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Incest बहना का ख्याल मैं रखूँगा

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शालिनी- तुम और तुम्हारा ये ,,, क्या कहते हैं ,,,, लंड ,, हा हा हा हा

मैं- ज्यादा हंसों मत ,,, मैं तो अभी फ़िर से हिला लूंगा ,,, अपनी देखो ,,, गीली गीली हो कर रात भर रहोगी ,,, हा हा हा

शालिनी- नहीं,,, ऐसा कुछ नहीं है,, मेरा कुछ भी गीला नहीं है ,,,

मैं- ही ही ही,, चल झूठी,, मुझे क्या पता,,,दिखाओ तो पता चले ,,,

शालिनी- तुम बहुत गन्दे हो रहे हो,, अपनी ही बहन को नंगी देखोगे,,, छी,,,,,गंदे भैय्या ,,,

मैंने अब उसके थोड़ा सा पास होकर धीरे-धीरे से कहा ,,

मैं- गंदे भैय्या नहीं,, अच्छे भैय्या,, जो अपनी बहना से कुछ नहीं छुपाता,,, और मैं अपने लौड़े को सहलाते रहा बरमूडे के उपर से ही ,,,

शालिनी- छुपाया तो है ,, अभी भी,,

और उसने मेरे हाथ में पकड़े हुए लंड की ओर इशारा किया ,,,

मैं- ये तो ,,, अरे तुम्हें देखना है क्या ,, दिखाऊं,,,

और मैंने दूसरे हाथ से बरमूडे की इलास्टिक को हल्का सा नीचे खींच दिया,,,

शालिनी ने तुरंत अपनी आंखें बंद कर ली और

शालिनी- भाईईईईईई ,,, उसको बंद ही रखो,,, पिंजड़े में,,, प्लीज़ ,, यार,, ये मत करो ,,,

मुझे लगा कि ये सही मौका है शालिनी को अपने लौड़े को पहली बार दिखाने का ,,, और मैंने बरमूडे को नीचे कर दिया और मेरा फनफनाता हुआ लंड सीधा छत की ओर सलामी देने लगा,,, आह,,, मेरे सपनों की रानी, मेरी स्वीट बहना मेरे बगल में सिर्फ समीज और निक्कर में लेटी हुई थी और मैं उसे अपना लौड़ा दिखाने की कोशिश कर रहा था,,, शालिनी ने अब तक अपनी आंखें खोली नहीं थी,,,

मैं- तो मोहतरमा,,, पेश है आपकी खिदमत में ,,,, मेरा छोटा सा लंडडडड

इतना सुनते ही शालिनी की ना चाहते हुए भी थोड़ा सा आंखें खुल गईं और उसने कनखियों से मेरे खड़े लन्ड के प्रथम दर्शन कर लिए ,,, मगर उसने अपने हाथों को अपनी आंखों से हटाया नहीं,,,

मैंने बेशर्म हो कर अपने लौड़े को सहलाते हुए कहा

मैं- बेबी देख लो जीभर कर,,, फिर मत कहना कि मैं कुछ भी छुपाता हूं अपनी स्वीट बहना से ,,,

शालिनी ने आंखें बंद कर के ही बोला

शालिनी- तुम उसे बंद करो,, झूठे,,, ये छोटा है तो बड़ा कितना होता है ,,, हा हा हा हा हा ही ही हंसते हुए

मैं- ठीक है मैडम को नहीं देखना है तो शो क्लोज ,,,

और शालिनी ने समझा कि मैंने बरमूडे को उपर कर लिया है मगर मैंने ऐसा किया नहीं और उसने अपनी आंखें खोल दी ,,,,

शालिनी- ओह माई गॉड ,,, सो बिग,, झूठे जल्दी बंद करो इसे ,,

मैं - अरे यार थोड़ी सी हवा लग जाने दो इसको भी बेचारा चौबीस घंटे बंद ही रहता है ,, और मैंने सहलाते हुए लंड की चमड़ी को हल्का सा पीछे किया तो मेरा लाल सुपाड़ा दूधिया रोशनी में चमक उठा ,,, शालिनी ने इसे बड़े गौर से देखा और

शालिनी- प्लीज़ भैया,, इसे अंदर करो,,

मैं- ओह,,, कहां अंदर करूं मेरी बहना,,

शालिनी शायद मेरे इशारे को समझ गई और उसने अपने हाथ से अचानक मेरे बरमूडे को नीचे मेरे घुटनों के पास से पकड़ कर ऊपर खींचने लगी और इस दरमियान उसके मुलायम हाथों से मेरा गर्म लंड छू गया उसने उसे पूरा उपर खींच दिया और अपना हाथ हटाकर बोली ,,,

शालिनी- इस तरह अंदर करने को कह रही थी ,,, पागल,, इतना बड़ा ,,,

मैं- कहां बड़ा है मेरा,,, कुल जमा सात इंच का ही तो है मेरा छुन्नू,,,

शालिनी ने अपनी हंसी रोकते हुए कहा,,,,,,,

शालिनी- अरे और कित्ता बड़ा चाहिए तुम्हें भाई ,,, सेवेन इंच ,,, मैंने तो जो वीडियो देखें हैं सबसे बड़ा ही है तुम्हारा,,, हा हा हा हा

मेरा हाथ अब भी बरमूडे के उपर से लंड को मसल रहा था और अब हम दोनों काफी खुलकर बातें करते रहे ,,,

मैं- यार मेरा तो मन कर रहा है कि .... मैं एक बार कर लूं, नहीं तो नींद नहीं आयेगी,,, तुम क्या ऐसे सो पाओगी ?

