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Incest भाई-बहन वाली कहानियाँ

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भाई से तुड़वायी सील

मेरा नाम मोनिका है। मैं हिमाचल की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 19 साल है। ब्रदर सिस्टर के सेक्स की यह बात करीब 2 साल पहले की है जब मैंने 12वीं के एग्जाम दिया था।

यह घटना मेरी और मेरे भाई की है। मेरे घर में मेरे अलावा मेरे पापा और ममा, मेरी निकिता दीदी जिनकी उम्र 21 साल है और 23 साल का मेरा भाई रोहन है। मेरी दीदी पापा की लाड़ली हैं और वो पापा के साथ ही रहती हैं। मेरी निकिता दीदी तभी घर आती है जब मेरे पापा घर आते हैं।

मेरी दीदी साड़ी और खुले गले का ब्लाउज पहनती हैं जिसमें उनका भूरा पेट, गहरी नाभि और आधी चूचियाँ साफ दिखती हैं। पापा और ममा उनको कभी मना नहीं करते हैं, बल्कि खुश होते हैं। मेरे पापा दिल्ली में जॉब करते हैं और मेरा भाई पंजाब में।

मेरे भाई रोहन की हाइट 5 फ़ीट 9 इंच और बॉडी बिल्डर जैसी बॉडी है।

मेरी हाइट 5 फ़ीट 3 इंच है और मेरा रंग गोरा है। मेरी चूचियों की साइज़ 32 कमर 28 और कूल्हे 36 के हैं।

मेरे स्कूल में लड़के मेरे कूल्हों के दीवाने हैं। मैं लड़कों की तरह छोटे बाल रखती हूँ। मुझे जीन्स ओर शर्ट टॉप पहनना पसन्द है। मेरी हाइट कम होने के कारण मेरे कूल्हे ज्यादा बड़े दिखते हैं। मेरी चूचियाँ गोल और ब्राउन कलर के निप्पल हैं, चेहरा गोल है।

मेरा भाई कंपनी में जॉब करता है। उनको खाना बनाने में दिक्कत होती थी तो ममा ने मुझसे कहा कि तुम चली जाओ भाई के साथ। वैसे भी मैं घर पर पूरा दिन खाली ही रहती थी तो मेरी भी इच्छा भाई के साथ जाने की थी। मैं भी चाहती थी कि मैं उनके साथ रहूँ क्योंकि मुझे वहाँ आजादी मिल जाती और वहाँ घूमने फिरने का मौका भी मुझे मिलता। और वैसे भी अपने रोहन भाई के साथ मुझे रहना, उनके साथ सोना, बातें करना- यह मुझे अच्छा लगता है।

घर में भी मेरा और भाई का एक ही कमरा है। मैं भाई के साथ हर बात शेयर कर लेती हूँ। यहाँ तक कि भाई मुझे गिफ्ट में ब्रा और पेंटी भी दे देते हैं। असलियत तो यह है कि मैं रोहन को ही अपना बॉयफ्रेंड मानती हूँ लेकिन रोहन को ये पता नहीं है कि उनकी छोटी बहन ही उनकी हमबिस्तर होने को तैयार है।

मैंने ममा की बात पर हाँ कर दिया और और भाई के साथ जाने को तैयार हो गयी। भाई भी खुश हो गए क्योंकि उनको खाना बनाने वाली जो मिल रही थी।

दिन में ममा कुछ बाजार के काम से बाहर चली गयी। मैं और भाई घर पर अकेले रह गए। तब भाई ने कहा कि मोनिका तुम अपने कपड़े पैक कर लो और मेरे कूल्हों पर हल्का सा चांटा लगा दिया। भाई ऐसा करते रहते थे।

आखिर हम भाई बहन सुबह घर से चल दिए और शाम को 8 बजे पंजाब भाई के रूम पर पहुँच गए। हम दोनों काफी थक गए थे तो मैंने और भाई ने शॉवर लिया और खाना खाया जो हम अपने घर से पैक करके ले आये थे।

खाना खाने के बाद हम दोनों ने सोने की तैयारी की। भाई के रूम में एक ही बेड था जिस पर हम दोनों लेट गए। मैं दीवार की तरफ मुँह करके सो गयी जिससे मेरे कूल्हे भाई की तरफ हो गए। भाई ने अपना लण्ड मेरे कूल्हों से सटा दिया और मेरे पेट पर हाथ रख कर मुझसे चिपक कर सो गए।

थोड़ी देर बाद मुझे अपने कूल्हों के बीच में हलचल महसूस हुई। मैंने सोचा कि भाई नींद में है, रहने दो, जो हो रहा है उसे होने दो … क्योंकि मजा तो मुझे भी आ रहा था।

थोड़ी देर बाद क्या हुआ कि भाई आगे पीछे होने लगे। तो मैंने अपने पैरों को थोड़ा खोल दिया जिस से भाई का लण्ड मुझे मेरी चूत पर महसूस होने लगा। उस समय मैंने लोवर के नीचे पैंटी नहीं पहनी थी। भाई अब थोड़ा तेजी से आगे पीछे होने लगे मगर मैं चुप पड़ी रही।

5 मिनट बाद भाई ने मुझे आवाज़ दी- मोनिका!

मैं कुछ नहीं बोली।

भाई ने दुबारा आवाज दी तब मैं बोली- हाँ भाई?

भाई- जाग रही हो?

मैं- हॉं भाई!

भाई- मेरी तरफ मुँह करके सो जाओ।

मुझे मालूम था कि भाई चोदना चाहते हैं मुझे। मैंने भाई की तरफ मुँह कर लिया और अपनी आँखे बन्द कर के सोने लगी।

भाई- मोनिका यार, क्या तेरा कोई बॉयफैंड है?

मैं- नहीं भइया, आपके पास कोई लड़का हो तो बताना!

और मैं हँस दी।

भाई भी हँसने लगे।

मैंने भाई से पूछा कि आपकी कोई गर्लफ्रैंड है क्या?

भाई- नहीं, जॉंब से फुर्सत हीं नहीं मिलती जो लड़की पटाऊँ। अब मुझे गर्लफ्रैंड की जरूरत नहीं है।

मै- क्यूँ?

भाई- तुम जो आ गयी हो, आज से तुम हो मेरी गर्लफ्रैंड।

इतना कहते ही भाई ने मेरी दोनों चूचियों के बीच मुँह रख दिया और अपना लण्ड मेरी चूत से सटा दिया।

मैं भी भाई से यही चाहती थी क्योंकि भाई मेरे बचपन से ही स्मार्ट रहे हैं। मैंने अपनी टांगें थोड़ी सी खोल क़र भाई के कूल्हों पर हाथ रख कर उनको अपनी तरफ खींच लिया।

तभी भाई पीछे हट गए।

मैं घबरा गयी कि अब क्या हो गया।

भाई- मोनिका, मुझे फुल मज़ा करना है।

यह कह कर भाई ने अपनी लोअर और टीशर्ट उतार दी। भाई ने नीचे अंडरवियन नहीं पहना था। भाई का लण्ड करीब 6 या 7 इंच लम्बा और करीब 3 इंच मोटा था। मुझे लगा कि मैं इसे नहीं ले पाऊँगी।

अपने कपड़े उतारने के बाद भाई मेरे भी कपड़े उतारने लगे। मेरी टीशर्ट उतारते ही चूचियॉं उनके सामने लहराने लगी। मुझे बहुत शरम महसूस हो रही थी।

तभी भाई मेरी चूचियों को हाथ में ले कर दबाने लगे।

भाई ने चूची को मुँह में भर लिया। मेरी सिसकारियाँ छूटने लगीं.. आह.. सीईईईईई ईईईई

मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकती। सच पूछो तो मेरी चूत से पानी निकलने लगा था।

