• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Incest दीदी की सेटिंग

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
फिर लाला ने रश्मी दीदी की चूतड पे अपना हाथ फेरा जैसे ही रश्मी दीदी आगे को हुई उनकी बड़ी सी गांड लाला की तरफ निकल आयी थी जो बहुत ही मनमोहक लग रही थी.

लाला ने पहले तो रश्मी दीदी की चूतड़ को सहलाया फिर उसने दीदी की ब्लैक पेंटी को धीरे से नीचे किया और उनके पैरों से निकाल कर उतार दिया. रश्मी दीदी मुझे कपडे में ही बहुत हॉट लगती थी क्योंकि उनकी चूचियां और चूतड़ काफी बड़ी थी. लेकिन अभी वो मेरे सामने पूरी नंगी थी. रश्मी दीदी के मांसल जांघो और बिना झांटो की उभरी हुई पाव रोटी जैसी चूत को देखकर मेरा मन झूम उठा. दीदी की केले के तने की तरह चिकनी जांघे बहुत ही मोटी मोटी थी और गोरे रंग की होने की वजह से क़यामत ढा रही थी.

लाला अपनी उँगली से रश्मी दीदी की चूत को छेडने लगे और दीदी इस बजह से सिसकारियां मारने लगी. लाला ने अपनी एक उँगली रश्मी दीदी की चूत ने घुसा दी. दीदी की चूत पहले ही पानी छोड़ रही थी. उँगली एक झटके में ही अंदर चली गयी. लाला अपने एक हाथ से सब कुछ रिकॉर्ड कर रहा था और अपने दूसरे हाथ से दीदी की चूत के साथ खेल रहा था.

जब रश्मी दीदी की चूत से रस टपकने लगा तब लाला दीदी का रस उँगली में लगा के रश्मी दीदी की गांड के छेद पे लगाने लगा. वो रश्मी दीदी की गांड को भी नहीं छोड़ना चाहता था. उसने मुझे बताया भी था की रश्मी दीदी की सबसे अच्छी चीज़ उसे गांड ही लगती है. लाला ने चूत के रस से सने अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के छेद पे रख कर धीरे से अंदर ढकेल दी. रश्मी दीदी दर्द से चीख पड़ी……अहह…ओह…

URL]


रश्मी दीदी: बहुत दर्द हो रहा है. प्लीज निकाल लो इसे

लाला : डार्लिंग…यही बात तो है…पहले दर्द होता है…फिर मजा आता है…तुम बस देखते जाओ…

रश्मी दीदी: प्लीज…पीछे नहीं करो...दर्द होता है वहां…

लाला ने दीदी की कोई बात नहीं मानी और अपनी उँगली रश्मी दीदी की गांड के अंदर बाहर करने लगा
 
रश्मी दीदी दर्द से तडप रही थी और लाला रश्मी दीदी की गांड की छेद को ढीला करने में लगा था… पहले एक उँगली घुसाई फिर उसने अपनी दो उँगली रश्मी दीदी की गांड में घुसा दी …रश्मी दीदी जोर से चीख़ उठी

images


रश्मी दीदी: प्लीज रहम करो…

लाला: चलो तुम्हारा दर्द कम करता हूँ…

लाला ने मुझे इशारा किया और मैं दीदी की आगे जाके खडा हो गया और लाला ने इशारा किया की अपना लंड दीदी के मुह में डाल दो

लाला : चल रानी अपने भाई का लंड मुह में लेके चुसो दर्द कम हो जाएगा

रश्मी दीदी ने मेरा लंड अपने मुह में ले लिया और उसको चुसने लगी

लाला: अबे धक्के लगा उसके मुह मे.

लाला की बात सुनते ही मैंने रश्मी दीदी के मुह में धक्के लगाने लगा और उधर लाला रश्मी दीदी के गांड की छेद को बड़ा करने में लगा था. वो अपनी दोनों उँगली को रश्मी दीदी के गांड के अंदर बाहर कर रहा था. बीच बीच में वो अपने हाथ से रश्मी दीदी के चूतड पे चांटा भी मार देता.

