S
StoryPublisher
Guest
फिर लाला ने रश्मी दीदी की चूतड पे अपना हाथ फेरा जैसे ही रश्मी दीदी आगे को हुई उनकी बड़ी सी गांड लाला की तरफ निकल आयी थी जो बहुत ही मनमोहक लग रही थी.
लाला ने पहले तो रश्मी दीदी की चूतड़ को सहलाया फिर उसने दीदी की ब्लैक पेंटी को धीरे से नीचे किया और उनके पैरों से निकाल कर उतार दिया. रश्मी दीदी मुझे कपडे में ही बहुत हॉट लगती थी क्योंकि उनकी चूचियां और चूतड़ काफी बड़ी थी. लेकिन अभी वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. रश्मी दीदी के मांसल जांघो और बिना झांटो की उभरी हुई पाव रोटी जैसी चूत को देखकर मेरा मन झूम उठा. दीदी की केले के तने की तरह चिकनी जांघे बहुत ही मोटी मोटी थी और गोरे रंग की होने की वजह से क़यामत ढा रही थी.
लाला अपनी उँगली से रश्मी दीदी की चूत को छेडने लगे और दीदी इस बजह से सिसकारियां मारने लगी. लाला ने अपनी एक उँगली रश्मी दीदी की चूत ने घुसा दी. दीदी की चूत पहले ही पानी छोड़ रही थी. उँगली एक झटके में ही अंदर चली गयी. लाला अपने एक हाथ से सब कुछ रिकॉर्ड कर रहा था और अपने दूसरे हाथ से दीदी की चूत के साथ खेल रहा था.
जब रश्मी दीदी की चूत से रस टपकने लगा तब लाला दीदी का रस उँगली में लगा के रश्मी दीदी की गांड के छेद पे लगाने लगा. वो रश्मी दीदी की गांड को भी नहीं छोड़ना चाहता था. उसने मुझे बताया भी था की रश्मी दीदी की सबसे अच्छी चीज़ उसे गांड ही लगती है. लाला ने चूत के रस से सने अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के छेद पे रख कर धीरे से अंदर ढकेल दी. रश्मी दीदी दर्द से चीख पड़ी……अहह…ओह…
रश्मी दीदी: बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज निकाल लो इसे
लाला : डार्लिंग…यही बात तो है…पहले दर्द होता है…फिर मजा आता है…तुम बस देखते जाओ…
रश्मी दीदी: प्लीज…पीछे नहीं करो...दर्द होता है वहां…
लाला ने दीदी की कोई बात नहीं मानी और अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के अंदर बाहर करने लगा
लाला ने पहले तो रश्मी दीदी की चूतड़ को सहलाया फिर उसने दीदी की ब्लैक पेंटी को धीरे से नीचे किया और उनके पैरों से निकाल कर उतार दिया. रश्मी दीदी मुझे कपडे में ही बहुत हॉट लगती थी क्योंकि उनकी चूचियां और चूतड़ काफी बड़ी थी. लेकिन अभी वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. रश्मी दीदी के मांसल जांघो और बिना झांटो की उभरी हुई पाव रोटी जैसी चूत को देखकर मेरा मन झूम उठा. दीदी की केले के तने की तरह चिकनी जांघे बहुत ही मोटी मोटी थी और गोरे रंग की होने की वजह से क़यामत ढा रही थी.
लाला अपनी उँगली से रश्मी दीदी की चूत को छेडने लगे और दीदी इस बजह से सिसकारियां मारने लगी. लाला ने अपनी एक उँगली रश्मी दीदी की चूत ने घुसा दी. दीदी की चूत पहले ही पानी छोड़ रही थी. उँगली एक झटके में ही अंदर चली गयी. लाला अपने एक हाथ से सब कुछ रिकॉर्ड कर रहा था और अपने दूसरे हाथ से दीदी की चूत के साथ खेल रहा था.
जब रश्मी दीदी की चूत से रस टपकने लगा तब लाला दीदी का रस उँगली में लगा के रश्मी दीदी की गांड के छेद पे लगाने लगा. वो रश्मी दीदी की गांड को भी नहीं छोड़ना चाहता था. उसने मुझे बताया भी था की रश्मी दीदी की सबसे अच्छी चीज़ उसे गांड ही लगती है. लाला ने चूत के रस से सने अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के छेद पे रख कर धीरे से अंदर ढकेल दी. रश्मी दीदी दर्द से चीख पड़ी……अहह…ओह…
रश्मी दीदी: बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज निकाल लो इसे
लाला : डार्लिंग…यही बात तो है…पहले दर्द होता है…फिर मजा आता है…तुम बस देखते जाओ…
रश्मी दीदी: प्लीज…पीछे नहीं करो...दर्द होता है वहां…
लाला ने दीदी की कोई बात नहीं मानी और अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के अंदर बाहर करने लगा