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Incest Main meri family aur mera gaon part -2

josef wrote: ↑ 04 Apr 2019 13:56
bhai ise shuruwat se update 1 se shuru karna tha taki jinhe hindi nahi aati wo bhi padh lete
 
फ़्लैशबैक 1072

नेहा ६

नेहा ने पिताजी को दिया हुआ वादा पूरा किया

अवि को ठीक कर दिया

जैसा पिताजी चाहते थे वैसा नेहा ने किया

पर पिताजी ने क्यों कहा था ये नेहा समज नहीं पाई

पर पिताजी जो चाहते थे वो पूरा तब हुआ जब अवी के लिए नेहा के दिल में जगह बन गयी

नेहा को भी पता नहीं की कब अवी के लिए इतना प्यार उसके दिल में पैदा हो गया

पर नेहा तो पिताजी की इस हालत के लिए पता नहीं कैसे अवी को जिम्मेदार मानने लगी थी

पर नेहा खुश भी थी की अवी ठीक हो गया है

नेहा ने तो घर जाकर कोमल को इतना प्यार किया जितना जिंदगी भर किसी को किया न हो

कोमल ने अवी को अपनी एक आवाज़ से होश में जो लाया था

कोमल पहले सबकी प्यारी थी अब तो अवी को ज़िन्दगी देणे से सबकी बेटी बन गयी

सूमन तो कोमल को नेहा से ज्यादा प्यार करने लगी

पर नेहा की बात पूजा के दिमाग में भी हलचल मचा रही थी

पूजा ने नेहा की बात पे ज्यादा सोचा तो नहीं था पर ये बात उसको सोचने पे मज़बूर कर देती जब भी वो पिताजी की हालत देखति

नीता नेहा और पूजा से अलग थी

उसकी सोच पॉजिटिव थी

नीता को मीना पे पूरा विश्वास था

क्यों की पिताजी को मीना पे विश्वास था

पर फिर से एक गडबड हो गयी

नहा के लिए फिर से अवी के लिए नफरत पैदा हो गयी

अवि होश में तो आया

पर जब अवी ने सुमन से पूछा की दादाजी कहा है तो सुमन उसका जवाब नहीं दे पाई

पूजा नीता मीना सीमा एक दूसरे की तरफ देखने लगी

अवि ने दादाजी के बारेमे पूछा पर सबको सोच में डुबा दिया

मीना नीता और पूजा के साथ बाहर आ गयी

नीता- मीना अब क्या करे ?

पूजा- अगर अवी ने पिताजी को देख लिया तो

सूमन- रुको

पूजा- क्या हुआ

।सुमन-मैं फिर से अवी को खोना नहीं चाहती

नीटा- पर अवी को तो अपने दादाजी से मिलना है

सूमन- मीना तू कुछ कर , अवी अपने दादाजी को ऐसे देख नहीं पायेगा , पता है ना पिछली बार क्या हुआ था

पूजा- पर अवी को पता तो चलेगा पिताजी के बारेमे

नीता- मीना तू कुछ बोल क्यों नहीं रही है

मीना- अवी को बोल दिजिये उसके दादाजी २ साल के लिए तीर्थ यात्रा पे गए है

पूजा- झुट बोलने से क्या होगा

मीना- अभी अवी सच जानने की हालत में नहीं है , उसे पहले सच सुनने लायक बनाते है फिर सच बता देंगे

पूजा- आईडिया तो अच्छा है

नीटा- पर पिताजी और अवी एक घर में रहेंगे तो पता तो चलेंगा

मीना- इसका हल मुझे ठाकुजी ने १ हफ्ते पहले बता दिया था

सूमन- क्या बताया ठाकुरजी ने

मीना- ठाकुरजी ने कहा की उनके पहचान का एक हॉस्पिटल है , जो आश्रम जैसा है वहॉ बड़े से बड़ा पेशेंट ठीक होक गया है , ठाकुरजी बोल रहे थे की पिताजी को वहा शिफ्ट करते है जिस से पिताजी का इलाज अच्छे से होगा

नीता- ठाकुरजि ने कहा है तो ठीक ही होगा

पूजा- पर नेहा

सूमन- नेहा से झुट बोल दो

नेहा- बस यही सुनना बाकि था

नेहा ने सब सुन लिया था

सूमन- नेहा मेरा मतलब था की

नहा- तुम सब बस अवी के बारेमे सोच रहे हो , पिताजी के बारेमे कोई कुछ नहीं सोच रहा है

मीना- ये दोनों के लिए अच्छा होगा , हम सिर्फ अवी से झुट बोलेँगे

नहा- में ने सब सुन लिया है ,,, अगर तुम्हे पिताजी को यहाँ नहीं रखना है तो में अपने घर लेकर जाउंगी

पूजा- मीना की बात का मतलब तो समज

नहा- ये मीना बहुत चालाक है , आप इसकी चालाकी में फस सकती है में नहीं

नीता- तू बता पिताजी को अपने घर लेकर जकर क्या करेंगी

नेहा- उनकी सेवा करुँगी

नीता- और तुज़े लगता है इस से पिताजी ठीक हो जायेंगे

नहा- क्या मतलब

नीटा- पिताजी का इलाज ठाकुरजी करवा रहे है हैना

नहा-हा

पूजा- तो मीना ने क्या कहा सुना नहीं तूने

नेहा- सुन लिया पर ये मीना की बात पे मुझे विश्वास नहीं है

नीता- ठाकुरजी कहेंगे तो पिताजी को आश्रम में जाने देंगी

नहा- पर पिताजी यहाँ भी तो रह सकते है

मीना- नेहा , अवी और पिताजी का यहाँ रहना ठीक नहीं होगा ,वॉ दोनों एक दूसरे को देख कर फिर बिमार पड़ जायेंगे ,

नेहा- दीदी तुम ही कुछ बोलो ना, पिताजी का यही इलाज करते है

पूजा- यहाँ गाओं में क्या होंगा, ठाकुरजी को करने दो उनके हिसाब से , ठाकुरजी बड़े बड़े डॉक्टर से इलाज करवाएँगे पिताजी का

नेहा- ये सब उस अवी के लिए कर रही हो आप सब

नीता- नेहा तू फिर शुरू हो गयी

सूमन- नेहा , तू ये ड्रामा क्यों करती है , आवी को तू कितना प्यार करती है ये हम सबको पता है

