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Guest
अपडेट 92 सी
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मंजू की हाँ होते ही मैने खींच कर उसे अपने से चिपका लिया और उसके होंठो को अपने होंठो मे भर कर उसे चूसने और चूमने लगा मेरे हाथ उसके बूब्स पर घूम रहे थे और मंजू भी मेरा साथ देते हुए मेरे सीने पर हाथ फिरने लगी थी अभी ये सब करते हमे एक मिनिट भी नही हुआ था की नीचे से डॉली घुटनो के बल हम दोनो के बीच आ गई और मेरा लंड मुँह मे भर कर उसे चूसने लगी 'आ.....' मैं तो जैसे जन्नत मे था
अब मैने भी अपना हाथ मंजू की चुचि से हटाया और उसकी सील पॅक कुवारि चूत पर रख कर उसे सहलाने लगा और एक उंगली उसकी दरार मे घुमाने लगा मेरे ऐसा करने से मंजू बहुत गरम हो गई थी और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी थी उसकी टाँगे भी काँपने लगी थी जबकि उधर डॉली मेरे लंड को किसी आइस-क्रीम की तरह लगातार चूसे जा रही थी और अपनी एक उंगली अपनी चूत मे अंदर बाहर कर रही थी अब मेरा लंड पूरी तरह अकड़ गया था और किसी भी दीवार को तोड़ने लायक हो गया था
"प्लीज़ सोनू.......अब मत तरसाओ, बुझा दो मेरी प्यास और
बना लो मुझे अपना" कोई दो मिनिट बाद मंजू आहे भरती हुई बोली
मंजू की बात सुनकर डॉली भी मेरे लंड को छोड़ कर खड़ी हो गई और बोली "चल सोनू तोड़ दे इसकी सील और बना दे इसे कली से फूल"
"लेकिन मैने कुछ और सोचा है" मैं अपने लंड को मसलते हुए बोला
"क्या......" डॉली ने पूछा
"मैने ये सोचा है की मैं मंजू की चूत और तेरी गान्ड की सील एक साथ ही तोड़ूँगा" मैं बोला
"वो कैसे......" मंजू बोली
"तुम दोनो को एक साथ ही बेड पर लेटना होगा जहाँ पहले मैं मंजू की ओपनिंग करूँगा जिससे उसे दर्द होगा और जब तक वो नॉर्मल होगी तब तक मेरा लंड डॉली की गान्ड का बॅंड बजा देगा फिर कब तक डॉली नॉर्मल होगी मैं मंजू को ठंडा कर दूँगा उसके बाद डॉली की आग बुझा दूँगा" मैं बोला
"लेकिन तब तक तेरा लंड साथ दे पाएगा......." डॉली बोली
"उसकी चिंता मत कर एक तो वैसे ही वो बहुत लंबा टिकता है दूसरे मैने लंच के पहले ही वियाग्रा खा ली
थी अब तो ये मैदान से हटने वाला नही है" मैं बोला
"तो चलो शुरू हो जाओ लेकिन जो भी करना आराम से करना" डॉली बोली
"बिल्कुल......अब ज़रा तू कोई क्रीम उठा ला ताकि तुम
दोनो के ही छेद मे लंड आसानी से जासके" मैं बोला
मेरी बात सुनकर डॉली अपना क्रीम उठाने लगी तब तक मैने मंजू को बेड पर लेटा दिया और जैसे ही डॉली क्रीम लेकर आई मैने उसे मंजू के साइड मे घोड़ी बना दिया और फिर अपने लंड और मंजू की चूत पर अच्छे से क्रीम लगा कर अपने लंड को मंजू की चूत पर सेट कर दिया
"तैयार......" मैं मंजू की आँखो मे देखते हुए
बोला
"हूंम्म........मगर आराम से" मंजू बोली
"इस काम मे आराम हराम है मेरी जानंननणणन्......"
