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Incest बहना का ख्याल मैं रखूँगा

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मैं- बट क्या? मैं तो वैसे भी तुमसे फ्री होकर बात करता हूं और तुम्हें अभी भी शायद कोई संकोच हो रहा है,,, बोलो ना.. फ्रेन्ड ,,,, और फ्रेंडशिप में कोई आप वाप नहीं .. तुम मेरे नाम से मुझे बुला सकती हो,,, ।

शालिनी - ठीक है,,, मेरे राजा भैया ।

मैं- फिर से भैय्या ?

शालिनी- अरे , फ्रेन्ड ... मेरा भैय्या भी तो है कि नहीं , अब थोड़ा सा टाइम तो लगेगा ही ,,, सा...गर .... हंसते हुए ....

हम दोनों को बात करते हुए काफी समय हो गया था तो मैंने कहा

ठीक है फ्रेन्ड ,,,, अब एक गुडनाईट किस्सी दो और हम सोते हैं ,,,

शालिनी ने हल्के से खिसककर मेरे माथे पर किस किया और लेट गई ।

मैं- ये तो फिर से भैय्या वाली गुडनाईट हुई ,, फ्रेन्डस में तो ऐसी गुडनाईट किस्सी होती है

और बोलते हुए मैंने शालिनी की आंखों में देखा और उसके संतरी होंठों पर अपने जीवन का पहला लिप किस कर दिया ,, हल्का सा चूसते हुए ... मीठू ... है ....

शालिनी शरमा गई और मुस्कुराते हुए मेरे सीने में एक मुक्का मार कर दूसरी ओर करवट ले कर लेट गई और बोली - गुडनाईट राजा... भै ....

उसके मुंह से भैय्या निकलते निकलते रह गया और मैंने उसे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया मगर अपने लन्ड वाले हिस्से को दूर ही रखा,,, मेरे हाथ उसकी चूचियों पर थे समीज के उपर से और शालिनी ने मेरे हाथों को अपने हाथों से ऐसे चिपका लिया जैसे वो कह रही हो भाई ... अब दबाना मत मेरी चूंची ....

मेरे मन में अब शालिनी के साथ सुबह से ही फ्रेन्डशिप और उसकी आंड़ में ब्वायफ्रेन्ड बनने के ख्याल आने लगे और हम दोनों ऐसे ही सो गए ,,, हसीन सुबह के इंतजार में ....

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उसके मुंह से भैय्या निकलते निकलते रह गया और मैंने उसे पीछे से अपनी बाहों में भर लिया मगर अपने लन्ड वाले हिस्से को दूर ही रखा,,, मेरे हाथ उसकी चूचियों पर थे समीज के उपर से और शालिनी ने मेरे हाथों को अपने हाथों से ऐसे चिपका लिया जैसे वो कह रही हो भाई ... अब दबाना मत मेरी चूंची ....

मेरे मन में अब शालिनी के साथ सुबह से ही फ्रेन्डशिप और उसकी आंड़ में ब्वायफ्रेन्ड बनने के ख्याल आने लगे और हम दोनों ऐसे ही सो गए ,,, हसीन सुबह के इंतजार में ....

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ab aage,,,,,,,,,,,,,,,,

सुबह नींद खुली तो मेरा हाथ अभी भी शालिनी के पेट पर ही था और उसकी समीज हल्की सी उपर हो रही थी और मुझे सुबह सवेरे ही बड़े बड़े खरबूजे के आकार की खूबसूरत चूचियों के निचले हिस्से के दर्शन हो गए । मैं लेटे लेटे ही शालिनी के बालों में उंगलियां फिराने लगा और वो भी जाग गई ....

सुबह सवेरे एक सोती हुई शोख हसीना के अधनंगे बदन को देख कर अपनी सुबह शुरू करने से अच्छा इस दुनिया में कोई दूसरा मजा नहीं हो सकता इसके बराबरी का ,,, सोते हुए वो बहुत ही मासुमियत से भरी लग रही थी ।।

उसके जागते ही मैंने उसके रसभरे होंठों पर एक चुम्बन ले लिया, और गुड मार्निंग बोला ,,,,कल रात से थोड़ा सा ज्यादा मजा आया ,,,, होंठों को चूसने में

शालिनी ने भी उठते हुए गुड मार्निंग बोला और

शालिनी - क्या भाई ,, मैंने अभी ब्रश भी नहीं किया और तुम .... ही ... ही ...

मैं- वैसे ये कल रात से ज्यादा मीठ्ठू था मैडम,,, चलो कोई नहीं ... ब्रश कर लो तो फिर से...

