S
StoryPublisher
Guest
तभी साक्षी वीर के पास आ कर बैठ जाती है और दूर से उनको तनु भी झाँक रही थी
साक्षी - क्या हुआ उदास हो क्यो
तनु - अरे उसी के लिया होगा अंजली के लिए बुला दूं उसको
साक्षी - रुको करती हूं कॉल
वीर बहुत धीरे से कहता है मेरे पास जब 3 वाइफ है तो मुझे उसकी क्या जरूरत
साक्षी - तो क्या बात है
वीर - मैं क्या करूंगा 28 साल का हूं मेरे पास पैसा कमाने का क्या जरिया है मेरा घर सब कुछ तो चला गया
साक्षी - अच्छा ये बात है चलो एक गुड न्यूज़ देती हूं ये जो घर का ये हिस्सा देख रहे हो ये हमारा छोटा सा घर है और उस साइड भी एक रूम बनवा देंगे बाकी रही बात तो पैसे कमा कर फिर आ जाएगा सब
साक्षी - और वैसे तुम्हारी वाइफ भी तो है तुम्हारे पास मैं और तनु भी, नही छोड़ कर जा रहे कही ही ही ही
तनु - नई शुरुआत करो हम भी पुरानी बात छोड़ कर तुमको एक मौका दिए ना क्या ये तुम्हारा घर नही है
वीर अब बहुत खुश हो गया था उसको पहली बार तनु कुछ बोली फिर उसने पता नही क्या सोचा उसने जल्दी से तनु और साक्षी को गले लगा लिया
इससे पहले की साक्षी अलग होती 1 सेकंड बाद एक आवाज आई
• चाटाअक *
वीर के गाल लाल हो गए
साक्षी ये देख कर हँसने लगती हैं और हँसते हँसते गिर पड़ती है वही छत पर बेचारी लेट जाती है और उसका पेट दुखने लगता है
वही ये हँसी की आवाज नीचे तक आती है जो रूम में उदास बैठी निधि सुनती है तो वो भी स्माइल करती है राज और राखी ,उदय और सूर्य, मधु पूरा परिवार वही बैठा था
वही ये सुन कर निधि कहती है चलो अच्छा है ऊपर खुशी का माहौल है
तभी नीचे हँसते हुए भागते हुए अनु आतीं है और वो किसी तरह हँसी को रोकती है और देखती है सामने काव्या अकेली बैठी हैं
अनु को देख कर राज कहता है दीदी आप नीचे आओ बैठो ना
तभी उदय भान बोलता है ……..बिटिया
अनु - चलो काव्या ऊपर चलो अपने घर
निधि - ये भी तो तुम्हारा घर है
अनु - मेरा घर ऊपर है चले बेटा
काव्या आ जाती है और ऊपर चली जाते है दोनो
जैसे ही काव्या ऊपर आती हैं वैसे वो देखती है साक्षी ऊपर छत पर खड़ी हँस रही थी और रूम में तनु काम कर रही थी लेकिन एक खुश नुमा माहौल था
तनु मन मैं सोचती है चलो कम से कम ठीक तो हुआ सुबह से नाटक हो रहा था मैं अपनी बेटी को क्या बोलती अगर वीर की शादी हो जाती तो वैसे भी बड़ा आया हम दोनो की ही डाट खाएं मार खाए तभी तनु कहती है मैं क्यों सोचूं रही उसके बारे में
तभी उसको हँसी की आवाज़ आती है जिससे वो समझ जाती है की काव्या आ गई
साक्षी - क्या हुआ उदास हो क्यो
तनु - अरे उसी के लिया होगा अंजली के लिए बुला दूं उसको
साक्षी - रुको करती हूं कॉल
वीर बहुत धीरे से कहता है मेरे पास जब 3 वाइफ है तो मुझे उसकी क्या जरूरत
साक्षी - तो क्या बात है
वीर - मैं क्या करूंगा 28 साल का हूं मेरे पास पैसा कमाने का क्या जरिया है मेरा घर सब कुछ तो चला गया
साक्षी - अच्छा ये बात है चलो एक गुड न्यूज़ देती हूं ये जो घर का ये हिस्सा देख रहे हो ये हमारा छोटा सा घर है और उस साइड भी एक रूम बनवा देंगे बाकी रही बात तो पैसे कमा कर फिर आ जाएगा सब
साक्षी - और वैसे तुम्हारी वाइफ भी तो है तुम्हारे पास मैं और तनु भी, नही छोड़ कर जा रहे कही ही ही ही
तनु - नई शुरुआत करो हम भी पुरानी बात छोड़ कर तुमको एक मौका दिए ना क्या ये तुम्हारा घर नही है
वीर अब बहुत खुश हो गया था उसको पहली बार तनु कुछ बोली फिर उसने पता नही क्या सोचा उसने जल्दी से तनु और साक्षी को गले लगा लिया
इससे पहले की साक्षी अलग होती 1 सेकंड बाद एक आवाज आई
• चाटाअक *
वीर के गाल लाल हो गए
साक्षी ये देख कर हँसने लगती हैं और हँसते हँसते गिर पड़ती है वही छत पर बेचारी लेट जाती है और उसका पेट दुखने लगता है
वही ये हँसी की आवाज नीचे तक आती है जो रूम में उदास बैठी निधि सुनती है तो वो भी स्माइल करती है राज और राखी ,उदय और सूर्य, मधु पूरा परिवार वही बैठा था
वही ये सुन कर निधि कहती है चलो अच्छा है ऊपर खुशी का माहौल है
तभी नीचे हँसते हुए भागते हुए अनु आतीं है और वो किसी तरह हँसी को रोकती है और देखती है सामने काव्या अकेली बैठी हैं
अनु को देख कर राज कहता है दीदी आप नीचे आओ बैठो ना
तभी उदय भान बोलता है ……..बिटिया
अनु - चलो काव्या ऊपर चलो अपने घर
निधि - ये भी तो तुम्हारा घर है
अनु - मेरा घर ऊपर है चले बेटा
काव्या आ जाती है और ऊपर चली जाते है दोनो
जैसे ही काव्या ऊपर आती हैं वैसे वो देखती है साक्षी ऊपर छत पर खड़ी हँस रही थी और रूम में तनु काम कर रही थी लेकिन एक खुश नुमा माहौल था
तनु मन मैं सोचती है चलो कम से कम ठीक तो हुआ सुबह से नाटक हो रहा था मैं अपनी बेटी को क्या बोलती अगर वीर की शादी हो जाती तो वैसे भी बड़ा आया हम दोनो की ही डाट खाएं मार खाए तभी तनु कहती है मैं क्यों सोचूं रही उसके बारे में
तभी उसको हँसी की आवाज़ आती है जिससे वो समझ जाती है की काव्या आ गई