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Incest मॉम की परीक्षा में पास

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आंटी मुस्कराते हुए

"great 3 घंटे तक मज़े और गप्पे मार लेंगे"

फिर हम दोनों ने लंच फिनिश किया और गंदी प्लेट्स को बर्तन धोने वाले टब में रख दिए, और बाकी समान किचन में वापस रख दिया,

फिर हम दोनों ड्रॉइंग हॉल में सोफे पर आराम से बैठ गए,

आंटी बड़े सोफे पर मस्त अपने दोनो टांगो को फैलाकर आराम से बैठ गई,

में भी आंटी की पास में ही बैठ गया

खाना खाने के तुरंत बाद तो सैक्स हो नहीं सकता है

इसके लिए मूड बनाना पड़ता है

इसलिए मैने अपना और आंटी का सैक्स के लिए मूड बनाने के लिए गप्पे मारना शुरू किया,

में "आंटी ऐसे आपका फिगर का साइज क्या है और ब्रा और पैंटी किस साइज की पहनती हो ?

आंटी "मेरा फिगर बोलने में तो 38 28 40 है ऐसे मेरे बूब्स की साइज 39 है लेकिन में 1 इंच छोटी साइज की ब्रा 38 D साइज की पहनती हूं इससे मेरे स्तन काफी फिट सुडौल दिखते है"

"मेरी कमर की साइज 28 है और मेरे हिप्स की साइज 40 है इसलिए में 40 साइज की पैंटी पहनती हूं"

आंटी "अरे अर्जुन मेरी और तेरी मॉम की फिगर साइज करीब करीब एक ही है"

में चौंकते हुए "आपको कैसे पता आंटी"

आंटी " अरे भाई, में और सीमा दोनो साथ में ज्यादातर शॉपिंग करते है और इनरवियर भी साथ में ही खरीदने शॉपिंग मॉल जाते है तब साइज का पता चल जाता है"

"तूने कभी अपनी मॉम की ब्रा और पैंटी को देखा नहीं क्या ?

या कभी भी उनको टच नहीं किया क्या ?

में " आंटी मैने मॉम की ब्रा पैंटी को देखा है कभी कभी मॉम अपने बेड पर ही ऐसे ही ब्रा पैंटी रख जाती है तब दिख जाती है और कभी टैरेस पर सूखते हुए ब्रा पैंटी को देखा है "

"एक दो बार मॉम ने अपने बेडरूम में पड़ी अपनी गंदी ब्रा पैंटी को वाशिंग मशीन में डालने को बोला था तब मैने मॉम की ब्रा पैंटी को टच किया था लेकिन साइज कभी चेक नहीं की थी"

 


में "ऐसे मैने अपनी सगी मां की ब्रा पैंटी को भी देखा और टच भी किया था लेकिन में छोटा था तब मुझे यह ब्रा पैंटी औरतें कहां पर पहनती है और इनकी साइज के बारे में कुछ पता नहीं था"

"और जब में छोटा था तब मेरी बड़ी दीदी और मेरा बेडरूम एक ही था तब दीदी कई बार बाथरूम में नहाने जाती तब अपने इनरवियर और ब्रा पैंटी बाहर ही भूल जाती थी"

"तब वो बाथरूम के अन्दर से मुझे आवाज़ देकर मुझसे अपनी ब्रा पैंटी बाथरूम के दरवाजे तक देने को बोलती थी तब भी मैने कभी ब्रा पैंटी का साइज नहीं देखा था उस समय तो में छोटा था और ब्रा पैंटी का मतलब ही नहीं समझता था"

आंटी "क्या बात है मेरे राजा, उस समय तो तुझे ब्रा पैंटी के बारे में पता नहीं था और अब तुझे ब्रा पैंटी के अंदर क्या होता और उनको कैसे अच्छे तरीके से इस्तेमाल करते है इन सबका तो तू एक्सपर्ट और मास्टर बन चुका है"

में हंसते हुए " हा ह हा ह"

में "अच्छा आंटी आप इतनी खूबसूरत हो, सुंदर और दूध जैसी गोरी हो,सेक्सी और हॉट हो, मतलब आप दिखने में किसी भी बॉलीवुड कि हेरोइन से कम नहीं हो, और आपका फिगर इतना मस्त और लाजवाब हैं"

"तब अंकल तो आपको बहुत प्यार करते होंगे और आपके साथ रोज सैक्स करते होंगे, कुछ बताओ ना आपके और अंकल के प्यार और सैक्स लाइफ के बारे में"

आंटी प्यार वाली मुस्कराहट से

" अर्जुन, तू तो जानता ही की तेरे अंकल खुद भी दिखने में स्मार्ट,टॉल और हैंडसम है मेरे और मेरे हसबैंड के बीच में रोज रात को एक बार तो सैक्स होता ही है"