शालिनी- न न ना ... फिर शुरू हो गये ।

मैं- अरे, अब हम दोस्त हैं और नो लिमिट इन फ्रेन्डशिप

शालिनी- लिमिट में तो रहना पड़ेगा मेरे राजा भैया ।

मैं- हां हां मेरी स्वीटू दोस्त .... बहना

मैं बाथरूम में जाकर फ्रेश होने लगा तभी मेरा हाथ मेरे लन्ड पर पहुंच गया और रात की मस्ती, सुबह सवेरे का होंठों का रसपान याद आते ही लन्ड खड़ा हो कर झटके लेने लगा,,,,, हमेशा की तरह इसका एक ही इलाज था,,, मुठ मारना .... खड़े खड़े मुठ मारकर मैं फ्रेश हो कर बाहर निकल आया और तुरंत ही शालिनी बाथरूम में घुस गई ।

और जब वो बाथरूम में चली गई तो मुझे याद आया कि बाथरूम की फर्श पर मैं पानी डालकर अपना वीर्य साफ़ करना भूल गया हूं ,, आज कल वीर्य भी बहुत ज्यादा निकलता है हस्तमैथुन करने में .....

कुछ देर बाद शालिनी फ्रेश होकर नाश्ता बनाने लगी और किचन से ही बोली

शालिनी- भाई ,,, वो कीड़ा लग रहा है फिर से आ गया है ।

मैं- अच्छा,,, दिखा क्या ?? फिर से तुम्हारी ब्रा में परफ्यूम लगा दिया ।।

शालिनी- नहीं नहीं,,, आज तो पूरे बाथरूम की फर्श पर फैला था उसका लिक्विड ...

मैं- ओ हो ... बेचारे कीड़े को पता नहीं था,,, नहीं तो अपना परफ्यूम खराब नहीं करता ..... हा .. हा ...

शालिनी - ही ही ही हंसते हुए ... हां ये कीड़ा तो पालने लायक है ।

मैं- अरे उस छोटे कीड़े को पालकर क्या करना ,,, ये परफ्यूम लिक्विड उसका है ही नहीं ....

शालिनी - क्या ?? तो किसका है ??

अब मैं फंस गया था कि शालिनी को मैं कैसे बताऊं कि वो कीड़ा नहीं,, उसके बड़े भाई के हस्तमैथुन करने से निकलने वाली क्रीम है ।

मैं- अरे यार , वो ... वो अरे तुम नहीं जानती ।

शालिनी- क्या नहीं जानती और तुम्हें पता है तो बताओ ?

मैं- कोई नहीं फिर कभी बताऊंगा ।

शालिनी - क्या ? तुम्हें पता है तो बताओ ...नो सीक्रेट ... फ्रेन्डस में ... बताओ.. बताओ अभी .. ।

और ये बोलते हुए वो मेरे सामने चाय की कप लेकर आ गई , मैं अभी बिना अंडरवियर के बरमूडे में था और शालिनी ने समीज उतार कर टी-शर्ट पहन ली थी ।

मैं चाय पीते हुए

मैं- अरे,,, स्वीटू ... फिर कभी बताऊंगा ,,,

शालिनी - (चाय सिप करते हुए) नहीं मुझे अभी जानना है उस परफ्यूम वाले कीड़े के बारे में ... कल तो बड़े बड़े वादे कर रहे थे तुम ... नो सीक्रेट ,,, सबकुछ शेयर करेंगे ।

मैंने सोचा कि ये मौका तो अच्छा है शालिनी से थोड़ा और खुलने का ,, और हिम्मत करके ...

मैं- अच्छा बेबो , बताता हूं बट प्रामिस करो कि तुम नाराज़ नहीं होगी ?

शालिनी - मैं तो तुमको आलटाइम प्रामिस कर चुकी हूं कभी ना नाराज होने का ,,, मेरे स्वीटू भैय्या राजा ...

मैं- बेबी, ,, वो लिक्विड ,,, वो .. वो मेरा है... और मैंने अपनी नजर दूसरी तरफ कर ली

शालिनी - व्हाट ? तुम्हारा है,, कैसे , प्लीज़ मुझसे झूठ मत बोलो यार ,,, और तुम कहां से निकालते हो इतना सारा लिक्विड ??

मैं- वो यार, मैं अब तुम्हें कैसे समझाऊं ?

शालिनी - कैसे यार ... क्या है सच सच बताओ ? मेरी बाडी से तो ऐसा कुछ नहीं निकलता ?

मैं- वैसे बेबी .... वो लड़कों को ही निकलता है ऐसा लिक्विड ... एक्साइटमेंट में ... लड़कियों का अलग होता है ...

कुछ देर के सन्नाटे के बाद ...

शालिनी- (उत्सुकता से) तो मतलब कहां से निकलता है ये ....

इस तरह की गरमा गरम बातों से मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया और उसे शालिनी भी देख रही थी ...