शालिनी- पता नहीं,,

और उसने अपनी दोनों टांगों को मोबाइल देखते हुए आपस में लेटे लेटे ही रगड़ दिया ,,,

मैं- बेबी एक काम करो तुम ना,, ये मेरा मोबाइल लो और इस फोल्डर में कई अच्छी वीडियो क्लिप है,, इसे देखते हुए क्रीम के साथ उंगली करके रिलैक्स हो जाओ,,, नहीं तो तुम्हारी उलझन ऐसे ही रहेगी,,, रात भर गीली गीली,,,,

शालिनी- नहीं भैय्या,,, मुझसे नहीं होगा,,,,

 


मैंने बेड से उतर कर पास में रखी निविया क्रीम की डिब्बी उसके हाथ में पकड़ा दी और आंखों ही आंखों में उसे उठने का इशारा किया,,, और वो धीरे से बेड से उठी और क्रीम हाथ में पकड़ कर बाहर निकल गई,,,, मैंने जल्दी से अपने मोबाइल पर एक अच्छा सा देशी लड़की का चूत में उंगली करने वाला वीडियो प्ले करके उसके पीछे-पीछे बाथरूम के दरवाजे पर आकर बाहर ही उससे बोला ..

मैं- बेबो,,, ये ले लो,, तुम्हें आसानी होगी करने में,,, और मैंने मोबाइल उसके दूसरे हाथ में पकड़ा दिया,,

शालिनी शर्मा रही थी,लेकिन फिर कुछ सोच कर बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया ।।

अब मैं दरवाजे के बाहर अपने लौड़े को हाथ से सहलाते हुए सोच रहा था कि अंदर जाकर शालिनी ने शायद निक्कर उतारकर कमोड पर टाँगे फैला कर चूत को मसला हो और शालिनी को हल्का हल्का सुरूर चढ़ा हो, वीडियो देखकर,,, शालिनी हौले हौले चूत को रगड़ती है,चूत से लगातार पानी रिस रहा होगा , शालिनी अपनी एक ऊँगली आराम से चूत में घुसेड़ती है क्रीम के साथ ,,उसे ऐसा लगा होगा जैसे पेनिस घुसेड़ दिया हो, शालिनी घुसेड़ती है फिर निकालती है ऐसा कई बार करने से उसे मजा आने लगा होगा और शालिनी जोर जोर से ऊँगली अंदर बाहर करने लगती है, शालिनी तेज तेज सिसकियाँ ले रही थी,,कभी हलके से चिल्लाती है, दरवाजे के बाहर खड़ा मैं सब सुन रहा था। मैं बाथरूम के दरबाजे के बाहर से ही बोला ....*

मैं -" बेबो कैसा लग रहा है तुमको,*

शालिनी मेरी बात सुनकर बोली--

अच्छा सा स सा,,, शालिनी की सिसकियाँ बड़ी तेजी से चलने लगी थी,,कभी कभी उत्तेजना के मारे कमोड पर गांड़ भी उछाल दे रही थी शायद,,,

शालिनी -"ह ह हाँ सच कहा भाईईईईई बहुत मममजा अ अ आ रहा ह ह है,मुझे कुछ हो रहा ह है सा .. गर"*भैय्या,,,

और शालिनी जीवन में पहली बार झड़ जाती है, बुर से पानी की पिचकारी छुट्ती है, बहुत सारा पानी निकलता है शायद,,ऐसा लग रहा था जैसे अब शालिनी मूत रही हो। शालिनी का जिस्म ठंडा पड़ने लगता है, वो पानी से साफ़ करती है अपनी बुर और टाँगे,*और फिर पांच मिनट बाद वो दरवाजा खोल कर बाहर निकल आयी,,, वो बहुत रिलैक्स लग रही थी,, हाथ मुंह धोकर एक दम रिलैक्स ,,,उसकी नजरें नीचे ही थी,,

मेरी और शालिनी की नजरें मिलते ही शालिनी शरमा गई,,,

मैं- मजा आया न बेबी , अब जब भी तुम्हारा मन करे तब कर लिया करो"

शालिनी- मुझे लगता था की दर्द होता होगा ज्यादा,पर क्रीम से वाकई में बहुत अच्छा लगा, वास्तव में तुम एक अच्छे गुरु हो ..

मैं- मान गई ना, अब तुम कमरे में जाओ, मुझे भी बाथरूम जाने दो,मेरा भी मन कर रहा है बहुत ....

मैं हँसते हुए बोला और शालिनी मेरे खड़े लंड की तरफ देखती है जो पूरा खड़ा हुआ था,*

शालिनी -"ओह्ह्हो जाओ जल्दी से कर लो ,,, हा हा*

मैं- क्या कर लू मेरी प्यारी बहना "*

मैंने मजाक करते हुए बोला और हँसने लगा....

शालिनी- अपने इस छोटे से छुन्नू को हिला कर शांत कर लो...

मोबाइल चाहिए क्या??

शालिनी मेरे खड़े लंड की ओर इशारा करती है, जो फ्रेन्ची में तम्बू बना हुआ था,

मैं- नहीं अभी जरूरत नहीं,, फुल चार्ज है मेरा छुन्नू ,,

मैं जैसे ही बाथरूम में पहला कदम रखा तो फिसल गया और फर्श पर पड़े पानी को हाँथ से छु कर देखा , थोड़ा गाढ़ा और चिपचिपा पानी पड़ा हुआ था, मैं समझ गया कि यह शालिनी की बुर से निकलने बाला कामरस है, बाथरूम का दरबाजा खुला हुआ ही था अब तक,,,

शालिनी ने मेरे फिसलने की आवाज सुनी और मुड़कर मेरी तरफ फिर से आ गई

मैं- यह तुम्हारी बु .... सॉरी वजाईना से निकला हुआ पानी है,बहुत चिपचिपा और गाढ़ा है इसलिए फिसल गया,,,,,,,,

