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Guest
रात के 11.30 हो रहे थे तभी अचानक मेरा मोबाइल बजने लगता है...
ये कॉल डॉक्टर आलोक का था...में एक पल कुछ सोचता हूँ और वो कॉल पिक कर लेता हूँ...
डॉक्टर--जय मैने वो डीयेने रिपोर्ट्स रेडी कर ली है, और ...वो सारे डीयेने एक दूसरे से मच कर रहे है जैसे एक ही परिवार के हो...मुझे लगा शायद ये जानना तुम्हारे लिए इम्पोर्टेंट होगा इसीलिए टेस्ट ख़तम होते ही मैने तुम्हे फोन कर दिया...
में--सर आपका बहुत बहुत शुक्रिया जो आपने इस समय कॉल करके ये न्यूज़ सुनाई है...ये मेरे एक दोस्त के परिवार के सॅंपल थे जो मैने आपको टेस्ट करने के लिए दिए थे...कुछ ग़लतफ़हमियाँ होगयि थी उन सभी को इस लिए वो टेस्ट आपसे करवाने पड़े...
डॉक्टर--ठीक है जय मेरा काम अब ख़तम हुआ...कल किसी भी वक़्त आकर तुम वो रिपोर्ट्स ले जा सकते हो...
बाइ गुड नाइट.......
मैने अब तक उस बोतल में से केवल 3 हे पेग बना कर पिए थे...डॉक्टर. के फोन आने के बाद खुशी की अधिकता की वजह से जो भी पिया उसका थोड़ा भी नशा मुझ पर नही हुआ....
तभी मेरे दरवाजे पर दस्तक होती है..में उठ कर दरवाजा खोलने से पहले वो सारा सामान अपने बेड के नीचे सरका देता हूँ...और दरवाजा खोल देता हूँ...
सामने मम्मी खड़ी थी...उन्होने उस वक़्त एक साधारण सा साड़ी ब्लाउस पहन रखा था....लेकिन मम्मी उस में से भी मुझे काफ़ी सुंदर लग रही थी...
मम्मी को देखते ही मैने उन्हे अपनी बाहो में भर लिया और उनके गालो पर किस करने लगा..
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
मम्मी--अरे....अरे...पागल छोड़ मुझे क्या कर रहा है....आज इतना प्यार कैसे आ रहा है अपनी माँ पर...
में--मम्मी आज में बहुत खुश हूँ...और ये कहने के साथ ही मेने उन्हे और ज़ोर से भीच लिया खुद की बाहो में...
मम्मी--जय ऐसी क्या बात है जो मुझे इस तरह भीच रहा है...मुझे मारेगा क्या....छोड़ मुझे मेरा दम घुट रहा है...
मैने उनकी ये बात सुनकर अपनी पकड़ थोड़ी ढीली कर दी...और मेरी पकड़ ढीली होते ही वो ज़ोर ज़ोर से साँस लेने लगती है...
में--सॉरी मम्मी....वो बात ही कुछ ऐसी थी कि में खुशी के मारे आपको ज़ोर से हग कर बैठा...
मम्मी--अब मुझे बताएगा भी या अकेला ही खुश होता रहेगा...
में--मम्मी में आपका और पापा का ही बेटा हूँ...मैने उन सभी बालो का डीयेने टेस्ट करवाया था और इस से साबित हुआ कि मेरे अंदर पापा का खून है...में नाजायज़ नही हूँ माआ.....
मम्मी की आँखो में अब आँसू आ गये थे और इस बार उन्होने मुझे कस कर गले लगा लिया...
मम्मी--जय तूने आज ये बात बोलकर मेरे सीने से बहुत बड़ा बोझ उतार दिया है...
में--मम्मी में बस आपको खुश देखना चाहता हूँ...
मम्मी--तेरे मुँह से शराब की गंध कैसे आ रही है....तूने आज शराब पी है क्या....