मैं- बेबी, इट्स नेचुरल, सभी लड़कों को होता है .... और ये हम लोगों के पेनिस से निकलता है ।
 
मेरी और शालिनी की नजरें एक साथ मेरे लन्ड पर पड़ी और लन्ड ने एक झटका लगा दिया ....

शालिनी- भाई जी, वहां से तो तुम सु-सु करते हैं ... आई कांट बिलीव ... ही ही ... सु-सु वाली जगह से वो लिक्विड ... सच सच बताओ ना ... प्लीज़ ।

मैं- अरे अब मैं कैसे बताऊं तुम्हे , ये यहीं से निकलता है यार ....

मेरी हिम्मत जवाब दे रही थी और शालिनी के चेहरे के भाव भी बदल रहे थे.. मैं फिलहाल और ज्यादा बात नहीं करना चाहता था इस टापिक पर ,, मेरे बरमूडे में तम्बू बना हुआ था ।

मैंने बात बदलते हुए कहा चलो यार फटाफट रेडी हो नहीं तो हम लोग लेट हो जायेंगे ।

शालिनी - बट भाई ,, मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि आप के पेनिस से ....

मैं- लीव इट ! मैं बाद में तुम्हें बताता हूं ,, पक्का ...

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अब हम दोनों में बात चीत और आपसी सहमति से छेड़छाड़ का एक नया दौर शुरू हो गया था जिसमें मजा आना शुरू हो गया था,

हम दोनों ऐसे ही मस्ती करते हुए नहाने के बाद तैयार हो कर कालेज के लिए निकल पड़े, अब शालिनी मुझसे आप के बजाय तुम कहकर बात कर रही थी और वो कुछ ज्यादा ही खुश लग रही थी , मैंने उसे कालेज गेट पर छोड़ा और फ्री टाइम में काल करने को बोल कर अपने काम पर निकल आया ।

दिन भर मैं भी व्यस्त रहा और शालिनी से बात नहीं हो पाई, उसने कालेज से निकलने के समय मैसेज किया और दूसरा मैसेज घर पहुंच कर किया ,, कुछ देर बाद मैंने शालिनी को व्हाट्सएप पर रिप्लाई किया...

मैं- हेलो बेबी ।

शालिनी-हां भाई कहाँ हो, कैसे हो ?

मैंने तुरंत रिप्लाई किया ।

मैं- मस्त हूं थोड़ा सा बिजी था काम में आज ,,, आज ज्यादा मेहनत हो गई ........ स्माइल आइकॉन के साथ भेजा मेसेज।

शालिनी- हां हां, पता है मुझे आजकल तुम डबल मेहनत जो कर रहे हो !

स्माइल आइकान के साथ।

मैं -"(चोंकते हुए) कौनसी डबल मेहनत ?"

शालिनी - एक तो जाब वाली और ... दूसरी.... स्माइल आइकॉन ।

मैं- और दूसरी ??

शालिनी - ही ही ...वही जो आज बाथरूम में की , लिक्विड ... ही... ही

मुझे लगा कि शालिनी भी मस्ती के मूड में है और मैं भी फ्री था तो मैं भी मजा लेने लगा

मैं -" ओह्ह्ह टॉयलेट ! टॉयलेट ही तो की थी"

शालिनी- अच्छा,, सिर्फ टॉयलेट की, टॉयलेट में सफ़ेद गाढ़ा पानी कब से निकलने लगा ।

मैं - हूं ,, अच्छा तुम्हें जानना था कि ये सफेद पानी कैसे निकलता है ,, अब बताऊं ।

शालिनी- हां, हां, वैसे मैंने गूगल सर्च किया था अभी, इस पानी को सीमेन कहते हैं ना भाई , बट निकलता कैसे हैं ये नहीं समझ पायी ।

मैं- हूं हूं ,, जय हो गूगल बाबा की ,, वेट करो , मैं एक वीडियो भेजता हूं, उसे देखो ,,, समझ जाओगी ।

मैंने एक अंग्रेज लडूके का हस्तमैथुन करते हुए वीर्य निकालने का वीडियो डाउनलोड करके उसे भेज दिया और वेट करने लगा उसके रिप्लाई का ।

कुछ देर बाद उसका रिप्लाई आया

शालिनी- ओह माई गॉड,,, ये ऐसे निकलता है ,,, भाई ..तुम भी ऐसे ही ....

मैं- हां, स्वीटू, ये ऐसे ही निकलता है और मैं भी ऐसे ही निकालता हूं ।

शालिनी- बट इसमें क्या कोई मजा भी आता है, करते क्यूं हैं ??

मैं- अरे, मजा ही मजा आता है ,, शब्दों में नहीं बताया जा सकता ,, केवल फील कर सकते हैं ,,, तुम भी करना चाहती हो क्या ? मजा लेना है क्या ?