तभी भाई ने मेरी लोअर निकाल दी। मेरी क्लीन चूत भाई के सामने थी। भाई ने चूत पर हाथ रखा और 1 उंगली अंदर डाल दी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। हम दोनों लोग नंगे ही एक दूसरे को गले लगाने लगे।

कुछ देर बाद भाई अपना लंड मेरे मुँह में डालने लगा। मैं उसको मना कर रही थी- नहीं, मैं यह नहीं करूंगी।

तो वो बोला- इसमें मज़ा आता है।

मैंने थोड़ा नानुकुर के बाद भाई का लंड चूसना शुरू कर दिया। मुझे लंड चूसना इतना अच्छा लग रहा था कि मैं बेशर्मों की तरह उसका लंड चूसती रही।

वह 69 पोजीशन में होकर मेरी चूत को सहलाने लगा फिर मैंने पाया कि उसकी जीभ मेरी चूत को चाट रही है। मैं मदहोश होकर आहें भरने लगी। हम दोनों भाई बहन पूराचुदाई के खेल में लग गये थे। वह मेरी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था और मैं आहें भर रही थी।

तभी वह उठा और अपनी मेज की दराज से एक कंडोम निकाल कर ले आया। मैं बिस्तर पर थी। उसने मेरे सामने खड़े होकर अपने लंड पर कंडोम चढ़ाया। मैं चुपचाप लेटी उसके खड़े लंड को देख रही थी।

कंडोम लगाने के बाद वह बिस्तर पर मेरे ऊपर चढ़ गया और अपने जिस्म से मेरे जिस्म को रगड़ने लगा। मैं भी एकदम चुदासी हो गयी थी, मैं कह रही थी- मुझे चोदो मेरे भाई!

मेरा भाई भी अब चुदाई करने के लिए बेचैन हो गया था। अपने लंड पर उसने कंडोम लगाया हुआ था। उसका खड़ा लंड कंडोम की वजह से चमक रहा था।

वह अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ रहा था। वह मेरी टांगों को फैला कर मेरे जांघों के बीच में आ गया और अपना लंड मेरी चूत में घुसाने लगा। मैं भी कसमसा रही थी कि यह जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दे और चोद चोद कर मेरा बुरा हाल कर दे। मैं भाई के लंड से चुदवाने के लिए इतनी गर्म और चुदासी हो गयी थी कि जब वह अपना लंड मेरी चूत में डाल रहा था तो उसके लंड को चूत पर फिसलता देख कर मैंने खुद उसका लंड पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया।

लंड को चूत के छेद पर सेट करने के बाद मैंने भाई को इशारे से कहा- अब मेरी चूत में लंड डालो।

भाई ने एक जोरदार धक्का लगाया तो उसका पूरा लंड एक बार में ही मेरी गीली चूत में पूरा समा गया। भाई का लंड इतना मोटा और बड़ा था कि मुझे बेइंतहा दर्द हुआ और मेरी चूत से खून निकलने लगा।

तभी भाई ने एक और धक्का मारा और भाई का लंड मेरी वर्जिन चूत के खून से लथपथ होकर चूत में गहराई तक समा गया। मैंने भाई को रुकने के लिए बोला तो भाई ने मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया।

होठों के चूसने से जब मेरा दर्द कम हुआ तो मैंने अपने कूल्हे हिला कर भाई को इशारा किया। तब भाई ने फिर से अपना लंड आगे पीछे करना शुरू कर दिया। मुझे अब हल्का हल्का सा दर्द हो रहा था लेकिन कुछ देर बाद मैं भी अपनी गांड को नीचे से उछाल कर उसका लंड अपनी चूत में लेने लगी।

बहुत मस्त चुदाई हो रही थी; मैं भाई का पूरा साथ दे रही थी और वह भी अपनी बहन की चूत को बहुत अच्छे से चोद रहा था। हम लोग बहुत देर तक चुदाई करते रहे। हम दोनों लोग चुदाई करते करते एक दूसरे से चिपट कर एक दूसरे को कस कर गले भी लगा लेते थे।

थोड़ी देर बाद वह अलग हो गया; अब वह मुझसे घोड़ी बनने के लिए बोल रहा था। मैं उसके लिए तुरन्त घोड़ी बन गयी। वह मेरे पीछे से आकर मेरी चूत में लंड पेलना शुरू किया। हम दोनों इस तरह चुदाई कर रहे थे जैसे हम दोनों एक अरसे से चुदाई करते चले आ रहे हों। हम दोनों चुदाई के साथ साथ एक दूसरे को किस भी करते जा रहे थे।

थोड़ी देर तक घोड़ी बना कर चोदने के बाद उसने मुझे अपने लंड पर बैठने के लिए इशारा किया। मैं तैयार हो गयी। मैं अपनी दोनों टांगे दोनों तरफ करके भाई के लंड पर बैठ गयी। भाई ने नीचे से धक्का लगाना शुरू किया। हर धक्कें के साथ लंड चूत में समाता चला गया।

करीब आधा घंटा गरमागरम चुदाई के बाद हम दोनों झड़ने को हो गये।

मैंने भाई को कस कर पकड़ लिया और झड़ने लगी तभी भाई के लंड ने भी वीर्य छोड़ दिया। इसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को किस करना शुरू किया। उसने मुझे आई लव यू बोला और मैंने भी उसे आई लव यू बोला।

हम दोनों ब्रदर सिस्टर नंगे ही आपस में चिपटे रहे। थोड़ी देर बाद हम दोनों की पता नहीं कब आँख लग गयी। कुछ देर बाद भाई का लंड सिकुड़ कर बाहर आ गया। सुबह उठ कर हम दोनों ने फिर एक बार चुदाई की।

 
रंडी बनाकर बुआ की लड़की को चोदा

में दिल्ली का रहने वाला हूँ और दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल का था और मेरी बुआ की तबीयत ज़्यादा खराब हो गई और हम सभी वहाँ पर चले गए। फिर 10 दिनों के बाद बुआ की तबीयत में थोड़ा सुधार आया तो मम्मी पापा आ गए.. लेकिन में वहीं पर रुक गया छुट्टियाँ मनाने के लिए और मेरे फूफा जी बाहर नौकरी करते थे। जिस कारण से वो घर पर नहीं आ पाते थे.. मेरी बुआ की 2 लड़कियां है। एक 21 साल की ऋतु और एक 18 की अर्चना। लेकिन अर्चना का शरीर बहुत गदराया हुआ सा हो गया था। उसका फिगर 36-34-36 था। इतनी सी उम्र में इतनी अच्छा फिगर। उसे पहली बार देखकर में तो हैरान ही हो गया था। वो मिनी स्कर्ट में स्कूल जाया करती थी.. जिसमे वो और भी ज़्यादा खूबसूरत लगती थी।

उसकी चिकनी चिकनी टाँगे बड़ी ही मस्त थी तो अपनी जांघो तक की स्कर्ट पहनती थी और मैंने अपनी कज़िन होने के कारण अपने मन को बहला लिया और उसके बारे में ना सोचने की कोशिश करने लगा.. लेकिन मेरा लंड नहीं मानता था.. क्योंकि मैंने बहुत दिनों से चुदाई नहीं की थी। में उसके जिस्म को याद कर करके मूठ मारने लगा। फिर 5-6 दिनों तक ऐसा ही चला एक दिन में जब ऋतु को हिंदी पड़ा रहा था तो उसके पास डस्टर नहीं था। तभी मैंने अर्चना के बेग में ढूंडा.. मुझे डस्टर तो नहीं मिला लेकिन एक चीज़ मिली.. एक सीडी जिस पर A7 बना हुआ था। मैंने बहुत ब्लू फिल्म देखी है तो मुझे पता था कि यह A7 एक इंग्लीश ब्लू फिल्म है। मैंने उसे वापस रख दिया और रात को में उसी बारे में सोचने लगा और बाहर आकर पानी पीने लगा। में वापस जा रहा.. लेकिन मैंने सोचा कि एक बार क्यों ना अर्चना के कमरे में जाकर देखूं वो बंद था।