नहा- में नफरत करती हूँ आवी से

सूमन- अच्छी नफरत करती है तू आवी से

नेहा- ठाकुरजी को बुलाने भेजो किसी को

नेहा पिताजी को अपने यहाँ रखने को तैयार थी

पर सबके सामने , सबके समजाने पर नेहा मान गयी

नेहा का दिल तो नहीं कर रहा था पिताजी को दूर जाने देणे का

पर पिताजी के अच्छे के लिए ये सब करना जरुरी था

ठाकुरजी के समजाने पे नेहा मान गयी

नेहा को विश्वास था की ठकुरजी पिताजी कोठीक कर देंगे

ओर नेहा ने पिताजी को आश्रम में जाने दिया

घर में २ २ पेशेंट को रखना ठीक नहीं था।

कीसी एक पे ध्यान ज्यादा देना और दूसरे पे कम इस से दोनों पे असर हो रहा था

ऐसे में ठाकुर को एक आश्रम के बारेमे पता चला शायद वहा ले जाने से पिताजी ठीक हो जाये

ठकुर ने सब को उस आश्रम के बारेमे बताया।सब पिताजी को वहॉ ले जाने के लिए तैयार हो गै। पर नेहा को ये पसंद नहीं था

नेहा पिताजी को अपने घर में रखना चाहती थी। पर सबके सामने नेहा को झुकना पडा।

पिताजी को आश्रम ले गये। पिताजी का ईलाज़ वहॉ होने लगा।

पितजी के जाते नेहा ने इस घर में आना भी बंद कर दिया

नेहा के पास आवी से नफरत करने की बहुत सी वजह थी

पर प्यार करने की सिर्फ एक वजह थी वो थी शालिनि भाभी

ऐसे में नेहा ने आवी से दूर रहना ठीक समझा

शायद ऐसा भी हो की नेहा के करीब जितने लोग थे वो सब दूर हो गए तो इसलिये वह आवी से दूर रहना चाहती हो

उसके दिल में क्या था हम बस इमेजिन कर सकते है

दूर रहने से ना वो नफरत कर पायेंगी आवी से और न प्यार कर पायेंगी

पर कोमल उसका क्या

उसको तो आवी से मिलना था

कोमल किसी न किसी बहाने से आवी को मिलने जाती थी

पर आवी ठीक तो हो गया था

पर वो बस विंडो से बाहर देखता रहता जैसे किसी का इंतजार कर रहा हो

सूमन को ये बात अच्छी नहीं लगती पर आवी बेड से उठ तो गया है धीरे धीरे नार्मल हो जायेंगा

सूमन का प्यार देख कर आवी को अपनी माँ की याद आती

पर धीरे धीरे सुमन का प्यार ही उसे याद रहने लगा

आवि को भी सुमन के प्यार की आदत पड़ गयी

सूमन के हातो से खाना खाये बिना आवी खाना खाता ही नहीं था

आवि शुरू शुरू में सुमन के साथ ही सोने लगा

सूमन को लगता था की नेहा यहाँ होती तो और अच्छा होता

इस लिए सुमन आवी को नेहा के घर ले जाती पर नेहा आवी से बात नहीं करती , दूर ही रह्ती आवी से

आवि को ये अजीब सा लगता जिस से वो सुमन को नेहा के ऐसे रहने के बारे में पूछता

सूमन इसका जवाब नहीं दे पाति जिस से सुमन ने आवी को नेहा के घर ले जाना बंद कर फिया

नेहा अजीब थी

आवि उसके घर आता तो वो बात भी नहीं करती

पर नेहा हर दूसरे तीसरे दिन किसी न किसी बहाने से आवी को देखने आ जाती

नेहा की इस हरकत पे सब हॅसने लग जाते पर कोई कुछ कहता नहीं नेहा से
 
Flashback 1073

neha 5

neha ke dil me phir se Avi ke liye nafrat paida hone lagi

neha ko laga ki Avi ke vajahse pitaji ki aisi halat huyi hai

Avi ke vajahse pitaji ko apne kamra Avi ko dena pada

pitaji ke bareme to kohi soch hi nahi raha hai

sabko us Avi ke ache hone ka intzar hai

neha ko ye acha nahi lag raha tha

par us ek saal me neha ne Avi ko apna beta bhi maan liya tha

Avi ke liye neha ke dil me jo pyar paida hua tha wo khatam nahi ho sakta

par Avi ke vajahse pitaji ki aisi halat huyi jis se Avi ke liye nafarat bhi paida ho gayi

neha vapas usi mod pe aa gayi

neha ka dil phir se pyar aur nafrat me bat gaya

neha ke dil ke do hisse ho gaye

phir bhi neha ne Avi ke aate usko vahi pyar diya jo wo pahale kar rahi thi

ye neha soch kuch alag rahi hai aur kar kuch alag rahi hai ye dekh kar meena soch me pad gayi

meena samaj gayi ki uske samne kohi sadharan challenge nahi hai , neha ek young challegne tha

meena uske liye khud ko tayyar karne lagi

meena ne apni adhuri padai ko pura karne ka faisala kiya

meena ne apna subject chenge kiya , meena ne pshycology subject select kiya ,

aur aise subject select kiye jo uske kaam aayenge sath hi wo khud se kuch kitabe padne lagi jo uske kaam aayengi

udhar suman Avi ko thik karne me lagi huyi thi

neha pitaji aur Avi dono ka khayal rakh rahi thi

neha ki madat neeta kar rahi thi

to pooja family ko sambhal rahi thi aur seema ko jo kaambolte wo kar deti

in sab me chhotu ko to sab bhulte gaye

suman to lagbhag bhul hi gayi chhotu ko

aise me chhotu phir se apne dost ke pass jane laga

chhotu kaam to karta par ab wo ghar ki jagah dosto ke pass jane laga

chhotu ki jaise kisi ko parva hi nahi thi

chhotu aisa vaisa kuch nahi karenga ye pooja ko pata tha is liye use koi rok nahi raha tha

pitaji ke liye thakurji har hafte kohi na kohi naya doctor le aate

neha ko ye acha lagta ki thakurji uske sath hai

thakurji pitaji ko thik karne me neha ki madat kar rahe hai

par har docter report dekh kar haar maan jata

neha udass ho jati

par thakurji neha ko vishwas dilate ki haar mat mano , sab thik ho jayenga

neha ko to jaise thakurji ka hi sahara tha

meena apni padhai ke sath sab pe najar rakhti

Kaun kya soch raha hai

Kaun kya kar raha hai

sab pe najar rak kar apni padhai puri kar rahi thi

meena apne liye nahi is family ke liye padhai kar rahi thi

suman to samaj hi nahi payi ki meena ye sab kyu kar rahi hai

neha ne dekha ki komaluske pass rukne ki jaga suman ke sath rahti hai

neha pitaji ke pass rahti thi aur suman Avi ke pass , komal ko to intzar tha Avi ke thik hone ka

Avi jo bed pe pada rahta , aise me komal uske sath akeli khelti

neeta ye dekh kar man hi man me hasne lag jati

neeta ne komal ko Avi ke naam se tang karna band kiya tha

lekin komal to kuch aur hi soch rahi thi

aise ek din wo hua jo kisi ne socha nahi tha

komal ne jadu kar diya

komal ne pata nahi kya kiya par Avi hosh me aa gaya

suman to komal ko choom kar apni khushi jahir karne lagi

komal ne ye kaise kiya is se jada sab is bat se khush the ki Avi us sadme se hosh me aa gaya