शालिनी- ही ही ,,, तुम ही लो मजा ,, मुझे नहीं लेना,, ही ही ,,, और मेरे पास तो डंडा भी नहीं है,,,,हा...हा....हा

मैं- मैं तो मजे ले ही रहा हूं,,, तुम्हें चाहिए तो बोलो ... और हां तुम्हारे मजे में डंडा नहीं कुछ और काम आयेगा ।

शालिनी- क्या काम आयेगा ,, ??

मैं- यार ऐसे मैं कैसे बताऊं ,, वीडियो भेजूं ,,, लड़कियों के मजे वाला ?

शालिनी- हूं हूं ,, नहीं रहने दो ,,

मैं- वेट , आराम से देखना

और मैंने एक सुंदर सी रशियन हसीना का उसकी बुर में उंगली डाल कर हस्तमैथुन करने का वीडियो डाउनलोड करने के बाद शालिनी को भेज दिया और उसके रिप्लाई का इंतजार करने लगा,,, वीडियो तीन मिनट का था और शालिनी का रिप्लाई दस मिनट तक नहीं आया तो मैंने ही फिर से मैसेज भेजा

मैं- क्या हुआ फ्रेंड ,, देखा वीडियो ?

शालिनी- हां ,,

मैं- बताया भी नहीं कि देख लिया ,,,, हा हा.. हा.. क्या ट्राई करने लगी ,,, ही...ही..ही

शालिनी- नहीं यार, ये सब मुझसे नहीं होने वाला ,, बट लगता काफी मजेदार है ,, उस लड़के और इस लड़की के चेहरे से लग रहा था ,, खिले खिले हुए थे करने के बाद ,,, हा .... हा ....

मैं- चलो कोई नहीं , तुम्हें जानना था कि ये सब कैसे होता है तो मैंने बताया ,, कुछ और भी पूछना हो तो बोलो

शालिनी- ही ही*,, गुरुजी आज के लिए इतना ज्ञान काफी है बस आप शाम को जल्दी आ जाओ ,, ओके ,,, अब मैं आराम करने जा रही हूं ।।।

मैं- आराम ही करना ...बेबो....

शालिनी- हा हा हा ... बाय बाय ,,, लव यू हमेशा .........
 
शाम को मैं घर आया और शालिनी ने बोला*

शालिनी- वेलकम बैक फ्रेन्ड*

क्या पियोगे,, चाय या काफी ?*

मन तो किया कि बोल दूं ना चाय ना काफी,,, मुझे तो दूध पीना है और वो भी तुम्हारा ,,, मगर अभी वो समय नहीं आया था,, और मैंने कहा - काफी

और मैं अपने कपड़े उतार कर सिर्फ ब्लैक वी शेप फ्रेन्ची में आ गया और कूलर के सामने बेड पर बैठकर अपना पसीना सुखाने लगा । शालिनी किचन से मुझे देख रही थी और ये देख कर मेरा लन्ड फिर बेकाबू होने लगा ।

शालिनी मेरी फ्रेन्ची की तरफ देखती है तो शायद उसकी धड़कन तेज हो जाती है, फ्रेन्ची में मेरा लंड विकराल रूप से तना हुआ था, आजकल ये तो अधिकतर समय खड़ा ही रहता है ,,, शालिनी अपने मन में सोचने लगी होगी कि कितना बड़ा पेनिस है उसके राजा भैया का !

शालिनी काफी का कप लेकर मेरे पास आकर बैठ गई और नजदीक से मेरे तम्बू को देखने लगी, दोपहर की गरम बातों से लंड से वीर्य रिसने के कारण एक धब्बा पड़ गया था, शालिनी समझ जाती है की लंड से निकलने वाले लिक्विड का धब्बा है ये, और वो सोच रही होगी कि मेरा पानी निकल गया है, लेकिन मैं तो इसकी बहन हूँ, क्या मुझे देखकर मेरे भाई का पेनिस खड़ा हुआ है ?

काफ़ी और नास्ता करके दोनों लोग फ्री हो जाते हैं।

थोड़ी बहुत मस्ती करते हुए हम दोनों खाना खाने के बाद एक एक करके नहाने के बाद बेड पर लेट गए और इधर उधर की बातें करते रहे,, शालिनी ने अपने कालेज की बातें भी बताई,, मगर मुझे ऐसा लग रहा था कि वो बार बार कुछ कहना चाहती है और कह नहीं पा रही है ,,,,

शालिनी शायद कोई सेक्स वाली बात पूछना चाहती थी लेकिन कैसे पूछे यही सोच सोच कर परेशान थी । लेकिन हिम्मत जुटा कर बोल ही देती है। फोन पर बात अलग थी लेकिन आमने-सामने अभी थोड़ी झिझक हो रही थी ।