मैं हाथ पर लगे बुर के कामरस को दिखाते हुए बोला। शालिनी मेरे द्वारा बुर बोलने पर शर्मा जाती है, मैंने भी बुर शब्द पूरा ना बोलकर वजाइना बोल दिया था ,जो वो बार बार कहती थी।।

शालिनी- ओह्ह सॉरी यार, साफ़ करना भूल गई, तुम हाथ धो लो ये गन्दा है*

मैं- नो यार, यह गन्दा नहीं होता है,इसमें भी मेरे लिक्विड जैसे मदहोश करने वाली खुशबू है, मुझको तो यह पानी बहुत पसंद आ रहा है, इसी पानी से में अपने पेनिस की मसाज करूँगा, मुझे झड़ने में आसानी होगी" शालिनी ये सुनकर हैरान हो जाती है।

शालिनी- ओह्हो भाई , ऐसा मत कर तुम्हें इंफेक्सन हो सकता है" ।

और मैं आज बरमूडे को उतार कर फर्श पर बैठ कर शालिनी के बुर से निकलने वाले पानी को हाथ में फर्श से लेकर अपने लौड़े को जबरदस्त तरीके से आगे पीछे करने लगा,,, कुछ देर पहले ही मैंने हस्तमैथुन किया था तो इस बार थोड़ा ज्यादा टाइम लगना ही था,,, मैं ये सोच कर और अधिक उत्तेजित हो गया कि आज शालिनी ने पहली बार अपनी बुर में उंगली डाल कर अपना पानी निकाला है और उसी पानी को मैं अपने लौड़े पर लगाकर हस्तमैथुन कर रहा हूं,,,, और कुछ मिनट की मेहनत के बाद मैंने भी अपने वीर्य की पिचकारी मारी और नहाकर बरमूडा पहनकर शालिनी के पास आकर लेट गया,,,

अब हम दोनों ने आपसी सहमति से सेक्स का एक अहम पड़ाव तय कर लिया था,,, एक दूसरे को बताकर हस्तमैथुन करने की शुरुआत,,, कब एक दूसरे की सहमति से एक दूसरे का हस्तमैथुन करेंगे,,,, मतलब मेरे लौड़े पर शालिनी का हाथ या होंठ.... और शालिनी की मस्त चूत में मेरी ऊंगली,,,,,,,,,, जाने कब वो दिन आयेगा,,

हम दोनों ही अब पूरी तरह से शांत और संतुष्ट हो गये थे और दोनों ही एक-दूसरे से फिलहाल नजरें नहीं मिला पा रहे थे,,,,, मगर मैं इस हसीन मौके को जाया नहीं जाने देना चाहता था,,, और मैंने हल्के से करवट होकर

मैं- गुड नाईट बेबी....

और इतना कहकर मैंने उसे अपने साथ चिपका लिया और उसके बालों में उंगलियां फिराने लगा ,,, वो भी मुझसे अच्छे से चिपक गई और

इसी बीच मैंने उसके रसभरे गुलाबी होंठों पर चुम्बन करने की कोशिश की तो आज मुझे पहली बार लगा कि शालिनी ने मेरे होंठों को हल्के से चूसा और फिर कुछ सेकंड में ही अलग हटा लिया अपना चेहरा,,,

 
इसी बीच मैंने उसके रसभरे गुलाबी होंठों पर चुम्बन करने की कोशिश की तो आज मुझे पहली बार लगा कि शालिनी ने मेरे होंठों को हल्के से चूसा और फिर कुछ सेकंड में ही अलग हटा लिया अपना चेहरा,,,

शालिनी- गुड नाईट भाई,,, और उसने हल्के से अपने सिर को मेरे सीने में दबा दिया,,, उसने भी आज पहली बार मुझे कस कर अपनी बाहों में भर लिया और सोने की कोशिश करने लगी,,

मैं- (धीरे से उसके कान में) कितनी उंगलियां अंदर करी थी,,,

और इतना सुनते ही शालिनी ने मेरी पीठ पर जोर से अपने हाथ से मुक्कों की बरसात कर दी,,, मैं हंसने लगा ,,, उसने सिर्फ इतना कहा ,,

शालिनी- अब सो भी जाओ ,, सुबह भी होगी,,, सब अभी जानना है,,,

और हम दोनों ऐसे ही चिपक कर सो गए एक और हसीन सुबह के इंतजार में.........

रात की मस्तियां और उसके बाद एक और हसीन सुबह के इंतजार में हम दोनों को बहुत ही बढ़िया नींद आयी और सुबह तक हम दोनों एक-दूसरे से लिपटकर सोते रहे,,,

सुबह मेरी नींद खुली तो मेरे होंठों पर शालिनी के रसीले होंठों को पाया,,,, आज ये पहला दिन था जब शालिनी ने सुबह सवेरे अपनी तरफ से मुझे होंठों पर किस किया था,,,,

उसने हल्के से मेरे होंठों पर लेटे लेटे ही चूमा था मगर उसके नर्म मुलायम रसीले होंठों की छुअन से ही मेरी नींद खुल गई और मैंने भी उसके पीछे हाथ ले जाकर उसके होंठों को थोड़ा ज्यादा जोर से चूस लिया और उसकी नंगी कमर पर अपना हाथ भी फिराने लगा,,, ये कोई एक दो मिनट जैसे चला और शालिनी ने अपने होंठ मेरे होंठों से छुड़ाते हुए गुड मार्निंग बोला और साथ ही बेड से उतरते ही शिकायती लहजे में बोली...

