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32 खेल-खेल में
सोनिया ने हैरान होकर उसकी तरफ़ देखा और राज ने बात आगे बढ़ाई। “जब मैं मम्मी को चोदता हूं तो भी ये ऐसे ही करती है, और फिर मम्मी? वो तो सातवें आसमान पर पहुं जाती हैं! मम्मी को एक ही वक़्त पर मुझसे चूत चुदवाना और डॉली से चूत चटवाना बड़ा अच्छा लगता है।”
“स : सच ? तुम्हारी माँ डॉली से अपनी चूत चटवाती हैं ?”, सोनिया ने दम भरते हुए पूछा।
“अरे अट्ठारह आने सच! जब मैं घर पर न हूं दो दोनों एक दूसरे की चूत चाटती हैं। चाहो तो कभी खुद चल कर देख लेना !” | सोनिया ने राज की माँ और बहन को अंग्रेजी की 69 मुद्रा में एक दूसरे से लिपटे हुए तसव्वुर किया। उस बेहूदा खयाल ने उसकी चूत के चोचले में पुर - जोश नये सिरे से करन्ट दौड़ा दिया। | डॉली की आवाज ने उसके तसव्वुर में खलल डाला। वो अपना सर ऊपर उठा कर अपने भाई से कह रही थी “भाई, प्लीज अपने लट्ट जैसे मोटे लन्ड को थोड़ी जेहमत दीजिये और सोनिया की चूत से बाहर निकालिये, ताकि मैं तुम दोनों की ठीक से खिदमत कर सकूँ ?”
राज गर्दन पलट कर अपने कन्धे के ऊपर से उसे देखा और मुस्कुराया।
लो, मुझे भूखा बुलाती थी, और अब खुद चाटना चाहती है ?”
डॉली ने खिलखिलाते हुए अपने भाई के चूत में गड़े लन्ड को अपने मुँह मे लिया और अपने दाँतों में पकड़ कर चूत के बाहर खींचने लगी।
“आ आ! कुतिया,! चबाती क्यों है ? दर्द होता है !”, वो हँसा। “कितनी बार कहा है भाई के लन्ड के साथ जरा मुहब्बत से, आहिस्ता खेला कर !”
राज अपना टपकता हुआ लम्बा लन्ड सोनिया की गरम चूत की गिरफ़्त से सलाप! की आवाज के साथ खींच कर बाहर निकाला और उसके बाजू में बिस्तर पर ढेर हो गया। सोनिया लपक कर उसके सीने पर लेट गयी और उससे चिमट कर अपनी गोरी जाँघों के बीच उसके लन्ड को दबोच लिया। राज का लन्ड उसकी कुछ ही पल पहले बुरी तरह से चुदी चूत के कुछ ही इन्च दूर था। जैसे ही राज का लन्ड सोनिया की चूत के कब्जे से स्प्रिंग की तरह फुदक कर आजाद हुआ, उसकी बहन डॉली ने बड़ी फुर्ती से आगे झुक कर अपने भाई के लम्बे, लसलसाते हुए, काले लन्ड को अपने कमसिन मुँह में दबोच लिया था। अप्ने गाल को सोनिया की रिसती चूत पर टेक कर डॉली राज के लन्ड और टटॐ पर फैले हुए वीर्य और चूत के तेल के महकाते शराब से घोल को चाट रही थी। | सोनिया अपनी चूत के चोचले पर पड़ते दबाव से और ताव खा कर अपनी कमर को चक्कर लगाकर बलखाती हुई अपनी हवस - अंगेज चूत के खुले होंठों को डॉली के गाल पर मसल रही थी।
“ओह्ह अमममम! मजा आ गया!”, वो अपने नारंगी जैसे रसीले गोल पुख्ता मम्मों को राज के टटोलते मुं में दबाती हुई कराही। प्यासे मेमने की तरह राज को अपने छोटे-छोटे सख्त निप्पलों को चूसते देख कर उसकी चूत में जुबिश हो रही थी। सोनिया ही हवसनाक कराहटों को सुनकर डॉली ने अपने होंठ भाई के लन्ड से जुदा किये और लपक कर अपना मुँह लौन्डिया की फड़कती चूत पर दे डाला। सोनिया ने जिस हितानी लहजे से अपनी जीभ को उसकी चूत में घुसाया था और जैसे वहशियाना अंदाज से उस जीभ ने उसके चोचले को छुआ था, उससे सोनिया के पूरे जिस्म में बेखुदी की लहरें उठ गयी थी।
“ओह डॉली ! उहहहनघनघ! आह! और चूस, हरामजादी !” वो जोर से चीखी। उसका चोचला डॉली की जीभ पर कर कड़ा होता जा रहा था। सोनिया ने इससे पहले किसी से अपनी चूत नहीं चटवायी थी। यहाँ तो एक लड़की ही उसकी चूत चाट रही थी! पर इस वक़्त तो वो अपनी लबालब चूत को डॉली के पुचकारते मुँह पर दबा दबा कर कस रही थी, जैसे इस फ़न में पुरानी उस्तादी हो!