"छुट्टी के दिन और सन्डे को तो तेरे अंकल दिन में भी शुरू हो जाते है और उस दिन 3 बार सेक्स का सेशन कर देते है मेरे पति मुझे बहुत प्यार करते है और में भी उनको बहुत प्यार करती हूं"

"मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते है मेरी खुशियों का ध्यान रखते है इसलिए में भी उनकी हर जरूरत का ध्यान रखती हूं इसलिए उन्हें कभी सेक्स के लिए मना नहीं करती हूं खाली पीरियड के दिन ही सैक्स नहीं हो पाता तब उस दिन मेरे बूब्स की मस्त चुदाई और चुसाई कर लेते है"

 


आंटी "जब मेरी शादी हुई थी तब हमने सुहागरात भी यहां पर नहीं मनाई थी और हम दोनो शादी के एक दिन बाद ही हनीमून के लिए स्विट्जरलैंड के लिए निकल गए थे"

"तब वहां पर होटल के रूम में ही हम दोनों के बीच सुहागरात हुई थी

पहली रात को ही तेरे अंकल ने मेरी जबरदस्त चुदाई कर डाली थी एक ही रात में 5 बार मेरी चुदाई कर डाली थी"

"में तो वर्जिन थी और मेरी पति भी वर्जिन थे इसलिए पतिदेव सैक्स के बहुत प्यास थे और बहुत ही सैक्स के भूखे थे इसलिए उन्होंने उस रात मेरी चूत की सील को बेरहमी से तोड़ा था मुझे बहुत दर्द हुआ था थोड़ा खून भी निकला था लेकिन मेरे पतिदेव ने मुझे रेड वाइन पीला दी थी और खुद ने भी थोड़ी से वाइन पी रखी थी"

" रेड वाइन के कारण में तो थोड़ी नशे में ही थी मुझे दर्द का अहसास नहीं हो रहा था और पतिदेव मेरी ज़बरदस्त चुदाई कर रहे थे और मेरे बूब्स को भी चूस रहे थे"

"पूरी रात भर हम दोनो के बीच सेक्स चलता रहा था में तो नशे में थी मुझे होश नहीं था लेकिन मेरे पति मेरे अंगो के साथ मस्त और ज़बरदस्त खेल रहे थे हर उस समय उनका लिंग काफी स्ट्रॉन्ग था और बहुत देर बाद ही वो झड़ते थे शायद वाइन के कारण उनमें ताकत ज्यादा अा गई थी"

"फिर अगले दिन मे और तेरे अंकल पूरे दिन रूम में ही बेड पर पड़े रहे थे और पतिदेव पूरे दिन सैक्स ही कर रहे थे 5-6 बार तक सेक्स का सेशन कर दिया था"

"मेरी तो हालत खराब हो गई थी

में तो पलंग से उठ ही नहीं पा रही थी

मेरी चूत में दर्द हो रहा था मेरे बूब्स सूजकर लाल हो गए थे मेरे गाल भी थोड़े थोड़े लाल हो गए थे"

"मुझे चलने में भी तकलीफ़ होती थी

क्योंंकि में वर्जिन थी और मेरी पहली चुदाई मेरे पति ने कि थी और मेरे चूत की सील की उन्होंने तोड़ा था"

"फिर पति ने बाहर से मेरे लिए कुछ मेडिसिन टैबलेट लाई और उनको लेने के बाद मुझे आराम मिला और चूत का दर्द कम हुआ"

 


आंटी "फिर उस दिन के बाद से ही मुझे भी सैक्स की आदत पड़ गई और में भी अपने पतिदेव के साथ रोज सैक्स किए बिना नहीं रह पाती हूं"

"और फिर हमारी बेटी पैदा हो गई और प्रेगनेंसी और डिलेवरी के कुछ महीनों तक मेरे और मेरे पति के बीच सैक्स हो नहीं सका था लेकिन उन दिनों में अपने सेक्सी बूब्स को पति के सामने पेश करती थी और वो भी प्यार से बूब्स की चुदाई और चुसाई करते थे मेरे गालों और होंठों पर अपना प्यार लुटाते थे"

" मेरी बेटी की डिलेवरी के बाद मेरे बूब्स का दूध मेरी बेटी के साथ साथ मेरे पति ने भी खूब पिया और उन्हें मेरा दूध बहुत अच्छा लगता था अब तो मेरे बूब्स दूध नहीं निकालते है"