जब से रश्मी दीदी लंड चुस्ने में मगन थी वो शांत थी. इस बात का लाला ने फायदा उठाया. उसने मोबाइल एक किनारे पर सेट कर दिया ताकि पूरे कमरे की रिकॉर्डिंग होती रहे और दीदी के डेसिंग टेबल पे पड़े हुए तेल की शीशी को उठा लिया और पूरी बोतल दीदी की फ़ैली हुयी चूतड पे गिरा दी और अपने हाथो से रश्मी दीदी की चूतड की और अपने लंड की मालिश करने लगा. जब उसने पूरा तेल दीदी की चूतर पे चुपड दिया फिर उसने अपनी उँगली फिर से रश्मी दीदी की गांड में घुसा दी. फिर दूसरी और फाइनली तीन उँगली रश्मी दीदी की गांड में घुसा कर लाला अंदर बाहर करने लगा.

दीदी मेरा लंड चुसने में लगी थी और तेल लगा होने की वजह से लाला की उँगली आसानी से रश्मी दीदी की गांड में घुस गई और अब लाला अपने तीनो उँगलियों को गोल बनाके अन्दर बाहर करने लगा जैसे की कोई लंड अंदर बाहर हो रहा हो.

जब लाला ने अपनी तीनो उँगली बाहर निकाली तो रश्मी दीदी की गांड की छेद एक बड़े होल की तरह लग रहा था. गांड फ़ैल गयी थी. लाला ने अपने सुपारे को रश्मी दीदी के गांड के उसकी गोल छेद पे टीका दिया.

URL]


मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था की कैसे लाला का इतना बड़ा लंड रश्मी दीदी के गांड के अंदर चला जायेगा लेकिन लाला तो उस्ताद आदमी था. रश्मी दीदी घोड़ी बनी हुयी थी और लाला ने मुझे इशारा किया की मैं रश्मी दीदी को आगे से थाम लूं और पीछे से लाला ने रश्मी दीदी के गांड के छेद में अपने लंड का सुपाडा टिका के दीदी की कमर को पकड़ा और एक तेज धक्का दे दिया. गांड के अंदर रास्ता पहले से ही बना था और उसपे तेल की चिकनाइ थी. लाला का लंड भी तेल से सना था. लाला के इस जोरदार धक्के से उसका लंड मेरी बहन की गांड को चीरता हुआ अंदर तक चला गया.
 
रश्मी दीदी दर्द से छटपटा उठी लकिन आगे से मैंने उन्हें थाम रखा था. रश्मी दीदी के आँख से आंसू निकलने लगे.

रश्मी दीदी: ओह्ह…मर गयी मैं…प्लीज मेरे गांड से अपना लंड निकाल लो

URL]


रश्मी दीदी ने मेरा लंड अपने मुह से निकाल के लाला से रिक्वेस्ट किया…लेकिन लाला ने अपने लंड को अंदर बाहर करना बंद नहीं किया और अपना हाथ बढाकर रश्मी दीदी की दोनों चूचियों को दबाने लगे और अपना प्रहार जारी रखा. रश्मी दीदी धीरे-२ शान्त होने लगी शायद उन्हें मजा आने लगा इसलिए उसने मेरा लंड फिर से अपने मुह में ले लिया और लाला से गांड मरवाने का मजा लेने लगी.

मै चुपचाप अपना लंड रश्मी दीदी से चुसवा रहा था लेकिन लाला को रश्मी दीदी की गांड मारते देख सोच रहा था की जब लाला ने मुझे प्लान समझाया था उनहोने रश्मी दीदी की गांड मारने की बात नहीं कि थी. केवल उनकी चूत लेने का प्लान था. लेकिन इस बक्त लाला रश्मी दीदी की चूत मारने से पहले उनकी गांड की बैंड बजा रहा था.

वैसे सच कहु तो मेरा मन भी दीदी की चौड़ी चूतड को देखकर उनकी गांड मारने का ही हो रहा था और लाला तो खिलाडी आदमी था.

लाला अपना लम्बा और मोटा लंड रश्मी दीदी की गांड में पूरा का पूरा एक ही धक्के में घुसा देता और फिर एक ही झटके में निकाल लेता… रश्मी दीदी की गांड अब ढीली हो गयी थी और जब लाला का लंड दीदी के गांड से निकलता तो वहां पे रेड रेड गोल होल दिखाई देता था और फिर धीरे धीरे वो होल बंद हो जाता था और जैसे ही गोला बंद होता लाला अपना लंड वहां पे लगा कर एक ही धक्के में अंदर कर देता.

लाला : जानेमन अब तो दर्द नहीं हो रहा है तुम्हे

रश्मी दीदी : न…ही

दीदी ने धीरे से लाला को जवाब दिया और फिर से मेरा लंड अपने मुह में ले लिया. मेरा मन हो रहा था की दीदी की चूत और गांड में अपना लंड डालु और मैंने लाला की तरफ देखा और इशारा किया क्योकि मुझे डर था की कही मैं रश्मी दीदी की मुह में ही डिस्चार्ज न हो जाउ.