Avi ke muh se apna apna naam sunkar sab khush the

par komal to aise Avi ke hosh me aane se dar gayi thi

komal ro rahi thi

par under hi under wo khush thi

suman ko to khushi ke maare samaj nahi aa raha tha ki kya kare

apne bete ko pahale ki tara normal dekh kar suman ko jaise jannat mil gayi thi

suman sabko bata rahi thi

wo kya bata rahi thi kisi ko samaj nahi aaya par uski khushi dekh kar sab samaj gaye ki ek maa ko apne bete ko normal dekh kar kaisa lag raha hoga

par ye kya neha kaha hai

neha ko to yaha Avi ke pass hona chahiye tha

sumam aur neha ke vajahase Avi aaj thik ho gaya hai

par neha kaha hai

suman to neha ko dundhne lagi

par neha to komal ko lekar apne ghar chali gayi

 
ye bat suman ko samaj me nahi aayi

kisi ko bhi samaj me nahi aaya ki neha kaha hai

wo kaha gayi hai

sweta ne bataya ki neha mousi apne ghar gayi hai

suman to Avi ko apne gale laga kar pyar karne lagi

par meena to bas neha ke us tarah chale jane se dar rahi thi

thodi der bad neha akeli vapas aayi

aur Avi ke kamre me jane ki jagah pitaji ke pass gayi

baki sab dekhte rah gaye ki neha ye kar kya rahi hai

wo Avi ko dekhne kyu nahi ja rahi hai

neeta aur suman meena ke sath bat karne lagi neha se

pooja ko bhi jaan na tha ki neha ye sab kar kyu rahi hai

neeta- neha dekh Avi thik ho gaya

neha- pitaji kab thik honge

suman-wo bhi thik ho jayenge , par dekh hamare pyar se Avi thik ho gaya

neha- pitaji kab thik honge

pooja- ye tu kya bol rahi hai

neha- pitaji

suman- neha , hamara Avi ,, bhul gayi hamne kya kya socha tha Avi ke liye

neha- pitaji ne hamare liye kya kya socha tha

neeta- neha mazak mat kar

neha- mazak tu kar rahi hai mere sath ,

pooja- neha bat kya hai

neha- pitaji ko wada kiya tha ki Avi ko thik kar dungie wo wada pura kar liya

suman- neha ye tu kya bol rahi hai

neha- vahi jo tune suna hai

neeta- neha tera dimag kharab ho gaya hai ,

pooja- meena ne bataya phir bhi tu ye sab soch rahi hai , pitaji ko heart attack aaya tha

neha- meena ne ye nahi bataya ki heart aatack kyu aaya tha

neeta- use kaha pata hai

neha- pata bhi hoga to wo hame kyu batayengi , wo to suman ke bareme sochengi na

suman- neha tu ye kya bol rahi hai meena ko nahi pata

neha- ager pata nahi hai to wo aise chup kyu hai , mujhe roka kyu nahi ab tak

neeta-wo aisi hi hai

neha- tum sab andhi ho gayi ho , jo main dekh rahi hu wo tum nahi dekh rahi ho ,

pooja- neha ager aisa hai to main tere sath hu

neeta- didi aap bhi

neha- ager main jhuth bol rahi hu to meena ko bolo ki mujhe jhutha sabit kare

suman- jo sach hai ham sab ke samne hai , meena kuch kahe ya na kahe us se kya lena dena hai

neha- dekha suman ko bhi pata hai ki kyu pitaji ki aisi halat huyi hai

neeta- meena tu hi kuch bol neha ko

meena- mujhe pitaji ne bas itna kaha tha ki kisi ke dimag me burai ne kabja kiya ho to kitna bhi sach bolo usko jhuth hi lagta hai

neha- apni badi badi bate apne pass rakh

pooja- neha jane de , tujhe jaisa rahna hai vaisa rah , tujhe kohi kuch nahi kahenga

suman- neha mujhe tumse ye umid nahi thi

neha- mujhe bhi tumse aisi umid nahi thi , tu to Avi ke pyar me andhi ho gayi hai

suman- wo mera beta hai

neha-ye mere pitaji hai

sab neha se bahas kar rahe the ki seema ne sabko aawaz de di

seema- didi ,dekho Avi ko kya ho raha hai , uske muh se khoon nikal raha hai

itna sunte sab dar gaye

par ye kya

sab aankhe fad kar dekhte rah gaye

suman se pahale neha Avi ke pass gayi

neha abhi bol rahi thi ki Avi uska kohi nahi hai

aur Avi ke bareme sunte neha bhag kar Avi ke pass gayi

neha aur suman ke sath baki sab bhi Avi ke kamre me aa gaye

par ye kya Avi to aaram se so raha hai

suman-seema Avi to so raha hai

seema- ye bas mazak tha

neha- tujhe akal hai ki nahi ,kitna dar gayi thi main , ager Avi ko kuch ho jata to

sab neha ki taraf dekhne lage

sabko apne kanno pe vishwas nahi ho raha tha

neeta- neha tune kya kaha

neha- main ne , kuch bhi to nahi

neeta- neha tu ye sab kyu kar rahi hai

neha- hato mere raste se mujhe pitaji ke pass jana hai

suman- neha

neha- kya hai

aur suman ne neha ko gale laga liya

suman- neha tere dil me kya hai ye mujhe pata hai , aur aaj ye bhi pata chala ki tere dimag me kya chal raha hai , tu apne dil ki sun , apne dimag ki burai ko nikaal de

neha ne suman ki bat ka jawab nahi diya

aur apne pitaji ke pass jakerr rone lagi

neha phir se usi do raste pe khadi thi jaha ek taraf jaysingh tha aur dusari taraf shalini bhabhi thi