शालिनी - भाई मुझे तुमसे कुछ बात करनी है?*

मैं- हां, तो बातें ही तो कर रहे हैं,,

उसके ऐसे बोलने से मुझे थोड़ी घबराहट होती है, मैं समझ जाता हूं कि शालिनी दोपहर से आगे की बात पूछेगी।

मैं - ह ह हा बोलो" घबराहट के कारण हकला जाता हूं।

शालिनी - अरे तुम इतना घबरा क्यूँ रहे हो भाई... और वो मेरा चेहरा देख कर मुस्करा देती है, मेरा डर कम हो जाता है।

मैं- नहीं यार घबरा नहीं रहा हूँ"*

शालिनी - यार भाई जबसे वो दोनो वीडियो देखें हैं ना भाई तब से बड़ा अजीब सा लग रहा है,, ये सब है क्या ? प्लीज़ फ्रेन्ड ...*

और वो नज़र नीची करके कार्नर में देखने लगी ।

मैं- तुम्हें अब क्या जानना रह गया है स्वीटू ?

करवट होकर उसकी आंखों में देखते हुए...

शालिनी- बहुत कुछ .... जैसे... जैसे ,वो लड़का जैसे तेज़ तेज़ करता है तो दर्द नहीं होता है क्या ?

मैं- हिलाने से दर्द नहीं होता है, हर लड़का अपनी कामाग्नि को शांत करने के लिए हिलाता है, इसे मुठ मारना भी कहते हैं और अंग्रेजी भाषा में masturbation कहते है"*

शालिनी यह सुनकर हैरान रह जाती है, उसे यह बात बिलकुल पता नहीं थी। शायद उसकी बुर में भी अचानक सरसराहट पैदा हो गई थी,उसे अब इन बातों के बारे में सुनना बहुत अच्छा लग रहा था।

शालिनी - (उत्सुकता से) क्या तुम भी हिलाते हो उतनी ही तेज हाथ से ?"

मैं - यार, इस टापिक को बंद कर दो,मुझे शर्म आ रही है अब बताने मे ...

शालिनी- भूल गये तुम मेरे गुरु हो और अपनी शिष्या की जिज्ञासा को शांत करना हर गुरु का फर्ज है, भाई जी मेरे मन में कई सवाल है उन सवालो को किसी और से मैं पूछ नहीं सकती हूँ, एक तुम ही तो हो जिससे मैं बात कर सकती हूँ ...

शालिनी के इस तरह के सीधे सवाल सुनकर मैं हिल गया लेकिन शालिनी की बात भी मुझे ठीक लगी,आखिर अपने सवालो के जवाब किससे पूछेगी वो,*
 
मैं बेड के कोने पर लेटा था और सामने शालिनी बेड पर ही लेट कर मेरी बातों को ध्यान से सुन रही थी, मेरी नज़र शालिनी की टांगो के बीच में चली जाती है, बुर बाली जगह निक्कर गीला हो गया था, मैं समझ गया कि शालिनी की बुर पानी छोड़ रही है।*

मैं -" हाँ यार, करता हूँ कभी कभी, तभी तो परफ्यूम मिला तुम्हें ..

शालिनी यह सुनकर शरमा जाती है।

शालिनी -"अच्छा ,,यह ..यह काम करते क्यूँ है, मतलब हिलाते क्यूँ हैं?"

मैं अब बिना झिझक बोलने लगा

मैं -" जब एक्साइट हो और सेक्स करने का मन होता है तो हाथ से हिला कर लड़के मजा ले लेते हैं, जिन लड़को की शादी हो जाती है या उनकी गर्ल फ्रेंड होती है वो सेक्स कर लेते हैं उनको हिलाना नहीं पड़ता"*

शालिनी बड़े गौर से सुनती है और मुस्करा कर बोलती है

शालिनी -"अच्छा इसका मतलब तुम्हारा मन सेक्स करने के लिए करता है इसलिए तुम हिलाते हो "*

मैं- "हाँ बेबी,, लेकिन यह काम तो लड़कियां भी करती हैं देखा नहीं था वीडियो क्लिप में .....

शालिनी- हां, लड़कियां भी करती हैं बट

मैं -"लड़कियां ऊँगली करती है"*

शालिनी हैरान रह जाती है क्योंकि उसने तो कभी ऊँगली की ही नहीं।

शालिनी- "क्या ऊँगली करती हैं,जब सेक्स करने का मन होता है तब"*

मैं-"हाँ बेबी, तुम नहीं करती हो कभी , कभी-कभार*

शालिनी अब तक काफी हॉट फील कर रही थी,जीवन में पहली बार उसे कुछ कुछ हो रहा था,जो बड़ा आनन्दायक लग रहा था शालिनी को ।

मैं- " नहीं यार, मैंने आज तक ऐसा कभी नहीं किया"*

मैं-" तुमको सेक्स करने का मन नहीं करता कभी"*

शालिनी -'अब तक तो कभी नहीं किया लेकिन वो वीडियो क्लिप देखने से पता नहीं क्यूँ बड़ा अजीब सा लग रहा है मुझे"*

मैं - अरे यार, इससे पहले जब तुमने मूवी में उस राजा भैया और दीदी को सेक्सुअल हरकतें करते देखा तो कुछ अजीब सा महसूस किया था तुमने ...

