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Incest मॉम की परीक्षा में पास

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मै खड़े खड़े ही आंटी के सेक्सी स्तनों को चूसने लग गया, निपल को मुंह में लेकर मस्त चूसने लगा, आंटी के बूब्स के निप्पल तो मॉम के चूचों के निप्पल से भी थोड़े बड़े थे

मुझे अपना माथा थोड़ा झुकाकर ही आंटी के स्तनों को चूसना पड़ रहा था और मेरे द्वारा आंटी के खरबूजों आकर के बूब्स को चूसने और दबाने के कारण आंटी उत्तेजित और एक्साइटेड हो गई थी

और एक्साइटमेंट के कारण आंटी ने अपने हाथ मेरे झुके हुए कंधो पर रख दिए थे और कस कर पकड़ दिए थे

में एक एक करके दोनो चूचियों को चूस रहा था अपने हाथो से दबाए भी जा रहा था

आंटी बेचारी बिल्कुल सरेंडर हो चुकी थीं उनके सेक्सी बूब्स मेरे कब्जे में थे और बूब्स दबाने के कारण उनको थोड़ा दर्द हो रहा था

"एह अह आह..... अ आह् अा "

यह आंटी के मुंह से धीरे धीरे साउंड अा रहा था

दोस्तो में तो बूब्स का पहले से बड़ा दीवाना था चूत मिले या ना मिले बूब्स तो मुझे चाहिएं ही, में थोड़ा ज्यादा ही बेदर्दी और तेज स्पीड से आंटी के तरबूज आकर के स्तनों के साथ खेल रहा था

और चूसने और दबाने की एक्साइटमेंट के कारण मैने आंटी के एक बूब्स को अपने दांत से काट लिया था और आंटी के मुंह से चीख निकली

"अा आई आह .... ए अा, आह"

और आंटी ने अपने स्तनों को मेरे बेरहम मुंह से आज़ाद करा दिया एक झटके से अपने स्तनों को मेरे मुंह से बाहर निकाल दिए

और मेरे चेहरे को अपने चेहरे के सामने करके गुस्से में बोली

"क्या कर रहा है, अरे यह बूब्स बहुत ही नाज़ुक होते है इन्हे बड़े प्यार से ही चूसना चाहिए और दबाना चाहिए और इनके साथ प्यार से ही खेलना चाहिए"

"यह कोई खाने की चीज नहीं है जो तू अपने दांतो से इन्हे काटे जा रहा है"

में उदास अंदाज में "सॉरी आंटी एक्साइटमेंट में हो गया आगे से ध्यान रखूंगा "

 
कहानी पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया

SATISH जी
 


आंटी प्यार से "Okay कोई बात नहीं अर्जुन ,आगे से थोड़ा ध्यान रखना,

इस तरह तेज दबाने से मेरे स्तनों से दूध नहीं निकलने वाला है जब मेरे बेटी पैदा हुई थी तब मेरे स्तनों से दूध आता था और मेरी बेटी मेरे स्तनों को चूसके दूध पीती थी"

"तब मेरे बड़े स्तनों में मेरी बेटी के दूध पीने के बाद भी काफी दूध बच जाता था और मेरे बड़े स्तनों में दर्द होने लग जाता था तब डॉक्टर की सलाह पर मैने अपने स्तनों में बचा हुआ दूध अपने हसबैंड को पिलाना शुरू कर दिया था"

"और मेरे हसबैंड भी बड़े मज़े से मेरे बूब्स का दूध पीते थे दबा दबा कर मेरे बूब्स से दूध निकालते थे और कुछ महीनों बाद मेरे चूचों से मिल्क आना बंद हो गया तब भी वो मेरे बूब्स को जोर से दबाते थे उन्हें लगता था कि इस तरह दबाने से मेरे स्तनों से दूध निकल आएगा"