सोनिया ने हैरान होकर उसकी तरफ़ देखा और राज ने बात आगे बढ़ाई। “जब मैं मम्मी को चोदता हूं तो भी ये ऐसे ही करती है, और फिर मम्मी? वो तो सातवें आसमान पर पहुं जाती हैं! मम्मी को एक ही वक़्त पर मुझसे चूत चुदवाना और डॉली से चूत चटवाना बड़ा अच्छा लगता है।”
“स : सच ? तुम्हारी माँ डॉली से अपनी चूत चटवाती हैं ?”, सोनिया ने दम भरते हुए पूछा।
“अरे अट्ठारह आने सच! जब मैं घर पर न हूं दो दोनों एक दूसरे की चूत चाटती हैं। चाहो तो कभी खुद चल कर देख लेना !” | सोनिया ने राज की माँ और बहन को अंग्रेजी की 69 मुद्रा में एक दूसरे से लिपटे हुए तसव्वुर किया। उस बेहूदा खयाल ने उसकी चूत के चोचले में पुर - जोश नये सिरे से करन्ट दौड़ा दिया। | डॉली की आवाज ने उसके तसव्वुर में खलल डाला। वो अपना सर ऊपर उठा कर अपने भाई से कह रही थी “भाई, प्लीज अपने लट्ट जैसे मोटे लन्ड को थोड़ी जेहमत दीजिये और सोनिया की चूत से बाहर निकालिये, ताकि मैं तुम दोनों की ठीक से खिदमत कर सकूँ ?”
राज गर्दन पलट कर अपने कन्धे के ऊपर से उसे देखा और मुस्कुराया।
लो, मुझे भूखा बुलाती थी, और अब खुद चाटना चाहती है ?”
डॉली ने खिलखिलाते हुए अपने भाई के चूत में गड़े लन्ड को अपने मुँह मे लिया और अपने दाँतों में पकड़ कर चूत के बाहर खींचने लगी।
“आ आ! कुतिया,! चबाती क्यों है ? दर्द होता है !”, वो हँसा। “कितनी बार कहा है भाई के लन्ड के साथ जरा मुहब्बत से, आहिस्ता खेला कर !”
राज अपना टपकता हुआ लम्बा लन्ड सोनिया की गरम चूत की गिरफ़्त से सलाप! की आवाज के साथ खींच कर बाहर निकाला और उसके बाजू में बिस्तर पर ढेर हो गया। सोनिया लपक कर उसके सीने पर लेट गयी और उससे चिमट कर अपनी गोरी जाँघों के बीच उसके लन्ड को दबोच लिया। राज का लन्ड उसकी कुछ ही पल पहले बुरी तरह से चुदी चूत के कुछ ही इन्च दूर था। जैसे ही राज का लन्ड सोनिया की चूत के कब्जे से स्प्रिंग की तरह फुदक कर आजाद हुआ, उसकी बहन डॉली ने बड़ी फुर्ती से आगे झुक कर अपने भाई के लम्बे, लसलसाते हुए, काले लन्ड को अपने कमसिन मुँह में दबोच लिया था। अप्ने गाल को सोनिया की रिसती चूत पर टेक कर डॉली राज के लन्ड और टटॐ पर फैले हुए वीर्य और चूत के तेल के महकाते शराब से घोल को चाट रही थी। | सोनिया अपनी चूत के चोचले पर पड़ते दबाव से और ताव खा कर अपनी कमर को चक्कर लगाकर बलखाती हुई अपनी हवस - अंगेज चूत के खुले होंठों को डॉली के गाल पर मसल रही थी।
“ओह्ह अमममम! मजा आ गया!”, वो अपने नारंगी जैसे रसीले गोल पुख्ता मम्मों को राज के टटोलते मुं में दबाती हुई कराही। प्यासे मेमने की तरह राज को अपने छोटे-छोटे सख्त निप्पलों को चूसते देख कर उसकी चूत में जुबिश हो रही थी। सोनिया ही हवसनाक कराहटों को सुनकर डॉली ने अपने होंठ भाई के लन्ड से जुदा किये और लपक कर अपना मुँह लौन्डिया की फड़कती चूत पर दे डाला। सोनिया ने जिस हितानी लहजे से अपनी जीभ को उसकी चूत में घुसाया था और जैसे वहशियाना अंदाज से उस जीभ ने उसके चोचले को छुआ था, उससे सोनिया के पूरे जिस्म में बेखुदी की लहरें उठ गयी थी।
“ओह डॉली ! उहहहनघनघ! आह! और चूस, हरामजादी !” वो जोर से चीखी। उसका चोचला डॉली की जीभ पर कर कड़ा होता जा रहा था। सोनिया ने इससे पहले किसी से अपनी चूत नहीं चटवायी थी। यहाँ तो एक लड़की ही उसकी चूत चाट रही थी! पर इस वक़्त तो वो अपनी लबालब चूत को डॉली के पुचकारते मुँह पर दबा दबा कर कस रही थी, जैसे इस फ़न में पुरानी उस्तादी हो!