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अपडेट 64
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लेकिन जो भी हो शुरुआत तो हो चुकी थी और बहुत
जल्द मंजू वापस अपनी नॉर्मल लाइफ मे आ जाने वाली थी
यही सब सोचते हुए मैं खाने के लिए नीचे
आ गया...............
.
अब आगे......
.
मेरे पहुचने तक सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठ चुके थे मम्मी पापा आमने सामने बैठे थे और डॉली साइड वाली चेयर पर बैठी थी लेकिन मंजू अभी वहाँ नही थी तो मैं डॉली के सामने वाली चेयर पर बैठ गया क्योंकि डॉली के साइड वाली चेयर पर तो मंजू ने ही बैठना था लेकिन मुझे उम्मीद नही थी की मेरे होते वो खाना खाने आएगी क्योंकि वो मुझे अवाय्ड करती ही थी और शायद मेरे रूम मे भी वो सिर्फ़ इसलिए आई थी ताकि पापा मम्मी दुखी ना हो
मैं यही सब सोचते रहा था की मम्मी खाना परोस चुकी
"चलो खाना स्टार्ट करो, लेकिन ये मंजू कहाँ रह गई, मंजूऊुुुुउउ....चल बेटा खाना लग गया है" मम्मी खाना परोसते ही बोली
"आई बुआ जी......." मंजू ने जवाब दिया और कुछ पल बाद ही वो भी वहाँ आ गई और डॉली के साइड वाली कुर्सी की तरफ बढ़ी लेकिन पता नही क्या हुआ की उसने पलट कर मेरी तरफ देखा और फिर मुस्कुराते हुए मेरे साइड मे आकर बैठ गई उसे मेरे साइड मे बैठते और मुस्कुराते हुए देख डॉली की आँखे हैरत से खुली रह गई उसे समझ नही आया की ये क्या हुआ शायद उसे पता नही था की अभी मुझे बुलाने मंजू मेरे रूम मे भी गई थी और हैरत मे तो मैं भी था क्योंकि जो मैं सोच रहा था हुआ बिल्कुल उससे उल्टा था पहले तो मंजू मेरी मौजूदगी मे खाना खाने भी आई और उपर से मेरे साइड मे भी बैठ गई थी
खैर खाना शुरू हुआ और फिर इधर उधर की बाते भी शुरू हो गई आज मंजू भी बातों मे बढ़ चढ़ के हिस्सा ले रही थी जबकि पहले वो सिर्फ़ हूँ हाँ मे ही जवाब देती थी मुझे समझ नही आरहा था की कुछ घंटो मे ही कोई इतना कैसे बदल सकता है तभी बात आकर पढ़ाई पर ठहर गई तो पापा ने मुझसे पूछा की मैं किस कॉलेज मे अड्मिशन लेना चाहता हूँ तो मैने बोल दिया की दीदी का कॉलेज ही ठीक रहेगा तो पापा ने हाँ मे सिर हिला दिया
"लेकिन अब तो कॉलेज शुरू होने मे कुछ ही दिन रह गये है और अब निशा भी वहाँ नही होगी तो अड्मिशन जल्दी ही करवा लो" पापा बोले
"पापा आजकल अड्मिशन ऑनलाइन हो रहे है इसलिए जैसे ही डेट पता चलेगी मैं अड्मिशन करवा लूँगा" मैं बोला और सोचने लगा की निशा दीदी भले ही ना होगी लेकिन निशा और टीना तो होगी ही ना जो मेरे लंबे और मोटे लंड को दीवानी बन चुकी थी
"वैसे फिर भी कितने दिन लग जाएँगे अड्मिशन स्टार्ट होने मे" पापा ने पूछा
"ये ही कोई 15 दिन" मैने जवाब दिया
"और डॉली का तो सवाल ही नही उठता क्योंकि अभी तो इसका लास्ट एअर है स्कूल का तो ये तो उसी स्कूल मे रहेगी, वैसे डॉली कब से शुरू हो रहा है स्कूल" पापा बोले
"अभी 15 दिन तो और लगेंगे ही" डॉली ने बताया
"चलो ठीक है वैसे मैं ये कहना चाहता था की अगर तुम लोग कहीं घुमने जाना चाहते हो तो अभी घूम आओ वरना स्टडी टाइम मे मैं कहीं भी जाने की इजाज़त नही दूँगा" पापा बोले
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लेकिन जो भी हो शुरुआत तो हो चुकी थी और बहुत
जल्द मंजू वापस अपनी नॉर्मल लाइफ मे आ जाने वाली थी
यही सब सोचते हुए मैं खाने के लिए नीचे
आ गया...............