neha Avi ke liye aaj bhi confuse thi

pitaji ke sath jo hua uske bad to Avi keliye nafrat vapas paida ho gayi

par Avi ke liye jo pyar tha wo khatam hone ka naam nahi le raha tha

 
फ्लैशबैक 1073

नेहा 6

नेहा के दिल में फिर से अवी के लिए नफरत पैदा होने लगी

नेहा को लगा की अवी की वजहसे पिताजी की ऐसी हालत हुयी है

अवी के वजहसे पिताजी को अपना कमरा अवी को देना पड़ा

पिताजी के बारेमे तो कोई सोच ही नहीं रहा है

सबको उस अवी के अच्छे होने का इंतजार है

नेहा को ये अच्छा नहीं लग रहा था

पर उस एक साल में नेहा ने अवी को अपना बेटा भी मान लिया था

अवी के लिए नेहा के दिल में जो प्यार पैदा हुआ था वो ख़तम नहीं हो सकता

पर अवी की वजहसे पिताजी की ऐसी हालत हुयी जिस से अवी के लिए नफ़रत भी पैदा हो गयी

नेहा वापस उसी मोड़ पे आ गयी

नेहा का दिल फिर से प्यार और नफरत में बट गया

नेहा के दिल के दो हिस्से हो गये

फिर भी नेहा ने अवी के आते उसको वही प्यार दिया जो वो पहले कर रही थी

ये नेहा सोच कुछ अलग रही है और कर कुछ अलग रही है ये देख कर मीना सोच में पड़ गयी

मीना समज गयी की उसके सामने कोही साधारण चैलेंज नहीं है , नेहा एक यंग चैलेंज था

मीना उसके लिए खुद को तैयार करने लगी

मीना ने अपनी अधुरी पढ़ाई को पूरा करने का फैसला किया

मीना ने अपना सब्जेक्ट चेंज किया , मीना ने सायकोलोजी सब्जेक्ट सीलेक्ट किया ,

ओर ऐसे सब्जेक्ट सीलेक्ट किये जो उसके काम आयेंगे साथ ही वो खुद से कुछ किताबे पड़ने लगी जो उसके काम आयेगी

उधर सुमन अवी को ठीक करने में लगी हुयी थी

नेहा पिताजी और अवी दोनों का ख्याल रख रही थी

नेहा की मदत नीता कर रही थी

तो पूजा फॅमिली को संभल रही थी और सीमा को जो काम बोलते वो कर देती

इन सब में छोटू को तो सब भूलते गये

सूमन तो लगभग भूल ही गयी छोटू को

ऐसे में छोटू फिर से अपने दोस्तो के पास जाने लगा

छोटू काम तो करता पर अब वो घर की जगह दोस्तों के पास जाने लगा

छोटू की जैसे किसी को पर्वा ही नहीं थी

छोटू ऐसा वैसा कुछ नहीं करेंगा ये पूजा को पता था इस लिए उसे कोई रोक नहीं रहा था

पिताजी के लिए ठकुरजी हर हफ्ते कोई ना कोही नया डॉक्टर ले आते

नेहा को ये अच्छा लगता की ठकुरजी उसके साथ है

ठाकुरजी पिताजी को ठीक करने में नेहा की मदत कर रहे है

पर हर डॉक्टर रिपोर्ट देख कर हार मान जाता

नेहा उदास हो जाती

पर ठकुरजी नेहा को विश्वास दिलाते की हार मत मानो , सब ठीक हो जायेंगा

नेहा को तो जैसे ठकुरजी का ही सहारा था

मीना अपनी पढाई के साथ सब पे नजर रखती

कौन क्या सोच रहा है ?

कौन क्या कर रहा है ?

सब पे नजर रख कर अपनी पढाई पूरी कर रही थी

मीना अपने लिए नहीं इस फॅमिली के लिए पढाई कर रही थी

सूमन तो समज ही नहीं पाई की मीना ये सब क्यों कर रही है

नेहा ने देखा की कोमल उसके पास रुकने की जगह सुमन के साथ रह्ती है

नेहा पिताजी के पास रह्ती थी और सुमन अवी के पास , कोमल को तो इंतजार था अवी के ठीक होने का

अवी जो बेड पे पड़ा रहता , ऐसे में कोमल उसके साथ अकेली खेलति

नीता ये देख कर मन ही मन में हॅसने लग जाती

नीता ने कोमल को अवी के नाम से तंग करना बंद किया था

लेकिन कोमल तो कुछ और ही सोच रही थी

ऐसे एक दिन वो हुआ जो किसी ने सोचा नहीं था

कोमल ने जादू कर दिया

कोमल ने पता नहीं क्या किया पर अवी होश में आ गया

सूमन तो कोमल को चूम कर अपनी ख़ुशी जाहिर करने लगी

कोमल ने ये कैसे किया इस से ज्यादा सब इस बात से खुश थे की अवी उस सदमें से होश में आ गया

अवी के मुह से अपना अपना नाम सुनकर सब खुश थे

पर कोमल तो ऐसे अवी के होश में आने से डर गयी थी

कोमल रो रही थी

पर अंदर ही अंदर वो खुश थी

सूमन को तो ख़ुशी के मारे समज नहीं आ रहा था की क्या करे

अपने बेटे को पहले की तरह नार्मल देख कर सुमन को जैसे जन्नत मिल गयी थी

सूमन सबको बता रही थी

ओ क्या बता रही थी किसी को समज नहीं आया पर उसकी ख़ुशी देख कर सब समज गये की एक माँ को अपने बेटे को नार्मल देख कर कैसा लग रहा होगा

पर ये क्या नेहा कहा है

नेहा को तो यहाँ अवी के पास होना चाहिये था

सुमन और नेहा की वजहसे अवी आज ठीक हो गया है

पर नेहा कहा है

सूमन तो नेहा को ढूँढ़ने लगी

पर नेहा तो कोमल को लेकर अपने घर चलि गयी

ये बात सुमन को समज में नहीं आई

किसी को भी समज में नहीं आया की नेहा कहा है

 
ओ कहा गयी है

श्वेता ने बताया की नेहा मौसी अपने घर गयी है

सूमन तो अवी को अपने गले लगा कर प्यार करने लगी

पर मीना तो बस नेहा के उस तरह चले जाने से डर रही थी

थोड़ी देर बाद नेहा अकेली वापस आई

ओर अवी के कमरे में जाने की जगह पिताजी के पास गयी

बाकि सब देखते रह गये की नेहा ये कर क्या रही है

ओ अवी को देखने क्यों नहीं जा रही है

नीता और सुमन मीना के साथ बात करने लगी नेहा से

पूजा को भी जान ना था की नेहा ये सब कर क्यों रही है

नीता- नेहा देख अवी ठीक हो गया

नेहा- पिताजी कब ठीक होंगे ?

सूमन-वो भी ठीक हो जायेंगे , पर देख हमारे प्यार से अवी ठीक हो गया

नेहा- पिताजी कब ठीक होंगे ?

पूजा- ये तू क्या बोल रही है ?

नेहा- पिताजी ?

सूमन- नेहा , हमारा अवी ,, भूल गयी हमने क्या क्या सोचा था अवी के लिये

नेहा- पिताजी ने हमारे लिए क्या क्या सोचा था

नीता- नेहा मज़ाक़ मत कर

नेहा- मज़ाक़ तू कर रही है मेरे साथ ,

पूजा- नेहा बात क्या है

नेहा- पिताजी को वादा किया था की अवी को ठीक कर दूंगी वो वादा पूरा कर लिया

सूमन- नेहा ये तू क्या बोल रही है

नेहा- वही जो तूने सुना है

नीता- नेहा तेरा दिमाग ख़राब हो गया है,

पूजा- मीना ने बताया फिर भी तू ये सब सोच रही है , पिताजी को हार्ट अटैक आया था

नेहा- मीना ने ये नहीं बताया की हार्ट अटैक क्यों आया था ?