में अपना सिर झुकाते हुए हाँ में अपनी गर्दन हिला देता हूँ...
मम्मी--सारी पी गया या मेरे लिए भी कुछ बचाया है....ये तो खुशी का मोका है...
में वहाँ से हट कर अपने बेड के नीचे से सारा सामान निकाल देता हूँ...और वापस उसे टॅबेल पर रख देता हूँ...
मम्मी मेरे बगल में ही आकर बैठ गयी थी बेड पर....और में उठ कर किचन में से ग्लास लेने चला जाता हूँ...
फिर रूम में आकर हम दोनो का ग्लास भरने के बाद मम्मी को एक ग्लास पकड़ा देता हूँ...
मम्मी उसे एक ही साँस में गटक जाती है....और उस खाली ग्लास को सामने टॅबेल पर रखते हुए कहती है....
मम्मी--ये शराब ज़्यादा मत पिया कर...ये सब कुछ खराब कर देती है...
में मम्मी को बस देखे ही जेया रहा था...तभी अचानक फिर से दरवाजे पर दस्तक होती है...में उठ पाता उस से पहले नीरा रूम में आ जाती है....वो हम दोनो को इस तरह शराब पीता देख, हम लोगो को बस एक टक देखती रहती है....
में वहाँ से उठता हूँ और नीरा को अपनी गोद में उठा कर बेड पर लेटा देता हूँ....और उसका सिर अपनी एक जाँघ पर रख देता हूँ....
में--मम्मी--में आपसे एक बात करना चाहता हूँ...
मम्मी नीरा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहती है...
मम्मी--बोल जय क्या बात है....ऐसी कौनसी बात है जिसे कहने के लिए तुझे मेरी पर्मिशन की ज़रूरत पड़ गयी है.....
में--मम्मी इस पागल ने मुझ से एक कसम ले ली है....और मुझे समझ में नही आरहा कि में वो कैसे पूरी करूँ...
मम्मी--ऐसी कौनसी कसम में फसा दिया तुझे इस पागल ने जो तुझ से पूरी नही हो रही है...
में--मम्मी ये मुझ से शादी करना चाहती है ....
मम्मी--तो कर ले फिर.....क्या कहा तूने...
मम्मी ने चोंक कर एक बार फिर मुझ से पूछा...
में--मम्मी हम दोनो शादी करना चाहते है.... इस बार मेरी आवाज़ में धृड़ता थी.
मम्मी--ये कैसी बात कर रहा है जय...तुम दोनो भाई बहन हो ये पासिबल नही है...छुप कर नाजायज़ रिश्ते बनाना आसान होता है लेकिन इस तरह सबके सामने शादी करना नामुमकिन...
में--मम्मी हम दोनो यहाँ से बहुत दूर चले जाएँगे जहाँ हमे कोई जानता ना हो...
मम्मी --तू ये कैसी बाते कर रहा है जय....माना मुझ से भी ग़लती हुई थी इसलिए में तुम लोगो के साथ ज़ोर ज़बरदस्ती नही कर सकती....लेकिन फिर भी तुम दोनो मेरे बच्चे हो में कैसे देख पाउन्गि ये सब...
मैने अपनी जाँघ पर कुछ गीलापन महसूस किया जो कि नीरा के आँसुओ की वजह से हो गया था मैने उसको रोता देख उसे अपने सीने से लगा लिया....और मम्मी से कहने लगा...
में--मम्मी में कसम खा चुका हूँ अब मुझे कोई नही रोक सकता...नीरा के कॉलेज के बाद में उस से शादी करूँगा...चाहे कुछ भी हो जाए...
नीरा--सुबक्ते हुए....भैया मेरी वजह से आप घर मत छोड़ना...में ही सब कुछ छोड़ कर चली जाउन्गि...
में--तू जहाँ भी जाएगी मेरे साथ ही जाएगी...
नीरा मेरी बाहो में बिल्कुल किसी बच्चे की तरह समा रही थी...और मम्मी पता नही क्या सोचे जा रही थी...