लाला मेरा दर्द समझ गया और उसने अपना लंड रश्मी दीदी की गांड से निकाल लिया और मुझे इशारा किया की मैं उसका पोजीशन ले लू…
 
लाला : चल यहाँ आ जा तू भी मजा ले ले अपनी बहन का

लाला का इतना कहना था कि मैंने रश्मी दीदी की मुह से लंड निकाला और रश्मी दीदी के पीछे आ कर खडा हो गया और अपना लंड रश्मी दीदी की गांड से अपना टिकाये और एक जोरदार धक्का दिया. मेरा लंड सरसराता हुआ रश्मी दीदी की गांड में समां गया. ये मेरा पहला अनुभव था की मैंने अपना लंड किसी की गांड में डाला हो इसलिए उतेजना बहुत थी. मैंने रश्मी दीदी की चूतडो को हाथ में पकड़ा और अपना लंड आगे पीछे करने लगा.

लाला ने मेरा पोजीशन लिया और अपना लंड रश्मी दीदी की मुह में डाल दिया और रश्मी दीदी बिना रुके उनका लंड चुस्ने लगी. रश्मी दीदी को अब इस बात से भी कोई दिक्कत नहीं थी की उनका भाई अपनी दीदी की गांड मार रहा था.

कहते है एक बार जब बाँध टूट जाता है तो फिर पानी नहीं रुकता. रश्मी दीदी के साथ भी कुछ ऐसा ही था. जब वो मेरा लंड चूस चुकी थी और मेरे सामने उनकी गांड की सील टूट चुकी थी फिर क्या फ़र्क़ पड़ता है की वो भाई के लंड से चुद रही हो या किसी और के लंड से.

URL]


कुछ देर तक मैं ऐसे ही रश्मी दीदी की गांड मारता रहा. रश्मी दीदी लाला का लंड चुस्ती रही लेकिन आखिर दीदी की चूत में भी खुजली मचनी जरूरी थी और वो घोड़ी बनी हुई थक भी चुकी थी

रश्मी दीदी: प्लीज…मेरा पैर अब दुखने लगा है

दीदी ने लाला से रिक्वेस्ट किया और लाला ने दीदी का रिक्वेस्ट मान लिया. अब उसका भी मन रश्मी दीदी की चूत चोदने का था…

लाला : चलो ठीक है…अब हम बिस्तर पे लेट के करते है…

लाला ने अपने मोबाइल से हमारा सारा फकिंग सेशन रिकॉर्ड भी कर रहा था तो उसने मोबाइल बेड की तरफ सेट कर दिया और बिस्तर पे आकर लेट गया और उसने रश्मी दीदी को इशारा किया की वो उसके तने हुए लंड पे आके बैठ जाए…

रश्मी दीदी को लगा जैसे की उनकी जान बची हो. अब कम से कम उन्हें बिस्तर पे लेट के कुछ करना पडेगा और साथ में उनकी चूत की खुजलि भी शांत होगी.

इतनी देर हम लोग उनके गांड के पीछे ही पड़े थे लेकिन उनकी चूत में जो आग लगी थी उसे कोई शांत नहीं कर रहा है. लाला ने फोन के साथ साथ अपनी गन भी रख दी थी लेकिन दीदी को अब इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.

लाला बेड पे लेटा था लेकिन उसने अपना मास्क अभी तक नहीं निकाला था. उसका बड़ा सा लंड अभी भी बिलकुल खडा था और एक पोल की तरह से वर्टीकल तना था. रश्मी दीदी अपने पैरों को लाला के लंड के दोनों तरफ सेट की और फिर थोड़ी सी बैठी जिस से रश्मी दीदी की चूत लाला के लंड के सुपारे से लग गयी और उसके लंड को हाथ से पकड़ के रश्मी दीदी ने अपनी चूत पर सेट किया और थोड़ी सी बैठी. अभी वो बैठी ही थी की तेज दर्द हुआ उन्हें.

URL]


आज तक सच में किसी से चुदी नहीं थी बेचारी. भले ही चुदाई की उमर हो गई थी लेकिन उनका वो छेद अभी तक टाइट ही था. अच्छी बात ये थी की रश्मी दीदी की चूत गीली हो चुकी थी और उस गीलेपन की वजह से थोड़ी दिक्कत ही सही रश्मी दीदी धीरे धीरे लाला के लंड पे बैठती गयी और लाला का पूरा बड़ा सा लंड रश्मी दीदी ने अपने अंदर ले लिया.