"में उन्हें समझाती हूं कि स्तन खाली डिलेवरी के बाद कुछ महीनों तक ही मिल्क का प्रोडयूस करते है और दूध निकालते है लेकिन मेरे पतिदेव तो मेरे बड़े बूब्स के सामने एक दूध पीते बच्चा बन जाते है और अभी भी ऐसे ही मेरे स्तनों को रोज दबाते है उन्हें लगता है कभी ना कभी तो मेरे बड़े बूब्स से दूध

निकल ही जाएगा"

में मुस्करा के "ओह गॉड आंटी, अंकल तो बड़े ही सेक्सी है लगता है उनके कारण ही आपके स्तन काफी बड़े और मोटे हुए है"

आंटी हंसते हुए "मेरे यह सेक्सी बूब्स तो मेरे 16 साल की उम्र से ही बड़े, नुकीले और सुडौल थे शादी के बाद तो थोड़े और बड़े हो गए है तेरे अंकल की मेहरबानी से"

"और मेरे बेटी के पैदा होने के बाद मेरे सेक्सी बूब्स थोड़े फेल गए और थोड़े लटक भी गए है लेकिन आज भी मे जब में बाहर से निकलती हूं तो हर उम्र के लड़के और बूढ़े लोगों की आंखे तो मेरे सीने पर ही रहती है वो लोग आंखे फाड़कर मेरे सीने में मेरे बूब्स को देखते रहते है"

"उन लोगो के मुंह में वासना की लार टपकती है यहां तक कि लड़किया और औरतें भी मेरे बड़े साइज के और सुडौल बूब्स को देखकर उनके मुंह में भी पानी अा जाता है और कुछ औरतें तो मेरे बूब्स को देखकर मुझसे जलने भी लग जाती है"
 


में आंटी की बात पर हल्के से हंसते हुए

"हा ह ..हांह.. आंटी आपको ताड़ने वाले लडको में एक में भी हूं आप जब भी मुझे दिखती थी बाहर या मेरे घर पर तब में भी आपके सेक्सी फिगर को चुपके से देखता था"

"आप ऐसे भी बहुत टाइट और छोटे कपडे पहनती हो,और इस कारण आपके सेक्सी मोटे बूब्स बाहर निकले हुए ही रहते है और मेरी नजर आपके टॉप पर आपके दोनो चुचियों पर रहती थी"

आंटी मस्ती वाली हंसी से "हां ह ह हा" "क्या बात है मुझे इस बारे में कभी पता ही नहीं चला कि मेरा प्यारा बेटा अपनी आंटी को ऐसी नजरो से देखता है और शायद आंटी को सपने में नंगी भी देखता होगा"

फिर मैने अपना टी शर्ट उतार दिया और

मैने खड़े खड़े ही आंटी को अपनी बाहों में ले लिया और उनके नंगे शरीर को ज़ोर से भींच लिया

आंटी के मुंह से " अाउ आह अा "

आवाज़ निकली

में आंटी के होंठो को चूसने लगा, आंटी के गोरे गालों को चूमने लगा,चाटने लगा और आंटी की गोरी गर्दन पर भी अपनी जीभ फेरने लगा,

और अपने दोनों हाथो को आंटी के पिछवाड़े में उनकी दोनो मोटी,नर्म,गोल और चोड़ी गान्ड पर रख दिए

और ज़ोर से दोनो गांडो को अपने कातिल हाथों से भींच दिया

आंटी के मुंह से "अा.. आह..अा"

साउंड निकला,

में " आंटी लोग खाली आपके मोटे सेक्सी बूब्स को ही नहीं ताड़ते है लोग तो आपके पिछवाड़े में यह दो सॉफ्ट तकिए जैसी यह आपकी गान्ड बाहर निकली हुए हैं ना, उनको भी बहुत ताड़ते है आप जब चलती हो तब आपकी दोनो गान्ड बड़ी सेक्सी और हॉट स्टाइल में नाचती है में भी आपकी गान्ड का बड़ा दीवाना हूं"

आंटी ने भी मेरी पिछवाड़े में मेरी छोटी दोनो गान्ड को अपने सेक्सी हाथो से पकड़ कर भींच दिया