अब मेरा लंड जोर जोर से झटके मार रहा था, फ्रेन्ची में तम्बू बन गया था जिसे शालिनी देख रही थी।

शालिनी -"नहीं मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ था, मजा आ रहा था बस उनकी हरकतें देख कर ,क्या कोई कमी है मुझमे"*

शालिनी थोड़ा सा घबराती हुई बोली।

मैं - नो नो बेबी, कमी तो नहीं है यार, अगर कमी होती तो तुम्हारा पानी नहीं निकलता वहां से, स्खलन तो हो रहा है तुमको"*
 
मैंने शालिनी की बुर की ओर इशारा करते हुए बोला, शालिनी यह देखकर शर्मा गई ,,

शालिनी- "धत् बड़े बेशरम हो ...अपनी ही बहन की ओर इशारा कर रहे हो ....

और उसने अपने पैर हल्के से समेट लिए...

*

मैं- यार, इसमें अब शर्म कैसी तुम मेरी शिष्या हो तो सटीक जानकारी तो देनी ही पड़ेगी, और और एक बार रात को भी तुम्हारे वहां से पानी निकल रहा था"*

शालिनी - तुमने देखा था पानी निकलते हुए,पता नहीं कब से ये प्रॉब्लम हुई है,किसी डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा क्या?"*

मैं- अरे नहीं यार, डॉक्टर की जरुरत नहीं है, एक बार तुम ऊँगली कर लो,सारा पानी एक बार में ही निकल जाएगा,फिर बार बार नही निकलेगा"*

मेरी ऐसी खुल्लमखुल्ला बातें सुनकर शालिनी शर्मा जाती है

शालिनी- नहीं भाई, मुझे डर लगता है, ऊँगली अंदर जाएगी तो दर्द होगा"*और क्या करना ये सब करके ...

मैं उसकी बचपने भरी बातें सुनकर हंसने लगा और माहौल को थोड़ा हल्का करने की कोशिश की

मैं- तो शादी के बाद क्या करोगी तुम जब पेनिस अंदर जाएगा, तुम अपना डर अभी ख़त्म कर लो तो अच्छा है बाद में परेशानी होगी,ऊँगली तो फिर भी छोटी होती है और लड़कियां तो केला,मूली गाजर और पता नहीं क्या क्या डालती हैं"*वीडियो डाउनलोड करके दिखाऊं ......

शालिनी- व्हाट ? पेनिस अंदर कैसे जायेगा इतनी सी जगह में, पागल कुछ भी बोल देते हो ...

मैं- अरे यार, असली सेक्स में पेनिस लड़की की वजाईना के अंदर ही जाता है....*

शालिनी- हूं ... नहीं यार, ये सब मुझसे नहीं होगा , मुझे अजीब लगता है*,,,

मैं - हे बेबो , ऊँगली करने में तो मजा आता है, देखा नहीं था वीडियो में, ऐसा करो, तुम बाथरूम में जाकर एक बार ऊँगली करके आओ, वरना तुम्हारी पैन्टी और निक्कर ऐसे ही गीली होती रहेगी ,,,

शालिनी- वो पैन्टी मैंने पहनी ही नहीं है , मैं जरा साफ करके आती हूं,,,

शालिनी शर्मा रही थी,लेकिन फिर कुछ सोच कर बाथरूम में चली गई।।*

मेरा लंड भी काफी देर से झटके मार रहा था, मैं भी अब मुठ मारे बिना नहीं रह पाऊंगा ऐसा मुझे लगा। मैं लेटे लेटे सोचने लगा कि शालिनी अंदर बाथरूम में कैसे उंगली डाल कर अपनी बुर की अगन को शांत कर रही होगी,,,,

अह्ह्ह्ह क्या गजब सीन होगा अंदर...

करीब पांच मिनट बाद शालिनी बाथरूम से निकली और वो पसीने से लथपथ*थी, मेरी नज़र सीधे उसकी गीली समीज में चिपकी हुई चूचियों पर जम गई,,, मेरी और शालिनी की नजरें मिली और शालिनी शरमा जाती है।

मैं- मजा आया न बेबी , अब जब भी तुम्हारा मन करे तब कर लिया करो"

शालिनी- क्या कर लिया करूं .

मैं- (झटके से) अपनी बुर में उंगली...