नीता- उसे कहा पता है

नेहा- पता भी होगा तो वो हमें क्यों बतायेंगी , वो तो सुमन के बारेमे सोचेंगी ना

सूमन- नेहा तू ये क्या बोल रही है मीना को नहीं पता

नेहा- अगर पता नहीं है तो वो ऐसे चुप क्यों है , मुझे रोका क्यों नहीं अब तक

नीता-वो ऐसी ही है

नेहा- तुम सब अंधी हो गयी हो , जो में देख रही हूँ वो तुम नहीं देख रही हो ,

पूजा- नेहा अगर ऐसा है तो में तेरे साथ हूँ

नीता- दीदी आप भी

नेहा- अगर में झूठ बोल रही हूँ तो मीना को बोलो की मुझे झूठा साबित करे

सूमन- जो सच है हम सब के सामने है , मीना कुछ कहे या न कहे उस से क्या लेना देना है

नेहा- देखा सुमन को भी पता है की क्यों पिताजी की ऐसी हालत हुयी है

नीता- मीना तू ही कुछ बोल नेहा को

मीना- मुझे पिताजी ने बस इतना कहा था की किसी के दिमाग में बुराई ने कब्ज़ा किया हो तो कितना भी सच बोलो उसको झूठ ही लगता है.

नेहा- अपनी बड़ी बड़ी बाते अपने पास रख.

पूजा- नेहा जाने दे , तुझे जैसा रहना है वैसा रह, तुझे कोही कुछ नहीं कहेंगा.

सूमन- नेहा मुझे तुमसे ये उम्मीद नहीं थी.

नेहा- मुझे भी तुमसे ऐसी उमीद नहीं थी , तू तो अवी के प्यार में अंधी हो गयी है.

सूमन- वो मेरा बेटा है.

नेहा-ये मेरे पिताजी है.

सब नेहा से बहस कर रहे थे की सीमा ने सबको आवाज़ दे दी.

सीमा- दीदी,देखो अवी को क्या हो रहा है, उसके मुह से खून निकल रहा है.

इतना सुनते सब डर गये.

पर ये क्या ?

सब आँखे फाड् कर देखते रह गये

सूमन से पहले नेहा अवी के पास गयी

नेहा अभी बोल रही थी की अवी उसका कोई नहीं है

ओर अवी के बारे मे सुनतेही सबसे पहले नेहा भाग कर अवी के पास गयी.

नेहा और सुमन के साथ बाकि सब भी अवी के कमरे में आ गये.

पर ये क्या अवी तो आराम से सो रहा है.

सूमन-सीमा अवी तो सो रहा है.

सीमा- ये बस मज़ाक़ था.

नेहा- तुझे अकल है की नहीं,कितना डर गयी थी में, अगर अवी को कुछ हो जाता तो.

सब नेहा की तरफ देखने लगे.

सबको अपने कानो पे विश्वास नहीं हो रहा था.

नीता- नेहा तूने क्या कहा.

नेहा- में ने, कुछ भी तो नहीं.

नीता- नेहा तू ये सब क्यों कर रही है.

नेहा- हटो मेरे रास्ते से मुझे पिताजी के पास जाना है.

सूमन- नेहा.

नेहा- क्या है.

ओर सुमन ने नेहा को गले लगा लिया.

सूमन- नेहा तेरे दिल में क्या है ये मुझे पता है, और आज ये भी पता चला की तेरे दिमाग में क्या चल रहा है, तू अपने दिल की सुन, अपने दिमाग की बुराई को निकाल दे.

नेहा ने सुमन की बात का जवाब नहीं दिया.

ओर अपने पिताजी के पास जाकर रोने लगी.

नेहा फिर से उसी दोराहे पे खड़ी थी जहा एक तरफ जयसिंघ था और दूसरी तरफ शालिनि भाभी थी.

नेहा अवी के लिए आज भी कंफ्यूज थी.

पिताजी के साथ जो हुआ उसके बाद तो अवी केलिए नफरत वापस पैदा हो गयी.

पर अवी के लिए जो प्यार था वो ख़तम होने का नाम नहीं ले रहा था.

 
flashback 1074

neha 7

neha ne pitaji ko kiya hua wada pura kiya

Avi ko thik kar diya

jitna samay neha Avi ke pass thi , us samay me neha aur Avi ke bich ek pyar ka naya rista jud gaya tha

pahale to neha confuse thi kyu ki neha ko Avi me jaysingh aur shalini dono dikhai dete the

phir pitaji ke kahne pe Avi ko pyar karne lagi

aur Avi ke sath naya rista jod diya

par badme neha pitajj ki is halat ke liye Avi ko jimmedar maanne lagi

neha ko lagta ki pitaji Avi ke bareme soch rahe honge jis se unko attack aa gaya

uske bad to neha vapas Avi ke liye confuse ho gayi

phir se nafrat aur pyar ki jung shuru ho gayi

jab bhi pitaji ke ache ke liye sochti to Avi bich me aa jata

Avi ke liye pitaji ko dusare kamre me shift kiya jo neha ko pasand nahi aaye

uske bad to Avi ke thik hote Avi ke ache ke liye pitaji ko aashram bhejne ka soch rahe the sab

neha ko Avi se nafrat si ho gayi

sab Avi ke bareme soch rahe the par uske pitaji ke bareme kohi nahi soch raha the

Avi ke vajahse pitaji ko aashram bhejna pada

ye bat neha ko under hi under pareshan karne lagi

neha pitaji ki halat ke liye Avi ko jimmedar maanna aur jaysingh ne jo kiya us se Avi se nafrat karne lagi neha

suman to Avi ko apna beta maane lagi

suman khush thi Avi ke thik hone se

par Avi abhi tak puri tarah se thik nahi hua tha

Avi ko apne maa aur papa ki yaad aa rahi thi

par suman ne apne pyar se us yaado ko khatam kar diya

par Avi pahale jaisa nahi raha

ab Avi khelna , hasna bhul gaya tha

seema Avi ko hasane ki puri kosish kar rahi thi

Avi ke thik hone se sabi bacha gang khush thi

ab unke sath Avi bhi khelega

par aisa nahi hua

Avi jadatar apne kamre me rahta ,

Avi bas suman se bat karta , bakiyo se dur hi rahta

par ye bat komal ko kya pata

komal to Avi ke thik hone se uske sath khelna chahti thi

neha ne to komal ko manaa kiya tha Avi ke pass jane se

par komal kohi na kohi bahana bana kar Avi ko dekhne chali jati

aise ek din komal Avi ke paass aayi thi

komal akeli Avi se bat kar rahi thi

par Avi jaise ek kaan se sunkar dusare kaan se bahar nikaal raha tha

komal ko gaye huye bahot samay ho jane se neha komal ko dhundte huye ghar aa gayi