"लेकिन कुछ समय बाद मेरे पति अपने बिजनेस में व्यस्त रहने के कारण और बिजनेस की टेंशन के कारण सैक्स के मामले में कम ध्यान देते है लेकिन एक दिन भी मेरी चुदाई किए बिना रहते भी नहीं और मेरे बूब्स को मसले और मुंह में लिया बिना तो उन्हें नींद नहीं आती है"

"अब हम दोनों खाली रात को एक बार ही सेक्स कर पाते है और तेरे अंकल अब जल्दी भी झड़ने लग गए हैं और में भी जल्दी ही झड़ जाती हूं"

"लेकिन मेरे पति तो वर्ल्ड के बेस्ट पति है आज भी मुझे बहुत प्यार करते है और में भी अपनी जान से ज्यादा उन्हें प्यार करती हूं"

"में अपने पति के बाद खाली तेरे सामने इतनी ओपन हुई हूं और तेरे साथ सेक्स किया है और यह में अपने अच्छे पति के साथ थोड़ा धोखा ही कर रही हूं लेकिन तू तो मेरा बेटा ही है इसलिए तेरे साथ यह करने में कोई पाप नहीं है "

" और तुझसे से प्यार और सेक्स करने के बाद में थोड़े ही कोई अपने पतिदेव से कम प्यार और कम सैक्स करने वाली हूं

उनके साथ तो रोज चुदाई चलती ही रहेगी और तेरे साथ टाइम पास वाली चुदाई चलती रहेगी"

"इसमें में भी खुश,तू भी खुश और मेरे पतिदेव भी खुश ही रहेंगे, सभी खुश ही रेहगें"

 


फिर आंटी सोफे पर बैठे बैठे मुझे अपनी सेक्सी बाहों में भर लिया

और बोली " अर्जुन तू आगे भी ऐसे ही मुझे प्यार करता रहेगा ना, में अपने पति के बाद तुझे सबसे ज्यादा प्यार करने लग गई हूं और में तुम दोनों से आगे भी ऐसे ही प्यार करती रहूंगी और कभी भी सैक्स के लिए मना नहीं करूंगी"

में "आंटी में भी आपको बहुत प्यार करता हूं और आगे भी करता रहूंगा, और आपके और अंकल के बीच कभी नहीं आऊंगा, आप दोनो का प्यार और आप दोनो के बीच सेक्स संबंध बने रहेगा और मेरा और आपका टाइम पास वाला प्यार भी चालू रहेगा ,आपको हमेशा खुश रखूंगा, में भी आपको सेक्स के लिए कभी भी मना नहीं करूंगा"

"आई लव यू आंटी"

आंटी ने खुशी के मारे मेरे मुंह ,होंठो ,गालों और गर्दन चूमा चाटी करना शुरू कर दिया

मेरा लन्ड तो आंटी की हनीमून की बातों से आधा खड़ा हो चुका था और आंटी के गले लगाने से मेरा लन्ड पूरा खड़ा हो गया था मेरे अंदर एक्साइटमेंट और उत्तेजना का तापमान तेज हो रहा था

और आंटी के इस तरह चुम्मा चाटी से मालूम चल रहा था कि आंटी भी एक्साइटेड होनी चालू हो गई है

और फिर मैने आंटी का एक हाथ को पकड़कर अपने हाफ पैंट में खड़े लन्ड

पर रख दिया आंटी चौंक गई और मेरी बाहों से अलग हो गईं

और मेरे लन्ड को हाफ पैंट के बाहर से अपने हाथ से पकड़कर बोली

"वाउ.. ग्रेट... अमेजिंग..अर्जुन"

"तेरा तो इतनी जल्दी वापस खड़ा भी हो और पहले कि तरह लोहे कि रॉड जैसा बन गया"

में आंटी को अपनी एक आंख मारते हुए

"यह सब आपको मेहरबानी है आपके सेक्सी हुस्न के नजदीक आते ही मेरा लिंग सैक्स का किंग बन जाता है मेरे लिंग को आपकी खूबसूरत वेजिना से प्यार हो गया है"

आंटी हंसने लग गई और हाफ पैंट के बाहर से लन्ड को मसलने लग गई

हल्के से हाथो से दबाने भी लग गई,

 


आंटी वापस मूड में अा गई थी बहुत ही मस्ती और एक्साइटमेंट से मेरे लिंग को हाफ पैंट के बाहर से ही मसल रही थी

आंटी की नाइटी के बूब्स वाले हिस्से में भी काफी कठोरपन और कड़कपन दिखने लग गया था

बाहर से बूब्स की निप्पल में भी कुछ सख्तपन दिख रहा था

मुझे समझ में आ गया था कि आंटी में उत्तेजना के कारण उनके तरबूज रूपी चूचियों भी वासना के कारण फूल चुकी है

