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Guest
मयूरी- माँ… बात को समझो… वो दोनों भी आपको चोदना चाहते हैं… घर की बात घर में रहेगी बस… पापा तो दिन भर बाहर रहते हैं… किसी को कुछ पता नहीं चलेगा कभी… और अगर पापा को पता चल भी गया किसी तरह से तो वो क्या कर सकते हैं… किसी को बाहर बता तो सकते नहीं… वैसे उनको कभी पता ही नहीं चलेगा… कुछ नहीं होगा माँ!
शीतल- नहीं मयूरी… तेरे पापा को अगर पता चल गया तो गज़ब हो जायेगा.
मयूरी- माँ… अगर उनको पता चल गया तो मैं वादा करती हूँ… कि मैं उनको समझा दूंगी.
शीतल- कैसे… तू कैसे उनको समझा पायेगी बेटा कि उनकी पत्नी अपने खुद के दो बेटों से एक साथ चुदती है?
मयूरी मुस्कुराते हुए- माँ… मैं आपको कम लगती हूँ क्या? मैं जवान हूँ और खूबसूरत हूँ… पापा चाहे जो भी हों… हैं तो एक मर्द ही न… अपनी चूचियां जब उनके आँखों के सामने खोल दूंगी ना तो जीभ बाहर निकलकर कुत्ते की तरह मेरी हर बात मानेंगे… अगर अपनी पैंटी खोलकर अपनी जांघें उनकी नाक के करीब रख दूँ ना… तो जो कहूं वो करेंगे… पापा हैं तो क्या… हैं तो एक मर्द ही न…
शीतल मुस्कुराती हुई- मतलब तू अपने पापा को अपनी चूचियों और चूत से मना लेगी?
मयूरी- हाँ… बिल्कुल!
शीतल- तो एक काम कर… तू अपने पापा को पटाने की कोशिश कर और मैं अपने बेटों को…
मयूरी- क्या बात कर रही हो माँ… मतलब आप अपने पति को मेरे हवाले कर रही हो? आपको जलन नहीं हो रही?
शीतल- जलन कैसी… तू कितने दिन तक मेरे पति को चोद पायेगी… दो या तीन साल… फिर तो तेरी शादी हो जाएगी… तू जाएगी अपने पति के घर… और मेरा पति फिर से सिर्फ मेरा… और बदले में मुझे दो-दो नए लंड मिलेंगे… जीवन भर के लिए.
मयूरी- बात तो एकदम पते की है माँ… क्या सोच है आपकी…
और दोनों नंगी माँ-बेटी जोर से खिलखिला कर हंसने लगी.
फिर शीतल ने अपना अगला सवाल किया- अच्छा एक बात बता?
मयूरी- हाँ.. माँ?
शीतल- मुझे अपने बेटों को पटाने के लिए, उनका लंड अपनी चूत में डलवाने के लिए करना क्या होगा?
मयूरी- आपको कुछ नहीं करना माँ… वो दोनों तो पटे-पटाये हुए हैं… वो दोनों तो पहले से ही आपके लिए पागल हैं… आपको बस उनको अपने इस कामुक शरीर से आमंत्रण देना है कि वो आएं और इसका भोग करें.
शीतल- और ये कैसे होगा?
मयूरी- आप ना बस उनको अपनी इन प्यारी-प्यारी चूचियों के दर्शन कराओ, अपनी इस गांड के दर्शन कराओ और अपने शरीर को उनके शरीर से सटाओ और उनको अहसास कराओ कि आप भी अपना ये शरीर उनके हवाले करना चाहती हैं… और आप तो माँ हैं… आपके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है… माँ का प्यार दिखने के बहाने महबूबा बन जाओ बस…
और दोनों फिर खिलखिलाकर हंस पड़ी.
अगले एक घंटे में दोनों ने फिर से एक दूसरी के साथ कई बार लेस्बियन सेक्स किया और फिर कपड़े पहन कर तैयार हो गयी क्योंकि विक्रम के घर आने का वक्त हो चला था.
शीतल- नहीं मयूरी… तेरे पापा को अगर पता चल गया तो गज़ब हो जायेगा.
मयूरी- माँ… अगर उनको पता चल गया तो मैं वादा करती हूँ… कि मैं उनको समझा दूंगी.
शीतल- कैसे… तू कैसे उनको समझा पायेगी बेटा कि उनकी पत्नी अपने खुद के दो बेटों से एक साथ चुदती है?
मयूरी मुस्कुराते हुए- माँ… मैं आपको कम लगती हूँ क्या? मैं जवान हूँ और खूबसूरत हूँ… पापा चाहे जो भी हों… हैं तो एक मर्द ही न… अपनी चूचियां जब उनके आँखों के सामने खोल दूंगी ना तो जीभ बाहर निकलकर कुत्ते की तरह मेरी हर बात मानेंगे… अगर अपनी पैंटी खोलकर अपनी जांघें उनकी नाक के करीब रख दूँ ना… तो जो कहूं वो करेंगे… पापा हैं तो क्या… हैं तो एक मर्द ही न…
शीतल मुस्कुराती हुई- मतलब तू अपने पापा को अपनी चूचियों और चूत से मना लेगी?
मयूरी- हाँ… बिल्कुल!
शीतल- तो एक काम कर… तू अपने पापा को पटाने की कोशिश कर और मैं अपने बेटों को…
मयूरी- क्या बात कर रही हो माँ… मतलब आप अपने पति को मेरे हवाले कर रही हो? आपको जलन नहीं हो रही?
शीतल- जलन कैसी… तू कितने दिन तक मेरे पति को चोद पायेगी… दो या तीन साल… फिर तो तेरी शादी हो जाएगी… तू जाएगी अपने पति के घर… और मेरा पति फिर से सिर्फ मेरा… और बदले में मुझे दो-दो नए लंड मिलेंगे… जीवन भर के लिए.
मयूरी- बात तो एकदम पते की है माँ… क्या सोच है आपकी…
और दोनों नंगी माँ-बेटी जोर से खिलखिला कर हंसने लगी.
फिर शीतल ने अपना अगला सवाल किया- अच्छा एक बात बता?
मयूरी- हाँ.. माँ?
शीतल- मुझे अपने बेटों को पटाने के लिए, उनका लंड अपनी चूत में डलवाने के लिए करना क्या होगा?
मयूरी- आपको कुछ नहीं करना माँ… वो दोनों तो पटे-पटाये हुए हैं… वो दोनों तो पहले से ही आपके लिए पागल हैं… आपको बस उनको अपने इस कामुक शरीर से आमंत्रण देना है कि वो आएं और इसका भोग करें.
शीतल- और ये कैसे होगा?
मयूरी- आप ना बस उनको अपनी इन प्यारी-प्यारी चूचियों के दर्शन कराओ, अपनी इस गांड के दर्शन कराओ और अपने शरीर को उनके शरीर से सटाओ और उनको अहसास कराओ कि आप भी अपना ये शरीर उनके हवाले करना चाहती हैं… और आप तो माँ हैं… आपके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं है… माँ का प्यार दिखने के बहाने महबूबा बन जाओ बस…
और दोनों फिर खिलखिलाकर हंस पड़ी.
अगले एक घंटे में दोनों ने फिर से एक दूसरी के साथ कई बार लेस्बियन सेक्स किया और फिर कपड़े पहन कर तैयार हो गयी क्योंकि विक्रम के घर आने का वक्त हो चला था.