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जब अनूप की अच्छी खासी धुलाई हो गई तो रूबी बोली:"
" बस कर बेटा, छोड़ दे इसे। नहीं तो ते मर जाएगा। ।।
साहिल :" इस जैसे नीच इंसान का तो मर जाना ही बेहतर होगा मम्मी। ।।
रूबी ने साहिल का हाथ पकड़ लिया और बोली:" बस कर बेटा तुझे मेरी कसम।
साहिल कसम सुनकर रुक गया और बोला:'
" सुन बे अनूप, अपनी गाड़ी को उस कुत्ते नीरज की गांड़ में दे देना साले। मुझे नहीं चाहिए तुम्हारी गाड़ी।
साहिल गुस्से से अनूप को घूरता हुआ बाहर निकल गया तो रूबी ने भी उसकी तरफ गुस्से से देखा और बोली:'
" आज तुझे ठंड पड़ गई होगी। आज के बाद मैं तेरे साथ नहीं सोऊंगी।
इतना कहकर वो साहिल के कमरे की तरफ चल पड़ी।
................................
रूबी ने गुस्से से दरवाजे को बन्द किया और साहिल के रूम की तरफ चल पड़ी। वहीं अनूप रूम में अकेला रह गया और आज आखिर वहीं हुआ जिसका उसे सबसे ज्यादा डर रहता था। वो बिल्कुल नहीं चाहता था कि कभी साहिल को उसकी सच्चाई पता चले लेकिन आज उसके बेटे ने उसे रंगे हाथो पकड़ लिया और उस पर हाथ भी उठा दिया। अनूप को चोट तो काफी अाई लेकिन सबसे बड़ा दुख इस बात का था उस पर उसके सगे बेटे ने हाथ उठाया जो दुनिया के किसी भी बाप के लिए असहनीय होता है।
अनूप हिम्मत करके उठा और बेड पर लेट गया। उसका पिछ्वाड़ा बहुत दर्द कर रहा था क्योंकि साहिल ने उसे दो तीन लात बहुत कस के मारी थी। पहले लीमा फिर प्रिया और अब रूबी के बाद साहिल सबकी नजरों में अनूप गिर चुका था।
अनूप का पिछ्वाड़ा जैसे ही बेड पर टिका तो उसे तेज दर्द का एहसास हुआ और अनूप ने हिम्मत करके दर्द की ट्यूब निकाली और मालिश करने लगा। थोड़ी देर के बाद उसे आराम मिला और सोचने लगा कि ये सब रूबी की वजह से हुआ हैं इसलिए अब मुझे रूबी को सबक सिखाना ही होगा। साहिल तो कल दिल्ली चला जाएगा उसके बाद देखता हूं कि मुझसे कैसे बचती हैं। लेकिन सबसे पहले मुझे प्रिया को ढूंढना होगा ताकि कैमरे का पता चल सके कि किसके कहने पर उसने ये सब किया है।
अनूप अपने विचारो में डूबा रहा और पहले शराब का नशा और उसके बाद बेटे की मार जिसका नतीजा ये हुआ कि वो गहरी नींद में चला गया।
दूसरी तरफ नीरज अपने घर पहुंच गया और उसने फिर से प्रिया का मोबाइल नंबर मिलाया लेकिन बात नहीं हो पाई। नीरज के मन में कई सवाल उठने लगे कि कहीं प्रिया पकड़ी तो नहीं गई। अगर ऐसा हुआ होता तो अब तक अनूप उसे फोन कर देता तभी उसकी नज़र हॉल में सूख रहे प्रिया के कपड़ों पर पड़ी तो उसे याद आया कि यही कपडे पहन कर तो प्रिया घर से गई थी और ये कपडे अब यहां कहां से अा गए। वो तेजी से प्रिया को घर के अंदर देखने लगा लेकिन उसे प्रिया कहीं नहीं मिली। नीरज ने एक एक कमरा यहां तक की छत, बाथरूम, किचेन सब जगह देखा लेकिन प्रिया की परछाई भी उसे नजर नहीं आई।
थक हार कर वो हॉल में बैठ गया और सोच में डूब गया। एक बात तो पक्की है प्रिया घर तो जरूर अाई थी लेकिन फिर गई कहां।
उसने दिन में ड्यूटी वाले गार्ड का नंबर मिलाया और बोला;'..
" अरे मोहन आज दिन में प्रिया घर अाई थी क्या?