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अब आगे......
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मेरे पहुचने तक सभी लोग डाइनिंग टेबल पर बैठ चुके थे मम्मी पापा आमने सामने बैठे थे और डॉली साइड वाली चेयर पर बैठी थी लेकिन मंजू अभी वहाँ नही थी तो मैं डॉली के सामने वाली चेयर पर बैठ गया क्योंकि डॉली के साइड वाली चेयर पर तो मंजू ने ही बैठना था लेकिन मुझे उम्मीद नही थी की मेरे होते वो खाना खाने आएगी क्योंकि वो मुझे अवाय्ड करती ही थी और शायद मेरे रूम मे भी वो सिर्फ़ इसलिए आई थी ताकि पापा मम्मी दुखी ना हो
मैं यही सब सोचते रहा था की मम्मी खाना परोस चुकी
"चलो खाना स्टार्ट करो, लेकिन ये मंजू कहाँ रह गई, मंजूऊुुुुउउ....चल बेटा खाना लग गया है" मम्मी खाना परोसते ही बोली
"आई बुआ जी......." मंजू ने जवाब दिया और कुछ पल बाद ही वो भी वहाँ आ गई और डॉली के साइड वाली कुर्सी की तरफ बढ़ी लेकिन पता नही क्या हुआ की उसने पलट कर मेरी तरफ देखा और फिर मुस्कुराते हुए मेरे साइड मे आकर बैठ गई उसे मेरे साइड मे बैठते और मुस्कुराते हुए देख डॉली की आँखे हैरत से खुली रह गई उसे समझ नही आया की ये क्या हुआ शायद उसे पता नही था की अभी मुझे बुलाने मंजू मेरे रूम मे भी गई थी और हैरत मे तो मैं भी था क्योंकि जो मैं सोच रहा था हुआ बिल्कुल उससे उल्टा था पहले तो मंजू मेरी मौजूदगी मे खाना खाने भी आई और उपर से मेरे साइड मे भी बैठ गई थी
खैर खाना शुरू हुआ और फिर इधर उधर की बाते भी शुरू हो गई आज मंजू भी बातों मे बढ़ चढ़ के हिस्सा ले रही थी जबकि पहले वो सिर्फ़ हूँ हाँ मे ही जवाब देती थी मुझे समझ नही आरहा था की कुछ घंटो मे ही कोई इतना कैसे बदल सकता है तभी बात आकर पढ़ाई पर ठहर गई तो पापा ने मुझसे पूछा की मैं किस कॉलेज मे अड्मिशन लेना चाहता हूँ तो मैने बोल दिया की दीदी का कॉलेज ही ठीक रहेगा तो पापा ने हाँ मे सिर हिला दिया
"लेकिन अब तो कॉलेज शुरू होने मे कुछ ही दिन रह गये है और अब निशा भी वहाँ नही होगी तो अड्मिशन जल्दी ही करवा लो" पापा बोले
"पापा आजकल अड्मिशन ऑनलाइन हो रहे है इसलिए जैसे ही डेट पता चलेगी मैं अड्मिशन करवा लूँगा" मैं बोला और सोचने लगा की निशा दीदी भले ही ना होगी लेकिन निशा और टीना तो होगी ही ना जो मेरे लंबे और मोटे लंड को दीवानी बन चुकी थी
"वैसे फिर भी कितने दिन लग जाएँगे अड्मिशन स्टार्ट होने मे" पापा ने पूछा
"ये ही कोई 15 दिन" मैने जवाब दिया
"और डॉली का तो सवाल ही नही उठता क्योंकि अभी तो इसका लास्ट एअर है स्कूल का तो ये तो उसी स्कूल मे रहेगी, वैसे डॉली कब से शुरू हो रहा है स्कूल" पापा बोले
"अभी 15 दिन तो और लगेंगे ही" डॉली ने बताया
"चलो ठीक है वैसे मैं ये कहना चाहता था की अगर तुम लोग कहीं घुमने जाना चाहते हो तो अभी घूम आओ वरना स्टडी टाइम मे मैं कहीं भी जाने की इजाज़त नही दूँगा" पापा बोले