शालिनी- छी छी .. तुम कितने गन्दे हो गये हो ,, और क्या बोला ... बु....

मैं- अरे मेरी स्वीट बहना, वो उंगली डाल कर पानी निकाला कि नहीं तुमने अभी

मैं हँसते हुए बोला और शालिनी मेरे खड़े लंड की तरफ देखती है जो पूरा खड़ा हुआ था,*

शालिनी- मैंने ऐसा वैसा कुछ नहीं किया है भाई

मैं- ओहो... तो इतनी देर कैसे लगी बाथरूम में बेबी... ही ही ..

शालिनी- तुम भी ना,,, यार पाटी आयी थी ,, बस और कुछ नहीं

मैं- कोई नहीं,,, आज नहीं तो कल.. उंगली...

इतना कहकर मैं हंसता रहा...

शालिनी -"ओह्ह्हो जाओ जाओ जल्दी से कर लो ,,, तुम्हें कंट्रोल नहीं हो रहा,,,... हा हा*

मैं- क्या कर लू मेरी प्यारी बहना "*

मैंने मजाक करते हुए बोला और हँसने लगा....

शालिनी- अपने इसको हिला कर शांत कर लो...

शालिनी ने मेरे खड़े लंड की ओर इशारा किया जो बरमूडे में तम्बू बना हुआ था, और मुस्कुराती रही..

जब इतनी सेक्सी बातें हो ही रही थी तो मैंने एक और चांस मारा ...

मैं- हूं,,, करना तो पड़ेगा ही नहीं तो नींद भी नहीं आने वाली ऐसे तो

शालिनी- (खिलखिला कर हंसते हुए) तो जाओ ना ,, करो ,, रोका किसने है,, अब क्या बैंड बाजा चाहिए जनाब को,,

और वो बिस्तर से थोड़ा सा साइड हो गई जैसे मुझे रास्ता दिखा रही हो बाथरूम में जाकर हस्तमैथुन करने के लिए ,,,
 
अब ये एक अलग तरह का एहसास हो रहा था जब एक लड़की कह रही हो कि जाकर लंड हिला कर पानी निकाल लो और इस तने हुए खंबे को भी आराम करने दो ...

मैं बेड से उतर कर बड़ी बेशर्मी से दरवाजे के पास रुक गया और

मैं- तुम्हें अगर परफ्यूम चाहिए हो तो अपनी ब्रा ...

शालिनी- नहीं नहीं ,यू आर टू मच.... नाटी ...ब्वाय .. अब जाओ भी

अच्छा रहने दो,,,मत करो आ जाओ लेट जाओ ,,

वो चिढ़ाते हुए बोली

मैंने उसकी एक नहीं सुनी और बाथरूम का दरबाजा बंद करके बरमूडे से लंड को आज़ाद करके शालिनी के कामरस से भरे बदन को याद करते हुए जोर जोर से लंड के सुपाड़े की चमड़ी को आगे पीछे करने लगा और आंखें बंद करते ही ऐसा लगा जैसे मैं शालिनी की बुर पर अपने लौड़े को रगड़ रहा हूं,,, और मैं यह सोचकर और जोर से अपने लंड पर मसाज करते हुए और तेज तेज मुठ मारने लगा, शालिनी की बुर का खयाल मेरी उत्तेजना और बढ़ा देता है ,,,

उसकी चूचियों को दबा कर सहलाने का भी मौका मिलता है थोड़ा थोड़ा कभी कभी,,, मगर उसकी बुर को ना तो मैं अब तक देख ही पाया था और ना ही ठीक से कभी छू पाया था,,, मैंने आज तक किसी की भी लड़की या औरत की बुर को नंगा नहीं देखा था,,, तो मेरे लिए शालिनी की पैंटी में बंद तिरकोण अब भी एक रहस्य ही था ,,,

और यही सब सोचते हुए कुुछ ही देर में मैं झड़ गया और सफाई करने के बाद रूम में आ गया ।

मैं पसीने से लथपथ हो गया था , बाथरूम में गर्मी काफी थी और उपर से इतना गर्मा गर्म बातों का दौर शालिनी के साथ...... इस तरह की सारी गर्मी का लावा अब बह चुका था और मैं तौलिया से अपने हाथों को सुखाते हुए शालिनी के पास बेड पर उसके बगल में लेट गया,,,

कूलर की ठंडी हवा में कुछ आराम मिला , शालिनी काफी रिलैक्स लग रही थी, हम लोगों में काफी देर तक कोई बात नहीं हुई ।

जाने कितनी देर तक हम दोनों आंखें बंद करके एक दूसरे के पास बराबर में लेटे रहे और बिना बात किए भी हम दोनों में बातें तो हो ही रही थी,,,

ये अभी अभी जो हम दोनों ने किया था उसके बाद हम दोनों के बीच शरमो हया की एक बड़ी दीवार गिर चुकी थी और जाने कहां तक गिरने वाली थी ,,,, अब मुझे जाने क्यों यह सब अभी भी शायद एक सपना ही लग रहा था,,,

शालिनी के कहने पर आज अभी अभी मैंने हस्तमैथुन किया है,,, क्या गजब एहसास हो रहा था ,,, क्या होगा ,,, अब ,,, क्या हो रहा है,,, हम दोनों शायद यही सोच रहे थे ,,,*

मगर जो भी है यह हम दोनों भाई बहन के प्यार और एक दूसरे पर विश्वास को और अधिक बढ़ा रहा था ...