मेरे मुंह से "ओओयू आह.. आंटी " आवाज़ निकली,

आंटी हंसते हुए " अर्जुन तेरी गान्ड भी कुछ कम नहीं है मस्त और कोमल है"

 


में "आंटी आपकी गान्ड के सामने तो मेरी गान्ड बच्ची है मेरी दोनो गान्ड मिलकर भी आपकी एक गान्ड की बराबरी नहीं कर सकती है"

में अपने हाथो से आंटी की दोनो गान्ड को मसल और खींच रहा था

और आंटी भी मेरी गान्ड को अपने हाथो से दबा रही थी भींच रही थी

दोनो को दर्द के साथ मज़ा भी आ रहा था

हम दोनों के होंठ भी काम पर लगे हुए थे एक दूसरे के होठों, गालों और गर्दन को चाटे जा रहे थे

आंटी के बड़े बूब्स, मेरे छोटे बूब्स से चिपके हुए थे

मेरा लन्ड आंटी की चूत के उपर किस कर रहा था चूत के बाहर दस्तक दे रहा था

माहौल पूरा वासना से भरा हुआ था

फिर कुछ मिनट बाद मैने आंटी के नंगे शरीर को अपने से अलग किया

और आंटी को प्यार से धीमे से धक्का देकर बड़े वाले सोफे पर बैठा दिया

और खुद आंटी के सामने फर्श पर बैठ गया

और बोला "आंटी आपने तो मेरी कुल्फी लिंग का टेस्ट बड़े मज़े लेकर कर लिया अब मेरी बारी है आपकी चूत का रस पीने की"

यह बोलकर मैने आंटी की दोनो टांगो को चौड़ा कर दिया और आंटी की चूत थोडी खुल गई थी

अब मैने अपना मुंह आंटी की सेक्सी चूत में डाल दिया और ज़ोरदार से चूमने लग गया

आंटी मेरी हरकत से वासना में और गहरी डूब गई और उन्होंने एक्साइटमेंट में अपने दोनो मेरे सर पर रख दिए

और अपने मुंह से " उम्.. उम्म म म ह" साउंड निकालने लगी,

मैने आंटी की चूतड़ को और खोल कर उसमे अपनी जीभ डाल दी और जीभ से चूत के अंदर की नर्म चमड़ी को चाटने लग गया और जीभ से चूत के अंदर तक स्ट्रोक मारने लग गया

बहुत ही मज़ा आ रहा था आंटी की चूत से कुछ कुछ पानी भी मेरे मुंह में आने लग गया था और उसका स्वाद बहुत ही मस्त था

में ती आंटी की चूत को अपने मुंह से मस्त चाटे जा रहा था और अपनी जीभ से चूत के अंदर के दाने तक स्ट्रोक मारे जा रहा था

आंटी का उत्तेजना में बुरा हाल हो गया था कभी वो मेरे सर को पकड़ रही थी तो कभी अपने हाथो से ही अपने खरबूजे आकर के बूब्स पकड़ रही थी और एक्साइटमेंट में अपने स्तन को दबा भी रही थी

 


कुछ ही पल बाद आंटी बोली

"अर्जुन मेरा कंट्रोल खत्म हो रहा है मेरी चूत सरेंडर करने वाली है में झड़ने वाली हूं मेरी चूत चाटना बंद कर और अपना लिंग मेरे अंदर डाल दे"

मैने आंटी की चूत को चाटना बंद किया और खड़े होकर डायनिंग टेबल की एक चेयर को पास में लाकर रख दिया और उस पर बैठ गया

मेरा लन्ड एकदम सीधा खड़ा ही था

में "आंटी जल्दी से मेरे ऊपर बैठ जाइए, हम लोग चेयर सीटिंग पोजिशन में सैक्स करेंगे"

आंटी सोफे से खड़ी होकर मेरे पास अा गई और मेरे ऊपर मेरे सामने अपना मुंह करके मेरे जांघों के उपर बैठ गई

