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राम्या को बहुत अच्छा लग रहा था जिस कारण उसकी सांस तेज होने लगी और उसकी चूचियां उपर नीचे होना शुरू हो गई जिन्हे देख कर माही के होंठो पर स्माइल अा गई और उसने राम्या की जांघो को अंदर तक सहलाना शुरु कर दिया तो राम्या की चूत से रस टपक कर उसकी पेंटी को गीली करने लगा तो राम्या ने शर्म के मारे अपनी टांगे को बंद कर दिया।
माही ने उसकी जांघो को खोल दिया और बोली:*
" राम्या देख मुझे मालिश करने दे, नहीं तो तुझे बाद में दर्द होगा।
राम्या ने फिर से अपने जिस्म को ढीला छोड़ दिया और अब माही की छुवान का आनंद लेने लगी। माही ने उसकी मैक्सी को और उपर उठा कर उसके मुंह पर डाल दिया तो ब्रा ना होने के कारण राम्या की चूचियां उछल कर बाहर आ गई। माही ने अपनी मैक्सी को भी उतार दिया और राम्या की टांगो के बीच पूरी तरह से नंगी होकर बैठ गई।
जैसे ही राम्या को माही की नंगी जांघों का एहसास हुआ तो उसके मुंह से एक मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी। माही को राम्या की हालत पता चल गई और उसने आगे होते हुए राम्या की चूचियों को हाथ में भर लिया और अपनी चूत को राम्या की चूत पर पेंटी के उपर से ही रगड़ने लगी।
राम्या के हाथ आगे बढ़े और उसने माही को अपने ऊपर खींच लिया तो माही ने उसकी मैक्सी उतार कर फेंक दिया और दोनो के होंठ आपस में जुड़ गए। दोनो की चूचियां एक दूसरे से बात कर रही थी, निप्पल एक दूसरे को चूम रहे थे। माही ने राम्या की पेंटी को खींचा तो राम्या ने अपनी टांगे खोल दी और जल्दी ही दोनो पूरी नंगी होकर एक दूसरे को चूम रही थी। राम्या की चूत माही की चूत से रगड़ रही थी जिससे दोनो की सिसकियां घर में गूंज उठी। काम्या गेट पर अाई तो वो भी अपने कपड़े उतार कर माही के उपर चढ़ गई।
तीनो पूरी बेशर्म हो गई और एक दूसरे की की चूत चाट रही थी। माही काम्या की चूत और काम्या राम्या की चूत चाट रही थी। काम्या नहीं चाहती थी कि माही राम्या की चूत देखे क्योंकि उसे पता चल जाता कि वो समर से चुद चुकी है।
माही : आह मम्मी, उफ्फ राम्या बता ना मेरी जान, क्या चाहिए तुझे? क्यों दुखी हैं इतनी?
राम्या ने माही की चूत में जड़ तक उंगली घुसा दी और बोली:"
" आह उफ्फ, नहीं आप नहीं दे पाओगे, रहने दो।
माही रम्या की चूची दबाते हुए:" उफ्फ ये गोल गोल चूचियां, तेरे लिए तो मेरी जान भी हाज़िर है, तू मांग कर तो देखो
राम्या उसकी चूत में उंगली अंदर बाहर करते हुए:" मुझे आपकी जान ही तो चाहिए।
काम्या माही की चूचियों को दबाने लगती हैं तो माही का मजा बढ़ जाता है और वो सिसकते हुए बोली;:"
" हाय मेरी जान तो समर हैं, उफ्फ तुझे वो चाहिए!
राम्या उसकी चूत की कलिट रगड़ते हुए:"
" हान मुझे समर चाहिए, उसका प्यार चाहिए, बांट सकती हो क्या उसे मेरे साथ ? ।
माही:" उफ्फ राम्या तू तो मेरी जान हैं, उसका लंड नहीं लोला हैं, क्या तू झेल पायेगी , सोच ले फिर से मिस इंडिया ?
राम्या: मेरा भाई है, उसे मुझसे अच्छा कौन झेल सकता है, एक ही खून हैं हमारे अंदर।
माही:" जा आज से समर दोनो का हुआ, लेकिन उसे कैसे राजी करोगी?
काम्या:" उफ्फ माही तू ही बात करना उससे, कल अा रहा है वो!!
माही:" मम्मी मुझसे ना हो पायेगी, लड़की आपकी हैं, खुद मानना उसे।
तीनो की चूत में उबाल सा आने लगा था इसलिए तीनो आह भरते हुए एक साथ झड़ गई। पूरी रात उसकी मस्ती चलती रही ।
अगले दिन समर घर अा चुका था और पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
समर:" क्या हुआ राम्या कमजोर सी हो गई है?
राम्या:" हान भाई, तेरे जाने के बाद मन नहीं लगा रहा था इसलिए।
समर:" इधर अा मेरे पास,
राम्या उसके पास चली गई तो समर ने उसे अपने गले से लगा लिया तो राम्या भी उससे लिपट गई। माही और काम्या ये सब मुस्कुरा उठी। ये उनका ही प्लान था इसलिए दोनो किचन की तरफ जाने लगी और राम्या बोली:"
" संभाल अपनी लाडली को, बहुत याद करती है तुझे,
इतना कहकर काम्या किचेन में चली गई तो समर और रम्या उपर की तरफ अा गए और राम्या बोली:".