komal ko bhi guass aa taha tha ki Avi uske sath khel nahi raha tha

komal- Avi chalo na khelte hai

par Avi ne kohi jawab nahi diya

komal- Avi chalo ,, ham ghar ghar khelte hai

Avi to bas window se bahar dekh raha tha

komal ko ab guass aara tha

komal ne Avi ka hant pakad kar bahar le jane ki koshish ki

Avi ko komal ka aisa karna acha nahi laga aur Avi ne komal ko dhaka de diya

komal piche gir gayi

aur komal ka sar bed se ja takaraya

komal ke mathe se khoon nikalne laga

usi wakt neha aur meena kamre me aa gayi

komal rone lagi , uske mathe se khoon nikal raha tha

neha ye dekhte komal ke pass gayi aur usko chup karte huye puchne lagi ki ye kaise lagi chot

komal ne bataya ki Avi ne usko dhakka diya

meena chup chap dekh rahi thi

neha Avi ka naam sunte apne under ke gusse ke jawlamukhi ko futne diye

aur Avi ko maarne lagi

meena abhi bhi chup chap khadi thi

meena kya karti

meena ne jo ho raha hai wo hone diya

ajib thi meena

meena ka samay aane me time tha , ab meena bas dekhne ke siwa kuch nahi kar sakti

meena ne neha ko roka nahi kyu ki guass jitna bahar nikalenga utna acha hota hai

meena komal ke pass gayi aur komal ka khoon rokna band karne lagi

Avi rone laga

neha bhi rote huye Avi ko pitne lagi

Avi ki aawz sunte suman aur pooja neeta ke sath kamre me aa gayi

suman ne jab dekha ki neha Avi ko maar rahi hai to suman ne der na karte huye neha ko rok diya

sumam- neha ye kya kar rahi ho

neha- tu bich me mat aa

suman- Avi mera beta hai , use kyu maar rahi ho

neha- aavi ne komal ka khoon nikaala hai

neeta- neha komal ko vaidya ke pass le jane ki jaga Avi ko maar kyu rahi ho ,

 
pooja- neha pahale komalko vaidhya ke pass le chalo baki bad me bat karte hai

aur neha komal ko lekar vaidya ke pass gayi

suman Avi ko chup karane lagi

suman- meena tune neha ko roka kyu nahi

meena-kaise rokti , ager Avi ka khoon nikalega to aap kya karengi , jisne chot pahochai hai use maarengi na

suman- par kohi itna maarta hai kya , dekh Avi ke gaal lal ho gaye hai

meena- ye neha ka guass tha Avi ke liye , iske bich me ham na aaye yahi acha hoga

suman- tu bol kya rahi hai

meena- ye Avi aur neha ki ladai hai jo karna hai unko karna hoga ham kaun hote hai bich me aane vale ,

suman- Avi abhi bacha hai

meena- Avi ko is kabil banana hoga ki wo apni ladai khud lad sake , ham bas use iski shiksha de sakte hai , iske siwa ham kuch nahi kar sakte

suman- tu sahi bol rahi hai ,, jiski shuruvat Avi ke papa se huyi usko Avi ko khatam karna hoga ,ye iski ladai hai ,

meena- ham bas usko ye batayenge ki karna kya hai , karna na karna ye us par hai

suman- tu sahi bol rahi hai , par tu kuch karti kyu nahi , tu to bas dekhti rahti hai

meena-pahale mujhe to us kabile banne dijiye jis se main Avi ko kuch shika saku

suman- kya matlab

meena- mera samay jab aayenga tab chaal main chalungi , us chaal ko pura Avi karenga , aur neha bas dekhti rah jayengi

Suman- tu aaj ka kuch soch , neha aayengi to use kaise sambalenge

meena- aap ek lakdi neha ke hant me dena aur jo karna chati hai karne dena

suman- ye muzse nahi hoga

suman- aap pe Avi ka hak jyada hai ,, ye aapko karna hoga

aur neha komal ki malam patti karke aa gayi

neeeta aur pooja dono neha ko samja rahe the ki komal aur Avi bache hai , aur bacho me ye sab hota rahta hai

par neha to guasse me thi wo kisi ka kuch nahi sun rahi thi

neha komal ko lekar Avi ke pass aa gayi

neha- dekh suman kya kiya tere Avi ne

suman- Avi abi bacha hai , aur uski situation kaise hai wo to dekh

neha- to iska ye matlab hai ki wo kuch bhi kare

suman- tujhe Avi galat lag raha hai to ye le lakdi aur Avi ki khal nikaal de

suman ne neha ke hant me lakdi di aur Avi ke pass jaker khada kiya

neha suman ki taraf dekhti rah gayi

suman- de Avi ko saja

neha neeta meena aur pooja ki taraf dekhne lagi

neha ne lakdi maarne ke liye uthai to sahi par neha se Avi ko maarne ki himaat nahi huyi

aur lakdi niche fek kar komal ko lekar apne ghar chali gayi

suman ne Avi ko bacha liya

meena ko pata tha ki jab neha hosh me rahengi tab wo Avi ko kuch nahi kar payengi

neha kaise shalini bhabhi ke bete ko maar sakti hai

shalini bhabhi ne Avi se jyada komal ko pyar kiya tha

aise me neha kaise Avi ko maarti

neha ghar jaker komal ke gale lag kar rone lagi

Komal ko to kuch samaj nahi aaya

par komal is ghatana ke bad Avi ko kabhi sath me khelne ko nahi kaha

par is ghatna ke dusare din komal ke mathe par patti lagi thi to neha ke hanto me bhi patti thi

meena samaj gayi ki neha ne Avi ko guasse me mara hai aise me neha ne apne hath jis se Avi ko mara tha usko bhi saja di

komal to mami se milne ke bahane se Avi ko dekh leti

neha komal ko samjhati ki wo vaha na jaye

par komal to Avi se milne jati thi

phir Avi ka gaon ke school me admissin kis class me kare is pe sab sochne lage

Avi ki , 3saal ki padai kharab ho gayi

aise me sab ne komal ke class me Avi ka admision karva diya

school apna hi tha kisi bhi class me admission ho jata

par komal ke class me admission karne ko neeta ne kaha

meena bhi yahi chati thi ki komal aur Avi sath rahrenge to neha ka samna Avi se hota rahenga

Avi komal ke class me jane laga

school se ghar ghar se school yahi Avi ki life thi

school me komal ke sath rahna

aur ghar pe suman ki ghod me sona yahi Avi ko pata tha

meena ne us bich apni padhai puri ki

aur Avi ke bade hone ka intzar karne lagi

meena bas intzar kar sakti thi

Avi me jyada change nahi aa rahe the

meena har saal bas yahi sochti ki Avi kab bada hongga

aur ek din meena ne Avi ko us halat me dekha jab meena ko aisa laga ki Avi bada ho gaya hai