शालिनी- क्या भाई,,, सुबह सुबह पूरी बाडी के रोयें खड़े कर दिए,,,

मैंने हंसते हुए अपने सुबह सवेरे के रेगुलर हार्ड आन कंडीशन में खड़े अपने बरमूडे में तम्बू बनाये हुए लंड की ओर देखा,,,, और

मैं- हा हा हा,, रोयें ही खड़े हुए हैं ना

शालिनी ने भी मेरे बरमूडे की तरफ एक नजर डाली और हंसते हुए फ्रेश होने चली गई और मैं सुबह सवेरे शालिनी द्वारा किए पहले किस को याद करते हुए लेटा रहा,,,

शालिनी ने फ्रेश होकर चेंज कर लिया और एक टी-शर्ट और निक्कर पहन कर किचन में चाय बनाने लगी,, चाय लेकर जब वो मेरे सामने खड़ी हुई तो उसकी टी-शर्ट के अन्दर से झांकते हुए उसकी बड़ी-बड़ी चूचियों के दोनों निप्पल नुमायां हो रहे थे,,,

मेरा लन्ड अब भी खड़ा ही था मगर अब हम दोनों इतना खुल चुके थे कि अब उसे छुपाने या शरमाने की कोई जरूरत नहीं थी,,

हम लोगों ने साथ में चाय पी और मैंने शालिनी से कहा

मैं- तुम आज कालेज के बाद माल में आ जाना,,, फिर शापिंग करेंगे,,,

मैं जरा बाहर निकाल कर अपनी बाइक साफ कर लूं ,,,

शालिनी- जी,, मैं भी तब तक नाश्ते के लिए कुछ बना लेती हूं,,,

और मैं अपनी बाइक बाहर निकाल कर कपड़े से साफ़ करने लगा,,, तभी हमेशा की तरह पड़ोसी भाभी दरवाजे को खोलकर झाड़ू लगाते हुए मेरे सामने आ गई,,, हमेशा की तरह उनके झुककर झाड़ू लगाने से उनकी तरबूज के आकार की बड़ी मगर आकर्षक चूचियों की झलक उनके बड़े गले के ब्लाउज से मिल रही थी और हम लोग आपस में बात करने लगे...

भाभी- भैय्या कैसे हो,,,

मैं- ठीक हूं भाभी सा,,,,

और मैं घूर घूर कर उनकी मस्त चूचियों को देखता रहा बातें करते हुए,,, आखिर ये ही तो वो मस्त चूचियां है जिनको शालिनी के आने से पहले मैं देख देख कर अपनी आंखें सेंकता था सुबह सवेरे और मेरे हस्तमैथुन करने के समय की मेरे सपनों की रानी की मस्त चूचियां,,,,

 
कुछ देर बाद गेट को हल्का सा खोल कर शालिनी ने भी भाभी को गुड मार्निंग बोला और हालचाल पूछा,,, कुछ देर बाद हम लोग अपने अपने घर में अंदर आ गये ,,

शालिनी- क्या हो रहा था बाहर

मैं- मतलब, अरे यार मैं बाईक साफ कर रहा था और क्या ?

शालिनी- हूं,,, हाथ तो बाइक साफ कर रहे थे और आंखें ,,,

शायद शालिनी ने भाभी के बड़े गले से दिखती हुई चूचियों को मुझे घूरते हुए देख लिया था ,,,

मैं- क्या मतलब है आंखें कहां थी ?

शालिनी- तुम्हें पता है कहां थी तुम्हारी आंखें ,,, भाभी सा ने सुबह सवेरे अपने देवर राजा को मस्त दर्शन करवाए हैं,, हा हा हा,,

मैं- क्या यार ,, क्या बोल रही हो,, भाभी सा ने कौन से दर्शन करवाए हैं मुझे,, मैं समझा नहीं??

शालिनी - वैसे भाभी ब्लाउज़ बहुत अच्छे पहनती हैं,,, है ना,,,

और शालिनी खिलखिला कर हंसते हुए अपने कपड़े लेने पीछे कमरे में चली गई और मैं अपने लैपटॉप से कुछ मेल्स भेजने लगा और शालिनी नहाने के लिए बाथरूम में चली गई,,

मुझे लगा कि शालिनी को रात की पहली बार चूत में उंगली करने और मेरे मुठ मारकर उससे चिपक कर सोने की कोई शिकायत नहीं है मगर शायद किसी और महिला की तरफ मेरे देखने से भी उसे बुरा फील हो रहा है,,,

मतलब क्या शालिनी अब मेरे लिए पजेसिव हो रही है,,, ऐसा तो तब होता है जब कोई लड़की किसी लड़के के साथ अफेयर में होती है तो उसे बुरा लगता है जब उसका ब्वायफ्रेन्ड किसी और की तरफ अट्रैक्ट होता है या देखता है,,, उसका आज सुबह मुझे खुद से होंठों पर किस करना ,,,, क्या शालिनी को भी मुझसे प्यार हो रहा है धीरे धीरे,,, मेरी तरह,,,

खैर मैं यही सब सोचते हुए अपने काम को निपटा रहा था लैपटॉप पर कि तभी मुझे वही जानी पहचानी मादा महक कमरे में महसूस हुई और मैंने नजर उपर उठाई तो मेरी धड़कन तेज हो गई,,,,,,,

शालिनी ने सिर्फ टावेल लपेट रखा था जो मैं उसके लिए लाया था,,,,और अंदर बाथरूम से बिना कुछ पहने,,, निकल कर मेरे सामने से होती हुई पीछे कमरे में चली गई,,,, आह,,, सुबह सुबह उसके अधनंगे बदन पर पानी की बूंदें उसके पैरों पर बहते हुए बड़ी तेजी से उपर से नीचे उतर रही थी और मैं उसके पैरों को ही देखता रहा उसके कमरे में जाकर दरवाजा हल्का सा बाहर की ओर धकियाने तक ,,,,

मैं जब तक उसके इस टावेल में लिपटे हुए रूप के सम्मोहन से बाहर आता उससे पहले ही शालिनी की आवाज आई- भाई,, जरा यहां आना,,,

मैं हां बोलकर बिना कुछ सोचे-समझे जैसे ही कमरे के हल्के खुले दरवाजे को धकियाते हुए अंदर घुसा तो एक हसीन नजारा मेरी आंखों के सामने था..............