तभी मैंने दरवाजे पर अपने कान लगाए तो मुझे हल्की हल्की आवाज़े सुनाई दी और मैंने जब गोर से सुना तो वो आह्ह्ह उुउउहह ईएआआह हाँ ओह्ह्ह बेबी चोदो मुझे की जैसी आवाज़े लगी। तभी में समझ गया कि यह ज़रूर वो ब्लूफिल्म वाली सीडी देख रही है और में कुछ ना करते हुए वापस कमरे में गया और एक और बार मूठ मार कर सो गया। फिर जब सुबह उठा तो अर्चना तैयार होकर जा रही थी। मैंने उसकी तरफ देखा तो उसकी आँखो में एक अजीब सी हवस दिखी वो मुझे देखकर हंसी मुझे थोड़ा सा अजीब लगा.. क्योंकि मैंने उसे आज तक इतना गौर से कभी भी नहीं देखा था और ऐसा लगभग 2-4 दिनों तक चलता रहा.. अब मेरा नज़रिया बदल चुका था और अब में उसे हवस भरी निगाहों से उसके पूरे बदन को देखता था। वो भी बहुत हवस में आ गई थी लगता है ब्लूफिल्म की वजह से।

तभी एक दिन में उसके बारे में सोच रहा था तो मेरा लंड खड़ा हो गया और मुझे मूठ मारने का मन किया तो में अपना लोवर नीचे करके नंगा हो गया और मूठ मारने लग गया। में मूठ मारने में इतना मग्न हो गया कि पता ही नहीं चला कि मैंने गेट खुला छोड़ दिया है और ना जाने अचानक वो कहाँ से आ गई और सहमी सी खड़ी मुझे देखती रही थी। में अब झड़ने ही वाला था तो में उठा और बाथरूम में झड़ने के लिए जाने लगा.. लेकिन अचानक सामने उसे देख मेरी फट गई। वो मेरे लंड को देखे जा रही थी जैसे अभी खा जाएगी। अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा और मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया। यह सब देख वो मुस्कुराई और मेरे पास आकर कहने लगी कि भैया आप तो बड़े छुपे रुस्तम निकले.. यह सब क्या है? और उसने मेरे गालो पर किस किया..

मेरे शरीर में करंट सा दौड़ गया.. उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और कहा कि भैया आज रात को आप मेरे कमरे में आ जाना.. आपको कुछ दिखना है। तभी मैंने कहा कि क्या? तो उसने कहा कि सर्प्राइज़ है और फिर वो मेरे लंड की और देखकर बोली कि आपके लंड के लिए। तभी मैंने कहा कि मैंने फर्श पर ही झाड़ दिया यह सब देखकर क्या तुम्हे अजीब सा नहीं लगा? फिर उसने कहा कि नहीं भैया.. बल्कि मुझे तो बड़ा मज़ा आया और यह कहकर उसने झड़ा हुआ माल फर्श से चाटकर साफ किया और रात को आने को कह कर चली गई और में रात होने का इंतजार कर रहा था।

फिर रात होते ही जब सब सो गए तो में उसके कमरे में गया दरवाजा खुला था और में अंदर चला गया और मैंने अंदर जाकर दरवाजा बंद कर दिया। तभी मैंने उसे देखा तो वो एक पारदर्शी नाईटी में बेड पर लेटी हुई ब्लूफिल्म देख रही थी और में बहुत हैरान था मैंने उसे आवाज़ लगाई।

में : कहाँ हो तुम अर्चना।

अर्चना : अरे भैया आ गए आप.. बड़ी देर कर दी आपने आने में.. आ जाओ बैठ जाओ बेड पर।

तभी में बेड पर बैठ गया उसने मुझे ब्लूफिल्म देखने को कहा.. में थोड़ा हैरान था। फिर उसने कहा कि क्या हुआ भैया? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं। उसने कहा कि तो देखो ना और हम दोनों देखने लगे। मैंने उसकी तरफ देखा तो वो बहुत गरम लग रही थी और में भी बहुत गरम था। उसने तभी टीवी बंद किया और मुझसे पूछने लगी कि में आज किस को याद करके मूठ मार रहा था। तभी उसके मुहं से ऐसी बातें सुनकर मेरा दिल जोरो से धड़कने लगा और उसने कहा कि बताओ ना भैया.. क्या आप अपनी बहन को नहीं बताओगे? तभी मैंने पूछा कि तुझे ये सब कैसे पता तो उसने कहा कि इस उम्र में इतना तो चल ही जाता। फिर मैंने कहा कि तुझे याद करके तो वो थोड़ा शरमाते हुए मुस्कुराई और कहा कि क्या भैया आप भी ना.. में तो यहीं पर हूँ आपके साथ ही तो मुझे याद करके मुठ क्यों मारा करते हो? तभी मैंने कहा कि मुझे तेरा जिस्म बहुत पसंद है। फिर उसने कहा कि अगर ऐसा था तो कहा क्यों नहीं?

तभी मैंने कहा कि मुझे डर था कि कहीं तू नाराज़ होकर घर में सभी को ना बता दे इसलिए। फिर अर्चना ने कहा कि ओहो भैया आप भी ना.. इतना क्यों डरते थे? फिर मैंने कहा कि अर्चना तू मुझे बहुत पसंद है और में तुझे प्यार करना चाहता हूँ। तभी उसने कहा कि भैया तो करते क्यों नहीं हो? में भी तो कब से यही चाहती थी और उसके ग्रीन सिग्नल मिलने के साथ ही मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके लाल होठों को चूमना शुरू कर दिया। वो भी मेरा साथ दे रही थी। उसके होंठ एकदम गुलाब की पंखुड़ियों की तरह लग रहे थे और में उसे चूमे जा रहा और उसकी जीभ को चूस रहा था।

वो भी यह सब करके मेरा साथ दे रही थी और फिर मेरा लंड खड़ा होकर मेरे पाजामे में टेंट बन चुका था। फिर मैंने धीरे धीरे उसके कपड़े खोलने शुरू किए और उसके बूब्स को उसकी ब्रा से आजाद किया और उन्हें पकड़ कर सहलाने लगा और चूमने लगा क्या मस्त बूब्स थे उसके.. एकदम सेक्सी बड़े बड़े.. फिर में धीरे धीरे उसकी पेंटी तक पहुंचा और मैंने उसे भी खोलकर दूर हटा दिया और उसकी चूत को देखने लगा। तभी वो बोली कि क्या देखते ही रहोगे या कुछ करोगे भी? और फिर में अपने मुहं को उसकी चूत के पास ले जाकर मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना शुरू किया और जीभ से चोदने लगा।

तभी करीब दस मिनट बाद मैंने उसके दोनों पैरो को फैलाकर अपना लंड चूत पर सेट किया और अचानक से एक जोर का धक्का दिया और फिर वो जोर से चीख पड़ी। तभी मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालकर धीरे धीरे चोदने लगा.. लेकिन वो दर्द से अपनी आंखे बंद करके मुझे जोर से पकड़कर चुपचाप पड़ी रही और कहने लगी कि भैया और जोर से चोदो मुझे.. कर दो आज मुझे पूरा.. दो मुझे आज चुदाई का पूरा मजा.. लेकिन उसकी चूत बहुत टाईट थी और चूत से खून भी निकलने लगा था.. क्योंकि वो अभी तक वर्जिन थी। तभी में उसे स्पीड बड़ा कर चोदे जा रहा था और उसे जबरदस्त धक्को के साथ चोदने लगा और करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद में उसकी चूत में झड़ गया और अपना पूरा वीर्य चूत में छोड़कर उसके ऊपर ही लेटा रहा और उसके बूब्स को चूसने लगा।