कूलर की ठंडी हवा में कुछ आराम मिला , शालिनी काफी रिलैक्स लग रही थी, हम लोगों में काफी देर तक कोई बात नहीं हुई ।

कुछ देर बाद मैंने टीवी आन कर दी और गाने देखने लगा ,,*

कुछ देर ऐसे ही नार्मल बातें करते हुए हम सो गए ।

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सुबह सवेरे से आज मेरा मन बड़ा चंचल और उतावला हो रहा था कि अब गाड़ी पटरी पर है और अपनी रेल जल्दी ही शालिनी की पटरी यानी बुर पर दौड़ सकती है ,,,, मगर कैसे ....

शालिनी आज मुझसे पहले उठकर फ्रेश होकर बेड टी लेकर मेरे पास आकर बोली

शालिनी - गुड मार्निंग ....

मैं- गुड मार्निंग स्वीटी ... और बेड से नीचे उतर कर उसके मुंह के पास आकर सीधे हल्का सा लिप्स पर किस किया और हम दोनों साथ में बैठकर बातें करते रहे ...

रात में हम दोनों के बीच जो भी हुआ उसकी कोई भी बात ना शालिनी ने की और ना ही मैंने ...

हम दोनों नाश्ता करने के बाद फ्री बैठकर पेपर पढ़ रहे थे और मैंने धीरे धीरे बातों का सिलसिला बढ़ाया*...

मैं- तुम्हारे कालेज में छुट्टी कब होने वाली है ,,, काफी दिनों बाद दो दिन की छुट्टियां मेरी एक साथ हो रहीं हैं 15और 16 को,, तुम्हारी भी सेम डे छुट्टियां हों तो हम लोग घर घूम कर आते हैं एक दो दिन के लिए ...

शालिनी - आज पता करती हूं कालेज में छुट्टी कब से है ,,, घर चलने का मेरा भी मन कर रहा है ,,,

मैं-ठीक है बेबी,, हम चलेंगे... अब चलो रेडी हो जाओ नहीं तो हम लोग लेट हो जायेंगे... आज मुझे थोड़ी जल्दी निकलना है ,,,

और मैंने भी अपने कपड़े उठा कर अलमारी से बाहर निकाल कर बेड पर डाल दिए और नहाने चला गया, मेरे नहाने के समय लंड फिर से कुलांचे भर रहा था मगर मैंने मुठ नहीं मारी और नहाकर रोज की तरह टावेल लपेट कर बाहर निकल आया,,, कमरे में आ कर अपनी चढ्ढी पहनी,,

शालिनी भी उठकर अपने कपड़े लेकर नहाने के लिए बाथरूम में घुस गई और मैं रेडी होने लगा ,,,

कुछ देर बाद कमरे में वही जानी पहचानी मादक खुशबू फैल गई मतलब शालिनी नहाकर कमरे में आई थी और मेरे पास से निकलते हुए पीछे कमरे में चली गई,,,,, वो एक हल्की टी-शर्ट और निक्कर पहन कर निकली थी बाथरूम से.....

शालिनी ने पीछे कमरे से ही बोला ...

शालिनी- भाई आज एक थोड़ी बड़ी टावेल ले आना,,, शाम को फुल साइज लेडी टावेल ...

मैं- हां ,, ले आऊंगा,, मगर ये टावेल भी तो नई तुम्हारे लिए ही लाया था ,,, योर फेवरेट कलर ,, ग्रीन ...

शालिनी- ये तो अच्छी है बट भाई बाथरूम में अंदर इतनी गर्मी होती है और पूरे कपड़े वही अंदर पहनो तो फिर से सब पसीने पसीने हो जाता है... बड़ी टावेल हो तो इधर कमरे में आकर कपड़े पहन लिया करूं ...

मैं ये सुनकर फिर से वासना के समंदर में गोते लगाने लगा और कल्पना करने लगा कि शालिनी जब बाथरूम से केवल एक तौलिया लपेट कर बाहर निकलेगी तो कैसी लगेगी... ऐसे सीन तो फिल्मों में ही देखें थे अब तक...
 
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