मोहन: हा सर वो मैडम करीब 10 बजे के आस पास अाई थी। काफी डरी हुई और परेशान लग रही थी और लैंड लाइन से आपका मोबाइल नंबर भी मिलाया था लेकिन आपने उठाया नहीं था।
नीरज के दिमाग में एक बात तो पक्का अा गई थी कि प्रिया घर तो अाई थी लेकिन कहां चली गई। नीरज आगे बोला:_.
" तुम्हे कुछ बताया था क्या उसने ? कुछ संदेश या मेरे लिए कोई बात कही हो ?
मोहन:" नहीं सर ऐसा तो कुछ नहीं बोला था मैडम ने। खाना खाकर सोने चली गई थी बस।
मोहन इतना तो समझ गया था कि कुछ तो गड़बड़ हो गई है लेकिन नीरज से पूछने की हिम्मत उसके अंदर नहीं थी क्योंकि नीरज का मूड कब खराब हो जाए कोई नहीं जानता।
नीरज ने फोन काट दिया और सोच में पड़ गया कि अगर प्रिया घर अाई थी तो गई कहां। उसका नंबर क्यों नहीं लग रहा हैं? क्या अनूप को मेरी असलियत तो पता नहीं चल गई की प्रिया मेरे कहने पर ही ये सब कर रही हैं ?
ऐसे बहुत सारे सवाल नीरज के मन में घूम रहे थे जिनके जवाब उसे किसी भी कीमत पर चाहिए थे लेकिन दारू का नशा उसके दिलो दिमाग पर हावी होता चला गया और वो ना चाहते हुए भी नींद के आगोश में चला गया।
वहीं दूसरी तरफ रूबी अनूप के कमरे से निकली और किचेन में घुस कर साहिल के लिए दूध गर्म करने लगी।
साहिल सोच रहा था कि आज जो उसने अपने बाप के साथ किया क्या वो ठीक था ? उसके दिल और दिमाग के बीच गहरी जंग चल रही थी जिसमे आखिर कार जीत उसके दिल की हुई कि उसने बिल्कुल ठीक किया क्योंकि ऐसे कमीने बाप को तो मार मार कर ही ठीक करना चाहिए। मेरे बाप को गलत राह पर ले जाने के लिए सिर्फ नीरज जिम्मेदार हैं और मैं उसे ऐसा सबक सिखाने वाला हूं जो वो मारते दम तक नहीं भूलने वाला हैं।
" बस कर बेटा, छोड़ दे इसे। नहीं तो ते मर जाएगा। ।।
साहिल :" इस जैसे नीच इंसान का तो मर जाना ही बेहतर होगा मम्मी। ।।
रूबी ने साहिल का हाथ पकड़ लिया और बोली:" बस कर बेटा तुझे मेरी कसम।
साहिल कसम सुनकर रुक गया और बोला:'
" सुन बे अनूप, अपनी गाड़ी को उस कुत्ते नीरज की गांड़ में दे देना साले। मुझे नहीं चाहिए तुम्हारी गाड़ी।
साहिल गुस्से से अनूप को घूरता हुआ बाहर निकल गया तो रूबी ने भी उसकी तरफ गुस्से से देखा और बोली:'
" आज तुझे ठंड पड़ गई होगी। आज के बाद मैं तेरे साथ नहीं सोऊंगी।
इतना कहकर वो साहिल के कमरे की तरफ चल पड़ी।
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रूबी ने गुस्से से दरवाजे को बन्द किया और साहिल के रूम की तरफ चल पड़ी। वहीं अनूप रूम में अकेला रह गया और आज आखिर वहीं हुआ जिसका उसे सबसे ज्यादा डर रहता था। वो बिल्कुल नहीं चाहता था कि कभी साहिल को उसकी सच्चाई पता चले लेकिन आज उसके बेटे ने उसे रंगे हाथो पकड़ लिया और उस पर हाथ भी उठा दिया। अनूप को चोट तो काफी अाई लेकिन सबसे बड़ा दुख इस बात का था उस पर उसके सगे बेटे ने हाथ उठाया जो दुनिया के किसी भी बाप के लिए असहनीय होता है।
अनूप हिम्मत करके उठा और बेड पर लेट गया। उसका पिछ्वाड़ा बहुत दर्द कर रहा था क्योंकि साहिल ने उसे दो तीन लात बहुत कस के मारी थी। पहले लीमा फिर प्रिया और अब रूबी के बाद साहिल सबकी नजरों में अनूप गिर चुका था।