फिर वो मुझे अपनी बाहों में लेकर कहने लगी कि भैया थेंक्स। आज आपने मुझे चुदना सिखा दिया.. वरना में तो बस ब्लूफिल्म देखकर ही मजे लेती रहती और फिर उसने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और बड़े मजे से चूसने लगी। फिर उसने चूसकर पूरा लंड साफ किया और अपने कपड़े पहनने लगी। उसके बाद मैंने उसे बहुत बार चोदा और उसकी चूत के मजे लिए और उसे भी चुदाई का सही मतलब सिखा दिया। तो दोस्तों यह थी मेरी चुदाई भरी कहानी

 
भाईयों का प्यार

मेरा नाम शुमैला है और मेरा ताल्लुक पाकिस्तान के खूबसूरत शहर लाहौर से है। ये वाक्या जो मैं आप लोगों को सुनाने जा रही हूं मेरी ज़िंदगी का सब से हसीन और एहम वाक्या है जो आज से तकरीबन एक साल पहले पेश आया। पहले मैं आप को अपनी और अपनी फ़ैमिली के बारे में बता देती हूं। हम तीन बहन भाई हैं बड़े भाई की उमर २४ है और छोटे की उमर २२ है दोनो एक छोटी सी वर्क शॉप चलाते हैं और हमारे अब्बु दुबई में रहते हैं किसी शेख के घर ड्राइवर हैं और हमारी अम्मी हमारे साथ रहती हैं। मेरी उमर १९ साल है रंग सांवला और फ़ीगर ३६ डी २८ ३७ है मेरा जिस्म काफ़ी भरा भरा है और मैने ऍफ़.ए किया है

मुझको घर के काम काज करने और हर वक्त बन संवेर कर रहने का बहुत शौक है मैं टाइट शलवार कमीज़ जो जिस्म से चिपकी होती है पहनती हूं और हाथों में चूड़ियां पांव में पायल और नाक में हमेशा एक लोंग पहनती हूं जो मेरे सांवले तीखे चेहरे पर बहुत सजता है ये। मेरी ज़िंदगी के ये हसीन वाक्या तब हुआ जब हमारी अम्मी की तरफ़ के एक दूर के रिलेटिव की डेथ हो गई और अम्मी को मुल्तान जाना पड़ा हम बहन भाई नहीं गये क्यों कि भाई अपने बिजिनेस में मसरूफ़ थे और मैं गरमी की वजह से घर से बाहर जाना पसंद नहीं करती। तो अम्मी ने कहा के भाईयों के आराम और खाने का ख्याल रखना और चली गई।

उस दिन बहुत गरमी थी मैने घर की सफ़ाई की खाना तैयार किया और फिर अपना रेड कलर का सूती सूट निकाला और नहा कर पहन लिया शलवार कमीज़ से मेरा भरा भरा सांवल बदन बाहर निकला जा रहा था और कमीज़ का गला खुला था जिस में से मेरे मम्मो की लाइन नज़र आ रही थी और मैं ने नीचे ब्रा और पैंटी नही पहनी थी मैं घर में हूं तू ब्रा पैंटी पहनती और न ही दुपट्टा औढ़ती हूं हालांकि अम्मा कहती हैं के जवान भाई हैं घर में उनके सामने एस तरह न जाया करो लेकिन मै नही मानती लेकिन फिर भी अम्मी की वजह से कभी कभी दुपट्टा ले लेती हूं लेकिन आज तो अम्मी नहीं थीं मैं ने हल्का सा मेक अप किया नाक में लोंग डाला और हाथों में चूड़ियां पहनी और पांव में पायल और बैठ कर टी वी देखने लगी

शाम को दोनो भाई घर आये तो मैं ने दरवाज़ा खोला तो महसूस किया के उन दोनो की नज़र मेरी मम्मो पर थी जो कमीज़ से बाहर हुये जा रहे थे और निप्पल खड़े हो गये थे। दोनो अंदर आ गये छोटा भाई अंदर आते समय अपना कंधा मेरे बूब्स के साथ रगड़ दिया तो मेरे जिस्म में एक करंट दौड़ गयी लेकिन मैं ने इजी ज़ाहिर किया जैसे मैने महसूस नहीं किया। फिर वो दोनो नहा कर खाने के लिये आये उन दोनो ने गरमी की वजह से सिर्फ़ बनियान और धोती पहनी हुई थी मैने खाना उनके आगे रखा तो मेरे मम्मो की क्लीवेज साफ़ नज़र आ रही थी मैने देखा के उन दोनो का लंड खड़े हो गये हैं मैं भी उनके साथ खाना खाने बैठ गयी वो खाना कम खा रहे थे और मुझ को ज़्यादा देख रहे थे और बातें भी कर रहे थे इधर उधर की।

फिर खाने के बाद मैने बरतन समेटे और उनको धोने के लिये किचन में ले आयी में बरतन धो रही थी कि बड़े भाई किचन में आये और मेरे पीछे आकर खड़े हो गये और अपने लंड को मेरी गांड पर लगा कर बोले कि बरतन धो कर आओ मूवी देखेंगे, मैं उनके लंड को अपनी गांड पर महसूस कर रही थी और मुझको मज़ा आ रहा था मैने गांड को ज़रा पीछे किया ताकि उनका लंड और मेरी गांड से दब जाये और कहा के आप जायें मैं चाय लेकर आती हूं अब उनके लंड का सिर मेरी गांड में था और मेरी चूत गीली हो रही थी और पसीना बहने लगा था। भाई मेरी रज़ामंदी समझ गये थे उन्होने ने मुझ को पीछे से मुझ को अपनी बाहों में ले लिया और मेरे दोनो मम्मो पकड़ लिये और मेरी गांड में लंड को ज़ोर से घुसा दिया मैं लज़्ज़त और शरम से बेहाल हो रही थी मैने भाई की तरफ़ देख कर मुसकराते हुए गुस्से से कहा जो ये कर रहे हैं छोटे भाई ने देख लिया तो

उन्होने मेरे मम्मे दबाते हुए कहा कि वो भी तेरा देवाना है मेरी शुम्मी। फिर उन्होने मुझको अपनी गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले गये वहां छोटा भाई फ़िल्म देख रहा था भाई ने अंदर आते ही उसको कहा के यार आज हम दोनो की तमन्ना पूरी हो गई है मैं हैरान रह गई के वो दोनो मुझ पेर पहले से नज़र रखते थे उन्होने मुझको बताया को वो मेरे बारे में अकसर बातें करते थे और मेरे नाम की मुठ मारते रहते थे भाई ने मुझ को बेड पेर बिठा दिया और वो दोनो मेरे बगल में बैठ गये बड़े भाई ने एक हाथ मेरे बायें बूब पर रखा और दूसरे हाथ से मेरी गांड में हाथ फेरने लगे जब के छोटा भाई मेरे राइट बूब को दबा रहा था और साथ दूसरे हाथ से मेरी चूत को शलवार के ऊपर से सहला रहा था मैं लज़त के सातवें आसमान पर थी फिर बड़े भाई ने मेरी कमीज़ उतार दी और मेरी ३६ डी मम्मे आज़ाद हो गये

वो दोनो भूके बच्चों की तरह मेरे बूब्स को लगे मेरे मुंह से मज़े से ऊओह्हह्हह्हह्हह्ह आह्हह्हह्हह्हह्हह्हह की आवज़ निकल रही थी और मैं उनके सिर अपने मम्मो में दबा रही थी फिर उन दोनो ने अपने कपड़े उतार दिये और बिल्कुल नंगे हो गये उनके लंड तकरीबन ९” लम्बे और ३” मोटे थे फिर छोटा भाई ने मेरी शलवार उतार दी और मैं बिल्कुल नंगी हो गयी उन दोनो ने अपने लंड मेरे हाथों में दिये और मैं उनको प्यार से सहलाने लगी फिर बड़े भाई ने लंड मेरे मुंह में दे दिया मुझको थोड़ा अजीब लगा लेकिन फिर मुझको उसे चूसने में मज़ा आने लगा छोटा भाई बेड पर मेरी टांगों के बीच में आकर उल्टा लेट गया और मेरी चूत और क्लिटोरिस पर ज़बान फेरने लगा मेरी लज़त से जान निकली जा रही थी और मैं ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह आआह्हह्हह्हह्ह और ज़ोर से चूसो की आवाज़ निकाल रही थी वो एक उंगली मेरी गांड में भी अंदर बाहर कर रहा था फिर मैं बरदाश्त न कर सकी और छूट गया मेरी चूत का रस कुछ छोटे भाई के मुंह में गया और कुछ बाहर निकल आया उसी टाइम बड़े भाई भी मेरे मुंह में छूट गया और मैने उस की मन्नी पी ली