शालिनी मेरी तरफ पीठ करके खड़ी थी और उसके हाथ पीछे ब्रा के हुक को लगाने की कोशिश कर रहे थे,,,,, उसकी गोरी चिकनी पीठ पर सफेद ब्रा की स्ट्रिप.....आह,,, ये सब काफी था... मेरे होशोहवास खो जाने को.... और जैसे ही मेरी सरसरी नजर शालिनी के निचले शरीर पर गई तो ऐसा लगा .... कि लंड बरमूडे को फ़ाड़ कर बाहर निकल आने को आतुर है........

शालिनी ने एक व्हाइट कलर की लेगी पहनी हुई थी और उसके अंदर से उसकी प्रिंटेड पैंटी उसकी कामुकता से भरपूर जांघों को छुपाने के बजाय और दिखा रही थी,,,

शालिनी- भाई,,, अब खड़े रहोगे या मेरा काम भी करोगे ,,,

मैं अपने ख्यालों से बाहर निकलकर तुरन्त बोला- हां बोलो बेबी,,,

शालिनी- मेरी ब्रा का हुक ...

इतना सुनते ही मैंने आगे बढ़ कर उसकी साइड से दिखती हुई चूचियों को हल्के से उंगली से छूते हुए हुक को लगा दिया और मैं एक सीधे मासूम बच्चे की तरह कमरे से बाहर निकल आया,,,,,,

मजबूरी थी क्योंकि मैं शालिनी के साथ सुबह सवेरे या दिन भर सेक्सुअल हरकतें करना नहीं चाहता था और अपने आप को रोक भी नहीं पाता था,,,

कभी कभी अजीब सी उत्तेजना और आत्म ग्लानि मिश्रित विचार मन में आ ही जाते थे,,,

मैं सीधा बाथरूम में नहाने के लिए घुसा मगर कुछ सोच कर बाहर निकल कर रस्सी पर टंगी हुई शालिनी की ब्रा को उठाया और उसे लेकर बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया,,,

 
मैं सीधा बाथरूम में नहाने के लिए घुसा मगर कुछ सोच कर बाहर निकल कर रस्सी पर टंगी हुई शालिनी की ब्रा को उठाया और उसे लेकर बाथरूम का दरवाजा बंद कर लिया,,,

नहाते हुए मैंने शैम्पू और साबुन के मिश्रित झाग को अपने सात इंची लन्ड पर रगड रगड़ कर शालिनी की ब्रा के कप्स में अपना वीर्य निकाल दिया,,, और राहत की सांस ली कि अब दिन भर शायद लन्ड महाराज शांत रहे,,,

और नहाकर मैं भी सिर्फ टावेल लपेट कर बाहर निकल कर शालिनी की ब्रा को और अपनी चढ्ढी को सूखने के लिए रस्सी पर डाल कर अंदर कमरे में आकर कपड़े पहनने लगा,,, शालिनी किचन में थी और उसने एक गजब का फ्राक सूट पहना हुआ था और नीचे लेगी,,,,,,

उसके शरीर का कोई भी हिस्सा अनावश्यक रूप से दिखाई भी नहीं दे रहा था और उसके बावजूद वो बहुत ही हाट और आकर्षक लग रही थी,,, सुंदर लड़कियां बिना बदन दिखाउ कपड़े पहन कर भी किसी को भी आकर्षित कर सकती हैं,,, क्या गजब की सुंदरता पायी है,,, मेरी बहन ने,,, और उसने आज थोड़ी सी डार्क रेड लिपस्टिक भी लगा रखी थी अपने रसीले होंठों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए,,, मैं तो बस उसे देखता ही रह गया ....

शालिनी नाश्ते की ट्रे लेकर मेरे पास आई और हमने प्यार से साथ में बैठकर नाश्ता किया और कालेज के लिए निकल पड़े,,

रास्ते में रोज़ की तरह शालिनी की मस्त चूचियों की रगड़ को अपनी पीठ पर महसूस करते हुए,,,,, मैं और शालिनी दोपहर बाद शापिंग और कल गांव वाले घर माम के पास चलने के बारे में बातें करते हुए उसके कालेज पहुंच गए और मैंने उसके बाइक से उतरते ही धीरे से बोला

मैं- यू आर लुकिंग वेरी ब्यूटीफुल,,, अपना ख्याल रखना,,

बाय बाय सेक्सी,,

और मैं उसके जवाब का इंतजार किए बिना बाईक स्टार्ट करके निकल लिया,,,

**************

 
दोपहर में हम दोनों माल में मिले और टाप फ्लोर पर जाकर हम दोनों ने पहले लंच किया हल्का फुल्का और शापिंग करने के लिए ऐसे ही इधर उधर शोरूम पर नजर डालते हुए हम दोनों माल में घूम रहे थे,,, मुझे शालिनी के चेहरे पर हमेशा वाली मुस्कुराहट और उसकी बात बात पर चुहलबाज़ी नहीं दिख रही थी जबकि पिछले आधे घंटे से हम दोनों साथ थे,,,वो कुछ परेशान सी लगी मुझे,, और मैंने उससे पूछ ही लिया,,,,

मैं- क्या बात है मेरी स्वीट बहना,, कहां खोई खोई सी हो,,, कुछ लेना है या ऐसे ही मस्ती करते हुए माल में घूम कर घर चलना है ?