अनूप का पिछ्वाड़ा जैसे ही बेड पर टिका तो उसे तेज दर्द का एहसास हुआ और अनूप ने हिम्मत करके दर्द की ट्यूब निकाली और मालिश करने लगा। थोड़ी देर के बाद उसे आराम मिला और सोचने लगा कि ये सब रूबी की वजह से हुआ हैं इसलिए अब मुझे रूबी को सबक सिखाना ही होगा। साहिल तो कल दिल्ली चला जाएगा उसके बाद देखता हूं कि मुझसे कैसे बचती हैं। लेकिन सबसे पहले मुझे प्रिया को ढूंढना होगा ताकि कैमरे का पता चल सके कि किसके कहने पर उसने ये सब किया है।
अनूप अपने विचारो में डूबा रहा और पहले शराब का नशा और उसके बाद बेटे की मार जिसका नतीजा ये हुआ कि वो गहरी नींद में चला गया।
दूसरी तरफ नीरज अपने घर पहुंच गया और उसने फिर से प्रिया का मोबाइल नंबर मिलाया लेकिन बात नहीं हो पाई। नीरज के मन में कई सवाल उठने लगे कि कहीं प्रिया पकड़ी तो नहीं गई। अगर ऐसा हुआ होता तो अब तक अनूप उसे फोन कर देता तभी उसकी नज़र हॉल में सूख रहे प्रिया के कपड़ों पर पड़ी तो उसे याद आया कि यही कपडे पहन कर तो प्रिया घर से गई थी और ये कपडे अब यहां कहां से अा गए। वो तेजी से प्रिया को घर के अंदर देखने लगा लेकिन उसे प्रिया कहीं नहीं मिली। नीरज ने एक एक कमरा यहां तक की छत, बाथरूम, किचेन सब जगह देखा लेकिन प्रिया की परछाई भी उसे नजर नहीं आई।
थक हार कर वो हॉल में बैठ गया और सोच में डूब गया। एक बात तो पक्की है प्रिया घर तो जरूर अाई थी लेकिन फिर गई कहां।
उसने दिन में ड्यूटी वाले गार्ड का नंबर मिलाया और बोला;'..
" अरे मोहन आज दिन में प्रिया घर अाई थी क्या?
मोहन: हा सर वो मैडम करीब 10 बजे के आस पास अाई थी। काफी डरी हुई और परेशान लग रही थी और लैंड लाइन से आपका मोबाइल नंबर भी मिलाया था लेकिन आपने उठाया नहीं था।
नीरज के दिमाग में एक बात तो पक्का अा गई थी कि प्रिया घर तो अाई थी लेकिन कहां चली गई। नीरज आगे बोला:_.
" तुम्हे कुछ बताया था क्या उसने ? कुछ संदेश या मेरे लिए कोई बात कही हो ?
मोहन:" नहीं सर ऐसा तो कुछ नहीं बोला था मैडम ने। खाना खाकर सोने चली गई थी बस।
मोहन इतना तो समझ गया था कि कुछ तो गड़बड़ हो गई है लेकिन नीरज से पूछने की हिम्मत उसके अंदर नहीं थी क्योंकि नीरज का मूड कब खराब हो जाए कोई नहीं जानता।
नीरज ने फोन काट दिया और सोच में पड़ गया कि अगर प्रिया घर अाई थी तो गई कहां। उसका नंबर क्यों नहीं लग रहा हैं? क्या अनूप को मेरी असलियत तो पता नहीं चल गई की प्रिया मेरे कहने पर ही ये सब कर रही हैं ?
ऐसे बहुत सारे सवाल नीरज के मन में घूम रहे थे जिनके जवाब उसे किसी भी कीमत पर चाहिए थे लेकिन दारू का नशा उसके दिलो दिमाग पर हावी होता चला गया और वो ना चाहते हुए भी नींद के आगोश में चला गया।
वहीं दूसरी तरफ रूबी अनूप के कमरे से निकली और किचेन में घुस कर साहिल के लिए दूध गर्म करने लगी।
साहिल सोच रहा था कि आज जो उसने अपने बाप के साथ किया क्या वो ठीक था ? उसके दिल और दिमाग के बीच गहरी जंग चल रही थी जिसमे आखिर कार जीत उसके दिल की हुई कि उसने बिल्कुल ठीक किया क्योंकि ऐसे कमीने बाप को तो मार मार कर ही ठीक करना चाहिए। मेरे बाप को गलत राह पर ले जाने के लिए सिर्फ नीरज जिम्मेदार हैं और मैं उसे ऐसा सबक सिखाने वाला हूं जो वो मारते दम तक नहीं भूलने वाला हैं।