Avi bathroom me muth maar raha tha ki meena achanak bathroom me enter ho gayi

phir kya tha ,meena ka samay shuru ho gaya

meena ne Avi ko friend , bana liya , aur apni chal chalne lagi

Avi ko step by step neha ke karib le jane lagi

Avi ko us din ke liye tayyar karne lahgu jis din Avi ko sach batayengi aur iske bad jo karna hoga Avi ko karna hoga

meena ne Avi ko 2 saal bad wo sach bata diya jiska Avi kab se intzar kar raha tha

iske bad meena kuch nahi karengi

jo karna hai Avi ko karna jonga

meena ne Avi ko saare gun shika diye

meena ka kaam pura hua

ab jo karna hoga wo Avi ko karna hoga ,

ab meena bas dekhengi Avi aur neha ki ladai

"Bas dosto flashback yahi samapt hota hai age kahani vartman me chalegi"

 
फ्लैशबैक 1074

नेहा 7

नेहा ने पिताजी को किया हुआ वादा पूरा किया

अवी को ठीक कर दिया

जितना समय नेहा अवी के पास थी, उस समय में नेहा और अवी के बिच एक प्यार का नया रिश्ता जुड़ गया था

पहले तो नेहा कनफ्यूज थी क्यों की नेहा को अवी में जयसिंघ और शालिनि दोनों दिखाइ देते थे

फिर पिताजी के कहने पे अवी को प्यार करने लगी

ओर अवी के साथ नया रिश्ता जोड दिया

पर बादमे नेहा पिताजी की इस हालत के लिए अवी को जिम्मेदार मानने लगी

नेहा को लगता की पिताजी अवी के बारेमे सोच रहे होंगे जिस से उनको अटैक आ गया

उसके बाद तो नेहा वापस अवी के लिए कंफ्यूज हो गयी

फिर से नफरत और प्यार की जंग शुरू हो गयी

जब भी पिताजी के अच्छे के लिए सोचती तो अवी बिच में आ जाता

अवी के लिए पिताजी को दूसरे कमरे में शिफ़्ट किया जो नेहा को पसंद नहीं आया

उसके बाद तो अवी के ठीक होते अवी के अच्छे के लिए पिताजी को आश्रम भेजने का सोच रहे थे सब

नेहा को अवी से नफरत सी हो गयी

सब अवी के बारेमे सोच रहे थे पर उसके पिताजी के बारेमे कोई नहीं सोच रहा था

अवी की वजहसे पिताजी को आश्रम भेजना पड़ा

ये बात नेहा को अंदर ही अंदर परेशान करने लगी

नेहा पिताजी की हालत के लिए अवी को जिम्मेदार मानना और जयसिंघ ने जो किया उस से अवी से नफरत करने लगी नेहा

सूमन तो अवी को अपना बेटा मानने लगी

सूमन खुश थी अवी के ठीक होने से

पर अवी अभी तक पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ था

अवी को अपने माँ और पापा की याद आ रही थी

पर सुमन ने अपने प्यार से उस यादो को ख़तम कर दिया

पर अवी पहले जैसा नहीं रहा

अब अवी खेलना, हसना भूल गया था.

सीमा अवी को हँसाने की पूरी कोशिश कर रही थी.

अवी के ठीक होने से सभी बच्चा गैंग खुश थी.

अब उनके साथ अवी भी खेलेगा

पर ऐसा नहीं हुआ.

अवी ज्यादातर अपने कमरे में रहता,

अवी बस सुमन से बात करता, बाकियो से दूर ही रहता.

पर ये बात कोमल को क्या पता.

कोमल तो अवी के ठीक होने से उसके साथ खेलना चाहती थी.

नेहा ने तो कोमल को मना किया था अवी के पास जाने से.

पर कोमल कोही न कोही बहाना बना कर अवी को देखने चलि जाती.

आईसे एक दिन कोमल अवी के पास आई थी.

कोमल अकेली अवी से बात कर रही थी.

पर अवी जैसे एक कान से सुनकर दूसरे कान से बाहर निकाल रहा था.

कोमल को गए हुए बहुत समय हो जाने से नेहा कोमल को ढूँढ़ते हुए घर आ गयी.

कोमल को भी घुस्सा आ रहा था की अवी उसके साथ खेल नहीं रहा था

कोमल- अवी चलो न खेलते है.

पर अवी ने कोयी जवाब नहीं दिया.

कोमल- अवी चलो, हम घर घर खेलते है.

अवी तो बस विंडो से बाहर देख रहा था.

कोमल को अब घुस्सा आ रहा था.

कोमल ने अवी का हाथ पकड़ कर बाहर ले जाने की कोशिश की

अवी को कोमल का ऐसा करना अच्छा नहीं लगा और अवी ने कोमल को धक्का दे दिया.

कोमल पीछे गिर गयी

ओर कोमल का सर बेड से जा टकराया.

कोमल के माथे से खून निकलने लगा.

उसी वक्त नेहा और मीना कमरे में आ गयी.

कोमल रोने लगी, उसके माथे से खून निकल रहा था.

नेहा ये देखते कोमल के पास गयी और उसको चुप करते हुए पुछने लगी की ये कैसे लगी चोट.

कोमल ने बताया की अवी ने उसको धक्का दिया.

मीना चुप चाप देख रही थी

नेहाने अवी का नाम सुनते ही अपने अंदर के ग़ुस्से के ज्वालामुखी को फूटने दिया

ओर अवी को मारने लगी.

मीना अभी भी चुप चाप खड़ी थी.

मीना क्या करती.

मीना ने जो हो रहा है वो होने दिया.

अजीब थी मीना.

मीना का समय आने में टाइम था, अब मीना बस देखने के सिवा कुछ नहीं कर सकती थी.

मीना ने नेहा को रोका नहीं क्यों की गुस्सा जितना बाहर निकलेंगा उतना अच्छा होता है.

मीना कोमल के पास गयी और कोमल का खून रोकना बंद करने लगी.

अवी रोने लगा.

नेहा भी रोते हुये अवी को पिट्ने लगी.

अवी की आवाज़ सुनते सुमन और पूजा नीता के साथ कमरे में आ गयी.

सूमन ने जब देखा की नेहा अवी को मार रही है तो सुमन ने देर न करते हुए नेहा को रोक दिया.

सूमम- नेहा ये क्या कर रही हो?

नेहा- तू बिच में मत आ.

सूमन- अवी मेरा बेटा है, उसे क्यों मार रही हो?

नेहा- अवी ने कोमल का खून निकाला है.

नीता- नेहा कोमल को वैद्य के पास ले जाने की जगह अवी को मार क्यों रही हो,

पूजा- नेहा पहले कोमल को वैद्य के पास ले चलो बाकि बाद में बात करते है.

 
ओर नेहा कोमल को लेकर वैद्य के पास गयी.

सूमन अवी को चुप कराने लगी.

