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Guest
#104
कामली--मुझे माफ़ करे जनाब शमा अभी बच्ची है और इसे ज़्यादा दर्द ना हो इसीलिए में ये शराब आप लोगो के लिए ले आई....अब आपको कोई तंग नही करेगा अब जब आप ये दरवाजा खोलेंगे....तभी ये दरवाजा खुलेगा,...
और ये कह कर वो दोनो बाहर चली जाती है....
उनके जाते ही नीरा अच्छे से दरवाजा बंद कर देती है और में शमा को अपनी गोद मे से उठा देता हूँ...
शमा मेरी गोद से उठ कर जाम बनाने लग जाती है....और एक एक करके हम दोनो को दे देती है इतने में नीरा अपना जाम लेकर मेरी गोद मे आकर बैठ जाती है....हम दोनो एक दूसरे के हाथो से वो जाम पीने लगते है....शराब ख़तम होने के बाद में नीरा को कस कर अपनी बाहो में भर लेता हूँ....अचानक नीरा मेरी बाहो में से छूट कर मुझ से दूर हो जाती है लेकिन उसकी साड़ी का पल्लू मेरे हाथों में ही रह जाता है....
नीरा अपने खूबसूरत बदन को मुझ से छुपाने की कोशिश कर रही थी लेकिन एक शर्म से भरी हल्की सी मुस्कुराहट मुझे अपने पास बुलाने का संकेत दे रही थी में अपनी जगह से उठ कर नीरा को कस कर अपने सीने से लगा लेता हूँ..,
मेरे होंठ अब नीरा के होंठो का रस को चूसने में लगे थे....
अचानक नीरा मेरी बाहो मे ही पलट जाती है और में उसका ब्लाउस उसके कंधे से नीचे करके उसकी गर्दन की खुसबु सूंघने लग जाता हूँ..
खुद पर हुए इस तरह के हमले को नीरा सह नही पाती और वो मेरी बाहो मे ही तड़पने लग जाती है.....एक ख़ुसनूमा तड़प नीरा के रोम रोम मे से उठती खुश्बू से जाहिर हो रही थी....
ज़्यादा देर वो मेरा ऐसा करना बर्दाश्त नही कर पाती और मुझे बेड पर धक्का दे देती है....और बेड पर लेटते ही में अपनी शर्ट उतार देता हूँ.....मेरे इस तरह नंगे सीने को देख कर नीरा मुझ पर चढ़ बैठती है....और मेरे सीने को सहलाते हुए अपने होंठ मेरे मेरे होंठो से लगा लेती है.
नीरा--जान कितना तडपी हूँ में इस दिन के लिए....ना जाने कितना और इंतजार करना पड़ता मुझे....हमेशा अपनी नीरा को अपने दिल में बसा कर रखना....वरना में जी नही पाउन्गि एक पल भी.....
में उसके होंठो पर अपना हाथ रखते हुए कहता हूँ....
में--मरने की बात मत कर जान जी तो में भी नही पाउन्गा तेरे बिना....तेरी कसम जान दुनिया की कोई ताक़त अब हम दोनो को जुदा नही कर सकती....बस कभी मरने की बात मत करना.....तेरी कसम तेरी तरफ उठी हुई हर उंगली में जड़ से उखाड़ दूँगा....हमेशा मुझे ऐसे ही प्यार करती रहना....तेरी हर ज़िद तेरी हर बात....तेरा कहा गया हर शब्द....तेरी कसम.... में अपनी जान देकर भी पूरा करूँगा....
अब में नीरा को अपने नीचे ले चुका था और उसका ब्लाउस उसके बदन से अलग कर चुका था....एक नज़र मैने शमा पर डाली....वो ज़मीन पर हमारी तरफ पीठ करके बेड के सहारे बैठी हुई शराब पी रही थी....उसके मन की हालत में अच्छे से समझ पा रहा था....वो ना चाहते हुए भी हमारे मिलन की गवाह बन चुकी थी....
मैने अपना चेहरा नीरा के बूब्स की घाटियो में दबा लिया.. नीरा ने अपने एक हाथ से मेरे सिर को काफ़ी ज़ोर लगा कर अपने सीने में दबा दिया था...जैसे मुझे अपने अंदर समा लेना चाहती हो....
अब वो मुझे पलटते हुए हुए मेरे उपर आ गयी थी और अपनी ब्रा मे से एक बूब निकाल कर मेरे मुँह में डालने लगी....
में उसका बूब पागलो की तरह चूसने लग गया और ना जाने कब उसकी ब्रा से उसका दूसरा बूब भी मैने बाहर निकाल दिया....
नीरा की सिसकिया पूरे कमरे में फैलने लग गयी थी....मैने अपने एक हाथ से उसकी ब्रा को खोल दिया....और फिर से उसके दोनो बूब्स पर टूट पड़ा जगह जगह मैने अपने दाँतों के निशान उसके बूब्स पर बना दिए थे.....
में एक दम से नीरा से अलग हुआ और उसका पेटिकोट और पैंटी एक झटके में उतार कर खुद भी उसके सामने नंगा हो गया....और फिर से उसे अपनी बाहो में भर लिया....
अब हम एक दूसरे की बाहो में पूरे बेड पर गुलाटियाँ खाने लग गये कभी नीरा मेरे उपर आजाती और कभी में उसके उपर....