फिर छोटा भाई बेड पर लेट गया और बड़े भाई ने मुझको डौगी स्टाइल में खड़ा कर दिया मैं छोते भाई का लंड चूस रही थी और बड़ा भाई मेरी गांड के पीछे बैठ कर मेरी गांड के होल को ज़बान से चाटने लगा मेरे मुंह से सिसकारी निकल गयी वो अपनी ज़बान से मेरी अस फक्क कर रहा था उसने मुझ को बताया कि वो मेरी गांड के दिवाना है और जब भी मैं टाइट कपड़ों में मटक मटक कर चलती थी वो लंड थाम कर रह जाता था आज उसका बरसों का ख्वाब पूरा हुआ है फिर छोटा भाई छूटने लगा तो उसने मुझ को सीधा लिटा दिया और अपना लंड मेरे मम्मो पर रगड़ने लगा और फिर उसने अपनी मुन्नी मेरे मम्मो से हटा दिया और फिर उसने मेरे मम्मो और पेट की मालिश की फिर वो मेरे मम्मो को चूसने लगा और मैं उसके लंड को सहलाने लगी बड़ा भाई मेरी गीली चूत पर ज़बाअन फेर रहा था और मैं अपने चूतड उठा उठा कर उसकि ज़बान को अपनी चूत में लेगा रही थी

फिर उसने मेरी नाभि को सक्क किया छोटे भाई का लंड फिर अकड़ गया था उसने मेरे बूब्स से मुंह हटाया और मुझ को अपने ऊपर लिटा दिया और अपने लंड को मेरी चूत में पुश किया मुझको थोड़ा सा दर्द हुआ और मेरे मुंह से आह्हह की आवाज़ निकली लेकिन उसने अपने लब मेरे लबों से जोर दिये और मेरी आह्हह्ह उसके प्यार में गुम हो गई फिर वो आहिस्ता आहिस्ता लंड को धक्के मारने लगा और मुझ को मज़ा आ रहा था फिर बड़े भाई ने मेरी गांड के सुराख पर थूक लगाई और अपना लंड आहिस्ता से अंदर किया मुझ को बहुत दर्द हुआ तो वो रुक गया फिर एक झटका दिया तो उसका लंड पूरा मेरी गांड में घुस गया मेरे मुंह से सिसकारी निकल गयी लकिन छोटा भाई मुझको किस्सिंग कर रहा था अब बड़ा भाई मेरी गांड मार रहा था और छोटा भाई मेरी चूत में लंड दे रहा था मैं लज़त की इंतेहाई बुलंदी पर थी फिर छोटा भाई मेरी चूत में छूट गया और मुझ को अपनी चूत के अंदर गहराई में गरम लावा सा गिरता महसूस हुआ और लज़त की शिद्दत से मैं भी छूट गई और दो तीन झटकों के बाद बड़े भाई ने अपना लावा मेरी गांड में छोड़ा जो बहुत ज़्यादा था इसलिये गांड से बाहर बहने लगा।

 
मौसेरी बहन की चुदाई

सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार! मैं फ़िर अपने वायदे के साथ अपनी दूसरी कहानी लिख रहा हूं। आप सब जानते हैं कि मेरा नाम पुनीत है और मुझे इनसेस्ट सेक्स बहुत अच्छा लगता है। उम्मीद है आपको मेरी पहली कहानी ‘मौसी को चोदा ज़रूर अच्छी लगी होगी। अब मैं आपको अपनी इस कहानी में बताऊंगा कि मैंने कैसे मौसी की बड़ी लड़की सविता की चुदाई की।

मौसी और मौसा जी की चुदाई के बाद शाम को मैंने उनसे अपना वायदा पूरा करने के लिये कहा जिसमें उन्होने अपनी बेटी सविता को चोदने की इजाजत दे दी थी।

मौसा जी बोले- तुम शाम को उसे जब अकेले देखना और फिर मौका देखकर उसकी चुदाई कर लेना।

मैं इस प्लानिंग से मैं बहुत खुश हो गया।

शाम को हम सब एक साथ डिनर कर रहे थे। मेरी नज़र बार बार सविता की चूची पर जा रही थी जो कि उसके नाईट सूट से बाहर आने को बेताब थी। दोस्तों उसकी फ़िगर 34-28-34 हैं। उसके चूंची अपनी मां की ही तरह सभी को बहुत तड़पाती होंगी।

खाना खाने के बाद निशा (छोटी बेटी) और नितिन (छोटा लड़का) बोले- भैया चलो ऊपर कमरे में चलकर कुछ खेलते हैं।

पर मेरा मूड तो कुछ और ही था, मैंने मौसी से कहा- मौसी आप और मौसा जी इन दोनों के साथ ऊपर जाकर खेलो, मैं अभी टीवी देख कर आ जाऊंगा।

उन्होंने कहा- ठीक है।

और वो ऊपर चले गये और साथ ही सविता को मेरा ध्यान रखने को बोल गये।

मौसा जी कहने लगे- सविता, भैया को अपनी सभी नई सीडी दिखा देना।

सविता बोली- ओ के पापा।

हम दोनों अब टीवी के सामने दीवान पर साथ बैठे थे, वो बोली- भैया, आपको कौन सी मूवी देखनी है?

मैंने कहा- कोई भी बड़े बच्चों वाली लगा दो !

तो वो बोली- क्या मतलब?

मैं उसकी तरफ़ आंख मारकर बोला- वही जो लोग शादी के बाद देखते हैं।

इतना सुनकर वो बोली- धत्त ! तुम बड़े गन्दे हो !

और हंसने लगी। मैं समझ गया कि वो तैयार है। और थोड़ी सी तैयारी के बाद आसानी से काम बन जयेगा।

वो बोली- भैया, ऐसी तो कोई सीडी नहीं है मेरे पास।

मैं बोला- कोई बात नहीं ! मैं अभी मारकेट से ले आता हूं।

इतना कहकर मैं बाहर जाने लगा। मुझे उसके चेहरे पर एक अलग मुस्कान दिख रही थी। मारकेट में बहुत मुश्किल से मुझे एक ब्ल्यू फ़िल्म की सीडी मिल गई। जो कि हिन्दी में थी।

मैं अब वापस आकर सविता से बोला- लो सीडी। स्टार्ट करो ! मैं अपनी ड्रेस चेंज करता हूं।

वो बोली- ठीक है।

उसने मुझे मौसा जी का एक पायजामा और कुरता लाकर दिया।

मैंने अपनी पैन्ट खोली तो उसकी नज़र मुझे ही घूर रही थी। मैं मुस्कराने लगा। कपड़े बदलने के बाद मूवी शुरु हो गई तो हम फ़िर साथ दीवान पर बैठ गये। मूवी के पहले सीन में लड़की नहा रही थी। तभी एक लड़का भी बाथरूम में आकर उसके साथ छेड़छाड़ करने लगता है। मैंने देखा कि सविता का चेहरा एकदम लाल हो रहा था। मैंने तभी उसका हाथ पकड़ लिया। उसक पूरा बदन कांप रहा था।