शालिनी- नहीं,, लेना है ना,, बट भाई ऐसा करते हैं चलो आज बाहर एक मार्केट है जो वहां चलते हैं ,,, कालेज में लड़कियां बता रही थी कि वहां काफी अच्छी रेंज मिलती है ,,,,

मैं- ठीक है चलो,,,

और मैं शालिनी के हाथ में हाथ डाल कर उसे बाहर पार्किंग में ले आया,,, और बाइक से हम लोग पास की मार्केट के लिए निकल पड़े ,,,

मैं रहता तो इसी शहर में था सालों से मगर मुझे इस मार्केट में आना नहीं हुआ था,,, यहां सैकड़ों छोटी बड़ी दुकानें थीं और सब की सब लेडीज वियर की,,,

शालिनी ने आज अपने लिए काफी सारे कपड़े लिए और कुछ बहुत ही बोल्ड टाइप की ड्रेस और जीन्स टी-शर्ट,,, लेग्गिस,,, सच में इस मार्केट में काफी कम दामों पर लेटेस्ट फैशन के कपड़े मिल गए थे,,,

आज की शापिंग में मुझे मजा नहीं आया क्योंकि शालिनी कुछ खोई खोई सी जो थी,,,

मुझसे रहा नहीं गया और मैंने फिर से शालिनी से पूछा,,,

मैं- क्या बात है बहना,,, कहां गुम हो तुम,,,,

शालिनी- वो कुछ नहीं भैय्या,, बस आज कालेज में ,,,,

मैं- क्या हुआ कालेज में,, किसी ने तुम्हें परेशान किया क्या ?

शालिनी ने मेरा हाथ पकड़ कर मार्केट में एक साइड पर पड़ी बेंच पर बैठते हुए बोला

शालिनी- भैय्या,,, वो ना,,, कल जो हम लोगों ने वीडियो क्लिप देखी थी ना,,, भाई जी वो लड़की हमारे ही कालेज की है,,, सीनियर है हम लोग की,,,

मैं- हां,, ऐसा क्या,,,

शालिनी- हां भैय्या,, आज पूरे कालेज में उसी वीडियो की बातें हो रही थी और पता चला कि उस लड़की ने अपनी बदनामी के डर से सुसाइड करने की कोशिश भी की कल रात में ही,,,

मैं- ओह माई गॉड,, ये तो बहुत बुरा हुआ उस लड़की के साथ,, उसे ध्यान रखना चाहिए था कि वीडियो रिकार्डिंग ना करते वो सब करते हुए ,,

शालिनी- हां भाई,, मुझे बहुत डर लग रहा है तबसे,, वो लड़की का कई साल पुराना अफेयर था उस लड़के से,,, बहुत प्यार भी करते थे एक दूसरे से,,, पर उस कमीने लड़के ने उसकी इज्जत खराब कर दी,,, साथ ही साथ उसके परिवार की भी,,, लड़के सब ऐसे ही गन्दे होते हैं,,,

मैंने शालिनी के हाथ को हाथ में लेकर हल्के से सहलाया और,,,

मैं- सच में ,, बहुत ग़लत काम किया है उस कमीने,,, भोंसड़ी वाले ने,

ना चाहते हुए भी मेरे मुंह से गाली निकल गई,,

शालिनी- आज कालेज प्रिंसिपल मैम ने भी कामन असेम्बली में सब लड़कियों को बहुत समझाया कि इस तरह के कामों से लड़कियों को दूर ही रहना चाहिए नहीं तो थोड़े मजे के लिए सारा जीवन नर्क बन सकता है,,,

मैं- हां बेबी,, लड़कियों को ऐसे हरामी लौड़ों से दूर ही रहना चाहिए,, साला कमीना,,, उसकी बहन का वीडियो ऐसे ही वायरल हो तो पता चलता मादरचोद को,,,

शालिनी- वैसे लड़का पकड़ लिया है पुलिस ने ,,, बट अब वो लड़की और उसकी फैमिली ,,, ओह गाड ,,,

 


मैंने शालिनी को खूब समझाया और धीरे धीरे बातों ही बातों में शालिनी को ये यकीन दिलाया कि सब लड़के बुरे नहीं होते,,, मगर लड़कियों को सेक्स सम्बन्ध बनाने के समय में ध्यान रखना चाहिए कि जिसके साथ वो ये कर रही हैं,, वो कभी उसे इस तरह बदनाम ना कर पाए,,,

और बातों ही बातों में मैंने मूवी थियेटर वाले राजा भैया और दीदी की बात छेड़ दी और शालिनी से कहा

मैं- आज कल के माहौल को देखते हुए तो सबसे सही फैसला उन दोनों ने किया है,,,

शालिनी- क्या सही किया ?

