहती थी और ये इंडीकेट कर रही थी की में उनकी पेन्टी भी उतार दु. मैंने भी चाची को इस बार रिलीफ देते हुए मैंने आराम से चाची की दोनों साइड पेन्टी में हाथ डाला और धीरे धीरे चाची की पेन्टी को उतार दिया. आह..कितनि मस्त चुत थी, अब मैंने चाची की चुत पे अपने राईट हैंड से धीरे धीरे चुत पे हाथ फिराया और और चाची की चुत को मस्त आराम से सहलाने लगा, मेरे हाथ के छूते ही चाची की गीली चुत और भी गीली होने लगी, बॉस मुझे लग रहा था की चाची अपनी प्यास पे कण्ट्रोल नहीं कर पा रही थी. फिर मैंने अपने दोंनो हाथो से चाची की चुत को आराम से अलग किया और चाची की चुत के चारो और अपनी मिडिल फिंगर को घुमाने लगा, चाची की साँसे और भी तेज़ हो रही थी और मेरे लंड को महसूस हो रही थी, बॉस इतना मज़ा आ रहा था चाची अंगड़ाइयाँ भी इतनी ले रही थी की एक दो बार चाची के न चाहते हुए भी उनके होठो ने मेरे लंड को छू लिया और में भी उनके होठो पे प्रेशर करने लगा.
फिर मैंने थोड़ा आगे आते हुए चाची के चुत पे अपना मुँह रक्खा और चूमने लगा, मस्त खूशबू आ रही थी, थोड़ा आगे आने से मेरा लंड भी थोड़ा आगे आ गया और अब मेरे लंड के टिप वाला पिंक पार्ट ठीक चाची के होथों पे आ गया, अब देखना था की चाची कैसे अपने आप को रेसिस्ट कर पाति हे. इधर में चाची की चुत में अपने मुँह से बड़े पैशन से चूमने लगा और पागलों की तरह चाची की चुत को अपने हाथ से फैला के जितना हो सके ऐसे चुत को फैला के अपने मुँह को अंदर डालने लगा.
चाची भी मेरे तेज़ी के साथ रिस्पांस कर रही थी, बॉस चाची के मचलने में भी तेज़ी आ रही थी, फिर मैंने चाची की चुत से अपने मुँह को बाहर निकला और
“चाची मज़ा आ रहा हे, क्या?...
“हहहहाँण, प्लीज अऊर करो.... चाची सच में सेक्स के नशे में थी और जैसे ही चाची ने मुँह खोला की मैंने अपने लंड को चाची के मुँह में दाल दिया.
चाची साली थोड़ी सी टेढ़ी हे, न न करती हे पर उसे करना जरूर होता हे. जैसे ही मैंने चाची के मुँह में अपना लंड ड़ाला की बिना एक पल का वेट किये चाची ने उसे चूमना शुरू कर दिया और ऊपर से निचे तक चूमने लगी, बॉस चाची भी बड़ी पैशन के साथ चूम रही थी, मज़ा आने लगा था चाची को चूसने में और मुझे चूसवाने मे. फिर मैंने अपनी मिडिल फिंगर चाची की चुत में दलि और चाची की चुत में आराम से अंदर बाहर करने लगा, जैसे ही मैंने पहली बार चुत में ऊँगली दलि की चाची ने एक जर्क लिया और चाची के मुँह से आआअह निकला.