मैं समझ गया के ये सब बैचेनी मूवी के कारण है पर मैं अनजान बनकर उसे पूछने लगा- अरे, तुम्हें क्या हुआ? लगता है तुम्हारी तबियत खराब है, देखो, तुम्हारा पूरा बदन कांप रहा है। लाओ मैं तुम्हारा हार्ट बीट्स चेक करता हूं।

इतना कहते ही मैंने अपना हाथ उसके नाईट सूट में घुसा दिया और उसकी चूची दबाने लगा।

सविता एकदम चौंक कर बोली- पुनीत, यह क्या कर रहे हो। मैं आपकी बहन हूं और कोई आ गया तो बहुत बुरा होगा।

मैं उसको इमोशनल करते हुए बोला- सविता, तुम मेरी बहन हो, यह मेरी मज़बू्री है नहीं तो मैं तुम्हें बचपन से जान से ज्यादा प्यार करता हूं और तुम्हारे बिना रह नहीं सकता।

इतना सुनकर वो इमोशनल होकर मुझसे चिपट गई और बोलने लगी- आई लव यू पुनीत, तुमने पहले मुझसे ये सब क्यूं नहीं कहा।

मैं बोला- हम शादी तो नहीं कर सकते पर थोड़ी मस्ती तो ले ही सकते हैं।

वो बोली- अगर मैं प्रेगनेंट हो गई तो?

मैं बोला- तुम मुझ पर विश्वास करो मैं ऐसे कुछ नहीं होने दूंगा।

वो बोली- तब ठीक है।

 
अब हमारे बीच किसी तरह की कोई दूरी नहीं रह गई थी। इसलिये मैंने पहले जाकर टीवी ओफ़ कर दिया जिससे पूरा ध्यान सविता की चुदाई पर लगा सकूं। दीवान पर आकर मैंने उसे लेटा दिया और उसके बगल में लेट कर उसके होठों को चूसने लगा। वो भी मेरे पूरा साथ देते हुए अपने जीभ मेरे मुंह में अन्दर बाहर कर रही थी। इस सब में इतना मज़ा आ रहा था कि मैं बता नहीं सकता। मैंने अपना कुरता उतार दिया और बनियान भी। अब मैं केवल पायजामे और उसके अन्दर अन्डरवियर में था। मैंने सविता के नाईट सूट के बटन खोलने शुरू कर दिया। वो शरमा कर सिमटी जा रही थी। पहली बार कोई उसके जवान बदन को छू रहा था।

उसका नाईट सूट हटते ही उसकी चूची ब्रा में कैद होकर भी आधी से ज्यादा दिख रही थी। मैंने ब्रा के ऊपर से ही उन्हें चूमना शुरू कर दिया, मेरा हाथ उसके पैन्टी को खोलने में लगा था और उसकी पैन्टी निकालने कि लिये मैंने उसे इशारा किया तो उसने अपने चूतड़ों को थोड़ा सा ऊपर कर दिया और मैंने उसे टांगों से बाहर निकाल दिया।

उफ़्फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी गोरी और मांसल जांघे देख कर मेरा लौड़ा पजामा फ़ाड़ने को तैयार हो गया। मुझसे अब रहा नहीं गया। मैंने अपना पजामा और अन्डरवियर निकालकर फेंक दिया। वो मेरे खड़ा लण्ड देखकर बोली- पुनीत ये लण्ड मेरी चूत में कैसे जायेगा, मैंने तो आज तक इसमें एक उंगली भी नहीं डाली।

मैं बोला- मेरी जान देखती जाओ ! तुम्हारा दीवाना क्या क्या करता है।

मैं उसकी ब्रा का हुक खोलने लगा तो वो मुझसे चिपट गई। मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी पीठ को सहलाने लगा। मेरा लण्ड बार बार जोर मार रहा था और उसकी जांघो पर छू हो रहा था। आआह्हह्ह ! यह एक अलग मज़ा था। मेरी छाती और उसकी चूंची के बीच बस उसकी ब्रा थी जो मैंने एक तरफ़ खींच कर निकाल दी।

उफ़्फ़फ़फ़्फ़फ़ ! उसकी दूध जैसे गोरी चूची देखकर मन कर रहा था कि उसको काट लूं। उसके गुलाबी चुचूक को मैं मुंह में लेकर चूसने लगा। वो एकदम टाईट हो गये। उसके हाथ मेरे बालों में घूम रहे थे और मैं बहुत बेचैनी के साथ उसकी चूची को सुसक कर रहा था। थोड़ी देर के बाद मैं उसके पैर की तरफ़ आ गया और उसकी पैन्टी अपने दांतों से खींचने लगा। उसको बाहर निकालकर मैं अपना हाथ उसके पैरों को छूते हुए जांघो पर घुमाने लगा। मेरे मुंह उसकी चूत पर था। उस पर बहुत घने बाल थे।

मैं सविता से बोला- तुम कभी अपनी चूत शेव नहीं करती?

वो बोली- कभी इस तरफ़ ध्यान ही नहीं दिया।

मैं बोला- कोई बात नहीं, फ़िर कभी मैं साफ़ कर दूंगा।

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर घुमानी शुरू कर दी। उसको बड़ा अज़ीब लग रहा था, वो बोली- पुनीत, यह क्या कर रहे हो?

मैंने पूछा- क्यूं? मज़ा नहीं आ रहा क्या?

वो बोली- मज़ा तो बहुत आ रहा है।

उसकी सिसकारी सारे कमरे में सुनाई दे रही थी आआआह ह्ह्हह। पुन्नन्नीईत बस करो आआअह्हह मैं मर जाऊंगी आआ आआअह्हह!

मैं और भी जोश में आने लगा और उसकी चूत में अपनी जीभ घुसाने लगा। मेरे मन था कि वो भी मेरे लण्ड चूसे पर अभी मैं उसे झिझक के मारे कह नहीं पा रहा था। उसने एक हाथ से मेरा लण्ड ज़ोर से पकड़ा हुआ था और अपनी आंखें बंद करके आआअह्हह्ह ऊऊओहह्ह कर रही थी। उसकी चूत एकदम गीली हो रही थी। मैं समझ गया कि एक बार उसकी चूत पानी छोड़ चुकी है। अब मैं उसे चोदने की तैयारी करने लगा।

मैंने उसकी गाण्ड के नीचे एक तकिया लगा दिया। उसकी चूत अब बहुत उभर गई थी। मैंने उसकी दोनों टांगों को खोल कर बीच में आ गया। अपने लण्ड मैंने जैसे ही उसकी चूत पर रखा तो मुझे लगा कि जैसे मेरे लण्ड में आग लग गई हो। उसकी चूत एकदम गरम हो रही थी। मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में घुसाना शुरू किया तो वो दर्द से तड़प कर एकदम हटकर बैठ गई।

सविता बोली- पुनीत। इतना दर्द मुझसे सहन नहीं होगा। तुम्हारा लण्ड मेरी चूत में नहीं जायेगा। मैं मर जांऊगी। तुम चाहे जो कर लो पर मैं चूत में लौड़ा नहीं लूँगी।

मैं बोला- जान, पहले तो सभी को दर्द होता है पर बाद में खूब मज़ा आता है। जरा सोचो अगर तुम्हारी मम्मी चुदने के लिये मना कर देती तो तुम कहां से पैदा होती।

बात उसकी समझ में आने लगी, वो बोली- ठीक है पुनीत, तुम्हारे लिये मैं यह दर्द सह लूगीं, पर तुम थोड़ा सा तेल अपने लोड़े पर लगा लो।

मैंने कहा- ठीक है।

हमने तेल ढूंढना शुरू किया तो उस कमरे में तैल तो नहीं मिला पर दूध में से मलाई अपने लौड़े और उसकी चूत में लगा दी। अब मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत में डालना शुरू किया। लौड़े का सुपारा उसकी चूत में जाते ही उसकी चीख निकल गई, मैंने अपने हाथों से उसके मुंह को सील कर दिया और धीरे धीरे धक्के मारने लगा।