जैसे ही लाला का पूरा लंड रश्मी दीदी की चूत में घुसा रश्मी दीदी थोड़ी देर तक शांत होके उसके लंड पे बैठी रही और जब उसे लगा की दर्द थोड़ा कम हो गया है और साथ में लाला ने भी उसकी चूचियों को अपने हाथ में पकड़के उसकी निप्पल्स को दबाना शुरू किया जिस से दर्द कम हो सके तो रश्मी दीदी में हिम्मत आयी और अब वो अपने चूतर को ऊपर उठा उठा के लाला के लंड पे दबाने लगी.

जब रश्मी दीदी अपना चूतर लाला के लंड से उठाती लंड बाहर आता और जैसे ही रश्मी दीदी अपनी बड़ी चूतर को नीचे लाती पूरा लंड अंदर उनकी चूत में समां जाता था. मेरे लिए बहुत ही मनमोहक सीन था. मैंने लाला का फोन उठा लिया और इस वक्त उन दोनों की चुदाई का क्लोज अप मैं उनके कैमरा में रिकॉर्ड कर रहा था.

URL]


रश्मी दीदी अब मज़े से लाला के लंड के ऊपर कूद रही थी और रूम में बहुत ही मनमोहक सीन था… सब के सब नंगे थे… मेरा लंड भी अभी तक खडा था और मुझे भी अपने लंड का माल निकालना था.
 
मैने लाला की तरफ देखा और उसने इशारा किया की रश्मी दीदी के पीछे आ जाउ. में उसकी बात समझ गया और दीदी के पीछे पहुच कर मैंने मोबाइल एक तरफ सेट करके रखा और अपना लंड रश्मी दीदी की गांड के छेद से लगा दिया.

रश्मी दीदी समझ गयी और वो लंड पे कूदती हुयी रुक गयी…

रश्मी दीदी: ये क्या कर कर रहे हो तुम

मै: वो मैं नहीं दीदी वो तो

मुझे समझ में ही नहीं आया की क्या कहें…

दीदी कहीं ये न समझ जाये की मैं अपनी मर्ज़ी से दीदी को चोद रहा हूँ तभी लाला ने मुझे बचा लिया

लाला: मैंने बोला है उसे ऐसा करने के लिये. क्यों मना कर रही हो… दो दो एक साथ नसीब वालो को मिलते है. लेकर देखो. बड़ा मजा आयेगा.

रश्मी दीदी कुछ बोली नहीं क्योकि अब वो भी इन सब का मजा लेना चाहती थी और मैंने अपने लंड को रश्मी दीदी के गांड के होल में पेल दिया…अब रश्मी दीदी अपने दोनों छेद में लंड लिए हुए थी…मैंने दीदी को आगे की तरफ लिटा दिया लाला के ऊपर और अपना लंड रश्मी दीदी की गांड में तेजी से पेलने लगा.

URL]


इस बार मेरे धक्के का फ़ोर्स ज्यादा था और मैंने अपना सारा वीर्य रश्मी दीदी की गाँड के छेद के अंदर गिरा दिया और अपना लंड बहार निकाल के खडा हो गया उनके बगल में. बेड पे पड़े हुए टॉवल को उठा के अपने लंड पे लगे हुए वीर्य को साफ़ करने लगा.
 
उधर मेरे उठते ही रश्मी दीदी फिर से लाला के लंड पे कूदने लगी और अचानक रश्मी दीदी की स्पीड भी कम हो गई. में समझ गया की रश्मी दीदी भी झर गयी है. उनके झरते ही लाला ने रश्मी दीदी को उल्टा कर दिया और बेड पे घोड़ी बना के अपना लंड दीदी की गांड में डाल दिया. मेरी तरह से वो भी कुछ धकके रश्मी दीदी की गांड में लगाने के बाद झड गया.

रश्मी दीदी की गांड मेरे और लाला के वीर्य से पूरा लबालब भरी हुई थी. अभी रश्मी दीदी बेड पे निढाल पड़ी थी और लाला उठ कर अपने कपडे पहनने लगा. रश्मी दीदी पूरी नंगी बेड पे लेटी थी शायद उनमे उठने का दम नहीं बचा था. दो दो मर्दो से इतनी चुदी थी आखिर वो…

लाला ने कपडे पहनने के बाद अपना कैमरा और गन अपने पॉकेट में रखा और रश्मी दीदी के पास जाकर अपना नकाब उतार कर उसने दीदी को चूमा. दीदी ने जब लाला का चेहरा देखा तो दीदी चौंक गयी.

