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मेरे चूसते लीना कविता की जीभ को अपने अंदर ले लेती.
फिर से मुझे उनको सक करने को नहीं मिल रहा था.
उनके इस खेल में मुझे मज़ा आ रहा था क्यों की वो दोनों खुश थी.
उनको लग रहा था की वो अपने भाई को नाराज़ कर रही है.
दोनो ने मुझे किस करके मेरी जीभ बाहर निकाल कर सक करना शुरू किया.
दोनो एक साथ मेरी जीभ को सक कर रही थी जिस से में खुश हो गया. पर में नाराज़ कब हुआ था.
हमारे प्यार भरी मस्ती के साथ किस करने से हम तीनो खुश हो गये.
ये किस मुझे हमेशा याद रहेगा.
ये किस कविता को बदलने वाला था.ये किस उन दोनों को म्याचूअर बनाने वाला था.
हमारा किस काफी लम्बा चल रहा था.क्यों की बिच में एक रुक जाता जिस से वो नार्मल हो सके,तब तक बाकि दोनों किस करते रह्ते थे.
पहले कविता फिर लीना उसके बाद में अपनी सासे नार्मल करके किस को कंटिन्यू कर रहे थे.
फिर फाइनली हम रुक गये.
किस करना बंद करते ही हम तीनो ऐसे साँसे ले रहे थे जैसे ये हमारी आखरी सांसे हो.
जीस तरह उनकी चेस्ट,उनके बॉब्स हिल रहे थे उसे देख कर मेरा लंड भी हिल रहा था.
जितना लम्बा किस था उस से कम समय हमें नार्मल होने में लगा.
कविता-“भैया एक और बार करते है”.
लीना-“भैया ये किस अब तक का सबसे बेस्ट किस था”.
अवी-“ऐसे नही,इस बार बिना कपड़ो के करते है.
मेरे कहते ही कविता और लीना लाइट की स्पीड से अपने कपडे निकालने लगी.
मेरे टी-शर्ट और बनियन निकालने तक कविता और लीना नंगी हो गयी.
मुझे ऐसे धीरे धीरे कपडे निकालते हुये देख कर मुझे धक्का दे कर गिरा दिया.
ओर मेरा बरमूडा और अंडरवियर इतने स्पीड से निकाल दिये की लंड डर गया की क्या हो रहा है.
मेरे लंड को देखते ही दोनों भूल गयी की हमें किस करना है.
मेरे लंड की सुंदरता,हार्डनेस, मोटाई,लंबाई,टोपा देख कर दोनों ने अपने होंटो पे अपनी जीभ घुमा दि.
मैं उठने वाला था की कविता और लीना ने मेरे चेस्ट पर हाथ रख कर वापस लिटा दिया.
मैंने उनको जैसा वो करना चाहती है वैसा करने देणे में उनकी और अपनी भलाई समझी.
दोनो मेरे लंड को देख कर अपनी आँखों में उसकी पिक्चर हमेशा के लिए कैद करके रखने लगी.
दोनो मेरे लंड को छत की तरफ सर उठा कर शान से खड़ा देख कर अपने भाई पे गर्व करने लगी.
उनकी आँखों में मेरे लंड के लिए लस्ट नहीं प्यार नजर आ रहा था.
दोनो अपने मुह को धीरे धीरे मेरे लंड के पास ले जाने लगी.
दोनो ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे लंड के नजदीक ले गयी.
लंड और जीभ में कुछ फासला था की वो दोनों रुक गयी. और मेरी तरफ देखने लगी.
उनके जीभ के टच को फील करने के लिये मेरा लंड झटके मार रहा था.
कविता और लीना ने अपनी जीभ को मेरे लंड के बॉटम से टच किया.
मुझे लगा की वो दोनों टोपे पे अपनी जीभ घुमाएंगी पर ऐसा नहीं था.
दोनो मेरे लंड के बॉटम से अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटते हुए ऊपर टोपे तक जाने लगी.
कविता और लीना बड़े प्यार से मेरे लंड को चाट कर टोपे तक जा रही थी.
]
दोनो वैसे ही मेरे लंड पे अपनी जीभ को घूमाते हुये ऊपर ले जाकर टोपे को चाटने लगी.
टोपे पे अपनी जीभ घुमा कर वो फिर से अपनी जीभ को ऊपर ले गयी.जिस से दोनों की जीभ टकरा गयी.
कविता और लीना की जीभ एक दूसरे से मिलते ही,फीर से खेलने लगी. दोनों एक दूसरे की जीभ को चूसने लगी.
ऐसे चूसते हुए वो किस करने लगी,ओर किस करते हुए निचे आ गयी.
निचे आने से दोनों के होठो के बिच में मेरे लंड का टोपा आ गया.
लंड पे एक साथ कविता और लीना किस कर रही थी.
दोनो के गुलाबी होंटो के बिच मेरे लंड का टोपा देख कर में खुद को परियो के बिच में महसुस करने लगा.
कविता और लीना लंड पे किस करते हुये एक दूसरे को किस कर रही थी.
उनके इस सेक्सी अंदाज़ से मैं मज़ा ले रहा था.
कविता ने लंड पे किस करते हुये अपने मुह में लिया और लीना उसे किस करने लगी.
कभी टोपा कविता के मुह में होता तो कभी लीना के मुह मे.
दोनो बारी बारी टोपा अपने मुह में लेकर मस्ती कर रही थी.
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फिर दोनों टोपे के निचे आ गई और अपने दांतो में मेरा लंड पकड़ लिया.