थोड़ी देर बाद उसको भी मज़ा आने लगा और उसने अपने चूतड़ उछालने शुरू कर दिये। पूरा कमरे में एक संगीत सा बजने लगा। उसके हाथ लगातर मेरे चूतड़ पर घूम रहे थे और वो कभी कभी अपनी उंगलियाँ मेरी गाण्ड में डालने की कोशिश कर रही थी जिससे मेरा जोश और भी बढ़ जाता था और मैं और ज़ोर से धक्के मारने लगता। मेरे पूरा लण्ड जब तक उसकी चूत में था और मेरे आण्ड उसकी गाण्ड से टकरा रहे थे। लगातार धक्के मारने के वजह से मैं झड़ने वाला था। इसलिये मैंने लण्ड उसकी चूत से निकाल कर पानी उसके पेट पर झड़ा दिया। मैंने देखा उसकी चूत से खून निकला हुआ था। मेरा लण्ड भी लाल हो रहा था।

यह देखते ही सविता बोली- तुमने आज मेरी सील तोड़कर लड़की से औरत बना दिया है। आई लव यू ।

वो मेरे लण्ड को सहलाते हुए बोली- मुझे कभी भूल तो नहीं जाओगे पुनीत।

मैंने कहा- नहीं जान, मैं तो तुम्हारी शादी होने के बाद भी तुम्हें चोदना चहता हूं।

बहुत देर तक ऐसे ही एक दूसरे हो चूमते और सहलाते और बातें करते हुए ही लेटे रहे। फ़िर सविता बोली- चलो, अब ऊपर कमरे में चलते हैं, नहीं तो मम्मी पापा शक करेंगे।

उसे क्या पता था कि उसको चोदने का प्रोग्राम उसकी मम्मी ने ही बनाया है। मैं मन ही मन मौसी को धन्यवाद कर रहा था।

तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी।
 


हाय फ्रेंडस पहले मैं अपने बारे में बता दूँ मेरी उम्र 22 साल है और मैं मध्यप्रदेश से हूँ मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है मैं अपनी स्टोरी हिन्दी में लिख रहा हूँ जिससे ज़्यादा लोगो को समझ में आये ये हादसा 2 महीने पहले का है मेरी बहन की उम्र 21 साल है उसका नाम गीत है वो मेरे ताऊजी की लड़की है दिखने में पूरी आइटम है एकदम रंडी जैसी, कातिलाना फिगर गांड देखो तो ऐसा लगता है की एक झटके से मारो और छेद में मुँह घुसाकर चाट जाओ दूध भी काफ़ी सेक्सी थे कुल मिलाकर वो एक सेक्स बॉम्ब है वो बेंगलूर में पढ़ती है उसका सेमस्टर ब्रेक हुआ था इसीलिये वो घर आई थी मैं उसे करीब 6 महीने के बाद देख रहा था वो एक पूरी आइटम बन चुकी थी.

में उसे देख के बहुत खुश हुआ वो भी मुझे देख के बहुत खुश हुई और आकर मुझसे गले मिलने लगी ना चाहते हुये भी मैने उसके कोमल कोमल दूध को फील किया मेरे मन में उसके लिये कोई ग़लत भावना नही थी हम दोनो काफ़ी फ्रेंक थे और सेम उम्र के होने की वजह से काफ़ी करीब भी थे एक दिन मैं अपने रूम में बैठ कर फोन में चेटिंग कर रहा था.

इतने में वो आई और आकर दूसरी कुर्सी पर बैठ गई हम दोनो इधर उधर की बाते करने लगे हम दोनो आजू बाजू बैठे थे तभी मेरे मन में उसको छेड़ने की सूझी तो में उसके कान के पीछे मोर के पंख से गुदगुदी करने लगा वो एकदम हड़बड़ा गई मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था उसको ऐसा देखने में पर धीरे धीरे वो मज़े लेने लगी उसके चहरे से ऐसा लग रहा था की उसे बहुत मज़ा आ रहा है वो पंख से और चिपक रही थी.

मुझे बिल्कुल आइडिया नही था की उस जगह लड़कियो को छेड़ने से लड़कियां गर्म हो जाती हैं मैने पंख हटाया तो उसने आँख खोली और मुझे देख के आंख मारी मैने उसे एक स्माइल दी इतने में मेरे पापा वहा आ गये और ये एपिसोड यही ख़त्म हो गया हमारे घर में 3 रूम थे एक मम्मी पापा का एक मेरा और एक मेरी रियल बहन मन का रूम था वो गीत मन के रूम में रुकी थी हर रूम में एक अटेच टायलेट और बाथरूम था.

भगवान की दया से उस रात मेरे रूम का टायलेट लीक करने लगा और रूम में पानी भर गया तो मम्मी ने कहा की मैं मन के रूम में ही सो जाऊं मेरी तो जैसे किस्मत ही खुल गई थी ये सुनके गीत ने भी स्माइल दी मेरे तो होश ही उड़ गये थे हमने रात के 10 बजे के आस पास खाना ख़त्म किया और कुछ देर टी.वी देखने के बाद सोने चले गये बेड पर मैं एक कोने में सोया था बीच में मन और दूसरी साइड में गीत थी मैं काफ़ी खुश था की आज ज़रूर कुछ होगा रात के करीब 1 बजे तक मैने सोने का नाटक किया एक बजे मैने मन को चेक किया की वो गहरी नींद में है या नही वो काफ़ी गहरी नींद में सो रही थी फिर मैं उठा और गीत के साइड में गया.

उसकी आँखे बंद थी वो बहुत खूबसूरत लग रही थी तो मैने उसके कान के पीछे से ही उसे छेड़ना शुरू किया पहले मैं उंगली से उसके कान के पीछे गुदगुदी कर रहा था पर उसका कोई रिएक्शन नही था तो मुझे लगा की वो सो रही है मैं फिर उसके कान और उसके पीछे वाले पार्ट को जीभ से लिक करने लगा वो थोड़ा हिली मुझे समझ में आ गया की वो जागी हुई है तो मैने देरी ना करते हुये उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिये मैं उसके लिप्स चूस रहा था.

उसे किस करना नही आता था इसीलिये वो भी वही कर रही थी जो मैं कर रहा था मै उसके लोवर लिप्स को चूस रहा था और वो मेरे उपर वाले लीप को क्या रस भरे होंठ थे उसके मैने अपनी जीभ उसके मुँह के अंदर डाल दी और उसकी जीभ पर वार करने लगा फिर मैने उसकी जीभ मुँह में ली और उसे सक करने लगा ऐसा फ्रेंच किस तो मैने ज़िंदगी में कभी नही किया था.

फिर उसने अपनी आँखे खोली और मुझे देखा और कहा आई लव यू आरूष मैने भी स्माइल दी और उसे फिर किस करने लगा किस करते करते मैं उसके बूब्स भी दबा रहा था काफ़ी बड़े थे उसने एक चैन वाला टॉप पहना हुआ था तो मैने उसकी चैन खोल दी रूम में लाइट ज़्यादा नही थी इसीलिये ज़्यादा साफ नही दिख पा रहा था पर उसके निपल हार्ड हो चुके थे मैने उसके बूब्स पर तुरन्त अटेक कर दिया और उन्हे चूसने लगा बूब्स चूसते चूसते मैने अपना एक हाथ उसके लोवर के अंदर डाल दिया और उसकी चूत को एक्सप्लोर कर रहा था.

हम अपनी रास लीला में मशगूल थे की मेरी बहन मन ने करवट ली जैसे ही उसने करवट ली तो हम दोनो की गांड फट गई में तुरंत भाग के अपनी साइड में गया और सोने का नाटक करने लगा जैसे ही मैं अपनी साइड में पहुँचा तो 5 मिनिट के बाद मन उठ के बाथरूम करने गई.