मैने भी इस समय आंटी के इस एक्साइटमेंट का फायदा उठाना सही समझा

मैने आंटी का हाथ मेरे लन्ड से हटाया और तुरंत सोफे से खड़ा हो गया और अपने हाफ पैंट को उतार कर साइड में रख दिया अब मेरा लन्ड फड़फड़ाते हुए बाहर निकल गया

लाल कलर का सूपड़ा मेरे लन्ड की चमड़ी से आधा बाहर निकल चुका था

आंटी सोफे पर बैठे बैठे ही मेरे लन्ड को आंखे ताड रही थी

में "आंटी खाली ऐसे ही इसे ताड़ती रहोगी या और भी कुछ करोगी"

आंटी " तेरा यह कड़क डंडा देखकर ही मेरी बोलती बंद हो जाती है और में वासना में डूब जाती हूं"

में "वो तो ठीक है आंटी लेकिन इसका टेस्ट नहीं करना चाहोगी, अंकल का टेस्ट करती हो की नहीं"

आंटी स्माइल देकर "उनका तो कभी कभी टेस्ट कर पाती हूं क्योंंकि उनका जल्दी पानी निकलने का डर रहता है

इसलिए पतिदेव मेरे मुंह में कम ही डालते है"

फिर मैने आंटी को सोफे से उठाकर फर्श पर उनके घुटनों के सहारे बैठा दिया और अपने एक हाथ से आंटी का मुंह पीछे से पकड़ा और अपने लन्ड को आंटी के रसभरे होंठो पर टच कर दिया

आंटी ने भी फटाक से अपना सेक्सी मुंह खोल दिया और लन्ड को मुंह में डाल दिया और अपने होंठो और जीभ से चूमने और चाटने लग गई

ऐसा लग रहा था कि आंटी रबड़ी की कुल्फी को चाट चाट कर चख रही हो

आधा लन्ड ही आंटी के मुंह में जा रहा था

लेकिन आंटी पूरा सपोर्ट कर रही थी

में खाली खड़ा था आंटी ही अपने मुंह से ही लन्ड को अंदर बाहर कर रही थी

अपने होंठो से लन्ड के टॉप को चुम्मा से रही थी

अपने जीभ को लन्ड के चारो और थूख निकाल कर फैर रही थी

ऐसा लग रहा था काफी समय से आंटी ने अंकल का लन्ड मुंह में नहीं लिया था इसलिए आंटी में भूख बहुत थी और इसी की पूरी कसर मेरे लन्ड के साथ कर रही थी

 


मेरे लन्ड के जोड़ीदार मेरे दोनो आंड बॉल्स भी सख्त और कठोर हो चुकी थी

आंटी मेरे लिंग के साथ साथ दोनों बॉल्स को भी चाटना शुरू कर दिया था

आंटी बहुत ही उत्तेजित और दीवानी हो चुकी थी और इस एक्साइटमेंट में आंटी के मोती जैसे सफेद दांत मेरे लन्ड पर लग गए थे आंटी ने मेरे लन्ड को अपने दांत से हल्का काट लिया था

और मेरे मुंह से "आह आह.. ! आं... टी टी,,, आंटी धीरे करो प्लीज..! "

आवाज़ निकली,

आंटी तो अपनी एक्साइटमेंट की मस्ती में थी उन्हें मेरे दर्द की सिसकारियां सुनाई नहीं दे रही थी

वो तो मस्ती से चाटने में लगी थी

और मेरे मुंह से

"आह आह आह अा अा "

साउंड निकल रहा था"

मुझे लगना लगा था कि अगर आंटी इसी तरह मेरे लन्ड को चाटती रही तो में तो जल्दी ही झड़ जाऊंगा, क्योंकि मैने इस बार सैक्स पॉवर वाली गोली नहीं ली हुई थी

इसलिए मुझे आंटी को कैसे ही रोकना था,

मैने आंटी के बालों को पकड़कर अपने लन्ड को चूसने से रोका और आंटी को खड़ा कर दिया

और आंटी के होंठो पर तेजतर्रार चुंबन दे दिया

आंटी के रसीले होंठो को अपने मुंह में डाल दिए और चूसने लगा ,आंटी भी मेरे होंठो को चूसने लग गई

फिर मैने आंटी की नाइटी को उनके हाथ उपर कराकर उपर से निकाल दी और साइड में रख दी,

आंटी अब पूरी तरह से निर्वस्त्र हो गई थी

खरबूजे जैसे बूब्स मेरे सामने अा गए थे

बूब्स की दोनो निप्पल एक दम सख्त होकर मुझे घूर रही थी

आंटी की गोरी और चिकनी चूत भी साफ साफ दिखाई दे रही थी

 
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