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Guest
उसके बाद वो.मुझे एक खूबसूरत रूम में ले आती है जहा चार कुर्सिया और एक एक शानदार लकड़ी की टेबल रखी हुई थी....एक छोटा सा मिनी बार भी उस कमरे में बना हुआ था...
में वहाँ एक कुर्सी पर शालीनता के साथ जा बैठा....कुछ देर इंतजार करने के बाद वो लड़की फिर से आ गई और वहाँ बने मिनी बार की तरफ बढ़ गयी....
लड़की--बाबूजी आप क्या लेना पसंद करेंगे...
में--जो तुम्हे पसंद हो वो ले आओ....लेकिन कामली बाई ने क्या कहा....
लड़की--कामली बाई बस कुछ ही देर में आपसे मिलने के लिए आरहि है....जब तक आप खुद को शराब से तरोताज़ा कर लीजिए....
में--क्या में तुम्हारा नाम जान सकता हूँ....
लड़की--नज़्म....नज़्म नाम है मेरा बाबूजी....
में--तुम्हे यहाँ कितना समय हो गया नज़्म....
नज़्म--मेरा जनम यही हुआ है.....
में--क्या तुम्हारी भी नाथ उतराई.....
नज़्म--नही बाबूजी अभी उस में वक़्त है....अगले साल मेरा नंबर है....अभी में बस मेहमानो की सेवा करती हूँ..,.और नाचने गाने का अभ्यास करती हूँ.....
में--क्या तुमने पढ़ाई नही करी नज़्म....
नज़्म--जब से होश संभाला मेरे पैरो में घुंघरू पड़ गये...और पढ़ाई करके कौनसा मुझे कही नोकरि करनी थी....मैने जो भी सीखा इसी कोठे की चारदीवारी के भीतर ही सीखा....
तभी दरवाजा खुलने की आवाज़ होती है....और 50 - 55 साल की खूबसूरत औरत मेरे सामने बड़ी अदा से झुक का सलाम करती है..,.में भी तुरंत अपनी जगह से खड़ा हो जाता हूँ....वो कामली बाई थी....
कामली--लगता है आप पहली बार किसी कोठे की शान बढ़ाने निकले है घर से....
में--आपने ठीक पहचाना.....में पहली बार ही किसी कोठे पर आया हूँ....और पहली बार में ही निराश होकर नही जाना चाहता.....
कामली--अरे जनाब....यहाँ तो लोग अपनी निराशा भगाने के लिए आते है....में पहला शक्श देख रही हूँ जो यहाँ से निराश हो कर जाने की बात कर रहा है....
में--शायद मुझे यहाँ कुछ दिन बाद आना चाहिए था....लेकिन कुछ दिनो बाद में हमेशा के लिए भारत छोड़ कर जा रहा हूँ....में एक शादी शुदा मर्द हूँ....लेकिन मेरी बीवी माँ नही बन पा रही है....उसके कहने पर ही में आपके यहाँ से लड़की खरीदने आया हूँ....
कामली--माँ ना बन पाने का दर्द एक लड़की से सब कुछ करवा देता है....क्या में जान सकती हूँ आप की पत्नी माँ क्यो नही बन सकती.....
में--मेरी पत्नी की बच्चेदानी कमजोर है....अगर हम बच्चा करने की कोशिश भी करेंगे तो उसकी जान को ख्तरा भी हो सकता है....इसीलिए में आपके पास आया हूँ....,
कामली--क्या आपकी पत्नी एक सोतन बर्दास्त कर लेगी....
में--जैसा कि आपने बोला एक लड़की माँ बनने के लिए कुछ भी कर जाती है....शायद इसीलिए वो ये सब बर्दाश्त करने के लिए तैयार है....
कामली--लेकिन जनाब रस्म होने मे अभी वक़्त है...और वक़्त से पहले.....आपको कैसे में लड़की दे सकती हूँ.....
में--तो इसका मतलब जो कभी नही हुआ वो आज होगा....
कामली--आपका मतलब नही समझी में....
में अपना बना हुआ पेग एक ही साँस में ख़तम करता हूँ और वहाँ से उठ कर बोलता हूँ...