" भाई भाभी और मा दोनो मान गई है मेरी तुझसे शादी कराने के लिए।
माही ने उसकी जांघो को खोल दिया और बोली:*
" राम्या देख मुझे मालिश करने दे, नहीं तो तुझे बाद में दर्द होगा।
राम्या ने फिर से अपने जिस्म को ढीला छोड़ दिया और अब माही की छुवान का आनंद लेने लगी। माही ने उसकी मैक्सी को और उपर उठा कर उसके मुंह पर डाल दिया तो ब्रा ना होने के कारण राम्या की चूचियां उछल कर बाहर आ गई। माही ने अपनी मैक्सी को भी उतार दिया और राम्या की टांगो के बीच पूरी तरह से नंगी होकर बैठ गई।
जैसे ही राम्या को माही की नंगी जांघों का एहसास हुआ तो उसके मुंह से एक मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी। माही को राम्या की हालत पता चल गई और उसने आगे होते हुए राम्या की चूचियों को हाथ में भर लिया और अपनी चूत को राम्या की चूत पर पेंटी के उपर से ही रगड़ने लगी।
राम्या के हाथ आगे बढ़े और उसने माही को अपने ऊपर खींच लिया तो माही ने उसकी मैक्सी उतार कर फेंक दिया और दोनो के होंठ आपस में जुड़ गए। दोनो की चूचियां एक दूसरे से बात कर रही थी, निप्पल एक दूसरे को चूम रहे थे। माही ने राम्या की पेंटी को खींचा तो राम्या ने अपनी टांगे खोल दी और जल्दी ही दोनो पूरी नंगी होकर एक दूसरे को चूम रही थी। राम्या की चूत माही की चूत से रगड़ रही थी जिससे दोनो की सिसकियां घर में गूंज उठी। काम्या गेट पर अाई तो वो भी अपने कपड़े उतार कर माही के उपर चढ़ गई।
तीनो पूरी बेशर्म हो गई और एक दूसरे की की चूत चाट रही थी। माही काम्या की चूत और काम्या राम्या की चूत चाट रही थी। काम्या नहीं चाहती थी कि माही राम्या की चूत देखे क्योंकि उसे पता चल जाता कि वो समर से चुद चुकी है।
माही : आह मम्मी, उफ्फ राम्या बता ना मेरी जान, क्या चाहिए तुझे? क्यों दुखी हैं इतनी?
राम्या ने माही की चूत में जड़ तक उंगली घुसा दी और बोली:"
" आह उफ्फ, नहीं आप नहीं दे पाओगे, रहने दो।
माही रम्या की चूची दबाते हुए:" उफ्फ ये गोल गोल चूचियां, तेरे लिए तो मेरी जान भी हाज़िर है, तू मांग कर तो देखो
राम्या उसकी चूत में उंगली अंदर बाहर करते हुए:" मुझे आपकी जान ही तो चाहिए।
काम्या माही की चूचियों को दबाने लगती हैं तो माही का मजा बढ़ जाता है और वो सिसकते हुए बोली;:"
" हाय मेरी जान तो समर हैं, उफ्फ तुझे वो चाहिए!
राम्या उसकी चूत की कलिट रगड़ते हुए:"
" हान मुझे समर चाहिए, उसका प्यार चाहिए, बांट सकती हो क्या उसे मेरे साथ ? ।
माही:" उफ्फ राम्या तू तो मेरी जान हैं, उसका लंड नहीं लोला हैं, क्या तू झेल पायेगी , सोच ले फिर से मिस इंडिया ?
राम्या: मेरा भाई है, उसे मुझसे अच्छा कौन झेल सकता है, एक ही खून हैं हमारे अंदर।
माही:" जा आज से समर दोनो का हुआ, लेकिन उसे कैसे राजी करोगी?
काम्या:" उफ्फ माही तू ही बात करना उससे, कल अा रहा है वो!!
माही:" मम्मी मुझसे ना हो पायेगी, लड़की आपकी हैं, खुद मानना उसे।
तीनो की चूत में उबाल सा आने लगा था इसलिए तीनो आह भरते हुए एक साथ झड़ गई। पूरी रात उसकी मस्ती चलती रही ।
अगले दिन समर घर अा चुका था और पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
समर:" क्या हुआ राम्या कमजोर सी हो गई है?
राम्या:" हान भाई, तेरे जाने के बाद मन नहीं लगा रहा था इसलिए।
समर:" इधर अा मेरे पास,
राम्या उसके पास चली गई तो समर ने उसे अपने गले से लगा लिया तो राम्या भी उससे लिपट गई। माही और काम्या ये सब मुस्कुरा उठी। ये उनका ही प्लान था इसलिए दोनो किचन की तरफ जाने लगी और राम्या बोली:"
" संभाल अपनी लाडली को, बहुत याद करती है तुझे,
इतना कहकर काम्या किचेन में चली गई तो समर और रम्या उपर की तरफ अा गए और राम्या बोली:".
" भाई भाभी और मा दोनो मान गई है मेरी तुझसे शादी कराने के लिए।