सूमन- मीना तूने नेहा को रोका क्यों नहीं?

मीना-कैसे रोकती, अगर अवी का खून निकलेगा तो आप क्या करेंगी, जिसने चोट पहुचाई है उसे मारेंगी ना.

सूमन- पर कोई इतना मारता है क्या, देख अवी के गाल लाल हो गए है.

मीना- ये नेहा का गुस्सा था अवी के लिए, इसके बिच में हम न आये यही अच्छा होगा.

सूमन- तू बोल क्या रही है?

मीना- ये अवी और नेहा की लड़ाई है जो करना है उनको करना होगा हम कौन होते है बिच में आने वाले,

सूमन- अवी अभी बचा है.

मीना- अवी को इस क़ाबिल बनना होगा की वो अपनी लड़ाई खुद लड़ सके, हम बस उसे इसकी शिक्षा दे सकते है, इसके सिवा हम कुछ नहीं कर सकते.

सूमन- तू सही बोल रही है, जिसकी शुरुवात अवी के पापा से हुयी उसको अवी को ख़तम करना होगा,यह इसकी लड़ाई है,

मीना- हम बस उसको ये बतायेंगे की करना क्या है, करना न करना ये उस पर है.

सूमन- तू सही बोल रही है, पर तू कुछ करती क्यों नहीं, तू तो बस देखति रह्ती है.

मीना-पहले मुझे तो उस कबीले बनने दिजिये जिस से में अवी को कुछ सिका सकु.

सूमन- क्या मतलब.

मीना- मेरा समय जब आयेंगा तब चाल में चलूँगी, उस चाल को पूरा अवी करेंगा, और नेहा बस देखति रह जायेगी.

सूमन- तू आज का कुछ सोच, नेहा आयेगी तो उसे कैसे संभालेंगे.

मीना- आप एक लकड़ी नेहा के हाथ में देना और जो करना चाहती है करने देना.

सूमन- ये मुज़से नहीं होगा.

सूमन- आप का अवी पे हक़ ज्यादा है, ये आपको करना होगा.

ओर नेहा कोमल की मलम पट्टी करके आ गयी.

नीता और पूजा दोनों नेहा को समजा रहे थे की कोमल और अवी बच्चे है, और बच्चों में ये सब होता रहता है.

पर नेहा तो गस्से में थी वो किसी का कुछ नहीं सुन रही थी.

नेहा कोमल को लेकर अवी के पास आ गयी.

नेहा- देख सुमन क्या किया तेरे अवी ने.

सूमन- अवी अभी बच्चा है, और उसकी सिचुएशन कैसे है वो तो देख.

नेहा- तो इसका ये मतलब है की वो कुछ भी करे.

सूमन- तुझे अवी गलत लग रहा है तो ये ले लकड़ी और अवी की खाल निकाल दे.

सूमन ने नेहा के हाथ में लकड़ी दी और अवी के पास जकर खड़ा किया.

नेहा सुमन की तरफ देखति रह गयी.

सूमन- दे अवी को सजा.

नेहा नीता मीना और पूजा की तरफ देखने लगी.

नेहा ने लकड़ी मारने के लिए उठाई तो सही पर नेहा से अवी को मारने की हिम्मत नहीं हुयी.

ओर लकड़ी निचे फ़ेक कर कोमल को लेकर अपने घर चलि गयी.

सूमन ने अवी को बचा लिया.

मीना को पता था की जब नेहा होश में रहेंगी तब वो अवी को कुछ नहीं कर पायेंगी.

नेहा कैसे शालिनि भाभी के बेटे को मार सकती है.

शालिनी भाभी ने अवी से ज्यादा कोमल को प्यार किया था.

ऐसे में नेहा कैसे अवी को मारती.

नेहा घर जाकर कोमल को गले लगा कर रोने लगी.

कोमल को तो कुछ समज नहीं आया.

पर कोमल ने इस घटना के बाद अवी को कभी साथ में खेलने को नहीं कहा

पर इस घटना के दूसरे दिन कोमल के माथे पर पट्टी लगी थी तो नेहा के हाथों में भी पट्टी थी.

मीना समज गयी की नेहा ने अवी को गस्से में मारा है ऐसे में नेहा ने अपने हाथ जिस से अवी को मारा था उसको भी सजा दी.

कोमल तो मामि से मिलने के बहाने से अवी को देख लेती.

नेहा कोमल को समझाती की वो वहॉ न जाये.

पर कोमल तो अवी से मिलने जाती थी.

फिर अवी का गांव के स्कूल में एडमिशन किस क्लास में करे इस पे सब सोचने लगे.

अवी की, ३ साल की पढ़ाई ख़राब हो गयी.

ऐसे में सब ने कोमल के क्लास में अवी का अड्मिशन करवा दिया.

स्कूल अपना ही था किसी भी क्लास में एडमिशन हो जाता.

पर कोमल के क्लास में एडमिशन करने को नीता ने कहा.

मीना भी यही चाहती थी की कोमल अवी के साथ रहेंगी तो नेहा का सामना अवी से होता रहेंगा.

अवी कोमल के क्लास में जाने लगा.

स्कूल से घर घर से स्कूल यही अवी की लाइफ थी.

स्कूल में कोमल के साथ रहना.

ओर घर पे सुमन की गोद में सोना यही अवी को पता था.

मीना ने उस बिच अपनी पढाई पूरी की.

ओर अवी के बड़े होने का इंतजार करने लगी.

मीना बस इंतजार कर सकती थी.

अवी में ज्यादा चेंज नहीं आ रहे थे.

मीना हर साल बस यही सोचती की अवी कब बड़ा होगा.

ओर एक दिन मीना ने अवी को उस हालत में देखा जब मीना को ऐसा लगा की अवी बड़ा हो गया है.

अवी बाथरूम में मुठ मार रहा था की मीना अचानक बाथरूम में एंटर हो गयी.

फिर क्या था,मीना का समय शुरू हो गया.

मीना ने अवी को फ्रेंड, बना लिया, और अपनी चाल चलने लगी.

अवी को स्टेप बाय स्टेप नेहा के करीब ले जाने लगी.

अवी को उस दिन के लिए तैयार करने लगी जिस दिन अवी को सच बतायेंगी और इसके बाद जो करना होगा अवी को करना होगा.

मीना ने अवी को २ साल बाद वो सच बता दिया जिसका अवी कब से इंतजार कर रहा था.

इसके बाद मीना कुछ नहीं करेंगी.

जो करना है अवी को करना होगा

मीना ने अवी को सारे गुर शिका दिये.

मीना का काम पूरा हुआ.

अब जो करना होगा वो अवी को करना होगा,

अब मीना बस देखेंगी अवी और नेहा की लड़ाई.

"बस दोस्तो अब यही फ़्लैशबैक समाप्त होता है आगे कहानी वर्तमान में चलेगी"

 
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