लाला: जानेमन तुम्हे मजा आया की नही

रश्मी दीदी कुछ बोल नहीं पा रही थी लेकिन उनके चेहरे पे जो संतोष था उसको देखके कोई भी बोल सकता था की उसे आखिर में बहुत ही खुशी मिली थी. इतने सालों से उनकी चूत और गांड की गर्मी जो शांत हुयी थी.

फिर लाला ने फाइनली अपना लास्ट डायलाग मार ही दिया…

लाला : डार्लिंग तुम तो जानती ही हो की मैंने तुम्हारा वीडियो रिकॉर्ड कर लिया है. अगर किसी को भी कुछ बताने की कोशिश की तो इसे इंटरनेट पे डाल दूंगा की तुम अपने भाई से चुद्वाती हो.

रश्मी दीदी: प्लीज लाला ऐसा मत करना. जो तुम चाहते थे सब तो तुमने कर लिया. मैं किसी को कुछ नहीं बताऊँगी…

लाला : गुड गर्ल. मैं भी ये इंटरनेट पे नहीं डालुंगा. अखिर तुमने मेरी भी बरसो की भूख मिटाई है. मैने बहुत सी लड़कियों को चोदा लेकिन तुम स्पेशल हो… चलो फिर मिलते हैं. टेक केयर

और लाला अपने स्टाइल में हमारे फ्लैट से निकल गया…
 
मै अब क्या करता. अपनी रोनी सी सुरत बना के दीदी के पास बैठ गया…

मै: दीदी. मुझे माफ़ कर दो. मुझे तुम्हारे साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था.

रश्मी दीदी: अब जाके सो जाओ बाद में बात करेंगे.

मै : लेकिन आप मैं कुछ हेल्प करुं

रश्मी दीदी: मैं मैनेज कर लुंगी. तुम जाओ…हाँ…ये बात गलती से भी किसी से मत करना

मै : ओके दीदी

और मैं रश्मी दीदी के कमरे से निकल कर बाहर आ गया. रश्मी दीदी अभी तक बेड पे वैसे ही लेटी हुयी थी. ये अच्छी बात थी लाला ने रश्मी दीदी की चूत में अपना माल नहीं गिराया था…नहीं तो दीदी के लिए मुश्किल हो जाती… अभी वो अनमैरिड थी. दीदी को गोली वोली खानी पड़ती पर लाला ने दीदी को अपना चेहरा क्यों दिखाया मैं नहीं समझा.

रात को सोते बक्त देर तक मुझे नींद नहीं आयी. बार बार यह सोच कर अजीब फील होता की कल तक कभी दीदी के बारे में सोचा भी नहीं था और आज बडी आसानी से मैंने अपने लंड को दीदी की चूत और गांड में डाल दिया.

एक पल को बुरा भी लगा रहा था और दूसरे ही पल ये सोच के मन को बहला लेता की अगर दीदी की शादी हो चुकी होती तो दीदी ऐसे ही अपने पति से चुदती और वो भी रोज चुदाती… इसलिए क्या फर्क पड़ता है की मैंने दीदी को चोदा या लाला ने दीदी को चोदा.

तभी मेरे मोबाइल पे रिंग बजा और मैंने देखा तो लाला का ही फ़ोन था. मैंने मोबाइल अपने कान से लगाया. लाला : थैंक्स मोनू, तुम्हारी वजह से ही आज मैंने इतना लाजबाब सेक्स किया.

मै : इटस ओके लाला

लाला : तुम बहुत लकी हो इतनी हॉट माल तुम्हारे पास है…

मै : थैंक्स लेकिन तुमने दीदी को अपनी शक्ल क्यों दिखाई?

लाला : यार मैंने जब रश्मि को चोदा तो मुझे लगा की इससे एक बार में दिल नहीं भरेगा इसीलिए उससे अपनी पहचान बता दी. अभी भी मैं तुम्हारे दीदी का वीडियो देख के मुठ मार रहा हूँ.