ये कॉल डॉक्टर आलोक का था...में एक पल कुछ सोचता हूँ और वो कॉल पिक कर लेता हूँ...
डॉक्टर--जय मैने वो डीयेने रिपोर्ट्स रेडी कर ली है, और ...वो सारे डीयेने एक दूसरे से मच कर रहे है जैसे एक ही परिवार के हो...मुझे लगा शायद ये जानना तुम्हारे लिए इम्पोर्टेंट होगा इसीलिए टेस्ट ख़तम होते ही मैने तुम्हे फोन कर दिया...
में--सर आपका बहुत बहुत शुक्रिया जो आपने इस समय कॉल करके ये न्यूज़ सुनाई है...ये मेरे एक दोस्त के परिवार के सॅंपल थे जो मैने आपको टेस्ट करने के लिए दिए थे...कुछ ग़लतफ़हमियाँ होगयि थी उन सभी को इस लिए वो टेस्ट आपसे करवाने पड़े...
डॉक्टर--ठीक है जय मेरा काम अब ख़तम हुआ...कल किसी भी वक़्त आकर तुम वो रिपोर्ट्स ले जा सकते हो...
बाइ गुड नाइट.......
मैने अब तक उस बोतल में से केवल 3 हे पेग बना कर पिए थे...डॉक्टर. के फोन आने के बाद खुशी की अधिकता की वजह से जो भी पिया उसका थोड़ा भी नशा मुझ पर नही हुआ....
तभी मेरे दरवाजे पर दस्तक होती है..में उठ कर दरवाजा खोलने से पहले वो सारा सामान अपने बेड के नीचे सरका देता हूँ...और दरवाजा खोल देता हूँ...
सामने मम्मी खड़ी थी...उन्होने उस वक़्त एक साधारण सा साड़ी ब्लाउस पहन रखा था....लेकिन मम्मी उस में से भी मुझे काफ़ी सुंदर लग रही थी...
मम्मी को देखते ही मैने उन्हे अपनी बाहो में भर लिया और उनके गालो पर किस करने लगा..
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मम्मी--अरे....अरे...पागल छोड़ मुझे क्या कर रहा है....आज इतना प्यार कैसे आ रहा है अपनी माँ पर...
में--मम्मी आज में बहुत खुश हूँ...और ये कहने के साथ ही मेने उन्हे और ज़ोर से भीच लिया खुद की बाहो में...
मम्मी--जय ऐसी क्या बात है जो मुझे इस तरह भीच रहा है...मुझे मारेगा क्या....छोड़ मुझे मेरा दम घुट रहा है...
मैने उनकी ये बात सुनकर अपनी पकड़ थोड़ी ढीली कर दी...और मेरी पकड़ ढीली होते ही वो ज़ोर ज़ोर से साँस लेने लगती है...
में--सॉरी मम्मी....वो बात ही कुछ ऐसी थी कि में खुशी के मारे आपको ज़ोर से हग कर बैठा...
मम्मी--अब मुझे बताएगा भी या अकेला ही खुश होता रहेगा...
में--मम्मी में आपका और पापा का ही बेटा हूँ...मैने उन सभी बालो का डीयेने टेस्ट करवाया था और इस से साबित हुआ कि मेरे अंदर पापा का खून है...में नाजायज़ नही हूँ माआ.....
मम्मी की आँखो में अब आँसू आ गये थे और इस बार उन्होने मुझे कस कर गले लगा लिया...
मम्मी--जय तूने आज ये बात बोलकर मेरे सीने से बहुत बड़ा बोझ उतार दिया है...
में--मम्मी में बस आपको खुश देखना चाहता हूँ...
मम्मी--तेरे मुँह से शराब की गंध कैसे आ रही है....तूने आज शराब पी है क्या....
में अपना सिर झुकाते हुए हाँ में अपनी गर्दन हिला देता हूँ...