में--आज पहली बार आपके इस कोठे से कोई निराश होकर जा रहा है....
में वहाँ एक कुर्सी पर शालीनता के साथ जा बैठा....कुछ देर इंतजार करने के बाद वो लड़की फिर से आ गई और वहाँ बने मिनी बार की तरफ बढ़ गयी....
लड़की--बाबूजी आप क्या लेना पसंद करेंगे...
में--जो तुम्हे पसंद हो वो ले आओ....लेकिन कामली बाई ने क्या कहा....
लड़की--कामली बाई बस कुछ ही देर में आपसे मिलने के लिए आरहि है....जब तक आप खुद को शराब से तरोताज़ा कर लीजिए....
में--क्या में तुम्हारा नाम जान सकता हूँ....
लड़की--नज़्म....नज़्म नाम है मेरा बाबूजी....
में--तुम्हे यहाँ कितना समय हो गया नज़्म....
नज़्म--मेरा जनम यही हुआ है.....
में--क्या तुम्हारी भी नाथ उतराई.....
नज़्म--नही बाबूजी अभी उस में वक़्त है....अगले साल मेरा नंबर है....अभी में बस मेहमानो की सेवा करती हूँ..,.और नाचने गाने का अभ्यास करती हूँ.....
में--क्या तुमने पढ़ाई नही करी नज़्म....
नज़्म--जब से होश संभाला मेरे पैरो में घुंघरू पड़ गये...और पढ़ाई करके कौनसा मुझे कही नोकरि करनी थी....मैने जो भी सीखा इसी कोठे की चारदीवारी के भीतर ही सीखा....
तभी दरवाजा खुलने की आवाज़ होती है....और 50 - 55 साल की खूबसूरत औरत मेरे सामने बड़ी अदा से झुक का सलाम करती है..,.में भी तुरंत अपनी जगह से खड़ा हो जाता हूँ....वो कामली बाई थी....
कामली--लगता है आप पहली बार किसी कोठे की शान बढ़ाने निकले है घर से....
में--आपने ठीक पहचाना.....में पहली बार ही किसी कोठे पर आया हूँ....और पहली बार में ही निराश होकर नही जाना चाहता.....
कामली--अरे जनाब....यहाँ तो लोग अपनी निराशा भगाने के लिए आते है....में पहला शक्श देख रही हूँ जो यहाँ से निराश हो कर जाने की बात कर रहा है....
में--शायद मुझे यहाँ कुछ दिन बाद आना चाहिए था....लेकिन कुछ दिनो बाद में हमेशा के लिए भारत छोड़ कर जा रहा हूँ....में एक शादी शुदा मर्द हूँ....लेकिन मेरी बीवी माँ नही बन पा रही है....उसके कहने पर ही में आपके यहाँ से लड़की खरीदने आया हूँ....
कामली--माँ ना बन पाने का दर्द एक लड़की से सब कुछ करवा देता है....क्या में जान सकती हूँ आप की पत्नी माँ क्यो नही बन सकती.....
में--मेरी पत्नी की बच्चेदानी कमजोर है....अगर हम बच्चा करने की कोशिश भी करेंगे तो उसकी जान को ख्तरा भी हो सकता है....इसीलिए में आपके पास आया हूँ....,
कामली--क्या आपकी पत्नी एक सोतन बर्दास्त कर लेगी....
में--जैसा कि आपने बोला एक लड़की माँ बनने के लिए कुछ भी कर जाती है....शायद इसीलिए वो ये सब बर्दाश्त करने के लिए तैयार है....
कामली--लेकिन जनाब रस्म होने मे अभी वक़्त है...और वक़्त से पहले.....आपको कैसे में लड़की दे सकती हूँ.....
में--तो इसका मतलब जो कभी नही हुआ वो आज होगा....
कामली--आपका मतलब नही समझी में....
में अपना बना हुआ पेग एक ही साँस में ख़तम करता हूँ और वहाँ से उठ कर बोलता हूँ...
में--आज पहली बार आपके इस कोठे से कोई निराश होकर जा रहा है....