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फिर से मुझे उनको सक करने को नहीं मिल रहा था.
उनके इस खेल में मुझे मज़ा आ रहा था क्यों की वो दोनों खुश थी.
उनको लग रहा था की वो अपने भाई को नाराज़ कर रही है.
दोनो ने मुझे किस करके मेरी जीभ बाहर निकाल कर सक करना शुरू किया.
दोनो एक साथ मेरी जीभ को सक कर रही थी जिस से में खुश हो गया. पर में नाराज़ कब हुआ था.
हमारे प्यार भरी मस्ती के साथ किस करने से हम तीनो खुश हो गये.
ये किस मुझे हमेशा याद रहेगा.
ये किस कविता को बदलने वाला था.ये किस उन दोनों को म्याचूअर बनाने वाला था.
हमारा किस काफी लम्बा चल रहा था.क्यों की बिच में एक रुक जाता जिस से वो नार्मल हो सके,तब तक बाकि दोनों किस करते रह्ते थे.
पहले कविता फिर लीना उसके बाद में अपनी सासे नार्मल करके किस को कंटिन्यू कर रहे थे.
फिर फाइनली हम रुक गये.
किस करना बंद करते ही हम तीनो ऐसे साँसे ले रहे थे जैसे ये हमारी आखरी सांसे हो.
जीस तरह उनकी चेस्ट,उनके बॉब्स हिल रहे थे उसे देख कर मेरा लंड भी हिल रहा था.
जितना लम्बा किस था उस से कम समय हमें नार्मल होने में लगा.
कविता-“भैया एक और बार करते है”.
लीना-“भैया ये किस अब तक का सबसे बेस्ट किस था”.
अवी-“ऐसे नही,इस बार बिना कपड़ो के करते है.
मेरे कहते ही कविता और लीना लाइट की स्पीड से अपने कपडे निकालने लगी.
मेरे टी-शर्ट और बनियन निकालने तक कविता और लीना नंगी हो गयी.
मुझे ऐसे धीरे धीरे कपडे निकालते हुये देख कर मुझे धक्का दे कर गिरा दिया.
ओर मेरा बरमूडा और अंडरवियर इतने स्पीड से निकाल दिये की लंड डर गया की क्या हो रहा है.
मेरे लंड को देखते ही दोनों भूल गयी की हमें किस करना है.
मेरे लंड की सुंदरता,हार्डनेस, मोटाई,लंबाई,टोपा देख कर दोनों ने अपने होंटो पे अपनी जीभ घुमा दि.
मैं उठने वाला था की कविता और लीना ने मेरे चेस्ट पर हाथ रख कर वापस लिटा दिया.
मैंने उनको जैसा वो करना चाहती है वैसा करने देणे में उनकी और अपनी भलाई समझी.
दोनो मेरे लंड को देख कर अपनी आँखों में उसकी पिक्चर हमेशा के लिए कैद करके रखने लगी.
दोनो मेरे लंड को छत की तरफ सर उठा कर शान से खड़ा देख कर अपने भाई पे गर्व करने लगी.
उनकी आँखों में मेरे लंड के लिए लस्ट नहीं प्यार नजर आ रहा था.
दोनो अपने मुह को धीरे धीरे मेरे लंड के पास ले जाने लगी.
दोनो ने अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे लंड के नजदीक ले गयी.
लंड और जीभ में कुछ फासला था की वो दोनों रुक गयी. और मेरी तरफ देखने लगी.
उनके जीभ के टच को फील करने के लिये मेरा लंड झटके मार रहा था.
कविता और लीना ने अपनी जीभ को मेरे लंड के बॉटम से टच किया.
मुझे लगा की वो दोनों टोपे पे अपनी जीभ घुमाएंगी पर ऐसा नहीं था.
दोनो मेरे लंड के बॉटम से अपनी जीभ से मेरे लंड को चाटते हुए ऊपर टोपे तक जाने लगी.
कविता और लीना बड़े प्यार से मेरे लंड को चाट कर टोपे तक जा रही थी.
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दोनो वैसे ही मेरे लंड पे अपनी जीभ को घूमाते हुये ऊपर ले जाकर टोपे को चाटने लगी.
टोपे पे अपनी जीभ घुमा कर वो फिर से अपनी जीभ को ऊपर ले गयी.जिस से दोनों की जीभ टकरा गयी.
कविता और लीना की जीभ एक दूसरे से मिलते ही,फीर से खेलने लगी. दोनों एक दूसरे की जीभ को चूसने लगी.
ऐसे चूसते हुए वो किस करने लगी,ओर किस करते हुए निचे आ गयी.
निचे आने से दोनों के होठो के बिच में मेरे लंड का टोपा आ गया.
लंड पे एक साथ कविता और लीना किस कर रही थी.
दोनो के गुलाबी होंटो के बिच मेरे लंड का टोपा देख कर में खुद को परियो के बिच में महसुस करने लगा.
कविता और लीना लंड पे किस करते हुये एक दूसरे को किस कर रही थी.
उनके इस सेक्सी अंदाज़ से मैं मज़ा ले रहा था.
कविता ने लंड पे किस करते हुये अपने मुह में लिया और लीना उसे किस करने लगी.
कभी टोपा कविता के मुह में होता तो कभी लीना के मुह मे.
दोनो बारी बारी टोपा अपने मुह में लेकर मस्ती कर रही थी.
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फिर दोनों टोपे के निचे आ गई और अपने दांतो में मेरा लंड पकड़ लिया.
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