अब वो समय आ गया था जब हम दोनो को एक दूसरे मे समा जाना था....मैने नीरा की आँखो मे देखा और मेरा इशारा समझ कर वो बेड पर सीधी लेट गयी
कामली--मुझे माफ़ करे जनाब शमा अभी बच्ची है और इसे ज़्यादा दर्द ना हो इसीलिए में ये शराब आप लोगो के लिए ले आई....अब आपको कोई तंग नही करेगा अब जब आप ये दरवाजा खोलेंगे....तभी ये दरवाजा खुलेगा,...
और ये कह कर वो दोनो बाहर चली जाती है....
उनके जाते ही नीरा अच्छे से दरवाजा बंद कर देती है और में शमा को अपनी गोद मे से उठा देता हूँ...
शमा मेरी गोद से उठ कर जाम बनाने लग जाती है....और एक एक करके हम दोनो को दे देती है इतने में नीरा अपना जाम लेकर मेरी गोद मे आकर बैठ जाती है....हम दोनो एक दूसरे के हाथो से वो जाम पीने लगते है....शराब ख़तम होने के बाद में नीरा को कस कर अपनी बाहो में भर लेता हूँ....अचानक नीरा मेरी बाहो में से छूट कर मुझ से दूर हो जाती है लेकिन उसकी साड़ी का पल्लू मेरे हाथों में ही रह जाता है....
नीरा अपने खूबसूरत बदन को मुझ से छुपाने की कोशिश कर रही थी लेकिन एक शर्म से भरी हल्की सी मुस्कुराहट मुझे अपने पास बुलाने का संकेत दे रही थी में अपनी जगह से उठ कर नीरा को कस कर अपने सीने से लगा लेता हूँ..,
मेरे होंठ अब नीरा के होंठो का रस को चूसने में लगे थे....
अचानक नीरा मेरी बाहो मे ही पलट जाती है और में उसका ब्लाउस उसके कंधे से नीचे करके उसकी गर्दन की खुसबु सूंघने लग जाता हूँ..
खुद पर हुए इस तरह के हमले को नीरा सह नही पाती और वो मेरी बाहो मे ही तड़पने लग जाती है.....एक ख़ुसनूमा तड़प नीरा के रोम रोम मे से उठती खुश्बू से जाहिर हो रही थी....
ज़्यादा देर वो मेरा ऐसा करना बर्दाश्त नही कर पाती और मुझे बेड पर धक्का दे देती है....और बेड पर लेटते ही में अपनी शर्ट उतार देता हूँ.....मेरे इस तरह नंगे सीने को देख कर नीरा मुझ पर चढ़ बैठती है....और मेरे सीने को सहलाते हुए अपने होंठ मेरे मेरे होंठो से लगा लेती है.
नीरा--जान कितना तडपी हूँ में इस दिन के लिए....ना जाने कितना और इंतजार करना पड़ता मुझे....हमेशा अपनी नीरा को अपने दिल में बसा कर रखना....वरना में जी नही पाउन्गि एक पल भी.....
में उसके होंठो पर अपना हाथ रखते हुए कहता हूँ....
में--मरने की बात मत कर जान जी तो में भी नही पाउन्गा तेरे बिना....तेरी कसम जान दुनिया की कोई ताक़त अब हम दोनो को जुदा नही कर सकती....बस कभी मरने की बात मत करना.....तेरी कसम तेरी तरफ उठी हुई हर उंगली में जड़ से उखाड़ दूँगा....हमेशा मुझे ऐसे ही प्यार करती रहना....तेरी हर ज़िद तेरी हर बात....तेरा कहा गया हर शब्द....तेरी कसम.... में अपनी जान देकर भी पूरा करूँगा....
अब में नीरा को अपने नीचे ले चुका था और उसका ब्लाउस उसके बदन से अलग कर चुका था....एक नज़र मैने शमा पर डाली....वो ज़मीन पर हमारी तरफ पीठ करके बेड के सहारे बैठी हुई शराब पी रही थी....उसके मन की हालत में अच्छे से समझ पा रहा था....वो ना चाहते हुए भी हमारे मिलन की गवाह बन चुकी थी....
मैने अपना चेहरा नीरा के बूब्स की घाटियो में दबा लिया.. नीरा ने अपने एक हाथ से मेरे सिर को काफ़ी ज़ोर लगा कर अपने सीने में दबा दिया था...जैसे मुझे अपने अंदर समा लेना चाहती हो....
अब वो मुझे पलटते हुए हुए मेरे उपर आ गयी थी और अपनी ब्रा मे से एक बूब निकाल कर मेरे मुँह में डालने लगी....
में उसका बूब पागलो की तरह चूसने लग गया और ना जाने कब उसकी ब्रा से उसका दूसरा बूब भी मैने बाहर निकाल दिया....
नीरा की सिसकिया पूरे कमरे में फैलने लग गयी थी....मैने अपने एक हाथ से उसकी ब्रा को खोल दिया....और फिर से उसके दोनो बूब्स पर टूट पड़ा जगह जगह मैने अपने दाँतों के निशान उसके बूब्स पर बना दिए थे.....
में एक दम से नीरा से अलग हुआ और उसका पेटिकोट और पैंटी एक झटके में उतार कर खुद भी उसके सामने नंगा हो गया....और फिर से उसे अपनी बाहो में भर लिया....
अब हम एक दूसरे की बाहो में पूरे बेड पर गुलाटियाँ खाने लग गये कभी नीरा मेरे उपर आजाती और कभी में उसके उपर....
अब वो समय आ गया था जब हम दोनो को एक दूसरे मे समा जाना था....मैने नीरा की आँखो मे देखा और मेरा इशारा समझ कर वो बेड पर सीधी लेट गयी