मैं- देखो यार,, उन दोनों ने बाहर किसी के साथ रिस्क लेने से अच्छा अपनी जरूरतों को आपस में पूरा कर लिया और कोई रिस्क नहीं है इस तरह की बदनामी का ,,, हां थोड़ी सावधानी रखें,, बस,,

शालिनी- हां भैय्या,, इस तरह के वीडियो वायरल करने वाले से तो ठीक ही हैं वो दोनों,,,

मैं- उन दोनों ने अगर कभी ऐसा वीडियो बनाया भी तो,,,, ना कोई भाई अपनी बहन को बदनाम करेगा और ना ही बहन अपने भाई को ,,,

शालिनी- हूं,, ,, और तुम कल मुझसे कह रहे थे कि मैं भी ब्वायफ्रेन्ड बना लूं किसी को,,, मुझे नहीं बनाना किसी भी लड़के को ब्वायफ्रेन्ड

मैंने मौका देखा और

मैं- मैंने ब्वायफ्रेन्ड बनाने के लिए कहा था मतलब कोई अच्छा सा समझदार और जिम्मेदार लड़का हो, तुम्हारी इज्जत का ख्याल रखें और खूब प्यार करे,,, तो ,,, बना सकती हो,,, ये तुम्हारी लाइफ है ,,,, मैं तुम्हें बांध कर रखना नहीं चाहता,,, खुलकर जियो ,,, और उसके गाल में हाथ लगाकर,,,,, हंस के जियो,,,

शालिनी के चेहरे पर काफी देर बाद मुस्कुराहट आयी और

शालिनी- हूं,, ऐसा कौन है मेरा,,,, तुम्हारे सिवा ,,, जिस पर मैं अपने आप से भी ज्यादा भरोसा कर सकती हूं,,

मैं- तो स्वीटू,, बना लो ना,, मुझे अपना ब्वायफ्रेन्ड ? हंसते हुए

शालिनी ने मेरी तरफ देखा और हंसते हुए,,,

शालिनी- हां हां,, बड़े आये ब्वायफ्रेन्ड बनने,,, तुम तो मेरे राजा भैया ही ठीक हो,,,

मैं- मेरी तरफ से ये आफर हमेशा रहेगा,,, तुम सोच कर बताना,,,

शालिनी- क्या भाई तुम भी ना,, मेरे गुरु, मेरे दोस्त और भैय्या,,,, सबकुछ तुम्हीं हो,,, और क्या बाकी है,,,

हंसते हुए वो बेंच से उठी और बोली- चलो भाई अब घर चलते हैं,,,

मैं- हां,,, चलते हैं ,,,

और हम लोग मार्केट से बाहर निकलने ही वाले थे कि मेरी नज़र एक शोरूम पर पड़ी जिसमें शीशे के पार तरह-तरह की रंगीन ब्रा और पैंटी लाइन से टंगी हुई थी तो आज़ की बोरिंग शापिंग और शालिनी के मूड को थोड़ा अच्छा करने के इरादे से मैंने साथ चलती हुई शालिनी के कंधे को अपने कंधे से हिलाया और,,,

मैं- उधर देखो ,,, लेना है,,,

शालिनी- नहीं रहने दो भाई,, हैं तो काफी सारी,,,

मैं- काफी सारी हैं तो,,, बट कोई नई डिजाइन वाली ले लो,,,

शालिनी- क्या करना नई डिजाइन का,,, किसी को दिखाना है क्या ?

मैं- अरे चलना यार,,, चलो आज मैं पसंद करता हूं तुम्हारे लिए,,,

शालिनी- तुम ना भाई,,, अच्छा चलो

और हम दोनों शोरूम के अंदर घुस गये,,, जहां हजारों तरह की ब्रा और पैंटी रंग बिरंगी, डिजाइनर नाइटवियर लाइन से लटक रहे थे,, हम दोनों थोड़ी देर तक ऐसे ही देखते रहे फिर मैंने एक ब्रा उठाई और शालिनी को दिखाते हुए

मैं- ये कैसी है,,

शालिनी- अच्छी है,, आपकी पसंद हमेशा अच्छी ही होती है,,

मैंने उसके साथ की मैचिंग पैंटी उठाई तो उसे देखते ही शालिनी बोल पड़ी

शालिनी- ओह,, ये बहुत छोटी है यार,, अजीब लगेगा,,,

मैं- कुछ अजीब नहीं लगेगा,, क्या एक ही तरह के कपड़े पहनना ,, सभी तरह के पहनकर देखना चाहिए,,,

शालिनी (थोड़ा सोचकर) अच्छा , ले लो,,

मैंने शालिनी से पूछ पूछ कर उसके लिए अलग अलग तरह की चार सेट ब्रा पैंटी पसंद करी ,,, खास बात ये थी कि पैंटी सभी के साथ छोटे साइज की ही थी। आखिर में मैंने एक छोटी साइज की घुटनों के उपर तक आने वाली नाईटी भी खरीद ली,, जिसे देखकर शालिनी बहुत खुश हो गई और मुझे थैंक्स बोला ,,

शापिंग करने के बाद हम दोनों ने आइसक्रीम खाई फिर घर की ओर चल पड़े ।

हम दोनों घर के बाहर ही पहुंचे थे और बगल में भाभी भी अपना गेट खोल रही थी,,, वो भी अपने बच्चों को लेकर स्कूल से घर आ गई थीं,,,

भाभी- लग रहा है आप लोग शापिंग करके आ रहे हैं ,,

मैं- हां,, भाभी सा ,,

भाभी- अच्छा अभी आकर देखती हूं क्या क्या लाये हो,,,

और हम लोग अपने अपने घर में अंदर आ गए,, मैंने शालिनी से कहा कि मुझे अभी वापस जाना पड़ेगा और मैं शाम तक आऊंगा,, और मैं कुछ देर गर्मी के कारण कूलर के पास बैठ कर अपने पसीने को सुखाकर ठंडा पानी पीकर कुर्सी पर सुस्ताने लगा ,,

तभी हमारी बेल बजी ,, शायद भाभी बाहर थीं,,, शालिनी ने अब तक चेंज कर लिया था और एक टी-शर्ट और कैप्री पहन ली थी,, मैंने उठकर गेट खोला और भाभी अंदर आ गई,,, भाभी मूलतः बिहार की रहने वाली है और पूरबिया होने के कारण वो बहुत ही मजाकिया भी है,, मगर सिर्फ मजाकिया,,,