मै : लाला भाई वो वीडियो डिस्ट्रॉय कर दीजियेगा…प्लीज

लाला : लेकिन अगर तुम्हारी दीदी कुछ करना चाहेगी तो इसी के दम पे डरा सकता हु…

मै : दीदी कुछ नहीं करेगी. आप जब मन हो उसे चोद लेना लाला भाई लकिन आप विडियो डिस्ट्रॉय कर दिजिये

लाला : ठीक है. एक बार और देख लेता हु फिर डिलीट कर दूंगा ओके.

मै: थैंक्स…लाला

लाला : गुड नाईट मोनू. कल फिर से आऊंगा तुम्हारी बहन चोदने. हा हा हा.

मै: यू अरे मोस्ट वेलकम लाला भाई.
 
मैने फिर फोन कट किया. मेरे मन में इस बात का डर था की कही लाला उस वीडियो को किसी और को न दिखाने लगे और इस तरह से मेरी दीदी के बदनामी का डर था…

यही सब सोचते हुए कब मुझे नींद आ गयी मुझे पता ही नहीं चला…

सूबह जब रश्मी दीदी ने मुझे जगाया तो जाके मेरी आँख खुली. रश्मी दीदी पूरी फ्रेश दिख रही थी.

मै: गुड मॉर्निंग दीदी…

रश्मी दीदी : गुड मॉर्निंग. देखो सुबह के ९ बज गए. क्या तुम्हे कॉलेज नहीं जाना है…

मै : जाना है दीदी, पता नहीं मेरी नींद ही नहीं खुली

और ये बोलते हुए मैंने बिस्तर से उतरके सीधे टॉइलेट में घुसा…

थोड़ि देर बाद मैं टॉइलेट से नहा धो के बाहर आया… देखा दीदी नास्ते के साथ टेबल पे बैठी हुयी थी…

मैने कपडा पहने और टेबल पे आ गया दीदी के साथ नाश्ता करने…

मै : दीदी आज तो आपको भी लेट हो गया है

रश्मी दीदी : मैंने तो छुट्टी ले ली है.

मै : तबियत ठीक नहीं है क्या दीदी.

रश्मी दीदी: कैसे अन्जान बन रहे हो तुम.

मै : क्या

रश्मी दीदी : एक तो पहले ही काफी थक गयी थी और रात को सोने भी नही दिया तुम लोगो ने. बहुत ही मस्त होके मेरी ले रहे थे तुम. पर एक बात बताओ की कल रात को लाला घर के अंदर कैसे आया.

मै : शायद मैं डोर लॉक करना भूल गया था.

रश्मी दीदी : नहीं डोर तो लॉक था. मैंने खुद सोने से पहले चेक किया था. तुमने खोला था न दरवाजा लाला के लिए. ये सब तुम्हारी मर्जी से हुआ न, तभी तो उसके पिस्तौल रखने के बाद भी तुम मेरी ले रहे थे वरना तुम वो पिस्तौल उठा कर उसे रोक भी सकते थे.

मैं समझ गया की दीदी सारी बात समझ गयी हैं. मेरी चोरी पकड़ी गयी है. मैंने बोला सॉरी दीदी.

रश्मी दीदी: तेरे सॉरी से क्या होता है. तूने देखा न की उसने मेरा विडियो बना लिया है और तूने खुद भी उसका पूरा साथ दिया मेरा विडियो बनाने में. लाला की नज़र बहुत पहले से मुझपे थी. अब लाला मेरे विडियो से न जाने क्या करेगा.

मै : आप चिंता मत करो वो विडियो मैं डिलीट करवा दूंगा बस आप आज लाला से सेक्स के लिए मना मत करना. वो रात को आपको चोदने आयेगा.

रश्मी दीदी: आज क्या कभी मना नहीं करूंगी बस तू वो विडियो डिलीट करवा दे.

मैने रश्मी दीदी की मुह से पहली बार ऐसे ओपेनली बात करते सुना था लेकिन मुझे खुशी थी की दीदी अब खुल जाये.

मै : आपको काफी दर्द हो रहा है दीदी?