मम्मी--सारी पी गया या मेरे लिए भी कुछ बचाया है....ये तो खुशी का मोका है...
में वहाँ से हट कर अपने बेड के नीचे से सारा सामान निकाल देता हूँ...और वापस उसे टॅबेल पर रख देता हूँ...
मम्मी मेरे बगल में ही आकर बैठ गयी थी बेड पर....और में उठ कर किचन में से ग्लास लेने चला जाता हूँ...
फिर रूम में आकर हम दोनो का ग्लास भरने के बाद मम्मी को एक ग्लास पकड़ा देता हूँ...
मम्मी उसे एक ही साँस में गटक जाती है....और उस खाली ग्लास को सामने टॅबेल पर रखते हुए कहती है....
मम्मी--ये शराब ज़्यादा मत पिया कर...ये सब कुछ खराब कर देती है...
में मम्मी को बस देखे ही जेया रहा था...तभी अचानक फिर से दरवाजे पर दस्तक होती है...में उठ पाता उस से पहले नीरा रूम में आ जाती है....वो हम दोनो को इस तरह शराब पीता देख, हम लोगो को बस एक टक देखती रहती है....
में वहाँ से उठता हूँ और नीरा को अपनी गोद में उठा कर बेड पर लेटा देता हूँ....और उसका सिर अपनी एक जाँघ पर रख देता हूँ....
में--मम्मी--में आपसे एक बात करना चाहता हूँ...
मम्मी नीरा के सिर पर हाथ फेरते हुए कहती है...
मम्मी--बोल जय क्या बात है....ऐसी कौनसी बात है जिसे कहने के लिए तुझे मेरी पर्मिशन की ज़रूरत पड़ गयी है.....
में--मम्मी इस पागल ने मुझ से एक कसम ले ली है....और मुझे समझ में नही आरहा कि में वो कैसे पूरी करूँ...
मम्मी--ऐसी कौनसी कसम में फसा दिया तुझे इस पागल ने जो तुझ से पूरी नही हो रही है...
में--मम्मी ये मुझ से शादी करना चाहती है ....
मम्मी--तो कर ले फिर.....क्या कहा तूने...
मम्मी ने चोंक कर एक बार फिर मुझ से पूछा...
में--मम्मी हम दोनो शादी करना चाहते है.... इस बार मेरी आवाज़ में धृड़ता थी.
मम्मी--ये कैसी बात कर रहा है जय...तुम दोनो भाई बहन हो ये पासिबल नही है...छुप कर नाजायज़ रिश्ते बनाना आसान होता है लेकिन इस तरह सबके सामने शादी करना नामुमकिन...
में--मम्मी हम दोनो यहाँ से बहुत दूर चले जाएँगे जहाँ हमे कोई जानता ना हो...
मम्मी --तू ये कैसी बाते कर रहा है जय....माना मुझ से भी ग़लती हुई थी इसलिए में तुम लोगो के साथ ज़ोर ज़बरदस्ती नही कर सकती....लेकिन फिर भी तुम दोनो मेरे बच्चे हो में कैसे देख पाउन्गि ये सब...
मैने अपनी जाँघ पर कुछ गीलापन महसूस किया जो कि नीरा के आँसुओ की वजह से हो गया था मैने उसको रोता देख उसे अपने सीने से लगा लिया....और मम्मी से कहने लगा...
में--मम्मी में कसम खा चुका हूँ अब मुझे कोई नही रोक सकता...नीरा के कॉलेज के बाद में उस से शादी करूँगा...चाहे कुछ भी हो जाए...
नीरा--सुबक्ते हुए....भैया मेरी वजह से आप घर मत छोड़ना...में ही सब कुछ छोड़ कर चली जाउन्गि...
में--तू जहाँ भी जाएगी मेरे साथ ही जाएगी...
नीरा मेरी बाहो में बिल्कुल किसी बच्चे की तरह समा रही थी...और मम्मी पता नही क्या सोचे जा रही थी...