छोटी चाची:-तुम्हारे पापा शहर३ गए थे वही रह्ते थे ऐसे में में ने दिमाग लगा कर तुमे अप डाउन करके शहर भेजने का सोचा कोमल के साथ रहने से तुम ज्यादा इधर उधर नहीं जा सकते थे और कोमल को भी तुमारी मदत हुयी कोमल के साथ रहने की कंडीशन पे नेहा ने हा कहा , वर्ना तुम्हे अकेले को भेजति ही नहीं, पर
अवी:-पर क्या ?
छोटी चाची:-तुम तो टाइम निकाल कर मस्ती करते थे, ऐसे मे मेंने तुम पर ध्यान रखने के लिए तुम्हे चुदाई के बारेमे पूछना जारी रखा मैंने सबको यकीन दिलाया की अवी पे पूरा ध्यान रखूँगी तब जाकर तुम शहर में जा सकते थे,ओर
अवी:-और ?
छोटी चाची:-डॉक्टर ने कहा था की तुम्हे शहर ले जाने से,तुम जल्दी नार्मल लाइफ जी सकते हो तो जितने ज्यादा फ्रीली जियोगे उतना अच्छा होगा,पर सुमन दीदी एक माँ थी उनको तेरी फ़िक्र रह्ती थी,जब पूजा दीदी ने तुम्हे शहर २ भेजा तो मैंने सुमन दीदी को कहा की अवी गाओं में रहेंगा तो पिताजी जैसा बनेगा हमें तुम्हे जयसिंघ और पिताजी जैसा बनाना था, तुम्हे शहर के बारेमे भी तो पता चलना चाहिये तुम गाओं में अकेले रह्ते थे ना ज्यादा दोस्त और ना ज्यादा खेलना ऐसे में तुम्हे चेंज लेने के लिए शहर२ भेजा गया,शहर के कॉलेज में डाला तुम्हारे अंदर चेंज आते ही मेरी बात को सब ने सहमति दी,तुम को कण्ट्रोल में रख कर शहर भेजा गया, जब तुम ने दोस्त बनाये तो में ने सुमन दीदी को बताया की सब कुमार अजित जैसे नहीं होते, पिताजी और ठाकुर भी तो दोस्त है,तुमको दोस्त की जरुरत है ऐसे में मेरे कहने पे सबने तुम्हे मेरे हाथों में सोफ दिया,
मेरे हाथों में तुमारी कमान आते ही मेंने तुम्हे परफेक्ट बनाना शुरू किया
पर सब कण्ट्रोल में ,मैं ने तुम्हे एक बार भी अपने कण्ट्रोल से बाहर जाने नहीं दिया
ओर तुम्हे ज्यादा मना भी नहीं कर सकते थे तुम ने कहा शहर जाना है तो शहर जाओ,दिदी को में संभाल लेती थी,
तुम्हे पिंजरे में रख कर कैसे जयसिंह जैसा बनाते ,तुं जब तक इस दुनिया में उड़ना नहीं सीखोगे तब तक खुद को अपने यादो से आज़ाद कैसे करोगे
तुम जिस तरह सब सम्भाल रहे थे उस से सब को लग गया की तुम नार्मल हो गए हो
तुम ने स्वेता शीतल की शादी फिक्स करवा के सबके दिल जित लिया जिस से तुम्हे शहर भेजने का रास्ता साफ हुआ
लीना को जिस तरह तुम ने मदत की पूजा बुआ को सहारा दिया कोमल का अकेला पण दूर किया
अपनी बहनो को जो ख़ुशी दी उस से बुआ खुश थी,
जीस तरह हॉस्पिटल में तुम ने हमारा ध्यान रखा,
जीस दिन तुम ने स्वेता शीतल की शादी फिक्स की उसी दिन से मेंने तुम्हे घर का मुखिया बनाते हुये सब काम तुम्ही को करने को कहति,
कुछ हुआ तो अवी है, पॉब्लेम हुयी तो अवी है, कुछ चाहिये तो अवी है,
ईसी लिए तुम्हे पढ़ाई से ज्यादा घर और परिवार के कामो में लगा दिया,
सब कुछ अच्छा चलने लगा जिस तरह तुम सब की मदत करते उस से तुम्हारी फ़िक्र करनी बंद हो गयी और तुम आज़ाद पंछी बन गये,
पर मेरे प्यार की डोर में बँधे हुए,
अवी:-हो गया
छोटी चाची:-हां
अवी:-आपने मुझे अवी सिंह बना दिया
छोटी चाची:-तुम्हे अवी बनाया ,पिताजी ने कहा था की किसी का नाम आगे से सिंह नहीं होगा.
अवी:-आप ने तो मुझे बदल दिया.
छोटी चाची:-हॉ, बहुत मुश्किल था ,पर करना जरुरी था पर सुमन दीदी जिस तरह तुम्हे प्यार करती है, ऐसे में उनको पता चला की तुम क्या करते हो, पता नहीं दीदी क्या करेंगी?
अवी:-जो करेंगी मेरे भलाई के लिए करेंगी.
छोटी चाची:-वो तो करेंगी ही.
अवी:-एक बात पुछु?
छोटी चाची:-हां पूछो
अवी:-मैं इंजीनियर बन न चाहता हूँ ऐसे में मुझे बड़ी चाची जाने देंगी
छोटी चाची:-हॉ, क्यों की अब तुम जयसिंघ और योगेंद्रसिंह दोनों बन गए हो
अवी:-क्या सच में में ऐसा हु
छोटी चाची:-हॉ, पर सुमन दीदी के बेटे हो,
अवी:-मेले में जैसा काम किया इस लिए कह रही है ना
छोटी चाची:-हॉ,ज़ीस दिन तुम ने स्वेता शीतल की शादी की उसी दिन तुम बदल गए सबकी जिम्मेदारी उठाने लगे,
मेले के लिए भी नेहा ने तुम्हे काम देणे से मना किया था नेहा नहीं चाहती थी की तुम्हे ज्यादा परेशानी हो,
पर जिस तरह तुम ने मेले का काम किया ,सब से ज्यादा नेहा खुश थी,
देखा जाये तो हर कोई खुश था किसी ने तुम्हे मेले में डिसट्रब नहीं किया, क्यों की तुमारी कमान मेरे हाथ में थी
ओर तुम ने मेले का काम अच्छे से करके मेरा नाम रोशन किया.
अवी:-मैं खुश हूँ जो मेरे वजसे सब खुश है.
छोटी चाची:-और कुछ कहना है.
अवी:-वो पापा की नोट बुक चाहिये जिस में आखरी बार पापा ने कुछ लिखा था.
छोटी चाची:-वो तुझे कल दे दूंगी.
अवी:-मुझे प्यास लगी है.
छोटी चाची:-तू आराम कर में अभी लेकर आती हु.
छोटी चाची पाणी लेने गयी और में अपनी फॅमिली के बारेमे सोचने लगा
जीस तरह सब ने मेरा ध्यान रख्हा मुझे कभी पता ही नहीं चला
बुआ ने इनडायरेक्टली में ध्यान रक्खा,
छोटी चाची ने जिस तरह मुझे बनाया है,उनके बिना में आज जैसा नहीं होता,
कल हॉस्पिटल में जिस तरह छोटी चाची ने मुझे संभाला था,
बडी चाची जिस तरह मुझे प्यार करती है उस से मुझे अब डर लग रहा है, की उनको पता चलेंगा की मैं दूसरो की चुदाई करता हूँ तो उनको कैसा लगेंगा,
मुझे जल्दी इसके बारेमे सोचना होगा.