रश्मी दीदी: तो पागल दर्द नहीं करेगा जिस तरह से तुमने और उस लाला ने मेरी गांड की बैंड बजाई है… मुझसे न तो बैठा जा रहा है न ही खडा हुआ जा रहा है

मै : लेकिन उस बक्त तो आप भी मजे से अपना बैंड बजबा रही थी

मै भी खुल के दीदी से बात करने लगा… मैंने सोच लिया था की मौका है की दीदी से ये सब बाते खुल के करूँ और जब मन हो अपनी भूख उनसे मिटाऊ और उनको भी शांत करुं

रश्मी दीदी : २४ साल की हो गयी हूँ और अभी तक मैंने किसी के लंड का स्वाद नहीं चखा था सिवाय अपने सीनियर के लंड चुस्ने के अलावा

मै : मैं गलत नहीं मान रहा दीदी…मैं समझता हु की आखिर बॉडी की भूख भी होती है…उसको मिटाना भी जरूरी है

रश्मी दीदी: अरे वाह मेरा भाई तो बहुत समझदार है

मैं: तुम अब शादी कर लो दीदी…

रश्मी दीदी: मुझे शादी की क्या जरूरत है जब तक मेरा भाई मेरे साथ है

मै : मैं समझा नहीं दीदी?

रश्मी दीदी : मेरे भाई के पास भी तो लंड है जो किसी और के पास के पास होगा तो तुमसे ही मेरी प्यास बूझ जायेगी तो क्यों जाऊ किसी और के पास. और फिर लाला इतनी आसानी से मुझे छोड़ेगा?

मै : लेकिन दीदी

रश्मी दीदी : लेकिन वेकिन कुछ नही तू अपनी दीदी को खुश करता रहेगा. जा अब कॉलेज जा.
 
रश्मी दीदी को रात में हुए जोरदार चुदाई से कोई दिक्कत नहीं थी. न ही उसे इस बात से परेशानी थी की वो मेरे लंड से भी चूदी थी. रश्मी दीदी अब मुझसे काफी खुल गयी थी और अभी ब्रेकफास्ट टेबल पे मुझसे ओपेनली चुदाई की बात कर रही थी और मेरे लंड की तारीफ कर रही थी. मैंने दीदी से कहा आज मैं भी कॉलेज नहीं जाता. आपके साथ एक बार और...

रश्मी दीदी : जैसी तेरी मर्ज़ी.

जैसे ही रश्मी दीदी की तरफ से मुझे ग्रीन सिग्नल मिला मैंने रश्मी दीदी को अपने गोद में बिठा लिया और उनकी दोनों चूचियों को अपने हाथो में भरकर दबाने लगा. इस वक्त रश्मी दीदी के चूचियों को दबाने में ज्यादा मजा आ रहा था क्योकि दीदी अपने मन से अपनी चूचियां मसलवा रही थी.

रश्मी दीदी के बड़े और चौड़े चूतड मेरे लंड के ऊपर थे और उनके दबाव से मेरा लंड खडा होने लगा और कुछ ही पल में खडे होकर रश्मी दीदी की गांड में जोर मारने लगा

रश्मी दीदी को अपनी चूचियां मसलवाने में मजा आ रहा था और वो धीरे धीरे आहःह आह…की आवाज़ निकाल रही थी…

रश्मी दीदी ने इस वक्त टॉप पहना हुआ था जिसके नीचे से हाथ डाल के मैं दीदी के दोनों मम्मो को ब्रा के ऊपर से पकड़ के दबाने लगा. हम इस वक्त चेयर पे बैठे हुए थे जिस पे हमे दिक्कत हो रही थी

रश्मी दीदी ने इस बात का इशारा किया…

रश्मी दीदी: सोफ़े पे चलो यहाँ दिक्कत हो रही है

मै: ओके दीदी…

फिर हम दोनों वहां से उठ के सोफ़े पे आ गए और रश्मी दीदी वहां आकर लेट गयी और उनने अपने लेग्स फैला लिए.

रश्मी दीदी की स्कर्ट को मैंने ऊपर कर दिया और वो सोफ़े पे अपनी जांघे फ़ैलाये हुए लेटी थी और उसकी चूत झीनी सी ब्लैक कलर की पेंटी में छुपी हुयी थी

URL]


मै रश्मी दीदी के जाँघों के बीच लेट गया और मैंने दीदी की पेंटी को थोड़ा सा हटाया और अपनी उगली को दीदी की चूत के ऊपर घुमाने लगा. रश्मी दीदी आँख बंद किये हुए इसका मजा ले रही थी.

मैने अपनी ऊँगली को थोड़ा सा ऊपर से फेरा उनकी चूत पे फिर उँगली को दीदी की चूत के अंदर कर दिया. रश्मी दीदी की मुह से सिसकारी निकल गयी.

मैने अपनी उँगली को दो-तीन बार अंदर बाहर किया जैसे ही मेरी उँगली गीली हो गयी मैंने उसे बाहर कर लिया अब दीदी की चूत से पानी निकलने लगा था.