अंदर आकर भाभी कुर्सी पर बैठ गई और शालिनी ने उनके आतिथ्य में पानी और मिठाई लाकर रख दी,,

भाभी- भैय्या,, एक्चुअली मैं अपने एक काम से आई हूं आपके पास

मैं- हां हां,, बोलिए ,,

भाभी- मुझे जरा ब्यूटी पार्लर जाना है,, क्या शालिनी को आप मेरे साथ भेज देंगे,,,

मैं- अरे तो आप मुझसे क्यों पूछ रही हैं,, शालिनी से पूछिए,,, वो जाना चाहे तो उसे ले जाइए ,,

भाभी- चलोगी ननद रानी,,, वो मुझे कुछ सामान लाना है तो उसे पकड़ कर तुम बैठ जाना मेरी स्कूटी पर ,,,

शालिनी - हां,, अब आपने पहली बार कुछ कहा है तो आपको मना कैसे करुंगी भाभीसा ,,,

भाभी- ठीक है,,, हम लोग पांच बजे तक चलेंगे और सात बजे तक वापस ,,, और हां भई,, शापिंग क्या हुई है आज वो तो दिखाया नहीं तुमने

शालिनी- जी भाभी,, अभी दिखाती हूं,,,, और वो पीछे कमरे से शापिंग बैग्स लेकर आई ,,,,

वो दोनों बेड पर कपड़े फैला फैला कर और उलट पुलट कर देख रही थी,,, भाभी लगातार शालिनी के कपड़ों की तारीफ कर रही थी और जब शालिनी ने बताया कि ये सब मेरी पसंद के हैं तो भाभी ने कहा कि कभी हमको भी शापिंग करवा दीजिए आपकी कलर च्वाईस बहुत अच्छी है ,,,

 
वो दोनों बेड पर कपड़े फैला फैला कर और उलट पुलट कर देख रही थी,,, भाभी लगातार शालिनी के कपड़ों की तारीफ कर रही थी और जब शालिनी ने बताया कि ये सब मेरी पसंद के हैं तो भाभी ने कहा कि कभी हमको भी शापिंग करवा दीजिए आपकी कलर च्वाईस बहुत अच्छी है ,,,

इस बीच मैंने गौर किया कि शालिनी अपने अंडरगार्मेंट वाली पालीबैग नहीं लायी थी,,, मतलब वो भाभी के सामने ये नहीं दिखाना चाहती थी कि हम दोनों भाई बहन एक साथ एक दूसरे के अंडरगारमेंट्स की शापिंग भी करते हैं,,,

मैंने उन दोनों से कहा

मैं- मुझे तो निकलना है अभी आप दोनों साथ चले जाना,,, और मैं अपनी बाइक लेकर निकल गया ,,,

***************

शालिनी ने भाभी के साथ पार्लर पहुंच कर मुझे मैसेज किया ये बताने के लिए कि वो वहां पहुंच गई है ,,, उसके बाद मेरे एक मित्र ने मुझे अपने काम से रात के आठ बजे तक फंसाये रखा,,, इस बीच शालिनी ने घर आकर मुझे मैसेज कर दिया था ,,, मैं लगभग सवा आठ बजे घर पहुंचा और मैंने अपनी चाभी से गेट खोला और धीरे से गेट बंद करके आगे बरामदे से कमरे की ओर कदम बढ़ा दिए,, पता नहीं कैसे मेरे मन में अपने ही घर में चोरों की तरह घुसने का ख्याल आया था,,,,

इस ख्याल के पीछे कारण ये था कि मैं जब भी इस तरह चुपचाप बाहर से घर के अंदर आता हूं तो कई बार शालिनी के शरीर को अधनंगा देखने का नायाब तोहफा मिल जाता था,,, और इसी उम्मीद में मैंने दरवाजा हल्का सा अंदर की ओर धकियाया और सामने का नज़ारा देख कर मैं अपनी किस्मत पर रश्क करने लगा ,,,

सामने बेड पर शालिनी लेटी हुई थी और दबे पांव घर में अंदर आने का मेरा फैसला सही साबित हुआ,,

अब तक मैं शालिनी की चूचियों को सहलाने , हल्का सा उसके सोते समय दबाने, और ब्रा में बंद काफी बार देख चुका था,, वो खुद ही मुझे ब्रा में कसी अपनी उन्नत चूचियों को दिखा चुकी थी ,ब्रा ट्राई करते समय,,,,हम दोनों यहां तक आगे बढ़ चुके थे कि मेरे उकसाने पर शालिनी ने अपनी चूत में उंगली डाल कर अपना प्रथम हस्तमैथुन भी कर लिया था,,, मगर अब तक मैंने कभी भी शालिनी की मस्त चूचियां नंगी नहीं देखी थी,, बिना किसी अवरोध के,,

मुझसे चंद फिट दूर मेरे जीवन की पहली नंगी चूचियां मेरी नज़रों के सामने थीं,,, शालिनी के शरीर पर इस समय सिर्फ और सिर्फ एक पैंटी ही थी,,, उपर से वो पूरी तरह नंगी ही थी,, एक चादर थी और वो भी अस्त व्यस्त.....

हर सांस के साथ उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां उपर नीचे हो कर फूल पिचक रहीं थीं और नीचे उसकी नयी छोटी सी पैंटी,,, आह,,, पैंटी में तो मैंने आज तक शालिनी को नहीं देखा था,,

क्या नजारा था मेरे सामने,,, मेरे सपनों की रानी मेरी सगी बहन इस हालत में बेखबर हो कर सो रही थी और मेरी हालत खस्ता हो रही थी,,, मैंने जल्दी से अपने मोबाइल फोन से उसके कुछ फोटो खींचे और अपने लंड को पैंट के ऊपर से ही मसलने लगा।

 
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