कहते हुए मैने मंजू के कंधे पकड़ कर एक ज़ोर का धक्का लगाया जिससे मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए आधा अंदर घुस गया और रूम मे मंजू की एक ज़ोर की चीख गूँज उठी लेकिन मैं नही रुका और दाना-दान धक्के लगाते हुए पूरा लंड मंजू की चूत मे उतार कर ही माना
मंजू की हालत ज़्यादा बुरी तो नही थी लेकिन उसकी बंद आँखो से लगातार आँसू निकल रहे थे और उसने अपनी दोनो मुठियो मे चादर भींच रखी थी अब मैने धीरे से लंड बाहर खींचा जो मंजू की कसी हुई चूत से बहुत धीरे धीरे बाहर आने लगा
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मंजू की हाँ होते ही मैने खींच कर उसे अपने से चिपका लिया और उसके होंठो को अपने होंठो मे भर कर उसे चूसने और चूमने लगा मेरे हाथ उसके बूब्स पर घूम रहे थे और मंजू भी मेरा साथ देते हुए मेरे सीने पर हाथ फिरने लगी थी अभी ये सब करते हमे एक मिनिट भी नही हुआ था की नीचे से डॉली घुटनो के बल हम दोनो के बीच आ गई और मेरा लंड मुँह मे भर कर उसे चूसने लगी 'आ.....' मैं तो जैसे जन्नत मे था
अब मैने भी अपना हाथ मंजू की चुचि से हटाया और उसकी सील पॅक कुवारि चूत पर रख कर उसे सहलाने लगा और एक उंगली उसकी दरार मे घुमाने लगा मेरे ऐसा करने से मंजू बहुत गरम हो गई थी और उसकी चूत पानी छोड़ने लगी थी उसकी टाँगे भी काँपने लगी थी जबकि उधर डॉली मेरे लंड को किसी आइस-क्रीम की तरह लगातार चूसे जा रही थी और अपनी एक उंगली अपनी चूत मे अंदर बाहर कर रही थी अब मेरा लंड पूरी तरह अकड़ गया था और किसी भी दीवार को तोड़ने लायक हो गया था
"प्लीज़ सोनू.......अब मत तरसाओ, बुझा दो मेरी प्यास और
बना लो मुझे अपना" कोई दो मिनिट बाद मंजू आहे भरती हुई बोली
मंजू की बात सुनकर डॉली भी मेरे लंड को छोड़ कर खड़ी हो गई और बोली "चल सोनू तोड़ दे इसकी सील और बना दे इसे कली से फूल"
"लेकिन मैने कुछ और सोचा है" मैं अपने लंड को मसलते हुए बोला
"क्या......" डॉली ने पूछा
"मैने ये सोचा है की मैं मंजू की चूत और तेरी गान्ड की सील एक साथ ही तोड़ूँगा" मैं बोला
"वो कैसे......" मंजू बोली
"तुम दोनो को एक साथ ही बेड पर लेटना होगा जहाँ पहले मैं मंजू की ओपनिंग करूँगा जिससे उसे दर्द होगा और जब तक वो नॉर्मल होगी तब तक मेरा लंड डॉली की गान्ड का बॅंड बजा देगा फिर कब तक डॉली नॉर्मल होगी मैं मंजू को ठंडा कर दूँगा उसके बाद डॉली की आग बुझा दूँगा" मैं बोला
"लेकिन तब तक तेरा लंड साथ दे पाएगा......." डॉली बोली
"उसकी चिंता मत कर एक तो वैसे ही वो बहुत लंबा टिकता है दूसरे मैने लंच के पहले ही वियाग्रा खा ली
थी अब तो ये मैदान से हटने वाला नही है" मैं बोला
"तो चलो शुरू हो जाओ लेकिन जो भी करना आराम से करना" डॉली बोली
"बिल्कुल......अब ज़रा तू कोई क्रीम उठा ला ताकि तुम
दोनो के ही छेद मे लंड आसानी से जासके" मैं बोला
मेरी बात सुनकर डॉली अपना क्रीम उठाने लगी तब तक मैने मंजू को बेड पर लेटा दिया और जैसे ही डॉली क्रीम लेकर आई मैने उसे मंजू के साइड मे घोड़ी बना दिया और फिर अपने लंड और मंजू की चूत पर अच्छे से क्रीम लगा कर अपने लंड को मंजू की चूत पर सेट कर दिया
"तैयार......" मैं मंजू की आँखो मे देखते हुए
बोला
"हूंम्म........मगर आराम से" मंजू बोली
"इस काम मे आराम हराम है मेरी जानंननणणन्......"
कहते हुए मैने मंजू के कंधे पकड़ कर एक ज़ोर का धक्का लगाया जिससे मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ते हुए आधा अंदर घुस गया और रूम मे मंजू की एक ज़ोर की चीख गूँज उठी लेकिन मैं नही रुका और दाना-दान धक्के लगाते हुए पूरा लंड मंजू की चूत मे उतार कर ही माना
मंजू की हालत ज़्यादा बुरी तो नही थी लेकिन उसकी बंद आँखो से लगातार आँसू निकल रहे थे और उसने अपनी दोनो मुठियो मे चादर भींच रखी थी अब मैने धीरे से लंड बाहर खींचा जो मंजू की कसी हुई चूत से बहुत धीरे धीरे बाहर आने लगा