मैने अपने मुह को रश्मी दीदी की चूत पर लगाया और उसे अपनी जीभ से चाटने लगा…

URL]


रश्मी दीदी आंखे बंद किये हुए ओह्ह…आहः किये जा रही थी. वो मजे में हवा से बातें कर रही थी और बीच बीच में अपनी चूतड उठा के इस बात का एहसास करा रही थी.

मैने इस तरह से कुछ देर तक रश्मी दीदी की चूत के साथ अपनी जीभ से भरपूर मजा लिया और दीदी के ऊपर आकर उनका टॉप निकाल दिया और उनकी ब्रा को भी उतार दिया.

उनकी बड़ी बड़ी चूचियां खुले में मेरे ऑंखों के सामने थी और मैंने अपने दोनों हाथ उसपे टिकाये और उसे बहुत ही प्यार से दबाने लगा. बीच बीच में रश्मी दीदी के निप्पल्स को मुह में ले के चुसने लगा

रश्मी दीदी पूरी तरह से गरम हो गयी थी तभी बेल बजी. दीदी ने बोला छोड़ उसको अब बीएस पेल दे. मैंने बोला दो मिनट दीदी. जो भी हो मैं भगा के आता हूँ. तुम बेडरूम में जाओ. दीदी बेडरूम में चली गयी तो मैंने कपडे पहन कर दरवाजा खोला. सामने लाला था. वो बोला अरे आज कॉलेज नहीं गया.
 
मैं: नहीं. कुछ काम था क्या?

लाला अंदर आ गया. उसने सोफे पर पड़े हुए रश्मि दीदी के कपडे देखे और मुस्कुराते हुए बोला "सही टाइम पर आया मैं. रश्मि को चोद रहा था न."

लाला की आवाज सुनकर दीदी भी ब्रा पेंटी पहन कर बाहर आ गयी.

URL]


लाला दीदी को देख कर बोला अरे तुम भी काम पर नहीं गई जानेमन

रश्मी दीदी : जाने लायक छोड़ा था तुम दोनों ने... सुबह सुबह कैसे?

लाला : नाश्ते में तुम्हे खाने का दिल कर रहा था जान.

रश्मि दीदी : अब पूछना क्या? मुझ पर तुम लोगो का पूरा हक है लेकिन पहले वो विडियो...

लाला ने अपना फोन दीदी को दे दिया और बोला अपने हाथो से डिलीट कर दो डार्लिंग.

दीदी ने फ़ोन से सारे विडियो और फोटो डिलीट किये और लाला से पुछा कोई कॉपी तो नही बनाई न.

लाला : इतना शक मत किया करो मेरी जान.

रश्मी दीदी अपनी ब्रा और पेंटी उतारते हुए बोली : तो फिर ठीक है चल अब जल्दी से पेल दे अन्दर.

इतना सुनते ही लाला ने अपने कपडे उतारे और दीदी को पकड़ कर उनके मुह में लौड़ा ठूस दिया. इधर मुझसे भी सब्र नहीं हो रहा था और मैंने भी कपडे उतार कर अपने लंड को दीदी के लाला के लंड से भरे मुंह से लगाया तो दीदी ने लाला का अभी-अभी मुंह में लिया लंड छोड़ कर मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया. लेकिन लाला ने दुबारा दीदी के मुंह का पीछा करते हुए अपने लंड को उसके होठों से लगा दिया.

अब रश्मी दीदी उहापोह की स्थिति में आ गई कि किसका लंड चूसे. उसके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं था, सिवाय इसके कि वो दोनों लंडों को एक साथ अपने मुंह में घुसवा ले और मेरी समझदार बहन ने ऐसा ही किया. वो अपना मुंह चौड़ा खोलकर दोनों लंडों को अपने मुंह में घुसवाने लगी, लाला और मैं सावधानीपूर्वक धक्के लगते हुए रश्मि दीदी का मुंह चोदने लगे.

URL]


सिर्फ हमारे टोपे ही एकसाथ रश्मी दीदी के मुंह में घुस पा रहे थे लेकिन रश्मी दीदी पूरी लगन के साथ उन्हें अपनी नर्म गर्म गुलाबी जीभ से चाटती जा रही थी.

कुछ देर बाद हमारे लंडों को दीदी के मुंह में पूरा अन्दर घुसने की इच्छा जोर पकड़ने लगी और हम बारी-बारी से अपने लंडों को उसके होठों के बीच घुसा कर बाहर निकालने लगे.
 
Back
Top