मैने गीत की तरफ देखा तो वो हँसने लगी मैने उससे कहा बच गये आज तो फिर मन वापस आई और सो गई हम भी पड़े पड़े सो गये सुबह हुई तो देखा घड़ी में 10 बज रहे थे सब कही जाने की तैयारी कर रहे थे मेरे पूछा पर हमारे नौकर ने बताया की सब लोग शिरडी जा रहे हैं मैं थोड़ा निराश हो गया की अब मुझे मौका नही मिलेगा गीत को चोदने का गीत भी थोड़ी दुखी लग रही थी हम सब तैयार हुये जाने के लिये जैसे ही हम घर से निकल रहे थे वैसे ही गीत का सीढ़ियो से पैर फिसल गया.

और वो 2 सीढ़ियो से गिर गई सब उसकी तरफ भागे उसे पैर में चोट आई थी सबने जाने से मना करना ठीक समझा पर गीत ने उन्हे मना कर दिया गीत ने कहा की आप लोग मेरी वजह से अपनी ट्रिप क्यों बर्बाद कर रहे हो मैने भी मौके पर चौका लगाया और मम्मी से कहा की गीत के साथ मैं रुक जाता हूँ वैसे भी वो कुछ दिनो बाद चली जायेगी इसी बहाने उसके साथ टाइम भी बिता लूँगा.

सब मान गये और हमें अकेला छोड़ के सब चले गये सबके जाते ही मैने गेट बंद किया और गीत को स्माइल दी उसने भी रिटर्न स्माइल दी गीत को ज़्यादा चोट नही आई थी बस हल्की सी मोच थी मैने उसे एक ऑयल मसाज की और वो ठीक हो गई मैं ऑयल रखने किचन में गया और वापस आया तो गीत दीवार की तरफ फेस करकर खड़ी थी मैं गया और उसको पीछे से अपनी बाहों में भर लिया.

और उसके कान में कहा तुम बहुत खूबसूरत लग रही हो वो शरमाई और कहा “सच” मैने हाँ में सर हिला दिया फिर मै उसकी गर्दन पर अपने होठ फेरने लगा उसकी बॉडी का नशा मुझे मधहोश कर रहा था मैने उसकी गर्दन पर किस करना शुरू किया मैं मधहोश था मैने उसे अपनी तरफ घुमाया तो उसका सिर नीचे था और आँखे बंद मैने उसका सिर उठाया और उसके लिप्स पर किस करने लगा.

हमारा किस धीरे धीरे फ्रेंच किस में बदल गया पहले हम धीरे धीरे एक दूसरे के होठो के रस का मज़ा ले रहे थे फिर सेक्स का खुमार हम पर भारी पड गया और हम जोश में किस करने लगे इतना मज़ा लाइफ में पहले कभी नही आया था मुझे फिर मेरे हाथ उसके बूब्स की ओर चल पड़े उसके बूब्स काफ़ी हार्ड थे और मैं उन्हे दबाने लगा उसकी निपल को टॉप के ऊपर से ही पकड़ के मसलने लगा वो सिसकारियां ले रही थी मैने उसका हाथ पकड़ के अपनी ज़िप के ऊपर रख दिया वो मेरे लंड को पेन्ट के ऊपर से ही रगड़ने और दबाने लगी मैने देर ना करते हुये उसका टॉप उतार दिया.

उसके बूब्स मेरे सामने सिर्फ़ एक ब्रा के अंदर बन्द थे मेरे होश उड़ रहे थे मैने उन्हे ब्रा के ऊपर से ही चूसना शुरू किया मैं किचन में जाकर एक पानी की बोतल लाया और उसके बूब्स के ऊपर डाल दिया और उन्हे पीने लगा वो मज़े में खो गई थी वो सिर्फ़ सिसकारियां ले रही थी मैने उसकी जीन्स भी उतार दी और उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से दबाने लगा वो पूरी गीली हो चुकी थी मैने उसकी पेंटी उतार दी क्या चूत थी.

उसकी बिल्कुल गोरी चिकनी क्लीन शेव मैं नीचे झुका और उसे सूँघा फिर जीभ की नोक से उसे चाटता रहा और उसकी नवल को चाटने लगा वो ऊवू आआआः कर रही थी इस दौरान उसने मेरा पेन्ट खोल दिया था और वो मेरी चड्डी के अंदर हाथ डाल के मेरे लंड को सहला रही थी फिर मैने उसकी पेंटी उठाई और उसमे पानी डाल के उसका पानी पीने लगा वो मेरे लंड से खेल रही थी.

फिर मैने उसे बेड पर लेटाया और उसको अपना लंड चूसने को दिया जैसे ही उसने मेरा लंड मुँह में लिया मैं तो पागल हो गया उसको होठो का मेरे लंड पर ऊपर नीचे होना मुझे अभी भी मूठ मारने पर मजबुर कर देता है हम 69 की पोज़िशन में आ गये मैने जैसे ही उसकी चूत चाटनी शुरू की वो अकड़ गई और उसने रस छोड़ दिया मैने सारा रस चाट लिया वो काफ़ी मज़े से मेरा लंड चूस रही थी और छोड़ ही नही रही थी.

फिर मैने डिसाइड किया की पहले इसका मुँह चोदूंगा और फिर इसकी चूत तो मैने उसका सिर पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से शॉट मारने लगा और 5-6 मिनिट के बाद मैने उसके मुँह को अपने स्पर्म से भर दिया वो पूरा पी गई फिर मैने उसे एक ज़बरदस्त किस दी हमने फिर फोरप्ले स्टार्ट किया अब वो मुझसे भीख माँगने लगी की प्लीज़ डाल दो अपना लंड मेरी चूत में मैने भी उसकी फरियाद सुनी और उसे लेटाया उसकी गांड के नीचे एक तकिया एड्जस्ट किया और उसके पैर फैलाये.

मैने अपना लंड उसकी चूत के होल पर लगाया और मैने अपना लंड उसके होल के आस पास रगड़ना शुरू किया तो उसने खुद ही लंड पकड़ के ज़ोर से चूत की तरफ सरका दिया चूत इतनी गीली थी की लंड का सूपड़ा झट से अंदर चला गया उसकी चीख निकल गई और वो चिल्लाने लगी की बाहर निकालो इसे मुझे नही करना बाहर निकालो मैने उसे शांत करने के लिये उसे किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा तो वो थोड़ी रिलेक्स हुई मैं धीरे धीरे अपने लंड को अंदर डालने की कोशिश कर रहा था पर वो नही जा रहा था ऐसा लग रहा था की किसी ने लंड को क़स के मुट्ठी में जकड़ रखा हो.

फिर मैने लिप्स से उसके लिप्स को लॉक किया और एक ज़ोर का धक्का मारा मेरा पूरा लंड अंदर चला गया उसके आँसू निकल आये और वो छटपटा रही थी मैने उसके बूब्स दबाने और चूसने शुरू किये थोड़ी देर में वो शांत हुई और मैने बिल्कुल धीरे धीरे अपना लंड अंदर बाहर करना शुरू किया उसे थोड़ी तकलीफ़ हो रही थी पर अब मज़ा भी आ रहा था वो मेरा साथ देने लगी उसने मेरी कमर पर अपने पैर जमा लिये और मुझे और अंदर पुश कर रही थी मैं भी उसे काफ़ी तेज़ी से चोद रहा था और 15 मिनिट तक चोदने के बाद मैने उसी घोड़ी बनने को कहा.

फिर मैने उसे घोड़ी के पोज़ में चोदा वो मस्ती से मज़े ले रही थी कभी अपनी गांड सिकोडती तो कभी अदा से मुझे देखती वो पूरे टाइम यही कहती रही की भाई आई लव यू चोद मुझे और अंदर मेरे भैया मेरे सैया और 30 मिनिट की चुदाई के बाद वो ढीली पड़ी और मुझसे लिपट गई मैने उसे बाहों में जकड़ लिया और उसी पोज़िशन में उसकी चूत अपने पानी से भर दी.
 
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