और इस तरह आंटी के बैठने से मेरा खड़ा लन्ड सीधा आंटी के चूत में चला गया था खरबूजा खुद ही चाकू पर गिर गया था

और मैने अपने दोनो हाथो से आंटी की सेक्सी कमर को कस कर पकड़ लिया

और आंटी ने भी अपने हाथ मेरी कंधो पर रख दिया

और मैने बैठे बैठे ही अपने लन्ड से आंटी की चूत में स्ट्रोक मारना शुरू किया

मेरा पहला स्ट्रोक ही बहुत सॉलिड था। सीधा आंटी की चूत की गहराई में चला गया था

और आंटी के मुंह से हल्की आवाज में चीख निकली

"अा.. आह.. उ. ह. आह. ह उम्म"

और मैने अपने होंठों को आंटी के होंठो से फेविकोल के जोड़ की तरह चिपका दिया और आंटी के होंठो से रस पीना शुरू कर दिया

जिससे आंटी की सिसकारियां बंद हुई

और फिर मेरे लन्ड के दूसरे स्ट्रोक के बाद से आंटी को भी मज़ा आने लग गया और उनके मुंह कि आवाजे बंद हो गई

और फिर वो भी चुदाई में फुल सपोर्ट करने लग गई और अपनी चूत को मेरे लन्ड पर से आगे पीछे करने लग गई

और अपने होंठो से मेरे होंठो पर किस करने लग गई,

में भी आंटी के होंठो ,गालों और गर्दन को मस्त चाटने लग गया

नीचे चुदाई चल रही थी और उपर चटाई चल रही थी

 


में बीच बीच में आंटी के सीने पर भी अपना मुंह और जीभ फेर रहा था और उनके बड़े बूब्स को उपर से भी चाट रहा था

आंटी की सॉफ्ट,गोरी और मोटी गान्ड मेरे जांघों पर थी मुझे तो ऐसा लग रहा था कि मलाईदार गान्ड मेरे उपर बैठी है

बहुत ही मज़ा आ रहा था

मेरे लन्ड के स्ट्रोक आंटी की चूत की अंदर की गहराई तक जा रहे थे

मेरा हर एक स्ट्रोक आंटी को असीम आनन्द दे रहा था आंटी की चूत की प्यास को बुझा रहा था

करीब 8 स्ट्रोक मारने के बाद आंटी की चूत से हल्का पानी नीकल गया और मेरे लन्ड पर चिपक रहा था

और आंटी भी चेहरे से और एनर्जी से थोड़ी रिलैक्स हो गईं थीं

लेकिन मैने स्ट्रोक मारना चालू रखा

और करीब करीब 15 वे स्ट्रोक में, में भी झड़ गया और अपना थोड़ा सा निकला हुआ गाढ़ा वीर्य आंटी की चूत में स्वाहा कर दिया

अब हम दोनों झड़ चुके थे मेरा लन्ड छोटा और ढीला हो गया था और आंटी की चूत भी एकदम सरेंडर हो चुकी थी

लेकिन आंटी मेरे ऊपर ही बैठी रही और झड़ने के बाद मुझसे एकदम चिपक गई थी मैने भी आंटी के हरे भरे नंगे शरीर की पूरा अपने शरीर में मिला लिया था

आंटी बोली " बहुत ही मज़ा आया, बहुत ही रिलैक्स मिला, very satisfied today, मेरी चूत की लगातार दो बार तगड़ी चुदाई हो गई है और तीसरी चुदाई रात की मेरे पतिदेव भी करेंगे

काफी समय बाद ऐसा हुआ है"

"thank you my darling baby

Arjun I love you so much"

में " यस आंटी मुझे भी बहुत मज़ा आया और मेरे शरीर में एक फ्रेश एनर्जी अा गई है"

" I Love you too my sexy girl" friend"

कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे से चुपके रहे

आंटी मेरे ऊपर ही बैठी थी और में चेयर पर ही बैठा था

हल्के से चुम्मा चाटना चल रहा था

 
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